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काउंसिल चुनाव के दौरान हंगामे पर बंटी रोमाणा के खिलाफ केस दर्ज

फरीदकोट फरीदकोट थाना सिटी पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा समेत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। उन पर नगर काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया के दौरान सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।   कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर कम एसडीएम की शिकायत पर की गई। शिकायत में कहा गया कि 18 मई को नगर काउंसिल चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम दफ्तर पहुंचे और कर्मचारियों व ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से बहस करते हुए कथित तौर पर धमकियां दीं। दस मामले के बाद फरीदकोट में राजनीतिक माहौल फिर गर्मा गया है।  फरीदकोट में पहले से ही अकाली दल के जिला अध्यक्ष शहरी सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस मामले में एक दिन पहले थाने समक्ष धरने में सुखबीर बादल भी पहुंचे थे। 

शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर: जुलाई–अगस्त 2026 में 3 राशियों की बदलेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में न्याय और कर्म के देवता माने जाने वाले शनि देव जल्द ही बड़ा नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. साल 2026 के जुलाई महीने की शुरुआत में शनि देव रेवती नक्षत्र के दूसरे पद (चरण) में प्रवेश करेंगे. चूंकि रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, जो शनि के परम मित्र माने जाते हैं, इसलिए शनि का यह गोचर बेहद प्रभावशाली रहने वाला है. शनि की यह नई स्थिति वैसे तो सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगी, लेकिन 3 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा. आइए जानते हैं कि जुलाई से अगस्त के बीच होने वाले इस गोचर से किन राशियों के अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं. कब हो रहा है शनि का यह गोचर? ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि देव मीन राशि और रेवती नक्षत्र में विराजमान हैं.  2 जुलाई 2026, गुरुवार को सुबह 08:22 बजे शनि रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश कर जाएंगे और 20 अगस्त 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे. इसके बाद वे पुनः पहले पद में लौटेंगे.  इसी गोचर काल के दौरान 27 जुलाई को शनि वक्री भी होने वाले हैं, जिससे इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाएगा. इन 3 राशियों पर बरसेगी शनि देव की विशेष कृपा कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर नवम (भाग्य) भाव में होने जा रहा है. यहां से शनि की दृष्टि आपके लाभ, पराक्रम और छठे भाव पर रहेगी, जो आपके लिए बेहद शुभ संकेत है. आपके लिए आय के नए स्रोत खुलेंगे जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पुराना अटका हुआ पैसा या निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है. 2. कन्या राशि कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, जो इस नक्षत्र के भी स्वामी हैं.  इसलिए शनि का यह गोचर आपके लिए बहुत खास रहने वाला है. शनि आपकी कुंडली के सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं, जहां वे दिग्बली होते हैं. नौकरीपेशा जातकों को करियर में नए और बेहतर अवसर मिलेंगे. विशेषकर सोशल मीडिया, इंटरनेट, कम्युनिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को जबरदस्त सफलता मिल सकती है. 3. कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि देव धन भाव (दूसरे भाव) में विराजमान रहकर आपके सुख, आठवें और लाभ भाव पर दृष्टि डालेंगे. इस दौरान गुरु बृहस्पति की दृष्टि भी शनि पर रहेगी, जिससे नकारात्मक प्रभावों में कमी आएगी. इस अवधि में वाहन, मकान या कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने का आपका सपना पूरा हो सकता है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को बैंक लोन आसानी से मिल जाएगा .

समय रैना और सुनील पाल विवाद बढ़ा: कॉमेडी शो रोस्ट पर फिर छिड़ी बयानबाजी

समय रैना और सुनील पाल के बीच की खटपट बंद होने का नाम नहीं ले रही है. जबसे कपिल शर्मा के शो पर समय ने कॉमेडियन को रोस्ट किया है, तबसे सुनील पाल लगातार स्टैंडअप कॉमेडियन को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं. उन्हें शो पर हुई अपनी बेइज्जती का दुख है, जिसे वो पिछले कुछ हफ्तों में कई सारे इंटरव्यू में भी जाहिर कर चुके हैं. सुनील पाल बीते दिन एक फिल्म के प्रीमियर पर पहुंचे थे, जहां उनकी पैपराजी से मुलाकात हुई. वहां भी उन्होंने समय रैना और उनके कॉमेडी शो पर तंज कसा. सुनील पाल ने समय को चैलेंज किया कि वो अपने शो में अपने माता-पिता को बतौर जज बिठाएं और उनके सामने कॉमेडी करें, तब वो मानेंगे कि समय एक अच्छे कॉमेडियन हैं. सुनील पाल ने दिया चैलेंज उन्होंने कहा- मैं चाहता हूं कि समय रैना अपने शो में खुद के माता-पिता को जज बनाकर बिठाए. जब पैप्स ने पूछा कि क्या सुनील पाल समय के शो में जाना पसंद करेंगे? तो इसपर वो बोले, 'मैं तो नहीं जा सकता क्योंकि वो इतना बड़ा शो है जो मेरे लायक नहीं है. मैं तो छोटा आर्टिस्ट हूं. मगर जब भी समय अपना शो बनाएं, तो उधर जैसे कपिल शर्मा के शो पर सिद्धू और अर्चना हैं. वैसे ही सीजन 2 जब आए, तो दो जज लेकर आए, जो उन्हीं के माता-पिता हों. उनके सामने कॉमेडी करे, तब मैं मानूंगा कि समय है तो रैना है.' पैप्स ने आगे सुनील पाल से पूछा कि क्या उनकी समय से दोस्ती हो गई? तो उन्होंने जवाब दिया- देखिए, दुश्मनी किसी से भी नहीं है. सबके साथ मिलना-जुलना है, बस विचारों का आदान-प्रदान थोड़ा कम है. सुनील पाल से अंत में जब सलमान खान और पैपराजी के बीच हुए विवाद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने उसपर कोई कमेंट करने के बदले खुद का दर्द बयां किया. सुनील पाल ने कहा- सलमान खान ही नहीं, बल्कि दुनिया का हर खान-हर समाज इस बात को मानेगा कि जो आज मेरे खिलाफ एक साजिश रची गई. मुझे नीचा दिखाया गया है, बदनाम किया है, एक दिन याद रखना यही इंसान सबको सही लगेगा.

मंत्री कपिल मिश्रा का बड़ा ऐलान, दिल्ली में किन जानवरों की नहीं होगी कुर्बानी

नई दिल्ली बकरीद के मद्देनजर दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने पशु कल्याण संबंधी कानूनों के सख्त पालन के सख्त निर्देश दिए हैं। कपिल मिश्रा ने गाय, बछड़े, ऊँट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की हत्या या कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध को पूरी तरह लागू करने का निर्देश जारी किया है। बकरीद पर नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और पशुओं की खरीद-बिक्री को गैरकानूनी है, ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि अवैध पशु परिवहन, अवैध कुर्बानी और पशु क्रूरता के मामलों में आपराधिक कार्रवाई और विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इन जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध कपिल मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए प्रतिबंधित जानवरों की लिस्ट भी बताई और कहा कि इन जानवरों की कुर्बानी नहीं की जा सकती है। कपिल मिश्रा ने कहा बकरीद पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट की कुर्बानी पूरी तरह गैर कानूनी है, ऐसा करने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों सड़कों गलियों में भी कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस दौरान वैध स्थलों पर ही कुर्बानी की इजाजत है। अवैध खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर अवैध रूप से जानवरों की खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध है। इसका उल्लंघन करने और करने की कोशिश करने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी करने के बाद नालियों और सड़कों पर कचरा फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि इस दौरान सीवर में वेस्ट और खून को बहाने पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल वैध स्थलों पर ही की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि कानून का पालन ना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बकरीद पर कुर्बानी को लेकर गाइडलाइन जारी करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि इन गाइडलाइंस की अवहेलना करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने आम लोगों से अपील की है कि अगर वो किसी तरह से इस गाइडलाइन का उल्लंघन देखते हैं तो पुलिस को सूचित करें, आरोपियों पर कार्रवई की जाएगी।

अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की अफवाहें फिर चर्चा में, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

मशहूर सिंगर और कम्पोजर अनिरुद्ध रविचंदर एक बार फिर अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं. अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की चर्चा हो रही है. काव्या और अनिरुद्ध की शादी की बात सुनकर इनके फैन्स के बीच खुशनुमा माहौल है, जानते हैं कि इस खबर में कितनी सच्चाई है. दूल्हा बनेंगे अनिरुद्ध? आईपीएल टीम सनराइज हैदराबाद की सीईओ और को-ओनर काव्या मारन और कम्पोजर अनिरुद्ध रविचंदर की वेडिंग का बज बना हुआ है. कई फैन पेज पर दावा किया जा रहा है कि काव्या और अनिरुद्ध जल्द ही शादी की प्लानिंग कर रहे हैं. हो सकता है कि इस साल के अंत तक दोनों शादी के बंधन में बंध जाएं. फिल्मीबीट की रिपोर्ट के मुताबिक, काव्या और अनिरुद्ध के पेरेंट्स अपने बच्चों की शादी के लिए राजी हो चुके हैं. शादी स्पेन में होगी और इसके बाद चेन्नई में एक ग्रैंड रिसेप्शन रखा जाएगा.   एक ओर जहां फैन्स के बीच काव्या और अनिरुद्ध की शादी की चर्चा है. वहीं अब तक दोनों की ओर से इस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है. ना ही शादी के लिए हांमी भरी गई है और ना ही इससे इनकार किया गया है. हालांकि, ये पहला मौका नहीं है जब काव्या और सिंगर की शादी की चर्चा हो रही है. इससे पहले भी कई बार दोनों की वेडिंग न्यूज की अफवाह उड़ी थी. वेडिंग न्यूज पर रिएक्ट करते हुए सिंगर ने फैन्स से गुजारिश की थी कि अफवाहों पर यकीन ना करें. काव्या और अनिरुद्ध की पर्सनल लाइफ पर भी नजर डाल लेते हैं. चेन्नई में जन्मीं काव्या मारन भारत के बड़े बिजनेस परिवार 'मारन परिवार' से आती हैं. काव्या के पिता कलानिधि मारन सन ग्रुप के चेयरमैन हैं और मां कावेरी मारन सन टीवी नेटवर्क की सीईओ हैं. काव्या के चाचा दयानिधि मारन का राजनीति में दबदबा है. वो मीडिया, टीवी नेटवर्क और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अभी खास पहचान बनाए हुए हैं. यूके से एमबीए की पढ़ाई करने वाली काव्या 2018 से सनराइज हैदराबाद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. दूसरी अनिरुद्ध रविचंद्र तमिल और तेलुगु फिल्मों की दुनिया का बड़ा नाम हैं. वो एक म्यूजिक कंपोजर हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में कई हिट फिल्मों के लिए म्यूजिक दिया है. वो फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ और 10 सिम्मा अवॉर्ड्स जीत चुके हैं.

नीति आयोग की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ का जलवा, उसूर ब्लॉक ने हासिल किया दूसरा स्थान

नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बीजापुरवासियों को बधाई, मुख्यमंत्री साय बोले – यह सुशासन का प्रमाण रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 'सुशासन' और जन- कल्याणकारी नीतियों का असर अब राज्य के सबसे दूरस्थ अंचलों में दिखने लगा है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले से एक गौरवशाली खबर सामने आई है। नीति आयोग द्वारा जारी देश के आकांक्षी ब्लॉकों की 'चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर' (अक्टूबर- दिसंबर 2025) की रिपोर्ट में बीजापुर के उसूर ब्लॉक ने सेंट्रल जोन में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, कहा – यह जनता के भरोसे की जीत है           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर उसूर ब्लॉक और बीजापुर जिले के नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा, "उसूर ब्लॉक का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बस्तर के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उसूर ने कठिन परिस्थितियों में जो कर दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। यह सफलता जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन बहनों, एएनएम और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।" मंत्री कश्यप ने जताया हर्ष, बढ़ाया हौसला           वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उसूर ब्लॉक की यह राष्ट्रीय सफलता बेहद गौरवशाली है। उन्होंने कहा, "यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारी सरकार की नीतियां प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंच रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन ने जो समर्पण दिखाया है, वह सराहनीय है। हमारा संकल्प बस्तर के हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।"         मंत्री कश्यप कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं से दूर माना जाने वाला उसूर ब्लॉक आज देश के लिए विकास का मॉडल बन गया है। इस सफलता का श्रेय जमीनी डॉक्टरों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों की दिन-रात की मेहनत को जाता है। विकास की नई इबारत: कड़े मानकों पर खरा उतरा उसूर            नीति आयोग ने स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया था, जिसमें उसूर ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया: 1. संचारी रोगों पर नियंत्रण: मलेरिया, डेंगी और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सुदूर गांवों तक प्रभावी अभियान चलाया गया। 2. सुरक्षित मातृत्व: संस्थागत प्रसव की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई। 3. सशक्त टीकाकरण कवच: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ एचपीवी टीकाकरण को जमीनी स्तर पर सफल बनाया गया। 4. गंभीर बीमारियों की जांच: बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचाई गई। अगला संकल्प: देश में हासिल करना है प्रथम स्थान              कलेक्टर विश्वदीप और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव पूरे जिले के लिए बड़ी प्रेरणा है। शासन और प्रशासन का अगला लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और निखारते हुए आगामी तिमाहियों में देश में पहला स्थान हासिल करना है, जिसके लिए काम तेज कर दिया गया है।

पुलवामा आतंकी हमजा बुरहान से परिवार भी था परेशान, पिता ने सुनाई दर्दभरी कहानी

श्रीनगर पुलवामा आतंकी हमले का बदला पूरा हो गया. 6 साल की देरी ही सही, मगर उसका मास्टरमाइंड मारा गया. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान का धुरंधर स्टाइल में मर्डर हो गया. आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी. यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. गोलियों से छलनी आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. आतंकी हमजा बुरहान की मौत पर उसके पिता की प्रतिक्रिया आई है. अल-बदर आतंकी हमजा बुरहान के पिता ने कहा कि उसने आतंक का रास्ता चुना था. इसलिए उसकी मौत ठीक हुई।  जी हां, अल-बदर आतंकी संगठन से जुड़े हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके पिता ने बड़ा बयान दिया है. आतंकी के पिता ने कहा कि परिवार ने उसकी वजह से काफी परेशानियां झेली हैं. पिता के मुताबिक, ‘हमजा पढ़ाई के नाम पर पाकिस्तान गया था और MBBS करने की बात कही थी, लेकिन वहां जाकर उसने आतंकवाद का रास्ता चुन लिया.’ उन्होंने कहा, ‘हमने उसकी वजह से बहुत दुख झेला, अच्छा हुआ वह मारा गया।  आतंकी हमजा कौन था, कहां था? दरअसल, हमजा बुरहान का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों और हमलों से जोड़ा जाता रहा है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं. 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया था और कहा था, ‘अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर खारबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी था. वह अल-बद्र आतंकी संगठन का सहयोगी सदस्य था, जिसे यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया गया.’ उसकी उम्र महज 23-24 साल थी।  पुलवामा में ही पैदा हुआ था आतंकी हमजा आतंकी हमजा को डॉक्टर भी कहा जाता था. वह पुलवामा के रत्नीपोरा क्षेत्र में पैदा हुआ था. वह 2017 में यह कहकर पाकिस्तान गया था कि वह उच्च शिक्षा यानी एमबीबीएस के लिए जा रहा है, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और जल्दी ही कमांडर बन गया. अल-बद्र में शामिल होने के बाद वह कश्मीर लौटा. उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था. उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था।  कश्मीर में कैसे खड़ा किया था आतंकी नेटवर्क कश्मीर में रहने के दौरान उसने पुलवामा से शोपियां तक अपना नेटवर्क फैलाया. उसकी मौत को पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वह उन प्रमुख लोगों में से था जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों के लिए काम करते थे. पुलवामा आतंकी हमला भारत के सबसे घातक हमलों में से एक था. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हमला किया गया था. लेथपोरा क्षेत्र में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन के साथ बस को टक्कर मार दी थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।  पुलवामा अटैक का बदला यह हमला जैश-ए-मोहम्मद ने किया था और हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई थी. इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान में कई आतंकवादियों को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है. हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांचों को लेकर भी खामोशी बरकरार रखी है।  लश्कर-जैश में खलबली बीते दो वर्षों में धुरंधर स्टाइल मर्डर से पाकिस्तान में हड़कंप है. कुछ सालों से ऐसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी होती देखी गई है. पाकिस्तान के शीर्ष आतंकियों और नेताओं को अज्ञाक द्वारा निशाना बनाए जाने से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को दोबारा संगठित होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से इन दोनों आतंकी गुटों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है. अपनी कारनामों को ये लोग अंजाम नहीं दे पा रहे हैं. ऐसी हत्याओं ने इनके मनोबल को काफी तोड़ा है और इससे जुड़ने वाले लोगों की संख्या भी घटी है। 

लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।  पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।   लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया।  जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा। पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।  इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है। हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। आगे का मौसम पूर्वानुमान: कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। तो बारिश कब होगी? इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।  यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है। उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।

देवरिया दौरे पर विवाद: विकास योजनाओं से नाराजगी और विपक्ष पर प्रशासनिक कार्रवाई के आरोप

देवरिया यूपी के देवरिया जिले के भीमपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले ही रात से ही सपा नेता समेत कई संगठनों के लोगों पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। ताकि वह किसी तरह का आंदोलन न कर सके। विपक्षी दल आवाज दबाने वाली कार्रवाई बता रहे हैं। सपा नेता अवनीश यादव को भी हाउस अरेस्ट किया गया था। मुख्यमंत्री के दौरे में घोषित परियोजनाओं की सूची में बरहज व रुद्रपुर क्षेत्र के लिए एक भी योजना शामिल नहीं है, जिससे स्थानीय जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। यादव ने बताया कि बरहज की जनता ने भाजपा को सांसद से लेकर विधायक तक जिताया है, फिर भी विकास योजनाओं में क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गेंदा लाल यादव को उनके घर पर नजरबंद किया गया था। बैतालपुर चीनी मिल को चालू कराने और बैतालपुर रेलवे ढाले पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे “चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति” के अध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी को भी पुलिस ने देर रात घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने से रोकने के लिए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। खुखुन्दू ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक नथुन राय और अध्यक्ष सोबराती किदवई को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। बताया जा रहा है कि ये दोनों मुख्यमंत्री को खुखुन्दू को ब्लॉक बनाए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपने वाले थे। उधर ऋषि पांडेय समेत कई अन्य लोगों को भी पुलिस रात से ही हाउस अरेस्ट कर रखी है। मुख्यमंत्री को लेकर मेडिकल कॉलेज में सेफ हाउस सीएम के भीमपुर में कार्यक्रम को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन चौकन्ना रहा। नए भवन के तीसरी मंजिल पर सेफ हाऊस बनाया गया, जो जीवन रक्षक प्रणाली सहित अन्य उपकरणों से लैस है। चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई। सेफ हाऊस में अत्याधुनिक उपकरण वेंटिलेटर, एचएफएएनसी, मानीटर, ग्लूकोमीटर, वाइपैप के अलावा अन्य उपकरण से लैस किया गया। यहां मेडिसिन विभाग के डॉ. ओमकार मिश्रा के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सक सर्जन डॉ. मानवेंद्र सिंह, आर्थो सर्जन डॉ. रजनीश कुमार, एनेस्थेटिक डॉ. प्रशांत शाही के अलावा चीफ फार्मासिस्ट अशोक राय, नर्सिंग आफिसर सुमैरा सलीम, पूजा प्रसाद, एमपीडब्लू सिन्टू व सफाई कर्मी गोविन्द की ड्यूटी लगाई गई। कड़ी सुरक्षा रही मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के भीमपुर आए। मुख्यमंत्री व कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था चार एएसपी ने संभाली। साथ ही कुल 963 पुलिस कर्मियों की कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए तैनाती की गई थी।

अलग-अलग रोटियों की कैलोरी और पोषण: वजन घटाने के लिए कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर?

 भारतीय खाने में रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली चीजों में से एक है. देशभर में गेहूं, ज्वार, मक्का और बाजरे जैसे अलग-अलग अनाजों से रोटियां बनाई जाती हैं. हर रोटी का स्वाद और पोषण अलग-अलग होता है. ऐसे में हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता हैं कि कौन-सी रोटी में कितनी कैलोरी होती है और वह वह कितनी हेल्दी है. आज हम आपको अलग-अलग तरह की रोटियों में मौजूद कैलोरी और उनके पोषण के बारे में बताएंगे. गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. लगभग 40 ग्राम की एक गेहूं की रोटी में लगभग 120 कैलोरी होती है. यह शरीर को बैलेंस पोषण और लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करती है. ज्वार की रोटी ज्वार ग्लूटेन-फ्री अनाज माना जाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 40 ग्राम ज्वार की रोटी में लगभग 100 कैलोरी होती है. इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. मक्के की रोटी मक्के की रोटी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. 40 ग्राम मक्के की रोटी में करीब 110 कैलोरी होती है. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है. रागी रोटी रागी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. लगभग 40 ग्राम रागी रोटी में करीब 90 कैलोरी होती है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है, इसलिए महिलाओं के लिए इसे काफी फायदेमंद माना जाता है. बेसन की रोटी बेसन में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. लगभग 40 ग्राम बेसन की रोटी में करीब 115 कैलोरी होती है. यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ मसल्स रिकवरी में भी मदद करती है. बाजरे की रोटी बाजरा प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स से भरपूर होता है. इसमें मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. 40 ग्राम बाजरे की रोटी में करीब 105 कैलोरी होती है. यह शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद करती है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी फायदेमंद मानी जाती है.