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शादी से लौटते वक्त गायब हुआ परिवार, 26 साल बाद नहर से मिला वैन का मलबा

रूपनगर  पंजाब के रूपनगर जिले में भाखड़ा नहर के पानी ने 26 साल पुराने एक गहरे जख्म को हरा कर दिया है. अक्टूबर 2000 में एक शादी समारोह से लौटते समय लापता हुई मारुति ओमनी वैन को स्थानीय गोताखोरों की मदद से बाहर निकाल लिया गया है. 32 फुट गहरे पानी में दफन यह गाड़ी अपने साथ उस परिवार की आखिरी निशानियां भी लेकर बाहर आई है, जो दो दशक पहले अचानक गायब हो गया था।  दरअसल, बीते दिनों गोताखोर कमलप्रीत सैनी नक्कियां गांव के पास एक अन्य शव की तलाश में नहर में उतरे थे. इसी दौरान उनकी नजर पानी के नीचे दबे लोहे के एक ढांचे पर पड़ी।  लंबे समय तक पानी में रहने के कारण वैन की छत और पिछला हिस्सा पूरी तरह गल चुका था. सिर्फ आगे का कुछ हिस्सा ही सुरक्षित बचा था। वैन के अगले हिस्से की तलाशी लेने पर सैनी को कुछ इंसानी कंकाल और एक बच्चे की छोटी सी शर्ट मिली. माना जा रहा है कि यह उस 8 साल के बच्चे की है जो इस हादसे का शिकार हुआ था।  परिजनों ने हार नहीं मानी। खेत बिके, पैसे खर्च हुए, प्राइवेट गोताखोर लगाए गए, नहरें खंगाली गईं, लेकिन हर कोशिश खाली हाथ लौटती रही। धीरे-धीरे वक्त बीतता गया और लोगों ने इसे एक ऐसी गुमशुदगी मान लिया, जिसका सच शायद कभी सामने नहीं आएगा। लेकिन किसे पता था कि 26 साल बाद पानी की गहराई ऐसा राज उगल देगी, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। यह कहानी साल 2000 की है, जब कोटला गांव निवासी मुन्नी लाल, तेज राम, सुरजीत सिंह और सुरजीत का 8 साल का बेटा कालू एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। वे तेज राम की उसी वैन में सवार थे, जिसे उन्होंने हादसे से करीब एक महीना पहले ही जमीन बेचकर खरीदा था। लेकिन उस रात चारों कभी घर नहीं पहुंचे। परिवार ने तलाश शुरू की, पुलिस से लेकर निजी स्तर तक हर कोशिश की गई, मगर गाड़ी और लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। फिर कल एक दूसरे मामले में गोताखोर भाखड़ा नहर में उतरे। तलाशी के दौरान नहर की गहराई में उन्हें एक पुरानी वैन दिखाई दी। जैसे ही वैन को बाहर निकाला गया, सबकी सांसें थम गईं। अंदर से कंकाल, यूनिफॉर्म और कई पुराने सामान मिले। इसके बाद एक-एक कड़ी जुड़ती चली गई और सामने आया कि यह वही वैन थी, जो 26 साल पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हुई थी। प्रारंभिक अनुमान है कि अंधेरे में लौटते समय वैन अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई होगी और अंदर बैठे चारों लोग बाहर नहीं निकल सके। पानी की तेज धारा और गहराई के कारण वाहन कभी नजर ही नहीं आया। जिस परिवार ने वर्षों तक अपने लोगों के लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी, उन्हें अब 26 साल बाद ऐसा सच मिला जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। गांव में इस खुलासे के बाद हर कोई स्तब्ध है और लोग इसे “26 साल बाद पानी से निकला दर्दनाक सच” कह रहे हैं। अक्टूबर 2000 की वो मनहूस रात  घटना कोटला गांव के एक परिवार से जुड़ी है. साल 2000 में तीन पुरुष और एक 8 साल का बच्चा शादी से लौट रहे थे, तभी उनकी वैन बेकाबू होकर भाखड़ा नहर में जा गिरी।  सर्च ऑपरेशन फेल हुआ  उस समय पेशेवर गोताखोरों ने महीनों तक नहर की खाक छानी थी, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि न तो गाड़ी मिली और न ही शव।  परिजनों का अनुरोध अब गोताखोर सैनी ने जब कोटला गांव के पीड़ित परिवार से संपर्क किया, तो उन्होंने नम आंखों से गाड़ी बाहर निकालने का अनुरोध किया. ट्रैक्टरों और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को बाहर खींचा गया।  अंतिम विदाई: प्रार्थना सभा के साथ दी गई शांति दशकों के इंतजार के बाद जब अपनों की निशानियां और अस्थियां मिलीं, तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई।  गोताखोर कमलप्रीत सैनी ने बताया, "नहर की तलहटी में बहाव बहुत तेज था, वैन को बाहर निकालना नामुमकिन-सा काम था, लेकिन परिवार की भावनाओं के लिए हमने यह जोखिम उठाया।  मंगलवार को कीरतपुर साहिब में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई. 26 साल बाद परिवार को यह संतोष मिला कि अब उनके प्रियजनों का अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन धार्मिक रीति-रिवाजों से हो सकेगा। 

सांपों से बचाव में मदद करेगा ‘Big 4 Mapper’ ऐप: खतरे वाले इलाकों की मिलेगी जानकारी

सांपों के खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अब एक खास मोबाइल ऐप मददगार साबित हो सकता है. Big 4 Mapper नाम का यह ऐप लोगों को सांपों से जुड़े खतरे को समझने और उससे बचने में मदद करता है. यह ऐप खास तौर पर उन जगहों के लिए यूजफुल है जहां सांपों का खतरा ज्यादा रहता है, जैसे गांव, खेत या जंगल के पास के इलाके. इस ऐप का मकसद लोगों को यह जानकारी देना है कि उनके आसपास किस तरह के सांप पाए जाते हैं और किन जगहों पर सांप देखे गए हैं. इससे लोग पहले से सतर्क हो सकते हैं और ऐसे इलाकों से बच सकते हैं. मैप के जरिए मिलती है सांप की लोकेशन इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मैप के जरिए सांपों की लोकेशन दिखाई जाती है. यानी अगर किसी इलाके में पहले सांप देखा गया है, तो उसकी जानकारी यहां दर्ज रहती है. इससे यूजर को अंदाजा हो जाता है कि कौन-सी जगह ज्यादा जोखिम वाली है. यह फीचर खास तौर पर रात के समय या खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी हो सकता है. सांप कितना जहरीला है ये भी बताएगा ऐप इसके अलावा यह ऐप सांपों की पहचान में भी मदद करता है. कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि सामने दिख रहा सांप जहरीला है या नहीं. ऐसे में यह ऐप अलग-अलग सांपों की जानकारी और तस्वीरों के जरिए यूजर को समझने में मदद करता है. इससे घबराहट कम होती है और सही फैसला लेने में आसानी होती है. ऐप में सांप के काटने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है. इसमें आसान भाषा में बताया गया है कि तुरंत कौन-से कदम उठाने चाहिए और क्या गलती नहीं करनी चाहिए. यह जानकारी कई बार जान बचाने में अहम रोल निभा सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां तुरंत अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है. भारत के चार जहरीले सांपों पर फोकस करता है ये ऐप इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि यह Big 4 यानी भारत के चार सबसे खतरनाक जहरीले सांपों पर फोकस करता है. इनमें कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं. यही वो सांप हैं जिनकी वजह से देश में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं. ऐप इन सांपों के बारे में आसान तरीके से जानकारी देता है, ताकि आम लोग भी उन्हें पहचान सकें. SERPENT ऐप में मैपिंग फीचर भी दिया गया है, जिससे यूजर यह देख सकते हैं कि उनके आसपास किन इलाकों में सांप देखे गए हैं या कहां ज्यादा खतरा है. यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जो खेतों में काम करते हैं या रात में बाहर निकलते हैं. इससे लोग पहले से सावधान रह सकते हैं और जोखिम वाली जगहों से बच सकते हैं.  कई बार लोग डर के कारण गलत इलाज करने लगते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है. यह ऐप बताता है कि ऐसे समय में शांत रहना, तुरंत अस्पताल पहुंचना और सही फर्स्ट एड क्या है. SERPENT ऐप सिर्फ एक जानकारी देने वाला प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह एक सेफ्टी टूल की तरह काम करता है. खासकर उन लोगों के लिए जो सांपों के खतरे वाले इलाकों में रहते हैं, यह ऐप जान बचाने में भी मदद कर सकता है. इस तरह के ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जागरूकता बढ़ाता है. भारत जैसे देश में हर साल कई लोग सांप के काटने की वजह से प्रभावित होते हैं. ऐसे में अगर लोगों को पहले से सही जानकारी मिल जाए और वे सतर्क रहें, तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

चौरासी और कुशलगढ़ में रात्रि चौपाल: सीएम ने लाभार्थियों से किया संवाद, विकास योजनाओं की समीक्षा

वागड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो दिन (20-21 मई) वागड़ दौरे पर रहे. सीएम ने कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) और चौरासी (डूंगरपुर) में रात्रि चौपाल की. मुख्यमंत्री चौरासी के धम्बोला गांव में 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना में गैस सिलेंडर और हर घर नल से जल योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ पहुंचा रही है. बालिकाओं को अच्छी शिक्षा के लिए स्कूटी और साइकिलों का वितरण भी किया गया है.   महिलाएं बोलीं- सीएम ने बेटा बनकर तीर्थ करवाया इस दौरान कई योजनाओं के लाभार्थियों से भी सीएम ने बात की. स्थानीय निवासी रमिला परमार ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से जरूरतमंद किसानों को ट्रैक्टर की सुविधा मिल सकेगी. इससे हमारे क्लस्टर की आय भी बढ़ेगी और समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी. गंगा देवी पाटीदार ने कहा कि बेटा तो हमें तीर्थ यात्रा नहीं करवा पाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने बेटा बनकर तीर्थ का सपना पूरा कर दिया. 1.35 लाख पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है. प्रदेश में युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादा किया था. अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं. 1.25 लाख पदों पर भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है. जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाएं भी प्रक्रियाधीन हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हुई हैं. निजी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक रोजगार उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी अब तक 3 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं है. युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की पहल की.    

बूंदी रायता क्यों हो सकता है वजन बढ़ने की वजह? जानें डाइटीशियन की चेतावनी

गर्मी का मौसम हो और लंच में करारी बूंदी डला हुआ रायता मिल जाए तो दिल खुश हो जाता है. गर्मी के दिन में लोग रायते में काली मिर्च और जीरा मिलाकर काफी चाव से खाते हैं. वहीं कई लोग जो वजन घटा रहे होते हैं वे भी रायते को हेल्दी ऑपशंस मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, दही और बेसन से बनी बूंदी वाला रायता खाने से आपकी वेट लॉस जर्नी में रुकावट आ सकती है या फिर वो आपका वजन भी बढ़ा सकता है? हाल ही में एक  डायटिशियन ने बूंदी के रायता को हेल्दी समझने वालों की इस धारणा को गलत बताया है. उन्होंने खुलासा किया है कि बूंदी रायता जैसी चीजें, जो ऊपर से बहुत हेल्दी नजर आती हैं, असल में हिडन कैलोरीज देती हैं. क्यों बूंदी रायता सेहत के लिए हेल्दी नहीं? डॉ. गीतिका चोपड़ा ने एक पॉडकास्ट में बताया, लोग अक्सर इंडियन फूड्स में मौजूद हिडन कैलोरीज को पहचान नहीं पाते. बूंदी को डीप फ्राई करके तैयार किया जाता है जिससे इसमें फैट और कैलोरी की मात्रा काफी अधिक होती है. जब आप इसे दही में मिलाते हैं तो यह एक हाई-कैलोरी डिश बन जाती है. यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश्ड रिसर्च के मुताबिक, लोग जब किसी अनहेल्दी या फ्राइड चीज को हेल्दी चीज (दही) के साथ देखते हैं तो उन्हें लगता है कि पूरी डिश ही लो-कैलोरी है. साइकोलॉजी में इसे नेगेटिव कैलोरी इल्यूजन कहा जाता है जो वजन बढ़ने की एक बड़ी वजह बनता है. क्या है बेहतर ऑपशंस? डॉक्टर ने बताया, यदि आप सच में डाइजेशन को बेहतर करना और वेट लॉस करना चाहते हैं तो स्मार्ट न्यूट्रिशन अवेयरनेस बहुत जरूरी है. आप बूंदी रायते की जगह खीरे का रायता, लौकी का रायता या पुदीने का रायता खा सकते हैं. हेल्थलाइन की रिपोर्ट्स भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि खीरे या सब्जियों वाले रायते में वॉटर कंटेंट और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है. इस तरह के छोटे-छोटे स्मार्ट स्वाइप्स आपको अनहेल्दी ईटिंग मिस्टेक्स से बचाते हैं और वेट लॉस गोल को हासिल करने में मदद करते हैं.

सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन योजना: हर साल 50 करोड़ लीटर पानी बचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 75 सीएम श्री स्कूलों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को री-डिवेलप और आधुनिक बनाने का फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना के जरिए हर साल करीब 50 करोड़ लीटर वर्षा जल संरक्षित करने की क्षमता विकसित की जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने की बैठक इसे लेकर एक बैठक की है, जिसमें अधिकारियों ने परियोजना को लेकर डिटेल रिपोर्ट पेश की, जिसमें स्कूलों में मौजूद रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की वर्तमान स्थिति, उनकी कमियां और सुधार का एक्शन प्लान बताया। हर साल इतने पानी का होगा संरक्षण सीएम के मुताबिक, दिल्ली में औसतन 775 मिमी बारिश होती है और करीब 2500 वर्ग फुट की छत से हर साल करीब 2 लाख लीटर पानी संरक्षित कर सकते हैं। इसे एक पांच सदस्यीय परिवार की सालाना जरूरत पूरी करने में पर्याप्त माना गया है। साथ ही हर स्कूल में रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग मॉडल लगाया जाएगा। क्या है सरकार का दावा सरकार का दावा है कि केवल स्कूलों की छतों से ही हर साल करीब 13 करोड़ लीटर पानी संरक्षित किया जा सकता है। संगठन उन्होंने बताया कि स्कूलों में गैर सरकारी 'अहसास' के मॉडल को अपनाया जाएगा, जिसे वर्ष 2021 में दिल्ली जल बोर्ड ने मंजूरी दी थी। यह मॉडल कम लागत, कम जगह और लगभग शून्य रखरखाव वाला माना जाता है। इसके तहत छतों से आने वाले वर्षा जल को फिल्टर कर स्टोरेज और बोरवेल से जोड़ा जाएगा, जिससे भूजल रिचार्ज और सूखे बोरवेल को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।

दीपक हत्याकांड के आरोपी का हाफ एनकाउंटर: जहानाबाद पुलिस कार्रवाई में रावण घायल

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में पुलिस ने कुख्यात किलर विक्कू सिंह उर्फ रावण का ऑपरेशन लंगड़ा के तहत हाफ एनकाउंटर कर दिया। दीपक हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त रावण के पैर में गोली लगी है। जिले के घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी नहर के समीप एसटीएफ और रावण के बीच मुठभेड़ हो गई। आरोपी ने झाड़ी में छिपाए गए हथियार से पुलिस पर गोली चला दी जो थानाध्यक्ष की गाड़ी में जा लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए आरोपी के पैर में गोली मार दी। जहानाबाद सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज कराया जा रहा है। बीते पांच दिनों में बिहार पुलिस ने छह बदमाशों को लंगरा बना दिया है। एसपी अपराजिता लोहानी एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि ​जहानाबाद पुलिस ने भेलवार थाना इलाके में दीपक सिंह हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी विक्कू सिंह उर्फ रावण को गिरफ्तार कर रिया था। गिरफ्तार विक्कू सिंह को लेकर पुलिस इस कांड में प्रयोग में लाये गये हथियार की बरामद के लिए घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे पहुंची थी। इसी दौरान अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिसमें थानाध्यक्ष बाल बाल बच गए। विक्कू सिंह की गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लग गई। उसके बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। पुलिस की गोली विक्कू सिंह के बायें पैर में लगी और वह वहीं गिर गया। बिहार में पांच दिनों में पुलिस मुठभेड़ की छह घटनाओं ने अपराधियों में खौफ कायम किया है। मुठभेड़ की इन घटनाओं में पुलिस की गोली से पांच अपराधी लंगड़े हुए। खास बात है कि सभी अपराधी अलग-अलग मामलों में हत्या छिनतई और लूटकांड के आरोपित हैं। पांच दिनों की कार्रवाई 19 मई ,पटना -नीतीश कुमार : गोपालपुर में कैश वैन रोक कर 27 लाख रुपये की लूट में शामिल। लूट की राशि से आरोपित और सहयोगियों ने चार आईफोन खरीदे। 2022 में बाकरगंज में सोना लूट और 2023 में पत्रकार नगर में एक पुलिस के जवान पर गोली चलाने का आरोप।  18 मई : पटना : संदीप उर्फ बादल : अगमकुआं इलाके में शिक्षक से मोबाइल स्नैचिंग और फायरिंग। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पूर्व में भी लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप।  18 मई : सीवान : अंकित सिंह : ज्वेलर्स दुकान में लूट का आरोपित। सघन वाहन जांच अभियान के दौरान भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में घायल। पुलिस के मुताबिक रसूलपुर, मांझी, रघुनाथपुर व जीरादेई थाना में लगभग आधा दर्जन सीएसपी एवं ज्वेलरी लूटकांड से संबंधित आपराधिक मामला दर्ज।  20 मई : समस्तीपुर : प्रिंस कुमार : सरायरंजन सहित लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप। छिपाये गये हथियार की निशानदेही के दौरान पुलिस पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से घायल। 21 मई : किशनगंज : पवन कुमार उर्फ चिंटू : अंतरराज्यीय लूट, छिनतई, चोरी जैसे आपराधिक गिरोह का सरगना। बाइक से भागने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल। पटना, अररिया, मधुबनी आदि जिलों में लूट सहित अन्य आपराधिक घटनाओं का लगभग एक दर्जन कांडों में संलिप्तता का आपराधिक इतिहास।  22 मई : जहानाबाद में कुख्यात विक्कू सिंह उर्फ रावण का हाफ एनकाउंटर। रावण दीपक सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान उसने पुलिस पर गोली चला दी। आत्म रक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग कर उसके बाएं पैर में गोली मार दी।

काउंसिल चुनाव के दौरान हंगामे पर बंटी रोमाणा के खिलाफ केस दर्ज

फरीदकोट फरीदकोट थाना सिटी पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा समेत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। उन पर नगर काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया के दौरान सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।   कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर कम एसडीएम की शिकायत पर की गई। शिकायत में कहा गया कि 18 मई को नगर काउंसिल चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम दफ्तर पहुंचे और कर्मचारियों व ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से बहस करते हुए कथित तौर पर धमकियां दीं। दस मामले के बाद फरीदकोट में राजनीतिक माहौल फिर गर्मा गया है।  फरीदकोट में पहले से ही अकाली दल के जिला अध्यक्ष शहरी सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस मामले में एक दिन पहले थाने समक्ष धरने में सुखबीर बादल भी पहुंचे थे। 

शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर: जुलाई–अगस्त 2026 में 3 राशियों की बदलेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में न्याय और कर्म के देवता माने जाने वाले शनि देव जल्द ही बड़ा नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. साल 2026 के जुलाई महीने की शुरुआत में शनि देव रेवती नक्षत्र के दूसरे पद (चरण) में प्रवेश करेंगे. चूंकि रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, जो शनि के परम मित्र माने जाते हैं, इसलिए शनि का यह गोचर बेहद प्रभावशाली रहने वाला है. शनि की यह नई स्थिति वैसे तो सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगी, लेकिन 3 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा. आइए जानते हैं कि जुलाई से अगस्त के बीच होने वाले इस गोचर से किन राशियों के अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं. कब हो रहा है शनि का यह गोचर? ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि देव मीन राशि और रेवती नक्षत्र में विराजमान हैं.  2 जुलाई 2026, गुरुवार को सुबह 08:22 बजे शनि रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश कर जाएंगे और 20 अगस्त 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे. इसके बाद वे पुनः पहले पद में लौटेंगे.  इसी गोचर काल के दौरान 27 जुलाई को शनि वक्री भी होने वाले हैं, जिससे इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाएगा. इन 3 राशियों पर बरसेगी शनि देव की विशेष कृपा कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर नवम (भाग्य) भाव में होने जा रहा है. यहां से शनि की दृष्टि आपके लाभ, पराक्रम और छठे भाव पर रहेगी, जो आपके लिए बेहद शुभ संकेत है. आपके लिए आय के नए स्रोत खुलेंगे जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पुराना अटका हुआ पैसा या निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है. 2. कन्या राशि कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, जो इस नक्षत्र के भी स्वामी हैं.  इसलिए शनि का यह गोचर आपके लिए बहुत खास रहने वाला है. शनि आपकी कुंडली के सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं, जहां वे दिग्बली होते हैं. नौकरीपेशा जातकों को करियर में नए और बेहतर अवसर मिलेंगे. विशेषकर सोशल मीडिया, इंटरनेट, कम्युनिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को जबरदस्त सफलता मिल सकती है. 3. कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि देव धन भाव (दूसरे भाव) में विराजमान रहकर आपके सुख, आठवें और लाभ भाव पर दृष्टि डालेंगे. इस दौरान गुरु बृहस्पति की दृष्टि भी शनि पर रहेगी, जिससे नकारात्मक प्रभावों में कमी आएगी. इस अवधि में वाहन, मकान या कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने का आपका सपना पूरा हो सकता है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को बैंक लोन आसानी से मिल जाएगा .

समय रैना और सुनील पाल विवाद बढ़ा: कॉमेडी शो रोस्ट पर फिर छिड़ी बयानबाजी

समय रैना और सुनील पाल के बीच की खटपट बंद होने का नाम नहीं ले रही है. जबसे कपिल शर्मा के शो पर समय ने कॉमेडियन को रोस्ट किया है, तबसे सुनील पाल लगातार स्टैंडअप कॉमेडियन को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं. उन्हें शो पर हुई अपनी बेइज्जती का दुख है, जिसे वो पिछले कुछ हफ्तों में कई सारे इंटरव्यू में भी जाहिर कर चुके हैं. सुनील पाल बीते दिन एक फिल्म के प्रीमियर पर पहुंचे थे, जहां उनकी पैपराजी से मुलाकात हुई. वहां भी उन्होंने समय रैना और उनके कॉमेडी शो पर तंज कसा. सुनील पाल ने समय को चैलेंज किया कि वो अपने शो में अपने माता-पिता को बतौर जज बिठाएं और उनके सामने कॉमेडी करें, तब वो मानेंगे कि समय एक अच्छे कॉमेडियन हैं. सुनील पाल ने दिया चैलेंज उन्होंने कहा- मैं चाहता हूं कि समय रैना अपने शो में खुद के माता-पिता को जज बनाकर बिठाए. जब पैप्स ने पूछा कि क्या सुनील पाल समय के शो में जाना पसंद करेंगे? तो इसपर वो बोले, 'मैं तो नहीं जा सकता क्योंकि वो इतना बड़ा शो है जो मेरे लायक नहीं है. मैं तो छोटा आर्टिस्ट हूं. मगर जब भी समय अपना शो बनाएं, तो उधर जैसे कपिल शर्मा के शो पर सिद्धू और अर्चना हैं. वैसे ही सीजन 2 जब आए, तो दो जज लेकर आए, जो उन्हीं के माता-पिता हों. उनके सामने कॉमेडी करे, तब मैं मानूंगा कि समय है तो रैना है.' पैप्स ने आगे सुनील पाल से पूछा कि क्या उनकी समय से दोस्ती हो गई? तो उन्होंने जवाब दिया- देखिए, दुश्मनी किसी से भी नहीं है. सबके साथ मिलना-जुलना है, बस विचारों का आदान-प्रदान थोड़ा कम है. सुनील पाल से अंत में जब सलमान खान और पैपराजी के बीच हुए विवाद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने उसपर कोई कमेंट करने के बदले खुद का दर्द बयां किया. सुनील पाल ने कहा- सलमान खान ही नहीं, बल्कि दुनिया का हर खान-हर समाज इस बात को मानेगा कि जो आज मेरे खिलाफ एक साजिश रची गई. मुझे नीचा दिखाया गया है, बदनाम किया है, एक दिन याद रखना यही इंसान सबको सही लगेगा.

मंत्री कपिल मिश्रा का बड़ा ऐलान, दिल्ली में किन जानवरों की नहीं होगी कुर्बानी

नई दिल्ली बकरीद के मद्देनजर दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने पशु कल्याण संबंधी कानूनों के सख्त पालन के सख्त निर्देश दिए हैं। कपिल मिश्रा ने गाय, बछड़े, ऊँट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की हत्या या कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध को पूरी तरह लागू करने का निर्देश जारी किया है। बकरीद पर नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और पशुओं की खरीद-बिक्री को गैरकानूनी है, ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि अवैध पशु परिवहन, अवैध कुर्बानी और पशु क्रूरता के मामलों में आपराधिक कार्रवाई और विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इन जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध कपिल मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए प्रतिबंधित जानवरों की लिस्ट भी बताई और कहा कि इन जानवरों की कुर्बानी नहीं की जा सकती है। कपिल मिश्रा ने कहा बकरीद पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट की कुर्बानी पूरी तरह गैर कानूनी है, ऐसा करने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों सड़कों गलियों में भी कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस दौरान वैध स्थलों पर ही कुर्बानी की इजाजत है। अवैध खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर अवैध रूप से जानवरों की खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध है। इसका उल्लंघन करने और करने की कोशिश करने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी करने के बाद नालियों और सड़कों पर कचरा फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि इस दौरान सीवर में वेस्ट और खून को बहाने पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल वैध स्थलों पर ही की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि कानून का पालन ना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बकरीद पर कुर्बानी को लेकर गाइडलाइन जारी करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि इन गाइडलाइंस की अवहेलना करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने आम लोगों से अपील की है कि अगर वो किसी तरह से इस गाइडलाइन का उल्लंघन देखते हैं तो पुलिस को सूचित करें, आरोपियों पर कार्रवई की जाएगी।