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मुख्यमंत्री ने की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें उपभोक्ता, त्योहारों पर भी पर्याप्त व्यवस्था

गोदामों में 70.64 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध, इसमें सहकारी मिलों में 13.40 लाख कुंतल, निगम के पास 2.93 लाख कुंतल व निजी चीनी मिलों के पास 54.3 लाख कुंतल से अधिक चीनी उपलब्ध गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ की बैठक, चीनी स्टॉक सत्यापन एवं मूल्य नियंत्रण के दिए आवश्यक निर्देश सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख चीनी उपलब्धता, मूल्यों की निगरानी व विभागीय टीमों का गठन कर सत्यापन-प्रवर्तन का अनुरोध लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर बुधवार को विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसकी कहीं कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रदेशवासी किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। त्योहारों पर भी पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहेगी। राज्य के गोदामों में वर्तमान में 70.64 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक है। इसमें सहकारी चीनी के मिलों के पास 13.40 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों के पास 2.93 लाख कुंतल तथा निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के पास 54.3 लाख कुंतल से अधिक चीनी है। इसके अतिरिक्त चीनी मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ हो जाएगा, जिससे नवंबर में नए सत्र 2026-27 के अंतर्गत नई उत्पादित चीनी भी बहुत जल्द उपभोक्ताओं के लिए सुलभ हो जाएगी। इससे पहले केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने भी मंगलवार को उच्च स्तरीय समीक्षा कर चीनी मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण रखने और देश भर में इसकी सुचारु उपलब्धता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके उपरांत बुधवार को गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया चीनी के स्टॉक के भौतिक सत्यापन, मूल्य नियंत्रण सतत निगरानी, सत्यापन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर जिलों में चीनी मिलों से चीनी निकासी, बाजार में उपलब्धता, उसके एक्स-मिल खुदरा एवं थोक मूल्यों की सतत निगरानी करने का अनुरोध किया है। साथ ही, इसके लिए विशेष विभागीय टीमों का गठन कर भौतिक सत्यापन और प्रवर्तन की कार्रवाई सख्ती से सुनिश्चित करने को कहा गया है। शासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि केंद्र सरकार के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन हो और त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में चीनी की उपलब्धता सुचारु रूप से बनी रहे, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

समिति प्रबंधकों और फड़मुंशियों को मिलेगी 2-2 लाख रुपए की सामाजिक सुरक्षा बीमा

रायपुर सरकार की कल्याणकारी पहलों के तहत इन जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को जोखिम सुरक्षा प्रदान करने के लिए समूह बीमा योजना के माध्यम से 2-2 लाख रुपये का सामाजिक सुरक्षा कवच (बीमा सुरक्षा) उपलब्ध कराया जाता है। छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों और फड़मुंशियों के लिए एक बड़ी राहत भरा कदम उठाया गया है। अब इन्हें दो-दो लाख रुपए की सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में लाया जाएगा। इसके साथ ही, समिति प्रबंधकों को सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित की 27वीं वार्षिक साधारण सभा में कर्मचारी कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और अधोसंरचना विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। लंबित प्रकरणों का भुगतान और सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान बैठक में शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के पूर्व के लंबित प्रकरणों का संघ मद से चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत 69 पात्र हितग्राहियों को ऑनलाइन माध्यम से सीधे राशि ट्रांसफर की गई। मैदानी स्तर पर दिन-रात मेहनत करने वाले समिति प्रबंधकों और फड़मुंशियों के लिए बीमा योजना के स्थान पर अब सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत दो-दो लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। आधारभूत संरचनाओं को मिलेगा बढ़ावा साधारण सभा में यह भी तय किया गया कि जिन प्राथमिक सहकारी समितियों के पास अपने भवन नहीं हैं, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के वन धन विकास केंद्रों के लिए भी नए भवन बनाए जाएंगे, जिससे जनजातीय आजीविका और लघु वनोपज से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही, समितियों के कार्यालयों में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के भव्य आयोजन के लिए पृथक से बजट का प्रावधान किया गया है। इस महत्वपूर्ण साधारण सभा में संघ के अध्यक्ष  रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष  यज्ञदत्त शर्मा, वन विभाग के सचिव  अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  अरुण पांडेय तथा लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक मती संजीता गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

45 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति में सीपीसीटी से मिलेगी छूट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप राज्य शासन ने मध्यप्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए सहायक ग्रेड 3 और समकक्ष पदों पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी में छूट आदि से संबंधित समेकित निर्देश जारी किया है। अब जहां सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदोन्नति के लिए 45 वर्ष से अधिक के कर्मियों को सीपीसीटी स्कोर कार्ड से पूरी छूट दी है वहां अन्य पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद निर्धारित कम्प्यूटर अर्हताएं प्राप्त करने के लिए अधिकतम 5 वर्ष का अवसर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के तहत सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू होने के बाद आ रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (CPCT) एवं कम्प्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता के संबंध में संशोधित निर्देश जारी किए हैं।सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में 45 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है। साथ ही अन्य पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद निर्धारित कम्प्यूटर अर्हताएं प्राप्त करने के लिए अधिकतम 5 वर्ष का अवसर दिया गया है। अब सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले ऐसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिन्हें CPCT एवं कम्प्यूटर डिप्लोमा की अर्हता प्राप्त करना आवश्यक है, उन्हें पदोन्नति के बाद 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करना होगी तथा मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कम्प्यूटर डिप्लोमा अथवा निर्धारित समकक्ष योग्यता प्राप्त करना होगी। यदि कर्मचारी 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में आवश्यक अर्हताएं प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो उनकी परिवीक्षा अवधि अधिकतम 3 वर्ष और बढ़ाई जा सकेगी। इस प्रकार उन्हें पदोन्नति के बाद कुल 5 वर्ष के भीतर निर्धारित योग्यता प्राप्त करनी होगी। इस अवधि में आवश्यक योग्यता प्राप्त नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी को उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस पदस्थ कर दिया जाएगा।उक्त प्रावधान केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में लागू होंगे। सीधी भर्ती आदि में नहीं मिलेगा लाभ सीधी भर्ती अथवा अन्य किसी माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में CPCT एवं कम्प्यूटर डिप्लोमा की निर्धारित अर्हताएं यथावत अनिवार्य रहेंगी। 45 वर्ष से अधिक वालों को बड़ी राहत आदेश अनुसार शासकीय सेवक अपनी पदोन्नति की तिथि को 45 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, उन्हें सहायक ग्रेड-3 पर पदोन्नति हेतु CPCT स्कोर कार्ड से छूट प्रदान की गई है, परंतु कम्प्यूटर दक्षता की अनिवार्यता बनी रहेगी।

जनदर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सुनी नागरिकों की समस्याएं

रायपुर लोगों की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की प्राथमिकता :  अरुण साव नागरिकों की समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को सुनकर उनके निराकरण के लिए शासन-प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से लोरमी रेस्ट हाउस में जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने जनदर्शन में पहुंचे नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे तथा प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।  लोगों की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की प्राथमिकता :  अरुण साव जनदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्र के नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इस दौरान लोगों ने अपनी आवश्यकताओं, स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़ी मांगों को सामने रखा। उप मुख्यमंत्री  साव ने नागरिकों की बातों को सुनते हुए उनके आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान शासन की प्राथमिकता है और लोगों को अपनी जायज मांगों के निराकरण के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जनदर्शन में 520 से अधिक आवेदकों ने उनके समक्ष अपनी मांगें एवं समस्याएं रखीं।  लोगों की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की प्राथमिकता :  अरुण साव उप मुख्यमंत्री  साव ने ग्राम तुलसाघाट निवासी  लाल दास खाण्डेकर की मांग पर तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान कर लाभान्वित किया। इसके साथ ही ग्राम लाखासार निवासी  हितेश साहू को आय प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए। उन्होंने इस पावन पर्व को आस्था, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए सभी के सुखमय जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विकास एवं निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जाएगी।  उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में आम नागरिकों की आवश्यकताओं और सुझावों का महत्वपूर्ण योगदान है। जनदर्शन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल करने का अवसर मिलता है। शासन की मंशा है कि आम नागरिकों को योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ मिले तथा उनकी समस्याओं का नियमानुसार निराकरण हो।  उप मुख्यमंत्री  साव ने धान खरीदी को लेकर कहा कि किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी स्तरों पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। धान खरीदी प्रदेश के किसानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इसकी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जनदर्शन में मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ  गोकुल रावटे, वनमंडलाधिकारी  तन्यम कौशिक, लोरमी एसडीएम मती रेखा चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के 5वें संस्करण का 15 अक्टूबर से शुभारंभ

चंबल के बैकवाटर्स पर साहसिक गतिविधियों और ग्लेम्पिंग का मिलेगा अनूठा अनुभव पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा संबल भोपाल पर्यटकों को प्रकृति के बीच रोमांच और सुकून का अनूठा अनुभव प्रदान करने के लिए मंदसौर के गांधीसागर जलाशय के सुरम्य बैकवाटर्स पर 'गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट' के पांचवें संस्करण का शुभारंभ 15 अक्टूबर को किया जा रहा है। एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा लल्लूजी एंड सन्स एवं इवोक कैंपिंग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। चंबल नदी के शांत जल विस्तार और प्राकृतिक परिवेश के बीच यह आयोजन साहसिक और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। 'लग्जरी टेंट सिटी' के साथ साहसिक गतिविधियों का आनंद रिट्रीट के तहत पर्यटकों के ठहरने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित 'लग्जरी टेंट सिटी' (ग्लेम्पिंग) विकसित की गई है। यहाँ साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए जल, नभ और थल पर रोमांचक व्यवस्थाएं की गई हैं। लैंड एक्टिविटीज में हाई रोप, ज़िपलाइन, एटीवी राइड, साइकलिंग, ड्यूो साइकिल और एयरगन शूटिंग की सुविधा उपलब्ध है। हवाई रोमांच के लिए पैरामोटरिंग तथा जल-क्रीड़ा के प्रेमियों के लिए स्पीड बोट, जेट स्कीइंग, बनाना बोट, ड्रैगन बोट और कयाकिंग जैसी आधुनिक वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त पर्यटकों के लिए जंगल सफारी, नाइट वॉक, स्टार गेज़िंग, बोट सफारी, बोट स्पा, योग-वेलनेस सत्र और इनडोर खेलों की भी व्यापक व्यवस्था की गई है। पर्यटकों को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, लोक कलाओं, पारंपरिक जीवनशैली और प्रामाणिक स्थानीय व्यंजनों से परिचित कराने के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 2023 से प्रारंभ हुए इस आयोजन ने गांधीसागर क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख 'एडवेंचर टूरिज्म हब' के रूप में स्थापित किया है। इस वृहद आयोजन से न केवल देशी-विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट देश-प्रदेश के प्रमुख शहरों से सड़क एवं रेल मार्ग द्वारा सुलभ है। इंदौर से लगभग 250 से 300 किलोमीटर की दूरी सुगम राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के माध्यम से निजी वाहन, टैक्सी अथवा नियमित बस सेवाओं से 4 से 6 घंटे में तय की जा सकती है। रेल मार्ग से आने वाले पर्यटक नागदा या भवानी मंडी जंक्शन उतरकर वहाँ से स्थानीय परिवहन ले सकते हैं। वहीं, राजधानी भोपाल से लगभग 333 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से 7 घंटे में पूरा किया जा सकता है। भोपाल से ट्रेन द्वारा आने वाले यात्री निकटतम रेलवे स्टेशनों—भवानी मंडी (55 किमी), मंदसौर (70 किमी) या नीमच (115 किमी) तक पहुँचकर वहाँ से टैक्सी अथवा बस द्वारा आसानी से गांधीसागर पहुँच सकते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर महानदी पर 63 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से नए पुल के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नगर के गंदे पानी के समुचित शोधन के लिए एसटीपी प्लांट की स्थापना तथा राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में आवश्यक सर्वे कराने की बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से शिवरीनारायण का विशेष महत्व है। यहां की आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। महानदी पर नए पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होगा और आसपास के गांवों एवं क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। एसटीपी प्लांट की स्थापना से नगर की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ महानदी के संरक्षण में भी सहायता मिलेगी। माता शबरी की पावन धरती पर आना मेरे लिए सौभाग्य : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  साय ने शिवरीनारायण महोत्सव एवं शारदीय नवरात्रि की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान राम के चरणों से पावन हुई माता शबरी की इस धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि माता शबरी के बुलावे पर वे सपत्नीक यहां पहुंचे हैं। शिवरीनारायण की भूमि आस्था, भक्ति और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौमाता की पूजा की और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने शिवरीनारायण में प्रतिदिन संध्या आरती की परंपरा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं हमारी आस्था और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ती हैं। उन्होंने इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मोदी की गारंटी को तेजी से धरातल पर उतार रही सरकार मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेशवासियों को दी गई गारंटियों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार गठन के बाद शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर आयोजित पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय लिया गया। इनमें से लगभग साढ़े 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6 हजार आवास दिए जा चुके हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत हो और वह सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से किए गए वादों को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। किसानों को वर्षों से लंबित धान का बकाया बोनस दिया गया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेश में 250 से अधिक नए धान खरीदी केंद्र भी खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि वनांचल में रहने वाले परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की गई है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएं भी प्रदान की जा रही हैं। सरकार गांव, गरीब, किसान और वनवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन से मजबूत हो रहा माताओं-बहनों का आर्थिक स्वावलंबन मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने का माध्यम बनी है। अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ छोटे व्यवसाय शुरू करने और अपनी आय बढ़ाने में कर रही हैं। लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान राम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत आत्मीय संबंध है। छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है और यहां उन्हें भांजे के रूप में सम्मान देने की विशिष्ट परंपरा है। प्रदेशवासियों को अयोध्या में प्रभु रामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण भी भगवान राम की वनगमन यात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत इसके विकास से यहां धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे। बस्तर में शांति के साथ विकास की नई शुरुआत मुख्यमंत्री ने बस्तर में आ रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से उन दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाएं और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जो लंबे समय तक विकास से वंचित रहे। उन्होंने कहा कि बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूलों को फिर से प्रारंभ किया गया है। जहां कभी नक्सलवाद के कारण शिक्षा और विकास की राह कठिन थी, वहां आज बच्चे स्कूल जा रहे हैं और विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास को स्थायी आधार देना है। विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, रोजगार और … Read more

कसारी-मसारी स्थित इस जमीन पर बनेगा 602 फ्लैट का अपार्टमेंट, गरीबों को आवंटित किए जाएंगे

प्रयागराज में पीएम आवास के 556 लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी, मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (15 अक्टूबर) को एक दिवसीय दौरे पर प्रयागराज आएंगे। इस दौरान वह शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर प्रस्तावित बहुमंजिला आवासीय परियोजना पद्म लोक अपार्टमेंट का भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही पीपलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के 556 लाभार्थियों को आवासों की चाबी सौंपेंगे। मुख्यमंत्री स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य महाशय मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ गवर्नमेंट प्रेस मैदान में इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र के मतदाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। कसारी-मसारी में 602 फ्लैट वाले पद्म लोक अपार्टमेंट का करेंगे भूमिपूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर प्रस्तावित पद्म लोक अपार्टमेंट का भूमिपूजन करेंगे। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) इस आवासीय परियोजना का निर्माण कर रहा है। पीडीए के सचिव विनीत कुमार सिंह के अनुसार, लगभग 9,811.35 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में प्रस्तावित इस परियोजना में 14 मंजिला इमारत बनाई जाएगी। इसमें कुल 602 फ्लैट होंगे। प्रत्येक फ्लैट में दो बेडरूम, हॉल और किचन (2BHK) की सुविधा होगी तथा इसका क्षेत्रफल 56.45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। परियोजना में आवासीय सुविधाओं के साथ पार्किंग, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और सोलर सिस्टम की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके अलावा स्विमिंग पूल, कम्युनिटी हॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पीपलगांव में 556 पीएम आवासों के लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के पीपलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए 556 फ्लैटों के आवंटियों को चाबी सौंपेंगे। पीडीए ने अप्रैल 2025 में लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया था। पद्म लोक अपार्टमेंट के भूमिपूजन के बाद मुख्यमंत्री पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को चाबी वितरित करेंगे। महाशय मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण मुख्यमंत्री भूमिपूजन के बाद तेलियरगंज चौराहे पर महाशय मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस दौरान वह उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात भी करेंगे। महाशय मसुरिया दीन पासी स्वतंत्रता सेनानी, संविधान सभा के सदस्य, राजनेता और दलित समाज के प्रमुख सामाजिक चिंतक थे। उन्होंने दलित समाज, विशेष रूप से पासी समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक कार्य किया। गवर्नमेंट प्रेस मैदान में मतदाता सम्मेलन को करेंगे संबोधित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के गवर्नमेंट प्रेस मैदान में आयोजित होने वाले इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र के मतदाता सम्मेलन में भी शामिल होंगे। इस सम्मेलन में संबंधित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दस जिलों के शिक्षक एवं स्नातक मतदाता शामिल होंगे।यह सम्मेलन शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनशील एवं जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम' को वित्त वर्ष 2030-31 तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है। कुल 53 हज़ार 428 करोड़ रूपए की इस योजना से देशभर के 3 करोड़ 20 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता का दायरा बढ़ाने और सहायता राशि में वृद्धि का निर्णय भी लिया गया है। अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर भी लाभ मिल सकेगा। पेंशन के लिए न्यूनतम आयु सीमा भी समाप्त कर दी गई है। यह दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा का सम्बल देने तथा उनके जीवन को और अधिक सम्मानपूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित पीपीपीएसी की बैठक संपन्न

रायपु मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मूल्यांकन समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा शिक्षा संचालनालय द्वारा बिलासपुर के कोनी स्थित सिम्स मेडिकल कैंपस में निर्मित 240 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और 100 बिस्तरों वाले स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत संचालित और रखरखाव करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई।  बैठक में पीपीपी मॉडल अस्पताल को 10 वर्षों के लिए बिलासपुर के कोनी में कुल 340 बिस्तरों वाले इन दोनों अस्पतालों को एक ही 10-वर्षीय लाइसेंस समझौते के तहत निजी डेवलपर, ऑपरेटर को संचालन और रखरखाव के लिए सौंपने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।    अस्पताल में सरकारी योजनाओं (आयुष्मान भारत आदि) के लाभार्थियों और पूरी तरह निःशुल्क मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे। केवल 20 प्रतिशत बिस्तरों का उपयोग पेड मरीजों के इलाज के लिए किया जा सकेगा। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी जैसी प्रमुख चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।  बैठक में विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष कुमार ठाकुर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव  भूवनेश यादव सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं संबंधित ऑपरेटर संस्था केपीएमजी के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

24 वैकल्पिक शालाओं से लगभग 800 बच्चों को जोड़ने की पहल

रायपुर नारायणपुर जिले के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित अंचलों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों से बच्चों के लिए पढ़ाई के नए अवसर खुल रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में नए विद्यालयों के संचालन, बंद शालाओं को पुनः प्रारंभ करने और वैकल्पिक शालाओं की स्थापना के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में अनेक पहल की गई हैं। जिले में 24 वैकल्पिक शालाओं के माध्यम से लगभग 800 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई है। वहीं, निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग, डिजिटल शिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत शिक्षा सत्र 2024-25 में ईरक्कभट्टी, जड्डा, ताडोबेडा एवं तोयामेटा (एनमेटा) में चार नवीन प्राथमिक विद्यालय प्रारंभ किए गए। इसके साथ ही लंबे समय से बंद नौ प्राथमिक शालाओं में दोबारा पढ़ाई शुरू कराई गई। इन प्रयासों से 207 विद्यार्थियों को लाभ मिला। शिक्षा सत्र 2025-26 एवं 2026-27 में 24 वैकल्पिक शालाओं का संचालन शुरू किया गया, जिससे ऐसे गांवों के बच्चों तक भी शिक्षा पहुंची, जिन्हें पहले विद्यालय जाने का अवसर नहीं मिला था। सत्र 2026-27 में चार प्राथमिक शालाओं का शुभारंभ भी किया गया है। ‘स्कूल केईंता’ अभियान से शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान  शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने के लिए जिले में विशेष ‘स्कूल केईंता’ अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत 24,701 परिवारों का सर्वेक्षण कर 1,047 शाला त्यागी और 1,295 अप्रवेशी बच्चों की पहचान की गई। इन बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई है। जिले में वर्तमान में 538 विद्यालय संचालित हैं। आवासीय शिक्षा के लिए दो कस्तूरबा गांधी विद्यालय, दो पोर्टा केबिन विद्यालय और एक डॉरमेट्री की सुविधा उपलब्ध है। केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय भी विद्यार्थियों को शैक्षणिक अवसर प्रदान कर रहे हैं। शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 187 शासकीय शालाओं में 273 अतिथि शिक्षकों की स्वीकृति दी गई है। जरूरत वाले गांवों में शिक्षा दूतों के माध्यम से भी बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। निःशुल्क कोचिंग से उच्च शिक्षा की राह हुई आसान जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिले में पिछले दो वर्षों से निःशुल्क कोचिंग संचालित की जा रही है। शिक्षा सत्र 2025-26 में गणित संकाय के 29 विद्यार्थियों में से 16 का चयन विभिन्न प्रतिष्ठित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में हुआ। जीवविज्ञान संकाय के सात विद्यार्थियों ने नीट के माध्यम से काउंसलिंग प्रक्रिया में सफलता प्राप्त की। इनमें एक विद्यार्थी का चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। डिजिटल शिक्षा और नवाचार से बढ़ रहे सीखने के अवसर  जिले में 10 आईसीटी लैब और 32 स्मार्ट क्लास संचालित हैं। डिजिटल शिक्षण सामग्री से विद्यार्थियों को विषयों को सरल और रुचिकर तरीके से समझने में मदद मिल रही है। आठ विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से बच्चों को वैज्ञानिक प्रयोग और मॉडल निर्माण के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही 12 हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगारोन्मुखी कौशल से परिचित कराया जा रहा है। दोनों विकासखंडों में एक-एक पीएम  विद्यालय तथा जिले में कुल सात स्वामी आत्मानंद विद्यालय संचालित हैं। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विद्यार्थियों के लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 100-100 सीटों वाले बालक एवं बालिका छात्रावासों के संचालन की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया है। नारायणपुर जिले के बोर्ड परीक्षा परिणामों में भी जिले की स्थिति बेहतर हुई है।