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4 साल बाद मिला इंसाफ, महंगी पानी की बोतल बेचने पर होटल रेडिसन पर उपभोक्ता फोरम सख्त

भोपाल 60 रुपए की पानी की बोतल पर 175 रुपए वसूलने वाले भोपाल के एक बड़े होटल पर उपभोक्ता आयोग का फैसला आया है। आयोग ने माना कि होटल एमआरपी से ज्यादा कीमत ले सकता है, लेकिन उसी राशि पर अलग से जीएसटी वसूलना गलत है। होटल को उपभोक्ता से अतिरिक्त लिए गए 10.80 रुपए लौटाने, 5 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 3 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर होटल को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। पानी की बोतल की कीमत देखकर आपत्ति जताई मामला अप्रैल 2022 का है। रायसेन रोड निवासी हुकुम सिंह ठाकुर अपने चार साथियों के साथ होटल रेडिसन में बुफे डिनर के लिए गए थे। भोजन के दौरान उन्होंने मिनरल वॉटर की एक बोतल ली। बोतल पर एमआरपी 60 रुपए अंकित थी, लेकिन बिल में इसके 175 रुपए जोड़े गए। जब बिल आया तो कुल राशि 6809.88 रुपए थी। पानी की बोतल की कीमत देखकर हुकुम सिंह ने आपत्ति जताई, लेकिन होटल प्रबंधन ने राशि वापस नहीं की। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने जून 2026 में फैसला सुनाया। होटल प्रबंधन बोला- MRP से ज्यादा कीमत लेना जायज होटल प्रबंधन ने आयोग के सामने तर्क दिया कि होटल और रेस्टोरेंट में बेची जाने वाली वस्तुएं सिर्फ उत्पाद नहीं होतीं। उनके साथ एयर कंडीशनिंग, बैठने की सुविधा, लाउंज, संगीत, सर्विस और अन्य आतिथ्य सेवाएं भी दी जाती हैं। होटल का कहना था कि इसलिए मेन्यू कार्ड में दर्ज कीमतें लागू होती हैं। बोतल पर अंकित एमआरपी रिटेल दुकानों के लिए होती है, होटल में परोसी जाने वाली वस्तुओं पर नहीं। होटल ने यह भी कहा कि मेन्यू में पहले से स्पष्ट था कि जीएसटी अलग से लिया जाएगा। आयोग ने कहा: कीमत सही, लेकिन टैक्स वसूली में गलती जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए माना कि होटल में एमआरपी से ज्यादा कीमत लेना अपने आप में अवैध नहीं है और इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता। हालांकि आयोग ने कहा कि 175 रुपए की कीमत में ही जीएसटी शामिल माना जाएगा। ऐसे में होटल द्वारा उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी के रूप में अतिरिक्त 10.80 रुपए वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी है। शिकायतकर्ता बोले- स्टाफ ने बदसलूकी भी की शिकायतकर्ता हुकुम सिंह ठाकुर का कहना है कि कीमत पर आपत्ति जताने पर होटल स्टाफ ने उनके साथ बहस की और अभद्र व्यवहार भी किया। इसी के बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना है कि आयोग ने अतिरिक्त जीएसटी वसूली को गलत माना, लेकिन एमआरपी से अधिक कीमत वसूले जाने के मुद्दे पर उन्हें आंशिक राहत ही मिली। वकील बोले- मामला उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है परिवादी (शिकायत) पक्ष के वकील शशिकांत वर्मा ने कहा कि मामला सिर्फ 10.80 रुपए का नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है। उनके अनुसार होटल और रेस्टोरेंट अक्सर सुविधाओं के नाम पर ऊंची कीमतें वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग का फैसला उपभोक्ताओं को यह संदेश देता है कि अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर न्याय मिल सकता है। एमआरपी (MRP) को लेकर आयोग ने 2 केस का हवाला दिया फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया (सिविल अपील नं. 21790/2017, निर्णय दिनांक 12.12.2017) इसके अलावा आयोग ने एक और फैसले ITC Ltd vs K.C. Khanna (अपील नं. A/2013/2201, निर्णय दिनांक 04.09.2023) का जिक्र किया गया है। इन फैसलों में माना गया कि होटल, रेस्टोरेंट, एयरलाइन और रेलवे जैसे संस्थागत उपभोक्ता पैकेज्ड वस्तुएं खरीदकर अपनी सेवाओं के साथ ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं। इसलिए उन पर सामान्य रिटेल एमआरपी नियम उसी तरह लागू नहीं होते जैसे दुकानों पर होते हैं। इसी आधार पर आयोग ने माना कि होटल द्वारा एमआरपी से अधिक कीमत लेना अपने आप में अवैध नहीं है।

पंजाब में गर्मी और बारिश का डबल अटैक, लुधियाना-पठानकोट में बरसे बादल, कई जिलों में अलर्ट जारी

अमृतसर  पंजाब में गर्मी व बारिश एक साथ देखने को मिल रही हैं। बुधवार जहां राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहे व बारिश हुई, वहीं अधिकतम तापमान एक बार फिर 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव के चलते आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। लुधियाना और पठानकोट में गुरुवार को बारिश हुई, जबकि जालंधर समेत कई इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने आज (25 जून) और कल के लिए राज्य में बारिश, आंधी और गरज-चमक का यलो अलर्ट जारी।  मौसम विभाग ने 25 और 26 जून के लिए राज्य के कई हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। लेकिन 27 जून से मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन के अनुसार बुधवार को राज्य के अधिकतम तापमान में औसतन 0.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि ये सामान्य के करीब बना हुआ हे। बठिंडा रहा सबसे गर्म राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा क्षेत्र में 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा फाजिल्का में 40.4 डिग्री, पठानकोट में 40.0 डिग्री, फरीदकोट में 39.5 डिग्री, बठिंडा शहर में 39.5 डिग्री और फिरोजपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री, पटियाला 38.6 डिग्री, लुधियाना 37.8 डिग्री और अमृतसर 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र में 30.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि पटियाला, पठानकोट, मोहाली और अन्य कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पंजाब के 12 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली शामिल हैं। वहीं, राज्य के 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। 33 फीसदी कम बारिश दर्ज पंजाब में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 30.5 मिमी बारिश श्री आनंदपुर साहिब (रूपनगर) में दर्ज की गई। इसके अलावा पठानकोट, थेन डैम (पठानकोट) और मोहाली में 1-1 मिमी, जबकि पटियाला में 0.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अमृतसर में केवल ट्रेस बारिश दर्ज हुई, जबकि राज्य के अधिकांश अन्य जिलों में बारिश नहीं हुई। राज्य में अब तक सामान्य औसत 35.7 मिमी के मुकाबले 33 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। यानी इस सीजन में पंजाब में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों के दौरान कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिला है। जानिए गर्मी के दो असर:-     पंजाब में कुछ जिलों में बारिश होने के बावजूद उमस में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, धान की रोपाई का काम भी जोरों पर है। ऐसे में बिजली की मांग बढ़कर 15 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई। शाम 6:30 बजे बिजली की मांग 14,790 मेगावाट दर्ज की गई, जो रात 8 बजे बढ़कर 14,972 मेगावाट और पौने 9 बजे 15,150 मेगावाट तक पहुंच गई। इस दौरान पंजाब ने 49,717 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि केंद्र से 10,051 मेगावाट बिजली प्राप्त की गई। शुरुआत में बिजली की मांग 9,700 मेगावाट रहने का अनुमान था, लेकिन खपत बढ़ने के कारण अतिरिक्त बिजली लेनी पड़ी।     रोपड़ के चार में से एक यूनिट व लहरा मोहब्बत के चार में से दो यूनिट बंद हैं। जबकि बाकी नियमित रूप से चल रहे हैं। हाइड्रो से 877 मेगावाट उत्पादन हुआ है। ऐसी है मौसम की स्थिति पंजाब और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) अब पूर्व की ओर बढ़कर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश व उससे सटे इलाकों तक पहुंच गया है। वहीं, हरियाणा के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) अब उत्तर हरियाणा के ऊपर सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव बना रहने की संभावना है। तापमान बढ़ने के आसार मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, 24 से 26 जून और 29 जून तक पंजाब के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने के आसार हैं। आज कई जिलों में यलो अलर्ट जारी 25 जून: मौसम विभाग ने अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 जून:  अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का यलो अलर्ट रहेगा। दक्षिणी पंजाब के अधिकांश जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। 27 और 28 जून: मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 27 और 28 जून को पूरे पंजाब में किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश की संभावना बनी रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय रहने के कारण अगले दो दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इससे दिन के तापमान में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी, लेकिन कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।

सूरजमुखी किसानों को राहत, 30 जून तक मंडियों में पूरी फसल खरीदेगी हरियाणा सरकार

चंडीगढ़. हरियाणा में सूरजमुखी बीज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को लेकर दायर जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकार के आश्वासन के बाद सुनवाई समाप्त कर दी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां अदालत में दिए गए अपने बयान से बंधी रहेंगी। सरकार ने अदालत को बताया कि 23 जून 2026 की शाम 5:25 बजे तक मंडियों में पहुंचे सूरजमुखी बीज की पूरी खरीद कर ली गई है और यदि कोई किसान 30 जून तक अपनी उपज लेकर आता है तो उसकी खरीद भी निर्धारित मानकों के अनुसार एमएसपी पर की जाएगी। जस्टिस विकास बहल और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में मांग की गई थी कि सभी किसानों की सूरजमुखी फसल का लाइसेंस धारी आढ़तियों के माध्यम से एमएसपी पर तत्काल खरीद सुनिश्चित की जाए। साथ ही एमएसपी पर खरीद से इन्कार करने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई तथा खरीद अवधि बढ़ाने के भी निर्देश दिए जाएं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (एचएसडब्ल्यूसी) तथा हैफेड की ओर से अदालत को बताया गया कि 23 जून तक मंडियों में आई सूरजमुखी की पूरी आवक खरीद ली गई है। दोनों सरकारी एजेंसियों ने कुल 93,505 क्विंटल सूरजमुखी बीज की खरीद की है। सरकार ने यह भी आश्वस्त किया कि 30 जून तक यदि कोई किसान अपनी उपज बेचने के लिए संबंधित समिति के पास पहुंचता है तो उसकी फसल भी एमएसपी पर खरीदी जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील प्रदीप रापडिया ने कोर्ट में कहा कि सरकार के इस बयान के बाद कहा कि अब याचिका का उद्देश्य पूरा हो चुका है और इसे निष्प्रभावी मानते हुए निस्तारित किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने आग्रह किया कि अदालत सरकार को उसके बयान से बाध्य करे ताकि किसानों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए निस्तारित कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी अदालत में दिए गए अपने बयान का पूरी तरह पालन करेंगे। गौरतलब है कि इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार द्वारा आढ़तियों के लिए एमएसपी का केवल एक प्रतिशत कमीशन तय किए जाने के विरोध में कुछ कच्चे आढ़ती 2.5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे, जिससे किसानों की फसल की खरीद प्रभावित हो रही थी। इसी विवाद को लेकर किसानों के हित में यह जनहित याचिका दायर की गई थी।

पेपर लीक विवाद गरमाया, कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान को घेरा; सरकार से मांगा जवाब

चंडीगढ़. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बुधवार को चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। वह दोपहर करीब 12:30 बजे सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर पहुंचेंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी द्वारा आपातकाल की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। धर्मेंद्र प्रधान के चंडीगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता काले झंडे लेकर सड़कों पर उतरे और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस पेपर लीक मामलों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को सेक्टर-17 क्षेत्र में ही रोक दिया गया, ताकि वे टैगोर थिएटर तक न पहुंच सकें। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों से देशभर के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन कर रही है। उधर, भाजपा के कार्यक्रम को लेकर टैगोर थिएटर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए चर्चा की जाएगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने संबोधन में आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव और संविधान की रक्षा के महत्व पर अपने विचार रखेंगे। धर्मेंद्र प्रधान के टैगोर थिएटर पहुंचने से पहले ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और कार्यक्रम स्थल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता उनके आगमन पर काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध खाद से लदा मिनी ट्रक पकड़ा; लाखों का माल बरामद

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में अवैध खाद परिवहन के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस ने 280 बोरा अवैध DAP खाद से भरे एक मेटाडोर को पकड़ा है। जब्त खाद की कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान अवैध DAP खाद से भरे मेटाडोर को पकड़ा। पुलिस ने मेटाडोर के अंदर से 280 खाद का बोरा जब्त किया, जिसकी कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है। वाहन चालक ने किया खुलासा वाहन चालक ने बताया कि उसने 8 हजार के किराए पर उरमाल के एक लाइसेंसी व्यापारी के कहने पर यह अवैध परिवहन कर रहा था। खाद को ओडिसा सीनापाली से जांगड़ा ले जाया जा रहा था, जहां एक मक्का कारोबारी को दिया जाता। पुलिस ने जब्त 280 बोरा डीएपी खाद को आगे की कार्रवाई के लिए कृषि विभाग के सुपुर्द कर दिया है। मुनाफाखोरी के लिए खाद का कलाबाजारी दरअसल, इस बार युद्ध के चलते रासायनिक खाद का उत्पादन प्रभावित हुआ है,सरकारी सप्लाई भी घट गया है।ऐसे में कुछ कारोबारी मुनाफाखोरी के लिए नियम को ताक में रख कर खाद के कलाबाजारी को अंजाम दे रहे है।

9 दिन की देरी के बाद सक्रिय हुआ मानसून, 46 जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आखिरकार मानसून की एंट्री हो गई है। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा समेत 15 जिलों में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पिछले 24 घंटों में हुई अच्छी बारिश और दक्षिण-पश्चिम से आने वाली नमी युक्त हवाओं के आधार पर यह घोषणा की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा। भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की संभावना है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, रीवा, सिंगरौली, मंदसौर और नीमच समेत कई जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा मौसम विभाग के अनुसार आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा। प्रदेश के बाकी हिस्सों को अगले 2 से 3 दिन में मानसून कवर कर लेगा। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। सीधी में लू चल सकती है, जबकि नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस-भरी गर्मी रहेगी। इन जिलों में आ चुका मानसून आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी, डिंडौरी में मानसून के आने की घोषणा हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिन के अंदर मानसून पूरे प्रदेश में छा जाएगा। यह सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में मानसून पहुंचेगा। 9 दिन लेट हो गया मानसून एमपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीख 15 जून है, लेकिन इस बार यह 9 दिन लेट यानी, 24 जून को प्रदेश में आया। मानसून आ गया है? इसका आंकलन कैसे होता है? यह मौसम वैज्ञानिक अरुण कुमार से जाना। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटे में 75 मिमी यानी, 3 इंच बारिश हो गई। सीमा से जुड़े जिलों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहा। कई जिलों में पर्याप्त बारिश हुई और दक्षिण-पश्चिम से नमी वाली मानसूनी हवाएं भी आईं। इन्हीं के अध्ययन से मानसून की एंट्री की अधिकारिक घोषणा की जाती है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून मौसम विभाग ने अलीराजपुर, बड़वानी, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। नौ दिन की देरी से हुई एंट्री मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य आगमन तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार यह 24 जून को पहुंचा। यानी मानसून निर्धारित समय से करीब नौ दिन देरी से आया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि वर्षा की मात्रा, नमी वाली हवाओं की दिशा और उनके प्रभाव क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटों के दौरान 75 मिमी से अधिक बारिश दर्ज होने के साथ दक्षिणी सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय मानसूनी गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। बारिश का कोटा अभी भी आधा अधूरा मानसून के देर से आने का असर शुरुआती सीजन पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 1 जून से 24 जून तक औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित 48 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।  इस साल कम बरसात की आशंका भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत 47 जिलों में बारिश का स्तर औसत से नीचे रहने का अनुमान है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान करीब 37.3 इंच वर्षा होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 30 से 32 इंच के बीच रहने की संभावना जताई गई है। केवल सात जिलों में सामान्य से अधिक बारिश अब तक के आंकड़ों के अनुसार भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, धार, खरगोन, रायसेन, सीहोर समेत 48 जिलों में वर्षा का स्तर सामान्य से कम बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले तीन दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।  विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि 15 जून के बजाय 24 जून को पहुंचा, यानी करीब 9 दिन की देरी से। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि लगातार वर्षा, हवा की दिशा, नमी और अन्य मौसमीय संकेतकों का विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है। खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी हालांकि इस बार मानसून के बावजूद बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। 1 जून से 24 जून तक प्रदेश में औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों की बारिश प्रदेश की जल स्थिति और खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।  

वन्य पर्यटन को बढ़ावा: उदंती-सीतानदी में ‘हॉर्नबिल सफारी’ की शुरुआत कराएंगे वन मंत्री

रायपुर. ‘हॉर्नबिल सफारी’ से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी। संरक्षण और आजीविका साथ-साथ वन मंत्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है। बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम की अहम भूमिका हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है। स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है। वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। स्थल के संबंध में अधिक जानकारी मोबाइल नंबर – 7976688165, 7566510937 अथवा वेबसाइट www.udantisitanaditigerreserve.in पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

आज होगी DPC बैठक, 9 SPS अधिकारियों को IPS बनाने पर चयन समिति लगाएगी मुहर

भोपाल  मध्य प्रदेश के 9 राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को आईपीएस अवार्ड करने गुरुवार को डीपीसी मीटिंग होगी। गृह विभाग के प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग ने इस तारीख को मंजूरी दी थी जिसके बाद आज यह बैठक होने वाली है। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी और संघ लोक सेवा आयोग।  आईपीएस अवार्ड के लिए गृह विभाग की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग से आगे चल रही है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की डीपीसी के लिए अभी तक सामान्य प्रशासन विभाग प्रस्ताव नहीं भेज पाया है। दूसरी ओर राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की प्रस्तावित डीपीसी की बैठक में इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा के लिए जिन अफसरों के नाम पर विचार किया जाएगा उनमें 1997 बैच के सीताराम ससत्या, अमृत मीणा, वर्ष 1998 बैच के निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येन्द्र सिंह तोमर समेत कुल 27 नाम शामिल हैं। इनकी पदोन्नति अटक सकती है इसमें से अमृत मीणा की जाति प्रमाण पत्र और राजेश मिश्रा की विभागीय जांच के चलते डीपीसी अटक सकती है और इनका लिफाफा बंद हो सकता है। अंतिम दौर में सीताराम ससत्या के नाम को लेकर भी शिकायत के चलते डीपीसी में उनका नाम कटने के कयास लगाए जा रहे हैं।  

पासिंग फीस और अवैध वाहनों के मुद्दे पर सरकार गंभीर, मंत्री चीमा ने ऑपरेटरों को दिया आश्वासन

चंडीगढ़  वाहनों की पासिंग फीस में भारी वृद्धि से ट्रांसपोटरों की वित्तिय देनदारियों को कम करने के लिए सभी कानूनी समाधानों पर विचार किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मिनी बस आपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अवैध रूप से संचालित वाहनों के कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर परिचालन समस्याओं निर्धारित मिनी बस मार्गों पर चलने वाले ऐसे अनियमित वाहनों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। बैठक में परिवहन सचिव वरुण रूजम, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर परनीत शेरगिल और निदेशक परिवहन राजीव कुमार गुप्ता के साथ एसोसिएशन की ओर से अपनी परिचालन संबंधी समस्याओं के बारे में सौंपे गए एक विस्तृत मांग पत्र का बारीकी से मूल्यांकन किया। वित्त मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप करने के निर्देश जारी किए और इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार पंजाब भर के हजारों स्वरोजगार से जुड़े परिवहन ऑपरेटरों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ये वाहन स्थापित ऑपरेटरों की आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं, बसों की समय-सारिणी को बाधित करते हैं और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनकर यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करते हैं। वित्त मंत्री ने डीजल, टायरों और मोटर लुब्रिकेंट्स सहित परिचालन लागत में हुई वृद्धि के कारण छोटे स्तर के आपरेटरों को पेश आ रही गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का भी संज्ञान लिया। यह स्वीकार करते हुए कि बढ़ती लागतें इस क्षेत्र के अस्तित्व के लिए खतरा बन रही हैं, वित्त मंत्री ने वित्त एवं परिवहन विभागों को राज्य स्तरीय कर ढांचे का व्यापक मूल्यांकन करने के निर्देश दिए ताकि संकट का सामना कर रहे इस स्वरोजगार क्षेत्र को परिचालन राहत प्रदान करने के लिए उपयुक्त उपाय खोजे जा सकें। बैठक के दौरान क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति के बजाय उप-मंडल मजिस्ट्रेटों और अतिरिक्त उपायुक्तों को अस्थायी या अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने से संबंधित प्रशासनिक बाधाओं पर भी चर्चा की गई। परिवहन मंत्री ने इसके कारण कार्यों में आ रही देरी का संज्ञान लेते हुए विभाग को प्रशासनिक नियुक्तियों को सुव्यवस्थित करने, परिवहन प्राधिकरणों की डिजिटल क्लीयरेंस प्रणाली को और बेहतर बनाने तथा दैनिक कार्यों से संबंधित प्रमाणपत्रों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि एक मजबूत और कुशल परिवहन अर्थव्यवस्था को बनाए रखा जा सके।

श्याम भक्तों की आस्था का सैलाब, मंदिर के दानपात्रों में मिले करोड़ों रुपये, जेवर और विदेशी मुद्रा

समालखा. चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा के मंदिर में दानपात्रों के रुपयों की गिनती में बुधवार को 13.70 लाख रुपये मिले हैं। बुधवार को तीन दानपात्रों की गिनती हुई है। शुरुआत से अब तक की करीब 1.41 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इनके सात विदेशी मुद्राएं और चांदी के आभूषण भी मिले हैं। श्याम बाबा के मंदिर में श्राइन बोर्ड बनने की घोषणा के बाद पहली बार सीसीटीवी, प्रशासन और पंचायत की देखरेख में दानपात्रों के रुपयों की गिनती पारदर्शिता के साथ की जा रही है। करीब 12 दिन पहले बीडीपीओ की देखरेख में दानपात्रों के रुपयों की गिनती शुरू हुई थी। दो दिनों तक चली बड़े दानपात्र नंबर छह की गिनती में प्रशासन को 44.30 लाख रुपये मिले थे। दानपात्र नंबर पांच की गिनती में 25.90 लाख रुपये, दानपात्र संख्या सात की गिनती में 12.80 लाख रुपये, दानपात्र संख्या एक में 18.72 लाख रुपये, दानपात्र संख्या दो की गिनती में 26.10 लाख व दानपात्र संख्या आठ से दस की गिनती में बुधवार को 13.70 लाख रुपये अभी तक मिले हैं। सरपंच सतीश छौक्कर ने बताया कि गिनती में तेजी लाने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही मंदिर भक्तों से दानराशि लेन के लिए श्राइन बोर्ड की पर्ची छपवाने को कहा है। मंदिर के प्रशासक और बीडीपीओ शक्ति सिंह ने बताया कि करीब आठ दानपात्रों की गिनती हो चुकी है, जिनमें 1.41 करोड़ के करीब रकम मिले हैं। 14 दानपात्रों में रुपये की गिनती और होनी है। जल्द गिनती प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।