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गांव-गांव पहुंचेगी आधुनिक खेती की सीख, बिहार सरकार का गन्ना मिशन शुरू

पटना. बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब पंचायत स्तर तक विशेष अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग की ओर से तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य गन्ने के रकबे और उत्पादन दोनों में वृद्धि करना है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ चीनी एवं गुड़ उद्योग को भी पर्याप्त कच्चा माल मिल सके। साथ ही किसानों को भी शासन के विभिन्न विभागों (कृषि, सहकारिता, लघु जल संसाधन, जल संसाधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायती राज, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग) के अधिकारी किसान कार्यशाला में सम्मिलित होंगे। सरकार किसानों को यह भी भरोसा दे रही है कि गेहूं-धान जैसे फसलों की तुलना में गन्ने की खेती ज्यादा लाभकारी होगी। अहम यह है कि जिन क्षेत्रों में चीनी मिल अभी संचालित नहीं है वहां गुड़ उत्पादन के अतिरिक्त गन्न बीज तैयार करने के लिए किसानों से सरकार गन्ने की खेती कराएगी। गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। अभियान के माध्यम से आठ हजार पंचायत एवं 45 हजार गांवों के किसानों तक सरकार पहुंच सुनिश्चित करेगी। कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के उन पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पहले से गन्ने की खेती होती रही है या जहां इसकी संभावनाएं अधिक हैं। कार्यशालाओं में कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी और चीनी मिलों के प्रतिनिधि किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, कीट नियंत्रण तथा कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों की जानकारी देंगे। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि परंपरागत खेती की तुलना में गन्ना नकदी फसल के रूप में किस प्रकार अधिक लाभकारी साबित हो सकता है। सरकार का मानना है कि कई क्षेत्रों में किसानों ने लागत बढ़ने और समय पर तकनीकी जानकारी नहीं मिलने के कारण गन्ने की खेती से दूरी बना ली थी। ऐसे में पंचायत स्तर पर सीधे संवाद और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों का भरोसा फिर से मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। विभागीय स्तर पर यह भी तैयारी है कि कार्यशालाओं के दौरान किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान और बीज उपलब्धता की जानकारी एक ही मंच पर दी जाए। सूत्रों के मुताबिक, आगामी खरीफ सीजन से पहले पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाएं शुरू होंगी। इसमें प्रगतिशील किसानों के अनुभव भी साझा कराए जाएंगे, ताकि अन्य किसान गन्ने की खेती की ओर आकर्षित हों। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य में गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। नए चीनी मिलों को भरपूर गन्ना उपलब्ध होगा।

मैनचेस्टर सिटी की चूक से आर्सेनल ने जीता EPL 2026 का खिताब

लंदन  आर्सेनल का 22 वर्षों से चला आ रहा इंतजार अंतत: खत्म हो गया। मंगलवार रात मैनचेस्टर सिटी और बोर्नमाउथ के बीच मुकाबला 1-1 से ड्रॉ होने के साथ ही मिकेल आर्टेटा की टीम ने इंग्लिश प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम कर लिया। इस परिणाम के साथ आर्सेनल ने तालिका में चार अंकों की अजेय बढ़त हासिल कर ली, जिसे अंतिम मुकाबले में भी मैनचेस्टर सिटी पार नहीं कर सकती। क्लब ने 2004 के बाद पहली बार प्रीमियर लीग ट्रॉफी जीती है। आर्सेनल फैंस ने मनाया जोरदार जश्‍न खिताब पक्का होते ही लंदन स्थित एमिरेट्स स्टेडियम के बाहर हजारों प्रशंसकों ने जश्न मनाया। समर्थकों ने आतिशबाजी की, फ्लेयर्स जलाए और सड़कों पर देर रात तक उत्सव चलता रहा। टीम के खिलाड़ी भी ट्रेनिंग ग्राउंड में एकत्र होकर सिटी और बोर्नमाउथ का मैच देख रहे थे। आर्सेनल के मिडफील्डर डेक्लान राइस ने इंटरनेट मीडिया पर टीम की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, मैंने आप सबसे कहा था काम पूरा हो गया। सिटी से हुई चूक मैनचेस्टर सिटी को खिताबी दौड़ बनाए रखने के लिए बोर्नमाउथ को हराना जरूरी था, लेकिन टीम ऐसा नहीं कर सकी। जूनियर क्राउपी ने पहले हाफ में बोर्नमाउथ को बढ़त दिलाई। इसके बाद एर्लिंग हालैंड ने इंजरी टाइम में बराबरी का गोल जरूर किया, लेकिन जीत दिलाने वाला दूसरा गोल नहीं आ सका। इस ड्रॉ के साथ पेप गार्डियोला की टीम की उम्मीदें समाप्त हो गईं। माना जा रहा है कि यह गार्डियोला का सिटी के साथ अंतिम सीजन हो सकता है। हालांकि उन्होंने भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया। गार्डियोला ने कहा, मुझे पहले क्लब चेयरमैन से बात करनी होगी। अगले कुछ दिनों में फैसला होगा। आर्टेटा ने बदला आर्सेनल का भाग्य मिकेल आर्टेटा के लिए यह सफलता बेहद खास है। पिछले तीन सीजन में उनकी टीम लगातार उपविजेता रही थी। 2023 और 2024 में मैनचेस्टर सिटी ने अंतिम दौर में आर्सेनल को पीछे छोड़कर खिताब जीता था, जबकि पिछले वर्ष लिवरपूल चैंपियन बना था। दिसंबर 2019 में आर्सेनल की कमान संभालने वाले आर्टेटा का यह पहला लीग खिताब है। 44 वर्षीय स्पेनिश कोच प्रीमियर लीग जीतने वाले जोस मोरिन्हो के बाद दूसरे सबसे युवा मैनेजर बन गए हैं। आर्सेनल ने इस सीजन शानदार रक्षात्मक खेल के दम पर सफलता हासिल की। टीम ने लीग में सबसे मजबूत डिफेंस दिखाया और सेट-पीस गोलों में विशेष महारत दिखाई। 'इनविंसिबल्स' के बाद पहली बार चैंपियन आर्सेनल ने आखिरी बार 2004 में प्रीमियर लीग जीती थी, जब आर्सेन वेंगर की मशहूर 'इनविंसिबल्स' टीम पूरे सीजन में एक भी मैच नहीं हारी थी। उसके बाद चेल्सी, मैनचेस्टर युनाइटेड, मैनचेस्टर सिटी, लीसेस्टर सिटी और लिवरपूल जैसी टीमों ने खिताब जीते। 2017 के बाद यह पहला मौका है जब सिटी या लिवरपूल के अलावा किसी अन्य क्लब ने लीग ट्रॉफी अपने नाम की है। यह आर्सेनल का कुल 14वां इंग्लिश लीग खिताब है।  

जोरदार विस्फोट से दहला अमृतसर, कई घरों के शीशे टूटे; अवैध फैक्ट्री में महिला की मौत

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में अनगढ़ क्षेत्र में वीरवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। एक घर में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लगने के बाद जोरदार धमाका हो गया। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई मकानों में कंपन महसूस किया गया और कुछ घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस घर में धमाका हुआ, वहां लंबे समय से अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे थे। वीरवार दोपहर अचानक घर के भीतर आग लग गई। आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के बाद घर से धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। घायल को पहुंचाया गया अस्पताल हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं मृत महिला के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर में बिना अनुमति के पटाखा बनाने का काम किया जा रहा था। मौके से जले हुए पटाखों का सामान, बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने इन सभी वस्तुओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से केवल दीपावली के आसपास ही छापामारी की जाती है, जबकि पूरे साल कई जगहों पर अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जाते हैं। अवैध कारोबार को रोकने की मांग इलाके के निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध पटाखा निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी और इसमें कितने लोग शामिल थे। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।

खुद को बेहतर बनाने पर दें ध्यान, दूसरों की आलोचना से नहीं मिलेगा कुछ हासिल

आज के समय में हम अक्सर अपना बहुत सारा समय और ऊर्जा दूसरों की कमियां निकालने, सोशल मीडिया पर दूसरों को जज करने या उनके बारे में बातें करने में बर्बाद कर देते हैं.  इससे हमें कुछ हासिल नहीं होता, बल्कि हमारी खुद की सकारात्मक ऊर्जा कम होती है. इस विचार को समझने के लिए 3 मुख्य बातें: ऊर्जा का सही इस्तेमाल: हर इंसान के पास सीमित समय और ऊर्जा होती है. अगर आप उसे दूसरों की कमियां ढूंढने में लगा देंगे, तो खुद आगे बढ़ने के लिए आपके पास ताकत ही नहीं बचेगी. अपनी ऊर्जा को खुद को निखारने, नई चीजें सीखने और अपने लक्ष्यों को पाने में लगाएं. सच्ची प्रतियोगिता खुद से: जिंदगी में हमारी असली रेस किसी और से नहीं, बल्कि हमारे खुद के बीते हुए कल से है.  हमें हर दिन खुद से यह पूछना चाहिए कि क्या हम कल से बेहतर इंसान बने हैं? जब आप रोज अपनी कमियों को सुधारने में जुट जाते हैं, तो आपको दूसरों की जिंदगी में झांकने की फुर्सत ही नहीं मिलती. मानसिक शांति: दूसरों की आलोचना करने से मन में कड़वाहट और जलन पैदा होती है. इसके विपरीत, जब आप खुद के विकास (Self-improvement) पर ध्यान देते हैं, तो आपको अंदर से खुशी और संतुष्टि मिलती है. निष्कर्ष: दूसरों की कमियां निकालना बहुत आसान है, लेकिन अपनी कमियों को सुधारना असली बहादुरी है. इसलिए, दूसरों के जज बनने के बजाय खुद के गुरु बनिए. किताबें पढ़िए, नई स्किल सीखिए, सेहत का ध्यान रखने के साथ अपने सपनों पर काम कीजिए. जब आप अपनी तरक्की में पूरी तरह डूब जाएंगे, तो दुनिया की फालतू बातें अपने आप पीछे छूट जाएंगी.

मुफ्त राशन योजना के दुरुपयोग पर प्रशासन सख्त, जगदलपुर में हुई छंटनी

जगदलपुर. नगर निगम क्षेत्र में मुफ्त राशन योजना का गलत लाभ लेने वाले अपात्र हितग्राहियों पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों लोग सामने आए, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए जमा हैं और कई के नाम पर कृषि भूमि भी दर्ज है। इसके बावजूद वे वर्षों से मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। खाद्य विभाग ने 48 वार्डों में अभियान चलाकर 800 से ज्यादा नाम बीपीएल सूची से हटाए हैं। कार्रवाई के बाद राशन दुकानों के बाहर अपात्र हितग्राहियों की सूची भी चस्पा की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन लंबे समय से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में कुछ लोगों के जनप्रतिनिधियों की मदद से राशन कार्ड बनवाने की बात भी सामने आई है। अब विभाग पात्र हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन कर रहा है।

पाकिस्तान में मारा गया पुलवामा साजिश का बड़ा चेहरा, अज्ञात हमलावरों ने बरसाई गोलियां

श्रीनगर  पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान का खात्मा कर दिया गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में एक अज्ञात हमलावर ने उसे गोलियों से भूनकर खत्म कर दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान 2019 में कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में एक था। यह शख्स खुद को एक शिक्षक बताता था। वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पाकिस्तान में छिपता फिर रहा था। इस घटनाक्रम से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अरजुमंद गलजार डार उर्फ हमजा बुरहान प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल बद्र (Al-Badr) का प्रमुख कमांडर था।हजमा बुरहान मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। वह 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया था। इसके बाद वह स्थानीय युवाओं की भर्ती करने, आतंकी फंडिंग जुटाने और घुसपैठ नेटवर्क को संचालित करने में सक्रिय हो गया। UAPA कानून के तहत आतंकवादी घोषित 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। इस बर्बर हमले की साजिश में बड़ी भूमिका होने के कारण, भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे यूएपीए (UAPA) कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया था। मंत्रालय के अनुसार हमजा बुरहान पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और आतंकवाद के लिए आर्थिक सहायता जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था लेकिन अब उसका खात्मा हो चुका है। पहलगाम हमले में भी था शामिल बता दें कि पुलवामा की घटना भारत में सुरक्षाकर्मियों पर किया गया अब तक का सबसे घातक हमला था, जिसे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने अंजाम दिया था। 14 फरवरी, 2019 को जैश के एक आतंकवादी ने लेथपोरा में CRPF के काफिले में विस्फोटकों से भरी एक कार से टक्कर मार दी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना की जंच कर रही भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)ने हमजा बुरहान का नाम पुलवामा हमले की साजिश रचने और आतंकवादियों को स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक और वित्तीय मदद पहुंचाने वाले मुख्य किरदारों में शामिल किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह सिर्फ पुलवामा ही नहीं बल्कि कश्मीर घाटी के पहलगाम और अन्य क्षेत्रों में हुए बड़े आतंकी हमलों को सीमा पार से सीधे निर्देशित कर रहा था। पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हुआ था पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हुआ था, जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था। हमजा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था 2017 में पुलवामा से पाकिस्तान चला गया था हमजा बुरहान पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल था. वह खुद को पाकिस्तान में टीचर बताता था. साथ ही 2019 के बाद से कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था. वह पीओके के इलाके में कई आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग दे रहा था. साथ ही बॉर्डर इलाके में वह आतंकियों को घुसपैठ कराने में मदद करता था।  हमजा बुरहान का पूरा नाम अरजुमंद गुलजार डार है. इसे हमजा बुरहान के नाम से भी जाना जाता है अपने सर्किल में ये आतंकी 'डॉक्टर' के नाम से भी जाना जाता है।  27 साल का हमजा बुरहान पुलवामा के रत्नीपोरा का रहने वाला है. हमजा 2017 में पाकिस्तान गया और वहां जाकर आतंकवादी संगठन 'अल बद्र' में शामिल हो गया. 'अल बद्र' को भारत में एक आतंकवादी संगठन के तौर पर लिस्ट किया गया है. हमजा 'अल बद्र' के कमांडर के तौर पर काम कर रहा था।  ये शख्स पुलवामा में 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' से विस्फोटक बरामद होने के मामलों में, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF पर ग्रेनेड हमले में और युवाओं को आतंकवादी संगठन 'अल बद्र' में शामिल होने के लिए उकसाने के मामलों में शामिल पाया गया है।  ISI ने मुहैया कराया था ऑफिस और सिक्योरिटी आतंकी हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर न सिर्फ पुलवामा के अलावा दूसरे आतंकी हमले में शामिल था बल्कि वह युवाओं को बरगलाकर उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाता था. इस काम के लिए ISI ने उसे एक ऑफिस मुहैया कराया था. और इसकी सुरक्षा में 24 घंटे AK-47 के साथ गनर तैनात रहते थे।  आतंकी गतिविधियों का अड्डा मुजफ्फराबाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित मुजफ्फराबाद भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों का अड्डा है. यहां कई तंजीमों के लोग रहते हैं और उसी की आड़ में भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं. आतंकी हमजा बुरहान इसी काम में शामिल था और वह लो प्रोफाइल रहता था।  पुलवामा हमला और भारत का ऑपरेशन बालाकोट  14 फरवरी 2019 को दोपहर करीब 3:15 बजे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एक भयानक आतंकी हमला हुआ.  पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और स्थानीय कश्मीरी युवक आदिल अहमद डार ने 300-350 किलो IED से भरी SUV को CRPF के काफिले की एक बस में घुसा दिया. इसमें 40 CRPF जवान शहीद हो गए और कई घायल हुए. यह 1989 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर सबसे घातक हमला था. जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।  हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर सर्जिकल एयर स्ट्राइक किया. इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए।    उसकी हत्या ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े कई लोगों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हमजा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। बता दें कि हाल के सालों में कई आतंकियों को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया है या तो गैंगवार में उनकी मौत हुई है। PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बताया जा रहा है कि वह पिछले कई सालों से PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। वहीं आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ के नेटवर्क को चला रहा था। वैसै वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला … Read more

अब यूनिफॉर्म में नजर आएंगे विश्वविद्यालय और कॉलेज छात्र, यूपी में नया नियम लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की चांसलर आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों (कॉलेजों) में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं. बुधवार को राजभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध शासकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने यह बड़ा फैसला सुनाया।  क्यों और कैसे लागू होगा यह नियम? एकरूपता लाना है मकसद वर्तमान में यूपी के कुछ महिला कॉलेजों और सेल्फ-फाइनेंस पाठ्यक्रमों में तो ड्रेस कोड लागू है, लेकिन अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्र सामान्य कपड़ों में आते हैं. अब नए आदेश के तहत सभी संस्थान अपने स्तर पर मनपसंद रंग और डिजाइन तय कर यूनिफॉर्म लागू करेंगे, जिससे पूरे कैंपस में एकरूपता बनी रहे।  शिक्षकों की गरिमा पर कड़ा रुख बैठक के दौरान हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलोजी विभाग में एक शिक्षक द्वारा छात्रा को परेशान करने और पेपर लीक करने के कथित मामले पर राज्यपाल ने सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षक ऐसा कोई काम न करें जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे. सभी शिक्षकों को समय पर कक्षाएं लेने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।  रोजगार परक और वोकेशनल कोर्स पर जोर छात्राओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्यपाल ने कॉलेजों को शॉर्ट-टर्म वोकेशनल कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इनमें प्रमुख रूप से- जीएसटी (GST) और अकाउंटेंसी ब्यूटीशियन और मेहंदी कोर्स बिंदी निर्माण मिलेट (मोटे अनाज) आधारित खाना बनाना छात्रों की समस्याओं के लिए कमेटी सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में एक विशेष समिति (कमेटी) बनाई जाएगी, जहां छात्र-छात्राएं बिना किसी डर या झिझक के अपनी शिकायतें और समस्याएं खुलकर साझा कर सकेंगे. इसके अलावा दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे इन्फ्लिबनेट) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।  जल्द तैयार करेंगे खाका राज्यपाल के इस निर्देश के बाद, अब उत्तर प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर यूनिफॉर्म के रंग, पैटर्न और इसे लागू करने की समय-सीमा का खाका तैयार करेंगे। 

सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग, जंगल में घंटों चली मुठभेड़

चाईबासा चाईबासा के चक्रधरपुर अनुमंडल स्थित पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ केड़ाबीर इलाके के पास उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च अभियान चला रहे थे। सुबह छह बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में अभियान चला रही थी। मंगलवार तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। घंटों चली गोलीबारी मुठभेड़ काफी देर तक रुक-रुक कर चलती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मिसिर बेसरा गिरोह की सक्रियता की आशंका पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली सक्रिय हैं। हाल के दिनों में गोइलकेरा क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में नक्सल गतिविधियां बढ़ने की आशंका थी। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।  

90s स्टार राहुल रॉय फिर सुर्खियों में, ‘लाफ्टर शेफ’ के सेट पर दिखे खुश

90s स्टार राहुल रॉय कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर अचानक ट्रेंड में थे. उनकी एक इंफ्लुएंसर संग रोमांटिक रील वायरल हुई थी, जिसपर काफी सवाल खड़े हुए. राहुल को इस तरह छोटे-मोटे काम करता देख लोग उन्हें ट्रोल करने लगे थे. मगर जब एक्टर ने इसके पीछे छिपी अपनी मजबूरी बताई, तो सब हैरान थे. राहुल ने इंस्टाग्राम के जरिए नोट शेयर करते हुए बताया था कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद उन्हें काम की जरूरत है. उन्हें काफी सारा पैसा चुकाना है, जिसके बदले उन्हें काम मिलना जरूरी है. ऐसे में उनका मजाक उड़ाने से बेहरत, लोग उन्हें काम ढूंढने में मदद करें. अब लगता है कि कुछ लोगों ने राहुल की पुकार सुन ली है. लाफ्टर शेफ में आए राहुल रॉय राहुल रॉय बीते दिन कलर्स टीवी के शो लाफ्टर शेफ के सेट पर नजर आए, जहां उनके साथ एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी थे. तीनों एक साथ पैप्स के सामने आए और उनके कैमरा पर पोज भी दिए. इस दौरान राहुल रॉय काफी खुश दिखे. उन्होंने पैप्स संग थोड़ा हंसी-मजाक भी किया. आगे राहुल रॉय को अली और सिंगर राहुल वैद्य सपोर्ट करते हुए सेट के अंदर ले गए. 'आशिकी स्टार' का ये अंदाज देखकर शायद उनके फैंस को बड़ी राहत मिलने वाली है. आखिरकार उन्हें काफी समय बाद टीवी पर आने का मौका मिला है, जो एक्टर को एक बार फिर लोगों की नजरों में लेकर आएगा. क्या पता इसके बाद राहुल रॉय को थोड़ा और काम मिलने लगे और उनकी जरूरतें पूरी हो सकें. 90s के स्टार रहे राहुल रॉय राहुल रॉय 90s के दौरान एक वक्त तक सलमान-शाहरुख और आमिर खान जैसा स्टारडम एंजॉय करते थे. महेश भट्ट की फिल्म आशिकी ने उन्हें रातोंरात बॉलीवुड का सितारा बना दिया था. राहुल ने अपनी पहली फिल्म की सक्सेस के बाद एक साथ कई फिल्में साइन कर ली थीं. उस दौर में उनकी अधिकतर फिल्में हिट रहीं. लेकिन फिर उनके करियर की गाड़ी सक्सेस की पटरी से उतर गई. एक्टर को ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके कारण वो फिल्मों से दूर हुए और आज उनका स्टारडम धूमिल हो गया.

लू का ऑरेंज अलर्ट जारी, 25 मई तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

 चंडीगड़ हरियाणा में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पांच जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा सिरसा में 46.4 डिग्री, फरीदाबाद में 46 डिग्री, हिसार में 45.3 डिग्री, जींद में 45.2 डिग्री और नारनौल में 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लू चलने की चेतावनी जारी मौसम विभाग ने हरियाणा में 25 मई तक भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके लिए पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। रोहतक और सिरसा में लू की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि अगले पांच से छह दिनों तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि बाकी जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना रहेगा। वहीं भिवानी में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। तेज गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें, ताकि तेज धूप का असर कम हो सके। 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सिर ढक कर बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत समेत हरियाणा में फिलहाल गर्मी का दौर जारी रहेगा और 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार नहीं हैं।