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मुख्यमंत्री सैनी का सख्त एक्शन, CM विंडो मामलों में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर होगी FIR

चंडीगढ़. सीएम विंडो पर मिली शिकायतों की सुनवाई में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तीखे तेवर दिखाए हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने हिसार के गावड़ में बैकवर्ड चौपाल की राशि के गबन के आरोपित तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ), कनिष्ठ अभियंता व ग्राम सचिव के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भिवानी जिले के झुंपा खुर्द के व्यक्ति की शिकायत पर पेमेंट में देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित आरटीए से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सीएम विंडो पर आई शिकायतों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरतें। इस बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और मंडल आयुक्त आनलाइन जुड़े। उन्होंने सभी उपायुक्तों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जींद में दुर्घटना के समय की मोटर साइकिल बदलने तथा कुरुक्षेत्र में समय पर चालान प्रस्तुत न करने पर कोताही बरतने वाले पुलिस के दो सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) को निलंबित करने निर्देश दिए। करनाल में 100 गज के प्लाटों को नापने का काम समय पर नहीं करने पर नायब तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जींद के बडौद निवासी जरनैल की शिकायत पर पशु बीमा के क्लेम में देरी के लिए विभागीय जांच की जाएगी। कैथल के टीक गांव निवासी पूजा की शिकायत है कि धान की अदायगी नहीं की गई। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। पलवल के लालपुर कदीम के व्यक्ति की शिकायत के संबंध में कार्यालय का रिकार्ड खुर्द बुर्द करने के मामले में दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाधान, सीएम विंडो और उनके समक्ष आने वाली शिकायतों की वे स्वयं मानिटरिंग करेंगे। अधिकारी तीनों तरह की शिकायतों के सही समाधान सुनिश्चित करें। हर शुक्रवार को स्पेशल सीएम विंडो के मामलों की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, सुधीर राजपाल, डा. वी राजा शेखर, एके सिंह, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार, विशेष कार्यकारी अधिकारी विवेक कालिया और राकेश संधू ने भी अपनी बात रखी। हाउसिंग बोर्ड के अलाटियों को 10 जून को होगा भुगतान हाउसिंग बोर्ड की समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जनता के बकाया पैसे का भुगतान 10 जून को बटन दबाकर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी पूरी तैयारी करें। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने तथा जल्द एटीआर अपलोड करने के निर्देश भी दिए, जिससे शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारी समाधान शिविरों में शिकायतों की औचक जांच करेंगे, जिससे लोगों को संतुष्ट किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके समक्ष यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि किसी व्यक्ति की समस्या सुनी ही नहीं गई।

नवांशहर में ध्वनि प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, दो महीने तक नहीं बजेंगे DJ और लाउड स्पीकर

नवांशहर. जिलाधीश गुलप्रीत सिंह औलख ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, किसी भी बिल्डिंग, पब्लिक जगहों, खुली जगहों, पंडालों वगैरह में, किसी भी एनजीओ, प्राइवेट सोशल, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा संस्थानों, कमर्शियल संस्थानों, संगठनों आदि द्वारा, अलग-अलग प्रोग्रामों के मौके पर किसी भी व्यक्ति द्वारा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर और मैरिज पैलेस, क्लब, होटल और खुली जगहों वगैरह में, शादी समारोह, खुशी के मौकों पर किसी भी समय डीजे, आर्केस्ट्रा, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट आदि के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। दिन हो या रात संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना पंजाब इंस्ट्रूमेंट्स (कंट्रोल आफ नाइज़) एक्ट, 1956 में वर्णित शर्तों के तहत संचालित नहीं किया जाएगा और लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद, वे एक अंडरटेकिंग देंगे कि ध्वनि का स्तर 10 डीबी (ए) से अधिक नहीं होगा। इसके साथ ही, संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा के दिनों से 15 दिन पहले किसी भी लाउडस्पीकर आदि के लिए कोई अनुमति न दी जाए। जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर पर बैन आदेशों में यह भी कहा गया है कि शहीद भगत सिंह नगर जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर और किसी भी अन्य संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन की अनुमति प्राप्त करने के बावजूद, सांस्कृतिक और धार्मिक अवसरों को छोड़कर, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी इमारत और स्थान पर उपरोक्त ध्वनि और संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन, वादन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, प्राइवेट साउंड सिस्टम और साउंड पैदा करने वाले डिवाइस का साउंड लेवल 5 डीबी (ए) से ज़्यादा नहीं होगा। आर्डर में यह भी कहा गया है कि अगर उनके सब-डिवीजन में किसी की तरफ से शहीद भगत सिंह नगर के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट के पास नाइज़ पाल्यूशन से जुड़ी कोई शिकायत आती है, तो संबंधित सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट, संबंधित डिप्टी सुपरिटेंडेंट आफ़ पुलिस और एनवायरनमेंटल इंजीनियर, पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, होशियारपुर के साथ मिलकर मौके पर जाकर मिली। शिकायत के बारे में ज़रूरी जांच करेंगे और अगर शिकायत सही पाई जाती है, तो माननीय कोर्ट और बताए गए एक्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक, शिकायत में बताए गए किसी भी तरह के साउंड, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट जिससे नाइज पाल्यूशन हो रहा है, उसे हटाकर अपने कब्ज़े में ले लेंगे और बताए गए एक्ट और इस आर्डर का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अपने लेवल पर कानूनी कार्रवाई करके शिकायत का निपटारा करेंगे। जिलाधीश ने यह भी कहा है कि संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट से परमिशन लेने के बाद, जिन जगहों पर ये लोग इस्तेमाल करेंगे, वहां लाउडस्पीकर, आडियो, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट वगैरह की आवाज़ प्रोग्राम की जगह, धार्मिक जगह और बिल्डिंग वगैरह की बाउंड्री के अंदर होनी चाहिए, जो भारत सरकार द्वारा ‘नाइज़ पाल्यूशन (रेगुलेशन एंड कंट्रोल) रूल्स, 2000’ के तहत जारी नोटिफिकेशन डेट 14.02.2000 में बताए गए साउंड स्टैंडर्ड (संबंधित जगह के साउंड स्टैंडर्ड) से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। यह आर्डर 21 मई से 20 जुलाई तक लागू रहेगा।

OBC भर्ती को लेकर हाईकोर्ट सख्त, आरक्षण सीमा से अधिक नियुक्तियों पर उठाए सवाल

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति देना कानूनी रूप से गलत है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार की मेरिट लिस्ट की समीक्षा कर 90 दिनों के भीतर दोबारा मेरिट लिस्ट तैयार करने कहा है। दरअसल, उमेश कुमार श्रीवास व अन्य ने इस मामले में याचिका दायर की थी, याचिका में कहा गया कि लोक शिक्षण संचनालय ने बीते 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के याचिकाकर्ताओं ने भी मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया था। लेकिन जब चयन समिति ने प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की तो ओबीसी केटेगरी के पदों पर 7 प्रतिशत की तय सीमा से कहीं ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को चुन लिया गया, जिससे सामान्य ओबीसी उम्मीदवारों का हक प्रभावित हुआ। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह गलत है। इस प्रक्रिया से सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को समान अवसर प्राप्त नहीं होता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुरली मनोहर सोनी, भीमसेन अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

धोखा मिलने पर क्या करें? चाणक्य नीति से सीखें असली जवाब

क्या आपने कभी सोचा है… कि जो इंसान कभी आपके सबसे करीब था, जिसके साथ आपने एक थाली में खाना खाया, जिसके साथ हंसे, जिसके कंधे पर रोए, जिसके सामने अपने सबसे बड़े सपने रखे… वही एक दिन आपको धोखा दे देगा? ऐसा छुरा… जो दिखता नहीं, लेकिन सबसे गहरा वार करता है. तब आप क्या करते हैं? माफ कर देते हैं? भूल जाते हैं? आगे बढ़ जाते हैं? रुकिए… यहीं 99% लोग सबसे बड़ी गलती कर देते हैं. अगर आपने धोखेबाज को माफ कर दिया, भूल गए और आगे बढ़ गए, तो आप वही कर रहे हैं, जो आपको बार-बार कमजोर बनाएगा. क्योंकि आचार्य चाणक्य ने हजारों साल पहले कहा था कि, 'शत्रु को माफ करना, उसे दूसरा मौका देना है, खुद को कमजोर साबित करना है.' चाणक्य की असली सोच चाणक्य क्रूर नहीं थे, लेकिन वह सच्चाई को बहुत गहराई से समझते थे. उन्होंने देखा था कि कैसे एक राजा चापलूसी में अंधा हो जाता है, कैसे एक सच्चा इंसान सिर्फ इसलिए हार जाता है क्योंकि उसने अपने दुश्मन को पहचाना नहीं. और उन्होंने खुद अपमान सहा… मगध के दरबार में, सबके सामने. उस दिन उन्होंने कसम खाई कि और फिर सिर्फ बदला नहीं लिया बल्कि पूरा साम्राज्य बदल दिया. मौन और अदृश्यता जब कोई आपको चोट पहुंचाता है, तो उस समय तुरंत जवाब देने का मन करता है. लेकिन, यही आपकी सबसे बड़ी गलती होती है. क्योंकि जब आप गुस्सा दिखाते हैं तो आप अपनी कमजोरी दिखाते हैं. ऐसे में चाणक्य कहते हैं कि, 'जो अपने मन में छिपी बात सबको बताता है, वहीं दूसरों का खिलौना बनता है.' इसलिए चुप रहो लेकिन कमजोर बनकर नहीं बल्कि रणनीति के साथ. ऐसे रहो जैसे कुछ पता ही नहीं और अंदर ही अंदर खुद को तैयार करते रहो. ताकी समय आने पर दुश्मन को जवाब दिया जा सके. सूचना और गुप्तचर दुश्मन को हराने से पहले, उसके बारे में जानना जरूरी होता है. कौन क्या सोच रहा है? कौन आपके खिलाफ है? किसकी क्या कमजोरी है? जो इंसान कम बोलता है और ज्यादा सुनता है, वही सबसे ताकतवर होता है. याद रखो कि हर इंसान की कोई ना कोई कमजोरी होती है और वही उसकी हार का कारण बनती है. धैर्य और सही समय सबसे कठिन लेकिन सबसे ताकतवर चाल. हर चीज का एक सही समय होता है. अगर आप जल्दबाजी में वार करते हैं तो आप खुद हार जाते हैं. लेकिन अगर आप इंतजार करते हैं, तैयारी करते हैं. सही समय पर एक ही वार करते हैं तो वही वार खेल खत्म कर देता है. अंतिम बात चाणक्य का लक्ष्य सिर्फ दुश्मन को हराना नहीं बल्कि खुद को मजबूत बनाना था, ताकि दुश्मन वार करने से पहले ही डर जाए. और ये तब होगा जब आप अपने गुस्से, डर और अधीरता पर काबू पा लेंगे.

ट्विशा केस में सरकार सख्त, नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम; CM से मिले मृतका के पिता

भोपाल मध्यप्रदेश में भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले के बीच उनके परिवार ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की थी. परिवार ने इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजा था।  गिरबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने की तैयारी अब इसको लेकर कार्यवाही शुरु हो चुकी है. कंज्यूमर फोरम  खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है. इसलिए खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें. यहां ‎गंभीर मामलों में इस्तीफा या रिमूवल की प्रक्रिया की होती है. ऐसे में जिला कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति और त्यागपत्र को लेकर राज्य सरकार ने पत्राचार  शुरू कर दिया है।  पति समर्थ अब भी फरार बता दें कि ‎ट्विशा केस में बेटे समर्थ के साथ आरोपी गिरबाला इस समय ‎अग्रिम जमानत पर है जबकि समर्थ  ट्विशा की मौत के बाद से फरार है.पुलिस ने समर्थ को पकड़ने के लिए 10 हजार का इनाम रखा था जिसे बढ़ाकर अब 30 हजार कर दिया गया है।  ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ लेता नजर आ रहा है. हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को और पेचीदा बना दिया है तथा कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की ओर जाते हुए देखा गया है. इसके करीब एक घंटे बाद उनके पति समर्थ और तीन अन्य लोग उन्हें नीचे लेकर आते दिखाई देते हैं।  एक घंटे तक छत पर क्या हुआ? सीसीटीवी में दर्ज यह घटनाक्रम अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन चुका है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उस एक घंटे के दौरान छत पर आखिर क्या हुआ था. जानकारी के अनुसार, ट्विशा आखिरी बार हाथ में हेडफोन लिए सामान्य अवस्था में सीढ़ियां चढ़ती दिखाई दी थीं, लेकिन लगभग एक घंटे बाद उनकी हालत गंभीर नजर आई. वह छत पर जिमनास्टिक बेल्ट से लटकी पाई गई थी. यही वजह है कि परिजन इस मौत को संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।   नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम, आरोपी पति पर 30 हजार का ऐलान ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मीडिया से अपील की कि पीड़िता की छवि खराब करने वाले सवालों से बचा जाए और मामले की संवेदनशीलता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया में हुई देरी ने परिवार का दर्द और बढ़ाया है. परिवार ने यह भी कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।  भोपाल की अदालत ने  रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने पुलिस को ट्विशा के शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया कि परिवार की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम और शव संरक्षित रखने की मांग की गई थी, जिसमें अदालत ने आंशिक राहत दी. इस बीच ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।  आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम घोषित भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है. पति पर ट्विशा की मौत के लिए परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है और लगातार तलाश जारी है।  सास गिरीबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए ट्विशा के परिजनों ने लिखा पत्र ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने के लिए राज्यपाल को ट्विशा के परिवार ने पत्र लिखा है. गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु के तहत मामला दर्ज हुआ है. अभी गिरीबाला सिंह डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं. डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में रिटायर्ड जज की नियुक्ति होती है. कदाचार, दोष सिद्ध या किसी गंभीर मामले में हटाने का प्रावधान है।  मां ने फोन पर सुनी थी एक आवाज इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस एक घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक शिक्षित युवती की जान ले ली. वीडियो में साफ दिखता है कि छत पर जाते समय ट्विशा सामान्य थीं और उनके हाथ में हेडफोन था. छत पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया. मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान ट्विशा ने ससुराल में कथित प्रताड़ना की बात बताई. इसी दौरान फोन पर किसी अन्य व्यक्ति की आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया. मां का मानना है कि वह आवाज संभवतः समर्थ की हो सकती है।  ससुराल का टॉर्चर और ट्विशा की संदिग्ध मौत बता दें कि गिरबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला बीते कई दिनों से चर्चा में है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा को लेकर उसकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ पर गंभीर आरोप लगे हैं। 

हरियाणा के युवा इनोवेटर की चर्चा, शहद के सिरके ने CM सैनी को भी किया प्रभावित

झज्जर. विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद  दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।

ईंधन बचत और सादगी को बढ़ावा, हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यवाही

जयपुर बढ़ती ईंधन खपत को कम करने और सादगी उपायों को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने घोषणा की है कि 22 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में न्यायिक कार्यवाही मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से नोटिस जारी इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों और संस्थानों को ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी और प्रशासनिक सादगी अपनाने के निर्देश दिए थे। बार एसोसिएशन से चर्चा के बाद लिया गया निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पहल को लागू करने से पहले जोधपुर और जयपुर की बार एसोसिएशनों से चर्चा भी की। विचार-विमर्श के बाद अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिवक्ताओं, पक्षकारों और संबंधित लोगों को बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे पक्षकार नोटिस के अनुसार अदालतों की कार्यवाही संबंधित कोर्ट रूम से ही संचालित होगी, लेकिन अधिवक्ताओं और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वाहन साझा (कार पूलिंग) जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया जाए, जिससे ईंधन की बचत सुनिश्चित हो सके। फिजिकल हियरिंग पर कोई रोक नहीं हालांकि हाईकोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिजिकल हियरिंग पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। जो अधिवक्ता या पक्षकार व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर सुनवाई में भाग लेना चाहते हैं, वे पहले की तरह न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे। सभी संबंधित संस्थाओं को भेजा गया आदेश हाईकोर्ट प्रशासन ने इस आदेश की प्रतियां सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान सरकार, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और राज्य के न्यायिक अधिकारियों को भी भेज दी हैं। डिजिटल सुनवाई और ईंधन बचत की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट की यह पहल न्यायिक प्रणाली को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

RPSC SI भर्ती 2021 विवाद: पुनर्परीक्षा पर हाईकोर्ट की सुनवाई, नया मोड़ आया

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में आज एसआई भर्ती 2021 को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को भर्ती में आवेदन करने के लिए प्रोविजनल अनुमति प्रदान की है. दोबारा होगी एसआई भर्ती परीक्षा हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) रद्द की गई एसआई भर्ती 2021 का पुनः आयोजन करवा रहा है.  हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे. 3 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा एसआई भर्ती 2021 के लिए लगभग 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन सितंबर 2021 में आयोजित परीक्षा में केवल 3,83,097 अभ्यर्थी ही दोनों पेपर में शामिल हुए थे. आयोग पुनर्परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल करने पर कायम है. हाई कोर्ट में दायर की याचिका इस निर्णय का अन्य अभ्यर्थियों द्वारा विरोध किया गया, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोरोना महामारी और अन्य कारणों से जो अभ्यर्थी उस समय परीक्षा में शामिल नहीं हो सके, उन्हें भी एक और अवसर दिया जाना चाहिए. याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील, रवींद्र सैनी और निखिल कुमावत ने पैरवी की.

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को भारत ने UN में घेरा, सुनाई खरी-खरी

 नई दिल्ली भारत ने बुधवार को यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "नरसंहार के कृत्यों का 'लंबे वक्त से दागदार' रिकॉर्ड एक ऐसा पैटर्न दिखाता है, जिसमें पाकिस्तान अपनी सीमाओं के अंदर और बाहर हिंसा के ज़रिए अपनी अंदरूनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश करता है." भारत का यह बयान सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा पर UN सुरक्षा परिषद की सालाना खुली बहस के दौरान आया।  UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश परवथनेनी ने ये टिप्पणियां तब कीं, जब पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने बहस के दौरान जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया। हरीश ने कहा, "यह विडंबना है कि पाकिस्तानने ऐसे मुद्दों का जिक्र करना चुना है, जो पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मामला है।  'पवित्र महीने में…' इस साल की शुरुआत में अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों का जिक्र करते हुए भारतीय प्रतिनिधि परवथनेनी ने कहा, "दुनिया यह नहीं भूली है कि इसी साल मार्च में रमजान के पवित्र महीने के वक्त पाकिस्तान ने काबुल में 'उम्मीद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल' पर एक बर्बर हवाई हमला किया था।  अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “हिंसा की इस कायरतापूर्ण और अमानवीय हरकत में 269 नागरिकों की जान चली गई और 122 अन्य घायल हो गए. यह घटना एक ऐसी जगह पर हुई, जिसे किसी भी तरह से मिलिट्री टारगेट के तौर पर सही नहीं ठहराया जा सकता.” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का यह रवैया 'दोहरे मापदंड' वाला है कि वह एक तरफ तो अंतरराष्ट्रीय कानून के ऊंचे सिद्धांतों की बात करता है और दूसरी तरफ अंधेरे की आड़ में बेकसूर नागरिकों को निशाना बनाता है।  UNAMA के मुताबिक,प ये हवाई हमले शाम की तरावीह की नमाज खत्म होने के वक्त हुए, जब कई मरीज मस्जिद से बाहर निकल रहे थे. परवथानेनी ने UNAMA के उस आकलन का भी जिक्र किया, जिसके मुताबिक अफगान नागरिकों के खिलाफ सीमा पार से की गई सशस्त्र हिंसा की वजह से 94 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए।  उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से इस तरह की हरकतें किसी ऐसे देश के लिए हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए, जो अपने ही लोगों पर बम बरसाता है और सुनियोजित तरीके से नरसंहार करता है।  राजदूत हरीश ने यह भी कहा कि 1971 में 'ऑपरेशन सर्चलाइट' के दौरान पाकिस्तान ने अपनी ही सेना द्वारा चार लाख महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से सामूहिक बलात्कार और नरसंहार का अभियान चलाया था. इस बहस में भारत का हस्तक्षेप इन्हीं आरोपों पर केंद्रित रहा, क्योंकि उसने पाकिस्तान की उस कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें पाकिस्तान ने इस मामले को अपना 'आंतरिक मामला' बताया था।