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गूगल इवेंट में iPhone का इस्तेमाल वायरल, ‘Gemini Spark’ फीचर भी पेश

गूगल का एनुअल डेवलपर कॉन्फ्रेंस Google I/O 2026 की शुरुआत हो चुकी है. इस इवेंट के दौरान कंपनी AI एजेंट, यूट्यूब न्यू फीचर, जीमेल न्यू फीचर्स और AI वीडियो मेकर आदि का ऐलान किया है. लेकिन लाइव इवेंट के दौरान कंपनी ने डेमो के लिए iPhone का यूज किया है, जो मूमेंट इंटरनेट वायरल हो चुका है. गूगल इवेंट के दौरान जब न्यू पर्सनल एआई एजेंट जेमिनाई स्पार्क के बारे में बताया जा रहा था. तब डेमो के दौरान ऐपल का लेटेस्ट हैंडसेट iPhone 17 Pro का यूज किया गया है, जबकि गूगल के पास खुद का फ्लैगशिप हैंडसेट है. देखने में यह मामूली गलती लगती है, लेकिन इंटरनेट पर यह मूमेंट तेजी से वायरल हुआ. गूगल खुद कई बार पिक्सल हैंडसेट को लेकर दावे कर चुका है कि उसको AI युग के लिए तैयार किया है. कंपनी कुछ साल साल से लगातार अपने पिक्सल हैंडसेट को AI फीचर्स के साथ लोडेड करके दे रहा है. iPhone 17 Pro पर किया गया लाइव डेमो कुछ घंटों के अंदर iPhone 17 Pro पर किया गया लाइव डेमो का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया. लाखों लोगों ने देखा. कई यूजर्स ने कहा कि इसके लिए कंपनी खुद का पिक्सल 10 सीरीज का यूज कर सकती थी. आईफोन के लिए AI गूगल पहले ही जानकारी शेयर कर चुका है कि वह अपने Gemini का अलग वर्जन तैयार कर रहा है. यह वर्जन सीरी के साथ काम करेगा, हालांकि यह कब तक लॉन्च होगा, उसकी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है. गूगल जेमिनाई स्पार्क क्या है? गूगल इवेंट के दौरान बताया गया है कि जेमिनाई स्पार्क एक पर्सनल AI एजेंट है. यह जेमिनाई ऐप के अंदर मिेगा, जो यूजर्स के प्रॉम्प्ट पर काम करेगा. यह लॉन्ग और मुश्किल टास्क को बैकग्राउंडम में कंप्लीट करता है और यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस मिलेगा. इसको Gmail, Docs और दूसरे Google Workspace ऐप्स के साथ इंटीग्रेट किया है. इसको पहले अमेरिकी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा.

सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी पर फरीदकोट में हंगामा, नामांकन विवाद ने बढ़ाया सियासी तापमान

फरीदकोट. नगर कौंसिल चुनाव के दौरान नामांकन रद होने के मामले को लेकर फरीदकोट में बुधवार रात को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया। शिरोमणि अकाली दल द्वारा वीरवार को शहर बंद का आह्वान किया गया, जिसे व्यापारियों और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला। शहर के कई बाजारों में दुकानें बंद हैं और अकाली कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गुरुद्वारा खालसा दीवान में एकत्रित हुए हैं। यहां से कार्यकर्ताओं ने थाना सिटी फरीदकोट के घेराव की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के भी दोपहर फरीदकोट पहुंचने की सूचना है, जिससे माहौल और अधिक गरमा सकता है। दरअसल, बुधवार देर रात शिरोमणि अकाली दल के जिला शहरी प्रधान सतीश ग्रोवर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा होने लगे और सतीश ग्रोवर की रिहाई की मांग उठाने लगे। कई स्थानों पर पुलिस और अकाली कार्यकर्ता आमने-सामने डटे दिखाई दिए। नामांकन रद होने से पैदा हुआ विवाद उल्लेखनीय है कि नगर कौंसिल चुनाव के नामांकन रद होने के मामले को लेकर गत दिनों भी भारी हंगामा हुआ था। बुधवार को यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधायक गुरदित सिंह सेखों और शिअद उपाध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाणा ने अलग-अलग प्रेस वार्ताएं कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक गुरदित सिंह सेखों ने प्रेस वार्ता में कहा कि चुनाव पूरी अनुशासन व्यवस्था के साथ करवाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाने और गुंडागर्दी करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जिन प्रत्याशियों के नामांकन रद हुए हैं, उन्होंने सरकारी करों की चोरी की थी और किसी भी वैध नामांकन को रद नहीं किया गया। विधायक ने यह भी कहा कि कुछ नेताओं ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को धमकियां दी हैं, जिसकी शिकायत चुनाव आयोग को भी भेजी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। रोमाणा ने सत्ता पक्ष पर किया पलटवार दूसरी ओर परमबंस सिंह रोमाणा ने देर शाम प्रेस वार्ता कर सत्ता पक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल और अन्य विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के नामांकन कथित रूप से सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रद करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि वकीलों की मदद और कानूनी दलीलों के आधार पर उनके प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार करवाए गए। रोमाणा ने कहा कि अब सत्ता पक्ष प्रशासन पर दबाव बनाकर उन पर सरकारी काम में बाधा डालने के मामले दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि उन पर मामले दर्ज भी किए जाते हैं तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे और अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

Apple का बड़ा दावा: ऐप स्टोर पर 18 हजार करोड़ रुपये की फ्रॉड डील्स ब्लॉक

ऐपल ने एक बड़ा दावा किया है और बताया है कि उसने बीते एक साल में करोड़ों रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया है और लोगों की मेहनत की कमाई को ठगे जाने से बचाया है. ये जानकारी ऐपल न्यूजरूम पर शेयर की है. ऐप स्टोर ने ट्रांजैक्शन में 2.22 बिलियन डॉलर (करीब 18 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा की धोखाधड़ी को रोका है. कंपनी ने बीते छह साल में 11.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड को रोकने में सफलता हासिल की है. हर सप्ताह करोड़ों विजिटर्स आते हैं ऐपल ने बताया है कि 175 देशों के ऐप स्टोर पर हर सप्ताह करीब 85 करोड़ से ज्यादा विजिटर्स आते हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए ऐपल का कहना है कि वह स्कैम, खतरनाक ऐप्स, फर्जी रिव्यू और पेमेंट फ्रॉड पकड़ने के लिए रिव्यू टीम और एडवांस मशीन लर्निंग सिस्टम का यूज करते हैं. 2025 में आए 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन ने बताया ह कि ऐप रिव्यू टीम ने साल 2025 में 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन प्रोसेस किए और 3 लाख नए डेवलपर्स को ऑनबोर्ड किया है. फिर ऐप स्टोर गाइडलाइन्स का उल्लंघन करने पर करीब 20 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन रिजेक्ट किए हैं. इनमें 12 नए ऐप्स और 8 लाख ऐप अपडेट भी शामिल रहे हैं. रिव्यू टीम में इंसान और AI करते हैं काम कंपनी ने आगे बताया है कि उनके रिव्यू टीम में इंसानों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) बेस्ड सिस्टम भी काम करता है. ये सिस्टम फास्ट तरीके से खतरनाक ऐप्स की पहचान करता है और फिर उनको ब्लॉक करने में मदद करता है. कई ऐप ने बाद में बदला अपना नेचर ऐपल ने रिपोर्ट में बताया है कि 59 हजार ऐसे ऐप्स भी रिमूव किए जा चुके हैं, जो शुरुआत में गेम या सामान्य यूटिलिटी के रूप में मंजूर किए थे. बाद में उनको फ्रॉड प्लेटफॉर्म में बदल दिया गया.   लाखों अकाउंट्स को किया जा चुका है बंद अमेरिका कंपनी ने बताया है कि कई साइबर ठग बॉट नेटवर्क और फर्जी अकाउंट की मदद से ऐप रैंकिंग में हेरफेर, स्पैम और नकली रिव्यू पोस्ट करने की कोशिश करते हैं. इसको लेकर कंपनी बता चुकी है कि वह साल 2025 में 1.1 बिलियन फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिश को ब्लॉक कर चुकी है. बच्चों की सेफ्टी वाले नियम तोड़े गए Apple ने ये भी बताया है कि बच्चों की सेफ्टी के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ने पर Kids कैटेगरी के 5 हजार से ज्यादा ऐप्स को रिजेक्ट किया जा चुका है. पहले ऐप्स ने स्क्रीन टाइम और आस्क टू बाय जैसे पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स का भी जिक्र किया, फिर इनकी मदद से माता-पिता बच्चों की ऐप एक्टिविटी और शॉपिंग पर नजर रखते हैं.

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन सम्पन्न विभिन्न परियोजनों के निर्माण कार्य हेतु लगभग 45 करोड़ की मिली प्रशासकीय स्वीकृति   जी.एस.टी. भुगतान प्रणाली में एकरूपता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती तथा राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता के प्रस्तावों का भी किया अनुमोदन रायपुर  अध्यक्ष अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन आज दिनांक 20 मई 2026 को मंडल मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं। अध्यक्ष अनुराग सिंह देव  ने बताया कि सम्मेलन में दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका, तिल्दा, जिला रायपुर में व्यवसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित परियोजना लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है। स्ववित्तीय अटल विहार योजनांतर्गत गिनाबहार, जिला जशपुर में 06 एम.आई.जी., 64 एल.आई.जी. एवं 27 ई.डब्ल्यू.एस. सहित कुल 97 आवासीय भवनों के निर्माण कार्य तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है। इसी प्रकार स्ववित्तीय योजनांतर्गत सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली में 200 ई.डब्ल्यू.एस. भवनों के निर्माण एवं 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्यों में जीएसटी भुगतान प्रणाली (GST Payment System) एवं रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र (Royalty Clearance Certificate) संबंधी वर्तमान व्यवस्थाओं में एकरूपता लाने हेतु एक समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25 फरवरी 2026 के अनुसार मंडल में यथावत लागू किए जाने का निर्णय भी लिया गया।  मंडल के अधिकारियों/कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता की दरें स्वीकृत की गई। साथ ही क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव हेतु लाइसेंस आधार पर पी.पी.पी. मोड के अंतर्गत एजेंसी नियुक्त करने के लिए प्रस्तुत निविदा प्रपत्र एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया है। मंडल सम्मेलन में माननीय सदस्यों को यह भी अवगत कराया गया कि बोर्ड द्वारा इस वर्ष 2026 के प्रथम 04 माह में लगभग मूल्य 317 करोड़ की 1647 संपत्तियों का विक्रय किया गया।  86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण (भा.प्र.से.), आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ।

ट्रेनों की लंबी वेटिंग खत्म करने रेलवे का फैसला, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में बढ़ी सुविधा

रायपुर. रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का फैसला किया है। इससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 21 से 24 मई तथा 26 से 29 मई 2026 तक अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाया जाएगा। वहीं गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 23 से 26 मई और 28 से 31 मई 2026 तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को मिलेगी राहत रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त कोच जुड़ने से अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी और यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। गर्मी के मौसम और छुट्टियों के चलते ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

गर्मी में बच्चों की सेहत का ख्याल: डाइट में शामिल करें ये ठंडक देने वाले फूड्स

 गर्मियों में तापमान बढ़ते ही बच्चों और बुजुर्गों के लिए की सेहत का बहुत ख्याल रखना पड़ता है. जैसे-जैसे सूरत की किरणें आग बरसाना शुरू करती हैं, वैसे-वैसे ही इसका असर बच्चों पर देखने को मिलने लगता है. तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं की वजह से बच्चे जल्दी थकने लगते हैं, चिड़चिड़े हो जाते हैं और कई बार उनके शरीर में पानी की कमी भी होने लगती है. बाहर खेलते-कूदते समय उनका शरीर बहुत जल्दी ही डिहाइड्रेट होता है, इसलिए इस मौसम में उनकी डाइट सही होना बेहद जरूरी है. ऐसे में माता-पिता की सबसे बड़ी टेंशन ये होती है कि आखिर बच्चों को क्या खिलाया जाए. अगर आप भी प्रचंड गर्मी में बच्चों के लिए ऐसा डाइट चार्ट ढूंढ रहे हैं, जो उन्हें एनर्जी दे, उनके शरीर को ठंड रखे और उनके शरीर में पानी की बिल्कुल भी कमी न होने दे तो ये खबर आपके लिए है. आज हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो गर्मियों में बच्चों की डाइट में शामिल करना हर माता-पिता के लिए जरूरी है. तरबूज: लिस्ट में सबसे पहला नाम तरबूज का आता है. इसमें पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इसलिए ये शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. इसे खाने से बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होती और उन्हें ताजगी महसूस होती है. साथ ही इसमें विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं. खीरा: खीरा भी गर्मियों में खाना बहुत अच्छा माना जाता है. ये न केवल बड़ों के लिए बल्कि बच्चों के लिए भी हेल्दी होता है. इसमें लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है जो बॉडी को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. इसे सलाद या हल्के नमक के साथ स्नैक की तरह उनकी डाइट में शामिल किया जा सकता है. दही चावल: आप बच्चों की डाइट में दही और चावल भी शामिल कर सकते हैं. दही और चावल का कॉम्बिनेशन तपती गर्मी में काफी राहत देता है. ये पेट को ठंडा रखता है और पाचन भी बेहतर बनाता है. बच्चों को ये खाने में टेस्टी भी लगता है और उनके पेट के लिए हल्वा भी रहता है. नारियल पानी: गर्मी में बच्चे जब खेलते हैं तो उनके शरीर से खूब पसीने बहते हैं, जिसकी वजह से जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं और वो डिहाइड्रेटेड महसूस करते हैं. नारियल पानी इनकी कमी पूरी करने में मदद करता है. इसमें नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो बच्चों को एक्टिव बनाए रखते हैं और पानी की कमी भी पूरी करते हैं. छाछ: छाछ पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और खाना भी आसानी से पचता है. इसमें कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बच्चों की हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं. नींबू पानी: आप अपने बच्चों को नींबू पानी भी दे सकते हैं. नींबू पानी बनाकर रख लें और जब भी वो बाहर से खेलकर या स्कूल से वापस आएं तो उन्हें पिला दें. गर्मी में बच्चों के लिए शानदार ड्रिंक है. इसमें विटामिन सी होता है जो शरीर को तरोताजा रखने में मदद करता है. इसे हल्का मीठा बनाकर बच्चों को आसानी से दिया जा सकता है. गुलकंद: गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद शरीर की गर्मी कम करने में मदद करता है. इसे दूध में मिलाकर बच्चों को दिया जा सकता है. ये पेट को भी आराम पहुंचाता है. बेल का शरबत: बेल का फल शरीर को ठंडक देने के लिए जाना जाता है. इसका शरबत बच्चों को गर्मी और लू से बचाने में मदद कर सकता है. साथ ही ये पेट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. टमाटर: लिस्ट में आखिरी नाम टमाटर का है. इसमें विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसे सलाद के रूप में बच्चों की डाइट में शामिल किया जा सकता है. ये शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है.

खजुराहो 47.4°C पर पहुंचा, मोबाइल पर इमरजेंसी हीटवेव अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रदेश के कई शहर भट्‌ठी की तरह तप रहे हैं और सूरज की तेज तपिश ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे ज्यादा गर्मी बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल इलाके में दर्ज की गई। खजुराहो बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर खजुराहो में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन ही नहीं, बल्कि मई महीने का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान माना जा रहा है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर भी रहा। देश में सिर्फ बांदा इससे ज्यादा गर्म रहा, जहां 48.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। राजधानी भोपाल में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। यहां तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि इंसानों के साथ अब जानवर भी गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस में कूलर, पर्दे और ग्रीन नेट लगाए गए हैं, जबकि बाड़ों में लगातार पानी भरा जा रहा है। वहीं भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिलों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेजकर धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। भोपाल में भीषण गर्मी का असर अब जानवरों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर का तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। गुरुवार सुबह से ही तेज गर्मी का दौर रहा और सुबह 11:30 बजे तक पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसे में वन विहार नेशनल पार्क ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। वन विहार में शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस की खिड़कियों पर पर्दे और ग्रीन नेट लगाई गई है, ताकि धूप और गर्म हवा का असर कम हो। बाड़ों में पानी की होद लगातार भरी जा रही है, जहां टाइगर पानी में अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि हाउस में कूलर लगाए गए हैं। जानवरों को साल्ट लिक्स और मिनरल मिक्चर भी दिया जा रहा है। वहीं हिरण, सांभर और अन्य खुले में घूमने वाले जानवरों के लिए हरा चारा और पर्याप्त पानी की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिले में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया है। ज्यादातर लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश पहुंचा, जिसमें धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई। चेतावनी- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें प्रदेश में पिछले 2 दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में मौसम विभाग ने दोपहर में घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे तक ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। किन शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी? खजुराहो – 47.4°C नौगांव – 46.6°C दमोह – 46°C मंडला – 45.6°C सतना – 45.3°C मुरैना – 45°C इन शहरों में पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा रीवा सागर दतिया टीकमगढ़ रायसेन नरसिंहपुर उमरिया  बड़े शहरों का हाल जबलपुर – 44.9°C ग्वालियर – 44.3°C भोपाल – 42.6°C उज्जैन – 42°C इंदौर – 41.1°C

11 हजार से ज्यादा बच्चों को मनचाहे स्कूल में मिला मुफ्त दाखिला, ऑनलाइन लॉटरी पूरी

11 हजार से अधिक बच्चों को मिला मनचाहे विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया संपन्न भोपाल  शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी की प्रकिया बुधवार को संपन्न हो गई। इसमें 11 हजार 485 बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश मिला। इस लॉटरी प्रक्रिया में उन बच्‍चों को शामिल किया गया था, जिन्‍हें प्रथम चरण की लॉटरी में उनकी पसंद के स्‍कूल आवंटित नहीं हो सके थे। ऐसे बच्‍चों को निजी विद्यालयों की रिक्‍त सीटों के अनुरूप द्वितीय चरण की लॉटरी के लिए अपनी वरीयता अंकित करते हुए आवेदन करने का एक और अवसर प्रदान किया गया था। द्वितीय चरण की लॉटरी में बच्‍चों को उनकी चुनी गई वरीयता के आधार पर निजी विद्यालयों में सीट का आवंटन  20 मई को ऑनलाइन लॉटरी की स्वचालित कंप्यूटर प्रक्रिया द्वारा किया गया। संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह द्वारा द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया गया। नर्सरी कक्षा में 7 हजार 599, केजी 1 में 2 हजार 747 और कक्षा 1 में 1 हजार 139 बच्‍चों का दाखिला हुआ। इस अवसर पर संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पसंद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्‍होंने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रानिक्‍स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन टीम की प्रशंसा भी की। इस वर्ष आरटीई के तहत लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत 1 लाख 80 हजार 875 बच्चे पात्र चयनित हुए थे, जिनमें से 1 लाख 6 हजार से अधिक बच्‍चों को शाला आवंटन प्राप्‍त हुआ था। इसके उपरांत 97 हजार 052 बच्‍चों के द्वारा चयनित स्‍कूलों में प्रवेश लिया जा चुका है। आज आयोजित हुई द्वितीय चरण की लॉटरी में 11 हजार 485 और बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में प्रवेश आवंटन प्राप्‍त हुआ है। इस प्रकार इस वर्ष सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश आवंटन प्राप्‍त करने वाले विद्यार्थियों की संख्‍या 1 लाख 17 हजार 400 से अधिक हो गई है। पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं आवंटन पत्र द्वितीय चरण की लॉटरी में जिन बच्‍चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश प्राप्‍त हुआ है, उनके अभिभावक आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर जाकर आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।ऑनलाइन लॉटरी में जिनके स्कूलों का आवंटन हुआ है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस माध्‍यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे उन्‍हें आवंटित स्कूलों में 20 मई से 10 जून, 2026 तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इस अवसर पर राज्‍य शिक्षा केंद्र की आरटीई नियंत्रक सुकिरण कुशवाह, प्रशासक डॉ. राकेश दुबे और तकनीकी सहयोगी विभाग मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि नितीन तुरकर, राम यादव सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। 

अंडा, चिकन या मटन: किसका प्रोटीन सबसे जल्दी पचता है? जानें सही जवाब

नॉन-वेजिटेरियन लोग प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए अपनी डाइट में अंडा, चिकन या मटन को शामिल करते हैं. कई लोग दिन भर में 10-20 अंडे, 500-800 ग्राम चिकन मटन खा लेते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन तीनों में से कौन सा प्रोटीन आपका पेट सबसे जल्दी और आसानी से पचा पाता है? दरअसल, डाइजेशन के मामले में हर प्रोटीन का असर शरीर पर अलग होता है लेकिन अक्सर लोग ज्यादा प्रोटीन के चक्कर में ऐसा फूड चुन लेते हैं जिसे पचाने में पेट को भारी मेहनत करनी पड़ती है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि इन तीनों में से कौन सा प्रोटीन सोर्स सबसे जल्दी पचता है. अंडे के प्रोटीन को समझें हेल्थलाइन के मुताबिक, जब बात सबसे जल्दी और पूरी तरह से पचने वाले प्रोटीन की आती है तो अंडा इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोटीन डाइजेस्टिबिलिटी स्कोर में अंडे को 1.0 रेटिंग मिली है जो सबसे बेस्ट मानी जाती है. इसका मतलब है कि अंडे का प्रोटीन खाने के बाद शरीर इसे बहुत तेजी से और आसानी से तोड़कर अवशोषित कर लेता है. 1 पूरे अंडे को पचने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है. चिकन ब्रेस्ट अंडे के बाद चिकन तेजी से डाइजेस्ट होता है. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चिकन ब्रेस्ट में फैट की मात्रा बहुत कम यानी न के बराबर होती है. लीन मीट होने की वजह से पेट को इसे ब्रेकडाउन करने में अधिक समय नहीं लगता. मटन की तुलना में चिकन काफी हल्का होता है और इसका प्रोटीन डाइजेस्टिबिलिटी स्कोर भी लगभग 1.0 के करीब होता है. यदि आपका डाइजेशन थोड़ा कमजोर भी है तो भी उबला या ग्रिल्ड चिकन पेट पर भारी नहीं पड़ता. चिकन को पूरी तरह पचने में 2.5 से 3.5 घंटे का समय लगता है. मटन पचने में लगती है देरी मटन यानी रेड मीट प्रोटीन का एक बहुत ही रिच सोर्स है लेकिन इसे पचाना सबसे मुश्किल काम है. डाइजेशन टाइमलाइन रिपोर्ट बताती है कि हाई-फैट और कॉम्प्लेक्स मॉलिक्यूल्स वाले रेड मीट जैसे मटन को पूरी तरह पचने में काफी लंबा समय लगता है. मटन में सैचुरेटेड फैट और डेंस मसल्स फाइबर्स होते हैं, जिन्हें तोड़ने के लिए पेट के एसिड और एंजाइम्स को कई घंटों तक लगातार काम करना पड़ता है. इसलिए रात के समय मटन खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. मटन या रेड मीट को पचने में 4 से 6 घंटे या उससे अधिक का समय लग सकता है.

CM रेखा गुप्ता समेत मंत्री घर से कर रहे काम, सचिवालय में पसरा सन्नाटा

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को वर्क फ्रॉम होम पर रहे। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारी ही दिल्ली सचिवालय में नजर आए। सचिवालय में सन्नाटा पसरा हुआ था। सीएम रेखा गुप्ता बुधवार को खुद वर्क फ्रॉम होम पर रहीं। सिविल लाइंस स्थित जनसेवा सदन के अपने आवास से ही उन्होंने हाइब्रिड मॉडल में बैठकें की। ईंधन बचाने के मकसद से दिल्ली सरकार ने सप्ताह में दो दिन बुधवार व शनिवार को वर्क फ्रॉम होम रखा है। हालांकि इससे जरूरी सेवा से जुड़े कर्मचारियों को बाहर रखा गया है '2 दिन WFH रखें उद्योगपति' सीआईआई दिल्ली स्टेट काउंसिल की बैठक में दिल्ली के पर्यटन, स्किल डिवेलपमेंट, इवेट इंडस्ट्री और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न नीति विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी चिंताओं और सुझावों को रखा। इस दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन और आयोजन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए। कपिल मिश्रा ने करते हुए उद्योग जगत से सप्ताह में दो या तीन दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की अपील की। सिविल लाइंस स्थित आवास से CM ने हाइब्रिड मॉडल में बैठकें की दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि बुधवार को वर्क फ्रॉम होने के कारण सीएम और मंत्री ने घर से ही काम किया। सीएम ने व्यय-वित्त समिति की बैठक की, जिसमें ज्यादातर अधिकारी घर से ऑनलाइन शामिल हुए। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को अपने घर से ऑनलाइन बैठकें कीं। सीएम रेखा गुप्ता ने सरकार के अलावा निजी कंपनियों से भी सप्ताह में एक से दो दिन वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की है।