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सऊदी ग्रैंड प्रिक्स में छत्तीसगढ़ के अनिमेष का कमाल, दो पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान

रायपुर. छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजुर ने सऊदी अरब में आयोजित सऊदी ग्रैंड प्रिक्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए हैं। अनिमेष ने 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया, जबकि 100 मीटर स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक हासिल किया। अनिमेष कुजुर इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं। वे वर्तमान में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं। उनकी इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और एथलेटिक्स से जुड़े लोगों ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है। खेल पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों ने दी बधाई सऊदी ग्रैंड प्रिक्स में शानदार प्रदर्शन के बाद एथलेटिक्स संघ से जुड़े पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने अनिमेष कुजुर को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक धन और समृद्धि बढ़ाने के 5 वास्तु उपाय

 नौतपा यानी साल के वो 9 दिन जब सूरज देवता अपने सबसे कड़े रूप में होते हैं, जिससे सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, तब नौतपा शुरू होता है. साल 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो रही है और इसका समापन 2 जून को होगा. वास्तु शास्त्र कहता है कि इन 9 दिनों में भारी गर्मी के कारण घर में अग्नि तत्व बहुत बढ़ जाता है, जिससे धन का प्रवाह रुक सकता है , इससे आर्थिक नुकसान होने का खतरा भी बढ़ता है. अगर हम इस दौरान पैसों और समृद्धि से जुड़े वास्तु के कुछ छोटे उपाय कर लें, तो घर में सालभर धन-दौलत की कमी नहीं होगी. आइए जानते हैं वो 5 चमत्कारी उपाय: 1. उत्तर दिशा में मटका गर्मियों में मटके का पानी पीना सेहत के लिए तो अच्छा है ही, लेकिन यह आपकी तिजोरी को भरने का भी सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है. धन लाभ: उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है. इस दिशा में भरा हुआ मटका रखने से कुबेर देव प्रसन्न होते हैं, जिससे पैसों की तंगी तुरंत कम हो सकती है, आय के नए स्रोत बनते हैं. ध्यान रहे, मटका कभी खाली न रहने दें, क्योंकि खाली मटका आर्थिक नुकसान का प्रतीक है. 2. मुख्य द्वार पर जल नौतपा के दिनों में सुबह उठते ही घर के मेन गेट (मुख्य द्वार) की सफाई करके वहां तांबे के लोटे से थोड़ा सा पानी छिड़कें. धन लाभ: बाहर की भारी गर्मी के साथ जो कंगाली और नकारात्मक ऊर्जा घर की तरफ आती है, पानी छिड़कने से वह वहीं शांत हो जाती है.  वास्तु के अनुसार, साफ-सुथरे और जल से सिंचित मुख्य द्वार से ही मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं, जिससे धन का आगमन होता है. 3. पक्षियों के लिए पानी इस झुलसाने वाली गर्मी में बेजुबान पक्षियों और जानवरों को पानी पिलाना पुण्य के साथ-साथ आपके करियर और बिजनेस के लिए भी फायदेमंद है. क्या करें: अपनी छत या बालकनी के उत्तर-पूर्व कोने में मिट्टी के बर्तन में साफ पानी और दाना रखें. धन लाभ: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, पक्षियों की प्यास बुझाने से कुंडली के वो ग्रह (जैसे राहु-केतु और शनि) शांत होते हैं जो धन लाभ में रुकावट डालते हैं.  इससे फंसा हुआ पैसा वापस मिलता है और व्यापार में आ रही मंदी दूर होती है. 4. हल्के रंगों का इस्तेमाल रोकेगा फिजूलखर्ची नौतपा के दौरान घर की अंदरूनी सजावट का सीधा असर आपकी मानसिक शांति और आर्थिक फैसलों पर पड़ता है. क्या करें: बेडरूम या लिविंग रूम में गहरे रंग के पर्दों या चादरों की जगह हल्के रंगों (जैसे- सफेद, क्रीम, हल्का नीला या लाइट ग्रीन) का इस्तेमाल करें. धन लाभ: गहरे रंग गर्मी और तनाव बढ़ाते हैं,  हल्के रंग घर के माहौल को शांत रखते हैं. 5. हरे-भरे पौधे घर के अंदर सही पौधों का चुनाव आपके बैंक बैलेंस को बढ़ा सकता है. क्या करें: घर के अंदर मनी प्लांट, एलोवेरा या स्नेक प्लांट जैसे इनडोर पौधे जरूर रखें. धन लाभ: वास्तु में मनी प्लांट और इनडोर पौधों को बुध ग्रह और धन से जोड़कर देखा जाता है.  नौतपा की गर्म हवाओं के बीच ये पौधे घर में पॉजिटिव एनर्जी और ऑक्सीजन का लेवल बनाए रखते हैं. जितना ज्यादा ये पौधे हरे-भरे रहेंगे, घर में पैसों का प्रवाह (Cash Flow) उतना ही तेज होगा. पैसों की तंगी दूर करने की सबसे जरूरी बात: नौतपा के इन 9 दिनों में घर के उत्तर-पूर्व कोने (ईशान कोण) को हमेशा साफ-सुथरा रखें.  वहां कोई भी कबाड़, टूटे-फूटे बर्तन या भारी सामान भूलकर भी न रखें.  इस दिशा को साफ रखने से धन और समृद्धि की सकारात्मक ऊर्जा बिना किसी रुकावट के आपके घर में प्रवेश कर पाती है.

डिवाइडर का होगा कलात्मक विकास, लगाई जाएंगी थिमेटिक प्रतिमाएं

नई आभा से निखरेंगे गोरखपुर के मुख्य मार्ग, होगा सौंदर्यीकरण डिवाइडर का होगा कलात्मक विकास, लगाई जाएंगी थिमेटिक प्रतिमाएं कहीं वाद्य यंत्र, राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह तो कहीं योग की मुद्राओं की तर्ज पर संवारे जाएंगे डिवाइडर सैलानियों के मन में रच-बस जाएगी विकसित गोरखपुर की सुंदर छवि गोरखपुर  स्मार्ट सिटी गोरखपुर में सड़कों को चौड़ा करने के बाद योगी सरकार उनके सौंदर्य को निखारने की पहल कर रही है। गोरखपुर के मुख्य मार्ग अब नई आभा से निखर उठेंगे। इसके लिए मुख्य मार्गों के डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं की स्थापना कर उनका कलात्मक विकास किया जाएगा। इस नए प्रोजेक्ट का उद्देश्य राहगीरों और सैलानियों के मन में गोरखपुर की छवि को अविस्मरणीय बनाना है। मुख्य मार्गों के डिवाइडर के कलात्मक विकास की परियोजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर मूर्त रूप दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किया जा चुका है और नगर निगम बोर्ड में इस संबंध में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब काम शुरू होने जा रहा है। एक माह में परियोजना आकार लेने लगेगी। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि गोरखपुर के मार्गों पर बने डिवाइडर का सौंदर्य अब केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा। अब उन्हें कलात्मक और सांस्कृतिक पहचान भी मिलेगी। डिवाइडर को थिमेटिक सांस्कृतिक रूप देने के लिए कहीं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह और वाद्य यंत्रों की आकृतियां दिखाई देंगी तो कहीं योग मुद्राओं की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इसके जरिये गोरखपुर शहर को आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति तथा परंपरा से जोड़ा जाएगा। महापौर का मानना है कि आने वाले समय में गोरखपुर की सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं बल्कि कला, संस्कृति और आधुनिक विकास का प्रतीक बनकर लोगों को आकर्षित करेंगी। परियोजना के अंतर्गत प्रमुख चौराहों व मार्गों पर थिमेटिक प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रतिमाओं में संगीत, योग, अध्यात्म और भारतीय जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी। इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में विकसित और व्यवस्थित गोरखपुर की सकारात्मक छवि भी बनेगी। सड़क किनारे आकर्षक लाइटिंग पहले से है। अब डिवाइडर पर हरियाली के बीच कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से शहर को नया रूप दिया जाएगा। नगर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख यातायात मार्गों को विशेष रूप से चिन्हित कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा ताकि शहर में प्रवेश करते ही लोगों को आधुनिक और स्वच्छ गोरखपुर का अनुभव हो।  प्रमुख मार्गों के डिवाइडर का थिमेटिक विकास करने के लिए चयनित संस्था इंडियन आर्ट एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कृष्ण मोहन बताते हैं कि काम शुरू करने से पहले विभिन्न विभागों की तरफ से जरूरी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) हासिल कर लिया गया है और एक माह में काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं के साथ ही उसके आसपास बड़े पैमाने पर फूलों के पौधों को लगाकर खूबसूरती को और बढ़ाया जाएगा। संस्था परियोजना कार्य का कुल मिलाकर 30 वर्ष तक अनुरक्षण कार्य भी करेगी।  प्रथम चरण की कार्ययोजना -पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग के डिवाइडर पर वाद्य यंत्रों की थीम की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। -असुरन चौराहा से लेकर गुलरिहा तक अध्यात्म और योग मुद्राओं की थीम वाली प्रतिमाओं को लगाया जाएगा।  -यातायात तिराहा से बरगदवा तक के डिवाइडर पर अध्यात्म थीम पर प्रतिमाओं से सजाया जाएगा।  -देवरिया बाईपास मार्ग (चिड़ियाघर मुख्य मार्ग) के डिवाइडर को एनिमल थीम पर विकसित किया जाएगा।

नेशनल हाईवे के अवैध ढाबों-होटलों पर सख्त कार्रवाई, सरकार का बड़ा फैसला

पटना पूरे बिहार में अब प्रशासन का पंजा एक बार फिर चलने वाला है। इस बार सरकार ने नेशनल हाइवे के किनारे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने का फैसला ले लिया है। जिसके बाद अब आने वाले दिनों में राज्य में एनएच किनारे बुलडोजर गरजते नजर आएंगे। सरकार के फैसले के तहत एनएच किनारे (राइट ऑफ वे) अनधिकृत ढाबा, होटल एवं अन्य व्यावसायिक संरचनाएं हटाए जाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 20 दिनों के अंदर अवैध ढाबे और संरचना हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स की ओर से इन अवैध संरचनाओं को हटाया जाएगा। इसके साथ ही एनएच के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल अथवा व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। किसी भी नई संरचना के निर्माण से पूर्व संबंधित विभाग- एनएचएआई, एनएच अथवा पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक में यह निर्णय लिया। मुख्य सचिव ने एनएच किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध संरचनाओं को हटाने के साथ अवैध पार्किंग को लेकर भी राज्यभर में व्यापक अभियान चलेगा। बैठक में संबंधित विभागों यथा परिवहन विभाग, पथ निर्माण, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय के पदाधिकारी शामिल हुए। गौर हो कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी एवं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय उच्च पथों पर अतिक्रमण एवं अनधिकृत पार्किंग के कारण हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी किये थे। इसी के अनुपालन मेंकार्रवाई की जा रही है। वाहनों की पार्किंग निर्धारित जगह पर ही बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अब वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित जगह पर ही की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। होटल-प्रतिष्ठानों को अपना पहुंच पथ बनाना होगा वैसे ढाबा, होटल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिनका प्रवेश सीधे राष्ट्रीय उच्च पथ से है, उन्हें स्वयं वैकल्पिक पहुंच पथ का निर्माण करते हुए प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा संबंधित अधिनियम कंट्रोल ऑफ नेशनल हाइवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पथ निर्माण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर, किन्तु हाइवे सेफ्टी जोन (आवासीय क्षेत्र हेतु 40 मीटर एवं व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 75 मीटर) के भीतर स्थित संरचनाओं को भी संबंधित विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

स्वतंत्र देव सिंह बोले- पहले भर्तियों में होती थी लूट, ‘चाचा-भतीजा’ करते थे खेल

जब-जब भर्तियां निकलती थीं 'चाचा-भतीजा' लूटने के लिए झोला लेकर निकल पड़ते थे : स्वतंत्र देव सिंह – सपा सरकार में हुई नियुक्तियों और भर्तियों की योगी सरकार के मंत्रियों ने खोली पोल  – कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अखिलेश पर साधा निशाना  – 2004-07 पुलिस भर्ती घोटाले पर योगी सरकार के मंत्रियों ने सपा को घेरा – सपा सरकार में भर्ती मतलब सेटिंग और वसूली : स्वतंत्र देव सिंह  – योगी सरकार में पारदर्शी ढंग से हुईं 9 लाख भर्तियां : स्वतंत्र देव सिंह – सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट जनता के पास है : असीम अरुण – यूपीपीएससी में एक जाति विशेष को फायदा पहुंचाया गया : असीम अरुण – योगी सरकार में नकल माफिया की कमर तोड़ दी गई, इसीलिए बौखलाए हैं अखिलेश : असीम अरुण  लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, जातिवाद और पैसे के खेल का अड्डा बन चुकी थी। दोनों मंत्रियों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था स्थापित कर युवाओं का भरोसा लौटाया है, जबकि सपा शासन में नौकरी निकलते ही 'चाचा-भतीजा वसूली तंत्र' सक्रिय हो जाता था। भर्ती निकलते ही झोला लेकर निकल जाते थे चाचा-भतीजा जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जब-जब नियुक्तियों और रोजगार के विज्ञापन निकलते थे, तब-तब चाचा-भतीजा लूट के लिए झोला लेकर निकल जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर भर्ती तक हर जगह खुला रेट चलता था और बिना पैसे व सिफारिश के कोई काम नहीं होता था। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में लगभग 9 लाख सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई हैं। समाज के सभी वर्गों के युवाओं को अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आज हर गांव में 4-5 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। न जातिवाद चला, न क्षेत्रवाद। केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ।  दलितों और शोषितों को दबाने का काम करती थी सपा सरकार स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि सपा शासन में दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों को व्यवस्थित रूप से दबाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लूट-खसोट उस सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुके थे। सपा सरकार में हर काम में भ्रष्टाचार था। जनता सब देख चुकी है और समझ चुकी है। 2004-07 की भर्ती घोटाले की ऑडिट रिपोर्ट जनता के सामने है समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने भी अखिलेश यादव की कथित 'पीडीए ऑडिट रिपोर्ट' पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता के पास सपा सरकार की असली 'ऑडिट रिपोर्ट' पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि 2004 से 2007 के बीच मुलायम सिंह यादव सरकार में पुलिस भर्ती घोटाला हुआ था, जिसमें व्यापक धांधली के आरोप लगे। असीम अरुण ने कहा कि मायावती सरकार बनने के बाद 50 से अधिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। बाद में सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दाखिल की। उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने 2007 में पुलिस भर्ती की पारदर्शी व्यवस्था लागू की थी, लेकिन 2012 में अखिलेश सरकार ने उसे खत्म कर 10वीं और 12वीं के नंबर के आधार पर भर्ती शुरू कर दी, जिससे पक्षपात और धांधली के आरोप फिर बढ़े। योगी सरकार ने बिना सिफारिश सवा दो लाख पुलिस भर्ती की असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार ने पहली बार ऐसी भर्ती व्यवस्था दी, जिसमें बिना सिफारिश और बिना पैसे के केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग सवा दो लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से कराई गई है और कुल मिलाकर लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आज नकल माफिया की कमर टूट चुकी है। परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है। इसी वजह से अखिलेश यादव बौखलाए हुए हैं। यूपीपीएससी में एक जाति विशेष की भर्तियां हुईं असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान यूपीपीएससी में हुई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने अनिल यादव को यूपीपीएससी का चेयरमैन बनाया, जिसकी नियुक्ति को हाईकोर्ट ने बाद में रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में एक जाति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रभावित की गई। सामान्य वर्ग की सीटों पर भी एक ही जाति के लोगों की भर्ती कराई गई। यही सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट है। राहुल गांधी राजनीतिक पर्यटक बन चुके हैं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए असीम अरुण ने कहा कि कांग्रेस नेता अमेठी और रायबरेली में 'राजनीतिक पर्यटक' की तरह आते हैं और हर बार विवाद पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है और यह दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी ऊल-जुलूल बयान देकर सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जनता सब जानती है दोनों मंत्रियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा शासन और योगी सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से देख चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जहां पहले भर्ती प्रक्रिया जातिवाद और भ्रष्टाचार से प्रभावित रहती थी, वहीं अब पारदर्शिता, तकनीक और मेरिट के आधार पर चयन हो रहा है।

रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना: पहले चरण में 45 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने चुनावी वादे को अमलीजामा पहनाने के लिए 'रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना' के तहत छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले चरण में 45 हजार छात्राओं को स्कूटी मिल सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए पात्रता और मेरिट तय करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। सीएम योगी की अधिकारियों को फटकार, जल्द नियम तय करने के निर्देश उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूटी वितरण को लेकर अब तक तैयार की गई पात्रता, नियमों और रूपरेखा के बारे में पूछा, तो अधिकारियों ने बताया कि इस पर अभी अंतिम नियम और ड्राफ्ट तैयार नहीं हो सका है। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि बिना किसी देरी के जल्द से जल्द गाइडलाइंस और पात्रता के नियम निर्धारित किए जाएं, ताकि योजना के अगले चरण का काम शुरू हो सके। सीएम ने साफ कहा कि प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर मेधावी छात्राओं को जल्द से जल्द स्कूटी का वितरण सुनिश्चित किया जाए पहले चरण के लिए 400 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग मुफ्त स्कूटी वितरण के लिए मेरिट का पैमाना तय करने में जुट गया है। विभाग इस बात पर मंथन कर रहा है कि छात्राओं का चयन स्नातक (UG) व स्नातकोत्तर (PG) कक्षाओं में प्रथम वर्ष के अंकों के आधार पर किया जाए या फिर अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणामों को आधार बनाया जाए। आपको बता दें कि राज्य सरकार ने इस योजना के लिए पहले ही ₹400 करोड़ का भारी-भरकम बजट स्वीकृत कर रखा है। शिक्षा विभाग के आकलन के अनुसार, इस बजट के जरिए पहले चरण में प्रदेश की लगभग 45,000 सबसे मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जा सकती है। हालांकि, लाभार्थियों की अंतिम संख्या पर आखिरी मुहर शासन स्तर से ही लगाई जाएगी 9 लाख छात्राओं में से होगा मेधावियों का चयन मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर पर करीब 9 लाख छात्राएं नामांकित हैं। इन सभी छात्राओं में से कड़ी स्क्रीनिंग और मेरिट लिस्ट के जरिए ही भाग्यशाली मेधावियों का चुनाव किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, बल्कि कॉलेज आने-जाने में उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना भी है। शासन से हरी झंडी मिलते ही विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन और कॉलेजों के जरिए डेटा जुटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा

2 जून 2026 को बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर, जानें किस पर पड़ेगा असर

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जिसमें देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन सबसे अधिक प्रभावशाली और व्यापक माना जाता है. ग्रहों के गुरु माने जाने वाले बृहस्पति 2 जून 2026 को एक प्रमुख गोचर करने जा रहे हैं. इस दिन गुरु अपनी वर्तमान स्थिति को त्यागकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, कर्क राशि बृहस्पति की 'उच्च' राशि है, जिसका अर्थ है कि इस गोचर के दौरान गुरु अपने सबसे शक्तिशाली और शुभ प्रभाव में रहेंगे. बृहस्पति को ज्ञान, धन, संतान, और भाग्य का कारक माना जाता है, इसलिए उनके इस राशि परिवर्तन से पूरी दुनिया के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ना तय है. किसी के लिए यह गोचर करियर में नई ऊंचाइयां लेकर आएगा, तो किसी के लिए यह समय आत्म-चिंतन और सावधानी बरतने का होगा. क्या यह गोचर आपके लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलेगा या आपको आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा? आइए जानते हैं कि कर्क राशि में गुरु का यह विशेष गोचर किन राशियों के लिए बहुत बुरा माना जा रहा है. मेष (Aries) गुरु का यह गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा. पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. घर के रखरखाव या माता के स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर भी बदलाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखें. मिथुन (Gemini) बृहस्पति आपकी राशि से निकलकर दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे. आर्थिक रूप से आपको सावधान रहना होगा. धन संचय में दिक्कतें आ सकती हैं. परिवार में वाणी के कारण मतभेद होने की संभावना है. फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं. तुला (Libra) गुरु का गोचर आपके दसवें भाव में होगा. करियर और कार्यक्षेत्र में अचानक कोई बड़ा बदलाव या तनाव देखने को मिल सकता है. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें. कार्य में किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें. कुंभ (Aquarius) आपके छठे भाव में गुरु का गोचर स्वास्थ्य और शत्रुओं से जुड़ी समस्याएं खड़ी कर सकता है. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. कानूनी मामलों में सावधानी बरतें. स्वास्थ्य के प्रति जरा भी लापरवाही न बरतें.

नकली दूध-पनीर पर पंजाब सरकार का शिकंजा, जांच में बड़ी गड़बड़ी उजागर

चंडीगढ़. पंजाब में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सरकार ने अब पनीर पर बड़ा अभियान शुरू किया है। दूध की जांच के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) पंजाब ने पूरे राज्य में दो दिन का विशेष पनीर सैंपलिंग अभियान चलाकर 211 नमूने एकत्र किए हैं। ये नमूने स्थानीय डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के खुदरा बिक्री केंद्रों से लिए गए। सभी नमूनों को राज्य की मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां मिलावट, अशुद्धता और गुणवत्ता मानकों के आधार पर जांच की जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. बलबीर सिंह ने बुधवार को बताया कि पंजाब सरकार खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार सख्ती बरत रही है। इसी कड़ी में सोमवार और मंगलवार को पूरे राज्य में पनीर सैंपलिंग अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि अगर कोई फूड बिजनेस आपरेटर तय मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पनीर अभियान से पहले 6 और 7 मई को राज्यभर में दूध सैंपलिंग अभियान चलाया गया था। उस दौरान 204 दूध के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में इनमें से 68 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि एक नमूना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। इस खुलासे के बाद विभाग ने डेयरी उत्पादों की निगरानी और सख्त कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना है। एफडीए पंजाब की कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी केवल सैंपल लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेयरी संचालकों को स्वच्छता, भंडारण और सुरक्षित हैंडलिंग के नियमों के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।

योगी सरकार ने पेंशन राशि 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की

कुष्ठावस्था पेंशन योजना बनी सहारा, हजारों दिव्यांगजनों को मिल रहा सम्मान और संबल योगी सरकार ने पेंशन राशि 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की   नौ वर्षों में लाभार्थियों की संख्या 4765 से बढ़कर 13667 पहुंची पीएफएमएस एवं ई-पेमेंट प्रणाली से सीधे खातों में पहुंच रही पेंशन राशि लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत एवं सुरक्षा पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कुष्ठावस्था पेंशन योजना कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक एवं सामाजिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। वर्तमान में प्रदेश के 13 हजार से अधिक लाभार्थियों को इस योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 3000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह योजना ऐसे व्यक्तियों के लिए है जो कुष्ठरोग के शिकार होने के बाद दिव्यांग भी हो जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को मिल रही सहायता दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत ऐसे सभी पात्र दिव्यांगजन लाभान्वित किए जाते हैं, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं है तथा जो किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर रहे हैं।  योगी सरकार ने सहायता राशि 2500 से बढ़ाकर 3000 रुपये की योजना के प्रारंभ में लाभार्थियों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती थी, जिसे साल 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच और गरीब कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के दृष्टिगत बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया था। इससे लाभार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में जहां 4765 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा था, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 13667 हो गई है। सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जा रही योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर किया जाता है। इस योजना के तहत ऐसे व्यक्तियों को पात्र माना जाता है जिनमें कुष्ठरोग का शिकार होने के कारण दिव्यांगता आ जाती है। विशेष बात यह है कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के लिए दिव्यांगता प्रतिशत की कोई अनिवार्यता निर्धारित नहीं है। पात्र लाभार्थियों को पेंशन की धनराशि पीएफएमएस प्रणाली एवं कोषागार की ई-पेमेंट व्यवस्था के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी बनी हुई है। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं आवेदक प्रदेश सरकार द्वारा आवेदन प्रक्रिया को भी पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। पात्र आवेदक sspy-up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को भी सुविधा प्राप्त हुई है तथा सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की समस्या में कमी आई है। पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा- उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि कुष्ठावस्था पेंशन योजना के माध्यम से कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पात्र व्यक्तियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

Prime Video की ‘Off Campus’ में मीका अब्दुल्ला की चर्चा, महिमा चौधरी से हो रही तुलना

प्राइम वीडियो की नई सीरीज 'ऑफ कैंपस' (Off Campus) लगातार चर्चा में बनी हुई है. 13 मई को इस शो का प्रीमियर हुआ था. तब से सोशल मीडिया पर इसने धमाल मचाया हुआ है. फैंस लगातार सीरीज को लेकर एडिट्स, क्लिप्स और रिएक्शन्स शेयर कर रहे हैं. 'ऑफ कैंपस' की लीड जोड़ी हैना वेल्स (Ella Bright) और गैरेट ग्राहम (Belmont Cameli) की जबरदस्त केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया है. मगर भारत में कोई और ही जनता का खूब ध्यान खींच रहा है. लेखिका एली केनेडी (Elle Kennedy) की बेस्ट सेलिंग बुक सीरीज पर बना 'ऑफ कैंपस' शो, कॉलेज में पढ़ने वाले हैना और गैरेट की लव स्टोरी है. इन दोनों को प्यार होता है और उनकी जिंदगी बदल जाती है. शो में यंग एक्टर्स एला ब्राइट और बेलमॉन्ट कमेली ने बढ़िया का किया है. लेकिन शो में एक और किरदार है, जिसने भारतीय दर्शकों को हैरान कर दिया है. वो है एली हेज का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस मीका अब्दुल्ला (Mika Abdalla). सीरीज में दिखीं महिमा चौधरी की बेटी? कई भारतीय दर्शकों ने सीरीज देखते हुए नोटिस किया है कि मीका अब्दुल्ला दिखने में काफी हद तक बॉलीवुड एक्ट्रेस महिमा चौधरी जैसी हैं. ऐसे में यूजर्स ने दोनों के लुक्स की तुलना शुरू कर दी. यंग महिमा चौधरी को याद किया जाने लगा. इसके अलावा कुछ यूजर्स ऐसे भी थे, जिन्हें मीका को देखकर महिमा की बेटी अरियाना चौधरी की याद आ गई. मीका अब्दुल्ला और अरियाना चौधरी की शक्ल भी बहुत मिलती-जुलती है. ऐसे में यूजर्स का कन्फ्यूज होना लाजिमी था. एक इंस्टाग्राम यूजर ने सीरीज में मीका अब्दुल्ला के डांस करते हुए वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'प्लॉट ट्विस्ट: महिमा चौधरी की असली बेटी ऑफ कैंपस में ही थी सबके सामने.' वीडियो में महिमा चौधरी के यंग दिनों की तस्वीरें भी शामिल थीं. वीडियो शेयर होने के तुरंत बाद कमेंट्स सेक्शन फैंस से भर गया. एक फैन ने लिखा, 'मुझे भी यही लगा था. वो बिल्कुल उनकी रेप्लिका हैं. वो साइड लुक…' दूसरे फैन ने लिखा, 'सही में भाई. मेरे दिमाग में सबसे पहले यही आया था.' तीसरे ने कहा, 'सच में ब्रो, वो महिमा चौधरी जैसी ही लगती हैं.' एक और यूजर ने लिखा, 'आखिरकार किसी ने ये बात कह ही दी. मेरा ख्याल भी बिल्कुल यही था.' एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, 'मुझे लगा मैं अकेली हूं जिसे लगा वो महिमा चौधरी जैसी दिखती है.' कौन है मीका अब्दुल्ला? 'ऑफ कैंपस' सीरीज में मीका अब्दुल्ला ने एली हेज (Allie Hayes) का रोल निभाया है. एली, शो की हीरोइन हैना वेल्स की क्लोज फ्रेंड और रूममेट हैं. इस अमेरिकी कॉलेज रोमांस ड्रामा में बेलमॉन्ट कमेली, स्टीफन कलिन, जेलन थॉमस ब्रुक्स संग अन्य ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं. लुईसा लेवी (Louisa Levy) का क्रिएट किया गया ये शो एक म्यूजिक स्टूडेंट और यूनिवर्सिटी के स्टार हॉकी प्लेयर के रोमांस की कहानी है, जो फिलहाल अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग हो रहा है.