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वैवाहिक प्रताड़ना का सनसनीखेज मामला, महिला बोली- पति पोर्न दिखाने के बाद करता था जबरदस्ती

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में एक महिला को ससुराल में ऐसी यातनाएं मिलीं, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं. महिला ने पति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, उसका कहना है कि पति उसे पोर्न दिखाता था. मारपीट करता था और अप्राकृतिक कृत्य करता था. पीड़िता ने महिला पुलिस स्टेशन में पति, सास और देवर के खिलाफ शिकायत की है।  ये पूरी कहानी शहर के शाहीबाग इलाके की है. पीड़ित महिला ने शिकायत में कहा है कि उसका पति उसे जबरन पोर्न फिल्में दिखाता था. विकृत तरीके से जबरन संबंध बनाता था. साथ ही, प्रेग्नेंसी के दौरान लात मारकर अबॉर्शन कराने का दबाव भी डालता था।  ससुराल वालों द्वारा लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना किया गया. जान से मारने की धमकी दी गई. इससे तंग आकर महिला अहमदाबाद महिला पुलिस स्टेशन में पहुंची और आपबीती सुनाई. महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  शिकायत के अनुसार, महिला की शादी साल 2011 में हुई थी, लेकिन शादी के 15 दिन बाद ही उसकी ससुराल में उसके साथ गलत व्यवहार शुरू हो गया. शादी के समय ससुराल वालों ने महिला से यह बात छिपाई थी कि पति की पहले भी शादी हो चुकी थी और उसका एक बच्चा भी है।  शादी के तुरंत बाद सास और देवर ने दहेज को लेकर ताने मारने शुरू कर दिए थे. महिला के प्रेग्नेंट होने के बावजूद उसे पर्याप्त आराम नहीं करने दिया गया. घर के भारी-भरकम काम कराए जाते थे. बेटी के जन्म के बाद भी पति का दुर्व्यवहार कम नहीं हुआ. पति अक्सर देर रात घर आता, पार्टियों में जाता और पत्नी की इच्छा के बिना उससे जबरन संबंध बनाता था।  अगर पत्नी बीमार होती, तो भी उसे उत्तेजना बढ़ाने वाली दवाएं देकर संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता और मना करने पर बुरी तरह पीटा जाता था. कुछ समय बाद जब पत्नी दोबारा प्रेग्नेंट हुई, तो पति ने अबॉर्शन कराने का दबाव डाला और धमकी दी कि अगर उसने बात नहीं मानी तो वह तलाक दे देगा।  इन सब बातों से तंग आकर पत्नी मायके चली गई, लेकिन पति वहां पहुंच गया और उसे जबरदस्ती ससुराल ले आया. सास और देवर भी लगातार ताने मारते थे कि तुम हमारे बेटे को पसंद नहीं हो, तुम्हें तो बस समाज की वजह से रखना पड़ रहा है. तुमने हमारा घर बर्बाद कर दिया. तुम तलाक लेकर अलग हो जाओ।  'रात में दूसरे देशों की युवतियों को कर रहा था वीडियो कॉल' पत्नी ने आधी रात को अपने पति को दूसरे देशों की युवतियों के साथ वीडियो कॉल पर बात करते हुए पकड़ा था. पति उसे उन युवतियों के साथ के आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर उसी तरह संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था. तीसरी बेटी को जन्म देने के बाद भी ससुराल वालों का रवैया नहीं बदला. जब पत्नी ने पति के अफेयर की बात सास को बताई, तो सास भड़क गईं और झगड़ा करके पत्नी को घर से निकाल दिया।  पांच महीने मायके में रहने के बाद जब वह वापस आई, तब भी पति ने अश्लील वीडियो दिखाकर अप्राकृतिक संबंध बनाने का दबाव डाला. फिर महिला और उसकी तीनों बेटियों को दूसरे घर पर भेज दिया और पति अलग रहने लगा. पति ने पत्नी को गंभीर धमकियां दीं. उसने कहा कि अगर तुमने हमारे खिलाफ कोई अर्जी या शिकायत की तो जान से मार देंगे. फिलहाल पीड़िता ने महिला पुलिस स्टेशन में शिकायत की है. पुलिस ने पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

रिश्ते में खटास की अफवाहों से परेशान हुईं मौनी रॉय, पोस्ट शेयर कर कही दिल की बात

मुंबई   अभिनेत्री मौनी रॉय इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में छाई हैं। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके और पति सूरज नांबियार के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बुधवार को अभिनेत्री ने अफवाहों के बीच पोस्ट किया है। अभिनेत्री ने बुधवार को गंभीर रुख अपनाते हुए इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक नोट जारी किया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से आग्रह किया कि वे उनकी निजी जिंदगी के बारे में गलत खबरें न फैलाएं। अभिनेत्री ने लिखा, "सभी मीडिया हाउस से विनम्र निवेदन है कि कृपया गलत खबरें और अफवाहें फैलाने से बचें। हमें थोड़ा समय और प्राइवेसी दें। हर कहानी के पीछे असली भावनाएं और लोग होते हैं।  कृपया संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ पेश आएं।" बता दें कि मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार के बीच अनबन की खबरें तब तेज हुईं, जब अभिनेत्री ने पति को इंस्टाग्राम से अनफॉलो करने के साथ-साथ उनके साथ पोस्ट की गई तस्वीरें डिलीट कर दी थीं, जब सोशल मीडिया पर दोनों के अलग होने की खबरें तेज हुईं, तो सूरज ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया था। वहीं, मौनी की सबसे करीबी दोस्त दिशा पाटनी ने भी सूरज के सोशल मीडिया अकाउंट डिएक्टिवेट होने से पहले ही उसे अनफॉलो कर दिया था। दिशा, सूरज और मौनी कई जगहों पर साथ में घूमने, पार्टियों और सोशल प्रोग्राम में साथ जाया करते थे और कृति की बहन नूपुर सेनन की शादी में तीनों को साथ में देखा गया था। मौनी रॉय ने तीन साल तक डेट करने के बाद 22 जनवरी 2022 को बिजनेसमैन सूरज नांबियार से गोवा में शादी की थी। इस जोड़े ने मलयाली और बंगाली दोनों रीति-रिवाजों का पालन करते हुए शादी की, जिसमें उनके करीबी दोस्त और परिवार के सदस्य शामिल हुए। यह शादी गोवा के हिल्टन गोवा रिसॉर्ट में हुई थी। सुबह मलयाली रीति-रिवाजों से और शाम को बंगाली रीति-रिवाजों से शादी संपन्न हुई थी।

योगी सरकार का स्वच्छ ऊर्जा मिशन रफ्तार पर, घर-घर पीएनजी पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन विस्तार अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर घर तक आधुनिक गैस सुविधा पहुंचाने की है, जिसके तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।  24 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 43 गैस वितरण क्षेत्रों में 1,60,121 घरेलू पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 16,23,163 कनेक्शनों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 9.86 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष के दौरान लाखों नए परिवारों को पाइप्ड नेचुरल गैस से जोड़ना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा का दायरा और अधिक बढ़ सके। राज्य सरकार का मानना है कि पीएनजी केवल एक गैस कनेक्शन नहीं बल्कि लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पाइप्ड गैस सुविधा मिलने से उपभोक्ताओं को बार-बार गैस सिलेंडर भरवाने की आवश्यकता नहीं होती, गैस की निरंतर आपूर्ति बनी रहती है तथा रिसाव की स्थिति में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली भी उपलब्ध रहती है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में गैस वितरण कंपनियों ने लक्ष्य के अनुरूप तेजी से कार्य किया है। प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, मुरादाबाद, मथुरा, गोरखपुर, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, अलीगढ़, बुलंदशहर, औरैया, गौतम बुद्ध नगर तथा शाहजहांपुर सहित अनेक जिलों में कनेक्शन जारी करने का अभियान लगातार जारी है। विभिन्न कंपनियां जैसे आईओसी- अडानी गैस, टोरेंट गैस, ग्रीन गैस लिमिटेड, गेल गैस, गेल इंडिया, आईजीएल और एचपीसीएल अपने-अपने क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार और नए उपभोक्ताओं को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। योगी सरकार द्वारा प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के पीछे पर्यावरण संरक्षण भी एक प्रमुख उद्देश्य है। पाइप्ड नेचुरल गैस को पारंपरिक ईंधनों की तुलना में अधिक स्वच्छ माना जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ती है। इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को सुरक्षित, किफायती और निर्बाध ईंधन उपलब्ध कराने में भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश सरकार आने वाले महीनों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क का और विस्तार करने, नए शहरों और कॉलोनियों को जोड़ने तथा अधिक से अधिक परिवारों तक पीएनजी सुविधा पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी गैस वितरण कंपनियों के साथ नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में यह अभियान उत्तर प्रदेश को आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना वाले राज्यों की श्रेणी में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रदेश में सतत विकास को नई गति मिल सके।

कोर्ट का अहम फैसला, पत्नी की टिप्पणी को बताया उकसावे वाला; पति की सजा की अवधि घटाई

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पत्नी की हत्या मामले में पति की सजा कम कर दी है। कोर्ट ने अपने पति पर पत्नी की इस टिप्पणी, कि तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं को उकसावा माना है। इस केस में पति ने तैश में आकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने मामले में पति को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब हाई कोर्ट ने इस सजा को बदलकर सात साल के सश्रम कारावास में तब्दील कर दिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अननिंद्र कुमार सिंह की बेंच ने इस तरह की टिप्पणी, दिखाती है कि पति की कोई वैल्यू नहीं है। यह न सिर्फ पति बल्कि उसके इंसानी अस्तित्व के लिए भी खतरा है। ऐसी टिप्पणी सुनकर पति ने आपा खो दिया और घटना को अंजाम दिया। क्या है मामला यह मामला, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला स्थित चौरई का है। यहां पर 18-19 जुलाई की रात शिवा और उसकी पत्नी किरण के बीच झगड़ा हुआ। यह झगड़ा कुलबहेरी नदी के खर्रा घाट के पास हुआ। आरोप के मुताबिक झगड़े के दौरान किरण ने अपने पति पर कटाक्ष करते हुए कहाकि तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं। इसके बाद शिवा ने गुस्से में पत्थर उठाकर अपनी पत्नी के ऊपर दे मारा और उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक बाद में शिवा ने फोन करके पुलिस और पत्नी के परिजनों को घटना के बारे में पूरी जानकारी दी। शिवा की तरफ से पेश वकील ने पक्ष रखते हुए कहाकि शिवा के खिलाफ भरोसे लायक सबूत नहीं हैं। इसके अलावा, साक्ष्यों में विरोधाभास भी है। इस आधार पर उसने ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करने की मांग उठाई थी। हाई कोर्ट ने क्या कहा हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने माना कि शिवा ने अपनी पत्नी को चोट पहुंचाई और इससे उसकी मौत हुई। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहाकि यह घटना अचानक झगड़े के चलते हुई। कहीं से भी यह सिद्ध नहीं होता कि आरोपी हत्या की योजना बनाकर वहां पहुंचा था। इसके अलावा कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि घटना के तुरंत बाद आरोपी ने पुलिस और अपनी पत्नी के रिश्तेदारों को फोन करके इसकी जानकारी दी थी। इसके अलावा कोर्ट ने पत्नी की टिप्पणी को गंभीर और अचानक उकसावे वाला मामला बताया। सुप्रीम कोर्ट का हवाला जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अननिंद्र कुमार सिंह की बेंच ने मामले में यह भी कहाकि अगर आरोपी अपनी पत्नी की हत्या के इरादे से वहां गया होता तो वह घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो जाता। वह इसके बारे में पुलिस या पत्नी के रिश्तेदारों को जानकारी नहीं देता। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी उल्लेख किया, जिसके मुताबिक अगर कोई शख्स अचानक उकसावे के चलते खुद पर से नियंत्रण खो देता है तो अपराध का आंकलन उसी आधार पर होना चाहिए। अदालत ने यह भी कहाकि यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने बार-बार पत्नी के ऊपर पत्थर से हमला किया। कुछ चोटें घटनास्थल पर मौजूद पत्थरों पर गिरने के चलते भी लग सकती हैं।

विगत एक सप्ताह में लगभग 2 करोड़ 69 लाख रुपये की मादक सामग्री एवं संपत्ति जब्त

भोपाल  प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विगत एक सप्ताह में विभिन्न जिलों में पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाही करते हुए लगभग 2 करोड़ 69 लाख रुपये से अधिक की मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्त की है। रतलाम : पुलिस ने तीन अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में बड़ी सफलता प्राप्त की। थाना रिंगनोद पुलिस ने एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 किलोग्राम एम.डी. ड्रग्स जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये है। वहीं थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 46 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा एवं दो ट्रक जब्त कर पंजाब के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। उक्त कार्रवाई में लगभग 32 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस प्रकार रतलाम जिले में कुल लगभग 1 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है। गुना : जिले के म्याना थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान से मध्यप्रदेश लाई जा रही 106 किलो 460 ग्राम डोडाचूरा सहित लगभग 70 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जप्‍त की। कार्रवाई के दौरान एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया गया। नीमच : थाना नीमच सिटी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 108 किलोग्राम अवैध अफीम का बिना चीरा वाला सीपीएस डोडाचूरा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त सामग्री का मूल्य लगभग 25 लाख 20 हजार रुपये है। छतरपुर : थाना सिविल लाइन पुलिस ने ग्राम कदारी के पास से 20 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजा एवं कार सहित लगभग 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। वहीं थाना कोतवाली पुलिस ने राजनगर रोड फोरलेन ब्रिज के पास से 3.5 किलोग्राम से अधिक गांजा सहित एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार जिले में लगभग 22 लाख 60 हजार रुपये मूल्य की मादक सामग्री एवं वाहन जब्त किए गए। दमोह : थाना कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उड़ीसा निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 35 किलोग्राम अवैध गांजा सहित लगभग 8 लाख 77 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। जबलपुर : पुलिस ने नशे के कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक विधि-विवादित बालक को अभिरक्षा में लेकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 14 किलोग्राम 572 ग्राम गांजा तथा घटना में प्रयुक्त दो स्कूटी सहित लगभग 7 लाख 28 हजार 600 रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसके अतिरिक्त मऊगंज पुलिस ने 5 किलोग्राम से अधिक गांजा तथा 29 शीशी कोरेक्स सिरप जब्त करते हुए लगभग 1 लाख 86 हजार 250 रुपये मूल्य की संपत्ति तथा नरसिंहपुर पुलिस ने 12.5 ग्राम स्मैक सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जप्‍त की है। प्रदेशभर में की जा रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पुलिस द्वारा ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों एवं गिरोहों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।  

मध्यप्रदेश में सिंचाई क्रांति की तैयारी, 14 जिलों के लिए केन-मंदाकिनी लिंक प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में बताया कि प्रदेश के 14 जिलों की सिंचाई परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है और अगले छह माह में इनके लोकार्पण के साथ लगभग 6 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचाई के दायरे में आएगी। वहीं, केन-मंदाकिनी लिंक परियोजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है और स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन भी जल्द किया जाएगा।इससे 93 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विकास होगा। वहीं, नर्मदा को सोन नदी से जोड़ने वाली स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन भी शीघ्र किया जाएगा। 14 जिलों की सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इसकी तैयारी के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खंडवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मंडला जिलों की सिंचाई परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है। अब इनका लोकार्पण होना है। अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना पर फोकस केन-मंदाकिनी लिंक अंतरराज्यीय सिंचाई परियोजना से 93 हजार 310 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। 20 किलोमीटर लंबी टनल भी बनाई जाएगी। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र के दस जिलों में 8.11 लाख हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई के साथ 130 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन होगा। परियोजना में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज के तहत अवार्ड पारित कर 90 प्रतिशत भुगतान किया चुका है। बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्य परियोजना में चकरपुर एवं मड़िया बांध का काम पूरा हो गया है। संशोधित पार्वती काली सिंध चंबल अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों के 6.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वर्ष 2022 में क्षतिग्रस्त हुए कारम बांध के पुनर्निर्माण के काम पूरा हो गया है। सिंहस्थ को लेकर तैयारी सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82 प्रतिशत काम हो चुका है। कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66 प्रतिशत काम प्रगति पर है। शिप्रा तट पर 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य भी 60 प्रतिशत पूरा हो गया है। जल्द होगा स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन बरगी नहर से ढाई लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी बैठक में मुख्यमंत्री ने नर्मदा को सोन नदी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारी के निर्देश दिए। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बांध से निकलने वाली यह ट्रांस-वैली केनाल प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक डिस्चार्ज करयिंग कैपेसिटी वाली नहर के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना के लगभग डेढ़ हजार गांव की करीब ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करेगी। टनल का काम डेढ़ दशक से चल रहा था, जो लगभग पूर्ण हो चुका है।  

सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ा चुनौतीपूर्ण सवाल, GRP में भारी स्टाफ की कमी; कैसे संभलेगी भीड़?

उज्जैन   वर्ष 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ महापर्व की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर शुरू हो चुकी हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु रेल मार्ग से उज्जैन पहुंचते हैं, ऐसे में रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी बीच सामने आए आंकड़े बताते हैं कि जीआरपी (गवर्मेंट रेलवे पुलिस) में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, जिससे सुरक्षा तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में रेलवे पुलिस के कुल स्वीकृत पदों का बड़ा हिस्सा अभी भी रिक्त है। दूसरी ओर विभाग का दावा है कि तकनीक और अतिरिक्त बल के जरिए इस कमी को पूरा किया जाएगा। रेलवे पुलिस में पदों की स्थिति इकाई- स्वीकृत पद- उपलब्ध कर्मचारी- रिक्त पद भोपाल जीआरपी- 951- 328- 623 इंदौर जीआरपी- 785- 460- 325 जबलपुर जीआरपी- 724- 467- 257 कुल-2460- 1255- 1205 भोपाल ईकाई में सबसे अधिक कमी सबसे अधिक कमी भोपाल इकाई में दर्ज की गई है। नेतृत्व स्तर पर भी कमी। रेलवे सुरक्षा केवल जवानों के भरोसे नहीं चलती, बल्कि अधिकारी स्तर की मौजूदगी भी जरूरी होती है। लेकिन उप पुलिस अधीक्षक (रेलवे) स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक है। पद- स्वीकृत- उपलब्ध -रिक्त उप पुलिस अधीक्षक (रेलवे- 12-6-6) रिक्त स्थान भोपाल इकाई – बीना, ग्वालियर इंदौर इकाई – रतलाम, उज्जैन जबलपुर इकाई- जबलपुर, रीवा उज्जैन में डिप्टी एसपी स्तर का पद खाली होना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सिंहस्थ के दौरान रेलवे संचालन और सुरक्षा का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। सिंहस्थ को लेकर क्या तैयारी?     रेलवे स्टेशन और प्लेटफार्म पर सीसीटीवी आधारित निगरानी     कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम     डिजिटल संचार नेटवर्क     भीड़ विश्लेषण तकनीक     रनिंग ट्रेनों में विशेष निगरानी     खोया-पाया और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था लागू की जाएगी 75 हजार अतिरिक्त बल की मांग विभाग ने सिंहस्थ के लिए करीब 75 हजार अतिरिक्त बल की मांग भी की है। इसमें सिविल पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और अन्य सुरक्षा इकाइयों की तैनाती प्रस्तावित है। साथ ही वर्तमान कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा और रेलवे सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों को भरने या वैकल्पिक तैनाती पर काम किया जा रहा है। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि जब तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, तब क्या 2028 से पहले खाली पद भरकर मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा सकेगा या फिर सिंहस्थ जैसी विशाल व्यवस्था को सीमित मानव बल और तकनीक के भरोसे संभालना पड़ेगा। ADG रेल भोपाल राजा बाबू सिंह ने कहा- कोई तैयारी नहीं ADG रेल भोपाल राजा बाबू सिंह ने कहा कि भोपाल में बहुत जरूरी कॉन्फ्रेंस में शामिल हुआ था। जिसमें DGP MP, DG RPF, DRM भोपाल, DRM रतलाम, ADRM झांसी के अलावा RPF के चार IG  IG RPF भोपाल, IG RPF मुंबई, IG RPF प्रयागराज, IG RPF कोलकाता उपस्थित थे। कमिश्न उज्जैन, कलेक्टर उज्जैन, ADG-IG उज्जैन और पुलिस अधीक्षक DIG भी मौजूद थें। DGP रेलवे उत्तर प्रदेश ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभव बताए। राजा बाबू सिंह ने कहा हमारी जो GRP इकाई इंदौर है, जिस पर सिंहस्थ 2028 का जिम्मा होगा उसने कोई होमवर्क नहीं किया है। वहां, पुलिस अधीक्षक, 2 DSP उज्जैन और रतलाम के पद रिक्त हैं। सिंहस्थ 2028 को लेकर जो अस्थायी थाने और चौकी या मेला क्षेत्र बनेंगे उसके लिए अभी से अतिरिक्त बल मिल जाना चाहिए, जो अभी तक नहीं मिला है।  प्रयागराज महाकुंभ से सीख, इस बार ज्यादा फोकस क्राउड मैनेजमेंट पर बैठक में  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ और जिला प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है, क्योंकि श्रद्धालुओं की संख्या पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक हो सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रमुख स्टेशनों और मेला क्षेत्र में अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मार्ग बनाए जाएं ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके। साथ ही रेलवे स्टेशनों पर अंतिम समय में प्लेटफॉर्म बदलने से बचने के निर्देश भी दिए गए, क्योंकि इससे अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। AI और CCTV से होगी निगरानी सिंहस्थ 2028 में पहली बार बड़े स्तर पर AI आधारित क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी है। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, होल्डिंग एरिया, पार्किंग और मेला क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर यानी ICCC से जोड़ा जाएगा। यह कंट्रोल सेंटर रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिजिटल साइन बोर्ड और कलर कोडिंग जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को आसानी से दिशा-निर्देश मिल सकें। रेलवे ने बनाई विशेष रणनीति बैठक में रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। 2016 के सिंहस्थ की तुलना में इस बार तीन गुना ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही छोटी दूरी की मेला ट्रेनें, डायनेमिक टाइम टेबल, डबल इंजन वाली ट्रेनें और दिशा आधारित प्लेटफॉर्म व्यवस्था लागू की जाएगी। लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों का पहले से डायवर्जन भी तय किया जाएगा ताकि मुख्य रूट पर दबाव कम किया जा सके। रेलवे द्वारा उज्जैन, इंदौर, रतलाम, भोपाल, ओंकारेश्वर रोड और सीहोर के स्टेशनों पर विशेष तैयारी की जा रही है। यहां नए फुटओवर ब्रिज, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, सैटेलाइट स्टेशन और साइडिंग लाइन विकसित की जाएंगी। घाटों का विस्तार और बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि सिंहस्थ का आयोजन 9 अप्रैल से 8 मई 2028 तक प्रस्तावित है। मेले के लिए लगभग 3100 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घाटों का विस्तार करीब 37 किलोमीटर तक किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में सुविधा मिल सके। वैज्ञानिक तरीके से यह आकलन किया जा रहा है कि एक निश्चित समय में एक किलोमीटर घाट पर कितने श्रद्धालु सुरक्षित तरीके … Read more

भारत में रिकॉर्ड गर्मी का खुलासा, 365 में 360 दिन रहा तापमान का असर; क्लाइमेट चेंज या अल-नीनो जिम्मेदार?

 नई दिल्ली साल 2025 भारत के लिए मौसम के लिहाज से बेहद मुश्किल था. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट – CSE की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे साल में 365 में से 360 दिन देश के किसी न किसी हिस्से में मौसम की भयानक घटनाएं हुईं. इन घटनाओं में 4421 लोगों की मौत हुई. करीब 1.74 करोड़ हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई. बढ़ता क्लाइमेट चेंज और अल-नीनो जैसे मौसमीय पैटर्न भारत में मौसम को पहले से ज्यादा अनिश्चित बना रहे हैं।  2025 में मौसम ने तोड़े कई रिकॉर्ड 2025 में देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में किसी न किसी तरह का बिगड़ा हुआ मौसम दर्ज किया गया. यानी पूरे साल ऐसा कोई इलाका नहीं बचा, जहां मौसम का असर न दिखा हो. 2025 में देश के करीब 99% दिनों में कहीं न कहीं लू, भारी बारिश, बाढ़, बिजली गिरने, ओला पड़ने या तूफान जैसी घटनाएं हुईं. यह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है. 2024 में ऐसे मौसम की घटनाएं साल के 88 फीसदी दिनों में दर्ज हुई थीं।  मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है. 2024 में 3393 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2025 में यह बढ़कर 4421 हो गई. खेती को हुआ नुकसान भी कई गुना बढ़ गया. 2024 में करीब 36 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी, लेकिन 2025 में यह बढ़कर 1.74 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गई।  सबसे ज्यादा फसल का नुकसान महाराष्ट्र में हुआ, जहां करीब 84 लाख हेक्टेयर खेती प्रभावित हुई. इसके बाद कर्नाटक और मध्य प्रदेश का नंबर रहा. वहीं हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा 267 दिन भयानक मौसम दर्ज किया गया. केरल में 173 दिन और मध्य प्रदेश में 162 दिन ऐसे हालात बने रहे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में 1.81 लाख से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा।  अब सिर्फ मानसून नहीं, पूरे साल बदल रहा है मौसम रिपोर्ट बताती है कि अब चरम मौसम सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं है. मार्च, अप्रैल और मई जैसे महीनों में भी तेज गर्मी, अचानक बारिश, आंधी और ओले पड़ने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. कई जगहों पर कुछ ही दिनों के अंदर मौसम पूरी तरह बदल जाता है. इसका सीधा असर खेती, पानी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।  अल-नीनो से क्यों बढ़ सकती है परेशानी? वैज्ञानिकों का कहना है कि हर खतरनाक मौसम की घटना की वजह अल-नीनो नहीं होता. लेकिन जब अल-नीनो सक्रिय होता है, तो भारत के मौसम का पैटर्न बदल सकता है. कई इलाकों में बारिश कम हो सकती है और गर्मी बढ़ सकती है. वहीं कुछ जगहों पर कम समय में बहुत ज्यादा बारिश भी हो सकती है।  अगर अल-नीनो का असर और क्लाइमेट चेंज साथ-साथ हों, तो मौसम और ज्यादा असामान्य हो सकता है. यही वजह है कि वैज्ञानिक लगातार ऐसे मौसम पर नजर रखने की बात कहते हैं।  2025 के आंकड़े साफ बताते हैं कि बेहद खराब मौसम अब भारत में पहले से ज्यादा आम होता जा रहा है. इसका असर सिर्फ लोगों की जान पर नहीं, बल्कि खेती, घरों और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर क्लाइमेट चेंज की रफ्तार नहीं थमी और अल-नीनो जैसे मौसमी पैटर्न असर दिखाते रहे, तो आने वाले वर्षों में ऐसे हालात और गंभीर हो सकते हैं। 

मोदी कैबिनेट विस्तार में मध्यप्रदेश को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा रेस में

भोपाल  मोदी कैबिनेट के विस्तार की अटकलें हैं। संभावना है कि जून के अंत तक मोदी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद रहे जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि कैबिनेट का विस्तार होगा। कैबिनेट में कई नए चेहरों के शामिल होने की अटकलें हैं। साथ ही संभावित नामों की चर्चा भी हो रही है। इसमें मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा के नाम की भी चर्चा चल रही है। खजुराहो से सांसद हैं वीडी शर्मा दरअसल, संभावित सूची में मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा के नाम की भी चर्चा है। उन्हें संगठन में काम करने का लंबा अनुभव रहा है। लंबे समय तक मध्य प्रदेश में बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी को प्रचंड सफलता मिली है। 2023 के विधानसभा चुनाव में उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते ही लड़ा गया और पार्टी को ऐतिहासिक सफलता मिली। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी वीडी शर्मा ही प्रदेश अध्यक्ष थे। पार्टी ने पहली बार मध्य प्रदेश में 29-29 की सीटें जीत ली। सबको साथ लेकर चले वीडी शर्मा के कार्यकाल में मध्य प्रदेश में संगठन ने एक नई ऊंचाई हासिल की थी। उनके कार्यकाल के दौरान ही ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से अपने विधायकों के साथ पार्टी में आए थे। वीडी शर्मा के लिए उस दौरान सबसे बड़ी चुनौती थी कि नए और पुराने लोगों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने इसे बखूबी अंजाम दिया और समन्वय बनाकर चले। विवादों को सरकार और संगठन के स्तर पर सुलझाकर चले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं तारीफ वहीं, केंद्रीय नेतृत्व भी वीडी शर्मा की मुरीद रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान सार्वजनिक रूप से वीडी शर्मा की तारीफ कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा था कि खजुराहो से हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा जी को भारी मतों से विजयी बनाना है। ये विष्णुदत्त शर्मा जी दिखते पतले दुबले हैं। लेकिन उनके नेतृत्व में भाजपा ने मध्य प्रदेश में इस बार नया इतिहास रच दिया है। संगठन में भी किए ऐतिहासिक काम वीडी शर्मा के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए मध्य प्रदेश में संगठन ने भी कई ऐतिहासिक काम किए हैं। उनके नेतृत्व में सदस्यता अभियान के दौरान पार्टी ने एक नई कीर्तिमान स्थापित की थी। डेढ़ महीने में ही बीजेपी ने डेढ़ करोड़ सदस्य बनाए थे। साथ ही चुनावों में बूथ मैनजमेंट फॉर्मूला को अन्य राज्यों ने भी फॉलो किया था। वीडी शर्मा हैं कौन     वीडी शर्मा का पूरा नाम विष्णुदत्त शर्मा है     उन्होंने अखिल भारती विद्यार्थी परिषद से सियासी करियर की शुरुआत की     वीडी शर्मा लंबे समय तक विद्यार्थी परिषद में काम किया है     2019 में पहली बार वह खजुराहो लोकसभा सीट से सांसद बने     2024 में पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दिया और सांसद बने     15 फरवरी 2020 को मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने     दो जुलाई 2025 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं     मूल रूप से वह मध्य प्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं गौरतलब है कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व में उनके अच्छे संबंध हैं। गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी उनकी ट्यूनिंग अच्छी है। चुनावों में अमित शाह उनके साथ बाइक की सवारी कर चुके हैं। साथ ही वीडी शर्मा को जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे बखूबी निभाया है। 2024 में भी अटकलें थीं कि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिलेगी क्योंकि चुनावों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। एक बार फिर से उनके नाम की चर्चा चली है। 

Irani Oil Offer: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलते ही भारत को मिले सस्ते तेल के ऑफर, फिर क्यों बना हुआ है इंतजार?

 नई दिल्‍ली अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमी हुई है और शांति वार्ता चल रही है. इस समझौते के दौरान अमेरिका ने ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा दिया है और 60 दिनों की छूट दी है, जिसके बाद ईरानी तेल मार्केट में आ चुका है. वहीं स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज भी खुल चुका है, जिसके बाद टैंकर पहले से ज्‍यादा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजर रहे हैं।  इस बीच, रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका की छूट के बाद कई बिचौलियों ने ईरानी तेल को भारत को बेचने के लिए ऑफर दे रहे हैं. इन्‍होंने भारतीय रिफाइनरों को ईरानी तेल कम दाम पर बेचने का ऑफर दिया है. सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों से संपर्क सीधे नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी (NIOC) की ओर से और बिचौलियों के माध्यम से किया गया है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें ईरानी राज्य उत्पादक द्वारा तेल आवंटित किया गया है।  कितना सस्‍ता होगा ईरानी तेल?  रॉयटर्स ने कहा कि ऑयल रिफाइनर्स से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि एनआईओसी के अलावा, कई व्‍यापारी ईरानी तेल को बेचने के लिए संपर्क कर रहे हैं, लेकिन हमारी प्राथमिता एनआईओसी को मौका देना है. उन्होंने बताया कि एनआईओसी भारतीय खरीदारों को बता रहा है कि ईरानी कच्चा तेल क्षेत्रीय स्तर पर समान गुणवत्ता वाले कच्चे तेल की तुलना में प्रति बैरल 3 से 4 डॉलर सस्ता होगा।  रिपोर्ट में कहा गया है कि रिफाइनर से संपर्क करने वाले व्यापारी मुख्य रूप से सिंगापुर और दुबई स्थित छोटी और मध्यम आकार की व्यापारिक कंपनियों से हैं. इस सप्ताह ईरानी पेट्रोलियम मंत्री मोहसेन पाकनेजाद की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत को कच्चे तेल और LPG की संभावित आपूर्ति पर भी चर्चा हुई।  भारत बढ़ा सकता है आयात हालांकि, भारतीय रिफाइनर के पास फ्यूचर में ईरानी कच्चे तेल को रखने की सीमित गुंजाइश है, क्योंकि अधिकांश ने अगस्त तक आपूर्ति सुरक्षित कर ली है और मिडिल ईस्‍ट आपूर्तिकर्ता खरीदारों पर प्राथमिकता को लेकर दबाव बना रहे हैं. भारत पहले से ही व्यापारियों के माध्यम से ईरान से एलपीजी आयात कर रहा था और प्रतिबंधों में छूट मिलने के बाद यह आयात और बढ़ सकता है।  भारत क्‍यों नहीं खरीद सकता ज्‍यादा कच्‍चा तेल?  केप्‍लर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने अपने तेल की आपूर्ति के लिए कई देशों से कॉन्‍ट्रैक्‍ट कर लिया है. वहीं कई जगहों से तेल मंगा रहा है और बहुत से तेल को रिजर्व करके भी रख लिया है. इस कारण, उसे सस्‍ते पर तेल मिलने के बाद भी ज्‍यादा खरीदारी नहीं कर सकता है।  एक महीने की छूट पर भी भारत ने खरीदा था तेल  गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद तेल के दाम को नीचे लाने के लिए अमेरिका ने ईरानी तेल पर छूट दी थी. अमेरिका की ओर से 30 दिनों के लिए प्रतिबंधों में छूट दिए जाने के बाद भारत को अप्रैल में ईरानी तेल की दो खेपें मिली थीं, जिनका भुगतान चीनी युआन में किया गया था।