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कुनकुरी में जैविक किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है। किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मान कार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया। औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बेहतर बाजार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी। सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24×7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है। कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्षमती गोमती साय, जशपुर विधायकमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव,  नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

पीएम किसान योजना: बिहार में किसानों को मिली राहत, 34 हजार नाम लिस्ट से बाहर

पटना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बिहार के लाखों किसानों का लंबा इंतजार अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। सरकार की ओर से शनिवार को राज्य के लगभग 73 लाख किसानों के बैंक खातों में योजना की राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी गई है। प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने बिहार के इन लाभार्थी किसानों के लिए कुल 1,463 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की है, जो सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के खातों में क्रेडिट हो चुकी है। खेती-किसानी के इस चालू सीजन में बैंक खातों में पैसा आने से बिहार के ग्रामीण इलाकों के किसानों को एक बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिली है। किसानों के खाते में पहुंचे दो-दो हजार रुपये इस योजना के नियमों के तहत सभी पात्र और लाभुक किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की सम्मान राशि भेजी गई है। मालूम हो कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस बेहद लोकप्रिय योजना के तहत प्रत्येक वर्ष देश भर के किसानों को हर चार-चार माह के अंतराल पर दो-दो हजार रुपये की तीन बराबर किस्तें सीधे उनके खातों में भेजी जाती हैं। बिहार के किसानों के खातों में आज जो रकम क्रेडिट हुई है, वह इस योजना के तहत मिलने वाली 23वीं किस्त की राशि है। मोबाइल पर मैसेज आते ही बिहार के किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है और वे अपनी अगली फसलों की खाद व बीज की व्यवस्था के लिए बैंकों व सीएसपी केंद्रों का रुख करने लगे हैं। 22वीं किस्त के मुकाबले इस बार 34 हजार किसानों को लगा बड़ा झटका जहाँ एक तरफ 73 लाख किसानों के घरों में इस राशि के आने से उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के हजारों किसानों को इस बार मायूसी का सामना भी करना पड़ा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछली यानी 22वीं किस्त की तुलना में बिहार के लगभग 34 हजार किसानों को इस बार योजना की राशि नहीं मिल सकी है। गौरतलब है कि 22वीं किस्त के समय बिहार के कुल 73 लाख 34 हजार किसानों के खातों में 1,467 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई थी। लेकिन इस बार भू-सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा नहीं करने के कारण राज्य के 34 हजार किसानों के नाम लाभार्थी सूची से बाहर हो गए हैं। कृषि विभाग ने इन वंचित किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी त्रुटियों को सुधारें ताकि अगली किस्त में उन्हें इस समस्या का सामना न करना पड़े।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया स्टॉलों का निरीक्षण, नागरिकों से संवाद कर योजनाओं का लाभ लेने का किया आह्वान

रायपुर सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष : अंबिकापुर में पंजीकरण शिविर बना जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में संचालित “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत सभाकक्ष, अंबिकापुर में वृहद पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा योजनाओं से जुड़ने के लिए पंजीयन कराया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप से उपस्थित थे। उनके साथ विधायक  प्रबोध मिंज सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री  अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। शिविर के दौरान उपस्थित जनसमूह को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया समझाई तथा मौके पर ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनसेवा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की प्रत्येक योजना का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा रहा है, जिससे गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।  अग्रवाल ने कहा कि “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान केवल उपलब्धियों को बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता और शासन के बीच संवाद को और मजबूत बनाने का अवसर भी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शासन की जनहितैषी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें तथा अन्य पात्र लोगों को भी इनके बारे में जागरूक करें। कार्यक्रम में विधायक  प्रबोध मिंज ने भी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पंजीकरण शिविरों से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचती है और उन्हें लाभ प्राप्त करने में आसानी होती है। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की जानकारी और पंजीयन सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें काफी लाभ मिला है। कार्यक्रम के दौरान सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा जनभागीदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया गया। अंबिकापुर में आयोजित यह पंजीकरण शिविर जनसंपर्क, जनविश्वास और जनकल्याण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा। केंद्र में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधा की दिशा में बताया महत्वपूर्ण पहल

रायपुर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास ने आज सीएम हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु की कार्यप्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल,  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। अधिकारियों ने दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा तकनीक आधारित जनसुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु इसी सोच के सशक्त उदाहरण हैं, जो शासन और नागरिकों के बीच संवाद तथा सेवाओं की उपलब्धता को सरल और प्रभावी बना रहे हैं। अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास ने स्वयं सीएम हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव लिया तथा सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीयन की प्रक्रिया और समाधान की व्यवस्था का जायजा लिया।  उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए विकसित यह व्यवस्था शासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे शासन तक पहुंचाने का सुलभ माध्यम उपलब्ध करा रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए एक सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शिकायतों की निगरानी, समीक्षा और समाधान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक प्रत्येक चरण को तकनीक आधारित प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान का सशक्त मंच बनकर उभर रही है। शिकायतों के निराकरण के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है, जिससे विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती है और समस्या के समाधान की निरंतर निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को राहत प्रदान करना और शासन के प्रति उनका विश्वास मजबूत करना है। अधिकारियों ने सेवा सेतु की जानकारी देते हुए बताया कि यह राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाना है। इसके माध्यम से नागरिक अनेक आवश्यक प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। सेवा सेतु के जरिए शासकीय प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है, जिससे लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेवा सेतु के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है तथा उन्हें मोबाइल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से भी सुलभ बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी शासन की सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। भविष्य में और अधिक सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास ने सीएम हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि ये पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन आधारित विकास दृष्टि को साकार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के उपयोग से नागरिकों का शासन पर विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण और शिकायतों के प्रभावी निराकरण की दिशा में किया जा रहा यह कार्य विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अमेरिका-ईरान डील पर सियासी घमासान तेज, रिपब्लिकन पार्टी में भी मतभेद गहराए

 वाशिंगटन  ईरान के साथ हुए समझौते को आलोचकों द्वारा कमजोर और आत्मसमर्पण करार दिए जाने के बाद चौतरफा घिरे राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया कि वह तेहरान के सामने झुक गए हैं या उसे भारी वित्तीय राहत सौंपने जा रहे हैं। ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, "हम किसी बेबसी में नहीं मिले थे, बल्कि ईरान हताश था। वे पूरी तरह खत्म हो चुके हैं! हम 60 दिनों की इस अवधि को देखेंगे। उन्हें कोई पैसा नहीं मिल रहा, 10 सेंट भी नहीं!" जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद वर्साय में ट्रंप द्वारा दूरस्थ रूप से हस्ताक्षरित इस प्रारंभिक समझौते का उद्देश्य एक व्यापक शांति की दिशा में 60 दिनों की तेज गति से काम शुरू करना था। इसके विपरीत, इस कदम ने देश के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। रिपब्लिकन खेमे में दरार रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अपनी पार्टी के रुख से अलग हटकर इस समझौते की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे दशकों की सबसे खराब विदेश नीति की भूल करार दिया है। दूसरी ओर, लेट-नाइट कॉमेडियन्स और सोशल मीडिया ट्रोल्स के लिए यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जो इस समझौते की तुलना युद्ध जीतने और उसकी रसीद खो देने से कर रहे हैं। हालांकि इस उपहास का बड़ा हिस्सा राजनीतिक है, लेकिन व्हाइट हाउस के लिए सबसे गंभीर समस्या यह है कि अब आलोचना सिर्फ डेमोक्रेट्स तक ही सीमित नहीं रह गई है। ट्रंप ने खुद भी ऐसे बयान देकर अपनी मुश्किलें बढ़ा दी हैं जिसने अमेरिका के इजरायल-समर्थक गुटों को हैरान कर दिया है। उन्होंने ईरान के कुछ बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता रखने के अधिकार का समर्थन किया और ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार के महत्व को कम करके आंका। अमेरिकी राष्ट्रपति अब अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम के अधिकार को भी स्वीकार कर रहे हैं, जो उनके पुराने वादे से बिल्कुल उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका यूरेनियम के किसी भी संवर्धन की अनुमति नहीं देगा। हालांकि, वह अब भी इस बात पर अड़े हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ओबामा बनाम ट्रंप नीति पर विशेषज्ञों ने घेरा हालांकि, ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह समझौता एक मास्टरस्ट्रोक है और बराक ओबामा के 2015 के जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन(JCPOA) से कहीं बेहतर है, लेकिन नीति विशेषज्ञ इस दावे को चुनौती दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां ओबामा का समझौता कई सौ पन्नों का एक बेहद विस्तृत और तकनीकी दस्तावेज था, वहीं ट्रंप का यह महज डेढ़ पन्ने का अधूरा मसौदा केवल एक हाथ मिलाने के बदले तेहरान को सब कुछ सौंप देता है। इस स्थिति के कारण अब कैपिटल हिल के सांसद खुलकर बगावत पर उतर आए हैं, जिनमें कई ऐसे रिपब्लिकन वफादार भी शामिल हैं जो आमतौर पर ट्रंप की बातों को पत्थर की लकीर मानते हैं। पाकिस्तान को पछाड़ कतर बना नया बिचौलिया इस बीच, वेंस की स्विट्जरलैंड यात्रा स्थगित होने से मध्यस्थता करने वाले देशों का क्षेत्रीय समीकरण पूरी तरह बदल गया है। पाकिस्तान, जिसने खुद को मुख्य राजनयिक मध्यस्थ के रूप में स्थापित किया था और अप्रैल में आमने-सामने की वार्ताओं की गर्व से मेजबानी की थी, अचानक खुद को इस रेस से बाहर पा रहा है। इस्लामाबाद के अधिकारी इस उम्मीद में थे कि वे अमेरिका और ईरान के बीच इस ऐतिहासिक समझौते को अमली जामा पहनाकर एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक जीत हासिल करेंगे। लेकिन कतर के अचानक एक अमीर और पसंदीदा मध्यस्थ के रूप में उभरने से पाकिस्तान की स्थिति बेहद असहज हो गई है। वह अब उस शादी के मेहमान जैसा दिख रहा है जिसे ऐन वक्त पर पता चला कि शादी का वेन्यू ही बदल गया है। मागा गठबंधन में फूट इस समझौते का असली नुकसान मागा गठबंधन की आंतरिक शांति को हुआ है। एक तीखे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंस ने कूटनीतिक शालीनता को छोड़ सीधे यरुशलम पर हमला बोला। उन्होंने इजरायली अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि वे जागें और जमीनी हकीकत को समझें। इसके साथ ही उन्होंने इजरायली कैबिनेट को याद दिलाया कि उनके दो-तिहाई रक्षा हथियारों का खर्च अमेरिकी टैक्सपेयर्स उठाते हैं। वेंस ने गुस्से में कहा कि अगर मैं इजरायल सरकार की कैबिनेट में होता, तो मैं पूरी दुनिया में बचे अपने इकलौते शक्तिशाली सहयोगी पर इस तरह हमला नहीं कर रहा होता। यह सार्वजनिक टकराव मागा व्हाइट हाउस और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच संबंधों में आई अचानक गिरावट को उजागर करता है। देश में आगामी चुनावों का सामना कर रहे इजरायली पीएम ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना को हटाने से साफ इनकार कर दिया है, जो एक तरह से ट्रंप के युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज करना है। इस अभूतपूर्व दरार ने अमेरिका-इजरायल संबंधों को एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण मोड़ पर खड़ा कर दिया है।  

मुख्यमंत्री साय के निर्णय से तुएगोंदी में खुशी की लहर, पारंपरिक अनुष्ठान के साथ मनाया गया उत्सव

रायपुर बालोद जिले में स्थित जामड़ी पाट में आज का दिन आदिवासी समाज के लिए बेहद ऐतिहासिक और हर्षोल्लास से भरा रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की त्वरित और संवेदनशील पहल के परिणामस्वरूप, आदिवासी समाज की यहाँ पारंपरिक अनुष्ठान करने की माँग आखिरकार पूरी हो गई है। इस सुखद निर्णय के बाद, आज समाज के लोगों ने अपनी गौरवशाली परंपरा जामड़ी पाट में पूजा और रीति-रिवाजों के अनुरूप जलकैना में भव्य अनुष्ठान संपन्न किया।        विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी समाज के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने जामड़ी पाट में पारम्परिक देवता की अर्चना तथा वहाॅ स्थित जलकैना में अपनी पारंपरिक अनुष्ठान की अनुमति को लेकर लंबे समय से चली आ रही माँग रखी थी। समाज की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए, मुख्यमंत्री ने अविलंब जिला प्रशासन बालोद को आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय के आदेशों का पालन करते हुए बालोद जिला प्रशासन की देखरेख में आज जामड़ी पाट में अनुष्ठान का कार्य शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। जलकैना (कुंड) में आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार देव-आराधना की। इस दौरान समाज के लोगों में सकारात्मक उत्साह का भाव देखा गया, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल की आदिवासी समाज ने सराहना भी की है। यह निर्णय केवल एक अनुष्ठान की अनुमति तक सीमित नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की मूल सांस्कृतिक धरोहरों, परंपराओं और उनकी धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।    

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ी सुविधाएं, आवागमन और व्यवसाय दोनों को मिली नई दिशा

रायपुर उप मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाड़नपुर निवासी दिव्यांग श्री जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की। *नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधान*     कबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाड़नपुर निवासी दिव्यांग श्री जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई। *आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मदद*          स्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।      कार्यक्रम में तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नवंबर से नए नियम: पार्किंग महंगी, बिना PUCC नहीं मिलेगा ईंधन

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 'प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क' का ऐलान करते हुए कई बड़े फैसलों की घोषणा की। इसके तहत नवंबर से सरकारी पार्किंग का शुल्क दोगुना किया जाएगा। साथ ही नवंबर 2026 से जनवरी 2027 तक दिल्ली में बाहर से पंजीकृत नॉन-बीएस-4 कमर्शियल वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नए फ्रेमवर्क के तहत केवल वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUCC) वाले वाहनों को ही दिल्ली के पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल मिलेगा। यानी जिन वाहनों के पास वैध PUCC नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। क्या हैं नए नियम?     वैध PUCC वाले वाहनों को ही पेट्रोल पंपों पर ईंधन मिलेगा।   1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS VI वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। CNG, EV, आपातकालीन सेवाओं और सरकारी कार्यों से जुड़े वाहनों को छूट मिलेगी।     1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना रहेगा।     आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयों के समय में बदलाव और सरकारी-निजी कार्यालयों में 50% तक भौतिक उपस्थिति की व्यवस्था लागू की जा सकेगी।     1 नवंबर से 31 जनवरी तक निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों में धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।     10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच आवश्यकता पड़ने पर निर्माण कार्यों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे।     बड़े निर्माण स्थलों और बड़ी बिल्डिंग्स पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।     खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ड्रोन और फील्ड मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा। प्रदूषण के खिलाफ बड़ा एक्शन दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण से लड़ाई का सबसे अच्छा तरीका है समय रहते तैयारी। दिल्ली सरकार इसी संकल्प के साथ सर्दियों से पहले हर जरूरी तैयारी को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल

रायपुर  12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को अंबिकापुर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड में राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रातः 6 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, विभिन्न आयोगों एवं मंडलों के पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागी सामूहिक योगाभ्यास करेंगे तथा योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जनस्वास्थ्य और जनजागरूकता का महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए कहा है कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो आज पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखा रही है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न संस्थाओं, शैक्षणिक परिसरों, शासकीय कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही योग के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक लाभों के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। योग विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली में योग की भूमिका पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

दुनिया के टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में उतार-चढ़ाव, बेजोस-जुकरबर्ग की कमाई बढ़ी

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अमीर इंसानों की लिस्ट (World's Richest List) पर नजर डालें, तो उनकी नेटवर्थ में बड़ा चेंज देखने को मिला है. हाल ही में इतिहास रचते हुए दुनिया के पहले ट्रिलियनर बने एलन मस्क को नुकसान (Elon Musk Loss) हुआ है, तो वहीं टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में शामिल कई अरबपतियों की संपत्ति (Top-10 Billionaires Networth) में उछाल आया है. एलन मस्क को लगा ये झटका दुनिया के सबसे अमीर इंसान टेस्ला और स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क ने बीते दिनों दुनिया के पहले ट्रिलियनर का खिताब अपने नाम किया, अब तक ये कारनामा कोई न कर सका था. इस मुकाम को छूने के बाद उनकी संपत्ति में गिरावट देखने को मिली है, हालांकि Elon Musk Trillionaire बने हुए हैं. ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, मस्क की दौलत में 32.1 अरब डॉलर की कमी आई है और इसके साथ उनकी कुल संपत्ति 1.23 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है. टॉप-10 में शामिल इन रईसों को घाटा बिलेनियर्स नेटवर्थ के अपडेटेड आंकड़ों पर नजर डालें, तो दुनिया के सबसे अमीरों की लिस्ट में छठे पायदान पर शामिल माइकल डेस की नेटवर्थ 868 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 221 अरब डॉलर पर आ गई है. इसके अलावा नौंवे सबसे अमीर बर्नार्ड अर्नाल्ट की नेटवर्थ 2.40 अरब डॉलर गिरकर 168 अरब डॉलर, जबकि 10वें सबसे रईस वॉरेन बफे की नेटवर्थ 749 मिलियन डॉलर की कमी के साथ 146 अरब डॉलर पर आ गई. इन अमीरों ने की जोरदार कमाई वहीं Top-10 Billionaire List  में जिन रईसों की दौलत में इजाफा हुआ, उनमें लैरी पेज 314 अरब डॉलर (बढ़त 3.54 अरब डॉलर) के साथ दूसरे पायदान पर हैं. सर्ग्रेई ब्रिन 291 अरब डॉलर (बढ़त 3.22 अरब डॉलर) के साथ तीसरे अमीर हैं. चौथे सबसे अमीर जेफ बेजोस की संपत्ति में 5.80 अरब डॉलर का उछाल आया और ये 266 अरब डॉलर हो गई, जबकि पांचवें नंबर पर मौजूद लैरी एलिसन की नेटवर्थ 722 मिलियन डॉलर बढ़कर 238 अरब डॉलर पर पहुंच गई. लिस्ट में सातवें पायदान पर काबिज फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में 3.25 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और ये उछलकर 206 अरब डॉलर पर पहुंच गई. इसके अलावा NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भी तगड़ी कमाई की और इनकी दौलत 4.90 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 174 अरब डॉलर हो गई. हुआंग लिस्ट में आठवें सबसे अमीर इंसान हैं. अडानी-अंबानी की संपत्ति में बदलाव दुनिया के सबसे अमीरों की लिस्ट में शामिल भारतीय अरबपतियों गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की संपत्ति में भी बदलाव हुआ है. Gautam Adani Networth देखें, तो इसमें 3.50 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है और ये बढ़कर 119 अरब डॉलर पर आ गई है. संपत्ति के इस आंकड़े के साथ वे 17वें सबसे अमीर इंसान बन गए हैं. दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की दौलत घटी है. Mukesh Ambani Networth में 63.6 मिलियन डॉलर की गिरावट देखने को मिली है और इस कमी के साथ ये घटकर 88.8 अरब डॉलर रह गई है. इस आंकड़े के साथ अब अंबानी दुनिया के 25वें सबसे अमीर इंसान हैं.