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शहरीकरण की मार, दिल्ली में तेजी से बढ़े खराब पर्यावरण वाले इलाके

नई दिल्ली  दिल्ली में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों का असर पर्यावरण पर साफ दिखाई देने लगा है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, पिछले 32 वर्षों में सेंट्रल दिल्ली ने अपने सबसे बेहतर इकोसिस्टम का करीब 73.8 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है। कभी राजधानी के सबसे समृद्ध पर्यावरणीय क्षेत्रों में शामिल सेंट्रल दिल्ली का बड़ा हिस्सा अब खराब पर्यावरण की श्रेणी में पहुंच गया है। जामिया मिलिया इस्लामिया के भूगोल और पर्यावरण विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन 'क्रॉसिंग द इकोलॉजिकल थ्रेशोल्ड' में 1991 से 2023 तक के सैटेलाइट आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के अनुसार, सेंट्रल दिल्ली में बेहतरीन प्राकृतिक स्वास्थ्य वाली जमीन 1991 में 13.88 वर्ग किलोमीटर थी, जो 2023 में घटकर सिर्फ 3.63 वर्ग किलोमीटर रह गई। खराब पर्यावरण वाले इलाके बढ़े     अध्ययन में यह भी सामने आया कि पूरी दिल्ली में खराब पर्यावरण वाले क्षेत्रों में 50.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।     सबसे ज्यादा गिरावट उत्तरी दिल्ली में दर्ज की गई, जहां खराब पर्यावरण वाला क्षेत्र बढ़कर 131.18 वर्ग किलोमीटर हो गया।     दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ऐसे क्षेत्रों में 132 प्रतिशत और पश्चिमी दिल्ली में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।     पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अच्छी पर्यावरणीय स्थिति वाले क्षेत्र अब बहुत कम बचे हैं।     इसके लिए अंधाधुंध शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियां और यमुना के फ्लडप्लेन में लगातार कमी को प्रमुख कारण बताया गया है।     हालांकि दक्षिणी दिल्ली और नई दिल्ली जिले से कुछ राहत की तस्वीर भी सामने आई है।  

तरबूज की खट्टी-मीठी शिकंजी: गर्मी में ताजगी और एनर्जी का फ्रूटी ड्रिंक

जून की इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती धूप में घर से बाहर निकलते ही शरीर की पूरी एनर्जी खत्म हो जाती है. ऐसे में बॉडी को तुरंत हाइड्रेट करने के लिए हम अक्सर नींबू पानी या सोडा शिकंजी का सहारा लेते हैं. लेकिन रोज-रोज वही पुराना स्वाद पीकर अगर आपका मन भर गया है तो इस बार अपने समर ड्रिंक को एक फ्रूटी और मजेदार ट्विस्ट दें. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं तरबूज की खट्टी-मीठी शिकंजी. तरबूज के नैचुरल मीठे स्वाद के साथ नींबू की खटास, पुदीने की ताजगी और खास मसालों का यह मेल मुंह में जाते ही स्वाद का ऐसा बम फोड़ेगा कि आप बाजार के सारे मॉकटेल भूल जाएंगे. यह न सिर्फ आपके शरीर को अंदर से बर्फ जैसा ठंडा रखेगी, बल्कि आपको लू से भी बचाएगी. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि. सामग्री (Ingredients) तरबूज के टुकड़े: 2 कप (बीज निकाले हुए) नींबू का रस: 2 बड़े चम्मच ताजा पुदीना पत्ती: 10-12 काला नमक: 1/2 छोटी चम्मच भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटी चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटी चम्मच सादा नमक: एक चुटकी बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार ठंडा पानी या सोडा वॉटर: 1 गिलास चीनी या शहद: 1 चम्मच अगर तरबूज कम मीठा हो तो शहद न मिलाएं बनाने का तरीका सबसे पहले तरबूज के टुकड़ों को मिक्सर जार या ब्लेंडर में डालें. साथ में पुदीने की पत्तियां और नींबू का रस डालकर बिना पानी मिलाए इसे अच्छी तरह ब्लेंड कर लें ताकि एक स्मूथ जूस तैयार हो जाए. तैयार हुए तरबूज के जूस को एक बड़ी छलनी की मदद से छान लें, ताकि अगर कोई छोटा बीज या रेशा रह गया हो तो वह निकल जाए. अगर आपको पल्प पसंद है तो आप बिना छाने भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अब इस छाने हुए जूस में काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर अच्छी तरह चम्मच से मिक्स करें. अगर तरबूज थोड़ा फीका है, तो आप इस स्टेज पर थोड़ा सा शहद या पिसी चीनी मिला सकते हैं. सर्विंग ग्लास में 2-3 पुदीने की पत्तियां हाथ से तोड़कर डालें, साथ में एक नींबू की पतली स्लाइस और ढेर सारे बर्फ के टुकड़े डालें. अब गिलास में आधा तैयार किया हुआ मसालेदार तरबूज का जूस डालें और ऊपर से चिल्ड पानी या सोडा वॉटर डालकर मिक्स करें. ऊपर से थोड़ा सा भुना जीरा पाउडर स्प्रिंकल करें और पुदीने की पत्ती से गार्निश करके गरमा-गरम धूप से आए मेहमानों को तुरंत परोसें.

BJP प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद का अमृतसर दौरा, ढिल्लों-चुघ का पैदल मार्च आज चर्चा में

अमृतसर भाजपा पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तथा नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद तरुण चुघ आज अमृतसर प्रवास पर पहुंच रहे हैं। अपने दौरे की शुरुआत दोनों नेता सुबह करीब साढ़े नौ बजे भंडारी पुल से करेंगे। इसके बाद दोनों वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च करते हुए सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचेंगे और वहां माथा टेककर प्रदेश की शांति, खुशहाली और विकास के लिए अरदास करेंगे। इसके उपरांत वे श्री दुर्ग्याणा तीर्थ और श्री राम तीर्थ में भी नतमस्तक होंगे। तरुण चुघ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं भाजपा नेताओं के इस धार्मिक दौरे को पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति हुई है और तरुण चुघ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। यह दौरा संगठन को और मजबूत करेगा भाजपा कार्यकर्ताओं में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा संगठन को और मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। अपने अमृतसर प्रवास के दौरान दोनों पदाधिकारी दोपहर तीन बजे कंपनी बाग स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा में पत्रकार वार्ता को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।  

गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश: ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण संयोग

 आज देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश होने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में गुरु और पुष्य नक्षत्र का संयोग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और शनि इसके स्वामी ग्रह, लेकिन गुरु इस नक्षत्र में उच्च के होते हैं और विशेष फल देते हैं. हालांकि, यह गोचर सभी राशियों के लिए शुभ नहीं रहेगा. गुरु के इस नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों को विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि उन्हें आर्थिक, मानसिक या स्वास्थ्य संबंधी मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में जिन्हें इस दौरान संभलकर रहने की जरूरत है: मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर मिलाजुला लेकिन कुछ मामलों में नुकसानदेह हो सकता है. इस अवधि में आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ वैचारिक मतभेद होने की आशंका है. निवेश करने से बचें और किसी को उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच लें. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना मानसिक तनाव बढ़ा सकता है. साझेदारी के बिजनेस में घाटा होने की संभावना है. वाणी पर नियंत्रण न रखने के कारण परिवार या कार्यस्थल पर संबंध खराब हो सकते हैं. सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें, खासकर पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों को इस अवधि में भाग्य का साथ थोड़ा कम मिलेगा, जिससे बनते काम अटक सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ेगा, जिससे मानसिक थकान हो सकती है. आर्थिक रूप से कोई बड़ा फैसला लेना इस समय भारी पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह की राजनीति या गपशप से दूर रहें. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. गुप्त शत्रुओं के कारण आपको करियर में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. धन हानि के योग बन रहे हैं, इसलिए लेन-देन में सावधानी रखें. यात्रा करते समय अपने सामान और सेहत का विशेष ध्यान रखें.

साइबर अपराधियों के निशाने पर पूर्व PM का परिवार, बेटे के साथ 7.80 लाख की ठगी का मामला दर्ज

मोहाली  पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के साथ दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी हुई है। ठगों ने व्हाट्सएप पर गुजराल की फोटो लगाकर उनकी ही कंपनी के कर्मचारी को झांसा दिया और ₹7.80 करोड़ ट्रांसफर करवा लिए।  बेटी ने पिता को बताया तो पता चला यह धोखाधड़ी 16 जून 2026 को सामने आई। जब नरेश गुजराल के एक कर्मचारी को उनके नाम और फोटो वाली व्हाट्सऐप प्रोफाइल से पैसे ट्रांसफर करने का मैसेज मिला, तो उसने बताए गए खाते में रकम भेज दी। बाद में कर्मचारी ने इस बारे में नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल को जानकारी दी। दीक्षा को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत अपने पिता से बात की। नरेश गुजराल ने साफ कहा कि उन्होंने किसी को पैसे भेजने के लिए नहीं कहा था और उन्हें इस लेन-देन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद परिवार और कर्मचारियों को पता चला कि कोई ठग नरेश गुजराल बनकर व्हाट्सऐप पर लोगों को मैसेज भेज रहा था और वे एक सोची-समझी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए हैं एजेंसियों ने खाते को फ्रीज करवाया नरेश गुजराल ने बताया कि दिल्ली की साइबर एजेंसियों ने शिकायत मिलते ही तेजी से कार्रवाई की, जिसके चलते ठगी गई ज्यादातर रकम को समय रहते रोक लिया गया और आरोपी उसे खाते से नहीं निकाल पाए। उन्होंने बताया कि पैसे ट्रांसफर होने से पहले बैंक ने उनके सीएफओ (मुख्य वित्त अधिकारी) को फोन कर पुष्टि भी की थी। लेकिन सीएफओ को लगा कि यह निर्देश खुद नरेश गुजराल ने दिए हैं, इसलिए उन्होंने बैंक को लेन-देन पूरा करने की मंजूरी दे दी। बाद में पता चला कि यह पूरा मामला ठगी का था।  

ट्रंप ने भारत को दिया खुला समर्थन, कहा- किसी ने हमला किया तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारत के समर्थन को लेकर बड़ा बयान दिया. ट्रंप ने कहा कि अगर कभी भारत पर हमला होता है, तो अमेरिका उसके साथ खड़ा होगा. ट्रंप ने कहा, ‘अगर पीएम मोदी हैं और भारत पर क‍िसी ने अटैक क‍िया तो अमेरिका भारत के लिए मौजूद रहेगा, भले ही इस संबंध में कोई लिखित समझौता न हो. कोई और नेता होगा तो हम कह नहीं सकते।  राष्‍ट्रपत‍ि ट्रंप का यह बयान दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण र‍िश्तों के बीच आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरा विश्वास और साझेदारी है।  ट्रंप के बड़े बयान ट्रंप ने भारत के भविष्य की संभावनाओं को पीएम मोदी के पद पर बने रहने से जोड़ते हुए कहा, जब तक मोदी भारत के नेता हैं, भारत बड़ी भूमिका निभाएगा।  ट्रंप ने कहा, पिछली बार भारत का दौरा बहुत शानदार रहा था. हमने उस नए स्टेडियम का उद्घाटन किया था… भारत में मेरा समय बहुत अच्छा बीता… मुझे लगता है कि हर चीज में भारत की बड़ी भूमिका है. जब तक वे (पीएम मोदी) वे नेता हैं. भारत बड़ी भूमिका निभाने वाला है… जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, व्हाइट हाउस में उनका एक बहुत अच्छा दोस्त है. मुझे नहीं पता कि कहां कोई समस्या है. मुझे ऐसा नहीं लगता. यहां हर कोई भारत को पसंद करता है और इस व्यक्ति (पीएम नरेंद्र मोदी) के लिए बहुत सम्मान रखता है।  पीएम मोदी की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा- वह (पीएम मोदी) बहुत टफ न‍ेगोश‍िएटर हैं. मैं आपको एक बात बताता हूं. वह दिखने में बहुत अच्छे हैं, बहुत भले लगते हैं, जैसे कोई फरिश्ता हों. लेकिन वह बहुत टफ नेगोश‍िएटर हैं. वह बहुत कठोर हैं. वह बहुत ही कड़े मिजाज के इंसान हैं. लेकिन वह दिखते बहुत अच्छे हैं. इसी तरह वह आपको चौंका देते हैं।  जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस पर फिर से कोई प्रतिबंध लगाए जाएंगे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हम इस पर विचार कर रहे हैं. हम देख रहे हैं कि तेल की कीमतें कितनी नीचे आती हैं, वे तेजी से गिर रही हैं… कीमतें कम हो रही हैं और जल्द ही उस स्तर पर आ जाएंगी जो 4 महीने पहले था. इसके अलावा, हमारे सामने बिना परमाणु हथियारों वाला ईरान होगा. मैं कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री भी इस बात को लेकर बहुत गंभीर हैं। 

6 साल पुरानी फाइल बनी नई मुसीबत, अभिषेक बनर्जी पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी?

जबलपुर /कोलकाता मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश की प्रति तत्काल ट्रायल कोर्ट को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।यह मामला नवंबर 2020 में कोलकाता की एक राजनीतिक रैली के दौरान भाजपा नेता आकाश विजय वर्गीय को कथित रूप से 'गुंडा' कहे जाने से जुड़ा है। इस टिप्पणी के खिलाफ आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का रुख किया था। एमपी/एमएलए कोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। अब हाईकोर्ट ने उस राहत को समाप्त करते हुए अंतरिम स्थगन आदेश रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने जानें क्यों जताई नाराजगी? गौरतलब है कि आठ मई को हुई सुनवाई के दौरान भी उनके वकील की अनुपस्थिति पर अदालत ने नाराजगी जताई थी और स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगली तारीख पर बहस नहीं होने की स्थिति में अंतरिम राहत जारी नहीं रहेगी।बीते दिनहुई सुनवाई में भी अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। पासओवर के बाद भी जब कोई पक्षकार अदालत में पेश नहीं हुआ तो हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक समाप्त कर दी। कोर्ट नाराज क्यों हुआ? मामले की सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। इसी आधार पर हाई कोर्ट की बेंच ने 12 नवंबर 2025 को गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई भी प्रतिनिधि या वकील उपस्थित नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए बेंच ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता खुद ही इस याचिका को आगे बढ़ाने में विशेष रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए गिरफ्तारी वारंट पर लगाई गई अंतरिम रोक हटाई जाती है। ईडी की अभिषेक से सुनवाई वहीं, इस मामले के अलावा अभिषेक बनर्जी से ईडी भी पूछताछ कर रही है। बंगाल के कथित शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर 16 जून को उनसे 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। इसके अलावा अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो अन्य मामले भी दर्ज बताए जा रहे हैं। अभिषेक बनर्जी को अपने संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा है कि वह इन मामलों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के सामने कभी भी सरेंडर नहीं करेंगे। अभिषेक ने दावा किया कि अगर उनका गला भी काट दिया जाए, तब भी वह डरकर पीछे नहीं हटेंगे। अभिषेक बनर्जी की हो सकती है गिरफ्तारी अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे बनर्जी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस जल्द ही पश्चिम बंगाल जाकर उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। यह भी संभव है कि एमपी पुलिस के ऐक्शन से पहले वह सुप्रीम कोर्ट जाकर राहत की मांग करें। 6 साल पहले कोलकाता में दिया था बयान सांसद अभिषेक बनर्जी के अरेस्ट वारंट से स्टे हटाते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी तुरंत ट्रायल कोर्ट को भेजी जाए। यह मामला 6 साल पुराना है, जब नवंबर 2020 में एक चुनावी रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय के लिए कथित तौर पर 'गुंडा' वाला बयान दिया था। आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि वह वर्तमान में एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की संभावना नहीं है। इस बीच पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता अभिजीत दास की शिकायत पर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले में दो एफआईआर दर्ज की गई है। बंगाल में ताबड़तोड़ एक्शन जानकारी के लिए बता दें कि जब से पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनी है, टीएमसी के कई नेताओं के खिलाफ एक्शन हुआ। कई मामलों में आरोपियों की सार्वजनिक परेड भी निकाली गई। बात चाहे पुष्पा उर्फ जहांगीर खान की हो या फिर शाहीन मोल्ला की, प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई। सरकार की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। हालांकि, इस तरह की सार्वजनिक परेड को लेकर टीएमसी ने भी विरोध दर्ज कराया है। मामला हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है जहां राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा गया है।

सोनहत एनीकट निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

सोनहत एनीकट निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये स्वीकृत   120 हेक्टेयर में सिंचाई, भू-जल संवर्धन और पेयजल को मिलेगा लाभ रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग ने कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत में सोनहत एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 49 लाख 48 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इस एनीकट के निर्माण से किसानों द्वारा स्वयं के साधन से लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे रबी और खरीफ फसलों की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।         इस योजना का निर्माण कार्य कराने के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को स्वीकृति दी गई है। किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा लाभ           एनीकट के बनने से क्षेत्र में भू-जल संवर्धन होगा। निस्तारी और पेयजल की सुविधा बेहतर होगी। साथ ही आवागमन भी सुगम होगा।  किसानों को इसके निर्माण से लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी l

राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया

राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।   लोक भवन में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना एवं लोक भवन  के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी।

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी बिरला का स्वागत किया।