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दिल्ली में बड़ा खुलासा, महिलाओं के भेष में वसूली कर रहे 7 बांग्लादेशी दबोचे गए

नई दिल्ली उत्तर-पश्चिमी जिले की फॉरनर सेल ने बिना वैध दस्तावेजों के दिल्ली में रह रहे सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी लाल बत्ती पर महिलाओं की ड्रेस में रुपये मांगते थे। इनमें कथित तौर पर पांच किन्नर और दो पुरुष शामिल हैं। बांग्लादेश से लगातार संपर्क में थे पुलिस ने इनके पास से आईएमओ ऐप से लैस पांच स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिनसे ये बांग्लादेश में अपने संपर्कों से जुड़े रहते थे। पुलिस का कहना है कि ये लोग रात के समय अवैध गतिविधियों में भी शामिल रहते थे। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने बांग्लादेशी नागरिक होने और भारत में अवैध रूप से रहने की बात स्वीकार की। डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग मुकुंदपुर फ्लाईओवर के आसपास रह रहे हैं। जांच के दौरान वे फ्लाईओवर के नीचे भीख मांगते मिले। पूछताछ में दो अन्य पुरुष आरोपियों की पहचान हुई, जिन्हें बाद में पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बांग्लादेश के जमालपुर, ढाका, फरीदपुर, बरीसाल और चटगांव के निवासी हैं। दिल्ली कैंट से पकड़े पांच बांग्लादेशी इधर, दक्षिण-पश्चिम जिले की ऑपरेशंस सेल ने पांच बांग्लादेशी नागरिकों को दिल्ली कैंट इलाके से पकड़ा है। इनमें तीन पुरुष, एक महिला और 40 दिन का बच्चा शामिल है। आरोपियों में उकिल अमीन, अब्दुल रहीम, मोहम्मद जहीदुल इस्लाम, जिम्मू खातून और उनके 40 दिन के बेटे मोहम्मद जाकिर शामिल हैं।

अमेरिका में बड़ी चूक, ट्रंप पर हमले के मामले में 6 सीक्रेट सर्विस एजेंट सस्पेंड

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले साल पेनसिल्वेनिया के बटलर में चुनावी रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में सीक्रेट सर्विस के छह एजेंटों को निलंबित कर दिया गया है। इन एजेंटों पर सुरक्षा में गंभीर चूक का आरोप है। सीक्रेट सर्विस के डिप्टी डायरेक्टर मैट क्विन ने सीबीएस न्यूज को बताया कि निलंबन की अवधि 10 से 42 दिनों के बीच है और इस दौरान उन्हें वेतन नहीं मिलेगा। हालांकि एजेंटों को बर्खास्त नहीं किया गया है, लेकिन निलंबन के बाद उनकी जिम्मेदारियां घटा दी जाएंगी और उन्हें कम संवेदनशील भूमिकाओं में तैनात किया जाएगा। क्विन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, “हम इसे बर्खास्तगी के जरिए हल नहीं करने जा रहे है। हम जड़ तक पहुंचकर उन खामियों को दूर करेंगे, जिनकी वजह से यह स्थिति पैदा हुई थी।” आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव से पूर्व 2024 में पेंसिल्वेनिया में आयोजित एक चुनावी रैली में ट्रंप पर गोलियां चलाई गई थीं, जिसमें वे घायल हो गए थे। इस घटना ने अमेरिका की राजनीतिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि हमलावर काफी देर तक आसपास मौजूद था, लेकिन सीक्रेट सर्विस उसे समय रहते पहचान नहीं सकी। हमले के बाद से सीक्रेट सर्विस की भूमिका और सुरक्षा तंत्र की समीक्षा हो रही थी। कई सांसदों और विशेषज्ञों ने सुरक्षा में अभूतपूर्व चूक करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि एजेंसी के डिप्टी डायरेक्टर क्विन का कहना है कि सुधार की प्रक्रिया सिर्फ सजा देने से नहीं, बल्कि प्रणाली को बेहतर बनाने से होती है।

श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग में मनेगा रक्षाबंधन, पूरे दिन रहेगा राखी बांधने का शुभ समय

रक्षाबंधन का पावन त्योहार 9 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। इस बार का रक्षाबंधन कई विशेष योगों से युक्त है। पूरे दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, जिससे किसी भी समय राखी बांधी जा सकेगी। इस वर्ष रक्षाबंधन श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, बव करण और पूर्णिमा तिथि में मनाया जाएगा। चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा। विशेष बात यह है कि 1728 के बाद पहली बार 2025 में 8 ग्रहों की विशेष स्थिति बन रही है। सूर्य कर्क में, चंद्र मकर में, मंगल कन्या में, बुध कर्क में, गुरु और शुक्र मिथुन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला के अनुसार, इस दिन विभिन्न समय पर अलग-अलग केंद्र त्रिकोण योग बनेंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग में प्रातः से दोपहर 2:40 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। सायंकाल में भी शुभ योग में राखी बांधी जा सकेगी। शनिवार के दिन श्रावण नक्षत्र का संयोग रक्षा बंधन पर्व पर कई योग संयोग बन रहे है। शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र का योग बहुत कम बनता है। इस दिन चंद्र मकर राशि में रहेगा और मकर राशि के स्वामी शनि है। शनिवार का दिन जिसका स्वामी भी शनि है और श्रवण नक्षत्र जो शनि की राशि की कक्षा में आते है। यह अपने आप में दुर्लभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में श्रवण नक्षत्र का अधिपति विष्णु को बताया गया है। इस दिन सौभाग्य योग भी है, जिसके अधिपति ब्रह्मा है। ऐसे में ब्रह्मा व विष्णु की उपस्थिति में इस बार का रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से मैनपाट बनेगा शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा, सीसी रोड और मंदिर शेड निर्माण को दी मंजूरी तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुरूप आत्मीय स्वागत से मुख्यमंत्री हुए अभिभूत रायपुर  छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुस्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

तीसरे दिन भी नहीं टूटी छांगुर बाबा की कोठी, बुलडोजर एक्शन में अफसरों की जद्दोजहद जारी

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले साम्राज्य पर तीसरे दिन भी बुलडोजर का एक्शन जारी है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई छांगुर बाबा की आलीशान किलेनुमा कोठी पर प्रशासन का बुलडोजर गरज रहा है. हालांकि, बाबा की ये कोठी इतनी मजबूत है कि इसको तोड़ने के लिए जेसीबी को भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.  जानकारी के मुताबिक, छांगुर बाबा ने अपनी इस मजबूत कोठी में 10 मिलीमीटर से 15 मिलीमीटर तक की मोटी-मोटी सरिया लगवा रखी हैं. इसका कंक्रीट मटेरियल भी ऐसा इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर ब्रिज और पुल निर्माण में प्रयोग होता है. इसी के चलते बाबा की कोठी बेहद मजबूत है, जिसे तोड़ने में बुलडोजर को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.  आपको बता दें कि बलरामपुर स्थित छांगुर बाबा की जिस कोठी को जमींदोज किया जा रहा है, वह किसी महल से कम नहीं है. पूरी कोठी सीसीटीवी से लैस थी. प्राइवेट पावर प्लांट लगाया था. दर्जनों सोलर पैनल लगे थे. बाउंड्री पर कटीले तार बिछे थे. कथित तौर पर इनमें करंट दौड़ता था, ताकि कोई कोठी के पास भी न फटक पाए.  इतना ही नहीं इस कोठी के अंदर ही एक गुप्त कंट्रोल रूम भी था, जिससे पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी. कंट्रोल रूम बाबा के बेडरूम था. अंदर जाने वाले हर व्यक्ति की रिकॉर्डिंग होती थी. मालूम हो कि छांगुर बाबा को उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के साथ बीते शनिवार को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. दोनों बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. छांगुर बाबा के खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी था. उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था. फिलहाल, दोनों को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद रिमांड पर लेकर लखनऊ जिला जेल भेज दिया गया है. अब एटीएस उनसे पूछताछ करेगी.  इससे पहले, इसी केस में 8 अप्रैल को दो और आरोपियों जमालुद्दीन जो कि नसरीन का पति है और छांगुर बाबा के बेटे महबूब को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये दोनों भी बलरामपुर के रहने वाले हैं और फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों से इन बड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे- इस अवैध धर्मांतरण के पीछे फंडिंग कहां से आई? अब तक कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया? इस संगठित गिरोह के सदस्य किन-किन राज्यों और जिलों में सक्रिय हैं? क्या इसके पीछे विदेशी ताकतों का इशारा था? इनकी खाड़ी देशों में किससे मुलाकात हुई और किनके निर्देश पर यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था?

इंदौर में आधुनिकता की ओर कदम, पोलो ग्राउंड पर Z आकार में बन रहा रेलवे ओवरब्रिज

इंदौर  मध्यप्रदेश की राजधानी के चर्चित 90 डिग्री ब्रिज की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि इंदौर ने बाजी मार ली। इंदौर में एक और अजीबोगरीब पुल सामने आया है। शहर के पोलो ग्राउंड पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज, जो अंग्रेजी के अक्षर 'Z' की शक्ल में है, अब सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक चर्चा का विषय बन गया है। इस ब्रिज में दो-दो 90 डिग्री एंगल है। यानी ये इंदौर इस मामले में भोपाल से भी दो कदम आगे निकल गया है। इंजीनियरिंग का नया नमूना या ट्रैफिक का पजल? इंदौर के पोलो ग्राउंड पर बन रहा यह रेलवे ओवरब्रिज अपनी अनोखी डिजाइन के लिए सुर्खियों में है। इस ब्रिज में 90 डिग्री के दो तीखे मोड़ हैं, जो इसे 'Z' आकार का बनाते हैं। यह डिजाइन देखकर कोई इसे इंजीनियरिंग का चमत्कार कह रहा है तो कोई इसे ट्रैफिक का रोलर कोस्टर। दो-दो तेज मोड़ की वजह से यहां हादसों का डर लोगों को सता रहा है। भोपाल को पीछे छोड़ा, इंदौर ने मारी बाजी भोपाल का ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था, लेकिन इंदौर ने दो कदम आगे बढ़कर 'Z' आकार का ब्रिज बनाकर सबको चौंका दिया। यह ब्रिज पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) की देखरेख में बन रहा है, और इसके डिजाइन ने इंदौर को 'अजब मध्य प्रदेश' के नक्शे पर और चमका दिया। जैसे ही यह अनोखा ब्रिज चर्चा में आया, PWD ने सफाई दी कि डिजाइन में संशोधन पर विचार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि यह ब्रिज रेलवे लाइन को पार करने के लिए बनाया जा रहा है, और जगह की कमी के कारण ऐसी डिजाइन बनाई गई। सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ 'Z' आकार के इस ब्रिज ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। कोई इसे 'मध्य प्रदेश का जिग-जैग अजूबा' कह रहा है तो कोई इसे 'ड्राइविंग स्कूल का टेस्ट ट्रैक' बता रहा है। एक यूजर ने तो मजाक में लिखा, "इंदौर में ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए अब Z टेस्ट देना होगा।" इन मजेदार मीम्स ने इस ब्रिज को और भी चर्चित बना दिया है।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा, शिवकृपा से जीवन में सुख प्राप्त होता है, सभी भगवान एक समान, प्रशासन और पुलिस ने की पूरी तैयारी, तैनात हैं अधिकारी

सीहोर  संपूर्ण ज्योर्तिलिंगों के मध्य देश भर के श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र कुबेरेश्वरधाम है, यहां पर कंकर-कंकर में शंकर है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं भगवान शंकर करते है। पिछले साल गुरु पूर्णिमा पर एक मात्र पंडाल लगाया था, लेकिन वर्तमान में 10 से अधिक पंडाल और डोम के बाद भी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की कमी नहीं है, यह बड़े-बड़े पंडाल छोटे पड़ गए है। यह सब बाबा का आशीर्वाद और आपका शिव पर किया विश्वास का परिणाम है। उक्त विचार कुबेरेश्वरधाम पर जारी गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पांचवें दिवस कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे। धाम के व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत सुबह से ही हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा दी जा रही है और दोपहर एक बजे से ढाई बजे तक प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। वहीं पूर्णिमा के पावन अवसर पर 30 क्विंटल से अधिक नुक्ति का वितरण भोजन प्रसादी के साथ किया जाएगा। बुधवार को शिवमहापुराण कथा की शुरुआत पंडित मिश्रा ने हर-हर महादेव, घर-घर महादेव, जन-जन महादेव के उद्घोष से की। लाखों भक्तों के सैलाब को देख कहा शिवकृपा आती है तब हमें जीवन का कोई न कोई सुख प्राप्त होता है। शिव की कृपा उदारता आप और हम पर हुई है। सभी भगवान एक समान हैं, उनमें कोई भेद नहीं है यह एक सामान्य धार्मिक भावना है जो विभिन्न देवी-देवताओं को एक ही परमेश्वर के विभिन्न रूपों के रूप में देखती है। इसका मतलब है कि सभी भगवान, चाहे वे किसी भी नाम या रूप में पूजे जाते हों, एक ही सर्वोच्च शक्ति के विभिन्न पहलू हैं। प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि काशी के हर पत्थर में भगवान शिव का वास है। यह काशी की धार्मिक और आध्यात्मिक महिमा को दर्शाता है। दिवोदास, काशी के एक राजा थे जिन्होंने देवताओं को काशी से निकाल दिया था और स्वयं काशी का शासन संभाला था। राजा दिवोदास के बारे में विस्तार से जारी दी। कुबेरेश्वर धाम में भीड़ बढ़ी तो बदलेगा रास्ता कुबेरेश्वर धाम में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ सकती है। अगर भीड़ बढ़ी तो भोपाल-देवास कॉरीडोर पर रास्ता बदलेगा। कलेक्टर बालागुरु के. ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने पूरी तैयारी की हुई है, यदि अचानक भीड़ बढ़ती है तो उसे डायवर्ड कर या मार्ग को रोक कर समाधान किया जाएगा। फिलहाल भक्तों की संख्या कम ही है। फिर भी वहां प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तैनात हैं। कुबेरेश्वर धाम कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का मुख्य स्थान है। पिछले साल गुरु पूर्णिमा पर एक मात्र पंडाल लगाया था, लेकिन अभी 10 से अधिक पंडाल और डोम लगाया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में सूरजपुर को बड़ी सौगात, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल रंग लाई

 मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों ने दी सूरजपुर को शैक्षणिक समृद्धि की सौगात मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर को मिली शैक्षणिक समृद्धि की नई पहचान शिक्षा के क्षेत्र में सूरजपुर को बड़ी सौगात, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल रंग लाई महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े 441 लाख की लागत से बनेगी सेंट्रल लाइब्रेरी रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से सूरजपुर जिले के युवाओं को एक बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूरजपुर में सेंट्रल लाइब्रेरी एवं रीडिंग जोन के निर्माण के लिए 441.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।   यह अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी 250 सीटों की क्षमता के साथ विकसित की जाएगी, जिसमें डिजिटल स्टडी मटेरियल, ई-लर्निंग संसाधन, शांत रीडिंग जोन, इंटरनेट सुविधा और पुस्तकालय प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों का समावेश होगा। इसका लाभ स्कूली विद्यार्थियों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और साहित्य प्रेमियों तक को मिलेगा। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह लाइब्रेरी केवल भवन नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद होगी। यह ज्ञान आधारित समाज की ओर एक सशक्त कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल शैक्षणिक सशक्तिकरण, क्षेत्रीय संतुलन और अध्ययनशील वातावरण को मजबूती देने में मील का पत्थर साबित होगी। इस निर्णय से सूरजपुर जिले में हर्ष की लहर है। विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल के लिए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आभार जताया है और इसे जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।

डॉ. वर्णिका शर्मा का बेमेतरा दौरा, बाल अधिकारों की स्थिति का लिया जायजा

रायपुर : बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का बेमेतरा दौरा बेमेतरा पहुंचीं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, बच्चों से की मुलाकात डॉ. वर्णिका शर्मा का बेमेतरा दौरा, बाल अधिकारों की स्थिति का लिया जायजा तीन मासूमों के लिए बना वरदान, एक लापता बच्ची की खोज के लिए गठित हुई एस.आई.टी. रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास न केवल निरीक्षण और संवाद तक सीमित रहा, बल्कि यह कई बच्चों और उनके परिजनों के जीवन में उम्मीद और अधिकार का नया उजाला लेकर आया। दौरे के दौरान तीन असाध्य चर्म रोग से पीड़ित बच्चों को उनका जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ, जो अब तक सामाजिक उपेक्षा और दस्तावेज़ी अभाव के कारण शासन की योजनाओं से वंचित थे। डॉ. शर्मा को जानकारी मिली थी कि केसडबरी गांव के तीन मासूम बच्चे एक दुर्लभ चर्म रोग से पीड़ित हैं, जिसके कारण समाज में उनके साथ भेदभाव हो रहा था और आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण वे किसी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस पर डॉ. शर्मा स्वयं गांव पहुंचीं, बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी स्थिति को समझा और तीन दिवस के भीतर उनके जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए। अधिकारियों की तत्परता से यह कार्य तय समय में पूर्ण हुआ। उन्होंने बच्चों को एम्स रायपुर में उपचार दिलाने के निर्देश दिए और बाल कल्याण समिति को निरंतर निगरानी में रखने की बात कही। साथ ही जरूरत पड़ने पर आयोग से संपर्क बनाए रखने को कहा। इसी प्रवास के दौरान एक माता द्वारा अपनी छह माह से लापता बच्ची की दर्दभरी आपबीती साझा की गई। पीड़िता की गंभीर अवस्था को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर विशेष अनुसंधान टीम गठित करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन एस.आई.टी. गठित कर बच्ची की खोज के लिए अन्य राज्य में टीम भेज दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन 18 औद्योगिक नीतियों और प्रोत्साहनकारी प्रावधानों की दी जानकारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्थान के उद्यमियों को किया निवेश के लिए मध्यप्रदेश आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव फर्नीचर, टिंबर व्यवसाय और होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि हुए बैठक में शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन 18 औद्योगिक नीतियों और प्रोत्साहनकारी प्रावधानों की दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राजस्थान के जोधपुर प्रवास के दौरान विभिन्न फर्नीचर, टिंबर व्यवसाइयों और होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सघन वन संपदा है। मध्यप्रदेश जैसे सागौन वन कहीं नहीं है। फर्नीचर व्यवसाय में इनको बढ़ावा देते हुए राजस्थान और मध्यप्रदेश संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में उद्योगों और व्यवसायों के उन्नयन के साथ नवीन निवेश आ रहा है। प्रदेश में उद्योग और निवेश बढ़ाने के लिए नई नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को बताया कि भोपाल में इस वर्ष फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी। इस अवसर पर 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया गया है। इनके लाभकारी प्रावधानों का लाभ देश भर के उद्यमियों द्वारा लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र में अनेक नवाचार भी किए गए हैं। नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए निजी संस्थाओं को रियायती दर पर भूमि और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। जिस प्रदेश में सिर्फ पांच मेडिकल कॉलेज थे वहां आज 36 मेडिकल कॉलेज हैं। आने वाले 2 वर्ष में इनकी संख्या 50 हो जाएगी। चिकित्सा और उपचार क्षेत्र के साथ ही निवेश के अनेक क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। विभिन्न राज्यों के उद्यमी उत्साह पूर्वक मध्यप्रदेश आ रहे हैं। मध्यप्रदेश आएं, उद्योग लगाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों से कहा कि वे विभिन्न उद्योगों की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश आ सकते हैं। उन्हें नीतियों के अंतर्गत उद्योग स्थापना के लिए पूरा प्रोत्साहन और सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 में हुए विभिन्न कॉन्क्लेव, विभिन्न नगरों में रोड-शो आदि की जानकारी भी प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राजस्थान के उद्यमियों ने अनेक सुझाव भी दिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रारंभ में राजस्थान के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया।