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ED का नया रडार: विजय देवरकोंडा और राणा दग्गुबाती समेत कई सितारों पर जांच शुरू

मुंबई  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तेलंगाना में एक बड़े सट्टेबाजी घोटाले की जांच के तहत 29 फिल्मी हस्तियों, यूट्यूबर्स और इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  साउथ फिल्म इंडस्ट्री एक नए विवाद के घेरे में है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तेलंगाना के 29 फिल्मी सितारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर्स के खिलाफ अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार के आरोप में जांच शुरू की है। इस लिस्ट में मशहूर अभिनेता विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, निधि अग्रवाल, मंचु लक्ष्मी, और कई अन्य जाने-माने नाम शामिल हैं। मामले की शुरुआत कैसे हुई? इस मामले की नींव मियापुर के एक व्यवसायी फणिंद्र शर्मा द्वारा दर्ज की गई शिकायत से रखी गई। शर्मा ने आरोप लगाया कि दक्षिण भारत के कई प्रमुख फिल्मी सितारे और सोशल मीडिया चेहरों ने अवैध सट्टेबाजी ऐप्स का प्रचार किया है, जिससे हजारों युवा और मध्यम वर्गीय परिवार वित्तीय नुकसान झेल रहे हैं।शिकायत में कहा गया कि इन ऐप्स को प्रचारित करने वाले सितारे उन्हें "आसान कमाई का जरिया" बताकर लोगों को आकर्षित कर रहे थे। इस पर साइबराबाद पुलिस ने 19 मार्च 2025 को 25 प्रमुख हस्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता, तेलंगाना गेमिंग एक्ट, और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं लगाई गईं। अब मामला पहुंचा ईडी तक साइबराबाद पुलिस की एफआईआर के आधार पर अब यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच चुका है। ईडी ने इसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया है और उन सभी हस्तियों के बैंक रिकॉर्ड, प्रमोशन फीस, टैक्स डिटेल्स और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है।सूत्रों के मुताबिक, इन ऐप्स के ज़रिए हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है, जो वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों की श्रेणी में आता है। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को लुभाने के लिए सेलेब्स का प्रभाव जानबूझकर इस्तेमाल किया गया। कौन-कौन हैं जांच के दायरे में? ईडी जिन प्रमुख चेहरों की जांच कर रही है, उनमें शामिल हैं:     विजय देवरकोंडा     राणा दग्गुबाती     प्रकाश राज     निधि अग्रवाल     मंचु लक्ष्मी     अनन्या नागल्ला     प्रणीता सुभाष     एंकर श्रीमुखी     श्यामला     यूट्यूबर हर्षा साई, बय्या सनी यादव, और लोकल बॉय नानी जैसे सोशल मीडिया प्रभावशाली चेहरे। सेलेब्स की सफाई और प्रतिक्रिया इस पूरे मामले पर संबंधित हस्तियों ने अपनी सफाई देना शुरू कर दिया है: विजय देवरकोंडा की टीम ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने केवल A23 नामक कौशल-आधारित गेमिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार किया था, जिसका अनुबंध 2023 में समाप्त हो गया था। प्रकाश राज ने बताया कि उन्होंने 2016 में एक ऐप का प्रचार किया था, लेकिन जब उन्हें इसकी प्रकृति समझ में आई तो उन्होंने तत्काल दूरी बना ली। वहीं राणा दग्गुबाती ने कहा कि उन्होंने जो भी प्रचार किया है, वह पूरी तरह कानूनी अनुपालन के तहत था। ईडी की इस कार्रवाई से टॉलीवुड में हड़कंप मच गया है। इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि आमतौर पर ये सितारे युवा पीढ़ी के आदर्श माने जाते हैं। ऐसे में उनके प्रचार से प्रेरित होकर कई लोग इन ऐप्स में फंसते चले गए।  

रायपुर: मंत्री जायसवाल ने कमलेश्वरपुर अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मैनपाट के कमलेश्वरपुर अस्पताल का किया निरीक्षण स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया मैनपाट के कमलेश्वरपुर अस्पताल का निरीक्षण रायपुर: मंत्री जायसवाल ने कमलेश्वरपुर अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा कमलेश्वरपुर अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति एवं मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचें और हर नागरिक को समय पर उपचार मिल सके। इस निरीक्षण के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर एवं स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी को समर्पण भाव से सेवा देने के लिए प्रोत्साहित किया।

यूपी में मानसून दक्षिण और बुंदेलखंड की तरफ शिफ्ट, आज इन 14 जिलों में होगी बारिश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और मध्य प्रदेश से सटे जिलों में आज भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 40 जिलों में गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बुधवार को प्रदेश के तराई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बुधवार और बृहस्पतिवार के दौरान बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बुधवार को पश्चिम तराई, विंध्य क्षेत्र और बुंदेलखंड में अच्छी बारिश के आसार हैं। यहां है भारी वर्षा की चेतावनी बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में ।  यहां है मेघगर्जन और वज्रपात होने की संभावना बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही , कानपुर देहात, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।  

सड़क निर्माण में अब नहीं चलेगा समझौता, गुणवत्ता के लिए कड़े कदम : मंत्री सिंह

सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ठोस प्रयास : लोक निर्माण मंत्री सिंह भोपाल  लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभागीय कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु उठाए जा रहे प्रभावी कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए विभाग तकनीकी नवाचार, पारदर्शी निरीक्षण प्रणाली और सख्त गुणवत्ता मानकों को अपनाते हुए कार्य कर रहा है। मंत्री सिंह ने कहा कि इंदौर के पोलोग्राउंड क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का कार्य पूर्णतः स्वीकृत तकनीकी डिज़ाइन और मानकों के अनुरूप प्रगति पर है। यह ओवरब्रिज रेलवे और लोक निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण और डिज़ाइन प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया गया है। वर्तमान में निर्माणाधीन इस आरओबी की लंबाई 1027.60 मीटर और चौड़ाई 12.00 मीटर निर्धारित की गई है। इसका डिज़ाइन तीन दिशाओं में यातायात सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पोलोग्राउंड, लक्ष्मीबाई स्टेशन और भागीरथपुरा की ओर जाने वाली तीन भुजाएँ इसमें सम्मिलित हैं। मंत्री सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज में कुल पाँच टर्न (वक्र) हैं, जिनका निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। आईआरसी मानकों के अनुसार कर्व का न्यूनतम रेडियस 15 मीटर होता है, जबकि इस आरओबी के सभी टर्न का रेडियस लगभग 20 मीटर है, जिससे यह डिज़ाइन और संरचनात्मक दृष्टि से पूरी तरह संतुलित और सुरक्षित है। निर्माण कार्य के सभी आयाम — जैसे कि रेडियस ऑफ कर्वेचर, डिज़ाइन स्पीड और सुपर एलीवेशन — को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया गया है। यह आरओबी इंदौर शहर के तीन प्रमुख क्षेत्रों को यातायात की निर्बाधता और सुविधा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निर्माण स्थल की स्थिति और डिज़ाइन ड्रॉइंग का तुलनात्मक अवलोकन इस बात की पुष्टि करता है कि कार्य स्वीकृत तकनीकी योजनाओं के अनुसार ही किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा कर रहा है। मंत्री सिंह ने कहा कि गड्ढे रहित सड़कें संधारण विभाग की प्राथमिकता हैं, परंतु अत्यधिक वर्षा और ट्रैफिक लोड के कारण कभी-कभी सड़कों की क्षति होती है। इनके सुधार कार्य के लिये विभाग तकनीकी प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर रहा है, जिससे अभियंता नवाचारों और आधुनिक तकनीकों से अपडेट रह सकें। लोकपथ मोबाईल ऐप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण हेतु 7 दिवस की समय-सीमा को कम करने पर भी विचार किया जा रहा है। मानसून के दौरान सड्कों की मरम्मत के लिये आधुनिक मशीनों से पेच रिपेयर की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। उन्होने बताया कि अभी हाल ही मे 8 से 10 जून के बीच विभाग के 1500 से अधिक इंजीनियरों को एक अभियान के रूप में सड्कों के निरीक्षण के लिये भेजा गया था और 20 जून तक सभी मरम्मत कार्य पूर्ण करने के लिये निर्देशित किया गया था। मंत्री सिंह ने यह कहा कि सड़कों की एक उम्र होती है, यदि इससे पहले सड़क खराब होती है तो यह जाँच का विषय है और दोषियों पर कार्यवाही होगी। कई मामलों में सडकों पर यातायात दवाब और वाहनों के बोझ पर भी क्षति का होना निर्भर करता है। मंत्री सिंह ने बताया कि प्रदेश की सभी 13 मण्डल स्तरीय प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कर दिया गया है, जिससे निर्माण सामग्री की जांच अब और अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगी। प्रत्येक जिले में मोबाइल प्रयोगशालाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रथम चरण में 13 मण्डलों के लिए निविदा जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण स्थलों पर त्वरित जांच और सुधार की प्रक्रिया सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए तेलंगाना और गुजरात की तर्ज पर एक स्वतंत्र गुणवत्ता नियंत्रण इकाई की स्थापना कर दी गई है, जो केवल गुणवत्ता निगरानी के लिए समर्पित होगी। सड़क निर्माण में प्रयुक्त डामर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके अंतर्गत डामर केवल सार्वजनिक उपक्रम रिफाइनरियों – इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम से ही खरीदा जाएगा। इसके परिवहन हेतु जीपीएस आधारित ई-लॉकिंग सिस्टम से युक्त टैंकरों का उपयोग किया जाएगा, जिन्हें निर्माण स्थल पर केवल विभागीय अभियंता ओटीपी के माध्यम से खोल सकेंगे। औचक निरीक्षण की पारदर्शी और तकनीकी प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि विभाग ने एक सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली विकसित की है, जिसमें निरीक्षण स्थल, दल और सैंपल का चयन पूरी तरह रैंडम तरीके से होता है। संग्रहीत सैंपल को गोपनीय कोड के साथ प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है और रिपोर्ट सीधे सॉफ्टवेयर पर अपलोड की जाती है। इसके बाद अगले ही दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर आवश्यक होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह की 5 और 20 तारीख को नियमित रूप से यह औचक निरीक्षण किया जा रहा है। विगत 5 माह में 70 चरणों में 348 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया है, जिनमें गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर 21 ठेकेदारों, 14 अधिकारियों और 4 कंसल्टेंट्स पर कार्यवाही की गई है। मंत्री सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा विकसित ‘लोकपथ ऐप’ की सफलता इसकी जनभागीदारी और पारदर्शी शिकायत निवारण प्रणाली का प्रमाण है। ऐप पर प्राप्त शिकायतों की मॉनिटरिंग और श्रेणीकरण प्रणाली को और अधिक सटीक और जिम्मेदार बनाया जा रहा है, जिससे वास्तविक शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर गुणवत्ता में कमी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाले ठेकेदारों और अभियंताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जा रहा है, जिससे विभाग में गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार हो रहा है। मंत्री सिंह ने कहा कि पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में विभाग द्वारा ‘लोक कल्याण सरोवर’ और रिचार्ज बोर जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। सड़क निर्माण से निकलने वाली मिट्टी से 500 स्थायी जल स्रोतों का निर्माण अंतिम चरण में है, जिन्हें जियो टैग और सूचना पटल के माध्यम से चिन्हित किया जाएगा। इनकी निगरानी भी रैंडम निरीक्षण प्रणाली से की जाएगी। मंत्री सिंह ने कहा, “लोक निर्माण विभाग केवल सड़क और भवन नहीं बनाता, … Read more

सावन के पहले सोमवार पर पंचक का असर कैसे करें भगवान शिव की पूजा

5 दिन बाद पंचक लगने वाले हैं. जुलाई के महीने में पंचक सावन माह में लगेंगे. साल 2025 साल माह में सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया होगा. पंचक हर महीने पड़ने वाले वो 5 दिन होते हैं जिनको हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना जाता. हिंदू धर्म में हर काम को शुरू करने से शुभ या अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. इसीलिए पंचक वो पांच दिन होते हैं जिनमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते. पंचक के दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है. इस दौरान इन सभी बातों का विशेष रूप से ख्याल रखना जरूरी होता है. इस बार सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया रहेगा. इस बार जुलाई माह में पंचक 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक रहेंगे. साल 2025 में जुलाई माह में पंचक की शुरूआत रविवार के दिन से हो रही है. इसीलिए इसको रोग पंचक कहेंगे. इस दौरान शारीरिक और मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है. दक्षिण दिशा की ओर यात्रा ना करें. पंचक के दौरान चारपाई बनवाना अशुभ होता है. जुलाई 2025 में पंचक कब?     जुलाई माह में पंचक 13 जुलाई 2025, रविवार को शाम 6.53 मिनट पर शुरू होंगे.     पंचक 17 जुलाई गुरुवार को रात 3.39 मिनट पर समाप्त होंगे. सावन के सोमवार पर अगर पंचक हो तो कैसे करें पूजा? सावन के सोमवार पर अगर पंचक का साया हो तो भी भगवान शिव की पूजा की जा सकती है.सावन के सोमवार पर पंचक होने पर भी आप भगवान शिव की पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ कर सकते हैं. पंचक को अशुभ माना जाता है, लेकिन भगवान शिव ‘काल’ के भी ‘काल’ हैं, इसलिए पंचक में शिव जी की आराधना की जाती है. इस दौरान सामान्य विधि से पूजा कर सकते हैं.

गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, 10 जुलाई को भोपाल में रहेंगे मौजूद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10 जुलाई को भोपाल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव में होंगे शामिल डॉ. यादव आज 10 जुलाई को भोपाल में मनाएंगे गुरु पूर्णिमा, महोत्सव में लेंगे भाग गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, 10 जुलाई को भोपाल में रहेंगे मौजूद कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय में होगा कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 जुलाई को भोपाल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम तात्या टोपे नगर के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय में दोपहर 12:30 बजे से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस मौके पर कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण करेंगे और विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरण का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वरामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री और भगवान दास सबनानी उपस्थित रहेंगे। नि:शुल्क साइकिल वितरण प्रदेश में इस वर्ष 2025-26 में नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में करीब 4 लाख 30 हजार पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरित की जायेंगी। इस योजना में 195 करोड़ रुपये की राशि व्यय होगी। सांदीपनि विद्यालय के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के सर्व-सुविधायुक्त भवन का लोकार्पण करेंगे। यह भवन 36 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। भवन में सर्व-सुविधायुक्त प्रयोगशालाएँ, लायब्रेरी तथा ऑडिटोरियम निर्मित हैं। इसके अलावा उत्कृष्ट शिक्षा के लिये स्माल डिजिटल कक्षाएँ, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये नि:शुल्क कोचिंग, कॅरियर काउंसिलिंग और इण्डोर-आउटडोर खेल की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। विद्यालय के आसपास के 10 किलोमीटर दूरी से आने वाले बच्चों के लिये नि:शुल्क परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है। प्रदेश में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के समस्त विद्यालयों में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को प्रार्थना सभा के दौरान गुरु पूर्णिमा के महत्व एवं पारम्परिक गुरु-शिष्य संस्कृति पर जानकारी दी जा रही है। विद्यार्थियों को प्राचीन काल में प्रचलित गुरुकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति में प्रभाव विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी हैं। गुरु पूर्णिमा के दूसरे दिन माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा गुरुओं के महत्व पर व्याख्यान और गुरुजनों एवं शिक्षकों के सम्मान के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।  

दिल्ली-NCR में तेज भूकंप के झटके, मेट्रो पर भी लग गया था ब्रेक, घरों से बाहर निकले लोग

झज्जर/नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह बारिश के बीच भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटके करीब 10 सेकंड तक महसूस किए गए. भूकंप के झटके सुबह 9.04 बजे महसूस किए गए. ये झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार और सोनीपत में भी महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र हरियाणा का झज्जर बताया जा रहा है. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.4 रही. भूकंप के झटकों से डरकर लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर बाहर भागे. दिल्ली पुलिस ने बताया कि आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप में अभी तक किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है. हम सभी दिल्लीवासियों की कुशलता की कामना करते हैं. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट कर सभी के सुरक्षित होने की उम्मीद की. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि भूकंप के बाद सभी सुरक्षित होंगे. सभी के लिए प्रार्थना कर रहा हूं. बता दें कि धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं. रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपिसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है. झज्जर था भूकंप का केंद्र, 4.4 दर्ज की गई तीव्रता दिल्ली-NCR में सुबह-सुबह तेज भूकंप के झटके महसूस हुए हैं, जिसके बाद लोग अपने घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए. बताया जा रहा है कि भूकंप के झटके दिल्ली, यूपी और हरियाणा के कई इलाकों में महसूस हुए हैं. बताया जा रहा है कि हरियाणा का झज्जर इस भूकंप का एपिक सेंटर था. वहीं, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है.  नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप के झटके सुबह 9:04 पर महसूस किए गए. ये झटके दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, नोएडा, जयपुर समेत हरियाणा के कई इलाकों में महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र झज्जर में था और लगभग 10 सेकंड के भूकंप से धरती हिलती रही. 4.4 रही तीव्रता रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 रही. भूकंप के झटकों से डरकर लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर बाहर भागे. ये भूकंप के झटके हरियाणा के फरीदाबाद, जींद और गुरुग्राम समेत कई शहरों में महसूस हुए.  सिस्मिक जोन 4 में आता है दिल्ली-NCR दिल्ली-NCR सिस्मिक जोन 4 में आता है जो भूकंप की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील है. हाल के सालों में इस क्षेत्र में कई बार 4.0 से अधिक तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल, विशेष रूप से इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन प्लेट्स के टकराव के कारण भूकंप आते हैं. NDRF ने जारी किए दिशा-निर्देश वहीं, भूकंप के बाद राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) ने भूकंप के दौरान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपयोगी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन दिशा-निर्देशों को तीन चरणों में बांटा गया है, जिसमें भूकंप से पहले, भूकंप के दौरान और भूकंप के बाद क्या-क्या करना चाहिए. मेट्रो ट्रेन में क्यों लग गया था ब्रेक रिक्टर स्केल पर 4.4 की तीव्रता वाले इस भूकंप का असर इतना था कि दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया। एहतियात के तौर पर मेट्रो ट्रेनों को कुछ मिनटों के लिए रोक दिया गया। भूकंप की वजह से ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग काफी दहशत में आ गए। हरियाणा में झज्जर के के पास सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके दिल्ली-एनसीआर में भी महसूस किए गए। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक पहले से निर्धारित एसओपी के तहत भूकंप की वजह से दिल्ली मेट्रो के पहिये भी थम गए। मेट्रो ट्रेनों को 2-3 मिनट के लिए रोक दिया गया। हालांकि कुछ मिनटों बाद ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। अरशद नाम के एक यात्री ने कहा कि मेट्रो ट्रेन में होने की वजह से उन्हें भूकंप का अहसास नहीं हुआ। लेकिन मेट्रो को कुछ मिनटों के लिए रोक दिया गया था। 9 बजकर 4-5 मिनट पर ट्रेन को रोक दिया गया था। यात्रियों को बाद में पता चला कि भूकंप आने की वजह से ट्रेनों को रोका गया था। दिल्ली-एनसीआर की ऊंची इमारतों में लोगों ने भूकंप के झटके को अधिक महसूस किया। गुरुग्राम की अधिकतर ऊंची इमारतों से लोग बाहर निकल आए। कई लोग दफ्तरों में पहुंच चुके थे तो कई पहुंचने ही वाले थे। रात में तेज बारिश और सुबह आए भूकंप ने लोगों को डरा दिया। गुरुग्राम के अलावा फरीदाबाद, पूरी दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा आदि में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। गनीमत है कि कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एन्सेंट बिल्विट्सचिआ मिराबिल्स"(The Order of the Most Ancient Welwitschia Mirabilis') मिलने पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत-नामीबिया के मध्य सशक्त होते संबंधों की अद्वितीय अभिव्यक्ति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि समस्त राष्ट्रवासियों को भारत की इस उपलब्धि पर अत्यंत गर्व हो रहा है।  

कौशल विकास योजना के तहत दिव्यांगजनों को बिना आधार के भी मिलेगा लाभ, सरकार ने बदले नियम

नई दिल्ली दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही कौशल विकास योजना में अब आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार ने कहा है कि इस योजना के तहत किसी भी लाभार्थी को तब तक नकद लाभ नहीं मिलेगा जब तक वे अपना आधार नंबर या उसका पंजीकरण प्रमाण नहीं देंगे. सरकार ने साफ किया है कि इस योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं जैसे ट्रांसपोर्ट अलाउंस, बोर्डिंग-लॉजिंग, पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता आदि पाने के लिए आधार नंबर देना या उसके लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा. यह नियम 2 जुलाई 2024 से प्रभावी हो गया है. बिना आधार वाले भी वंचित नहीं होंगे हालांकि, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पात्र दिव्यांगजनों के पास फिलहाल आधार नहीं है, उन्हें योजना से वंचित नहीं किया जाएगा. उन्हें पहचान के लिए स्कूल दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र या अभिभावकता से जुड़े कागजात देने होंगे. बायोमेट्रिक फेल हो तो मिलेंगे विकल्प अगर आधार ऑथेंटिकेशन बायोमेट्रिक वजहों से फेल हो जाता है, तो ओटीपी, क्यूआर कोड स्कैन या ऑफलाइन ई-केवाईसी जैसे विकल्पों से पहचान की जा सकती है. इसके लिए यूआईडीएआई से मंजूरी ली गई है और संबंधित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है. आधार केंद्र खोलने के निर्देश मंत्रालय ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे दिव्यांगजनों के लिए सुगम स्थानों पर आधार नामांकन केंद्र खोलें या खुद रजिस्ट्रार बनें, ताकि इन लोगों को कोई असुविधा न हो. यह कदम आधार नामांकन और अपडेट प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया गया है. जानकारी देने को मीडिया कैंपेन चलेगा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि लोगों को इस बदलाव की जानकारी देने के लिए एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसमें बताया जाएगा कि कैसे लाभार्थी आधार के बिना भी अस्थायी तौर पर पहचान साबित कर सकते हैं और आगे जाकर योजना का पूरा लाभ ले सकते हैं. क्या है कौशल विकास योजना? विकलांग व्यक्तियों के कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना साल 2015 में शुरू हुई थी. इसका मकसद दिव्यांगजनों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है. यह योजना एसआईपीडीए एक्ट के तहत आती है और देशभर में इसके तहत लाखों लोग लाभ पा चुके हैं.  

अंतरिक्ष में किसान बने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, मेथी और मूंग के बीजों को कर रहे अंकुरीत

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने 14 दिवसीय प्रवास के 12 दिन पूरे कर चुके हैं। इन 10 दिनों में उन्होंने कई प्रयोग किए। प्रयोगों के क्रम में उन्होंने किसान की भी भूमिका निभाई। उन्होंने अपने साथ ले गए मेथी और मूंग के बीजों का अंकुरण किया। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में स्प्राउट्स प्रोजेक्ट को सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अंकुरण और पौधों के शुरुआती विकास और उन पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने के लिए अंजाम दिया जा रहा है।   बता दें कि पृथ्वी पर स्प्राउट्स प्रोजेक्ट का नेतृत्व कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, धारवाड़ के रविकुमार होसामणि और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, धारवाड़ के सुधीर सिद्धपुरेड्डी कर रहे हैं।  एक्सिओम स्पेस की ओर से इस शोध को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि पृथ्वी पर वापस आने के बाद इन बीजों को कई पीढ़ियों तक उगाया जाएगा। जिससे कि उनके आनुवंशिकी, सूक्ष्मजीवी पारिस्थितिकी तंत्र और पोषण प्रोफाइल में होने वाले परिवर्तनों की जांच की जा सके। 'भारतीय वैज्ञानिकों के लिए खुलेंगे नए रास्ते' अपने प्रयोगों को लेकर शुभांशु ने एक्सिओम स्पेस की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. लूसी लोव से बात की। इस बातचीत में भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने उनके द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक प्रयोगों की जानकारी दी और बोले की वे बेहद व्यस्त हैं। शुभांशु शुक्ला ने कहा कि 'जब से हम यहां आए हैं, तब से ही काफी व्यस्त हैं। हम अंतरिक्ष स्टेशन पर बहुत सारे प्रयोग कर रहे हैं, जिन्हें लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं। इस मिशन से माइक्रोग्रैविटी के लिए रास्ते खुलेंगे और इससे भारतीय वैज्ञानिकों के लिए नई राह खुलेगी। मुझे बेहद गर्व है कि इसरो दुनियाभर के संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है।' कई और वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे शुभांशु शुभांशु ने बताया कि वह कई वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें स्टेम सेल का अध्ययन, माइक्रोग्रैविटी में बीजों का विकास, अंतरिक्ष में मस्तिष्क पर पड़ने वाला असर आदि प्रयोग शामिल हैं। शुभांशु ने कहा कि वे स्टेम सेल के अध्ययन वाले प्रयोग को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इससे पता चलेगा कि क्या सप्लीमेंट्स लेने से चोट की रिकवरी तेज होती है या नहीं। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के बीच पुल बनना मेरे लिए गर्व की बात है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के क्रू का हिस्सा हैं। जिसने 25 जून को नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से उड़ान भरी थी। एक्सिओम-4 मिशन 14 दिन का है। अपने अंतरिक्ष प्रवास को खत्म कर 10 जुलाई के बाद मौसम की स्थिति के आधार पर किसी भी दिन पृथ्वी पर वापसी कर सकते हैं। वे फ्लोरिडा तट पर उतरेंगे। हालांकि नासा ने अभी तक एक्सिओम-4 मिशन को अंतरिक्ष स्टेशन से अलग करने की तारीख की घोषणा नहीं की है।