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‘डॉन 3’ विवाद: रणवीर सिंह के प्रोजेक्ट छोड़ने पर FWICE का हस्तक्षेप, अशोक पंडित का बड़ा खुलासा

फरहान अख्तर की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'डॉन 3' को लेकर फिल्म गलियारों में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म से सुपरस्टार रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने की खबरों ने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया था, जिसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को इस मामले में दखल देना पड़ा.अब इन सब के बीच FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने पहली बार उन चौंकाने वाली घटनाओं का खुलासा किया है, जिनकी वजह से फेडरेशन को एक्शन मोड में आना पड़ा. अशोक पंडित ने एक बड़ा दावा करते हुए यह भी बताया कि मामला बढ़ने से पहले खुद मिस्टर परफेक्टनिस्ट यानी आमिर खान ने इस पूरे विवाद को सुलझाने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन उनकी कोशिशें भी नाकाम रहीं. फिल्ममेकर्स के डूब रहे थे 45 करोड़ रुपये हिंदी रश को दिए इंटरव्यू के दौरान अशोक पंडित ने बताया कि 'डॉन 3' के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भारी नुकसान की शिकायत लेकर फेडरेशन के पास पहुंचे थे. फिल्ममेकर्स ने FWICE को बताया कि वे फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही करीब 45 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च कर चुके थे. फिल्म की तैयारी पूरी थी और सेट पर शूटिंग शुरू होने ही वाली थी कि एन वक्त पर लीड एक्टर यानी रणवीर सिंह ने पैर पीछे खींच लिए. शूटिंग से ठीक कुछ हफ्ते पहले एक्टर के प्रोजेक्ट छोड़ने की वजह से मेकर्स के सामने करोड़ों रुपये डूबने का संकट खड़ा हो गया था. डेढ़ महीने तक रणवीर ने नहीं दिया कोई जवाब अशोक पंडित के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद फेडरेशन ने अपनी तय प्रक्रिया के तहत रणवीर सिंह से संपर्क किया ताकि इस मामले पर उनका पक्ष भी जाना जा सके. लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि एक्टर की तरफ से FWICE को कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. अशोक पंडित ने आरोप लगाया कि फेडरेशन करीब डेढ़ महीने तक लगातार रणवीर को रिमाइंडर्स भेजता रहा, लेकिन उस दौरान एक्टर या उनकी टीम की तरफ से पूरी तरह चुप्पी साधी गई. बैन नहीं, सिर्फ नियम के तहत हुई कार्रवाई जब रणवीर की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो FWICE ने उनके ऑडिटर्स द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और रिपोर्ट्स की जांच-पड़ताल की. अशोक पंडित ने बताया कि जिस दिन फेडरेशन रणवीर के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी करने की आखिरी तैयारी में था, ठीक उसी दिन उन्हें एक ईमेल मिला. इस ईमेल में बताया गया कि एक्टर की टीम के दो प्रतिनिधि इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए फेडरेशन से मिलेंगे. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए फेडरेशन ने अपने निर्देश को जारी रखने का फैसला किया. इसके साथ ही अशोक पंडित ने यह साफ किया कि FWICE ने रणवीर पर कभी कोई 'बैन' नहीं लगाया था, बल्कि यह सिर्फ एक नियम आधारित निर्देश था. आमिर खान ने भी की थी पैचअप की कोशिश विवाद को लेकर एक और बड़ा खुलासा करते हुए अशोक पंडित ने कहा कि यह मामला फेडरेशन तक पहुंचने से पहले ही इंडस्ट्री के भीतर इसे रफा-दफा करने की काफी कोशिशें हुई थी. आमिर खान समेत बॉलीवुड के कई बड़े दिग्गजों ने फिल्ममेकर्स और रणवीर के बीच सुलह कराने का प्रयास किया था, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका. उन्होंने कहा कि आज रणवीर सिंह हैं, कल कोई और एक्टर हो सकता है. फिलहाल एक्सेल एंटरटेनमेंट इस बड़े नुकसान का सामना कर रहा है, लेकिन अगर उनकी जगह कोई छोटा प्रोड्यूसर होता, तो वह बर्बाद हो जाता और उसे अपना घर तक बेचना पड़ जाता. आखिरी समय पर प्रोजेक्ट छोड़ा अशोक पंडित ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि काम के मामले में हर किसी की जवाबदेही तय होनी चाहिए. चाहे कोई बड़ा सुपरस्टार हो, डायरेक्टर हो, असिस्टेंट डायरेक्टर हो, कैमरामैन हो या फिर एक स्पॉट बॉय कोई भी व्यक्ति आखिरी समय पर अपनी मर्जी से किसी तय प्रोजेक्ट को इस तरह नहीं छोड़ सकता कि सामने वाले का नुकसान हो जाए. उन्होंने साफ कहा कि हो सकता है कि आपके पास फिल्म न करने की 10 जायज वजहें हों, लेकिन अगर आपने पहले किसी प्रोजेक्ट के लिए कमिटमेंट की थी और उस पर पैसा खर्च हो चुका है, तो उस आर्थिक नुकसान की भरपाई होनी ही चाहिए.

पटना नगर निगम का बड़ा प्लान: 4400 दुकानदारों को मिलेगा आधुनिक वेंडिंग जोन में ठिकाना

पटना पटना के फुटपाथी दुकानदारों को जल्द ही नया ठिकाना मिलने वाला है. नगर निगम की ओर से शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए कई पहल किए जा रहे हैं. ऐसे में अब नए वेंडिंग जोन बनाने का फैसला लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, शहर के अलग-अलग इलाकों में 31 वेंडिंग जोन बनेंगे. इनमें से 19 के लिए 760.81 डिसमिल जमीन चिह्नित कर ली गई है. मिली जानकारी के मुताबिक, पटना में बनने वाले वेंडिंग जोन पर 124.4 करोड़ खर्च किए जायेंगे. इसमें नौ जगहों पर नगर निगम की अपनी जमीन है, जबकि बाकी 10 जगहों के लिए पथ निर्माण, सिंचाई और भवन निर्माण विभाग से उनकी जमीन पर वेंडिंग जोन बनाने के लिए स्वीकृति मिल गई है. हर वेंडिंग जोन में 200 से 235 दुकानें होंगी. 4400 रजिस्टर्ड दुकानदारों को बेहद कम रेट पर जगह मिल सकेगी. किस जगह कितने बनेंगे वेंडिंग जोन? पटना के नूतन राजधानी अंचल में 61.69 करोड़ रुपये से आठ वेंडिंग जोन बनेंगे, इसके तहत शेखपुरा रैन बसेरा, अमला टोला, पंच मंदिर, इको पार्क डीपीएस के पास, चित्रगुप्त समाज मंदिर, साकेत नगर, बेऊर मोड़ और जंक्शन रोड मल्टी लेवल पार्किंग के पीछे जी प्लस वन वेंडिंग जोन बनेंगे. पाटलिपुत्र अंचल में 24.29 करोड़ से चार वेंडिंग जोन बनेंगे. इनमें मछली मार्केट के पास आरसीडी की जमीन, वार्ड 20 में सब्जी मार्केट के पास, वार्ड 8 में बीएमएसआइसीएल के सामने और वार्ड 24 में दीघा पोस्ट के सूर्य मंदिर के पास आधुनिक जी प्लस वन परिसर तैयार किए जायेंगे. मुसल्लहपुर हाट और गांधी सेतु के पास भी बनेंगे वेंडिंग जोन जानकारी के अनुसार, बांकीपुर अंचल में निगम की जमीन पर 18.82 करोड़ से मैकडोवेल गोलंबर और खेतान मार्केट के सामने बिरला मंदिर रोड में जी प्लस वन, जबकि वार्ड 50 में मुसल्लहपुर हाट के पास जी प्लस टू भवन बनेगा. अजीमाबाद अंचल में 15.54 करोड़ से गांधी सेतु के नीचे, गायघाट और मीना बाजार में जी प्लस टू होंगे. पटना सिटी अंचल में 4.11 करोड़ से सती चौराहा गुरु गोविंद सिंह लिंक पथ पर निगम की जमीन पर एक जी प्लस वन वेंडिंग जोन बनेगा. म्यूनिसिपल बॉन्ड के खर्च किए जायेंगे पैसे वेंडिंग जोन बनाने में म्यूनिसिपल बॉन्ड के पैसे खर्च किए जायेंगे. पटना नगर निगम 200 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने जा रहा है. इसके लिए बाजार नियामक सेबी से हरी झंडी मिल चुकी है. पटना नगर निगम के मौजूदा रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में टोटल 20, 862 फुटपाथी दुकानदार रजिस्टर्ड हैं. लेकिन पिछले करीब 10 सालों से शहर के वेंडर कार्ड जारी नहीं किए गए हैं.

राज्यसभा चुनाव में पोलिंग एजेंट की भूमिका अहम, क्रॉस वोटिंग रोकने पर नजर

रांची  झारखंड में दो सीटों के लिए निर्धारित राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवारों के होने से निगाहें 18 जून पर टिक गई हैं जिस दिन मतदान होना है। निर्वाची पदाधिकारी ने बुधवार को निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी के नामांकन से संबंधित शिकायतों के बाद उसपर लगे होल्ड को वापस लेने का निर्णय सुनाकर सभी को चुनाव लड़ने का मौका दे दिया है। इस परिस्थिति में 18 जून को मतदान की तिथि पर सभी की निगाहें टिक गई हैं और इस दिन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका में विभिन्न दलों के अधिकृत पोलिंग एजेंट होंगे। ऐसा इसलिए कि सभी विधायकों को मतदान के पूर्व अपनी पार्टी के पोलिंग एजेंट को भरा हुआ मतपत्र दिखाना है। पोलिंग एजेंट की भूमिका महत्वपूर्ण झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए झामुमो से बैद्यनाथ राम, कांग्रेस से प्रणव झा और निर्दलीय परिमल नथवाणी मैदान में हैं। ऐसे में अब पार्टियों के अधिकृत पोलिंग एजेंट की नियुक्ति और उसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सभी दलों के विधायकों को अपनी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट को बैलेट पेपर दिखाने की बाध्यता है। बैलेट पेपर नहीं दिखाने की स्थिति में उनके मत को रद किया जा सकता है। यह व्यवस्था क्रास वोटिंग को रोकने के लिए है। यह भी पक्की बात है कि अगर क्रास वोटिंग के बाद भी वह विधायक अपना मतपत्र दिखाकर भर देता है तो उसका मत रद नहीं होगा। इस प्रविधान के कारण अब पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति महत्वपूर्ण है। यह बात भी महत्वपूर्ण है कि अगर किसी दल का विधायक और उसका पोलिंग एजेंट आपस में मिल जाते हैं तो क्रास वोटिंग करने वाले विधायक की पहचान करना मुश्किल है। झारखंड में इस तरह का प्रकरण पहले भी हो चुका है और लोग महीनों तक अनुमान ही लगाते रहे कि किस विधायक ने क्रॉस वोटिंग की और किस ने नहीं।

केंद्र सरकार की 12 वर्ष की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी, जनकल्याण योजनाओं का प्रदर्शन

 जयपुर केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ब्यावर जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शनी "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" का राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने शुक्रवार को शुभारंभ फीता काटकर किया। कलेक्ट्रेट में आयोजित हो रही इस 3 दिवसीय प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों, अभियानों तथा विकास कार्यों को फोटो पैनलों एवं प्रदर्श सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों से अवगत कराना है। श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के चलते आज भारत विश्व में बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है, दुनिया में देश का मान—सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी आमजन को योजनाओं एवं सरकारी उपलब्धियों से अवगत कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी आमजन को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से इसका अधिकाधिक अवलोकन करने की अपील की मसूदा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह कानावत ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। यह प्रदर्शनी देश की विकास यात्रा को दर्शाती है। उन्होंने  जिलावासियों से परिवार सहित प्रदर्शनी का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को आकर्षक एवं तथ्यात्मक तरीके से प्रदर्शित किया गया है, जिससे नागरिक योजनाओं की उपयोगिता को समझ सकें। जिला कलक्टर ने जिले के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे कलेक्ट्रेट में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवश्य अवलोकन करें और अपने परिचितों को भी प्रदर्शनी देखने के लिए प्रेरित करें। प्रदर्शनी रविवार तक आमजन के लिए नि:शुल्क अवलोकन हेतु खुली रहेगी। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा, जिला जनसंपर्क अधिकारी महिपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि,सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में बताई सरकार की उपलब्धियां प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने  मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश एवं प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों एवं जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है सांसद  ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता एवं जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा एवं वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा है। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, किसान सम्मान निधि, डिजिटल इंडिया एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद ने कहा कि सरकार की नीतियों एवं योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वय के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही हैं। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि सरकार जनविश्वास, पारदर्शिता एवं सेवा भाव के साथ कार्य कर रही है तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला की मौत पर बड़ी कार्रवाई कायम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी को मिली कोर्ट की मंजूरी

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने दायित्वों में लापरवाही को इस आधार पर नहीं छिपा सकती कि संबंधित महिला का हाव-भाव देखकर उसे गर्भवती होने का आभास नहीं हुआ था। अदालत ने गर्भवती महिला की मौत के मामले में सेवा से हटाई गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए उसकी अपील खारिज कर दी। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि अपीलकर्ता द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण उसकी सेवाओं में गंभीर कमी को उजागर करता है। ऐसे में उसकी संविदात्मक नियुक्ति समाप्त करने के प्रशासनिक निर्णय में खामी नहीं पाई जा सकती। क्या है मामला? मामले के अनुसार, पंचकूला निवासी कौशल्या देवी अपने निर्धारित क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत थी। उसकी जिम्मेदारी क्षेत्र के घरों में जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान करना, उनकी निगरानी करना तथा आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाओं से जोड़ना था। इसी दौरान उसके कार्यक्षेत्र में रहने वाली एक गर्भवती महिला की मृत्यु हो गई। हैरानी की बात यह रही कि महिला की गर्भावस्था के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की ओर से कोई रिपोर्ट या सूचना विभाग को नहीं दी गई थी। खंडपीठ ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि इससे पहले एकल पीठ भी सेवा समाप्ति आदेश में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर चुकी थी। एकल पीठ का मानना था कि कार्यकर्ता अपनी सेवा में कमी के लिए कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। मृतक परिवार ने नहीं दी जानकारी: अपीलकर्ता सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने दलील दी कि मृतक के परिवार ने उसे गर्भावस्था के बारे में कुछ जानकारी नहीं दी थी। उसने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा था कि घर के दौरे के दौरान उसने महिला को छत पर तेजी से जाते और गीला भारी कंबल उठाकर घरेलू काम करते देखा था। उसके अनुसार महिला के हाव-भाव से ऐसा प्रतीत नहीं होता था कि वह गर्भवती है। इस दलील पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्टीकरण पूरी तरह अविश्वसनीय और वास्तविकता से परे है। अदालत ने कहा कि यह जवाब स्वयं दर्शाता है कि अपीलकर्ता अपने कर्तव्यों का निर्वहन अपेक्षित स्तर पर नहीं कर रही थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का दायित्व केवल परिवार से सूचना मिलने का इंतजार करना नहीं, बल्कि सक्रिय रूप से क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की पहचान और निगरानी करना है। खंडपीठ ने कहा कि जब सेवाओं में इतनी गंभीर कमी सामने आई और कारण बताओ नोटिस देने के बाद ही संविदात्मक नियुक्ति समाप्त की गई, तो इस कार्रवाई में कोई कानूनी त्रुटि नहीं मानी जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने अपील को खारिज करते हुए सेवा समाप्ति के आदेश को बरकरार रखा।

Vande Bharat Express के यात्रियों के लिए अहम खबर, 16 जून से रूट में बड़ा बदलाव

जालंधर. जालंधर के रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रैस का मार्ग बदल दिया गया है और अब यह ट्रेन जालंधर सिटी व ब्यास के बजाय गुरदासपुर और बटाला होकर संचालित होगी। रेलवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार संशोधित व्यवस्था 16 जून से अमृतसर तथा 17 जून से कटड़ा से लागू हो जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन का नॉन-रनिंग डे भी बदल दिया गया है। अब यह ट्रेन मंगलवार के बजाय शनिवार को संचालित नहीं होगी। रेलवे के इस फैसले से जालंधर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को झटका लगा है, क्योंकि वर्तमान में यह वंदे भारत एक्सप्रैस जालंधर सिटी स्टेशन पर ठहरती थी। मार्ग परिवर्तन के बाद जालंधर सिटी और ब्यास स्टेशन इस ट्रेन के रूट से बाहर हो जाएंगे। रेलवे के आधिकारिक आदेश में मार्ग परिवर्तन के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन रेलवे सूत्रों का कहना है कि जालंधर सिटी स्टेशन से ट्रेन को अपेक्षित संख्या में यात्री नहीं मिल पा रहे थे। रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं सूत्रों के अनुसार कई फेरों में सीटों की ऑक्यूपेंसी उम्मीद से कम रही, जबकि गुरदासपुर और बटाला क्षेत्र से लंबे समय से इस ट्रेन की मांग की जा रही थी। माना  जा रहा है कि बेहतर यात्री संख्या और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह बदलाव किया है। हालांकि इस संबंध में रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नए शेड्यूल के अनुसार ट्रेन संख्या 26406 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रैस सुबह 6.40 बजे कटड़ा से रवाना होकर जम्मूतवी, पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला होते हुए दोपहर 11.40 बजे अमृतसर पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 26405 अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा वंदे भारत एक्सप्रैस शाम 4.40 बजे अमृतसर से रवाना होकर बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मूतवी के रास्ते रात 9.45 बजे कटड़ा पहुंचेगी। मार्ग परिवर्तन के बाद पहली बार गुरदासपुर और बटाला क्षेत्र के यात्रियों को वंदे भारत एक्सप्रैस की सीधी सुविधा मिलेगी। दूसरी ओर जालंधर, कपूरथला और आसपास के इलाकों के यात्रियों को इस ट्रेन का लाभ लेने के लिए अन्य स्टेशनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

सक्ती की दूरपती की सफलता की कहानी, बिहान योजना के सहारे सिलाई से कमाए 1.20 लाख रुपये

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां गढ़ रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले के ग्राम कुसुमझर की निवासी दूरपती सिदार को जनसमस्या निवारण शिविर में ‘लखपति दीदी’ के रूप में सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत खुरघटी में आयोजित समाधान शिविर में दूरपती को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। आर्थिक तंगी से जूझ रहीं दूरपती ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से प्राप्त आरएफ और सीआईएफ राशि से सिलाई मशीन खरीदी और अपना व्यवसाय शुरू किया। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने बैंक से ऋण लेकर व्यवसाय का विस्तार किया। आज वह सिलाई कार्य के जरिए प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी इस सफलता ने उन्हें गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया है। दूरपती सिदार का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें रोजगार के साथ आत्मविश्वास और सम्मान भी दिया है। अब वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

माता मंदिर में ऊर्जा मंत्री तोमर की जन चौपाल, पौधरोपण और स्वच्छता अभियान से दिया खास संदेश

माता मंदिर में रात्रि विश्राम के दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने लगाई जन चौपाल एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौध-रोपण झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में चल रहे महाअभियान के तहत उप नगर ग्वालियर के वार्ड नंबर 5 आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क माता मंदिर परिसर में  रात्रि विश्राम के दौरान जन चौपाल के जरिए स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर नागरिकों ने जनसुविधा से जुड़े कई मुद्दे उठाए, जिन पर ऊर्जा मंत्री तोमर ने सकारात्मक पहल और समाधान का आश्वासन दिया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने संकल्प लिया कि क्षेत्र के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और हर गली-मोहल्ले तक विकास पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उनकी बात सुनना जनसेवक का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। रात्रि विश्राम के उपरांत शुक्रवार सुबह ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क में संचालित जिम में स्थानीय निवासियों के साथ संवाद करते हुए उनका हालचाल पूछा। तदोपरान्त पार्क और मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान में शिरकत की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने संगठन के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान में शामिल होकर पौध-रोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को पर्यावरण से जोड़ना और व्यक्तिगत स्तर पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम' अभियान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और अपनी माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी पौधरोपण अभियान है। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क आनंद नगर में क्रिकेट खेला।  

World Bank Report: भारत पर जताया भरोसा, कहा- वैश्विक चुनौतियों के बीच सबसे मजबूत इकोनॉमी

 नई दिल्ली अमेरिका-ईरान युद्ध से गहराया मिडिल ईस्ट संकट हो या फिर कोई और ग्लोबल टेंशन, तमाम चुनौतियों के बाद भी भारत रुकने वाला नहीं है. विश्व बैंक ने भी इंडियन इकोनॉमी का लोहा माना है और अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन सबके बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यस्थाओं में बना रहेगा. वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की विकास दर (India Growth Rate) 6.6% होने की उम्मीद जताई गई है।  इस रफ्तार से भागेगी इकोनॉमी World Bank ने गुरुवार को जारी अपनी वैश्विक आर्थिक संभावनाओं पर रिपोर्ट में ये बड़ी बात कही है. विश्व बैंक ने कहा कि भारत वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6 फीसदी की दर से ग्रोथ करते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा. बीते साल इसकी रफ्तार 7.7 फीसदी रही थी, हालांकि ताजा अनुमान इससे काफी कम है।  ग्रोथ में बीते साल के मुकाबले कमी आने के पीछे विश्व बैंक ने कारण बताते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट युद्ध से ऊर्जा की कीमतों आए उछाल और अन्य इनपुट लागतों के कारण निजी डिमांड में वृद्धि धीमी पड़ सकती है और इसका असर ग्रोथ रेट पर देखने को मिल सकता है।  गिरावट के बाद उछाल की उम्मीद विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर यानी GST रेट कट से उपभोक्ता मांग को कुछ हद तक समर्थन मिलना चाहिए. इसके साथ ही भारतीय अर्थव्वस्था की रफ्तार को लेकर वर्ल्ड बैंक ने आगे कहा कि 2026-27 में ग्रोथ में गिरावट के बाद अगले वित्त वर्ष 2027-28 में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी होने की उम्मीद है. मतलब भारत रुकने वाला नहीं है. घरेलू डिमांड में मजबूती और निर्यात वृद्धि में तेजी के चलते अगले दो वित्तीय वर्षों में विकास दर में फिर से उछाल आने की उम्मीद है।  युद्ध भी नहीं रोक पाया डिमांड विश्व बैंक के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष से बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद, इस वर्ष 2026 की शुरुआत में भारत में आर्थिक गतिविधि मजबूत बनी रही, जिसे लचीली घरेलू मांग का सपोर्ट मिला था. इसमें कहा गया है कि प्राइवेट कंजंप्शन, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत रहा है, जबकि शहरी डिमांड में भी तेज सुधार देखने को मिल रहा है।  घरेलू बिक्री से टैक्स कलेक्शन भी लगातार बढ़ा है. इसके बीच ऊर्जा की बढ़ती लागत के साथ-साथ कृषि उत्पादों, उर्वरकों की कमी से पैदा हुए दबाव को कम करने के लिए, भारत में फ्यूल टैक्ट कट समेत कई बड़े कदम भी उठाए हैं. इसके साथ ही विश्व बैंक ने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ में कटौती, तमाम देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTAs) से मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण कमजोर बाहरी डिमांड को कम करने में मदद मिली है।  दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा भारत मीडिया से बातचीत में वर्ल्ड बैंक के डिप्टी चीफ इकोनॉमिस्ट आयहान कोसे ने कहा कि इस दौरान भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भारत के आर्थिक प्रदर्शन और मध्य पूर्व संकट के असर के बारे में आईएएनएस के सवाल का जवाब देते हुए, कोसे ने कहा कि बेहतर अनुमान घरेलू मांग में "उम्मीद से अधिक मजबूत गति" को दिखाता है, जो अब तक मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बुरे असर की भरपाई से कहीं ज्यादा है। क्षेत्रीय विकास दर 7 प्रतिशत से घटकर 6.3 प्रतिशत होने की उम्मीद  वर्ल्ड बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में दक्षिण एशिया दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बना रहेगा। हालांकि, एनर्जी की ज्यादा कीमतों और संघर्ष के व्यापक असर के कारण 2025 में क्षेत्रीय विकास दर 7 प्रतिशत से घटकर 6.3 प्रतिशत होने की उम्मीद है। कोस ने कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल के बावजूद भारत के आर्थिक आधार मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने कहा, "भारत ने जरूरी नीतिगत उपाय लागू किए हैं। जब हम भारत की बड़ी तस्वीर को देखते हैं, तो उसमें अभी भी जबरदस्त गति दिखाई देती है।" वर्ल्ड बैंक ने दी चेतावनी वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण 2026 में वैश्विक विकास दर 2025 के 2.9 प्रतिशत से घटकर 2.5 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जो कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे धीमी गति होगी। तेल की ज्यादा कीमतें बढ़ती महंगाई और कड़े वित्तीय हालात का असर दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने की उम्मीद है। इसके बावजूद, भारत उन कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक था जिनकी रेटिंग में सुधार हुआ। कोस ने कहा कि बेहतर आउटलुक की वजह घरेलू मांग और एक्सपोर्ट में आई तेजी थी। उन्होंने कहा, "घरेलू मांग और एक्सपोर्ट में तेजी की वजह से उम्मीद से अधिक ग्रोथ हुई," और इसी वजह से अनुमान को बढ़ाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लगातार विस्तार की वजह से दक्षिण एशिया दुनिया भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बना रहेगा। इस साल सुस्ती के बाद, 2027 में क्षेत्रीय ग्रोथ के 6.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। 2028 में भारत की ग्रोथ 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। भारत-China को छोड़ बाकी का बुरा हाल विश्व बैंक का कहना है कि चीन और भारत को छोड़कर, विकासशील देशों में प्रति व्यक्ति आय की धीमी रह सकती है. साउथ एशिया में विकास दर 2026 में घटकर 6.3 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट युद्ध के निगेटिव प्रभाव को दर्शाती है. इसमें एनर्जी कॉस्ट में तेजी, तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई में कमी और पर्यटन  सेक्टर में व्यवधान शामिल हैं। 

‘हमें अब भी इंसाफ का इंतजार’ : राजा रघुवंशी के परिवार ने दोहराई CBI जांच की मांग, सोनम पर जताई चिंता

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। उनका तर्क है कि यह मामला भी बेहद चर्चित है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। ऐसे में राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून पर शिलांग गए थे। आरोप है कि वहां सोनम ने अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया। घटना के बाद वह फरार हो गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने सोनम सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है। ऐसे में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। लड़के के मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं? विपिन का कहना है कि इस मामले में जल्द से जल्द सीबीआई जांच होनी चाहिए। क्योंकि सोनम जमानत पर बाहर है और वह सबूतों को नष्ट कर सकती है। हमारी राज्य सरकार से यही मांग है कि इस मामले की भी सीबीआई जांच कराई जाए। सीबीआई जांच होने पर हमारे भाई राजा को जल्द न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है, लेकिन यदि मामले की गहन जांच होती है तो सच्चाई सामने आएगी। विपिन ने कहा कि भोपाल में एक युवती की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जा रही है, जबकि राजा की हत्या के मामले में अब तक सीबीआई जांच नहीं हुई है। जबकि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। विपिन का कहना है कि सरकार को इस मामले में भी सहयोग करना चाहिए था। इतना बड़ा मामला होने के बावजूद यदि सोनम को जमानत मिल गई है, तो यह उनके परिवार के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि राजा को अभी तक न्याय नहीं मिला है और परिवार अब भी इंसाफ का इंतजार कर रहा है।