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मिशन शक्ति 5.0 : नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के साथ ही समाज में स्थायी बदलाव लाने का हो रहा ठोस प्रयास

नवरात्रि के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में भी चलाए जा रहे जागरूकता अभियान विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अबतक 3 लाख से अधिक लोगों तक बनाई पहुंच योगी सरकार ने बदली समाज की मानसिकता, महिला और बच्चों की सुरक्षा सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी जनसंख्या अनुपात, जन्म/मृत्यु दर, लिंगानुपात, स्कूल ड्रॉपआउट, बाल विवाह पर लोगों को किया जा रहा जागरूक लैंगिक शोषण, संस्थागत प्रसव, साक्षरता दर और महिलाओं व बच्चों के प्रति होने वाली हिंसा पर हो रही चर्चा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 22 सितम्बर 2025 से शुरू किया गया “मिशन शक्ति 5.0” अब सिर्फ एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जनआंदोलन का रूप ले चुका है। यह 90 दिनों का विशेष अभियान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के साथ ही समाज में स्थायी बदलाव लाने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है। उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 न सिर्फ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और सम्मान को मजबूत कर रहा है, बल्कि समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत कर रहा है। इसे अब एक पूर्ण जनआंदोलन कहा जा सकता है, जिसने हर वर्ग के लोगों को अभियान का हिस्सा बना लिया है। समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव का संदेश भी दे रहा मिशन शक्ति- 5.0 अभियान अभियान की खासियत यह है कि यह केवल योजनाओं की श्रृंखला नहीं बल्कि समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव का संदेश भी है। इसके तहत साइक्लोथॉन, घर-घर जागरूकता अभियान और सोशल मीडिया कैम्पेन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोगों की सहभागिता अभूतपूर्व रही है। जिलाधिकारी स्तर से लेकर ग्राम प्रधान तक के नेतृत्व में आयोजित ये गतिविधियाँ यह स्पष्ट कर रही हैं कि महिला और बच्चों की सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। साइक्लोथॉन में बड़ी संख्या में शामिल हो रहे महिलाएं, बच्चियां और युवा सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में आयोजित साइक्लोथॉन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चियां और युवा शामिल हुए। इसमें महिलाओं और बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण संकेतकों जैसे जनसंख्या अनुपात, जन्म/मृत्यु दर, लिंगानुपात, स्कूल ड्रॉपआउट, बाल विवाह, लैंगिक शोषण, संस्थागत प्रसव, साक्षरता दर और महिलाओं व बच्चों के प्रति होने वाली हिंसा पर चर्चा की जा रही है। इन संकेतकों को आम जन के बीच लाकर सुधार की दिशा में कदम उठाने का संदेश भी दिया जा रहा है।   नवरात्रि के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में भी चलाए जा रहे जागरूकता अभियान नवरात्रि के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में मोबाइल वैन, कैनोपी और स्टॉल लगाकर जागरूकता फैलायी जा रही है। इन स्थलों पर लोगों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्युपरांत निराश्रित पेंशन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य केवल योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं, बल्कि आमजन को यह समझाना था कि सरकारी योजनाओं की सफलता समाज की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर है। विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अबतक 3 लाख से अधिक लोगों तक बनाई पहुंच बीते 22 सितम्बर से अब तक अभियान के तहत चलाए गए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 3 लाख से अधिक लोगों तक पहुँच सुनिश्चित की जा चुकी है। इसमें बड़ी संख्या में बच्चियां, महिलाएं और बुजुर्ग महिलाएं शामिल हुई हैं। समाज की सक्रिय भागीदारी ने मिशन शक्ति 5.0 को केवल सरकारी आयोजन से आगे बढ़ाकर सामाजिक जनआंदोलन बना दिया है। अभियान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है- नारी और नौनिहाल सुरक्षित, तो प्रदेश की प्रगति निश्चित। सीएम योगी के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 ने अब तक यह साबित करने में सफल रहा है कि जब समाज स्वयं सक्रिय होता है और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भाग लेता है, तभी बदलाव वास्तविक और स्थायी बन सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं बल्कि सोच और व्यवहार में स्थायी बदलाव का प्रयास है। हमारा लक्ष्य है कि हर महिला और बच्चा बिना भय और भेदभाव के, पूरी गरिमा के साथ जीवन जी सके और अपनी बात समाज और सरकार तक पहुँचा सके। महिला कल्याण निदेशक संदीप कौर ने बताया कि विभाग ने मिशन शक्ति 5.0 की गतिविधियों को इस तरह संयोजित किया है कि यह केंद्र और ब्लॉक स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक सभी गतिविधियों को योजना बद्ध रूप से जनसामान्य तक पहुँचाने वाला अभियान बने। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जागरूकता की यह धारा हर घर तक पहुँचे और लाभार्थियों की सरकारी योजनाओं तक पहुँच सुनिश्चित हो।

इटालियन सिनेमा की मशहूर अदाकारा क्लाउडिया कार्डिनले का 87 वर्ष की उम्र में निधन

इटली दिग्‍गज इटालियन एक्ट्रेस क्लाउडिया कार्डिनले का निधन हो गया है। 100 से अध‍िक फिल्‍मों और शोज में काम कर चुकीं एक्‍ट्रेस ने मंगलवार को 87 साल की उम्र में आख‍िरी सांस ली। क्लाउडिया 1960 और 1970 के दशक की सबसे मशहूर यूरोपियन एक्‍ट्रेस रही हैं। उन्‍हें 1963 में फेडेरिको फेलिनी की फिल्म '8½' से पॉपुलैरिटी मिली थी, जिसमें उनके साथ मार्सेलो मास्ट्रोयानी लीड रोल में थे। 'एएफपी' की रिपोर्ट के मुताबिक, क्‍लाउडिया का निधन फ्रांस के नेमूर शहर में हुआ, जहां उनके बच्चे भी साथ थे। उनके एजेंट लॉरेंट सैवरी ने न्‍यूज एजेंसी से मौत की पुष्‍ट‍ि की। क्लाउडिया ने अपना एक्‍ट‍िंग करियर 17 साल की उम्र में शुरू किया था, इससे पहले वह एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट की विनर भी रही थीं। ट्यूनिशिया में पैदा हुई थीं क्‍लाउडिया कार्डिनले ट्यूनिशिया में पैदा हुईं क्‍लाउडिया कार्डिनले के माता-पिता सिसिलियन थे। साल 1963 में '8½' की सफलता के बाद उन्होंने लुचीनो विस्कोंती की अवॉर्ड विनिंग फिल्म 'द लेपर्ड' में एंजेलिका सेदार का किरदार निभाया और 1968 में सर्जियो लियोने की मशहूरफिल्म ‘वन्स अपॉन अ टाइम इन दी वेस्ट’ में भी तारीफ बटोरी। इस फिल्‍म में उन्‍होंने एक एक्‍स-सेक्स वर्कर का रोल प्‍ले किया था। फिल्मों से पहले स्कूल टीचर बनने वाली थीं क्‍लाउडिया क्लाउडिया कार्डिनले ने साल 2002 में बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड लेते वक्त कहा था, 'मैं फिल्में कर रही हूं, तो यह बस एक संयोग है। जब मुझसे पूछा गया था कि क्‍या मैं फिल्मों में आना चाहती हूं, तो मैंने इनकार किया था। मैं तो स्‍कूल टीचर बनने वाली थी।' ब्रिजिट बार्डोट से होती थी क्लाउडिया कार्डिनले की तुलना क्लाउडिया कार्डिनले की सफलता सोफिया लॉरेन की इंटरनेशनल पॉपुलैरिटी के बाद आई। उन्हें इटली की ओर से ब्रिजिट बार्डोट का जवाब माना जाने लगा। हालांकि उन्हें फ्रांसीसी एक्‍ट्रेस ब्रिजिट जितनी सफलता कभी नहीं मिली, फिर भी कार्डिनले को एक स्टार माना जाता था और उन्होंने यूरोप और हॉलीवुड के सबसे बड़े फिल्‍ममेकर्स के साथ काम किया।जहां तक ब्रिजिट बार्डोट की बात है, तो वह फ्रेंच एक्ट्रेस, मॉडल और सिंगर थीं। उन्‍हें 1950 और 1960 के दशक में आइकन माना जाता था। वह खास तौर पर अपनी खूबसूरती और स्टाइल के लिए जानी जाती थीं। क्लाउडिया कार्डिनले ने कहा था- सिनेमा ने मुझे सबकुछ दिया क्लाउडिया फिल्‍मों के बारे में अक्सर कहती थीं, ‘सिनेमा ने मुझे सबकुछ दिया। यह अद्भुत बात है कि मैं इतनी अलग-अलग जिंदगियां जी। मैंने पर्दे पर 150 से ज्यादा अलग-अलग महिलाओं की जिंदगी को जीने का काम किया।' क्लाउडिया कार्डिनले की शादी और तलाक क्लाउडिया के सबसे शुरुआती किरदारों में 1958 की कॉमेडी फिल्म ‘बिग डील ऑन मैडोना स्ट्रीट’ यादगार है। इसमें उन्होंने ब्लैक सिसिलियन गर्लका रोल किया था। इस फिल्म के प्रोड्यूसर फ्रैंको क्रिस्टाल्डी थे, जिन्होंने शुरुआत में उनके करियर को मैनेज भी किया।1966 में क्लाउडिया ने फिल्म प्रोड्यूसर फ्रैंको क्रिस्टाल्डी से शादी की, जो 1975 तक चली। भूरी आंखों वाली क्लाउडिया अपने समय की बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस मानी जाती थीं। क्लाउडिया कार्डिनले की हॉलीवुड फिल्‍में हॉलीवुड में उन्होंने रॉक हडसन के साथ ‘ब्लाइंडफोल्ड’ (1965) और टोनी कर्टिस के साथ ‘डोंट मेक वेव्स’ (1967) जैसी फिल्में करके नाम कमाया। क्लाउडिया का मानना था कि उनकी सबसे बेहतरीन हॉलीवुड फिल्म 1966 की ‘द प्रोफेशनल्स’ है, जिसे रिचर्ड ब्रूक्स ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में उन्होंने बर्ट लैंकेस्टर, जैक पैलेंस, रॉबर्ट रयान और ली मार्विन जैसे बड़े एक्टर्स के साथ काम किया था। क्लाउडिया कार्डिनले के बच्‍चे क्लाउडिया को अपने करियर में कई अवॉर्ड्स मिले। इनमें 'गोलडन लायन फोर एचीवमेंट' भी शामिल है, जो उन्होंने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में जीता। साल 2000 में उन्हें यूनेस्को ने 'महिलाओं के अधिकारों की रक्षा' के लिए गुडविल एम्बेसडर चुना। परिवार में क्‍लाउडिया के दो बच्चे हैं। इनमें से एक उनके पहले पति फ्रैंको क्रिस्टाल्डी से है और दूसरा बच्‍चा, पार्टनर और डायरेक्टर पास्क्वाले स्क्विटिएरी से।

खेलों की दुनिया में झारखंड की अलग छवि, सीएम सोरेन ने किया मेगा कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने की दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। सोरेन ने कहा कि इसके लिए जो भी आवश्यक प्रक्रियाएं हैं, वह जल्द से जल्द पूरी की जाए। मुख्यमंत्री हेमन्त ने कहा कि स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी के खुलने से यहां के खेल और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उन्हें आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा। सोरेन झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला- संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार की उपस्थिति में खेल विभाग एवं सीसीएल के वरीय अधिकारियों के साथ मेगा स्पोट्र्स काम्प्लेक्स, होटवार, रांची के प्रस्तावित उन्नयन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने खेलगांव में अवस्थित सभी स्टेडियम के अद्यतन हालात की विस्तृत जानकारी ली। सोरेन ने कहा कि मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से झारखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान मिली है। देश में बहुत कम ही ऐसे स्पोर्ट्स सेंटर है, जहां अलग-अलग खेलों के स्टेडियम एक ही परिसर में अवस्थित हैं। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं लगातार आयोजित होती आ रही है। ऐसी कई खेल प्रतियोगिताओं का सफल और शानदार आयोजन हम कर चुके हैं। राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की हमें निरंतर मेजबानी मिलती आ रही है, ऐसे में हमारे स्टेडियम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के सभी मानकों के अनुकूल हों, इसके लिए खेलगांव में स्थित सभी स्टेडियमों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहनी चाहिए। सोरेन ने कहा कि मेगा स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में सालों भर कोई ना कोई खेल प्रतियोगिता आयोजित होती रहती है। यहां खिलाड़ियों के नियमित प्रैक्टिस की भी व्यवस्था है। ऐसे में इस स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल हो, इसके लिए यहां स्थित स्टेडियमों में जो भी खामियां है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। साथ ही खेल आयोजनों को लेकर जो भी जरूरी संसाधनों की जरूरत हो, उसे उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अपग्रेडेशन में अंतरराष्ट्रीय खेल मानकों के अनुरूप आधुनिक तौर- तकनीक और तरीकों का इस्तेमाल होना चाहिए। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के स्पेशलाइज्ड एजेंसीज का सहयोग लें। इस बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव मनोज कुमार, सचिव अरवा राजकमल, खेल निदेशक शेखर जमुआर, झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अभियन्ता प्रमुख संजय कुजूर, झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम के महाप्रबंधक अविनाश कुमार दीपक, सीसीएल के सीएमडी एनके सिंह, निदेशक (एचआर ) एचएन मिश्रा, जेएसएसपीएस के सीईओ एनके झा और मास एंड वॉइड एजेंसी के ग्रुप हेड प्रणव कुमार मौजूद रहे।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के उदघाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से की मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष प्रदेश की महिला उद्यमियों ने विस्तार से बताई अपनी सक्सेस स्टोरी अलग-अलग क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति का हिस्सा बनीं महिलाओं ने पीएम मोदी से मुलाकात को बताया सपने के सच होने जैसा ग्रेटर नोएडा, कभी लचर कानून-व्यवस्था के कारण महिलाओं के लिए असुरक्षित माने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। साल 2017 से पहले, प्रदेश में उद्यम लगाने की बात तो दूर, महिलाएं घर से बाहर निकलने में भी हिचकिचाती थीं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में विगत साढ़े 8 वर्ष में आए बदलावों ने उत्त प्रदेश की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में भी इसकी झलक दिखाई दी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों से मुलाकात की। इन महिलाओं के लिए यह क्षण किसी सपने के सच होने जैसा था। इन पांच महिलाओं की कहानियां सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश में आए क्रांतिकारी बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। ये कहानियां बताती हैं कि योगी सरकार की नीतियों से अब महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक सुरक्षित माहौल मिला है। मेरठ की विद्युत सखी संगीता: मेहनत से लिखी सफलता की दास्तां मेरठ की रहने वाली संगीता एक विद्युत सखी हैं। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ प्रधानमंत्री को बताया कि वह हर महीने लोगों के बिजली बिल जमा करके अच्छी कमाई कर लेती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी कहानी को बड़े ध्यान से सुना और उनसे पूछा कि आपको फील्ड में काम करते हुए कोई दिक्कत तो नहीं होती? इस पर संगीता ने गर्व से जवाब दिया कि अब हमें कोई दिक्कत नहीं होती। लोग हमें सम्मान से पहचानते हैं। लखनऊ की बैंकिंग सखी सरला: घर-घर पहुंचा रही हैं बैंकिंग सुविधाएं लखनऊ से आईं बैंकिंग सखी सरला ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह लोगों के बैंक खाते खुलवाती हैं और इस काम से अच्छी कमाई कर लेती हैं। पीएम ने उनसे भी उनके काम के अनुभव के बारे में पूछा। सरला ने बताया कि शुरुआत में लोगों को समझाना मुश्किल था, लेकिन अब लोग भरोसा करते हैं।  सरला ने बताया कि वो अबतक 2000 से अधिक जनधन खाते, 700 से अधिक सुरक्षा बीमा, 200 से अधिक जीवन ज्योति बीमा खाते और 200 से अधिक अटल पेंशन योजना के तहत खाते खोल चुकी हैं। वाराणसी की नमो ड्रोन दीदी नीतू सिंह: तकनीक और उद्यमशीलता का बेजोड़ संगम वाराणसी की नीतू सिंह की कहानी प्रेरित करने वाली है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक नमो ड्रोन दीदी हैं और उन्होंने ड्रोन चलाना सीखा है। नीतू ने बताया कि वह ड्रोन से खेतों में खाद छिड़कने का काम करती हैं और एक बीघे के लिए ₹200 लेती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी वह एक दिन में 20 से 25 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लेती हैं। नीतू ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में वो 1000 एकड़ से अधिक खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं। बिजनौर की जूली देवी: 15,000 महिलाओं की आवाज बिजनौर की जूली देवी ने प्रधानमंत्री से मिलकर 15,000 महिलाओं का प्रतिनिधित्व किया, जो विदुर पेड़ा समिति से जुड़ी हैं। यह समिति साबुन, मसाला, मल्टीग्रेन आटा, बेसन समेत करीब 150 उत्पाद बनाती है। जूली कहतीं हैं कि 2017 से पहले यूपी में महिलाएं उद्यम कर सकती हैं, यह सोचना भी मुश्किल था। घर से बाहर निकलने में डर लगता था। कानून व्यवस्था की हालत बहुत खराब थी। उन्होंने आगे कहा कि अब हम न केवल घर चलाती हैं, बल्कि बेखौफ होकर अपना उद्यम भी करती हैं। गोरखपुर में डेयरी उद्यम से जुड़ी कौशल्या ने भी पीएम से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक सफल डेयरी चलाती हैं और हर महीने अच्छी कमाई कर लेती हैं।

मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ अब जटिल हृदय उपचारों में बना देश का अग्रणी राज्य

एसीआई में देश का छठा और सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग केस : छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा आधुनिकता और विश्वास का बन रहा है प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल राइट एट्रियम या बैकमैन बंडल में लीड लगाने का पहला मामला रायपुर,  प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उत्कृष्टता का प्रतीक, प्रदेश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय तथा इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों की टीम ने जटिल उपचारों में लगातार ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन पर हर किसी को गर्व हो सकता है। ताज़ा उदाहरण एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में हुआ, जहाँ 68 वर्षीय महिला मरीज पर देश का छठा और किसी भी सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग सफलतापूर्वक किया गया। डॉक्टरों के अनुसार यह जटिल प्रक्रिया अब तक एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे शीर्ष संस्थानों में भी नहीं की गई थी। बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का अर्थ है – हृदय की धड़कन को पूरी तरह प्राकृतिक कंडक्शन सिस्टम (conduction system) के जरिए नियंत्रित करना, ताकि मरीज को लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित हृदय गति मिल सके। यहां ध्यान देने योग्य है कि अब तक एसीआई और अन्य सरकारी कार्डियक संस्थानों में लेफ्ट बंडल या हिज़ बंडल में लीड लगाने के कई केस हो चुके हैं, लेकिन राइट एट्रियम यानी बैकमैन बंडल में लीड लगाने का यह पहला मामला है। इससे हृदय के दोनों चैम्बर्स की धड़कनें प्राकृतिक विद्युत मार्ग से संचालित होती रहती हैं। एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी यह मरीज सिक साइनस सिंड्रोम नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थी। इस रोग में हृदय को धड़कन देने वाली कोशिकाएँ (पेसमेकर कोशिकाएँ) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और धड़कन अनियमित हो जाती है। सामान्यतः ऐसे मामलों में वेंट्रिकुलर या लेफ्ट बंडल पेसिंग की जाती है, लेकिन इस मरीज का हृदय कमजोर था और एट्रियल रिद्म भी अनियमित थी। केवल वेंट्रिकुलर पेसिंग करने से हार्ट फेल्योर और तेज धड़कन का खतरा था। इसी कारण एसीआई की टीम ने बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में हृदय की प्राकृतिक विद्युत संरचना के एट्रियम भाग में पेसमेकर की लीड लगाई गईं। यह तकनीक हृदय को उसके स्वाभाविक ढंग से धड़कने में मदद करती है और हार्ट फेल्योर का जोखिम बेहद कम कर देती है। इस तरह संपन्न हुई प्रक्रिया सबसे पहले लेफ्ट बंडल की स्थिति का इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग किया गया। फिर ठीक उसी तरह राइट एट्रियम के बैकमैन बंडल की मैपिंग कर लीड इंप्लांट की गई। इस तरह पूरा पेसिंग सिस्टम प्राकृतिक ढंग से काम करने लगा। उपचार करने वाली टीम में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. अनुराग कुजूर और डॉ. वेद प्रकाश शामिल थे। यह उपचार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें योजना का लाभ दिलाने में मेडिको सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया यह सफल उपचार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा सेवाओं के उच्च स्तर और निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय जटिल प्रक्रियाओं को भी सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की टीम को साधुवाद देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल मरीजों के जीवन को नई आशा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी संस्थान चिकित्सा विज्ञान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट, रायपुर द्वारा किया गया यह जटिल उपचार प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती और चिकित्सकों की उत्कृष्ट क्षमता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के मरीजों को अत्याधुनिक कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सक दल को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठित करेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के सर्वाधिक मामलों के उपचार में एसीआई देशभर में पाँचवें स्थान पर रहा है।

मुख्यमंत्री साय से राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री  साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में  ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

संजय दत्त ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में टेका माथा, भस्म आरती में हुए शामिल

उज्जैन,  बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता संजय दत्त ने गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने प्रसिद्ध भस्म आरती में हिस्सा लेकर भगवान शिव से आशीर्वाद लिया। मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर संजय दत्त ने पूरे विधि-विधान से आरती देखी और भगवान महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए। मंदिर में पहुंचे संजय दत्त का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे आध्यात्मिक माहौल का आनंद लेते दिख रहे हैं। मंदिर में दर्शन के बाद संजय दत्त ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया। मैं कई सालों से यहां आने की कोशिश कर रहा था। मैं आज यहां आकर और भस्म आरती देखने का अवसर पाकर बेहद खुश हूं।” उन्होंने कहा, “मैंने यहां दिव्य ऊर्जा को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया। मेरी कामना है कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद सब पर बना रहे।” महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर उज्जैन शहर में स्थित है, जिसे भारत के प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग स्वयंभू है, यानी यह शिवलिंग खुद धरती से प्रकट हुआ है। यह अन्य ज्योतिर्लिंगों से इस मायने में अलग है कि यहां शिव की ऊर्जा भीतर से ही उत्पन्न होती है, जबकि अन्य जगहों पर शिवलिंग की स्थापना विधिवत मंत्रों और पूजा-पाठ से की जाती है। महाकालेश्वर मंदिर की सबसे खास और प्रसिद्ध पूजा ‘भस्म आरती’ मानी जाती है, जो हर दिन सुबह विशेष तरीके से की जाती है। मध्य प्रदेश में कुल दो ज्योतिर्लिंग हैं, महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दोनों ही स्थल शिव भक्तों के लिए अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माने जाते हैं। फिल्मों की बात करें तो संजय दत्त हाल ही में रिलीज हुई एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘बागी 4’ में नजर आए थे। इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ, सोनम बाजवा और हरनाज संधू ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म को ए. हर्षा ने निर्देशित किया है और यह 2013 की तमिल फिल्म ‘ऐंथु ऐंथु ऐंथु’ का रीमेक मानी जा रही है। संजय दत्त ने इस फिल्म में एक अहम किरदार निभाया। अब वे जल्द ही ‘धुरंधर’ नामक एक जासूसी एक्शन थ्रिलर फिल्म में नजर आएंगे। इस फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, निर्देशित और सह-निर्मित किया है। इसमें संजय दत्त के साथ रणवीर सिंह, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और अक्षय खन्ना जैसे कई बड़े सितारे शामिल हैं। फिल्म की कहानी एक गुप्त एजेंट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो देश की सुरक्षा, राजनीतिक साजिशों और निजी संघर्षों से जूझता है।  

रेडीमेड घटिया वर्दी के विरोध में कोटवार संगठन पहुंचा जनसुनवाई

जबलपुर/ मण्डला बताया बिचौलियों के द्वारा घटिया कपड़े से बनी रेडीमेड जोकर जैसी रेडीमेड वर्दी नहीं लेंगे पहले की तरह कोटवारों के खाते में जमा हो पैसे,कोटवार खुद पसंद के कपड़े खरीदकर सिलाई कराकर पहनेंगे।                 घटिया से घटिया कपड़े से बने रेडीमेड अनफिट वर्दी एवं घटिया सामग्रियां जबरन न थोपे जाने कोटवारों ने जनसुनवाई में आवेदन दिया है। जिसमें यह भी चाहा गया है,कि जिस तरह दो साल पहले इन सामग्रियों को खरीदने के लिए राशि कोटवारों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती रही है,उसी तरह अब भी जमा कराए जाने का निवेदन किया है। कोटवार संगठन के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता शंकर दास पड़वार,जिला अध्यक्ष रंजीत पड़वार और संगठन मंत्री कुंवर दास धार्वैया ने संयुक्त रूप से यह भी बताया है,कि कोटवारों को घटिया क्वालिटी के कपड़े से बने ढीली-ढाली जोकर के पहनावे जैसी वर्दी बांटने को लेकर जिले के समस्त तहसीलदारों के लिए हाल ही में कलेक्टर मण्डला के द्वारा आदेश जारी हुआ है। जिसको सोशल मीडिया पर वायरल होते देख जोकर जैसी वर्दी जबरेन थोपे जाने की प्रक्रिया को लेकर जिले भर के साढ़े सात सौ कोटवारों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। जगह-जगह कोटवारों की चिंतन बैठकों का दौर चल गया और मंगलवार 23 सितंबर को जनसुनवाई पहुंच गए। जहां पर निवेदन किया गया है,कि इस संबंध में प्रदेश संगठन के द्वारा हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई है।जो विचाराधीन है। जिस पर निर्णय आते तक वर्दी नहीं दिए जाने चाहिए। जबरेन थोपने पर समस्त कोटवार पुरजोर विरोध करेंगे।जनसुनवाई में कलेक्टर के द्वारा दिए गए जवाब से कोटवार संगठन और अधिक चिंताग्रस्त हो गया है। कलेक्टर ने कहा है,कि शासन के द्वारा प्राप्त दिशानिर्देश का पालन जिला प्रशासन को करना है।जबकि कोटवारों का बस इतना सा निवेदन था,कि पूर्व वर्षों की भांति वर्दी एवं सामग्रियां (दो जोड़ वर्दी, गरम कोट, जूता एवं टॉर्च) की राशि कोटवारों के सीधे बैंक खाते में हस्तांतरण किया जाए।जबकि लगभग एक साल से इस मुद्दे को लेकर जिले से लेकर राज्य स्तर तक ज्ञापन,भेंट और आंदोलनों का दौरा चलाया गया पर सरकार है जो मानने से रही और बिचौलियों को फायदा दिलाने कोटवारों का शोषण करने उतारू हो गई है।इस निवेदन पर कोटवार के पक्ष में सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है,और इसके बाद भी रेडीमेड वर्दी लेने मजबूर करने पर जिले के साढ़े सात सौ कोटवार सारे शासकीय काम बंद करके कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठकर काम बंद हड़ताल करने मजबूर हो जाएंगे ।  जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।इस मौके पर मुख्य रूप से कोटवार संगठन के मार्गदर्शक पी.डी.खैरवार,जिला अध्यक्ष रंजीत पड़वार, जिला संगठन प्रभारी कुंवर दास धार्वैया, कोषाध्यक्ष धीरज बैरागी, सचिव मनोज झारिया सहित बड़ी संख्या में जिले भर के कोटवार पहुंचे।

शाहरुख-गौरी पर छवि खराब करने का आरोप, समीर वानखेड़े ने लिया न्याय का रास्ता

विस्तार एनसीबी के पूर्व अफसर समीर वानखेड़े ने शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान के स्वामित्व वाली रेड चिलीज और गौरी खान पर दिल्ली हाईकोर्ट में मामला दर्ज कराया है। समीर वानखेड़े ने आर्यन खान की वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में उनकी छवि को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया है। छवि को नुकसान पहुंचाने की कही बात समीर वानखेड़े एनसीबी मुंबई के जोनल निदेशक रहे हैं। रेड चिलीज शाहरुख खान और गौरी खान की स्वामित्व वाली कंपनी है। समीर ने रेड चिलीज के साथ स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और अन्य के खिलाफ भी दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि रेड चिलीज की सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में झूठी, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक सामग्री है, जिसका उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ का निर्देशन आर्यन खान ने किया है। ये सीरीज हाल ही में रिलीज हुई है और नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। साथ ही उन्होंने शो की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने का निर्देश देने की भी मांग की है। उम्मीद है कि दिल्ली हाईकोर्ट जल्द ही इस मामले में सुनवाई कर सकता है। याचिका में लगाए गंभीर आरोप अपने मुकदमे में समीर वानखेड़े ने प्रोडक्शन हाउस, नेटफ्लिक्स और अन्य के खिलाफ स्थायी और अनिवार्य राहत निषेधाज्ञा, घोषणा और हर्जाने के रूप में राहत मांगी है। उन्होंने यह भी कहा है कि वह आर्यन खान के निर्देशन में बने पहले शो 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में एक झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानि करने वाले वीडियो से वह आहत हैं। उन्होंने याचिका में दावा किया कि यह सीरीज नशीली दवाओं के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियों को गलत व अपमानजनक तरीके से दिखाती है। इससे लोगों में इन संस्थानों के प्रति विश्वास कम होता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह सीरीज जानबूझकर समीर वानखेड़े की प्रतिष्ठा को रंग-बिरंगे और गलत तरीके से खराब करने के इरादे से तैयार की गई है। खासकर तब जब उनसे और आर्यन खान से जुड़ी कार्यवाही बॉम्बे हाईकोर्ट और मुंबई के एनडीपीएस विशेष न्यायालय में चल रही है। कैंसर रोगियों के इलाज के लिए मांगा 2 करोड़ का हर्जाना शो के एक सीन जिसमें एक कैरेक्टर 'सत्यमेव जयते' का पाठ करने के बाद अश्लील इशारा करता है, मुकदमे में दावा किया गया है कि यह राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जिसके लिए कानून के तहत सजा का प्रावधान है। इसके अलावा भी समीर वानखेड़े ने ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ पर कई अन्य आरोप लगाए हैं। क्योंकि यह अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के उपयोग करके राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। अपने मुकदमे में समीर वानखेड़े ने कैंसर रोगियों के इलाज के लिए टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल को दान करने के लिए 2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है। द बैड्स ऑफ बॉलीवुड में था संंबंधित सीन आर्यन खान के हालिया रिलीज शो ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में एक एपिसोड में एनसीबी के पूर्व अफसर समीर वानखेड़े पर तंज कसा गया था। समीर वानखेड़े क्रूज पार्टी मामले में आर्यन खान को गिरफ्तार करने वाले एनसीबी अफसर हैं। सीरीज में समीर वानखेड़े की तरह ही दिखने वाला एक किरदार था, जिसकी भूमिका भी एनसीबी अफसर की ही थी। सीरीज में दिखाया गया कि एनसीबी अफसर बॉलीवुड की पार्टी में रेड डालने पहुंचता है। इस अफसर के हाव-भा और शकल काफी हद तक समीर वानखेड़े से मिलते थे।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने प्रियंका गांधी के बिहार दौरे पर साधा निशाना बोले – ‘बस टहलने आई हैं’

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी राज्य का दौरा करेंगी। भाजपा ने प्रियंका के आगामी बिहार दौरे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ ‘टहलने’ के लिए बिहार आ रही हैं। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा, प्रियंका गांधी यहां ‘टहलने’ आएं, अब बिहार ने बहुत तरक्की कर ली है। कांग्रेस के ‘जमाने’ में बिहार की हालत ऐसी थी कि गाड़ियां-मोटरसाइकिल यहां बहुत कम थीं, फिर भी पटना में भयंकर ट्रैफिक जाम लगता था। अब वे जब आएंगी तो बेहतरीन फ्लाइओवर ट्रैफिक सुविधाओं से युक्त बिहार देखेंगी, जिसे देखकर उन्हें अच्छा लगेगा। सांसद जायसवाल ने प्रियंका को सलाह देते हुए कहा, “मैं उनसे यही कहूंगा कि वे बापू सभागार जरूर जाएं, जहां नीतीश कुमार ने देश का सबसे बड़ा इंडोर ऑडिटोरियम बनवाया है, वहां जाकर वे नीतीश सरकार की तरक्की देखें। उन्हें पटना म्यूजियम भी घूमना चाहिए। बिहार पर्यटन का शानदार स्थल बन गया है। प्रियंका अभी एक दिन के लिए आ रही हैं, तो पटना घूमकर ही वापस लौटें।” बिहार में महागठबंधन द्वारा ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प’ पेश किए जाने पर सांसद जायसवाल ने हमला बोला। उन्होंने कहा, घोषणापत्र बिहार के सभी नागरिकों के लिए होता है, जिसे संपूर्ण समाज के लिए एक साथ जारी किया जाता है। लेकिन, जिन लोगों की दिलचस्पी समाज को बांटने और विभाजन में हो, जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया, वे ही अलग-अलग फर्जी घोषणापत्र जारी करते हैं, जिसमें झूठी बातें लिखी होती हैं। संजय जायसवाल ने बिहार की महिलाओं के लिए शुक्रवार के दिन को खास बताया। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार’ योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, शुक्रवार का दिन बहुत खास है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिलकर हर परिवार की हर महिला को 10,000 रुपए देंगे। पहले ही दिन इस योजना से 70 लाख परिवारों को फायदा होगा। एनडीए सरकार जो कहती है, उसे पूरा जरूर करती है।