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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल

रायपुर व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा  संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

आरक्षण सीमा पार: किन राज्यों ने किया लागू और एमपी में OBC कोटा 27% करने की तैयारी

भोपाल भारत में आरक्षण की अधिकतम सीमा को लेकर लगातार बहस चलती रहती है। मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण को 27% किए जाने का मामला चल रहा है। इस मामले में आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजना सुनवाई की जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संविधान के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद कई राज्य 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। ऐसे में आज बात करेंगे कि ये राज्य आखिर क्यों 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। दरहअसल सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार (1992) केस में साफ कहा था, कि सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद कई राज्यों ने इस सीमा को पार कर दिया है और अपने सामाजिक ढांचे व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर 50% से ऊपर का कोटा लागू कर रखा है। इन राज्यों में 50% से ज्यााद आरक्षण… तमिलनाडु – 69%     1990-94 में कानून बना और इसे संविधान की नौंवीं अनुसूची में शामिल किया गया। तेलंगाना – 67%  शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण। बिहार – 75%     हाल ही में राज्य ने आरक्षण को 65% तक बढ़ाया और EWS मिलाकर कुल लगभग 75% हो गया। गुजरात – 58-60%     EWS को शामिल करने के बाद कुल आरक्षण दर 50% से ऊपर चली गई। केरल – लगभग 60%     राज्य में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण दर 60 %। 50% से ज्यादा आरक्षण देने पर क्या कहता है कानून .. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 50% से ज्यादा आरक्षण असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर मान्य नहीं होगा। लेकिन कई राज्यों ने सामाजिक न्याय और जातिगत समीकरणों का हवाला देकर इसे बढ़ाया। खासतौर पर तमिलनाडु का 69% आरक्षण इसलिए बचा हुआ है क्योंकि इसे नौंवीं अनुसूची में डाल दिया गया, जिससे अदालत में इसकी वैधता चुनौती देना मुश्किल हो जाता है। भारतीय संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि सामान्य स्थिति में जाति-आधारित आरक्षण 50% से ज़्यादा नहीं हो सकता। लेकिन कुछ राज्यों ने इस सीमा को पार करते हुए 50% से अधिक आरक्षण की नीति लागू कर रखी है। MP में OBC आरक्षण बढ़ने पर क्या होगा समीकरण? आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में मौजूदा दौर में आरक्षण कि स्थिति कुछ इस प्रकार है…     SC (अनुसूचित जाति) – 16%     ST (अनुसूचित जनजाति) – 20%     OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) – पहले 14%, जिसे बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव है​​​ क्या 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देना संवैधानिक है? ऐसे में अगर 27% आरक्षण लागू होता है तो मध्यप्रदेश में कुल आरक्षण बढ़कर 63% पहुंच जाएगा। लेकिन संवैधानिक रूप से यह तभी टिक पाएगा जब सरकार विशेष परिस्थितियों का ठोस तर्क कोर्ट में साबित करे। वरना इसकी वैधता सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।  

बालोद प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिया आश्वासन

रायपुर : बालोद की अधिष्ठात्री देवियों के मंदिर परिसरों का होगा विकास बालोद प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने दिया आश्वासन   मंत्री यादव ने गंगा मैय्या झलमला, सियादेवी एवं कंकालिन माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की रायपुर प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि, विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने अपने  बालोद जिले के प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला स्थित माँ गंगा मैय्या मंदिर, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी मंदिर एवं ग्राम कंकालिन में कंकालिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने बालोद जिले की प्रमुख तीनों अधिष्ठात्री देवियों का दर्शन करने के उपरांत मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के मांग पर मंदिर परिसर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों को पूरा करने हेतु राशि स्वीकृति करने का आश्वासन भी दिया।   यादव ने गंगा मैय्या झलमला, सियादेवी एवं कंकालिन माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने ग्राम कंकालिन में कंकालिन मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार तथा डोम शेड निर्माण हेतु राशि स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कंकालिन मंदिर परिसर में सुमधुर छत्तीसगढ़ी पंडवानी गायन का श्रवण भी किया। मंत्री  यादव अतिथियों के साथ सियादेवी मंदिर पहुँचकर मां सियादेवी का विधिवत पूजा-अर्चना किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं आम जनता के सुविधा हेतु निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। ग्राम झलमला स्थित गंगा मैया मंदिर पहुँचकर गंगा मैया का पूजा-अर्चना कर उनसे आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने गंगा मैया मंदिर समिति के पदाधिकारियों से बातचीत कर मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार के संबंध में चर्चा की और हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। 

आचार्य चाणक्य बताते हैं: सफलता पाने से पहले खुद से पूछें ये सवाल

जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ आत्म मंथन की भी जरूरत होती है। जब तक इंसान को अपनी काबिलियत, हैसियत, और खुद की अहमियत का अंदाजा नहीं होगा, वो सही दिशा में कदम नहीं बढ़ा पाएगा। और बिना सही दिशा जानें तो सफलता की ओर एक पग बढ़ाना भी मुश्किल है। इसलिए अगर जीवन में सफल होना है, तो खुद के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है और ये आपसे बेहतर भला कौन जानता है। इसलिए आगे बढ़ना है तो थोड़ा सा ठहरना भी जरूरी है। शांत मन से खुद को टटोलना भी जरूरी है और कुछ सवालों के जवाब ढूंढना भी जरूरी है। आचार्य चाणक्य भारत के इतिहास में हुए उन विद्वानों में से एक हैं, जिनकी बातें आज भी लोगों का मार्गदर्शन करने का काम कर रही हैं। उन्होंने जीवन के लगभग हर एक पहलू पर अपने स्पष्ट विचार रखे। जीवन में कोई भी व्यक्ति कैसे सफलता पा सकता है, इसपर तो आचार्य ने खूब लिखा। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति को समय-समय पर खुद से कुछ जरूरी सवाल कर लेने चाहिए ताकि उसके सामने चीजें स्पष्ट हो सकें और वो अपने जीवन की सही राह चुन पाए। आइए जानते हैं आचार्य ने खुद से किन सवालों के जवाब तलाशने की बात कही है। कैसा चल रहा है समय हर इंसान के जीवन में उतार-चढ़ाव तो लगे ही रहते हैं। कभी सुख तो कभी दुख, जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। आपका समय कैसा चल रहा है, इसके बारे में समय-समय पर खुद से सवाल जरूर करते रहें। जीवन के उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय, इस पर आत्ममंथन करें। अगर जीवन में दुख है तो किन कारणों से है, उससे बाहर निकलने का समाधान क्या है; ये आपको तभी पता चलेगा जब आप शांत मन से इस पर विचार करेंगे। कौन है आपका सच्चा मित्र आपका सच्चा मित्र कौन है, इसके बारे में भी इंसान को जानकारी होना बहुत जरूरी है। हर इंसान के जीवन में कई तरह के लोग होते हैं लेकिन सब पर आंख मूंद कर भरोसा कर लेना समझदारी नहीं। अगर आपको जीवन में तरक्की पानी है, तो इंसान की परख होना जरूरी है। कौन सा इंसान आपका सच्चा साथी है और कौन सिर्फ दिखावे के लिए आपके साथ है, इस बात को भी आप तभी समझ पाएंगे जब खुद से एकांत में इसे लेकर सवाल करेंगे। कैसी जगह पर है आपका निवास स्थान इंसान जिस जगह पर रहता है, उस माहौल का उसके जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए अपने माहौल को अच्छा रखना जरूरी है। हर इंसान को खुद से ये सवाल करना चाहिए कि वह जिन लोगों के साथ उठ- बैठ रहा है, क्या वो उसके लिए सही हैं। आपके आसपास के माहौल का आपके जीवन पर पॉजिटिव असर पड़ रहा है या नेगेटिव, इसके बारे में विचार करना जरूरी है। अगर आपके माहौल का आपके जीवन पर नेगेटिव असर पड़ रहा है तो उसे बदलने का प्रयास करें। कितनी है कमाई और कितना है खर्च इंसान अपने जीवन में तरक्की तभी हासिल करता है, जब उसे अपनी कमाई और खर्च के बीच बैलेंस बनाना आता है। वो कहावत तो आप सब ने सुनी होगी 'उतने पैर पसारिए जितनी लंबी सौर', इस कहावत का अर्थ है कि आदमी को अपनी आमदनी को ध्यान में रखकर ही खर्चा करना चाहिए। हर इंसान को इस पर विचार जरूर करना चाहिए कि उसकी कमाई कितनी है और उसका खर्चा कितना है। साथ ही कोशिश करनी चाहिए की जितनी कमाई हो, खर्च उससे कम ही हो और बचत की जा सके। क्या है आपकी काबिलियत हर इंसान में अलग अलग गुण होते हैं। किसी को पढ़ाई में रुचि है तो किसी को संगीत में, कोई अच्छी आर्ट बना सकता है तो कोई स्वादिष्ट खाना। इसके अलावा हर इंसान का इंटरेस्ट ऑफ एरिया भी अलग-अलग होता है। कोई बिजनेस करना चाहता है तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है, किसी को डॉक्टर बनना है तो कोई एक्टर बनने के सपने देखता है। ऐसे में जीवन में सफल होने के लिए हर इंसान को अपनी काबिलियत जरूर पहचाननी चाहिए। किस काम में आपका मन लगता है और कौन से काम को आप आसानी से कर सकते हैं, इस पर विचार जरूर करें। अपनी काबिलियत को पहचानकर ही भविष्य की प्लानिंग करें। इसके बाद आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

जीएसटी सुधारों से बढ़ेगा निवेशकों का विश्वास: रायपुर में बोले वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी

जीएसटी पर कटौती का लाभ आम जनता तक पहुँचाने हेतु राज्य जीएसटी का विशेष अभियान रायपुर छत्तीसगढ़ में जीएसटी दरों में कटौती का लाभ सीधे जनता तक पहुँचे, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने आज राजधानी के विभिन्न बाजारों का दौरा कर दुकानदारों और उपभोक्ताओं से संवाद किया तथा सुधारों का असर ज़मीनी स्तर पर सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा भी उपस्थित थे। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि जीएसटी सुधारों का असर सीधे जनता तक पहुँचना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि वे प्रत्येक बाजार का नियमित भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कटौती का लाभ केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब तक पहुँचे। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का दृढ़ संकल्प है कि जीएसटी दरों के सरलीकरण और कटौती से आम जनता को सीधा लाभ मिले। सरकार की प्रतिबद्धता है कि लोगों को आवश्यक वस्तुएँ और भी किफायती दामों पर उपलब्ध हों तथा सुधारों का असर हर घर-परिवार में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सके। वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि के पावन अवसर पर ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत की गई है। इस उत्सव के अंतर्गत आमजन के उपयोग की वस्तुओं पर उल्लेखनीय कमी की गई है। इसमें हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान, साइकिल, छोटी कारें, एयर कंडीशनर, टीवी, ट्रैक्टर जैसी कई घरेलू वस्तुएँ शामिल हैं। इन सभी पर आम जनता को सीधी राहत दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे बाजारों में भ्रमण के दौरान व्यापारी बंधुओं को दरों में कमी की पूरी जानकारी दें और उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्हें यह समझाना आवश्यक है कि जीएसटी दरों में कटौती से वस्तुओं के दाम घटे हैं और यह राहत उपभोक्ताओं तक पहुँचना ही इस सुधार का उद्देश्य है। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि “जीएसटी बचत उत्सव केवल एक औपचारिक पहल नहीं है, बल्कि यह जनसामान्य के जीवन स्तर को सुधारने का एक ठोस प्रयास है। यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगी, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाएगी और व्यापार को भी प्रोत्साहित करेगी।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी दरों में कटौती और सरलीकरण की घोषणा की थी। इसके पश्चात् जीएसटी कौंसिल की 56वीं बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार 22 सितंबर 2025 से ये प्रावधान पूरे देश में लागू हो चुके हैं।

अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग व अन्य सेवाओं का लाभ: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : गांव-गांव में डिजिटल सशक्तिकरण: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग व अन्य सेवाओं का लाभ: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण अंचलों को बैंकिंग सहित सभी सीएससी सेवाएं पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें। मंत्री मती राजवाड़े सूरजपुर जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस बैठक में जिले के सभी सरपंचों एवं सीएससी द्वारा अधिकृत वीएलई (Village Level Entrepreneur) उपस्थित रहे। बैठक में चर्चा की गई कि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, पेंशन व बीमा योजनाएं, आधार व अन्य शासकीय योजनाओं की सेवाएं सीधे पंचायत स्तर पर उपलब्ध होंगी। मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों की समय और संसाधन की बचत के साथ-साथ उन्हें डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सरपंचों और वीएलई से अपील की कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इन सेवाओं का लाभ पहुँचाएँ। बैठक में विधायक  भुलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष मती चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया का बाल निकेतन पर औचक निरीक्षण, बच्चों के हित में सख्त निर्देश

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया बाल निकेतन का औचक निरीक्षण : बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए सख्त निर्देश भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया रोड स्थित बाल निकेतन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने संयुक्त संचालक श्रीमती नकीजहां कुरैशी और बाल निकेतन अधीक्षक श्री हरिओम शर्मा को निर्देशित किया कि बच्चों के आवास, पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मानसिक आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सुश्री भूरिया ने बाल निकेतन के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए रहने के कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, ऑडिटोरियम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसे मंत्री सुश्री भूरिया ने सराहा। मंत्री से बच्चों ने अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर भ्रमण की इच्छा भी जताई, जिसे सुनते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि बाल निकेतन में अनाथ, निराश्रित और परित्यक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्रवेश देकर उन्हें आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह संस्था समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।  

गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने सरकार कृत संकल्पित- शिक्षा मंत्री यादव

रायपुर प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्र और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार कृत संकल्पित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में ठोस रणनीति बनाकर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूरवासियों को नवनिर्मित शाला भवन की सौगात मिलने पर बधाई दी और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा  “जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा।”          शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित शाला भवन का लोकार्पण के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह भवन 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मंत्री  यादव ने गुरूर के शाला परिसर में डोम सहित कला मंच, सायकल स्टैण्ड तथा प्रार्थना स्थल में डोम निर्माण की घोषणा की। साथ ही स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या उत्कृष्ट विद्यालय गुरूर के प्रार्थना स्थल में भी डोम निर्माण की घोषणा की।        शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि राज्य में शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 1 से 8 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रूप से परीक्षा ली जाएगी। साथ ही 9 वीं से 12 वीं तक के लिए सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से ई-कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नालंदा परिसरों में स्कूली बच्चों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी ई-कोचिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की नई शिक्षा प्रणाली को दूरदर्शी बताते हुए  यादव ने कहा कि इसे दुनिया के 13 देशों में अपनाया जा चुका है। हाल ही में गुजरात जाकर वहाँ के उत्कृष्ट शिक्षा मॉडल का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में इसरो के सैटेलाइट के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को अध्यापन कराया जा रहा है, जहाँ संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं होते। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।            कार्यक्रम में स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसकी मंत्री ने सराहना की। कार्यक्रम में विधायक मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष मती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  तोमन साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष  प्रदीप साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  यशवंत जैन,  चेमन देशमुख, पूर्व विधायक  प्रीतम साहू एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  राकेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ एवं गण्मान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

नरेंद्र मोदी: जीएसटी सुधारों के सूत्रधार और आधुनिक भारत के चाणक्य

जीएसटी सुधार- वर्तमान भारत के चाणक्य नरेंद्र मोदी  वस्तु एवं सेवा कर,जीएसटी,भारत के भूतो न भविष्यति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया। स्वतंत्र भारत के आर्थिक इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण सुधार है। वर्ष 2000 में भी तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जीएसटी का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। तब कांग्रेस ने विरोध किया।10 साल तक कांग्रेस की मनमोहन सरकार भी राज्यों को कर हानि, राजस्व हानि के विरुद्ध गारंटी नहीं दे सकी।राज्यों को एकीकृत कर प्रणाली हेतु आश्वस्त करने में विफल रही। मोदी सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली ने सभी राज्यों को आर्थिक गारंटी दी।फलस्वरूप राज्य सहमत हुए और 1 जुलाई 2017 से संपूर्ण देश में एक समान वस्तु एवं सेवा कर लागू हुआ।एक देश एक कर व्यवस्था आरम्भ हुई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से 15 अगस्त 2025 को भारत की जनता को संबोधित करते हुए जीएसटी में नई पीढ़ी के सुधारों एवं 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि के पुण्यकाल से देश में लागू करने की घोषणा की गई थी।इस संकल्पना में मोदी सरकार का अगली पीढ़ी का सुधार एवं नागरिक देवो भव: के मंत्र का पालन स्पष्ट रूप से झलकता है।जीएसटी टैक्स स्लैब में 12 और 28 प्रतिशत के स्लैब को हटा दिया गया है। प्रमुख रूप से भारत की जनता जनार्दन की दैनिक आवश्यकता की लगभग 99 प्रतिशत वस्तुओं एवं सेवाओं पर कर, शून्य या 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत कर दिया गया है।सोना,चाँदी आदि मूल्यवान धातुओं पर पूर्व की भाँति 3 प्रतिशत जीएसटी रहेगा।विलासिता एवं सिन आइटम पर 40 प्रतिशत जीएसटी रहेगा।अनेक खाद्य पदार्थ,जीवन बीमा, मेडिकल स्वास्थ्य बीमा, स्वास्थ्य सेवा पर जीएसटी शून्य होने से अत्यधिक लाभ होगा।औषधियों पर टैक्स 12 से कम कर 5 प्रतिशत कर दिया है।कृषि उपकरणों पर 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत करने से किसानों को भी लाभ होगा।निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट पर टैक्स 28 से कम होकर 18 प्रतिशत हो गया है ।आवास भी सस्ते होंगे ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एस्पिरेशनल इंडिया का उल्लेख जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण कार बाजार में देखने को मिल रहा है। मारुति सुजुकी ने कार बुकिंग का पिछले 35 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हुंडई  के शोरूम में भी 5 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा है। जीएसटी दरों में कटौती के पहले दिन मारुति ने 25,000 कारों की डिलीवरी की। मारुति के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने कहा है कि यह वास्तव में एक ऐतिहासिक क्षण है, पिछले 35 वर्षों में ऐसा पहली बार देखा गया है कि पहले ही दिन 80,000 पूछताछ दर्ज हुईं और 25,000 से अधिक कारें डिलीवर कर दी गई। उन्होंने बताया कि डिलीवरी शीघ्र ही 30,000 तक पहुंच जाएगी। कंपनी को पहले ही दिन 75,000 से 85,000 बुकिंग  प्राप्त हुईं हैं।पिछले वर्ष की तुलना में इस बार का बाजार असाधारण रूप से मजबूत है और जीएसटी सुधार का प्रभाव भी अभूतपूर्व रूप से हुआ है।  नए सुधारों को लागू करवाने में,सभी राज्यों को सहमत करने में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का योगदान भी अतुलनीय है।पूर्व में वर्ष 2025-26 के बजट में मोदी सरकार ने आयकर की सीमा को 12 लाख कर दिया है।इससे भी जनता को धनलाभ हो रहा है।दोनों एतिहासिक कर सुधारों से जनता जनार्दन को प्रति वर्ष 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ होगा।अर्थ व्यवस्था में खपत बढ़ेगी।अर्थव्यवस्था में प्रतिवर्ष 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खपत बढ़ेगी।जनता जनार्दन की क्रय शक्ति बढ़ेगी।भारत भी अर्थव्यवस्था के पथ पर तीव्र गति से कुलांचे भरेगा,दौड़ेगा।वर्तमान में भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्यवस्था है।विश्व में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।द्रुत गति से निकट भविष्य में पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य अर्जित कर लेगा।विश्व की तीसरी सर्वाधिक अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा।  वर्ष 2014 में मनमोहन सरकार ने अगले 30 वर्षों में 2045 तक 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को अर्जित करने का अनुमान संसद में बजट सत्र के समय बताया था।मोदी सरकार इस लक्ष्य को लगभग 20 साल पहले ही अर्जित करने जा रही है।  भारतीय स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 35 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान अनेक आर्थिक रेटिंग एजेन्सी लगा रहीं हैं।सैकड़ों आर्थिक सुधारों को लागू करने से, मोदी सरकार ने अर्थ तंत्र को अविश्वसनीय, अद्वितीय, अकल्पनीय गति प्रदान कर सशक्त और समृद्ध बनाया है। भाजपा की अनेक राज्यों की सरकार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को कंधे से कंधा मिला कर पूर्ण कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के पुरूषार्थी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,भाजपा के संगठन निष्ठ,तपस्वी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल,अनुशासन प्रिय प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा,उपमुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और नेता, जनता जनार्दन से संवाद कर रहे हैं। व्यापारियों से संवाद कर रहे हैं। व्यापारियों को स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय एवं जनता को स्वदेशी वस्तुओं का ही उपयोग करने का आग्रह कर रहे हैं। जिससे भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो। भारत का निर्माण क्षेत्र भी तीव्र गति से समुन्नत हो ,वृद्धि करे।  महानतम अर्थशास्त्री चाणक्य के मंत्र-तस्मान्नित्योत्थितो राजा,कुर्यादर्थानुशासनम् ।अर्थस्य मूलमुत्थानम, अनर्थस्य विपर्ययः । इस मंत्र का पालन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय अर्थव्यवस्था को समुन्नत कर रहे हैं, समृद्ध बना रहे हैं।जनता जनार्दन को आर्थिक लाभ प्रदान कर रहे हैं।अतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक भारत के चाणक्य हैं, कौटिल्य हैं, विष्णु गुप्त हैं। इति श्री। लेखक- सत्येंद्र जैन  

सहकारी समितियों को आवास संघ का सदस्य बनने पर निर्माण कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता

मंत्री  सारंग की अध्यक्षता में म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ एवं बीज संघ की साधारण सभा संपन्न सहकारी समितियों को आवास संघ का सदस्य बनने पर निर्माण कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता एमपी चीता ब्रांड बनेगा म.प्र. बीज संघ की पहचान – किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में आज समन्वय भवन, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित एवं मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की वार्षिक साधारण सभाएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न समितियों के सदस्य एवं संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आवास संघ की 47वीं साधारण सभा सभा की शुरुआत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ की 47वीं वार्षिक साधारण सभा से हुई। इस दौरान आवास संघ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना और नवीन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट भी रखा गया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आवास संघ को प्रदेश में एक सशक्त निर्माण एजेंसी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि संघ द्वारा कराए जाने वाले सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और उन्हें समय-सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों को आवास संघ की सदस्यता प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सदस्यता शुल्क राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जा रहा है, जिससे संघ का कॉर्पस फंड सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांसद एवं विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों को भी आवास संघ के माध्यम से कराने की दिशा में पहल की जाए। बीज संघ की 20वीं साधारण सभा- ‘एमपी चीता ब्रांड’ की पहचान मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की 20वीं साधारण सभा संपन्न हुई। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है और इसमें सहकारिता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बीज उत्पादन और वितरण को लेकर गंभीर है। इसी दिशा में “एमपी चीता” नामक ब्रांड विकसित किया गया है, जो बीज संघ की पहचान बनेगा। इस ब्रांड के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि समितियां ही “एमपी चीता” ब्रांड की ब्रांड एंबेसडर होंगी। इसके लिए पांच वर्षों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसे राष्ट्रीय स्तर तक स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों की उपज और आमदनी दोनों बढ़ाते हैं। “एमपी चीता” ब्रांड का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना, सहकारी संस्थाओं को लाभ पहुँचाना और प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्यों की उपस्थिति सभा में सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता, बीज संघ के प्रबंध संचालक श्री महेंद्र दीक्षित, आवास संघ के प्रबंध संचालक श्री आर.एस. विश्वकर्मा सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।