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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित

अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शोः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को किया नमन   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का किया स्वागत  दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करना और स्वदेशी साधनों का बेहतर उपयोग ही प्रधानमंत्री का आह्वानः सीएम योगी  बोले सीएम- चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता, गरीब, श्रमिक, व्यापारी, किसान समेत हर तबके को मिला जीवनदान  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ: मुख्यमंत्री  ग्रेटर नोएडा/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के मंच पर अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उन्हें याद किया। बोले कि उन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के बारे में 70 वर्ष पहले नया चिंतन दिया था। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है। यह अवसर केवल ट्रेड शो का नहीं, बल्कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी मॉडल व मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के पीएम मोदी के विजन का स्वरूप भी है। यूपीआईटीएस के तीसरे संस्करण में 80 देशों के साढ़े पांच सौ से अधिक बायर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। यूपी के सभी 75 जनपदों से 2250 से अधिक एग्जीबिटर्स सहभागी बने हैं। ब्रांड यूपी के उत्सव की चर्चा कर योगी ने कहा कि पिछले आठ-साढ़े आठ वर्ष में आई औद्योगिक क्रांति, परंपरागत उद्यम को फिर से दिया गया जीवनदान यूपी की समृद्ध- सांस्कृतिक विरासत तथा सामाजिक विविधता को ट्रेड शो प्रतिबिंबित कर रहा है। इसके जरिए यूपी को देश व दुनिया के सामने शोकेस करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्राप्त हुआ है।  नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने फिरोजाबाद के शिल्पियों द्वारा बनाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की। सीएम ने पार्टनर कंट्री के रूप में रूस के साथ ही यूपीआईटीएस में आए 532 से अधिक फॉरेन बायर्स का भी स्वागत किया। सीएम ने कहा कि यह आयोजन नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा।   दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। गरीब, किसान, महिला, युवा, मध्यम, व्यापारी, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित सभी वर्ग व समुदायों को दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए उन्होंने यूपी वासियों की तरफ से पीएम का आभार जताया। सीएम ने कहा कि अपैरल व टेक्सटाइल, लेदर उत्पाद, हस्तशिल्प व कॉरपेट्स में यूपी देश में शीर्ष पर है। बदलते वैश्विक आर्थिक परिवेश की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने जीएसटी रिफॉर्म्स के माध्यम से बहुत ही महत्वपूर्ण व क्रांतिकारी कदम उठाया है।  चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता सीएम योगी ने कहा कि जुलाई 2017 में वन नेशन, वन टैक्स लागू हुआ था। टैक्स के अलग-अलग चार स्लैब थे, लेकिन नए सुधार के अंदर अब दो स्लैब ही जीएसटी रिफॉर्म के माध्यम से दिखेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पिछले चार दिनों के अंदर हम लोगों ने अहसास किया है कि मार्केट में नई जीवंतता आई है। उपभोक्ता का बाजार की तरफ तेजी से रूख हुआ है। गरीब, श्रमिक, व्यापाारी, किसान हर तबके को जीवनदान मिला है। इससे व्यापक पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ-साथ यूपी जैसे राज्य के लिए ओडीओपी सेक्टर के उद्यमियों को नया जीवनदान प्राप्त हुआ है।  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ  मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने 10 वर्ष पहले कहा था कि भारत के युवा को अब जॉब सीकर नहीं,  बल्कि जॉब क्रिएटर बनना होगा। पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप योजना,  पीएम इंटर्नशिप समेत अनेक योजनाओं ने बैकबोन का कार्य किया है। यूपी में हम लोगों ने सीएम युवा उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को नया उद्यमी बनने की तरफ कदम उठाया है। 24 जनवरी 2025 को यूपी स्थापना दिवस पर यह स्कीम लागू हुई थी। एक वर्ष से भी कम समय में अब तक 90 हजार से अधिक युवा इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं।  हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं पीएम   सीएम योगी ने कहा कि उद्यम पंक्ति में खड़े अंतिम हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए पीएम अत्यंत संवेदनशील हैं। परंपरागत कारीगरों व हस्तशिल्पियों को पीएम विश्वकर्मा योजना उपहार में दी गई है। राज्य सरकार की ओर से संचालित ओडीओपी के साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से चार लाख से अधिक हस्तशिल्पियों व कारीगरों को ट्रेनिंग देकर, वोकल फॉर लोकल मंत्र को स्वदेशी का संकल्प देकर हुनरमंद कारीगरों को नया बाजार उपलब्ध कराने का प्लेटफॉर्म बना है।   77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष कैपिटल बना, 75 नए उत्पादों के लिए करने जा रहे आवेदन मुख्यमंत्री ने कहा कि 77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बना है। 75 नए उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो, इसके लिए इस वर्ष आवेदन करने जा रहे हैं। धरोहर के रूप में मौजूद प्रदेश में हजारों वर्ष की विरासत को इसके माध्यम से सजाने, संवारने व संरक्षण करने का कार्य करने जा रहे हैं। यहां भी 60 से अधिक जीआई टैग के स्टाल देखने को मिलेंगे। यूपीआईटीएस में स्टार्टअप, ओडीओपी, उभरते एक्सपोर्टर्स, महिला, नए उद्यमी, हस्तशिल्पी, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, महिला स्वयंसेवी समूह, वन व पर्यावरण विभाग के उत्पाद व प्रयास भी प्रस्तुत किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से फरवरी 2023 में यूपी ग्लोबल … Read more

मैहर धाम में नवरात्र की धूम, मां शारदा के दर्शन कर चुके 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु

मैहर  मां शारदा धाम मैहर में चल रहे शारदेय नवरात्र महोत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। पहले दिन मां शारदा के दर्शन हेतु लगभग 1 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। दूसरे दिन यह संख्या बढ़कर 95 हजार तक जा पहुंची। तीसरे दिन श्रद्धालुओं का जोश और बढ़ा और करीब 1 लाख 25 हजार भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेका। इसी कड़ी में आज चतुर्थी तिथि (गुरुवार, 25 सितंबर 2025) को भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। प्रातः 12 बजे तक 72,639 श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं और अनुमान है कि दिनभर में यह संख्या 1 लाख से अधिक तक पहुंच सकती है। मेला क्षेत्र में जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को सुचारू दर्शन के लिए बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। नवरात्र के प्रत्येक दिन की तरह आज भी माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा हो रही है     प्रथम दिवस (प्रतिपदा) पर माता शैलपुत्री की आराधना हुई।     द्वितीय दिवस (द्वितीया) पर ब्रह्मचारिणी माता की पूजा-अर्चना की गई।     तृतीय दिवस (तृतीया) पर मां चंद्रघंटा का शृंगार और दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हुए।     चतुर्थ दिवस (चतुर्थी) पर आज भक्त माँ कूष्मांडा की उपासना कर रहे हैं। नवरात्र के इन पावन दिनों में मां शारदा की नगरी पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर है। मंदिर प्रांगण से लेकर पूरे मैहर नगर तक 'जय मां शारदा' के जयकारों से गूंज रहा है। मैहर की मां शारदा माता के दर्शन करने पहुंची एक लड़की की अचानक तबियत बिगड़ गई, तभी मौके पर मौजूद सीएसपी महेंद्र सिंह ने तत्काल स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराई है। प्राथमिक उपचार के बाद लड़की स्वस्थ हो गई।  

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर

महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान गढ़ रही योगी सरकार – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर – महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को लेकर भी योगी सरकार ने की  अहम कई पहलें – निर्धन परिवारों की बेटियों का सहारा बनी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना – योगी सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को भी किया मजबूत  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व बदलाव आया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और जागरूकता के क्षेत्र में योगी सरकार की योजनाओं ने नारी सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों ने महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के साथ सुरक्षा और सम्मान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी सोच और दूरदृष्टि को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत की। यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है।  महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए सरकार के हर विभाग की तरफ से प्रतिदिन अलग अलग जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और अब कोई बेटी अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेगी। महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के क्रम में  पुलिस टीम द्वारा चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूक किया जा रहा है।  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने उठाए ठोस और कारगर कदम  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने ठोस और कारगर कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गईं, जो महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करती हैं। बीते वर्ष इन हेल्प डेस्कों पर कुल 6,48,664 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6,47,095 का समाधान किया गया। इतना ही नहीं, महिलाओं को फोन पर परेशान करने से लेकर साइबर उत्पीड़न तक की शिकायतों को दर्ज करने के लिए वीमेन पावर लाइन-1090 को और सशक्त बनाया गया। जनवरी 2024 से अगस्त 2025 के बीच इस हेल्पलाइन पर 7.75 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं और लगभग 99 प्रतिशत मामलों का निस्तारण हुआ। महिला सुरक्षा को लेकर शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों तक किए विशेष इंतजाम महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रखा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष इंतजाम किए। महिला बीट प्रणाली और महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों की स्थापना ने गांव-गांव तक सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश में अब तक 9,172 महिला बीटों का गठन किया जा चुका है और करीब 19,839 महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं, एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 1.18 करोड़ से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग कर असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई और 33 हजार से अधिक गिरफ्तारियाँ कीं। महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और कठोर सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश ने देश में उदाहरण पेश किया है। अब तक 9,513 वादों में 12,271 अभियुक्तों पर दोष तय किए गए, जिनमें 12 अपराधियों को मृत्युदंड और 987 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आईटीएसएसओ पोर्टल के अनुसार महिला अपराधों के मामलों में 98.80 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। केंद्रों पर 3 से 5 वर्ष की अवधि के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्र में एक प्रभारी निरीक्षक/उपनिरीक्षक (प्राथमिकता महिला अधिकारी), 1 से 4 उपनिरीक्षक, 4 से 15 आरक्षी (जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं), 1 से 2 महिला होमगार्ड तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्शदाताओं की नियुक्ति के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर कर्मियों को 3 से 5 वर्ष की अवधि तक तैनात रखा जाएगा और प्रशिक्षित कर्मियों के स्थानांतरण का प्रावधान भी होगा। डीजीपी द्वारा जारी गाइडलाइन में थानों के प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि मिशन शक्ति केन्द्र के लिए एक अलग कक्ष, कम्प्यूटर, अभिलेख, स्टेशनरी, महिला शौचालय और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाए। सुरक्षा और सम्मान के नारों से गूंज उठीं सड़कें सीएम योगी के निर्देश पर रविवार सुबह से ही सभी जिलों में महिला पुलिस कर्मी बाइक लेकर सड़क पर उतरीं। “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” जैसे नारों से सड़कें गूंज उठीं। जगह-जगह आमजन ने तालियों और पुष्पवर्षा के साथ रैली का स्वागत कर महिला सुरक्षा के संकल्प को मजबूती दी। सीएम ने अपने सम्बोधन में कहा गया था कि “नारी सुरक्षा और सम्मान ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इसी विचार को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह बाइक रैली निकाली गई। लोकभवन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की शुरुआत की थी। इसके साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी जारी की गई। नवरात्रि और आगामी त्योहारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश की सभी 57,000 ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉडेंट सखी योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 49,376 बीसी सखियों का प्रमाणीकरण पूरा हुआ है। इनमें से लगभग 40 हजार महिलाएँ सरकार के साथ काम करते हुए अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित कर चुकी हैं। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है बल्कि ग्रामीण स्तर पर डिजिटल लेन-देन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके अलावा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 95 लाख से अधिक महिलाओं को 8,73,534 स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों को स्टार्टअप फंड, रिवॉल्विंग फंड और उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन कर आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया गया है। लखपति महिला योजना के अंतर्गत अब तक 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन हो चुका है और इनमें से 2 लाख से अधिक महिलाएँ … Read more

तेल फैक्ट्री में भीषण आग, नागरिकों में भय और अफरा-तफरी

धरसीवा सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के फेस वन में स्थित टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। करीब आधा दर्जन दमकल की गाड़ी आग बुझाने में लगी है, लेकिन आग बार-बार भड़कती जा रही है। इसके चलते आसमान में दो-तीन किलोमीटर तक धुंआ ही धुंआ नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इसी फैक्ट्री के पीछे सड़क के दूसरी ओर कुछ ही दूरी पर आईओसी का वाटलिंग रिफिलिंग प्लांट भी है, जहां घरेलू और कामर्शियल सिलेंडरों में गैस रिफिल होती है। कैप्सूल टैंकरों से गैस यहां आती है। बावजूद इसके आखिर कैसे टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री को यहां अनुमति मिली है, यह समझ से परे है। फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों के मुताबिक फैक्ट्री में सुबह आग लगी है। फैक्ट्री में आग बुझाने फायर सिस्टम नहीं है। पानी से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बुझी। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियों के कारण लोगों का सांस लेना भी मुश्किल है, क्योंकि टायर जलाकर ऑयल बनाने के दौरान आसपास के दर्जनभर गांवों तक इसकी दुर्गंध से लोग परेशान हैं।

संजय दत्त ने किए महाकाल के दर्शन, भावुक होकर बोले – सालों से आने की कोशिश कर रहा था

उज्जैन  उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के बॉलीवुड स्टार संजय दत्त (संजू बाबा) पहुंचे. उन्होंने नंदी हाल में बैठकर शिव आराधना कर बाबा की पूजा की. इसके बाद कहा कि मेरा सौभाग्य है कि बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया है. इस अनुभूति को बयां नहीं कर सकता.  बाबा की आराधना 12 ज्योर्तिलिंग में से एक महाकाल मंदिर में देश -विदेश की ख्यात हस्तियां आती रहती हैं. इसी कड़ी में गुरूवार तड़के बॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्टर संजय दत्त महाकाल मंदिर पहुंचे. दत्त धोती कुर्ता पहन कर मंदिर पहुंचे और नंदी हाल में बैठकर करीब एक घंटे बाबा महाकाल की आराधना की. भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार से बाबा के दर्शन कर पूजा की. इस दौरान मंदिर समिति ने दत्त को बाबा का प्रसाद देकर ओर दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया. अनुभूति के लिए शब्द नहीं पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए दत्त ने पूजा अर्चना करने के पश्चात कहा मेरा सौभाग्य की बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया. भस्म आरती का एहसास बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है, लेकिन लगता है यहां की कोई शक्ति है. किसी को आने के लिए अपील की जरूरत नहीं है बाबा जिसे बुलाएंगे वह स्वयं आ जाएगा मैं कितने सालों से कोशिश कर रहा था और अब आ पाया. यह कह संजय हर-हर महादेव का जयकार लगाकर रवाना हो गए. बॉलीवुड के स्टार भी बाबा के भक्त पिछले कुछ वर्षों से बॉलीवुड टॉलीवुड में बाबा महाकाल के प्रति आस्था बढ़ती जा रही है। लगातार फिल्मी हस्तियां बाबा का आशीर्वाद लेने आ रही हैं. हाल ही में एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा, आशुतोष राणा, जयाप्रदा,जाह्नवी कपूर बाबा की शरण में पहुंचे थे. वहीं अक्षय कुमार,सारा अली खान, गोविंदा, सोनू सूद, रविकिशन, साउथ स्टार यश, मनोज वाजपेई, राजपाल यादव, मनोज जोशी, शिल्पा शेट्टी,हेमा मालिनी,जया प्रदा, अनुपम खेर,रेखा, अनुराधा पौडवाल, मधुर भंडारकर, टीनू आनंद, दलजीत दोसांझ,मनोज मुंतशिर अभिनेता,उत्कर्ष शर्मा, सिंगर सुनंदा शर्मा, रंजीत, पॉप सिंगर हनी सिंह, कोरियोग्राफर रैमो डिसूजा, बिंदु दारा सिंह व साउथ के भी कई एक्टर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आ चुके हैं. ऐसे होती है भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही पुजारियों ने सबसे पहले वीरभद्र जी का स्वस्तिवाचन कर और उनकी आज्ञा से चांदी द्वार खोला. इसके बाद गर्भगृह के पट खोल भगवान का श्रृंगार उतार कर पंचामृत पूजन कर कर्पूर आरती की गई. इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया. फ़िर बाबा को भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से दिव्य स्वरूप में श्रृंगारित कर ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर भगवान को भस्म चढ़ाई गई. इस दौरान नंदी बाबा की भी पूजा की गई.

सड़कें सुधारो, या जवाब दो: हाईकोर्ट ने PWD और NHAI को कड़ा नोटिस दिया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे सड़क हादसों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे-343 और एनएच-130 जैसे मार्गों की खराब हालत और ब्लैक स्पाटों के कारण आम लोगों की जान जा रही है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के हलफनामे पेश होने के बाद कहा कि अब जिम्मेदार एजेंसियां जवाबदेह बनें और जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही करने वाले किसी भी विभाग या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी। यह मामला उस समय हाईकोर्ट के संज्ञान में आया, जब एक पिकअप वाहन के ब्रेक फेल होने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। चालक वाहन छोड़कर कूद गया और गाड़ी 35 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे की खबरें अखबारों में प्रकाशित हुईं तो कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया। पीडब्ल्यूडी सचिव ने कोर्ट में कहा कि अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा रोड (एनएच-343) की हालत सुधारने के लिए करीब 740 करोड़ की मंजूरी केंद्र सरकार से मिल चुकी है। तीन पैकेजों में काम बांटा गया है। मई 2025 में ठेका भी दे दिया गया है, लेकिन बारिश की वजह से काम ठप है। फिलहाल 2.81 करोड़ की लागत से अस्थायी मरम्मत जारी है। वहीं ब्लैक स्पाटों को सुधारने के लिए कई प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं, लेकिन मंजूरी का इंतजार है। एनएचएआई ने बताया कि बिलासपुर, मुंगेली और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 10 ब्लैक स्पाटों में से कई को हटाया जा चुका है। बिलासपुर के सेंदरी जंक्शन पर नई सर्विस रोड 90 प्रतिशत तैयार हो चुकी है। लिमतरा मोड़ पर 3.98 करोड़ की लागत से सर्विस रोड बनाने का टेंडर जारी हो चुका है। कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में पता चला कि कोरबा से रायपुर तक के एनएच-130 पर स्थित पावर प्लांट्स की राख (फ्लाई ऐश) ढोते समय पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं करते। ट्रकों से उड़ने वाली राख दिन में भी जीरो विजिबिलिटी बना देती है। इससे सड़क हादसे तो होते ही हैं। साथ ही आसपास के गांवों में सांस की बीमारियां भी फैल रही है। कोर्ट ने माना कि इससे हाईवे पर हुए मरम्मत कार्य भी बर्बाद हो रहे हैं। कोर्ट ने एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल को छोड़कर बाकी पावर प्लांट्स जैसे केएसके महानदी, डीबी पावर (बरादरहा), बालको, एसकेएस पावर, एसीबी पावर और अन्य स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से स्पष्टीकरण मांगा है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को भी पार्टी बनाकर कहा गया है कि वे अपना हलफनामा कोर्ट में पेश करें। हाईकोर्ट ने साफ किया कि अब मामले की नियमित मानिटरिंग होगी।

शिक्षा को बढ़ावा देने पर वक्फ समितियों को मिलेगा इनाम, वक्फ बोर्ड का बड़ा अभियान

भोपाल  वक्फ से होने वाली आय को समाज में तालीम को बढ़ावा देने पर खर्च करों और इनाम पाओ। प्रदेश में 15 हजार वक्फ समितियों को वक्फ बोर्ड (Waqf Board)ने टारगेट दिया है। इसके तहत पढ़ाई में अधिक से अधिक स्टूडेंट की मदद करनी होगी। इसके लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग वक्फ बोर्ड करेगा। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए प्रदेश में वक्फ समितियां हैं। जो बोर्ड के अधीन काम कर रही है। वक्फ प्रापर्टी की देखरेख से लेकर उसके रिकॉर्ड की जिम्मेदारी इनके पास है। वक्फ संशोधन एक्ट के बाद वक्फ आय को ये समितियां शिक्षा पर ज्यादा खर्च करेगी। हर समिति को अपने जिले में रिकॉर्ड रखना होगा। आय के मुताबिक स्कॉलरशिप देने से लेकर जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करना होगा। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग होना है। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग तय होना है। जिला स्तर पर वक्फ समितियों की तैयार होगी रिपोर्ट वक्फ सम्पत्तियों से होने वाली आय तालीम पर खर्च होगी। वक्फ समितियों को इसकी जिम्मेदारी है। इसके आधार पर इनकी समीक्षा होगी। बेहतर काम करने वालों को बोर्ड की ओर से इनाम भी दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन के लिए होगा।- डॉ सन्नवर पटेल, अध्यक्ष मप्र वक्फ बोर्ड दुकान और मकानों से आय वक्फ बोर्ड के मुताबिक वक्फ में कब्रिस्तान, मस्जिद, मकबरे सहित अन्य प्रापर्टी शामिल हैं। आय केवल दुकान और मकानों से है। ऐसे में कई जिले ऐसे हैं जहां कोई आय नहीं है। वहीं वक्फ संपत्तियों से कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने 34 करोड़ की रिकवरी नोटिस जारी किए है। इनमें 27 करोड की रिकवरी भोपाल से ही होना है। इसके अलावा एक अन्य समिति को सात करोड़ का नोटिस बोर्ड ने भेजा है।

जनता को मिल सकती है और राहत, PM मोदी ने दिए GST में और कटौती के संकेत

 नोएडा नवरात्रि के पहले दिन (22 सितंबर) गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में भारी कटौती का तोहफा देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और खुशखबरी दी है। पीएम मोदी ने भविष्य में टैक्स में और ज्यादा कमी का संकेत दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ टैक्स कम होता जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में एक लाख की खरीदारी पर करीब 25 हजार का टैक्स लगता था, जो अब घटकर 5-6 हजार रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी इंटरनेशल ट्रेड शो का आगाज करते हुए गुरुवार को जीएसटी में हुई कटौती और इससे हो रही बचत का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने भविष्य में भी इसमें कमी का संकेत देते हुए कहा, 'आज देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं हम यहीं नहीं रुकने वाले। 2017 में हम जीएसटी लाए, आर्थिक मजबूती का काम किया। 2025 में फिर से लाए, फिर आर्थिक मजबूती करेंगे और जैसे-जैसे आर्थिक मजबूती होगी टैक्स का बोझ कम होता जाएगा। देशवासियों के आशीर्वाद से जीएसटी रिफॉर्म का सिलसिला निरंतर चलता रहेगा।' पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले इतने सारे टैक्स थे। एक प्रकार से टैक्स का जंजाल था। उसके कारण बिजनेस की कॉस्ट और परिवार का बजट दोनों ही कभी भी संतुलित नहीं हो पाते थे। एक हजार रुपये की शर्ट पर 117 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में जब हम जीएसटी लाए तो पहले जीएसटी में 170 रुपये से कम होकर 50 हो गया और अब 22 सितंबर के बाद उसी शर्ट पर सिर्फ 35 रुपये देने होंगे। 2014 में टूथपेस्ट, तेल शैंपू आदि पर कोई 100 रुपये खर्च करता था तो 31 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में टैक्स 18 रुपये रह गया। अब यही सामान 105 रुपये में मिलेगा। 131 रुपये का सामान एक 105 पर आ गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई परिवार 2014 से पहले साल में एक लाख रुपये का सामान खरीदता था तो उसे उस समय में करीब 25 हजार रुपये टैक्स देना पड़ता था। लेकिन अब नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के बाद करीब 5-6 हजार रुपये टैक्स ही देना पड़ेगा। क्योंकि जरूरत के ज्यादातर सामान पर अब सिर्फ पांच फीसदी जीएसटी हो गया है। ट्रैक्टर से स्कूटर तक सस्ता पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले एक ट्रैक्टर खरीदने पर 70 हजार रुपये से अधिक टैक्स देना पड़ता था। अब उसी ट्रैक्टर पर सिर्फ 30 हजार का टैक्स देना पड़ता है। किसान को एक ट्रैक्टर पर 40 हजार की बचत हो रही है। थ्री व्हीलर पर तब 55 हजार का टैक्स लगता था, अब उसी पर जीएसटी करीब 35 हजार रह गया है। सीधे 20 हजार की बचत। जीएसटी कम होने की वजह से स्कूटर 2014 की तुलना में 8 हजार और मोटरसाइकिल 9 हजार सस्ती हो गई है। गरीब और मिडिल क्लास सबकी बचत हुई है। कांग्रेस पर जोरदार हमला पीएम मोदी ने टैक्स छूट का विस्तार से जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कुछ राजनीतिक दल देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। 2014 से पहले जो सरकार चला रहे थे उसकी नाकामियां छिपाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी दल जनता से झूठ बोल रहे हैं। सच यह है कि कांग्रेस सरकार में टैक्स की लूट थी और लूटे धन में से भी लूट होती थी। आम नागरिक को टैक्स की मार से निचोड़ा जा रहा था। हमारी सरकार ने टैक्स और महंगाई को कम किया है। देश के लोगों की आमदनी और बचत बढ़ाई है। कांग्रेस सरकार में 2 लाख रुपये की आमदनी तक इनकम टैक्स माफ था, आज 12 लाख रुपये की आमदनी टैक्स फ्री है। इनकम टैक्स और जीएसटी में छूट से लोगों को ढाई लाख करोड़ की बचत हुई है।'

CMRS टीम भोपाल मेट्रो के निरीक्षण पर, OK रिपोर्ट के बाद आम जनता कर सकेगी सफर

भोपाल  कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच गई है। गुरुवार और शुक्रवार को टीम निरीक्षण करेगी। कमिश्नर जनक कुमार गर्ग भी साथ हैं। इसके बाद एक और टीम भोपाल पहुंचेंगी। मेट्रो के लिए सीएमआरएस का दौरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 'ओके' रिपोर्ट का फाइनल होना।  मेट्रो अफसरों की माने तो ये टीमें ट्रैक के नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो तक देखेगी। निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। मुंबई से आई है टीम सीएमआरएस की टीम मुंबई से आई है। इस टीम के जिम्मे डिपो और गाड़ी है। डिपो में मेट्रो की सभी जरूरतें जानी जाएगी। वहीं, मेट्रो के अंदर फंक्शन, सॉफ्टवेयर के बारे में जानेगी। यदि कहीं कोई खामी मिलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएगी। यह टीम डिपो के अंदर ही रहेगी।इसके बाद दूसरी टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। हर वो बात जानेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए जरूरी है। टीम ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है। अक्टूबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित बता दें कि अक्टूबर में मेट्रो का कमर्शियल रन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस किया जा रहा है। आरडीएसओ से मिल चुकी ओके रिपोर्ट भोपाल मेट्रो के लिए सबसे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम आ चुकी है। इस टीम की रिपोर्ट ओके आई। इसके निरीक्षण के बाद सीएमआरएस को डॉक्युमेंट्स सबमिट किए गए। फिर निरीक्षण की तारीख 25-26 सितंबर फाइनल हुई। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी है, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

रेलवे कर्मियों के लिए खुशखबरी: बोनस पर आया ताज़ा अपडेट

नई दिल्ली  रेलवे कर्मचारियों के बड़ी खुशखबरी है। खबर है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल अपनी आगामी बैठक में दिवाली बोनस के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि दिवाली और त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही रेलवे कर्मचारियों के लिए उत्पादकता-आधारित बोनस को मंजूरी दे सकता है। बता दें कि यह बोनस मुख्य रूप से गैर-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों को उनके योगदान और भारतीय रेलवे की दक्षता और प्रदर्शन में सुधार के लिए दिया जाता है। पिछले साल करीब 11 लाख कर्मचारियों को यह बोनस मिला था। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा बल्कि त्योहारी खर्च में भी बढ़ोतरी हुई थी। क्या है डिटेल एक रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी बैठक में बोनस पर ऐलान संभव है। इस बीच जानकारों का मानना है कि रेलवे कर्मचारियों को बोनस का भुगतान (जो शहरी और अर्ध-शहरी भारत में एक विशाल उपभोक्ता आधार का प्रतिनिधित्व करते हैं) घरेलू खपत को सीधे बढ़ावा दे सकता है। इस साल की दीवाली पर यह कदम हाल ही में लागू जीएसटी कटौती के साथ मिलकर खुदरा और उपभोक्ता मांग को और तेज कर सकता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, त्योहारी मौसम में इस तरह की नकद बढ़ोतरी का गुणक होता है, जिससे वर्ष के अंतिम तिमाही में मांग में निरंतरता बनी रहती है। रेलवे कर्मचारियों के यूनियनों की मांग बता दें कि रेलवे कर्मचारियों के यूनियनों ने भी इस महीने सरकार से उत्पादकता बोनस बढ़ाने और आठवीं वेतन आयोग की स्थापना के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की है। भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (IREF) ने कहा कि अभी तक बोनस छठे वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन ₹7,000 के आधार पर दिया जा रहा है, जबकि सातवें वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹18,000 है। IREF के राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह ने इसे “अत्यंत अन्यायपूर्ण” बताया। इसी तरह, अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी संघ (AIRF) ने भी बोनस की गणना में मासिक सीमा ₹7,000 को हटाकर वर्तमान वेतन संरचना के अनुसार बढ़ाने की मांग दोहराई है।