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झारसुगुड़ा दौरे पर पीएम मोदी, 27 सितंबर को युवाओं से करेंगे संवाद

झारसुगुड़ा (ओडिशा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को ओडिशा के झारसुगुड़ा दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे। साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। संबलपुर के राजस्व प्रभागीय आयुक्त (आरडीसी) सचिन रामचंद्र जाधव ने पीएम मोदी के दौरे के बारे में जानकारी दी। दरअसल, पीएम मोदी का यह दौरा मूल रूप से ब्रह्मपुर में होना था, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश की संभावना के कारण इस कार्यक्रम को झारसुगुड़ा में स्थानांतरित कर दिया गया। कार्यक्रम का नया स्थान झारसुगुड़ा का अमलीपल्ली मैदान होगा। संबलपुर के राजस्व प्रभागीय आयुक्त (आरडीसी) सचिन रामचंद्र जाधव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 27 सितंबर को झारसुगुड़ा में एक भव्य आयोजन किया जाएगा। हमें जानकारी मिली है कि इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी शामिल होंगे और वे युवाओं को संबोधित भी करेंगे। उन्होंने कहा, “ये कार्यक्रम झारसुगुड़ा के अमलीपल्ली मैदान में आयोजित होगा। पीएम मोदी इस अवसर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। हमें परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से संबंधित सूचना के जल्द मिलने की उम्मीद है, जिसे मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।” मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बड़ी संख्या में युवाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरे के दौरान वे रेलवे पर विशेष जोर देते हुए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,700 करोड़ रुपए से अधिक है, जो क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी सुधारने और अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित हैं। यह दौरा देशव्यापी ‘सेवा पर्व’ पहल का हिस्सा है। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस उच्च स्तरीय आयोजन के लिए जोरदार तैयारियां शुरू कर चुकी हैं।  

हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल

जम्बूरी बनेगा युवाओं की ऊर्जा का 'महाकुम्भ' : साहसिक, रोमांचकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होंगे प्रतिभागी हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल लोक नृत्य, नाटक, गीत, ग्लोबल विलेज और जीवन रक्षा कौशल की दी जाएगी शिक्षा – रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी और तकनीकी अनुभव प्राप्त करेंगे प्रतिभागी  – पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रोजेक्ट्स और खेलकूद से अनुशासन व टीमवर्क की भावना होगी मजबूत – ग्लोबल विलेज में दिखेगी भारत और दुनिया की सांस्कृतिक विविधता – रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी से युवा होंगे तकनीक से रूबरू – फर्स्ट एड और जीवन रक्षा कौशल से सीखेंगे व्यवहारिक जीवन प्रबंधन – खेल और टीमवर्क से बढ़ेगा अनुशासन और नेतृत्व का भाव – सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यूपी को मिली जम्बूरी मेजबानी – 29 सितंबर को होगा टेंट सिटी का भूमि पूजन, मंत्रीगण करेंगे शिरकत – आयोजन बनेगा युवा शक्ति और अनुशासन का महापर्व लखनऊ  राजधानी में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा का महाकुंभ बनने जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को ऐसे अनुभव मिलेंगे, जो जीवनभर उनकी स्मृतियों में अंकित रहेंगे। स्काउटिंग की परंपरा के साथ यह शिविर युवाओं को साहस, अनुशासन, संस्कृति, विज्ञान और समाजसेवा से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेजबानी में आयोजित होने जा रहा यह महा आयोजन युवा शक्ति के लिए अनुशासन का महापर्व बनने जा रहा है।  साहसिक गतिविधियों से होगा रोमांच का संचार राजधानी के वृंदावन योजना में भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इनसे युवाओं को आत्मविश्वास और साहस का नया अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी खुद को परखेंगे और अपने डर को चुनौती देंगे। बिखरेगी सांस्कृतिक रंगों की छटा नेशनल जम्बूरी में ग्लोबल विलेज, लोकनृत्य, नाटक और गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से भर देंगे। यहां न केवल भारत की विविधता झलकेगी, बल्कि दुनिया की बहुरंगी परंपराओं से भी युवाओं का परिचय होगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे और वैश्विक संस्कृति का संगम बनेगा। शिक्षा और विज्ञान की प्रयोगशाला भी होगी इसके साथ ही फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा कौशल जैसी स्काउटिंग की मूल विधाएं युवाओं को व्यवहारिक जीवन जीने की कला सिखाएंगी। वहीं रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी उन्हें तकनीक और नवाचार की नई दुनिया से जोड़ेंगी। मिलेगा समाजसेवा का सबक नेशनल जम्बूरी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट्स युवाओं को दायित्वबोध और संवेदनशीलता सिखाएंगे। इन गतिविधियों से प्रतिभागी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। युवाओं में बलवति होगी खेल और टीमवर्क की भावना साथ ही साथ खेलकूद और टीम गेम्स अनुशासन और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेंगे। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और जीवन प्रबंधन कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है। यहां पर 23 से 29 नवंबर तक नेशनल जम्बूरी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जबकि समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रस्तावित है।   29 सितंबर को होगा भूमि पूजन आयोजन स्थल पर बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी का भूमि पूजन 29 सितंबर को होगा। इसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल होंगे। इसी परिसर में 35 हजार प्रतिभागियों के रहने और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले टेंट सिटी की व्यवस्था की जाएगी। यह जम्बूरी न केवल युवाओं को जीवन मूल्यों से जोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी क्षमता और विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी को भी प्रदर्शित करेगी।  

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई

मिशन शक्ति- 4 रेनू देवी ने दूध व्यवसाय से लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी  नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई  रेनू देवी साथ स्वरोजगार से जुड़कर 70 से अधिक महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर लखनऊ ग्राम धर्मपुर, ब्लॉक रुद्रपुर, जिला देवरिया की रेनू देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की अनुपम मिसाल पेश की है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) के सहयोग से संभव हुआ। आज रेनू न केवल अपनी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर रही हैं, बल्कि अपने गाँव की 69 महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं, जो मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिख रही हैं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुहिम ने रेनू जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार दिया है। रेनू देवी का सफर तब शुरू हुआ जब वे चमेली स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, जहाँ उन्हें सामूहिकता और बचत का पहला सबक मिला। हालांकि, समूह से होने वाली आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इस बीच, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था के दूध संकलन केंद्र (MPP) की स्थापना हुई। संस्था की बैठकों में जब रेनू ने सुना कि दूध की गुणवत्ता के लिए उचित मूल्य, व्यवस्थित संग्रह और सीधा बैंक भुगतान मिलेगा, तो उन्हें आत्मनिर्भरता का नया रास्ता दिखाई दिया। रेनू बताती हैं कि मैंने सोचा, यह मेरे लिए सम्मानजनक आजीविका और बचत का जरिया हो सकता है। संस्था से जुड़ने से पहले रेनू के पास सिर्फ 2 गाय थीं, जिनसे 4 लीटर दूध प्रतिदिन मिलता था, जो घरेलू उपयोग में चला जाता था। 7 दिसंबर 2023 को संस्था की सदस्य बनने के बाद उन्हें गुणवत्ता प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिला। इस सहायता से प्रेरित होकर उन्होंने 3 और गायें खरीदीं और अब उनके पास 5 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 25 लीटर दूध प्राप्त होता है। यह दूध वे दूध संकलन केंद्र (MPP) पर जमा करती हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब तक उन्होंने 4.50 लाख रुपये से अधिक का सालाना व्यवसाय कर रही हैं। औसत मासिक आय 44 हजार रुपये से अधिक है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे वे नियमित बचत कर रही हैं। रेनू बताती हैं कि योगी सरकार की योजनाओं ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। वे अपने तीन बच्चों को बेहतर स्कूलों में पढ़ा रही हैं और परिवार के अन्य सदस्यों की आर्थिक मदद कर रही हैं। कहती हैं कि संस्था का सहयोग और समय पर भुगतान ने मुझे आत्मविश्वास दिया। अब मैं सिर्फ अपनी नहीं, अपने गाँव की महिलाओं की प्रेरणा बनना चाहती हूं। उनकी प्रेरणा से अब तक 69 महिलाएं संस्था से जुड़ चुकी हैं, जो उनके मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने रेनू जैसी हजारों महिलाओं की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया है। सीएम योगी की दूरदर्शी नीतियों ने रेनू जैसे ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान के साथ आर्थिक स्वावलंबन का अवसर दिया है। आज वे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के चेहरे के रूप में उभरी हैं, जो न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को सशक्त कर रही हैं। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया, जबकि आजीविका मिशन ने उन्हें आर्थिक आजादी प्रदान की। रेनू की मेहनत और सरकार के सहयोग ने उन्हें लखपति दीदी बना दिया, जो अब गाँव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं।

नवरात्र में जरूर करें तुलसी से जुड़ा ये उपाय, दूर होगी आर्थिक तंगी

सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व बताया गया है. यह नौ दिवसीय पावन पर्व माता दुर्गा और उनकी नौ शक्तियों की आराधना का काल माना जाता है. मान्यता है कि इस अवधि में  सच्चे मन से उपासना करने से भक्त की मनोकामना जल्द पूरी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य का संचार होता है. इस साल शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 22 सितंबर से हो चुका है और इसका समापन 1 अक्टूबर को होगा. ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दिनों में यदि तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो जीवन की कई कठिनाइयों से मुक्ति मिल सकती है. तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थान प्राप्त है. इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और घर में तुलसी का होना स्वयं में ही शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. आइए जानते हैं नवरात्र में तुलसी पूजन से जुड़े कुछ खास उपाय और उनके चमत्कारी लाभ. सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ेगा नवरात्र के नौ दिनों में रोजाना तुलसी माता के पौधे के पास घी या तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है. यह उपाय घर को  सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है. दीपक जलाने से घर में शांति, सुख और सौभाग्य का वास होता है.  दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी  नवरात्र में तुलसी माता की पूजा करते समय उन्हें लाल चुनरी पहनाना और उनके पास शृंगार सामग्री जैसे कुमकुम, चूड़ी, बिंदी आदि अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है. यह उपाय विशेष रूप से दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने वाला माना गया है. पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम और समझ बढ़ती हैॉ और घर-परिवार में सौहार्द का वातावरण बनता है.  आर्थिक तंगी दूर होगी यदि लंबे समय से आप आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तो नवरात्र के दिनों में यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी माना गया है. लाल कपड़े में तुलसी की कुछ पत्तियां बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखें. ऐसा करने से धन संबंधी परेशानियों का निवारण होता है और धीरे-धीरे धन-संपत्ति की वृद्धि होने लगती है. यह उपाय घर में स्थायी लक्ष्मी के वास का भी प्रतीक माना गया है.

छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग

रायपुर : प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग 7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।                  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे। मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी। होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं। निवेश प्रक्रिया की सरलता मुख्यमंत्री  साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया। नई तकनीक और एआई सेक्टर मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पावर हब की ओर कदम उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा। कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा। सेवा क्षेत्र की नई पहचान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई … Read more

मुजफ्फरपुर सबसे आगे, लेकिन इन विधानसभा सीटों पर महिलाओं को नहीं मिली जीत

पटना बिहार की 45 विधानसभा सीटों पर अबतक एक भी महिला नहीं चुनी गई हैं। मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा जिले में ही ऐसी सीटों की संख्या सबसे अधिक हैं। मुजफ्फरपुर की 11 विधानसभा क्षेत्रों में से आठ सीटों पर एक भी महिला नहीं जीती है। दूसरी तरकफ दरभंगा और समस्तीपुर में भी आठ सीटों से अब तक किसी महिला को विधान सभा की दहलीज तक जाने का मौका नहीं मिला है। राष्ट्रीय दलों ने टिकट देने में अनदेखी की तो निर्दलीय भी इन महिलाओं ने अपनी किस्मत आजमाई। लेकिन, कड़े संघर्ष के बाद भी जीत हासिल नहीं कर सकी। बिहार में मतदान करने में भले ही महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, मगर आज भी टिकट मिलने के मामले में वे पीछे हैं। इस कारण इसकी भागीदारी कम है। सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी नहीं मिल पाता टिकट: राजनीति की जानकार डॉ.तारण राय, डॉ. पूनम सिंह समेत अन्य महिलाएं कहती हैं कि सभी राजनीतिक दलों में महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी रहती है। इनमें कार्यकर्ता के तौर पर महिलाओं की मुख्य भूमिका होती है, क्योंकि महिला वोटर मतदान केंद्रों पर अधिक पहुंचती हैं। मगर विडंबना यह कि कार्यकर्ता के रूप में मेहनत करने वाली महिलाओं को टिकट देने में सभी दल पीछे हो जाते हैं। यह स्थिति तब है जब इन क्षेत्रों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से लगातार अधिक रहा है। वर्षों से लड़ रही हैं चुनाव, मगर नहीं मिली जीत डॉ. तारण राय कहती हैं कि मुजफ्फरपुर की आठ, पूर्वी चंपारण की छह, शिवहर की एक, सीतामढ़ी की तीन, समस्तीपुर और दरभंगा की आठ-आठ,पश्चिम चंपारण की चार और मधुबनी की सात सीटें ऐसी हैं जहां से महिलाओं को कभी जीत नहीं मिली। इन इलाकों में महिलाएं वर्षों से चुनाव लड़ती रही हैं, संघर्ष करती रही हैं। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर की 11 में से आठ सीटों पर आज तक कोई महिला विधायक नहीं बनी। इसमें मुजफ्फरपुर, औराई, मीनापुर, बरुराज, कांटी, साहेबगंज, कुढ़नी और सकरा जैसी सीट हैं। यह हाल तब है जब इन इलाकों में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत कहीं अधिक है। 2020 में इन इलाकों में महिलाओं का वोटिंग 62.5 % था, जबकि 55%पुरुषों ने ही मतदान किया था। मधुबनी की मधुबनी, हरलाखी, बिस्फी, खजौली, झंझारपुर, लौकहा और राजनगर सीट महिला नेतृत्व से वंचित रही हैं। इन इलाकों में महिलाओं के मत का प्रतिशत पुरुषों से 5% अधिक रहा है। पूर्वी चंपारण की 12 सीटों में से छह सीटें रक्सौल, सुगौली, हरसिद्धि, पीपरा, मोतिहारी और मधुबन से भी अबतक कोई महिला विधायक नहीं बनी है। सीतामढ़ी की तीन प्रमुख सीटें सीतामढ़ी, रीगा और सुरसंड पर आज तक महिला उम्मीदवार सफल नहीं हो सकी हैं।

राजस्थान के आधा दर्जन शहरों में 3 वंदेभारत की शुरुआत, दिल्ली का सफर अब और आसान

जयपुर राजस्थान और दिल्ली के बीच रेल कनेक्टिविटी अब और बेहतर होगी। बीकानेर, जोधपुर जैसे बड़े शहरों से 3 वंदेभारत ट्रेन  शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए इन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें जोधपुर-दिल्ली कैंट-जयपुर वंदेभारत सप्ताह में 6 दिन चलेगी। यह ट्रेन वाया जयपुर होकर जोधपुर पहुंचेगी। ट्रेन दोपहर 3 बजे दिल्ली से रवाना होगी और शाम 7 बजे जयपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चलेगी। वहीं बीकानेर-दिल्ली कैंट-बीकानेर वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 06 दिन (बुधवार को छोडकर) नई रेलसेवा का संचालन किया जा रहा है। बीकानेर से दिल्ली गाडी संख्या 26471, बीकानेर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 06 दिन (बुधवार को छोडकर) नई रेलसेवा दिनांक 28 सितंबर से बीकानेर से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, गुरूवार, शुक्रवार, शनिवार व रविवार सुबह 5.40 बजे रवाना होकर  11.55 बजे दिल्ली कैंट पहुंचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 26472, दिल्ली कैंट-बीकानेर वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 06 दिन (बुधवार को छोडकर) नई रेलसेवा  28 सितंबर को दिल्ली कैंट से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, गुरूवार, शुक्रवार, शनिवार व रविवार को 16.45 बजे रवाना होकर 23.05 बजे बीकानेर पहुंचेगी। यह रेलसेवा मार्ग में श्री डूंगरगढ़, रतनगढ़, चुरु ,सादुलपुर, लोहारू, महेंद्रगढ़ एवं गुड़गांव स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इस गाडी में 07 वातानुकुलित कुर्सीयान व 01 एक्जिक्यूूटिव वातानुकुलित कुर्सीयान श्रेणी के डिब्बें होगें। उदयपुर से चंडीगढ़ वाया जयपुर इसी तरह 27 सितंबर से उदयपुर से चंडीगढ़ के लिए नई रेल सेवा शुरू होने जा रही है। यह रेल उदयपुर से बुधवार और शनिवार शाम 4 बजे चलेगी और रात 11 बजे जयपुर पहुंचेगी और अगले दिन 11 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की

धान उत्पादक किसानों को दीपावली से पहले ही बोनस के रूप में दिया तोहफा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की किसानों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश बनेगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 245 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण बालाघाट जिले के 4000 से अधिक युवाओं को दिए नियुक्ति-पत्र कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल और कटंगी-सिवनी राजमार्ग पर बनेगा नया सेतु हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में किया जाएगा प्रोन्नत नेशनल पार्क से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने कराई जाएगी सोलर फेंसिंग राजीव सागर परियोजना से नहलेसरा बांध के इंटरलिंक के लिए कराया जाएगा परीक्षण जंगली जानवरों के हमले में 5 मृतकों के परिजन को दिए जाएंगे 17-17 लाख रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटंगी में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में हुए शामिल   बालाघाट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाताओं की खुशहाली में ही हम सबकी खुशहाली है। अन्नदाताओं की आर्थिक मजबूती ही देश और प्रदेश के विकास और समृद्धि का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों के सभी हितों का विशेष ध्यान रखा है। हमारी विकास नीतियों के मूल में किसान ही हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के लिए हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। किसानों को उनके हर वाजिब हक के साथ-साथ हमारी सरकार किसान सम्मान निधि भी दे रही है। यह निधि किसानों के प्रति हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति है। किसानों के कल्याण और इनकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 6 लाख 69 हजार 272 धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार अधिकतम 10 हजार रूपये की बोनस राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की लागत वाले 78 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 39 करोड़ रूपए लागत से बालाघाट में सरेखा आर.ओ.बी. एवं परसवाड़ा में 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्रामों के 850 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इन सभी युवाओं को गृह विभाग के विशेष सहयोगी दस्ते में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में हुए रोजगार महोत्सव के जरिए चुने गए 3700 से अधिक युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नियुक्ति पत्र भी दिए। इन चयनितों में लगभग 1000 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु की निजी कंपनियों में नियुक्ति दी जा रही है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल किसानों की समृद्धि, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसरों से भरपूर है। किसान और युवा विकास के सेतु की तरह हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार इन दोनों के परिश्रम और असीम ऊर्जा को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से ही किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं और सोयाबीन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर का चावल और जैविक गुड़ भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने दी अनेक सौगातें किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल बनाया जाएगा। हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में प्रोन्नत किया जाएगा। कटंगी से सिवनी राजमार्ग पर नया सेतु बनाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बड़ी समस्या का निदान करते हुए कहा कि पेंच नेशनल पार्क की परिधि क्षेत्र से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों ओर सोलर फेंसिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव सागर सिंचाई परियोजना से नहलेसरा बांध को इंटरलिंक कराने के लिए परीक्षण कराकर कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले क्षेत्र के 5 मृतकों स्व.  सुखराम, स्व.  प्रकाश, स्व.  अनिल, स्व.  मंगरू एवं स्व.  सेवकराम के परिजनों को मुआवजे की शेष राशि के रूप में 17-17 लाख रूपए देने की घोषणा की। इन सभी मृतकों के परिजन को 25-25 लाख रुपए मुआवजा मिलना था इसमें से 8-8 लाख रूपए परिजनों को पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चंद्रघंटा के साथ ज्वाला मैया का आशीर्वाद भी कटंगी में मिला है। बालाघाट ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है और आज विकास की अहम धुरी बन चुका है। यहां के किसानों और जवानों ने अपने परिश्रम से क्षेत्र का माहौल ही बदल दिया है। यहां के जीआई टैग वाले चिन्नौर के चावल की खुशबू दूर-दूर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बालाघाट के कुछ युवा पथ भ्रमित हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट के 850 जवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अब यहीं के युवा यहीं पर प्रशिक्षण लेकर अपने गांव, कस्बे, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। किसानों को सम्मान निधि के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों से किया वादा भी निभाया है। रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपए दिए, अब दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। हम धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रुपए कर देंगे। गौमाता को संरक्षण और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य … Read more

ICC की चौखट पर पहुंचा IND vs PAK विवाद, रऊफ-फरहान-SKY सबकी होगी सुनवाई

नई दिल्ली एश‍िया कप 2025 में भारत और पाक‍िस्तान के बीच तल्खी का दौर जारी है. भारत के ख‍िलाफ सुपर-4 मुकाबले में गन सेल‍िब्रेशन करने वाले साह‍िबाजादा फरहान के ख‍िलाफ ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) में BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने श‍िकायत की है. वहीं पाकिस्तानी गेंदबाज हार‍िस रऊफ भी इसमें शाम‍िल हैं . रऊफ ने भी मैच के दौरान उकसाने वाले इशारे किए थे. जिसकी वजह से BCCI ने उनकी भी श‍िकायत की. वहीं पाक‍िस्तान भी म‍िनम‍िनाता हुआ ICC के दरबार में पहुंच गया है, उसने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को लेकर व‍िरोध दर्ज कराया है.  दरअसल, BCCI  ने रऊफ और साहिबजादा के खिलाफ आईसीसी से शिकायत की है. वहीं PCB ने सूर्या के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है. भारत ने पिछले रविवार को एशिया कप सुपर 4 मैच के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेटरों हारिस रऊफ और साहिबजादा फरहान के भड़काऊ हावभाव के लिए आईसीसी से आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है.  सूत्रों के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और बल्लेबाज साहिबजादा फरहान के खिलाफ आईसीसी (ICC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. यह शिकायत दोनों खिलाड़ियों के कथित उकसाने वाले इशारों (provocative gestures) को लेकर है, जो उन्होंने पिछले रविवार को हुए सुपर-4 मुकाबले के दौरान किए थे. जानकारी के मुताबिक, BCCI ने बुधवार को यह शिकायत ईमेल के जर‍िए दर्ज कराई है. अगर रऊफ और फरहान लिखित में इन आरोपों से इनकार करते हैं, तो उन्हें ICC एलीट पैनल रेफरी रिची रिचर्डसन के सामने पेश होकर सुनवाई का सामना करना पड़ सकता है. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी पलटवार करते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया है. PCB का आरोप है कि सूर्या ने मैच के दौरान ऐसा बर्ताव किया जो "स्पोर्ट्समैनशिप" के खिलाफ था. अब देखना दिलचस्प होगा कि ICC इस मामले में क्या रुख अपनाती है, क्योंकि दोनों देशों के बोर्डों के बीच यह विवाद अब गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है. PCB ने सूर्या की श‍िकायत  BCCI की श‍िकायत पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव  के खिलाफ श‍िकायत की है. सूर्या ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना जताते हुए और ऑपरेशन 'सिंदूर' में शामिल भारतीय सशस्त्र बलों को जीत समर्पित करते हुए बयान दिया था. उनका यह बयान 14 सितंबर के मैच के बाद आया था. PCB का आरोप है कि सूर्या की टिप्पणी "पॉल‍िट‍िकल" है. हालांकि, यह देखना बाकी है कि PCB ने शिकायत सात दिन की निर्धारित समय सीमा में दर्ज करवाई है या नहीं.  रऊफ और साहिबजादा ने किए घट‍िया इशारे  सुपर-4 में 21 सितंबर के मैच के दौरान रऊफ ने ऐसा इशारा किया, जिससे लगता था जैसे किसी विमान को गिराया जा रहा हो, ताकि भारत की सैन्य कार्रवाई का मजाक उड़ाया जा सके. यह उस समय हुआ जब भारतीय फैन्स उनको देखकर "कोहली, कोहली" के नारे लगा रहे थे. 2022 टी20 वर्ल्ड कप में विराट कोहली ने रऊफ की गेंदों पर दो छक्के लगाए थे. मैच के दौरान रऊफ ने भारतीय ओपनर शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा को गालियां भी दीं, जिसका दोनों ने बल्ले से जवाब दिया. वहीं साहिबजादा फरहान ने भी अर्धशतक पूरा करने के बाद "गन फायरिंग" वाला सेल‍िब्रेशन किया. उन्होंने बल्ले को मशीनगन बनाकर अपने अर्धशतक का जश्न मनाया था. इसे  लेकर वो खूब ट्रोल हुए थे.  साहिबजादा फरहान ने बाद में कहा, "वो जश्न उस वक्त अचानक दिमाग में आ गया था. मैं आम तौर पर ज्यादा सेलिब्रेशन नहीं करता. मैंने सोचा आज कुछ अलग करें. मैंने वो किया, अब लोग इसे कैसे लेंगे, मुझे फर्क नहीं पड़ता." अब कुल म‍िलाकर दोनों ही खिलाड़ियों को ICC सुनवाई में अपने इशारों की सफाई देनी होगी, और अगर वे पैनल को संतुष्ट नहीं कर पाए, तो उन्हें आचार संहिता के तहत सजा का सामना करना पड़ सकता है. नकवी ने शेयर किया 'CR7' वीडियो वहीं एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने बुधवार को 'X' (पूर्व ट्विटर) पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का एक स्लो-मोशन वीडियो पोस्ट किया. इसमें रोनाल्डो ऐसा इशारा करते दिख रहे हैं जैसे कोई विमान अचानक गिर गया हो. ठीक वैसा ही जैसा रऊफ ने मैच के दौरान किया था. नकवी PCB के चेयरमैन होने के साथ-साथ अपने देश के गृह मंत्री भी हैं, अक्सर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देते रहते हैं. हालांकि वीडियो में रोनाल्डो शायद यह दिखा रहे थे कि उनका फ्री-किक कैसे डिप होकर गोल में गया. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत की टीम, जो अब एशिया कप फाइनल में पहुंच चुकी है, ACC चेयरमैन के साथ मंच साझा करेगी या नहीं. यह मामला BCCI और ICC दोनों के उच्च अधिकारियों की नजर में है. आने वाले समय में ही पता चलेगा कि नकवी के खिलाफ कोई एक्शन होगा या नहीं… 

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है सर्वे

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है सर्वे वायरोलॉजी लैब पुणे से रिपोर्ट आने के बाद ही इन्फेक्शन की हो सकेगी पुष्टि भोपाल  जिला प्रशासन छिंदवाड़ा द्वारा बच्चों में किडनी फेलियर की शिकायतों पर पूरी नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ए.एन.एम. और आशा कार्यकर्ता के माध्यम से घर-घर जाकर बुखार का सर्वे कराया जा रहा है, जिससे 02 दिन से अधिक बुखार की स्थिति में बच्चों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और इस तरह ही घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कलेक्टर  शीलेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक  अजय पाण्डेय द्वारा भी इस संबंध में परासिया क्षेत्र का दौरा किया गया। साथ ही प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर  सिंह ने बताया कि परासिया क्षेत्र में केवल 3 ऐसे प्रकरण सामने आए थे, जिनमें 1 परासिया लोकल, 1 बाघबर्दिया गांव और 1 सेठिया गांव का मामला था। दिल्ली और भोपाल की टीमों ने आकर भी क्षेत्र का भ्रमण कर सैंपल लिए हैं। जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भी प्रभावित बच्चों के सैंपल लेकर वायरोलॉजी लैब पुणे भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही किसी तरह के वायरल इन्फेक्शन की पुष्टि हो सकेगी। किडनी फेलियर के कई कारण हो सकते हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि परासिया क्षेत्र में किसी तरह के वायरल इन्फेक्शन या महामारी के फैलने की अपुष्ट खबरों से घबराएं नहीं।