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आयुष विभाग की बड़ी उपलब्धि: स्कॉच अवॉर्ड 2025 से होगा सम्मानित

आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड – 2025" भोपाल आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवार्ड-2025" सम्मान आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियाँ और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता की और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" का वितरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्कॉच समिट में मिलेगा। आयुष विभाग, राज्य सरकार की मंशानुरूप परंपरागत चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। आयुष विभाग, आयुर्वेद जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समकक्ष स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। आयुष विभाग को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड 2025 से नवाजा जाना, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अवॉर्ड, टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों सहित विविध मानको पर खरा उतरने पर दिया जाता है। आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महावि‌द्यालयों में OPD में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों की आयुष सुविधा कवरेज में लाना, लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष विभाग में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेज के साथ अनुभव साझा करना एवं समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अनुभव करना एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देना, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना, अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने आयुष विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच अवाई- 2025 मिलने पर हर्ष व्यक्त करते आयुष विभाग को स्कॉप अवॉर्ड 2025" मिलना, प्रदेश के लिए गौरव की बात बताई है। मंत्री परमार ने विभाग की इस उपलब्धि के पीछे टीम भावना नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का क्रियान्वयन बताया है, जिससे नागरिकों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो रही है। प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा ने बताया कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। आहूजा ने बताया कि अपर सचिव आयुष संजय मिश्रा की सतत निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मानिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ हैं।  

रीवा में पुनर्घनत्वीकरण कार्यों की समीक्षा बैठक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल रहे उपस्थित

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को योजनानुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों में भविष्य की आवश्यकताओं और जन-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन आधुनिक शहरी अधोसंरचना और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा में अमृत 2.0 अंतर्गत पेय जल व्यवस्था के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, आयुक्त एमपीएचआईडीबी राहुल हरिदास फटिंग, आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तित्व विश्वभर में बना आदर्श – राजेन्द्र शुक्ल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व पूरे विश्व का प्रेरणा स्रोत • राजेन्द्र शुक्ल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तित्व आज पूरे विश्व में प्रेरणा का स्रोत है। उनके नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व गति से प्रगति पथ पर कदम बढ़ाए हैं। उनके जन्मदिवस पर हम सभी कृतार्थ अनुभव कर रहे हैं और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करते हैं। उन्होंने भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का उनका मंत्र आज राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व उस समय और अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ जब दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी। विषम परिस्थितियों में उन्होंने भारत को न केवल सुरक्षित रखा बल्कि प्रगति की नई दिशा भी दी। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से अग्रसर है। यह उपलब्धि केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर है। वास्तव में प्रधानमंत्री जी के प्रयास भारत को विश्वगुरु के स्थान तक ले जाने वाले हैं। उनकी सोच वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करती है, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में शांति और सामूहिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्य ऐतिहासिक हैं। पहले कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि कोई सरकार 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर सकती है। लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने इसे साकार कर दिखाया। करोड़ों गरीब परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘वयवंदना योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा ने उन्हें नई आशा और आत्मविश्वास दिया है। कोविड-19 महामारी के कठिन समय में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण और देशव्यापी टीकाकरण अभियान ने भारत को दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। जनकल्याण के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री जी का योगदान असाधारण है। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए उन्होंने ऐसी योजनाएँ शुरू कीं, जो सीधे उनकी जिंदगी बदलने वाली सिद्ध हुईं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने का अभियान केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता ही नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रतीक है। यह पहल उतनी ही परिवर्तनकारी है जितनी अटल जी की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना थी, जिसने देश के गाँवों को नई पहचान दी थी। आर्थिक मोर्चे पर मोदी जी के नेतृत्व ने भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। एक समय 11वें स्थान पर रही भारतीय अर्थव्यवस्था आज चौथे स्थान पर पहुँच गई है और जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ चुकी है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी का केंद्र भी स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। जी-20 की अध्यक्षता और वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त भूमिका ने यह प्रमाणित कर दिया है कि भारत अब केवल उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि दुनिया का पथप्रदर्शक है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना प्रधानमंत्री जी ने रखा है, वह केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय संकल्प है। यह संकल्प आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में भारत को विश्वगुरु बनाने वाला है। आज पूरा देश गर्व और उत्साह से इस यात्रा में सहभागी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। उनका नेतृत्व भारत को निरंतर नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है और आने वाले वर्षों में भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।  

मुख्यमंत्री साय आज 65.16 करोड़ की डीबीटी राशि श्रमिकों के खातों में करेंगे अंतरित

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे     रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 17 सितम्बर को अपरान्ह 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग  द्वारा प्रदेश के एक लाख 84 हजार 220 श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 456 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी रहेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के श्रमवीरों को आर्थिक मदद एवं उन्हें संबल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मंडल द्वारा 01 लाख 77 हजार 049 निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा 3 हजार 839 हितग्राहियों के खाते में 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 3 हजार 332 हितग्राहियों के खाते में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।

नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच सांदीपनि सभागार में प्रात: 11 बजे से होगी

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा राजभवन में आज रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राजभवन में आवश्यक तैयारियां पूर्ण हो गई है। रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था राजभवन के सांदीपनि सभागार में की गई है। शिविर प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक रहेगा। आमजनों के लिए राजभवन के गेट नम्बर 02 से प्रवेश की सुविधा रहेगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि शिविर का आयोजन राजभवन और रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। शिविर अवधि में आमजन स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। स्त्रीरोग और नेत्ररोग की आमजन निःशुल्क जाँच करा सकते हैं। श्री कोठारी ने नागरिकों से राजभवन में आयोजित हो रहे शिविर में भाग लेने का अनुरोध किया है।  

Motorola Flip स्मार्टफोन पर बंपर ऑफर, कीमत 40K से नीचे

नई दिल्ली मोटोरोला ने Flipkart Big Billion Days सेल के लिए अपने सबसे बेस्ट स्मार्टफोन्स पर बंपर छूट का ऐलान किया है। 22 सितंबर 2025 से शुरू होने वाली इस सेल में मोटोरोला के फ्लैगशिप से लेकर बजट फोन्स तक सभी में भारी डिस्काउंट मिलेगा। बता दें कि Plus मेंबर्स के लिए यह सेल 22 सितंबर से शुरू होगी। इतना ही नहीं मोटोरोला के फोन्स पर डिस्काउंट के अलावा HDFC और ICICI बैंक कार्ड्स पर अलग से छूट भी मिलेगी। यह कंपनी की सबसे बड़ी फेस्टिव सेल है जिसमें प्रीमियम से लेकर मिड-रेंज तक के सभी पॉपुलर मॉडल्स शामिल हैं। Motorola Edge 60 Pro पर मिलेगा बड़ा डिस्काउंट इस सेल में Motorola Edge 60 Pro पर खास डील देखने को मिलेगी। 29,999 रुपये में मिलने वाला Motorola Edge 60 Pro इस सेल में 24,999 में खरीदा जा सकेगा। Motorola Edge 60 Pro Pantone™ वैलिडेटेड ट्रिपल रियर 50MP कैमरा सिस्टम के साथ आता है। इसमें 50MP अस्ट्रालाइड और मैक्रो लेंस के साथ 10MP का टेलिफोटो 3X ऑप्टिकल जूम कैमरा भी मिलता है। इसका सेल्फी कैमरा भी 50MP का है। Motorola Edge 60 Pro में MediaTek Dimensity 8350 Extreme प्रोसेसर दिया गया है और इसमें 6000mAh की बैटरी मिलती है, जो कि 90W की फास्ट चार्जिंग के साथ आती है। इतना सस्ता मिलेगा Motorola Razr 60 India Motorola Razr 60 पर भी इस सेल में भारी छूट देखने को मिलेगी। आमतौर पर Motorola Razr 60 को 49,999 रुपये में खरीदा जा सकता है लेकिन सेल में यह 39,999 में उपलब्ध होगा। Motorola Razr 60 अपने gesture-controlled वीडियो रिकॉर्डिंग फीचर के लिए खासा पॉपुलर रहा है। इसका टाइटेनियम हिंज 500,000 से ज्यादा flips के लिए टेस्ट किया गया है और 3.6" इंच pOLED कवर डिस्प्ले के साथ आता है। इसमें motoAI और Google Gemini का सपोर्ट भी मिलता है। इसमें मेन डिस्प्ले के तौर पर 6.9 इंच का क्रिसलेस LTPO पैनल मिलता है, जो 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस और 120Hz के रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें Pantone वैलिडेटेड ट्रू कलर कैमरा सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया है जो प्रोफेशनल फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है। Motorola Edge 60 Fusion पर इतनी छूट Motorola Edge 60 Fusion को आप नॉर्मली 22,999 रुपये में खरीद पाते हैं। इस सेल में यह 19,999 रुपये का मिलेगा। इसमें 1.5K ट्रू टोन क्वाड कर्वड डिस्प्ले मिलता है। जो कि 4500 निट्स की पीक ब्राइटनेस और 96.3% स्क्रीन टू बॉडी रेशियो के साथ आता है। इसके अलावा इसमें 50MP का मेन और 13MP का अल्ट्रा वाइड और मैक्रो कैमरा मिलता है। इस फोन में 32MP का सेल्फी कैमरा भी दिया गया है। इस फोन की खासियत है कि इसके सभी कैमरा 4K रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करते हैं। 15 हजार से कम में मिलेगा Moto G96 5G Moto G96 5G बजट सेगमेंट में तगड़ी डील के साथ मिलेगा। 17,999 रुपये में मिलने वाला यह फोन सेल के दौरान 14,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। इस फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.67 इंच का pOLED कर्व्ड डिस्प्ले मिलेगा। यह 1600 निट्स की पीक ब्राइटनेस और 50MP के Sony LYTIA 700C कैमरा के साथ आता है। इसमें Snapdragon® 7s Gen 2 प्रोसेसर और 5500mAh बैटरी का सपोर्ट भी मिलता है, जो कि 33W चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

बिहार सरकार की सौगात: 42 कोर्स के लिए ब्याज मुक्त स्टूडेंट लोन

पटना बिहार में सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले हर कैबिनेट बैठक में अलग-अलग तबके पर तोहफे की बरसात कर रही है। नीतीश सरकार ने अब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाले लोन पर ब्याज खत्म कर दिया है और कर्ज चुकाने की समय सीमा 2 से 3 साल तक बढ़ा दी है। एजुकेशन लोन लेने वाले स्टूडेंट्स को अब सूद नहीं देना होगा और कर्ज लौटाने की मियाद बढ़ने से मासिक किस्त (EMI) भी कम हो जाएगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसकी जानकारी खुद नीतीश ने एक ट्वीट में दी है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत साधारण बीए, बीएससी, बीकॉम से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट जैसे 42 तरह के कोर्स (कोर्स लिस्ट की पीडीएफ कॉपी नीचे है) को पूरा करने के लिए राज्य सरकार बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड के जरिए 4 लाख रुपये तक का कर्ज देती है। इसका लाभ बिहार से बोर्ड या पॉलिटेक्निक पास स्टूडेंट्स को मिलता है। साथ ही झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के संस्थानों से इसी तरह की डिग्री वाले बिहार मूल के छात्र-छात्राओं को भी योजना का फायदा मिलता है। सामान्य तौर पर उम्र सीमा 25 साल है, लेकिन पीजी कोर्स के लिए 30 साल तक के स्टूडेंट आवेदन कर सकते हैं। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन मिलता है। इस कर्ज पर 4 परसेंट की इंटरेस्ट रेट से ब्याज लगता था। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर को मात्र 1 फीसदी सूद देना होता था। सरकार ने अब इस ब्याज को पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है, जिसका लाभ आवेदकों को आगे मिलेगा। 2 लाख तक का लोन लौटाने के लिए पहले 5 साल की मियाद थी, जिसे सरकार ने अब 7 साल कर दिया है। 2 लाख से ऊपर का कर्ज वापस करने के लिए पहले 7 साल की मियाद थी, जिसे अब 10 साल कर दिया गया है। नौकरी मिलने के छह महीने या पढ़ाई खत्म होने के एक साल बाद कर्ज लौटाना शुरू होता है। नौकरी नहीं हो या आय नहीं हो तो जून और दिसंबर में शपथ पत्र दाखिल कर कर्ज वापसी को टाला जा सकता है। नीतीश सरकार ने उच्च शिक्षा में बिहार की सकल नामांकन दर (GER) को बढ़ाने के लिए सात निश्चय के तहत 2015 से 2020 वाले कार्यकाल में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लागू करने का फैसला किया था। 2021-22 में बिहार का जीईआर बढ़कर 17.1 फीसदी तक पहुंचा है जो एक साल पहले 15.9 परसेंट था। जब योजना की शुरू हुई थी, तब बिहार का जीईआर 14.3 फीसदी था। इस समय उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर का राष्ट्रीय औसत 28.4 फीसदी है जो योजना की शुरुआत के वक्त 24 प्रतिशत था।

सोनू सूद पर ईडी का शिकंजा , बेटिंग ऐप मामले में 24 सितंबर को पूछताछ

नई दिल्ली, ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े एक मामले में अभिनेता सोनू सूद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर आ गए हैं। ईडी ने उन्हें 24 सितंबर को दिल्ली स्थित मुख्यालय में पेश होने का नोटिस भेजा है। आरोप है कि सोनू सूद ने एक ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का प्रमोशन किया जो भारत में प्रतिबंधित है और जिसकी गतिविधियां सट्टेबाजी और पैसों की हेराफेरी से जुड़ी हुई हैं। ईडी के सूत्रों के अनुसार, सोनू सूद से पूछा जाएगा कि उन्होंने किस आधार पर इस प्लेटफॉर्म के साथ प्रमोशनल करार किया, क्या उन्हें इसकी कानूनी स्थिति की जानकारी थी और इसके बदले में उन्हें कितनी राशि का भुगतान किया गया। एजेंसी यह भी जांच रही है कि क्या इस प्रचार के जरिए किसी प्रकार की मनी लॉन्ड्रिंग या आर्थिक अनियमितता को अंजाम दिया गया। इस मामले में ईडी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और अब तक कई फिल्मी सितारे और खिलाड़ी एजेंसी की पूछताछ के दायरे में आ चुके हैं। मंगलवार को बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा ईडी के सामने पेश हुए। इससे पहले सोमवार को अभिनेत्री और तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती से लंबी पूछताछ हुई थी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा और युवराज सिंह को भी तलब किया गया है। उथप्पा को 22 सितंबर को और युवराज को 23 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि क्या इन सभी सेलिब्रिटीज ने प्रमोशन से पहले कंपनी की पृष्ठभूमि और इसकी कानूनी वैधता की जांच की थी या सिर्फ वित्तीय लाभ के चलते इसके प्रचार का हिस्सा बन गए। भारत में कई ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स प्रतिबंधित हैं, लेकिन ये अक्सर नए डोमेन और मोबाइल ऐप के जरिए यूजर्स तक पहुंच बना लेते हैं। जब बड़े सेलिब्रिटीज इनके प्रचार में शामिल होते हैं तो आम जनता का भरोसा इन पर बढ़ता है, जिससे धोखाधड़ी और वित्तीय नुकसान की घटनाएं सामने आती हैं।    

इन 3 चीज़ों में शर्म करना पड़ सकता है भारी, जानिए क्यों

आमतौर पर शर्म को महिलाओं का गहना कहा जाता है। लेकिन बिना वजह की शर्म, महिला हो या पुरुष, दोनों के लिए ही गुण बनने की जगह कई बार असफलता की वजह बन जाती है। जीवन में कई बार व्यक्ति सिर्फ संकोच में आकर कुछ ऐसी चीजों को करने में शर्म महसूस करता है, जो उसकी सफलता की राह को और अधिक दूर कर देती है। आज सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी कुछ बातों को लेकर शर्म महसूस करते हैं। ऐसे में चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में मानव जीवन की सफलता के लिए कई बहुमूल्य सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया है कि पुरुषों और महिलाओं को किन 3 बातों के लिए बिल्कुल भी शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। धन कमाने में आचार्य चाणक्य के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति धन के लेन-देन में शर्म महसूस करता है, तो उसे धन की हानि हो सकती है। व्यक्ति को धन कमाने के लिए किसी भी छोटे-बड़े कार्य को करने में शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। आचार्य चाणक्य का मानना था कि धन से जुड़े मामलों में संकोच करने से व्यक्ति को नुकसान हो सकता है, जैसे कि उधार दिए हुए पैसे वापस मांगने में संकोच करना या धन उधार लेने में शर्म करना, दोनों ही सूरतों में व्यक्ति को नुकसान हो सकता है। याद रखें, एक अच्छे, आरामदायक और समृद्ध जीवन के लिए हर व्यक्ति को धन की आवश्यक पड़ती है। व्यक्ति की हर जरूरत सीधे तौर पर धन से जुड़ी हुई होती है। शिक्षा लेने में शिक्षा प्राप्त करने में भी व्यक्ति को कभी शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति कुछ नया सीखने में संकोच करता है, तो वह हमेशा अज्ञानी ही रह जाएगा। इसलिए, कभी भी अपने गुरु से प्रश्न पूछने में संकोच न करें। किसी भी तरह का संदेह मन में उठते ही उसे तुरंत समझने के लिए प्रश्न पूछें। भोजन कई लोग सार्वजनिक रूप से भोजन करने में शर्म महसूस करते हैं। लेकिन भूख मिटाना व्यक्ति का अधिकार और एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। आपको जब भूख लगे तभी खाएं और अपने बगल में बैठे लोगों की चिंता न करें। याद रखें, यदि आप भोजन करने में शर्म महसूस करेंगे, तो आप भूखे रह सकते हैं।  

सरकार का फैसला: 20 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले वीआरएस कर्मचारी पाएंगे पेंशन

नई दिल्ली कार्मिक मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि हाल ही में अधिसूचित नियमों के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारी 20 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनने पर एक सुनिश्चित भुगतान यानी पेंशन पाने के हकदार हैं। 2 सितंबर को पेंशन व पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने जारी किया राजपत्र पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 2 सितंबर को आधिकारिक राजपत्र में केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत एकीकृत पेंशन योजना का कार्यान्वयन) नियम, 2025 को अधिसूचित किया है। इससे एनपीएस के तहत यूपीएस को एक विकल्प के रूप में चुनने वाले केंद्र सरकार के कर्मियों को मिलने वाले लाभ से जुड़े सेवा मामलों को विनियमित किया जा सकेगा। ये नियम अन्य बातों के साथ-साथ यूपीएस उपभोक्ताओं को 20 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प देते हैं। 25 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद ही मिलेगी सुनिश्चित भुगतान की सुविधा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "एकीकृत पेंशन योजना के तहत पूर्ण सुनिश्चित भुगतान 25 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद ही उपलब्ध होता है। हालांकि, 20 वर्ष या उससे अधिक की सेवा पूरी करने के बाद वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) चुनने पर, आनुपातिक आधार पर सुनिश्चित भुगतान अर्थात अर्हक सेवा के वर्ष को सुनिश्चित भुगतान के 25 से विभाजित करके ग्राहक को भुगतान किया जाएगा।" रिटायरमेंट की तारीख से देय होगी राशि मंत्रालय ने कहा है कि यह भुगतान सेवानिवृत्ति की तिथि से देय होगा। बयान में कहा गया है, "अन्य लाभ जैसे व्यक्तिगत कोष का 60 प्रतिशत अंतिम निकासी और प्रत्येक छह माह की सेवा अवधि के लिए मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 1/10वां हिस्सा एकमुश्त लाभ, सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, सीजीईजीआईएस (केंद्र सरकार कर्मचारी समूह बीमा योजना) लाभ सेवानिवृत्ति पर प्राप्त किए जा सकते हैं।" इसके अलावा, वीआरएस लेने के बाद लेकिन सुनिश्चित भुगतान शुरू होने से पहले ग्राहक की मृत्यु होने की स्थिति में, कानूनी रूप से विवाहित पति या पत्नी को ग्राहक की मृत्यु की तारीख से पारिवारिक भुगतान दिया जाएगा। इस संशोधन का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि यह सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर अर्धसैनिक बलों के कर्मियों के लिए बहुत जरूरी कदम है, जो बहुत कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। पटेल ने कहा, "इससे उन सभी कर्मचारियों को मदद मिलेगी जो 20 साल की नियमित सेवा पूरी करने के बाद विभाग में सेवा देने में असमर्थ हैं।"