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स्वास्थ्य में बड़ा कदम: MP में शुरू होगी ‘सीएम केयर’ योजना, सुपर स्पेशियलिटी ट्रीटमेंट अब आसान

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर नामक नई स्वास्थ्य बीमा योजना( Health Insurance Scheme) शुरू करने जा रही है, जिससे 10 लाख से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों के लिए 20 लाख तक और पेंशनर्स के लिए 5 लाख तक इलाज कैशलेस होगा।  मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर योजना प्रारंभ करेगी। इसमें पूरा जोर सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर रहेगा। कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए बड़े अस्पताल बनाए जाएंगे। इसमें अगले पांच वर्ष में दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह अभी प्रारंभिक आकलन है। परियोजना आगे बढ़ने के बाद लागत और बढ़ जाएगी। वित्त विभाग ने भी इस पर सहमति दे दी है। अब शीघ्र ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। योजना के अंतर्गत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में बने स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को 200 बिस्तर से बढ़ाकर 600 बिस्तर का किया जाएगा। प्रदेश स्तर का एक स्टेट कार्डियोलॉजी सेंटर बनेगा, हालांकि इसके लिए अभी स्थान का चयन नहीं किया गया है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में आंकोलॉजी (कैंसर), आंको सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी और कॉर्डियक सर्जरी विभाग प्रारंभ किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में बढ़ रहे अंगदान सभी जगह 100-100 बिस्तर होंगे। बाद में नेफ्रोलॉजी यानी किडनी रोग और यूरोलॉजी विभाग भी प्रारंभ होंगे। अंग प्रत्यारोपण के लिए भी प्रदेश स्तरीय संस्थान बनाया जाएगा, जिसमें लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़ा और कार्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा रहेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लाइव और ब्रेन डेड दोनों तरह के अंगदान बढ़ रहे हैं। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंग निकालने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ की जा रही है। एक अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रारंभ होने से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सकेगा। प्रदेश में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण कई बार हार्ट, फेफड़ा आदि को दूसरे राज्यों में भेजना पड़ता है। वर्तमान रिम्बर्समेंट प्रक्रिया  वर्तमान में, कर्मचारियों को इलाज कराने के बाद खर्च की गई राशि के लिए अपने संबंधित विभागों में आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए डॉक्टर या मेडिकल बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होती है। अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख तक के क्लेम की मंजूरी संभागीय अस्पताल के डीन की अध्यक्षता वाली कमेटी देती है। 5 लाख से 20 लाख तक के क्लेम के लिए उच्च स्तर की कमेटी निर्णय लेती है। बाह्य रोगी इलाज में एक साल में अधिकतम 20 हजार रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिलता है। रिम्बर्समेंट प्रक्रिया की मुख्य समस्याएं लंबा इंतजार: रिम्बर्समेंट मिलने में महीनों लग जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बजट की कमी: अधिकांश बजट शहरों के कर्मचारियों पर खर्च हो जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों या फील्ड कर्मचारियों तक बजट नहीं पहुंच पाता। आर्थिक दबाव: इलाज के लिए कर्मचारियों को पहले खुद भुगतान करना पड़ता है, जो कई बार मुश्किल हो जाता है। जल्द ही मिलेगी मजूरी  वित्त एवं स्वास्थ्य विभाग ने योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया है । मुख्यमंत्री के साथ अंतिम बातचीत के बाद इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी । इस योजना के लागू होने से कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी होगी और इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा बढ़ेगी । कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव     सीएम केयर योजना के तहत मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें कई तरह की सेवाओं को शामिल किया जाएगा। अभी इसका प्रस्ताव कैबिनेट में जाना है। इससे सुपर स्पेशियलिटी की सीटें भी बढ़ेंगी। – संदीप यादव, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा।  

राजनीति के खेल में दिग्गज नेता पीछे, निगम-मंडलों की नियुक्तियों से BJP के नेता कर रहे वापसी

भोपाल  मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई दिग्गज नेता, जो कभी प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते थे, आज हाशिए पर हैं. इन नेताओं को अब निगम-मंडलों और अन्य नियुक्तियों के जरिए फिर से राजनीति की मुख्य धारा में लौटने की उम्मीद है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उमा शंकर गुप्ता, कमल पटेल, गौरी शंकर विशेन, जयभान सिंह पवैया सहित कई अन्य नेता इस कतार में शामिल हैं. ये नेता पार्टी में अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को पुनर्जनन देने की कोशिश में हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा ने अन्य दलों से इतने नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल किया है कि अब पार्टी “ओवरलोडेड” हो गई है. इसके चलते भाजपा के कई पुराने और प्रमुख नेता हाशिए पर चले गए हैं. उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा में कोई नया चलन नहीं है. पहले भी कई दिग्गज नेताओं को पार्टी ने साइडलाइन किया है. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की यह रणनीति उसके अपने नेताओं के लिए ही चुनौती बन रही है. वहीं, भाजपा प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में हर कार्यकर्ता के लिए उचित दायित्व होता है. कुछ जिम्मेदारियां ऐसी होती हैं, जो सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आतीं, लेकिन नेता पार्टी के लिए लगातार काम करते रहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा में किसी को हाशिए पर रखने की बात नहीं होती. समय, परिस्थिति और योग्यता के आधार पर नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं. प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी अपने सभी नेताओं का सम्मान करती है और उनकी सेवाओं का उपयोग उचित समय पर किया जाता है. भाजपा के इन दिग्गज नेताओं की नजर अब निगम-मंडलों और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर है. ये नियुक्तियां न केवल उनकी राजनीतिक सक्रियता को पुनर्जनन दे सकती हैं, बल्कि उन्हें फिर से सुर्खियों में ला सकती हैं. पार्टी संगठन जल्द ही इन नियुक्तियों पर फैसला ले सकता है, जिससे इन नेताओं की राजनीतिक वापसी की राह आसान हो सकती है.

मध्यप्रदेश ने आंगनवाड़ी भवन निर्माण में बनाया रेकॉर्ड, पीएम-जनमन कार्यक्रम में मिली सराहना

 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय को मिलेगा लाभ भोपाल प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय के लिये स्वीकृत 217 आंगनवाड़ी भवनों में से 100 भवनों का तय समय-सीमा से पहले निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश योजना के क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। निर्धारित लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए प्रथम चरण में बड़ी प्रगति दर्ज करते हुए शेष 117 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। पीएम जन-मन का लक्ष्य और महत्व भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 से 2026 के बीच संचालित बहुउद्देशीय पीएम-जनमन अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जोड़ना है। इस अभियान में नये आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पक्के भवनों की व्यवस्था और पूरक पोषण आहार का नियमित प्रदाय सुनिश्चित किया जा रहा है। इन आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा एवं पोषण मिलेगा, साथ ही जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। जिलेवार निर्माण और निवेश शिवपुरी जिले में 39, श्योपुर में 37, शहडोल में 29, उमरिया में 23, गुना में 14, डिंडौरी में 12, अशोकनगर में 11, अनूपपुर में 7, मंडला एवं दतिया में 6-6, विदिशा, बालाघाट, ग्वालियर एवं सीधी में 5-5, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में 4-4, मुरैना में 2 तथा कटनी, भिंड और रायसेन में 1-1 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक भवन पर लगभग 12 लाख रुपये का व्यय किया जा रहा है। सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार यह पहल जनजातीय बहुल इलाकों में नई उम्मीद और बदलाव की शुरुआत है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण केवल भौतिक संरचना नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। इनके माध्यम से जहां बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा उपलब्ध होगी, वहीं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान का यह चरण देश में जनजातीय कल्याण के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है और मध्यप्रदेश ने इसे लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।  

मोहन भागवत का इंदौर आगमन, 13 सितंबर को करेंगे पुस्तक विमोचन; 8 महीने में चौथा दौरा

इंदौर  RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 13 सितंबर को इंदौर में रहेंगे। सरसंघचालक भागवत का यह इंदौर में साल का चौथा दौरा है। इस बार मोहन भागवत इंदौर में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। भागवत 14 सितंबर रविवार शाम तक इंदौर में रहेंगे। रविवार दोपहर 3.15 बजे स्थानीय ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और कुछ गणमान्य लोग भी समारोह में उपस्थित रहेंगे। बता दें की पटेल ने यह पुस्तक अपनी नर्मदा परिक्रमा के दौरान लिखी थी। उन्होंने दो बार 1994 और 2007 में पैदल नर्मदा परिक्रमा की थी। संघ प्रमुख का यह चौथा दौरा संघ प्रमुख का पिछले 8 महीने में यह चौथा इंदौर का दौरा है। इससे पहले वह 3 जनवरी 2025, 13 जनवरी 2025 और 10 अगस्त 2025 में इंदौर आ चुके हैं। इस साल इन कार्यक्रम में आ चुके हैं संघ प्रमुख     डॉ. मोहन भागवत इस साल सबसे पहले 3 जनवरी को इंदौर आए थे। वह इंदौर में आरएसएस के शताब्दी कार्यक्रम स्वर शतकम में हुए शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हर अग्रपंक्ति में हमारा देश होना चाहिए। ऐसा भारत संघ के कार्य से खड़ा होगा और इसलिए संघ कार्य में जो करना आवश्यक होगा, वह मैं करूंगा।     दूसरी बार डॉ. भागवत इंदौर में 13 जनवरी को आए थे। इस दौरान उन्होंने इंदौर में श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। तब उन्होंने कहा था कि लोग पूछते थे कि राम मंदिर क्यों जरूरी? रोजगार, गरीबी, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की बात क्यों नहीं करते। मैं कहता था कि रोजगार, खुशहाली का रास्ता भी राम मंदिर से होकर जाता है। हमने हमेशा समाजवाद, रोजगार, गरीबी की बात की, लेकिन क्या हुआ। हमारे साथ चले जापान-इजराइल आज कहां से कहां पहुंच गए।     तीसरी बार संघ प्रमुख 10 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दूसरे इंदौर में आए थे। इस दौरान मोहन भागवत ने 96 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए कैंसर केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया था। तब भागवत ने सभी जाति-बिरादरी के प्रमुखों से कमजोर वर्गों को ऊपर उठाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा देश में आज शिक्षा और स्वास्थ्य आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं। इन दोनों ही सेवाओं को कमर्शियल बना दिया गया है।

महालक्ष्मी व्रत के दिन जरूर करें ये काम, धन की देवी होंगी प्रसन्न

माना जाता है कि जो भी साधक महालक्ष्मी व्रत (Mahalakshmi Vrat 2025) को सच्ची श्रद्धा से करता है, उसे धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही इस समय व्रत करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है। ऐसे में आप महालक्ष्मी व्रत के आखिरी दिन कुछ खास उपाय कर सकते हैं, जिससे देवी लक्ष्मी की कृपा आपके व आपके परिवार के ऊपर बनी रहती है। इस तरह करें पूजा महालक्ष्मी व्रत के आखिरी दिन विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करें। इसके लिए सबसे पहले स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद एक चौकी पर साफ लाल कपड़ा बिछाएं और माता लक्ष्मी की मूर्ति या फिर चित्र स्थापित करें। सबसे पहले गणेश जी और नवग्रहों का पूजन करें। अब मां लक्ष्मी को गंगाजल या पंचामृत से स्नान कराएं और पूजा में एक कल कलश स्थापिक करें। इसके लिए कलश में जल, सुपारी, हल्दी, अक्षत, कमल गट्टा और पंच पल्लव डालकर उसपर नारियल रखें और चुनरी लपेटकर स्थापित करें। महालक्ष्मी जी का शृंगार करें और उन्हें पूजा में सोलह शृंगार की सामग्री अर्पित करें। पूजा में कमल, दूर्वा, अक्षत, रोली, धूप, दीप, फल, मिठाई और दक्षिणा आदि चढ़ाएं। अंत में देवी लक्ष्मी की आरती करें और सभी लोगों में प्रसाद बांटें। जरूर करें ये उपाय महालक्ष्मी व्रत के अंतिम दिन देवी लक्ष्मी की विधिवत रूप से पूजा करने के बाद एक कच्चे सूत में 16 गांठ लगाएं। इस दौरान महालक्ष्मी नमः मंत्र का जाप करते रहें। अब इस गांठ पर कुमकुम और अक्षत लगाकर देवी के चरणों में अर्पित कर दें। पूजा संपन्न होने के बाद इस सूत्र को अपने दाहिने हाथ में बांधें। इस उपाय को करने से साधक को धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। आप इस 16 गांठ वाले धागे को अपनी तिजोरी में भी रख सकते हैं, जिससे शुभ परिणाम मिलते हैं। करें इन मंत्रों का जप 1. श्री लक्ष्मी बीज मंत्र – ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।। 2. लक्ष्मी प्रा​र्थना मंत्र – नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।। 3. श्री लक्ष्मी महामंत्र – ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।

आज का राशिफल 11 सितंबर 2025: इन राशियों पर मेहरबान होंगे ग्रह-नक्षत्र

मेष मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आपको किसी काम में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। वृषभ वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। मिथुन आज के दिन वृश्चिक राशि वालों को सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों में पैसे खर्च हो सकते हैं। जिससे आर्थिक बजट गड़बड़ा सकता है। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। कर्क कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में नौकरी पेशा करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। इस दौरान आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। सिंह सिंह राशि वालों को दिन की शुरुआत में खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। जिसके कारण आपका आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। इस दौरान आप संतान की किसी बात से परेशान रहेंगे। कन्या आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए कुछ बड़े खर्चे लेकर आ सकता है। जिससे आपका आर्थिक बजट हिल सकता है। शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। इस दौरान आपको मनचाही सफलता हासिल होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। तुला तुला राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आपके आय के साधन में वृद्धि होगी। व्यापारियों को मन चाहा लाभ होगा। परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नए अवसर मिलेंगे। वृश्चिक आज के दिन किसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। विवाहित जातकों की लव लाइफ अच्छी रहेगी। किसी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। धनु आज के दिन धनु राशि वालों को किसी विशेष काम में आपको सफलता मिल सकती है। कुछ छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। सुख-सुविधा से जुड़ी किसी चीज में पैसे खर्च हो सकते हैं। मकर आज दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। मकर राशि वालों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। कुंभ आज के दिन ऑफिस में प्रमोशन मिल सकता है। दोपहर के समय गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की जरूरत है। इस दौरान आपको कुछ बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। समय और धन दोनों को सोच-समझकर खर्च करें। मीन मीन राशि के जातकों को किसी भी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। नौकरी करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ साबित हो सकता है।

बदल गया बागेश्वर धाम का शेड्यूल: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताई 7 दिन की खास दिनचर्या

छतरपुर बागेश्वर धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं को यह जानने के लिए उत्सुकता रहती थी कि कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दरबार कब लगेगा। कब उनके दर्शन हो सकेंगे। तो आपको बता दें कि धाम पर अब सात दिन में पांच दिन दरबार लगाया जाएगा। जिसमें नई अर्जी, पुरानी पेशी सहित प्रेतराज का दरबार शामिल हैं। इसे लेकर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नई व्यवस्था को लेकर सात दिन की नियमावली बताई है। धीरेंद्र शास्त्री ने शेयर किया वीडियो इस नियमावली के अनुसार ही धाम पर दरबार लगाया जाएगा और अन्य कार्य किए जाएंगे। इस लेकर शास्त्री जी ने एक वीडियो जारी किया है और उस वीडियो में उन्होंने सात दिन की नियमावली बनाई है। आपको बता दें कि धाम पर देशभर से श्रद्धालु रोजाना पहुंचते हैं और शनिवार मंगलवार को तो अत्यधिक भीड़ होती है। अब लोगों को यह जानकारी रहेगी कि वह कब कौन सा दरबार लगाएंगे। रविवार को वह किसी से नहीं मिलेंगे। इस दिन वह धाम की व्यवस्थाओं पर ध्यान देंगे।   यह है धाम की सात दिन की नियमावली सोमवार- नई अर्जी का दरबार लगाया जाएगा। मंगलवार- पुरानी पेशी का दरबार लगाया। बुधवार- नई अर्जी का दरबार लगेगा। जिनके पर्चा नहीं बने उनका दरबार लगेगा। गुरुवार- हर गुरुवार को बागेश्वर धाम पर रहेंगे और श्रद्धालुओं से मिलेंगे। शुक्रवार- नई अर्जी का दरबार लगाया जाएगा। लोगों की समस्याएं बालाजी तक पहुंच सकेंगी। शनिवार- प्रेतराज सरकार का दरबार लगाया जाएगा। रविवार- धाम की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा। अन्नपूर्णा की व्यवस्था और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर ध्यान देंगे। इस दिन किसी से नहीं मिलेंगे।

चौंकाने वाला मामला: 15 दिन पहले जन्मे जुड़वां बच्चों की मौत, जांच के लिए कब्र से शव निकाला गया

धार ग्राम कछवानिया में 15 दिन पूर्व जन्मे जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर स्वजन दोनों को धामनोद अस्पताल ले गए थे, जहां से लौटने के बाद आधे घंटे के अंदर दोनों बच्चों की मौत हो गई। स्वजन ने पहले एक शिशु को दफना दिया था, लेकिन बाद में पूरे मामले की जांच के लिए दफनाए गए शव को खोदकर निकाला गया। इंदौर भेजे गए दोनों शव दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए इंदौर भेजा गया है। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। कछवानिया निवासी शिवकन्या पत्नी विनोद ने 26 अगस्त को धामनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जुड़वां शिशुओं को जन्म दिया था। ग्रामीणों और स्वजन ने दोनों बच्चों की मौत पर संदेह जताया और मामले की जांच की मांग की।   पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजे गए शव बुधवार सुबह तहसीलदार कुणाल अवास्या और धामनोद पुलिस की मौजूदगी में दफनाए गए शिशु के शव को निकाला गया। शवों को धामनोद अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल इंदौर भेजा गया। धामनोद सीबीएमओ डा. कीर्ति बैरागी के मुताबिक, पीएम रिपोर्ट से ही मौत के कारण का पता हो पाएगा।

वसीयत विवाद ने बढ़ाई टेंशन: संजय कपूर की संपत्तियों पर कानूनी जंग तेज

नई दिल्ली दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान कपूर ने अपनी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था और प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगा था। वहीं, अब संजय की मां रीना कपूर ने अपने दिवंगत बेटे की वसीयत में हिस्सा मांगा है।   उनके वकील वैभव गग्गर ने कहा कि संजय की वसीयत से संबंधित किसी भी दस्तावेज की जानकारी उनकी मां को नहीं दी गई है। इस मामले को लेकर वकील वैभव गग्गर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ''आज के मामले में, संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर ने अपने बच्चों की ओर से दावा किया है कि उन्हें एक वसीयत दिखाई गई है, जिसके आधार पर उनके बच्चों को संजय कपूर की निजी संपत्ति से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने इस वसीयत को फर्जी बताया है।'' उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में 'इंटेस्टेट सक्सेशन' यानी बिना वसीयत के उत्तराधिकार लागू हो, जिसके अनुसार संजय कपूर की संपत्ति पांच हिस्सों में बांटी जाए, करिश्मा के दो बच्चे, संजय की पत्नी प्रिया, उनका बेटा और संजय कपूर की मां रानी कपूर के बीच संपत्ति का विभाजन हो। बता दें कि प्रिया सचदेव कपूर का दावा है कि संजय कपूर ने 21 मार्च को एक वैध वसीयत बनाई थी, जिसके अनुसार संपूर्ण संपत्ति उन्हें सौंपी गई है। इस वसीयत को लेकर विवाद और गहरा हो गया है क्योंकि करिश्मा कपूर के बच्चों ने आरोप लगाया है कि यह वसीयत सात हफ्ते तक छुपाई गई और फिर अचानक एक पारिवारिक बैठक में पेश की गई, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हुई। वकील गग्गर ने कहा, ''मैं इस वक्त मामले की मेरिट्स पर ज्यादा नहीं बोलूंगा, क्योंकि यह मामला अदालत के विचाराधीन है, लेकिन जो केस दायर किया गया है, उसकी यही मूल भावना है।'' कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि प्रिया सचदेव कपूर को 12 जून 2025 (संजय कपूर की मृत्यु की तारीख) तक की सभी निजी संपत्तियों का विस्तृत विवरण कोर्ट में दाखिल करना होगा। साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपनी-अपनी याचिकाएं, जवाब और कानूनी रुख लिखित में कोर्ट के समक्ष पेश करें। इस हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवाद की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की गई है।

फार्मेसी पंजीयन प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन, पूरी पारदर्शिता से करें प्रकरणों का निराकरण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी परिषद की बैठक हुई भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अब ऑनलाइन प्रणाली से घर बैठे पंजीयन प्रमाणपत्र मेल और डिजिलॉकर के माध्यम से उपलब्ध होंगे। इससे पंजीयन प्रक्रिया सुव्यवस्थित हुई है और लंबित मामलों का निपटारा तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के आवेदन अपूर्ण हैं, जिन्हें समय पर पूरा करवाना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल होटल पलाश भोपाल में मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी परिषद की बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्राइवेट विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे सभी विद्यार्थियों की सही जानकारी उपलब्ध कराएँ। यदि गलती छात्रों की है तो उन्हें सुधार के लिये सूचित किया जाए और यदि संस्थान की लापरवाही है तो मान्यता एवं एफिलिएशन पर कार्रवाई करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। विकसित और स्वस्थ भारत के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 तक की कार्यप्रगति की समीक्षा की गई। इसमें 3500 से अधिक नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए, 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे तथा 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। बताया गया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह एवं निवास प्रमाणपत्र तथा एफडीए का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली से स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी और सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन से प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी। बैठक में परिषद अध्यक्ष श्री संजय कुमार जैन, सदस्य श्री राजू चतुर्वेदी, श्री गौतमचंद धींग, श्री रामरतन गर्ग, श्री सत्येन्द्र सिंह चौहान, श्री देवेंद्र कुमार बजाजत्य, श्री अशोक जैन एवं डॉ. पवन दुबे सहित श्री दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), श्री आत्री मुख्य विश्लेषक और चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए। परिषद की रजिस्ट्रार श्रीमती भव्या त्रिपाठी ने प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।