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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एन्सेंट बिल्विट्सचिआ मिराबिल्स"(The Order of the Most Ancient Welwitschia Mirabilis') मिलने पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत-नामीबिया के मध्य सशक्त होते संबंधों की अद्वितीय अभिव्यक्ति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि समस्त राष्ट्रवासियों को भारत की इस उपलब्धि पर अत्यंत गर्व हो रहा है।  

कौशल विकास योजना के तहत दिव्यांगजनों को बिना आधार के भी मिलेगा लाभ, सरकार ने बदले नियम

नई दिल्ली दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही कौशल विकास योजना में अब आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार ने कहा है कि इस योजना के तहत किसी भी लाभार्थी को तब तक नकद लाभ नहीं मिलेगा जब तक वे अपना आधार नंबर या उसका पंजीकरण प्रमाण नहीं देंगे. सरकार ने साफ किया है कि इस योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं जैसे ट्रांसपोर्ट अलाउंस, बोर्डिंग-लॉजिंग, पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता आदि पाने के लिए आधार नंबर देना या उसके लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा. यह नियम 2 जुलाई 2024 से प्रभावी हो गया है. बिना आधार वाले भी वंचित नहीं होंगे हालांकि, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पात्र दिव्यांगजनों के पास फिलहाल आधार नहीं है, उन्हें योजना से वंचित नहीं किया जाएगा. उन्हें पहचान के लिए स्कूल दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र या अभिभावकता से जुड़े कागजात देने होंगे. बायोमेट्रिक फेल हो तो मिलेंगे विकल्प अगर आधार ऑथेंटिकेशन बायोमेट्रिक वजहों से फेल हो जाता है, तो ओटीपी, क्यूआर कोड स्कैन या ऑफलाइन ई-केवाईसी जैसे विकल्पों से पहचान की जा सकती है. इसके लिए यूआईडीएआई से मंजूरी ली गई है और संबंधित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है. आधार केंद्र खोलने के निर्देश मंत्रालय ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे दिव्यांगजनों के लिए सुगम स्थानों पर आधार नामांकन केंद्र खोलें या खुद रजिस्ट्रार बनें, ताकि इन लोगों को कोई असुविधा न हो. यह कदम आधार नामांकन और अपडेट प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया गया है. जानकारी देने को मीडिया कैंपेन चलेगा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि लोगों को इस बदलाव की जानकारी देने के लिए एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसमें बताया जाएगा कि कैसे लाभार्थी आधार के बिना भी अस्थायी तौर पर पहचान साबित कर सकते हैं और आगे जाकर योजना का पूरा लाभ ले सकते हैं. क्या है कौशल विकास योजना? विकलांग व्यक्तियों के कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना साल 2015 में शुरू हुई थी. इसका मकसद दिव्यांगजनों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है. यह योजना एसआईपीडीए एक्ट के तहत आती है और देशभर में इसके तहत लाखों लोग लाभ पा चुके हैं.  

अंतरिक्ष में किसान बने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, मेथी और मूंग के बीजों को कर रहे अंकुरीत

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने 14 दिवसीय प्रवास के 12 दिन पूरे कर चुके हैं। इन 10 दिनों में उन्होंने कई प्रयोग किए। प्रयोगों के क्रम में उन्होंने किसान की भी भूमिका निभाई। उन्होंने अपने साथ ले गए मेथी और मूंग के बीजों का अंकुरण किया। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में स्प्राउट्स प्रोजेक्ट को सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अंकुरण और पौधों के शुरुआती विकास और उन पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने के लिए अंजाम दिया जा रहा है।   बता दें कि पृथ्वी पर स्प्राउट्स प्रोजेक्ट का नेतृत्व कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, धारवाड़ के रविकुमार होसामणि और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, धारवाड़ के सुधीर सिद्धपुरेड्डी कर रहे हैं।  एक्सिओम स्पेस की ओर से इस शोध को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि पृथ्वी पर वापस आने के बाद इन बीजों को कई पीढ़ियों तक उगाया जाएगा। जिससे कि उनके आनुवंशिकी, सूक्ष्मजीवी पारिस्थितिकी तंत्र और पोषण प्रोफाइल में होने वाले परिवर्तनों की जांच की जा सके। 'भारतीय वैज्ञानिकों के लिए खुलेंगे नए रास्ते' अपने प्रयोगों को लेकर शुभांशु ने एक्सिओम स्पेस की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. लूसी लोव से बात की। इस बातचीत में भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने उनके द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक प्रयोगों की जानकारी दी और बोले की वे बेहद व्यस्त हैं। शुभांशु शुक्ला ने कहा कि 'जब से हम यहां आए हैं, तब से ही काफी व्यस्त हैं। हम अंतरिक्ष स्टेशन पर बहुत सारे प्रयोग कर रहे हैं, जिन्हें लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं। इस मिशन से माइक्रोग्रैविटी के लिए रास्ते खुलेंगे और इससे भारतीय वैज्ञानिकों के लिए नई राह खुलेगी। मुझे बेहद गर्व है कि इसरो दुनियाभर के संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है।' कई और वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे शुभांशु शुभांशु ने बताया कि वह कई वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें स्टेम सेल का अध्ययन, माइक्रोग्रैविटी में बीजों का विकास, अंतरिक्ष में मस्तिष्क पर पड़ने वाला असर आदि प्रयोग शामिल हैं। शुभांशु ने कहा कि वे स्टेम सेल के अध्ययन वाले प्रयोग को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इससे पता चलेगा कि क्या सप्लीमेंट्स लेने से चोट की रिकवरी तेज होती है या नहीं। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के बीच पुल बनना मेरे लिए गर्व की बात है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के क्रू का हिस्सा हैं। जिसने 25 जून को नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से उड़ान भरी थी। एक्सिओम-4 मिशन 14 दिन का है। अपने अंतरिक्ष प्रवास को खत्म कर 10 जुलाई के बाद मौसम की स्थिति के आधार पर किसी भी दिन पृथ्वी पर वापसी कर सकते हैं। वे फ्लोरिडा तट पर उतरेंगे। हालांकि नासा ने अभी तक एक्सिओम-4 मिशन को अंतरिक्ष स्टेशन से अलग करने की तारीख की घोषणा नहीं की है।

गिल एक के बाद एक रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहे, लॉर्ड्स टेस्ट में भी वो कई कीर्तिमान बना सकते

लॉर्ड्स   5 मैचों की तेंदुलकर-एंडरसन सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर आने के बाद रोमांचक मोड़ पर है. पहला टेस्ट इंग्लैंड की टीम ने जीता था. लेकिन दूसरे टेस्ट में बाजी भारत ने मारी. इस सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच 'क्रिकेट के मक्का' लॉर्ड्स में 10 जुलाई से है. इस मुकाबले पर सभी की नजर है. लेकिन इस मैच में कप्तान शुभमन गिल पर खासा फोकस होगा. क्योंकि गिल शानदार फॉर्म में चल  रहे हैं. पिछले मैच में उन्होंने दोहरा शतक और शतक लगाया है. गिल एक के बाद एक रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहे हैं. इस मैच में भी वो कई कीर्तिमान बना सकते हैं. एक नजर गिल के प्रदर्शन पर… इस सीरीज में गिल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो लीड्स में खेले गए पहले मैच की पहली पारी में गिल ने 147 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी. वहीं दूसरी पारी में गिल के बल्ले से केवल 8 रन ही आए थे. लेकिन दूसरे मैच की पहली पारी में गिल ने 269 रन बनाए. इसके बाद दूसरी पारी में भी गिल के बल्ले से 161 रनों का तूफान देखने को मिला. यानी दो मैचों में गिल के बल्ले से अबतक 585 रन बन चुके हैं. अभी गिल के पास 3 मैच हैं यानी 6 पारियां. गिल तोड़ सकते हैं इन दिग्गजों का रिकॉर्ड एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी डॉन ब्रेडमैन के नाम है. जिन्होंने 1930 में एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की 7 पारियों में 974 रन बनाए थे.   इसमें उन्होंने एक तिहरा शतक भी लगाया था. वहीं, दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के हैमांड का नाम आता है जिन्होंने 5 मैच की 9 पारियों में 905 रन बनाए थे. इसके बाद एमए टेलर ने 1989 में एक सीरीज में 839 रन बनाए. वहीं, इस लिस्ट में तीन भारतीय खिलाड़ियों का नाम आता है. पहला नाम सुनील गावस्कर का है, जिन्होंने 1970-71 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 मैच की 8 पारियों में 774 रन बनाए थे. 1978-89 में फिर गावस्कर ने एक सीरीज में 732 रन बनाए. वहीं, 2023 में यशस्वी जायसवाल ने 5 मैच की 9 पारियों में 712 रन बनाए. वहीं, 2014-15 में विराट कोहली ने 4 मैच की सीरीज में 692 रन बनाए थे.  अब अगर गिल बचे हुए 3 मैचों की 6 पारियों में इसी लय में नजर आते हैं तो गावस्कर, रिचर्ड्स समेत कई दिग्गजों का रिकॉर्ड वो ध्वस्त कर सकते हैं. साथ ही एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की लिस्ट में भी वो सबसे आगे निकल सकते हैं.  बता दें कि इससे पहले शुभमन गिल अब किसी टेस्ट मैच में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन चुके हैं. शुभमन ने इस मैच में कुल 430 रन (269 & 161) बनाए. शुभमन ने सुनील गावस्कर का 54 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था. गावस्कर ने अप्रैल 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट मैच में कुल 344 रन (124 & 220) रन बनाए थे.

कौन सा देश बोला ‘नहीं’? Grok AI बैन से मस्क की योजना पर उठा सवाल

नई दिल्ली  तुर्की ने एलॉन मस्क के AI चैटबॉट Grok को ब्लॉक कर दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद तुर्की में इस चैटबॉट को ब्लॉक किया गया है, जिसे मस्क की कंपनी xAI ने विकसित किया है. ChatGPT की वाट लगा देगा मस्क का Grok 4? इस दिन होगा लॉन्च एलन मस्क एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार अपने नए AI मॉडल Grok 4 के लॉन्च को लेकर सुर्खियों में हैं. मस्क की AI कंपनी xAI ने इस पावरफुल चैटबॉट को तैयार किया है, जो सीधे तौर पर ChatGPT को टक्कर देने वाला माना जा रहा है. अब सवाल ये है कि क्या सच में Grok 4, OpenAI के सबसे पॉपुलर मॉडल को पीछे छोड़ देगा? एलन मस्क के ने अपनी एक्स पोस्ट में ग्रोक 4 की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है. यहां जानें Grok 4 क्या है, इसमें क्या खास है और इसका लॉन्च कब होने वाला है. Grok 4 क्या है? Grok 4, एलन मस्क की कंपनी xAI का नया AI मॉडल है. ये एक एडवांस चैटबॉट है जो सवालों के जवाब देने, कोडिंग में मदद करने और सवाल-जवाब दे सकता है. एलन मस्क ने इसे इस तरह डिजाइन करवाया है कि ये बिना किसी राजनीतिक रुकावट के, क्लीयर और बेबाक तरीके से जवाब दे सकता है. ये मॉडल खासकर डेवलपर्स, टेक यूजर्स और AI रिसर्चर्स के लिए तैयार किया गया है. कब होगा Grok 4 का लॉन्च? एलन मस्क ने खुद ये जानकारी दी है कि Grok 4 का लॉन्च 9 जुलाई 2025 अमेरिकी टाइम के हिसाब से होगा. भारत में ये 10 जुलाई 2025 की सुबह 8:30 बजे लाइव स्ट्रीम के जरिए पेश किया जाएगा. आप इसे X प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग कर सकते हैं. इसके अलावा आप xAI की वेबसाइट और YouTube पर कुछ चैनलों के जरिए भी देखा जा सकेगा. Grok 4 में क्या खास है? Grok 4 अपने पिछले वर्जन से कई मायनों में बेहतर हो सकता है. ये कोडिंग एक्सपर्ट है. Grok 4 को खासतौर पर प्रोग्रामिंग और कोडिंग टास्क के लिए ट्रेन किया गया है. ये कोड लिखने, डिबग करने और सिखाने में मदद करेगा. मस्क का दावा है कि ये डीप थिंकिंग में ChatGPT से आगे निकल सकता है. इस वर्जन को एक नए कोडिंग-फोकस्ड मॉडल पर ट्रेन किया गया है जो डेवलपर्स के लिए ज्यादा यूजफुल साबित होगा. इसमें ड्यूल‑पर्सनैलिटी मोड देखने को मिलेगा. एक मोड funny and sarcastic है, जबकि दूसरा फैक्ट बेस्ड और सीरियस मोड हो सकता है. यूजर अपनी पसंद से स्टाइल चुन सकता है. Grok 4 और ChatGPT Grok 4 का लॉन्च AI दुनिया में एक बड़ा मोड़ ला सकता है. एलन मस्क का ये नया मॉडल उन यूजर्स के लिए खास है जो एआई से फास्ट, क्लीयर और टेक्निकल सपोर्ट चाहते हैं. हालांकि ChatGPT सिंपल, भरोसेमंद जवाब और भाषा के वजह से आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. लेकिन Grok 4 जैसे नए ऑप्शन आने से मुकाबला और भी तगड़ा हो गया है.  

स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम, बच्चों की जांच के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान

इंदौर  स्वास्थ्य विभाग इंदौर में हाल ही में जन्मे नवजातों से लेकर पिछले 5 साल में पैदा हुए बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु दस्तक अभियान प्रारंभ करने जा रहा है। यह अभियान 22 जुलाई से शुरू होकर 16 सितंबर तक जिलेभर में चलेगा। टीकाकरण अधिकारी के अनुसार, इंदौर जिले में ऐसे बच्चों की संख्या 4 लाख से अधिक है, जिनका इस अभियान के तहत स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। मंगलवार और शुक्रवार को विशेष जांच व्यवस्था जिला टीकाकरण अधिकारी तरुण गुप्ता ने जानकारी दी कि यह अभियान न सिर्फ इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में संचालित किया जाएगा। सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को नवजात एवं 5 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों की विशेष रूप से हिमोग्लोबिन सहित कई तरह की बाल रोगों से संबंधित जांच की जाएगी। साथ ही बच्चों की माताओं को डायरिया और अन्य बीमारियों के लक्षणों की पहचान और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। घर-घर जाकर होगी जांच टीकाकरण अधिकारी के अनुसार, जो बच्चे किसी कारणवश टीकाकरण केंद्र या आंगनवाड़ी तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर जांच करती हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि कोई भी बच्चा जांच और उपचार से वंचित न रह जाए। अभियान के अंतर्गत 5 साल तक की उम्र के सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा। बाल मृत्यु दर कम करने की दिशा में प्रयास यह दस्तक अभियान स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया जा रहा है। इसमें एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका इलाज करना और बाल मृत्यु दर को प्रभावी रूप से कम करना है। 

सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, जिलों में चलाया जाएगा जीरो फेटेलिटी प्रोग्राम

सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, जिलों में शुरू होगा जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम दुर्घटना मुक्त जिले बनाने की पहल, शुरू होगा जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, जिलों में चलाया जाएगा जीरो फेटेलिटी प्रोग्राम परिवहन विभाग ने सभी कमिश्नर्स एवं जिला कलेक्टर्स को जारी किये निर्देश भोपाल केन्द्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के 100 ऐसे जिले जहां अधिक संख्या में घातक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, उन्हें "सेफ लाईफ फाउण्डेशन" के सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया है। देश के चिन्हित इन 100 जिलों में मध्यप्रदेश के 6 जिले चिन्हित किये गये हैं। ये जिले धार, सागर, सतना, रीवा, जबलपुर एवं खरगोन हैं। धार जिले में वर्ष 2023 के आकलन अनुसार सबसे अधिक घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई है। इन सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा "जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम" के तहत सभी जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि इन सड़क दुर्घटनाओं के कारणों को चिन्हित करते हुए योजना तैयार की जाये। इसके बाद आवश्यक कार्य किए जाएं जिससे इन सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। आईआईटी मद्रास के "Center of Exellence for Road Safety" द्वारा ऐसी रणनीति पर कार्य किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक स्थल एवं सड़क कॉरिडोर जहाँ दुर्घटनाएं अधिक संख्या में हो रही हैं, वहां कम लागत वाले अति स्थानीय कार्यों को चिन्हित किया गया है। उन कार्यों के लिये जिला प्रशासन को सहयोग दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य शासन के परिवहन विभाग की ओर से सभी कमिश्नर एवं जिला कलेक्टर्स को विस्तृत निर्देश जारी किये गये हैं। मुख्य सचिव द्वारा भी इस कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है। कार्य योजना के तहत सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि वे जिले में एडीएम अथवा एसडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा यह नोडल अधिकारी जिले की सड़क एजेन्सियों के अधिकारियों के साथ बैठक करके संभावित दुर्घटना स्थलों और सड़क कॉरिडोर की जानकारी संकलित करें। ऐसे स्थल अथवा सड़क कॉरिडोर जहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं उन्हें एनआईसी e-DAR पोर्टल से चिन्हित किया जा सकेगा। कुछ ऐसे स्थल, जहां संभावित घातक दुर्घटना हो सकती हैं तथा वर्तमान में छुटपुट दुर्घटनाएं निरंतर हो रही हैं, ऐसे स्थलों की जानकारी जैसे स्थानीय पुलिस, स्थानीय निकायों, आमजन आदि से एकत्रित करने के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं। जिले के ऐसे चिन्हित सड़क दुर्घटनाओं के स्थल एवं सड़क कॉरिडोर का निरीक्षण सभी संबंधित सड़क एजेंसी के जिला अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया जायेगा तथा दुर्घटना के तकनीकी और इंजीनियरिंग कारणों को आंकलित कर लेखबध्द किया जाएगा। मौका निरीक्षण के बाद तकनीकी कारण जिनकी वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं उनकी जानकारी लेने के बाद निराकरण के लिये अतिस्थानीय एवं कम लागत के उपाय भी संबंधित सड़क एजेन्सी के इंजीनियर करेंगे। जिला कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं सड़क एजेन्सी के इंजीनियर के माध्यम से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इनकी प्रस्तुतीकरण की जायेगी। इन कम लागत से होने वाले व्यय के लिये लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक जिले में समुचित बजट प्रावधान सुनिश्चित किया जाये। इस पर होने वाले व्यय के लिये राशि जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि, सांसद एवं विधायक निधि से प्राप्त करने के प्रयास किये जायेंगे।

16 जिलों में मां नर्मदा परिक्रमा पथ के 233 स्थानों की 1000 एकड़ भूमि पर होगा पौधरोपण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पर्यावरण और जल संरक्षण अवधारणा पर अमल हरियाली की चादर ओढ़ेंगे मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थल 16 जिलों में मां नर्मदा परिक्रमा पथ के 233 स्थानों की 1000 एकड़ भूमि पर होगा पौधरोपण 43 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग 7.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरे देश में चलाए जा रहे एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान को प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिशन के रूप में चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रकृति, पर्यावरण और जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश के 16 जिलों में मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्‍थलों की भूमि पर पौधरोपण करेगी और मनरेगा परिषद ने तैयारी भी शुरू कर दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पौधरोपण के संबंध में निर्देश भी जारी किए हैं। 233 स्‍थानों की लगभग 1000 एकड़ भूमि पर किया जाएगा पौधरोपण मां नर्मदा परिक्रमा पथ पर स्थित आश्रय स्‍थलों के लगभग 233 स्‍थानों की लगभग 1000 एकड़ भूमि पर 43 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग 7.50 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधरोपण का कार्य 15 जुलाई से शुरू होगा जो 15 अगस्त तक चलेगा। इन क्षेत्रों में पौध-रोपण के लिए बकायदा अभियान चलाया जाएगा। 16 जिलों में मां नर्मदा आश्रय स्थलों पर होगा पौधरोपण मां नर्मदा आश्रय स्थलों पर जिन जिलों में पौधरोपण किया जाएगा, उन 16 जिलों में अनूपपुर, डिंडोरी, मण्‍डला, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा एवं खरगोन शामिल हैं। ड्रोन-सैटेलाइट इमेज से की जाएगी निगरानी मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण का कार्य सही ढ़ग से हो रहा है या नहीं पौधे कहां पर लगे हैं या नहीं। मनरेगा परिषद द्वारा संपूर्ण पौध-रोपण कार्य की ड्रोन-सैटेलाइट इमेज से बकायदा निगरानी भी की जाएगी। आश्रय स्थलों पर भूमि की उपलब्धता के अनुसार दो श्रेणियों में पौधरोपण का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में 136 ऐसे स्थान हैं जहां पर 2 एकड़ से अधिक भूमि है। यहां पर 2.15 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसी तरह 97 ऐसे स्थान हैं जहां पर 1 एकड़ से अधिक और 2 एकड़ से कम भूमि है वहां पर 5.50 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधरोपण की खासियत पौधरोपण के आश्रय स्थलों का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर से किया जाएगा। साथ ही यदि सिपरी सॉफ्टवेयर पौधरोपण के लिए जगह को उपयुक्‍त नहीं बताता है तो उस स्थान पर पौधरोपण नहीं किया जाएगा। सॉफ्टवेयर से यह भी देखा जाएगा कि जिस जगह पर पौधरोपण किया जा रहा है उस जगह पर पानी का स्‍थायी स्रोत हो।     ऐसे स्‍थल जहां पर 2 एकड़ या अधिक भूमि उपलब्‍ध है, वहां पर सामान्य पद्धति से पौधरोपण का कार्य किया जाएगा।     2 एकड़ से कम एवं 1 एकड से अधिक भूमि उपलब्‍ध है वहां मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा।     जहां पौधरोपण किया जाना है, वहां पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग की जाएगी।     14 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा गड्ढे की खुदाई और तार की फेंसिंग का कार्य मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्‍थलों की भूमि पर पौधरोपण का कार्य शुरू होने से पहले गड्‌ढे की खुदाई, तार की फेंसिंग, सिपरी सॉफ्टवेयर द्वारा प्रस्तावित भूमि का स्थल निरीक्षण, भौतिक सत्यापन, तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति जैसे कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। 15 जुलाई से पौधरोपण का कार्य शुरू होगा।  

एबी रोड को मिलेगा नया लुक, इंदौर में 90 करोड़ की लागत से होगा सौंदर्यीकरण

 इंदौर  इंदौर शहर से गुजरने वाला एबी रोड जल्द ही 60 मीटर चौड़ा होगा। नगर निगम ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। चौड़ीकरण पर 90 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। सब कुछ योजनानुसार हुआ तो एक वर्ष में इंदौरियों को एबी रोड नए स्वरूप में नजर आने लगेगा। चौड़ीकरण में साइकिल ट्रेक और सर्विस लेन को शामिल किया जाएगा। बिजली के खंभों और स्टार्म वाटर लाइन को एक लाइन में लाया जाएगा। नगर निगम जल्द ही इस काम के लिए निविदाएं आमंत्रित करेगा। यातायात के बढ़ते दबाव के चलते एबी रोड चौड़ीकरण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। पिछले दिनों कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एबी रोड को 60 मीटर चौड़ा करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद नगर निगम ने इस संबंध में सर्वे करवाने के बाद डीपीआर तैयार कर ली है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अनुमान है कि एबी रोड चौड़ीकरण पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एबी रोड चौड़ीकरण की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार सर्विस लेन और साइकिल ट्रेक को एबी रोड में शामिल करने की बात कही है। चौड़ीकरण के तहत बिजली के पोल, स्टार्म वाटर लाइन को एक लाइन में लाया जाएगा। स्मार्ट सिटी मद से होगा खर्च निगमायुक्त शिवम वर्मा के मुताबिक एबी रोड चौड़ीकरण पर आने वाला 90 करोड़ रुपये का खर्चा स्मार्ट सिटी मद से किया जाएगा। एबी रोड चौड़ीकरण के बाद यातायात में सुगमता होगी। जाम से मुक्ति मिलेगी। बीआरटीएस हटाने के बाद शुरू होगा काम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम को बीआरटीएस भी हटाना है। इसके अलावा एबी रोड पर डिवाइडर बनाने और एबी रोड के चौड़ीकरण का काम भी होना है। इस काम को पूरा करने के लिए नगर निगम ने एक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया है। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि बीआरटीएस तोड़ने वाली एजेंसी 14 जुलाई को तय हो जाएगी। अन्य मार्गों के मुकाबले आसान होगा एबी रोड का चौड़ीकरण शहर के अन्य मार्गों के मुकाबले नगर निगम के लिए एबी रोड का चौड़ीकरण आसान होगा, ऐसा इसलिए क्योंकि इस चौड़ीकरण के लिए नगर निगम को बीआरटीएस के अतिरिक्त दोनों ओर करीब 15-15 मीटर का हिस्सा लेना है। एलआईजी से नौलखा के बीच पुलिस अधिकारियों के बंगले, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, पीसी सेठी अस्पताल सहित ज्यादातर शासकीय इमारतें हैं। जो निजी भवन इस चौड़ीकरण की जद में आएंगे, वे भी पीछे हटकर बने हैं। ऐसी स्थिति में अधिकारियों का अनुमान है कि चौड़ीकरण के लिए बाधाएं हटाने में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी।

लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का ऐलान, तय दिन पर मिलेंगे 1500 रुपये

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं के लिए खुशखबरी है। लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त की तारीख का ऐलान हो गया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 12 जुलाई को खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर करेंगे। इसके अलावा रक्षा बंधन के शगुन के तौर पर 250 रुपये भी खाते में आएंगे।कैबिनेट ने इस तोहफे के तौर पर 250 रुपये की अतिरिक्त राशि को भी मंजूरी दे दी है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने  कैबिनेट की बैठक से मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्‍यमंत्री उज्‍जैन से इस बार लाडली बहना योजना की 26वीं क‍िस्‍त ट्रांसफर करेंगे। लाडली बहना योजना जून 2023 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता देना है। शुरुआत में हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते थे। रक्षा बंधन 2023 के दौरान इसे बढ़ाकर 1,250 रुपये कर दिया गया। इस नए बदलाव के साथ, राज्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम यादव ने योजना की 25वीं किस्त के रूप में लाभार्थियों के बैंक खातों में 2,080 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। उन्होंने लाडली बहना योजना को एक परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा था कि इस योजना के तहत शुरुआत से अब तक 28,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए जा चुके हैं। प‍िछले महीने मुख्‍यमंत्री ने लाडली बहना योजना की 25वीं क‍िस्‍त को 16 जून को ट्रांसफर क‍िया था। दिवाली से हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव घोषणा कर चुके हैं कि अक्टूबर से लाडली बहना योजना के तहत सभी लाभार्थी महिलाओं को 1500 रुपये दिए जाएंगे। यही नहीं इस राशि में हर साल बढ़ोतरी की जाएगी और 2028 से इसे बढ़ाकर 3000 रुपये हर महीने कर दिया जाएगा। हालांकि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मध्य प्रदेश सरकार कर्ज में डूबी हुई है। लगातार तीसरे महीने लिया जाएगा कर्ज इस बीच मध्य प्रदेश सरकार लगातार तीसरे महीने कर्ज लेने जा रही है। मंगलवार को 4800 करोड़ रुपये का लोन लेने के लिए सरकार ने औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। पिछले महीने भी सरकार ने 4500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। राज्य पर पहले से ही 4,21,032 करोड़ का कर्ज हो चुका है।