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आपदा प्रबंधन की तैयारी: बाढ़ व क्लोरीन रिसाव पर मॉकड्रिल

कोरबा शनिवार की सुबह कटघोरा स्थित राधासागर तालाब में जलजनित आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रील का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत एक काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, अचानक भारी वर्षा के कारण जलस्रोतों में जलस्तर बढ़ गया और कुछ लोग पानी में फंस गए। इस स्थिति में बचाव दलों ने वास्तविक परिस्थिति की तरह तत्काल कार्रवाई की। रेस्क्यू टीम ने लाइफ जैकेट, रस्सियों और नाव की मदद से तालाब में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशिक्षित गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने पानी में फंसे व्यक्तियों की पहचान की, फंसे व्यक्तियों तक रस्सियां और लाइफ जैकेट पहुंचाई गईं, नाव और टीम के सहयोग से सभी लोगों को पानी से बाहर लाकर किनारे तक पहुंचाया गया। मेडिकल टीम ने तत्काल मौके पर ही उनकी स्वास्थ्य जांच की। डूबने की स्थिति में कृत्रिम श्वसन (सीपीआर), ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक दवाओं का प्रदर्शन किया गया और गंभीर स्थिति के अनुमानित मरीजों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। इसी क्रम में कोहड़िया स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव पर आधारित मॉक ड्रील का आयोजन किया गया। क्लोरीन गैस का उपयोग पेयजल शोधन के लिए किया जाता है, किंतु इसका अधिक मात्रा में रिसाव मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अभ्यास में यह स्थिति बनाई गई कि संयंत्र में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया है। जैसे ही अलार्म बजा, आपदा प्रबंधन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए सिलेंडर को बंद करने, वाटर स्प्रे कर प्रभावित क्षेत्र को सील करने और गैस को फैलने से रोकने के उपायों का प्रदर्शन किया गया। मेडिकल टीम ने गैस से प्रभावित व्यक्तियों का प्राथमिक उपचार किया। उन्हें ताजी हवा में लाया गया, आंखों और त्वचा को साफ पानी से धोने की प्रक्रिया दिखाई गई तथा सांस लेने में कठिनाई होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट प्रदान किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, अग्निशमन दल तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर थार की तेज़ रफ्तार दुर्घटना, गुरुग्राम में 5 लोगों की मौत

गुरुग्राम गुरुग्राम में शनिवार सुबह दिल्ली-जयपुर हाईवे पर झाड़सा चौक के पास तेज रफ्तार काले रंग की थार गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लड़कियों सहित 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुग्राम में शनिवार 27 सितंबर 2025 की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर झाड़सा चौक के पास NH-48 के एग्जिट 9 पर यूपी नंबर वाली- UP81 CS 2319 तेज रफ्तार काले रंग की थार गाड़ी के डिवाइडर से टकरा गई। पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ, जब थार कार का ड्राइवर तेज गति के कारण नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी डिवाइडर से टकराकर कई बार पलट गई। यह हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। दिल्ली से गुरुग्राम की ओर जा रही थी कार जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त कार दिल्ली से गुरुग्राम की ओर जा रही थी। गाड़ी में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन युवक और तीन युवतियां शामिल थीं। हादसे में दो युवतियों और दो युवकों समेत 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, एक लड़की ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है और निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया और क्षतिग्रस्त वाहन को मुख्य मार्ग से हटाया। हादसे की जांच जारी है। पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस के पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि घायलों और मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई है। आगे की जांच जारी है। मृतक और घायलों के नाम पते 1. प्रतिष्ठा (मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 2. आदित्य (30 वर्ष, मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 3. गौतम (मृतक), निवासी सोनीपत, हरियाणा 4. लावण्या (26 वर्ष, मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 5. सोनी (मृतक) , निवासी उत्तर प्रदेश 6. कपिल शर्मा (28 वर्ष, घायल), निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश 

अमित शाह का बिहार दौरा: मिथिला, कोसी और सीमांचल के नेताओं को मिलेगा बड़ा टास्क

पटना गृह मंत्री अमित शाह बिहार दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने सारण और चंपारण के नेताओं के साथ बेतिया में बैठक की। इसके बाद पटना में भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक की। आज यानी शनिवार को मिथिला, कोसी, सीमांचल और अंग प्रदेश के 70 से विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की तैयारियों का जायजा लेंगे। वह समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, भागलपुर, बांका  भाजपा कोर कमेटी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। बैठक में इन इलाकों से आने वाले मंत्री, विधायक, सांसद और वरीय पदाधिकारी शामिल होंगे। गृह मंत्री पहले समस्तीपुर के सरायगंज में बैठक करेंगे। इसके बाद अररिया के फॉरबिसगंज जाएंगे। यहां करीब पांच हजार नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे। बैठक को लेकर सारी तैयारी पूरी इधर, सांगठनिक जिलों कोर कमेटी  बैठक में गृह मंत्री अमित शाह पहले सभी विधानसभा क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं की लिस्ट देखेंगे। इसके बाद यहां की तैयारियों का जायजा लेंगे। इसके बाद नेताओं को अपने क्षेत्र में आगामी चुनाव से जुड़े कुछ टास्क देंगे। बैठक को लेकर सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कोर कमेटी के सदस्यों को शत-प्रतिशत तैयार होकर आने का निर्देश दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया इधर, गृह मंत्री ने शुक्रवार को पहले पश्चिम चंपारण के चनपटिया में भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। उन्होंने सारण, पश्चिम और पूर्वी चंपारण समेत 10 सांगठनिक जिलों के कोर कमेटी के नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने पटना में प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक की। यहां पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव हमारा लक्ष्य 225 सीटों पर जीत दर्ज करना है। इसलिए हर सीट पर कम से कम 225 बार जनसंपर्क करें। लोगों को एनडीए सरकार के विकास कार्यों को बताएं। महिला परिवार की केंद्र बिंदु हैं। उनकी समस्याओं को सुने। उनकी शिकायत और सुझावों को डायरी में नोट करें और उस पर काम करें। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की हर सीट को आप अपना समझें। अपनी पार्टी, उसकी पार्टी की बातों को मन में नहीं लाएं। हर एक सीट पर अपना 100 प्रतिशत दें। बगैर किसी भेदभाव के चुनाव जीतना ही एनडीए का लक्ष्य है।  

BKI के आतंकवादी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ की अबू धाबी से भारत में सफल वापसी

नई दिल्ली बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कुख्यात आतंकी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ को अबू धाबी (UAE) से सफलतापूर्वक भारत लाया गया है. पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के सहयोग से यह कामयाबी हासिल की है. पिंडी विदेश में बैठे कुख्यात आतंकियों हरविंदर सिंह उर्फ ‘रिंदा’ और हैप्पी पासिया का करीबी सहयोगी माना जाता है. वह गुरदासपुर के बटाला इलाके में पेट्रोल बम हमलों, हिंसक वारदातों और जबरन वसूली जैसे कई गंभीर अपराधों में वांछित था. कैसे पकड़ा गया पिंडी? पंजाब पुलिस के मुताबिक, बटाला पुलिस की ओर से अनुरोध किए गए रेड कॉर्नर नोटिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने 24 सितंबर UAE जाकर वहां की सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय कर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपी को भारत लेकर लौट आई. पंजाब पुलिस ने कहा कि यह सफल प्रत्यर्पण राज्य की आतंकवाद और संगठित अपराध के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति को दर्शाता है और पुलिस की उन्नत जांच क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर पहुंच को भी साबित करता है. पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों, विदेश मंत्रालय और UAE सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. कौन है पिंडी? परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ का जन्म पंजाब के तरन तारन जिले में हुआ था. वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल का एक सक्रिय सदस्य और ऑपरेटिव है, जो संगठन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह वर्ष 2000 के बाद से विदेशों में रहते हुए भारत में आतंकवादी मॉड्यूल्स को संचालित करने में सक्रिय हो गया. उसकी उम्र लगभग 45-50 साल के बीच मानी जाती है. पिंडी को बब्बर खालसा के वरिष्ठ कमांडरों में से एक माना जाता है, जो हथियारों की तस्करी, टेरर फंडिंग और युवाओं के बीच कट्टरपंथ बढ़ाने में शामिल रहा है. उसका नाम पहली बार 2005 में तब चर्चा में आया, जब पंजाब पुलिस ने बब्बर खालसा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें वह एक प्रमुख साजिशकर्ता था. इसके बाद, उसने भारत छोड़ दिया और विदेश में बसे सिखों के जरिये संगठन को फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना शुरू किया. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पिंडी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियार और विस्फोटक भारत में भेजने का जिम्मा संभाला. 2018 में पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन में उसके नेटवर्क से जुड़े 10 किलो आरडीएक्स जब्त किया. खुफिया जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में है, जो BKI को हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराती है.

जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली

जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली जिंदल स्टील को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।जिंदल स्टील यह मान्यता प्राप्त करने वाली भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी तथा पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी है।यह मान्यता जेएसपी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत उद्योग-उन्मुख स्किलिंग कार्यक्रम तैयार करने और लागू करने की शक्ति प्रदान करती है। इसमें डीकार्बोनाइजेशन, सर्कुलर इकॉनमी और उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रायपुर जिंदल स्टील ने देश की पहली बड़ी विविधीकृत कंपनी और पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि कंपनी की कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा को नए मानक देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इस्पात एवं अवसंरचना क्षेत्र में इसकी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करती है। एनसीवीईटी और जिंदल स्टील के बीच हुए इस समझौते के तहत जेएसपी को पैन-इंडिया स्तर पर "अवार्डिंग बॉडी" का अधिकार प्राप्त हुआ है। अब जेएसपी उद्योग-उन्मुख मानक तय करने, संरचित स्किलिंग प्रोग्राम लागू करने और भविष्य की कार्यबल तैयार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर सकेगी। इसके अंतर्गत तैयार सभी प्रशिक्षण मानक और योग्यताएँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क में मान्यता प्राप्त होंगी। यह मील का पत्थर शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने में सहायक होगा और बहु-क्षेत्रीय, परिणाम-आधारित स्किलिंग को बढ़ावा देगा। यह जेएसपी की राष्ट्र निर्माण, अंतर्विषयक क्षमता विकास और हरित ऊर्जा तथा आधुनिक अवसंरचना की दिशा में भारत के संक्रमण के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। इस ढांचे के अंतर्गत जारी सभी प्रमाणपत्र अधिक विश्वसनीय होंगे और वैश्विक स्तर पर भी मान्यता प्राप्त होंगे, जिससे करियर अवसरों और गतिशीलता में वृद्धि होगी। जेएसपी के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने कहा: “एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ के रूप में मान्यता मिलना एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे हम गंभीरता और उद्देश्य के साथ स्वीकार करते हैं। यह हमें उद्योग मानकों को सीधे शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने की शक्ति देता है, ताकि भारत के युवा आवश्यक ज्ञान और अनुशासन प्राप्त कर सकें और कार्यस्थल पर सफल होते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।”

लेह में इंटरनेट सेवा बंद, सोनम वांगचुक को जोधपुर की हाई-सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया

लेह   लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर दो दिन पहले हिंसक प्रदर्शन हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हुए. इसके बाद शुक्रवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख पुलिस प्रमुख एस. डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस दल ने उन्हें दोपहर करीब ढाई बजे हिरासत में लिया. गिरफ्तारी के बाद वांगचुक को लद्दाख से राजस्थान के जोधपुर की जेल में भेज दिया गया है. यह कदम प्रदर्शन और बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया. वांगचुक पर लगे आरोपों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लद्दाख प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया गया है. सुरक्षा कारणों से लेह में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. सोनम वांगचुक लंबे समय से ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ जैसे संगठनों की आवाज उठाते रहे हैं. वे लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और लेह व कारगिल के लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. पिछले पांच सालों से वे इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. केंद्र ने हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया लेह और कारगिल, 2019 में पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विभाजित कर बनाये गए लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा हैं. केंद्र ने हालिया हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि जलवायु कार्यकर्ता ने सभी आरोपों से इनकार किया है. वांगचुक ने गुरुवार को कहा था, ‘‘यह कहना कि यह (हिंसा) मेरे द्वारा भड़कायी गयी थी, समस्या की जड़ तक पहुंचने के बजाय, कोई बलि का बकरा ढूंढने जैसा है, और इससे हमें कोई फायदा नहीं होगा.’’ गृह मंत्रालय ने उठाया सख्त कदम जलवायु कार्यकर्ता की गिरफ्तारी उनके द्वारा स्थापित संगठन ‘स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख’ का विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस गृह मंत्रालय द्वारा रद्द करने के एक दिन बाद हुई. मंत्रालय ने कथित वित्तीय विसंगतियों और ‘‘राष्ट्रीय हित’’ के खिलाफ माने जाने वाले धन अंतरण का हवाला देते हुए वांगचुक के संगठन का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया था.

सरकार का बड़ा फैसला: तबादलों पर सख्ती, विभागीय स्वीकृति ज़रूरी

जयपुर तबादलों में विभागों के मनमाने रवैये से नाराज सरकार ने अब कर्मचारियों के  स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति या नई पदस्थापना को लेकर सख्ती कर दी है। राज्य सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश कु अनुसार अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति या नई पदस्थापना प्रशासनिक विभाग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं हो सकेगी।  आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि बिना सहमति कोई आदेश जारी किया गया तो वह स्वतः प्रभावहीन माना जाएगा और संबंधित विभागीय अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी विशेष या आपात स्थिति में बिना अनुमति आदेश जारी करना अत्यावश्यक हो, तो तुरंत प्रशासनिक विभाग को सूचना देकर अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बीते दिनों सरकार के कई विभागों ने अपने स्तर पर ही तबादले, प्रतिनियुक्ति और पदस्थापन के आदेश जारी कर दिए थे। इनमें सबसे ज्यादा मामले प्रतिनियुक्ति को लेकर सामने आते हैं। अपनी मनमानी जगह पर तबदला लेने के लिए सरकार में बड़ी संख्या में प्रतिनियुक्तियां भी करवाई गई हैं। सरकार ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए सख्ती से रोका गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश सभी विभागों को भेज दिया गया है और इस पर तत्काल प्रभाव से अमल सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके तहत अब बिना सक्षम अनुमति के जारी हुए सभी आदेश शून्य प्रभाव माने जाएंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में अफसरशाही और संगठन दोनों स्तरों पर संवेदनशील नियुक्तियों और फेरबदल को लेकर गंभीरता बढ़ी है।

नक्सलियों को करारा झटका: गुप्त हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, जखीरा किया गया जब्त

सुकमा सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है. सुकमा जिले के मेट्टागुड़ा कैम्प क्षेत्र में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है. फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार, बारूद और निर्माण उपकरण बरामद किया गया है. दरअसल, मेट्टागुड़ा कैम्प से जिला बल और 203 कोबरा वाहिनी की संयुक्त पार्टी सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी. इस दौरान ग्राम कोईमेंटा के आसपास जंगल-पहाड़ियों में जवानों ने गहन सर्चिंग शुरू की. जंगल में नक्सलियों की हथियार और विस्फोटक बनाने की फैक्ट्री का पता चला. जवानों ने मौके पर नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया. नक्सलियों की फैक्ट्री से क्या-क्या मिला ?     वर्टिकल मिलिंग मशीन – 01     बेंच वाइस – 03     बीजीएल लांचर (बड़ा) – 02     बीजीएल शेल (खाली) – 12     बीजीएल हेड्स – 94     हैंड ग्राइंडर मशीन – 01     लकड़ी के राइफल बट – 06     भरमार का ट्रिगर मैकेनिज्म – 01     भरमार ट्रिगर मैकेनिज्म (पिस्टल ग्रिप सहित) – 01     सोलर बैटरी – 04     बोरवेल ड्रिलिंग बिट (10 फीट) – 01     गैस कटर हेड्स – 02     डायरेक्शनल आईईडी पाइप्स – 03     मेटल मोल्डिंग पॉट्स – 06     स्टील वाटर पॉट्स – 02     एल्युमिनियम पॉट – 01     आयरन कटर व्हील्स – 06     टैपिंग रॉड – 01     आयरन स्टैंड – 01     स्टील पाइप पीस (BGL हेतु) – 80     आयरन स्क्रैप्स – बड़ी मात्रा  

आई लव बुलडोजर पोस्टर लखनऊ की सड़कों पर, CM योगी का हुआ जिक्र

लखनऊ कानपुर से शुरू हुआ I Love Muhammad का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद ने लखनऊ की सड़कों पर भी एक नया माहौल तैयार कर दिया है। हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए शहर के अलग अलग स्थानों ओर हो रहे प्रदर्शन के बीच अब इस विवाद में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं, जिससे अब ये विवाद सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर सकता है। दरअसल, I Love Muhammad विवाद के बीच भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने शहर में जगह-जगह I Love Yogi Adityanath Ji और I Love Bulldozer लिखे होर्डिंग्स लगवाए हैं। इन पोस्टरों में सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और बुलडोजर का चित्र लगाया गया है। अमित त्रिपाठी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने यूपी में गुंडों-माफियाओं पर बुलडोजर चलाकर शांति व्यवस्था कायम की है और जनता का विश्वास जीता है। योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन पर पोस्टर वॉर लखनऊ के वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम में अचानक I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji के पोस्टर नजर आने लगे। इन पोस्टरों में सीएम योगी की छवि को लॉ एंड ऑर्डर के मसीहा के रूप में दिखाया गया है। आपको बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने इन्हें लगवाया और कहा कि योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन से उत्तर प्रदेश में अपराधियों की कमर टूटी है और जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। योगी के सख्त प्रशासन पर मिला जनसमर्थन भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है और अपराधियों पर जिस तरह बुलडोजर चलाया है, वह पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों का उद्देश्य जनता को यह संदेश देना है कि यूपी में शांति और अमन-चैन CM योगी के कारण कायम है। इस कदम को योगी की बुलडोजर बाबा वाली छवि को और मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। 'I Love Muhammad' विवाद से जुड़ा नया सियासी एंगल इस पूरे घटनाक्रम की जड़ कानपुर का 4 सितंबर का विवाद है, जब बारावफात जुलूस के दौरान I Love Muhammad बैनर लगाया गया। विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और मामला बढ़ता चला गया। कई जगह हिंदू समुदाय ने I Love Mahadev/Mahakaal पोस्टर लगाए। अब लखनऊ में लगे I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji होर्डिंग्स को इस विवाद का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर सीएम योगी की सख्त छवि को केंद्र में रखता है।

चैतन्यानंद का काला इतिहास: यौन शोषण, बड़े घोटाले और अनगिनत साजिशें सामने आईं

नई दिल्ली दिल्ली के वसंत कुंज में मौजूद श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRISIIM) का चांसलर स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी फरार है. उसके खिलाफ 17 EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की छात्राओं ने यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं. दिल्ली पुलिस की कई टीमें अलग-अलग शहरों और राज्यों में छापेमारी कर रही हैं, लेकिन बाबा इतना शातिर है कि अब तक कानून के कटघरे में नहीं आया है. संस्थान में पढ़ने वाली कई लड़कियों ने पुलिस के सामने बाबा का काला सच बयां किया है. एक पूर्व छात्र ने भी 'आज तक' के कैमरे पर बाबा की काली करतूतों का खुलासा किया है, जो हैरान करने वाला है. इस मामले को लेकर 4 अगस्त 2025 को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई, और तब शुरू हुआ पाखंडी बाबा की हरकतों के किस्से बाहर आने का सिलसिला. श्रृंगेरी मठ के प्रशासक पीए मुरली ने स्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद बाबा फरार हो गया. कहां छुपा है चैतन्यानंद? शातिर स्वामी का ठिकाना अब बड़ा रहस्य बन गया है. यौन शोषण के आरोप लगने के बाद से वो भगवाधारी फरार है. दिल्ली से भागने में उसकी मदद कौन कर रहा है? ये सवाल भी सिर उठा रहा है. पुलिस को शक है कि संस्थान और बाहर मौजूद उसके कॉकस के लोग इस काम में शामिल हैं. 5 राज्यों में पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं, लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है. लेकिन बाबा का कोई सुराग नहीं मिल रहा. क्या वह भूमिगत हो गया है? देश से बाहर भागा है? या बहुरूपिया बनकर घूम रहा है? दिल्ली की सड़कों पर डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट वाली कारों से फर्राटा भरने वाला वो शातिर बाबा लेक्चर, किताबों और वीडियो की आड़ में अपना खेल करता था. लेकिन अब उसका पता नहीं है. फर्जी बाबा चैतन्यानंद मैनेजमेंट, नीति और नैतिकता का लेक्चर दिया करता था, अब वही संगीन आरोपों में घिरा है. अब दिल्ली पुलिस को उसकी तलाश है, जो खुद नामी संस्थान का सर्वेसर्वा था. उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद वह लापता हो गया था. उसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि वह मोबाइल, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या UPI का इस्तेमाल नहीं कर रहा है. लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था फर्जी बाबा माथे पर त्रिपुंड, भगवा वस्त्र, वेदांत की बातें करने वाला वो ढ़ोंगी बाबा लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था. पुलिस को सिर्फ उसकी लग्जरी BMW कार हाथ लगी, जो दिल्ली पुलिस ने बरामद कर ली. दावा है कि इसी BMW से चैतन्या भागा था, लेकिन कहां, यह रहस्य है. इसके अलावा, उसकी वोल्वो कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया. यह कार फर्जी डिप्लोमेटिक नंबर (39 UN 1) वाली थी, जिसके लिए अलग FIR दर्ज हुई. 25 अगस्त 2025 को उसकी कार जब्त की गई. दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. देश के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है. चैतन्यानंद उर्फ पार्थासारथी की तलाश में पुलिस जर्रा-जर्रा छान रही है. पूर्व छात्रों ने बताया कि बाबा के खिलाफ कई बार लड़कियों ने शिकायत की, लेकिन पुलिस से मदद न मिलने पर उनका हौसला टूट गया. साल 2016 में डिफेंस कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज हुई थी. साल 2009 का भी एक पुराना केस था, लेकिन पैसे और रसूख से बाबा हर बार बच निकलता था. पीड़ितों का कहना है कि असफलता से डरकर कई लड़कियां चुप हो जाती थीं. अब उसके खिलाफ 5 FIR दर्ज हैं, जिनमें दो पुरानी और तीन नई है. जिनमें धोखाधड़ी, छेड़छाड़ और फर्जी नंबर प्लेट का केस भी शामिल है. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि बाबा ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था. EWS स्कॉलरशिप वाली छात्राओं को बेहतर करियर और विदेश यात्रा का लालच देकर फंसाया जाता था. जो लड़कियां विरोध करतीं, उन्हें एग्जाम में फेल करने की धमकी दी जाती थी. वॉर्डन लड़कियों को उसके कमरे भेजती थी, WhatsApp पर 'कम टू माय रूम' जैसे मैसेज भेजे जाते. कई बार मैसेज अश्लील होते थे. लिहाजा, चैट्स डिलीट कर दिए जाते थे. CCTV टैम्पर किया जाता. 32 महिलाओं में से 17 ने शोषण की शिकायत की है. पूर्व छात्र ने बताया कि इंस्टीट्यूट में अब भी पढ़ रही लड़कियां ऐसी ही कहानियां सुना रही हैं. यह सिस्टेमैटिक एक्सप्लॉइटेशन था, जो 16 साल से चल रहा था. पुलिस ने 3 वॉर्डन्स से पूछताछ की, जो मैसेज डिलीट करने के आरोपी हैं. लड़कियों का यौन शोषण करने वाले बाबा के बारे में अब कई विस्फोटक बातें सामने आईं हैं. एक पूर्व छात्र ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर जो खुलासा किया, वो हैरान करने वाला है. बाबा अपने रौब और दबदबे से सालों से इंस्टीट्यूट की लड़कियों का शोषण कर रहा था. यकीन नहीं आता, लेकिन पूर्व छात्र ने 'आज तक' से बातचीत में बाबा की मोडस ऑपरेंडी खोलकर रख दी. इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र ने साफ कहा कि सिर्फ पूर्व छात्राएं ही नहीं, बल्कि वर्तमान लड़कियां भी ऐसी शिकायतें कर रही हैं. बाबा के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं, पहले भी कई केस दर्ज हुए हैं. लेकिन शुरू से पुलिस हाथ साफ रखती रही. अब गवाह सामने आ रहे हैं. इंस्टीट्यूट का पूर्व छात्र चैतन्यानंद को लेकर जो खुलासे कर रहा था, हमने उससे पूछा कि क्या किसी लड़की ने खुद शिकायत की? उसका जवाब था कि कई लड़कियों ने कमोबेश एक जैसी कहानियां सुनाईं हैं. शिकायते की हैं. पुलिस ने बाबा के ठिकाने से जो विवादित BMW कार बरामद की, उसमें भी बाबा ने कथित तौर पर ज्यादती की थी. उस कार को खरीदने के बाद बाबा ऋषिकेश पूजा के लिए गया था, लेकिन रास्ते में साथ गई लड़कियों का शोषण भी किया था. श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम का यह दागी चांसलर अब कानून की पहुंच से बाहर है. पुलिस सबूतों के साथ गवाहों को इकट्ठा कर रही. NCW ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तुरंत इस मामले में आरोपी बाबा की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. उधर, दिल्ली की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की अग्रिम … Read more