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गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति

एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो यूपी सिंह का निधन गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति विद्वता, कर्मठता के साथ सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किए जाएंगे प्रो. सिंह सीएम योगी ने जताया शोक, रविवार को अंतिम संस्कार में भी होंगे शामिल गोरखपुर  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (यूपी सिंह) का शनिवार सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय प्रो. सिंह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। अध्यापन कार्य में आने के बाद से ही उनका पूरा जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को समर्पित रहा। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री रविवार को प्रो. सिंह के अंतिम संस्कार के समय गोरखपुर के राजघाट पर मौजूद रहेंगे। प्रो. सिंह अपने पीछे दो पुत्रों दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह और यूपी कॉलेज के आचार्य प्रो. राजीव कृष्ण सिंह का परिवार छोड़ गए हैं।  मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह का जन्म 1 सितंबर 1933 को हुआ था। वह उन विरले लोगों में शामिल रहे जिन्हें गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। गणित विषय के विद्वान रहे स्वर्गीय सिंह की बतौर शिक्षक पहली नियुक्ति गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने एमपी शिक्षा परिषद के महाराणा प्रताप महाविद्यालय में की थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए महंत जी ने यह महाविद्यालय दान में दे दिया तब यूपी सिंह विश्वविद्यालय में गणित के शिक्षक हो गए। इस विश्वविद्यालय में वह आचार्य और गणित विभाग के अध्यक्ष के रूप में ख्यातिलब्ध रहे। अपनी शैक्षिक सेवा यात्रा में उन्होंने बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दीं। महंत दिग्विजयनाथ जी के स्मृतिशेष होने के बाद प्रो. यूपी सिंह ने गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के मार्गदर्शन में एमपी शिक्षा परिषद की सेवा की। उनकी सेवा साधना का यह अनुष्ठान वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में आजीवन जारी रहा।  प्रो. यूपी सिंह को विद्वता, कर्मठता के साथ उनके सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किया जाएगा। वह डॉ. भोलेन्द्र सिंह के बाद वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए गए और अंतिम सांस लेने तक इस पद पर बने रहे। शिक्षा परिषद द्वारा 2021 में जब महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर की स्थापना की गई तो उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया। प्रो. यूपी सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक और विद्या भारती में भी विविध पद दायित्वों का सकुशल निवर्हन किया। उनके निधन पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में शोक की लहर है।  रविवार को राजघाट पर होगा अंतिम संस्कार, सीएम योगी भी आएंगे प्रो. यूपी सिंह का अंतिम संस्कार रविवार (28 सितंबर) को पावन राप्ती नदी के राजघाट पर दिन में 12 बजे से होगा। इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रो सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगे। इस बीच प्रो. सिंह के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के अध्यक्ष, आदर्श शिक्षक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यू.पी. सिंह जी का निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों एवं अनुयायियों को सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद एवं समाज के लिए उनका जीवन सदा मार्गदर्शक बना रहेगा।”

पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क’ का किया उद्घाटन

भारत आज तकनीक व डिजिटल क्रांति का वैश्विक लीडर बन चुका है – मुख्यमंत्री पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का किया उद्घाटन   देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगणों की रही ऑनलाइन मौजूदगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित   भारत की सेना दुनिया के अंदर सबसे सामर्थ्यशाली और शक्तिशाली बन करके उभरी है- सीएम योगी  डिफेंस सेक्टर में भारत की उपलब्धियां विकसित भारत की आहट को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है- योगी आदित्यनाथ – भारत सभी के साथ मैत्री भाव के साथ कार्य करेगा, लेकिन किसी की गीदड़-भभकी के सामने झुकेगा नहीं, डरेगा नहीं- सीएम योगी हमने बीएसएनएल की सेवाओं को प्रदेश के हर ग्राम पंचायतों के साथ जोड़ दिया है- मुख्यमंत्री अब पेंशन के लिए नहीं लगाने पड़ते कार्यालयों के चक्कर, डिजिटल पेंमेंट से घर बैठे समय पर लोगों के मिल रहा लाभ- सीएम योगी  नेटवर्किंग हमारे लिए उन दूर-दराज के क्षेत्रों, बार्डर इलाकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्किंग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। भारत न तो किसी की गीदड़ भभकी से डरेगा और न ही किसी दबाव के सामने झुकेगा। आज भारत तकनीक का पिछलग्गू नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का लीडर बनकर उभरा है। सीएम योगी शनिवार को स्वदेशी तकनीक पर आधारित बीएसएनएल 4G नेटवर्क और भारत नेट परियोजना के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने उड़ीसा में एक विशेष कार्यक्रम के तहत स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का उद्घाटन किया, जिसमें देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगण ऑनलाइन मौजूद रहे।   सीएम योगी ने कहा कि भारत नेट के स्वदेशी 4G इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल क्रांति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और बीएसएनएल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीएम योगी ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हर ग्राम पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग से जोड़ने का संकल्प लिया था, जो भारत नेट ने साकार किया। अब ग्राम सचिवालयों में आय, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रोजगार सृजन और बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण स्तर पर पहुंची हैं। बीसी सखियों के जरिए 100 करोड़ से अधिक का लाभांश ग्रामीणों तक पहुंचा है। बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को दूर-दराज के क्षेत्रों, खासकर नक्सल प्रभावित चंदौली, सोनभद्र और चित्रकूट में क्रांति लाने वाला है। आने वाले समय में 5G और 6G की भी तैयारी है। भारत किसी के दबाव में नहीं झुकेगा नहीं- सीएम योगी सीएम ने कहा कि संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वदेशी सेना, स्वतंत्र विदेश नीति, स्वदेशी तकनीक और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जरूरी है, जो नए भारत में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेना को विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में शामिल है। यहां का आकाश, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, रोबोटिक्स में हासिल की गई उपलब्धियां विकसित भारत की पहचान बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मैत्री भाव से विश्व के साथ चलेगा, लेकिन किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह संदेश हर मंच से दिया गया है।  सभी सरकारी योजनाओं में डिजिटल पेमेंट को मिल रही प्राथमिकता सीएम ने बीते दौर की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पेंशन के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें आधा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। अब डीबीटी के जरिए 1 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को सालाना 12,000 रुपये की पेंशन सीधे खाते में मिलती है। 60 लाख से अधिक अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्रों को 6,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डिजिटल रूप से दी जा रही है। यूपीआई के जरिए भारत ने सबसे अधिक डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड बनाया है, जो भ्रष्टाचार पर लगाम और डिजिटल क्रांति का प्रमाण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले नेटवर्किंग में माफिया के हावी थे। 2017 के बाद ऐसे माफियाओं की कमर तोड़ी गई और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई। बीएसएनएल का 4G नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई तकनीक और गति देगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता को हर क्षेत्र में जरूरी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की नींव होगी।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

राज कुंद्रा पर ED की शिकंजा, ₹150 करोड़ के बिटकॉइन घोटाले में दाखिल हुई चार्जशीट

मुंबई  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा के खिलाफ 150 करोड़ के बिटकॉइन के मालिकाना हक मामले में चार्जशीट दायर की है. ED का दावा है कि कुंद्रा सिर्फ एक बिचौलिये की भूमिका में नहीं थे, बल्कि वो खुद 285 बिटकॉइन के एक्चुअल लाभार्थी हैं, जिसकी मौजूदा कीमत 150 करोड़ रुपये है. PMLA कोर्ट में दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि कुंद्रा को बिटकॉइन, जिनकी वर्तमान कीमत ₹150.47 करोड़ है, क्रिप्टो घोटाले के दिवंगत मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से मिले थे. कुंद्रा ने सबूत छुपाए : ED ED के मुताबिक, कुंद्रा लेन-देन के महत्वपूर्ण डिटेल बताने में विफल रहे हैं. आरोपपत्र में कहा गया है कि कुंद्रा ने जानबूझकर बिटकॉइन वॉलेट के एड्रेस सहित महत्वपूर्ण सबूत छुपाए और भारद्वाज से मिले बिटकॉइन भी नहीं लौटाए. आरोपपत्र में कहा गया है, '2018 से कई मौकों के बावजूद कुंद्रा लगातार उन वॉलेट के एड्रेस नहीं दे पाए हैं जहाँ 285 बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे. कुंद्रा ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उनके शुरुआती बयान के तुरंत बाद वॉलेट डिटेल वाला उनका iPhone X खराब हो गया था.  बिटकॉइन पोंजी स्कैम से जुड़ा लिंक ये मामला महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस द्वारा वेरिएबल टेक प्राइवेट, अमित भारद्वाज और अन्य सहयोगियों के खिलाफ दर्ज की गई FIR से सामने आया. भारद्वाज ने कथित तौर पर क्रिप्टो माइनिंग के जरिए निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच दिया, लेकिन इसके बजाय उन्हें 'धोखा' दिया और 'गलत तरीके से कमाए गए बिटकॉइन को अज्ञात ऑनलाइन वॉलेट में छिपा दिया गया था.' क्या है पूरा मामला? ये पूरा मामला क्रिप्टो दुनिया के कुख्यात नाम अमित भारद्वाज से जुड़ा है.  जिसे ‘गेन बिटकॉइन’ पोंजी स्कैम का मास्टरमाइंड कहा जाता था. ED का आरोप है कि भारद्वाज से राज कुंद्रा को 285 बिटकॉइन मिले थे. जांच एजेंसी के मुताबिक, कुंद्रा ने लगातार जांच को गुमराह करने की कोशिश की.  ED ने कहा- सिर्फ बिचौलिये नहीं, मालिक थे राज कुंद्रा राज कुंद्रा ने ये तर्क दिया कि वो इस मामले में केवल मध्यस्थ थे और उनके पास कोई प्रत्यक्ष स्वामित्व नहीं था, लेकिन ED का कहना है कि समझौते की शर्तों और लगातार लेन-देन की जानकारी रखने के कारण ये साफ है कि राज ही वास्तविक लाभार्थी थे।     इतना ही नहीं, 7 साल पुराने लेन-देन को लेकर उनका स्पष्ट विवरण देना यह साबित करता है कि बिटकॉइन उन्हीं के पास थे। गेन बिटकॉइन घोटाला क्या है? इस घोटाले में हजारों निवेशकों से पैसे जुटाए गए थे। वादा किया गया था कि बिटकॉइन माइनिंग से उन्हें मोटा मुनाफा मिलेगा, लेकिन इसके बजाय निवेशकों का पैसा गायब कर दिया गया और बिटकॉइन गुप्त वॉलेट्स में छिपा दिए गए।     महाराष्ट्र और दिल्ली पुलिस ने इस धोखाधड़ी को लेकर कई शिकायते दर्ज की थीं, जिसके आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। चार्जशीट में राज के अलावा कारोबारी राजेश सतीजा का नाम भी सामने आया है।       

धार्मिक उत्सव में सुरक्षा सख्त, रांची में दुर्गा पूजा के लिए 2500 पुलिसकर्मी तैनात

रांची झारखंड की राजधानी रांची में बीते शुक्रवार से सभी बड़े पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में भक्त-जन उमड़ रहे हैं। इस भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि पर्व शांति और सुरक्षा के साथ मनाया जा सके। इस बार दुर्गा पूजा के दौरान कुल मिलाकर लगभग 2500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें जिला पुलिस के साथ-साथ जैप, रैप, सीआरपीएफ और रैफ भी शामिल हैं। हर पंडाल और आसपास के इलाकों में पुरुष और महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो मनचलों, उचक्कों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी ऐसे संदिग्धों को तुरंत पहचानकर पकड़ेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा टीमों को लगाया गया है। शाम के बाद भी पुलिस चौक-चौराहों और मैदानों में सतत गश्त करेगी। शहर के सुनसान इलाकों में भी पेट्रोलिंग जारी रहेगी, ताकि कहीं भी किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो। रांची एसएसपी राकेश रंजन स्वयं सड़कों पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं और पीसीआर टीमों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। श्रीरंजन ने थानों को स्पष्ट आदेश दिया है कि दुर्गा पूजा के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। राजधानी के प्रमुख पंडालों के आस-पास आसमान से ड्रोन निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सभी डीएसपी और थानेदारों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त बनाएं। वहीं एसएसपी राकेश रंजन ने कहा, 'दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया और असामाजिक तत्वों पर हमारी पैनी नजर रहेगी। माहौल बिगाड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।'  

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1126.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1126.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1549.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 519.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1021.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 906.1 मि.मी., गरियाबंद में 1084.8 मि.मी., महासमुंद में 931.5 मि.मी. और धमतरी में 1050.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1129.0 मि.मी., मुंगेली में 1097.3 मि.मी., रायगढ़ में 1331.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1065.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1347.1 मि.मी., सक्ती में 1234.6 मि.मी., कोरबा में 1116.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1030.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 877.0 मि.मी., कबीरधाम में 786.3 मि.मी., राजनांदगांव में 951.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1400.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 836.0 मि.मी. और बालोद में 1176.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 756.1 मि.मी., सूरजपुर में 1138.0 मि.मी., बलरामपुर में 1512.0 मि.मी., जशपुर में 1049.5 मि.मी., कोरिया में 1189.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1072.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1516.8 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1084.7 मि.मी., कांकेर में 1305.7 मि.मी., नारायणपुर में 1375.8 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1529.8 मि.मी. और सुकमा में 1198.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का बड़कागांव आगमन, तैयारियों में जुटा प्रशासनिक अमला

गोपालगंज गोपालगंज जिले के हथुआ विधानसभा क्षेत्र के बड़कागांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संयुक्त संवाद कार्यक्रम को लेकर मुक्ति आदर्श उच्च विद्यालय के मैदान में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक अधिकारी, पथ निर्माण, बिजली विभाग और पीएचइडी के कर्मचारी इलाके में कैंप कर हर बिंदु पर निगरानी रख रहे हैं। जिले के सभी अधिकारी स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का अध्ययन कर समाधान निकालने में जुटे हैं। 28 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार की शाम डीएम पवन कुमार सिन्हा, हथुआ एसडीएम अभिषेक कुमार चंदन और एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने सभा स्थल का निरीक्षण किया। पूर्व मंत्री रामसेवक सिंह, जेडीयू जिलाध्यक्ष आदित्य शंकर शाही और अन्य पार्टी नेता भी तैयारियों में शामिल हुए। अधिकारियों की टीम लगातार इलाके में कैंप कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर तैनात हैं और हर बिंदु पर निगरानी कर रही हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हेलिपैड के लिए सबेया एयरपोर्ट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। हेलिपैड से सड़क मार्ग के जरिए सभा स्थल तक पहुंचा जाएगा। बड़कागांव में इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी की लहर है। क्षेत्र में लंबे समय से लंबित कई समस्याओं के समाधान पर काम शुरू होने की उम्मीद है। लोग मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आने से क्षेत्र के विकास और संभावित बड़ी घोषणाओं की प्रतीक्षा में हैं।  

पन्ना में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, स्टोन क्रशर मालिक श्रीकांत दीक्षित पर ₹1.24 अरब का जुर्माना

पन्ना  अवैध खनन पर कलेक्टर न्यायालय ने एक अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गुनौर तहसील के बिलघाड़ी में डायमंड स्टोन क्रशर के संचालक श्रीकांत दीक्षित ने पत्थर निकालने के लिए स्वीकृत क्षेत्र के बाहर खोदाई की, जिससे करोड़ों की रायल्टी की चोरी हुई। कलेक्टर सुरेश कुमार ने उप संचालक खनिज को जुर्माने की राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा कराने और बैंक चालान की मूल प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर न्यायालय ने उप संचालक खनिज और एसडीएम गुनौर से जांच प्रतिवेदन मांगा था। 20 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब के लिए एक सितंबर की तिथि तय की गई। दीक्षित के अधिवक्ता नवीन शर्मा ने जवाब के लिए मोहलत मांगी। 15 सितंबर और 18 सितंबर की सुनवाई में जवाब के लिए पुनः समय मांगा गया। इस दौरान लीज की बकाया राशि जमा करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने पाया कि क्रशर संचालक ने मात्र 99 हजार 300 घनमीटर की रायल्टी जमा कराई, जबकि खनन दो लाख 72 हजार 298 घन मीटर किया गया। जुर्माने की कुल राशि 62 करोड़ 27 लाख 92 हजार 800 रुपये आंकी और दोगुनी राशि जमा कराने का आदेश दिया। हाई कोर्ट से भी खारिज हो चुकी है याचिका क्रशर संचालक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कलेक्टर न्यायालय के अभिलेख को तलब करने और कोई नई जांच प्रारंभ नहीं किए जाने का अनुरोध किया था। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को यह याचिका खारिज कर दी थी।

युवराज का जन्म! वैभव सूर्यवंशी ने 14 साल में तोड़ा बाबर आजम का रिकॉर्ड, सबकी नजरें अब उस पर

नई दिल्ली टीम इंडिया के 'नन्हे शहजादे' वैभव सूर्यवंशी मैदान पर उतरते नहीं कि कोई ना कोई रिकॉर्ड टूट जाता है। फिलहाल वैभव ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं भारतीय अंडर-19 टीम तीन मैच की वनडे और दो मैच की टेस्ट सीरीज खेलने गई है। वनडे सीरीज में इंडिया अंडर-19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम का 3-0 से सूपड़ा साफ किया। वैभव सूर्यवंशी ने इस दौरान 124 रन बनाए, हालांकि वह तीसरे मैच में ज्यादा कुछ कमाल नहीं कर पाए और 20 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि इसके बावजूद वह पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम का रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब रहे। जी हां, यह रिकॉर्ड है यूथ वनडे में 16 या उससे कम की उम्र में सबसे ज्यादा रन बनाने का। वैभव सूर्यवंशी 556 रनों के साथ बाबज आजम का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं और फिलहाल वह लिस्ट में दूसरे पायदान पर हैं। अब उनकी नजरें पाकिस्तान के ही हसन रजा का रिकॉर्ड तोड़ इतिहास रचने पर होगी। यूथ वनडे में 16 या उससे कम उम्र में सर्वाधिक रन हसन रजा: 727 रन वैभव सूर्यवंशी: 556 रन बाबर आजा: 552 रन नजमुल हुसैन शान्तो: 546 रन अहमद शहजाद: 510 रन वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में यूथ वनडे में सबसे अधिक छक्के का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया था। यह रिकॉर्ड इससे पहले भारत के ही उनमुक्त चंद के नाम था जिन्होंने 38 छक्के जड़े थे, वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत के कप्तान भी रह चुके हैं। मगर अब 43 छक्कों के साथ वैभव पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। वैभव सूर्यवंशी के यूथ वनडे करियर की बात करें तो अभी तक खेली 11 पारियों में उन्होंने यह 556 रन 50.54 की औसत और 151.91 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ बनाए हैं। अभी तो उनके करियर का आगाज हुआ है, जिस तरह वह खेल रहे हैं उसे देखकर लगता है कि वह यूथ क्रिकेट में सभी रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।  

पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक पहुंची इंदौर मेट्रो, दशहरे तक रेडिसन चौराहे तक ट्रायल रन जारी

 इंदौर  इंदौर मेट्रो ने शुक्रवार को अपने ट्रायल रन के दौरान पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। गांधी नगर स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो 11.65 किमी की दूरी तय कर दोपहर चार बजे हीरा नगर स्टेशन पहुंची। इस मौके पर मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे, जो रेडिसन चौराहे से ट्रॉली में बैठकर हीरा नगर पहुंचे और फिर मेट्रो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन तक यात्रा की। गौरतलब है कि 19 सितंबर को मेट्रो पहली बार गांधी नगर से एमआर-10 स्टेशन तक पहुंची थी। वहीं शुक्रवार को यह हीरा नगर स्टेशन तक चली। योजना के अनुसार दशहरे तक मेट्रो बापट चौराहा, मेघदूत उद्यान और विजय नगर चौराहा होते हुए रेडिसन चौराहे तक पहुंचेगी। मेट्रो संचालन शुरू करने से पहले भारतीय रेल के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम इंदौर आकर इस हिस्से का निरीक्षण करेगी। अप्रूवल मिलने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम दिसंबर में सुपर कॉरिडोर 3 से रेडिसन तक ट्रैक का परीक्षण करेगी। सीएमआरएस की मंजूरी के बाद ही गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक नियमित यात्री संचालन शुरू होगा। शुक्रवार का ट्रायल रन शेड्यूल     2:15 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो     2:45 बजे : हीरा नगर स्टेशन पहुंची     3:30 बजे : हीरा नगर से निकली     4:00 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन पर वापस पहुंची अब तक का ट्रायल रन सफर     19 सितंबर : गांधी नगर से एमआर-10 तक (8.24 किमी)     26 नवंबर : गांधी नगर से हीरा नगर तक (11.65 किमी)     2 अक्टूबर तक : रेडिसन चौराहे तक (15.76 किमी) फिलहाल यात्रियों के लिए चल रही मेट्रो (4.28 किमी) गांधी नगर (देवी अहिल्या बाई होलकर स्टेशन) से सुपर कॉरिडोर 3 (झलकारी बाई स्टेशन) तक। निर्माण कार्य की स्थिति सुपर कॉरिडोर 2 से रेडिसन चौराहे तक 11 मेट्रो स्टेशन निर्माणाधीन हैं। अगले डेढ़ माह में इनके कांक्रीट ढांचे और प्लेटफार्म का काम पूरा होगा। लिफ्ट, एस्केलेटर और प्रवेश-निकास मार्ग का काम भी तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्टेशन पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।  

होमगार्ड की नौकरी पर मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कॉलऑफ खत्म कर दिया गया

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मध्य प्रदेश के होमगार्ड का कॉलऑफ समाप्त कर दिया है। करीब 10 हजार होमगार्ड ने 490 याचिकाएं दायर की थीं। जिन पर लंबी सुनवाई के बाद सुरक्षित किया गया आदेश सुनाते हुए न्यायालय ने उक्त आदेश दिया, जिससे अब अब प्रदेश के होमगार्ड को पूरे 12 माह रोजगार मिलेगा, साथ ही अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि कॉलऑफ प्रक्रिया और उससे संबंधित प्रविधान असंवैधानिक घोषित किए जाने योग्य है। दरअसल, आपातकाल में पुलिस की सहायता हेतु एक स्वामसेवी संगठन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड बनाया गया था। शुरुआत में होमगार्ड को केवल आपातकालीन में ड्यूटी पर आह्वान में लिया जाता था। परंतु वर्ष 1962 के पश्चात संगठन से आपातकालीन के अलावा नियमित सेवाएं ली जाने लगीं और संगठन पुनर्गठन कर सैद्धांतिक रूप से नियमित कर दिया गया। 1962 से होमगार्ड नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हर वर्ष दो से तीन माह के लिए कॉलऑफ कर दिया जाता था, जबकि संगठन के अन्य अधिकारियों और सैनिकों को नियमित कर पूरे वर्ष कार्य दिया जाता था। उक्त भेदभाव पूर्ण रवैये व होमगार्ड की बदतर सेवा शर्त के विरुद्ध मानव अधिकार आयोग में कई शिकायतें वर्ष 2008 में की गई। मानव अधिकार आयोग ने विस्तृत जांच पश्चात राज्य शासन को होमगार्ड अधिनियम के स्थान पर नोट विधान लाने व कॉलऑफ प्रक्रिया जोकि पूर्ण रूप से अनुचित है उसको खत्म करने की अनुशंसा की। मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर कोई कार्रवाई शासन द्वारा नहीं की गई, जिस वजह से वर्ष 2011 होमगार्ड संगठन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिसे वर्ष 2011 में स्वीकार कर शासन को नए विधान बनाने हेतु आदेशित कर स्पष्ट रूप से कॉलऑफ समाप्त करने हेतु आदेश दिए गए। जिसके विरुद्ध शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई परंतु वह आदेश यथावत रहा। इसी दौरान न्यायालय के निर्देशानुसार कमेटी का गठन किया गया व आलोच्य नियम व आदेश पारित किए गए व वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान रखा गया, जबकि कॉलऑफ प्रक्रिया उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दी थी। जिसके खिलाफ यह याचिकाएं दायर की गई थीं। जिसमें अंतरिम आदेश पारित पूर्व में पारित किये गये थे। याचिका के लंबित रहते शासन ने नियम में बदलाव कर तीन वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान किया जिसे भी न्यायालय में अमेंडमेंट कर चैलेंज किया गया। मामले में हुई विस्तृत सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से काल आफ प्रक्रिया को संविधान के अनुकछेद 14, 21,23 के विपरीत बताते हुए न्यायालय को बताया की होमगार्ड संगठन पूर्व में एक स्यामसेवी संगठन था। परंतु अब ये एक नियमित संगठन बन चुका है व होमगार्ड समस्त कार्य कर रहे हैं, जो संगठन के ही अन्य नियमित सैनिक व पुलिस कर्मी द्वारा किया जाता है, ऐसी दशा में उनसे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिये एवं पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। राज्य शासन द्वारा याचिकाओं पर आपत्ति ली गई व कहा गया कि होमगार्ड संगठन एक स्वयंसेवी संगठन है एवं इन्हें पूरे वर्ष कार्य पर नहीं रखा जा सकता। विस्तृत सुनवाई पश्चात हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कॉलऑफ प्रक्रिया समाप्त करने के आदेश देते हुए सभी होमगार्ड जवानों को पूरे वर्ष कार्य पे रखे जाने और समस्त लाभ प्रदान करने के आदेश दिए।