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मतदाता सूचियों की त्रुटिरहित तैयारी हो प्राथमिकता : पंचायत व नगरीय निकायों पर विशेष ज़ोर

मतदाता सूचियों की त्रुटिरहित तैयारी हो प्राथमिकता : पंचायत व नगरीय निकायों पर विशेष ज़ोर पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करें राज्य निर्वाचन आयुक्त  वास्तव ने की मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण तैयारियों की समीक्षा भोपाल पंचायत एवं नगरीय निकायों की मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें। किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची में छूटना नहीं चाहिए। राज्य निर्वाचन आयुक्त  मनोज वास्तव ने यह निर्देश मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2025 की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा के दौरान दिये। फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रकाशन 13 नवम्बर 2025 को किया जाना है। इसके समय में वृद्धि नहीं की जायेगी।  वास्तव ने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पूरा कराएं। प्रारूप मतदाता सूची पर प्राप्त होने वाले दावा-आपत्तियों का निराकरण गंभीरता से करें। उन्होंने कहा कि आगामी दिसम्बर माह में पंचायत एवं नगरीय निकायों के उप निर्वाचन प्रस्तावित हैं।  वास्तव ने नगर पालिका एवं नगर परिषद के अध्यक्षों के प्रत्यक्ष प्रणाली से निर्वाचन और अध्यक्ष को पद से वापस बुलाये जाने के निर्वाचन के संबंध में जारी अध्यादेशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों की शंकाओं का भी समाधान किया। इस दौरान सचिव राज्य निर्वाचन आयोग  दीपक सिंह, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन आयोग के उप सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी आयोजित

अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में  संगोष्ठी आयोजित सहकारिता क्षेत्र में माईक्रो फायनेंस के प्रयास अत्यन्त  सराहनीय – व्ही.जी.धर्माधिकारी शासन के मार्गदर्शन में सकारात्मक प्रयास हेतु तत्पर अपेक्स बैंक  – मनोज गुप्ता भोपाल  अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष,  2025 के दौरान अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में समन्वय भवन  के सभागार में बैंकिंग क्षेत्र में नये परिवेश में राष्ट्रीयकृत एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के सामने सहकारी बैंकों के लिए उपस्थित चुनौतियों एवं उनके निराकरण की दिशा में उचित प्रबंधन के माध्यम से किस प्रकार अधिक से अधिक लोगों को माईक्रो फाईनेंस करते हुए सहकारी आन्दोलन से जोड़कर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सूक्ष्म वित्त सुविधा का लाभ प्रदान किया जा सके, इस विषय पर सम्बोधित करते हुये मैनिट की सहायक प्राध्यापक डाॅ.जागृति गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में विविध संस्कृति एवं बोलचाल क्षेत्रीय आधार पर विद्यमान हैं, अतः उपयुक्त होगा कि सेेल्फ हेल्प ग्रुप (एस.एच.जी) एवं अन्य समूहों के माध्यम से गरीब तबके तक सूक्ष्म वित सहायता की सुविधा आंगनबाड़ियों, एनजीओ एवं अन्य लोकल समूह के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करके प्रदान करायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म वित्त (माईक्रो फायनेंस) ने सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान को प्रत्यक्ष रूप से जन्म दिया है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के परिवर्तन को तीव्र व स्थायी रूप से गति भी प्रदान की है ।  सहकारी विचार मंच के अध्यक्ष  मध्यप्रदेश के पूर्व सचिव, सहकारिता श्री व्ही.जी. धर्माधिकारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है और आज के परिदृश्य में उत्तम ढंग से उपलब्ध तकनीक के माध्यम से सूक्ष्म वित्त (माईक्रो फायनेंस) के क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का जो काम किया जा रहा है, वह अत्यन्त सराहनीय है ।  अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने बताया कि मैंने अपेक्स बैंक में विगत लगभग डेढ़ वर्ष के दौरान बेहतर मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए हैं, जिन्हें म.प्र.शासन के सहयोग से पूर्ण करने में मुझे सफलता भी प्राप्त हुई है और अपेक्स बैंक व जिला बैंकों के लिये नवागत अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंकिंग व अन्य समस्त प्रकार के प्रशिक्षण के माध्यम से पारंगत करने हेतु भी हम प्रयासरत हैं । उन्होंने आश्वस्त किया कि वर्तमान में उपस्थित चुनौतियों का सुनियोजित ढंग से सामना करने के दिशा में अपेक्स बैंक निरन्तर सकारात्मक प्रयास कर रहा है और हमें पूर्ण विश्वास है कि हम शासन के नीति-निर्देशों का पालन करते हुये इसे धरातल पर उतारने में अवश्य सफल होंगे। संगोष्ठी का संचालन अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य श्री पी.एस.तिवारी द्वारा एवं आभार प्रदर्शन अपेक्स बैंक के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक (ऋण/परिचालन/जनसम्पर्क) श्री एस.के.गुप्ता ने किया ।  संगोष्ठी में उप सचिव, सहकारिता श्री मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्य महाप्रबंधक, अपेक्स बैंक श्री के.आर.साहू, पूर्व सलाहकार, अपेक्स बैंक श्री एल.डी.पंडित, अति.मु.कार्य.अधिकारी, जिला बैंक, उज्जैन श्री नीलेश जिंदल, शरण माईक्रो फाईनेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।  संगोष्ठी में सहकारिता विभाग एवं शीर्ष सहकारी संस्थाओं के सेवानिवृत्त व सेवारत अधिकारीगण उपस्थित हुए।                  

3 राज्यों की कार्यशाला भोपाल में होना गौरव का विषय : डॉ. पटेल

भोपाल  केन्द्र सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा उम्मीद पोर्टल के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भोपाल में मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान वक्फ बोर्ड के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान वक्‍फ बोर्ड में सुधार के लिये आईआईटी दिल्‍ली की पांच स्‍तंभ आधारित रिपोर्ट में की गई अनुशंसाओं पर समीक्षा की गई। मध्यप्रदेश वक़्फ़ संपत्ति के संस्थागत प्रशासन और संपत्ति डेटा से संबंधित स्तंभ में टॉप परफ़ॉर्मर बना। अन्य स्तंभों में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए वक़्फ़ बोर्ड की कार्य योजना की प्रशंसा की गई। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि तीन राज्यों के वक्फ बोर्ड की संयुक्त कार्यशाला भोपाल में आयोजित हो रही है। उन्होंने बताया कि वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने WAMSI-MP पोर्टल के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है और इस कार्य के लिए विभाग के आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन विशेष बधाई के पात्र हैं। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का प्रस्तुतीकरण सहायक संचालक सु इतिशा जैन ने प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ की ओर से  तारीक अशरफी तथा राजस्थान की ओर से  आसिफ इकबाल एवं  मोहसिन ने प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में केन्द्र सरकार के नवीन सेंट्रल 'उम्मीद' पोर्टल पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण में नवाचार के लिए WAMSI-MP पोर्टल को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड मिलने पर आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन को बधाई दी और विभाग के प्रयासों की सराहना की। कार्यशाला में केन्द्र सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के उपसचिव  समीर सिन्हा एवं अवर सचिव  विशाल विश्वकर्मा, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. फरजाना गजाल, राजस्थान वक्फ बोर्ड से  आसिफ इकबाल तथा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी  पवन कुमार सहित तीनों राज्यों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक डॉ. ममता भट्टाचार्य ने किया।  

29 सितंबर को छात्रों के खातों में पहुंचेगी फीस सहायता : सिंगल क्लिक से मुख्यमंत्री करेंगे ट्रांसफर

29 सितंबर को छात्रों के खातों में पहुंचेगी फीस सहायता : सिंगल क्लिक से मुख्यमंत्री करेंगे ट्रांसफर फीस प्रतिपूर्ति में नई तकनीक की पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डिजिटल ट्रांसफर 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को अंतरित की जायेगी 489 करोड़ रुपये की राशि 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की होगी प्रतिपूर्ति भोपाल  मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययनरत बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में अंतरित करेंगे। फीस अंतरण का कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक मती हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्रदेश में लगभग 8.50 लाख बच्चे अशासकीय स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। इन बच्चों की निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क शिक्षण व्‍यवस्‍था के तहत राज्‍य सरकार द्वारा अब तक लगभग 3 हजार करोड़ रूपये की फीस प्रतिपूर्ति की गयी है।  

उद्योगपतियों को मिलेगा हरसंभव सहयोग : म.प्र. सरकार प्रतिबद्ध

उद्योगपतियों को राज्य सरकार का पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री से अनेक उद्योगपतियों ने की भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो रहे हैं। निवेश के इस यज्ञ में उद्योगपतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से शुक्रवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के पदाधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापना के लिए नीतियां निर्धारित की गई हैं, जिसके फलस्वरूप राज्य में अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है। उद्योगपतियों को नीतियों की परिधि में और आवश्यकता होने पर नीतियों से बाहर जाकर भी उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट करने वालों में लोहिया ग्रीन एनर्जी ग्रुप के  प्रदीप मित्तल एवं  सुरेन्द्र सुमन, ट्रायडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिन्दर गुप्ता, जैक्सन ग्रुप के प्रोप्राइटर,  संदीप गुप्ता और  गगनदीप चानना, पैसिफिक आयरन मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड के चेयरमैन  जे. पी. अग्रवाल एवं  सुमीत अग्रवाल, आर. एस. डब्ल्यू. एम. लिमिटेड (एल. एन. जे. भीलवाड़ा समूह) के  राजीव गुप्ता और  अंकुर खेतान, एल्टिस इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड के  विशाल खासगीवाला, एन-विज़न एनवायरनमेंटल सर्विसेज एवं शेष एनवायरो इन्फ्रा प्रा. लिमिटेड के  कुनाल शाह और डॉ. उमंग शाह तथा पार्थ कंस्ट्रक्शन के  नितिन अग्रवाल शामिल थे।  

टीम इंडिया ने सुपर ओवर में रचा इतिहास, श्रीलंका पर बड़ी जीत, जयसूर्या ने ICC से की कड़ी शिकायत

दुबई  एशिया कप 2025 में भारत और श्रीलंका के बीच 26 सितंबर (शुक्रवार) को  खेला गया सुपर-चार मुकाबला टाई पर छूटा. इसके बाद सुपर ओवर में दोनों टीम्स की टक्कर हुई, जिसमें सूर्या ब्रिगेड ने जीत हासिल की. सुपर ओवर श्रीलंकाई टीम ने महज दो रन बनाए, जिसके चलते भारतीय टीम का काम आसान हो गया. भारत अब 28 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान का सामना करेगा. भारत-श्रीलंका मैच में सुपर ओवर के दौरान विवादित पल भी देखने को मिला, जिसके इसके केंद्र में दासुन शनाका रहे. शनाका श्रीलंका की ओर से सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने आए थे. अर्शदीप सिंह ने ओवर की चौथी लीगल गेंद यॉर्कर फेंकी, जिस पर शनाका मात खा गए. भारतीय खिलाड़ियों ने कॉट बिहाइंड की अपील की, जिसके बाद अंपायर ने उंगली उठा दी. आउट दिए जाने के बावजूद शनाका रन लेने दौड़ पड़े, लेकिन गेंद पहले से ही संजू सैमसन के दस्तानों में थी. सैमसन ने स्टम्प पर थ्रो करके शनाका को रन आउट किया. ऐसा लगा कि श्रीलंका की सुपर ओवर में इनिंग्स यहीं खत्म हो गई, लेकिन ऐसा नहीं था. जब दासुन शनाका को पता चला कि अंपायर ने उन्होंने कैच आउट दिया है तो उन्होंने रिव्यू लेने का फैसला किया. अल्ट्राएज ने दिखाया कि बल्ले से गेंद का कोई संपर्क नहीं हुआ था. फैसला पलट गया और शनाका क्रीज पर लौट आए. मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के लॉ 20.1.1.3 के अनुसार जैसे ही बल्लेबाज को आउट दिया जाता है, गेंद डेड हो जाती है. इस कारण संजू सैमसन ने जो रन आउट किया, वो मान्य नहीं हुआ क्योंकि अंपायर उससे पहले ही उंगली खड़ी कर चुके थे. सनथ जयसूर्या ने नियमों पर उठाए सवाल अब श्रीलंकाई टीम के हेड कोच सनथ जयसूर्या ने सुपर ओवर विवाद के बाद नियमों को लेकर सवाल उठाए हैं. जयसूर्या ने कहा कि विवाद की वजह ये नियम ही हैं. जयसूर्या ने का मानना है कि नियमों में और सुधार होना चाहिए. सनथ जयसूर्या ने मैच के बाद कहा, 'नियमों के मुताबिक पहला फैसला ही मान्य होता है. शनाका को आउट दिया गया तो गेंद डेड बॉल हो गई. बाद में जब रिव्यू में फैसला पलटा तो वही गिना गया. लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह की स्थितियों से बचने के लिए नियमों में सुधार करने की जरूरत है.' श्रीलंका की ओर से शतकवीर पथुम निसंका सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने नहीं आए, जिसे लेकर खूब चर्चा हुई. सनथ जयसूर्या ने बताया कि निसंका को पिछले दो मैचों में हैमस्ट्रिंग और ग्रोइन में चोट लगी थी, जिसके चलते वो परेशानी में थे. जयसूर्या के मुताबिक इसलिए टीम ने जोखिम नहीं लिया और उनकी जगह लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन आजमाया गया. सूर्या ब्रिगेड ने श्रीलंका को रौंद बनाया खास रिकॉर्ड, पथुम निसंका भी छाए एशिया कप 2025 में भारतीय क्रिकेट टीम का विजयी अभियान जारी है. 26 सितंबर (शुक्रवार) को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए सुपर-चार के आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को सुपर ओवर में पराजित किया. भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते  हुए पांच विकेट पर 202 रन बनाए. जवाब में श्रीलंका की टीम ने भी 5 विकेट खोकर 202 रन ही बनाया, जिसके चलते मुकाबला सुपर ओवर में गया.  सुपर ओवर में श्रीलंकाई टीम ने दोनों विकेट खो दिए और सिर्फ 2 रन बनाए. 3 रनों के टारगेट को भारत ने पहली ही बॉल पर हासिल कर लिया. टी20 इंटरनेशनल में भारत की श्रीलंका के खिलाफ ये 23वीं जीत रही है. किसी एक टीम के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा जीत हासिल करने के मामले में भारतीय टीम संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर आ चुकी है. टी20 इंटरनेशनल में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्याद जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम पर है. पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड के 49 में से 24 मुकाबले जीते हैं. टी20 इंटरनेशनल में भारत ने अब तक जितने भी टाई मैच खेले हैं, उन सभी में जीत हासिल की है. इनमें से 5 मैच भारत ने सुपर ओवर के जरिए जीते हैं. जबकि 1 मैच का फैसला बॉल आउट के जरिए हुआ. इसके अलावा साल 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में खेला गया मुकाबला बारिश से प्रभावित हुआ था. उस मैच में जब बारिश के कारण खेल आगे नहीं हो पाया था, तब डीएलएस नियम के तहत स्कोर बराबर था, ऐसे में वो मुकाबला टाई घोषित कर दिया गया. दूसरी ओर श्रीलंका ने अब तक कुल 6 सुपर ओवर मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 4 में उसे हार का सामना करना पड़ा है. एक टीम के खिलाफ सर्वाधिक जीत (टी20 इंटरनेशनल) 24 – पाकिस्तान vs न्यूजीलैंड (49 मैच) 23- भारत vs श्रीलंका (33 मैच)* 23- न्यूजीलैंड vs पाकिस्तान (49 मैच) 21- इंग्लैंड vs पाकिस्तान (31 मैच) (नोट: इसमें सुपर ओवर की जीत भी शामिल है) टाई मैच में 200 प्लस टोटल (फुल मेम्बर टीम्स) 214- न्यूजीलैंड vs ऑस्ट्रेलिया, क्राइस्टचर्च, 2010 (न्यूजीलैंड जीता) 212- भारत vs अफगानिस्तान, बेंगलुरु, 2024 (भारत जीता) 202- भारत vs श्रीलंका, दुबई, 2025 (भारत जीता)* पथुम निसंका ऐसे तीसरे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी20 फॉर्मेट के एशिया कप में शतकीय पारी खेली है. इससे पहले हॉन्ग कॉन्ग के बाबर हयात और पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ही ऐसा कर पाए थे. निसंका टी20 इंटरनेशनल में शतकीय पारी खेलने वाले चौथे श्रीलंकाई बैटर बन चुके हैं. टी20 एशिया कप में शतक 122- बाबर हयात (हॉन्ग कॉन्ग) vs ओमान, फतुल्लाह, 2016 122*- विराट कोहली (भारत) vs अफगानिस्तान, दुबई, 2022 101*- पथुम निसंका (श्रीलंका) vs भारत, दुबई, 2025 श्रीलंका के लिए शतक (टी20I) 100- महेला जयवर्धने vs जिम्बाब्वे, 2010 104*- तिलकरत्ने दिलशान vs ऑस्ट्रेलिया, 2011 101- कुसल परेरा vs न्यूजीलैंड, 2025 101*- पथुम निसंका vs भारत, 2025

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया भावांतर योजना का किसानों पर सकारात्मक असर

किसानों को लाभान्वित करेगी भावांतर योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन विक्रय का पूरा लाभ लेंगे अन्नदाता 10 अक्टूबर से ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रारंभ होंगे पंजीयन एमएसपी से अंतर की राशि का भुगतान करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को दिए गए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में प्रारंभ की जा रही भावांतर योजना को लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को दायित्व दिए जाएं। इस योजना की विशेषताओं को प्रत्येक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले। सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अन्नदाताओं की चिंता कर सोयाबीन को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूलय 5328 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित की है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह धान और गेहूं पर किसानों को उनके परिश्रम की कीमत दिलवाने का कार्य किया गया है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी लाभ दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की जा रही भावांतर योजना के संबंध में शुक्रवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को निर्देशित कर रहे थे। वीडियो कांफ्रेंस में वरिष्ठ विधायक और प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में विभिन्न मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, संबंधित वरिष्ठ अधिकारी, समस्त कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। हितग्राही को सीधा लाभ मिलना चाहिए। सभी के प्रयासों से भावांतर योजना पूर्णता सफल होगी। 10 अक्टूबर से शुरू होंगे पंजीयन भावांतर योजना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 10 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। भावांतर की अवधि 01 नवम्बर से 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी। पंजीकृत कृषक और उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से होगी। किसानों के भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। भावांतर योजना, एक नजर में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जायेगा। किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए किसान का उत्पादन मॉडल भाव 4600 रूपए पर हुआ है तो समर्थन मूल्य 5328 में से शेष अर्थात् भावांतर राशि 628 रूपए प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। किसान को समर्थन मूल्य बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य एमएसपी से कम है परंतु राज्य के औसत मॉडल प्राइज के समतुल्य है, ऐसी स्थिति में भी किसान को एमएसपी और बिक्री मूल्य के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। तीसरी स्थिति में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य के औसम मॉडल प्राइस से कम होने की दिशा में किसान को एमएसपी और घोषित औसत मॉडल प्राइस के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्थिति में किसान का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। ये जनप्रतिनिधि जुड़े वीसी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े अनेक जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को प्रारंभ करने की पहल के लिए बधाई दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री  गौतम टेटवाल, सांसद खण्डवा  ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक जावरा  राजेन्द्र पांडे, विधायक खातेगांव  आशीष शर्मा, विधायक बागली  मुरली भंवरा, विधायक करैरा  रमेश खटीक, विधायक सुवासरा  हरदीप सिंह डंग, विधायक शाजापुर  अरूण भीमावद, विधायक आगर  मधु गेहलोत, विधायक नागदा खाचरौद  तेज बहादुर सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसानों को सोयाबीन उत्पादन का पूरा लाभ मिलेगा। निश्चित ही यह सही समय पर उठाया गया सही कदम है। सेवा पखवाड़े और अंत्योदय उत्सव को सफल बनाएं जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं  हेमंत खण्डेलवाल ने प्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर गांधी/शास्त्री जयंती 02 अक्टूबर तक हो रहे सेवा पखवाड़े, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक स्वदेशी जागरण सप्ताह और 22 सितम्बर से आगामी दीपावली तक निरंतर चलने वाले जीएसटी उत्सव की गतिविधियों को सफल बनाने का आग्रह, जनप्रतिनिधियों से किया। मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश              सभी आवश्यक व्यवस्था की जाएं। कलेक्टर और संबंधित अधिकारी किसानों का हित निश्चित करें। अधिकारियों को क्षेत्रवार दायित्व दिए जाएं।              भावांतर योजना के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दें।              जिला स्तर पर नियमित समीक्षा भी हो। किसानों को सही दाम मिले, इसकी मॉनिटरिंग हो।              भावांतर योजना किसानों के हित में है, इसका प्रचार-प्रसार किया जाये।              सभी जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया से प्रचार में भी सहयोग करें।              पात्र किसान समय पर पंजीयन करवा लें जिससे पात्र किसान लाभ से वंचित न रहें।  

भारतीयों की बैंकिंग डिटेल्स पर संकट, इंटरनेट पर उजागर हुए संवेदनशील ट्रांसफर डेटा

नई दिल्ली डेटा लीक की एक बड़ी घटना सामने आई है। इस लीक को टेक क्रंच ने रिपोर्ट किया है। इसमें बताया गया है कि एक बड़े डेटा लीक की वजह से भारत के लाखों बैंक ट्रांसफर डॉक्‍युमेंट खतरे में आ गए हैं। ये डॉक्‍युमेंट इंटरनेट पर खुले छोड़ दिए गए थे। इस डेटा लीक को अगस्‍त महीने के आखिर में साइबर सिक्‍योरिटी फर्म ‘अपगार्ड’ ने खोजा था। रिपोर्ट के अनुसार, डेटा लीक के बारे में तमाम एजेंसियों को बताया गया, लेकिन सितंबर की शुरुआत तक उसे सेफ करने के उपाय नहीं किए गए। आखिर में कंप्‍यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम यानी CERT-In को जानकारी दी गई, जिसके बाद डेटा को सुरक्ष‍ित किया गया। कैसे लीक हुआ डेटा, कितने डॉक्‍युमेंट रिपोर्ट के अनुसार, यह लीक एमेजॉन के एक अनसेफ सर्वर से हुआ। उस सर्वर में 2 लाख 73 हजार पीडीएफ डॉक्‍युमेंट थे। उन डॉक्‍युमेंट्स में लोगों के अकाउंट नंबर, उनकी अन्‍य डिटेल और ट्रांजैक्‍शन की जानकारी थी। लीक हुए डॉक्‍युमेंट्स में नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) के उसके लेनदेन वाले फॉर्म थे। 38 बैंकों और वित्तीय संस्‍थाओं से जुड़ा लीक रिपोर्ट के अनुसार, यह डेटा लीक कम से कम 38 बैंकों और वित्तीय संस्‍थानों से जुड़ा है। हैरान करने वाली बात है कि लंबे वक्‍त तक बड़ी संख्‍या में पीडीएफ डॉक्‍युमेंट इंटरनेट पर खुले थे। एजेंसियों को बताने के बावजूद उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। अपगार्ड जिसने इस लीक का पता लगाया, उसने करीब 55 हजार डॉक्‍युमेंट्स की जांच की। आधे से ज्‍यादा दस्‍तावेजों में आई फाइनेंस का नाम मिला है। डॉक्‍युमेंट्स में दूसरा सबसे ज्‍यादा दिखने वाला संस्‍थान स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई है। NPCI को दी गई थी जानकारी रिपोर्ट के अनुसार, UpGuard के रिसर्चर्स ने डेटा लीक की जानकारी आई फाइनेंस और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को दी थी। हालांकि सितंंबर की शुरुआत तक भी डेटा इंटरनेट पर खुला पड़ा हुआ था यानी कोई भी उसे एक्‍सेस कर सकता था। उस सर्वर पर हजारों फाइलें रोज अपलोड की जा रही थीं। अपगार्ड ने इस बारे में कंप्‍यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम को बताया, जिसके बाद डेटा को सेफ किया गया। किसी ने नहीं ली जिम्‍मेदारी टेक क्रंच की रिपोर्ट में दावा है कि इस सुरक्षा चूक की जिम्‍मेदारी किसी ने नहीं ली है। NPCI के प्रवक्ता अंकुर दहिया के हवाले से रिपोर्ट कहती है कि विस्तृत जांच से पता चला है कि NPCI सिस्टम से NACH मैंडेट की कोई भी जानकारी या रिकॉर्ड लीक नहीं हुआ है। आई फाइनेंस और एसबीआई ने टेक क्रंच को कोई टिप्‍पणी नहीं दी है।

वास्तु मंत्र: दशहरा 2025 पर अपने घर में लाएँ समृद्धि और सफलता

सनातन धर्म में दशहरे के पर्व को बहुत शुभ और खास माना जाता है। दशहरा को विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है। पूरे देश में दशहरे के पर्व को बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। दशहरा या विजयदशमी का पर्व असत्य पर सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई के प्रतीक है। दशहरे का दिन धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि वास्तु और ज्योतिष की दृष्टि से भी बहुत शुभ माना जाता है। दशहरे के अवसर पर किए गए कुछ विशेष वास्तु उपाय न केवल धन की वृद्धि करते हैं, बल्कि घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि को भी स्थायी बनाते हैं। तो आइए जानते हैं  दशहरे के पावन अवसर पर कौन से वास्तु उपायों का पालन करना चाहिए। घर में झाड़ू और तिजोरी की पूजा दशहरे के दिन झाड़ू और तिजोरी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा स्थान पर झाड़ू की पूजा करने से घर से दरिद्रता दूर होती है और वहीं तिजो पर हल्दी, कुमकुम और चावल से स्वस्तिक बनाकर दीपक जलाने पैसों से जुड़ी समस्या दूर होती है और कारोबार में मनचाही सफलता मिलती है। शमी के पेड़ की पूजा दशहरे के दिन शमी के पेड़ की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन शमी के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाने और जल चढ़ाने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन में वृद्धि होती है। घर के मुख्य द्वार पर विशेष सजावट वास्तु शास्त्र में घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। दशहरे के दिन दरवाजे पर आम्रपल्लव, गेंदे के फूल और स्वास्तिक का चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लक्ष्मी माता का वास बना रहता है।

नारियल तेल से बनाएं 7 जादुई DIY हेयर मास्क और पाएं झाड़ू जैसे रेशमी बाल

मजबूत, घने और शाइनी बाल सेल्फ कॉन्फिडेंस को बढ़ाते हैं। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पॉल्यूशन, स्ट्रेस, गलत खानपान और केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट्स के कारण बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। ऐसे में जरूरत होती है नेचुरल देखभाल की, जो बालों को जड़ों से पोषण दे। ऐसे में नारियल तेल एक ऐसा नेचुरल तरीका है, जो बालों को डीप नरिशमेंट देकर गहराई से मॉइश्चराइज करता है, स्कैल्प को हेल्दी रखता है और हेयर फॉल को रोकने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले लॉरिक एसिड, विटामिन ई और एंटीफंगल गुण बालों की मजबूती के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। यहां बताए गए कुछ DIY हेयर मास्क नारियल तेल के साथ तैयार किए जा सकते हैं और बालों की जड़ों को मजबूती देकर उन्हें हेल्दी और सुंदर बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- नारियल तेल और शहद मास्क 1 टेबलस्पून नारियल तेल और 1 टेबलस्पून शहद मिलाकर हल्का गर्म करें। स्कैल्प से लेकर बालों की लंबाई तक लगाएं। 30 मिनट बाद माइल्ड शैंपू से धो लें। यह मास्क बालों में नमी को बनाए रखता है और दोमुंहे बालों को रोकता है। नारियल तेल और अंडा मास्क 1 अंडा और 2 टेबलस्पून नारियल तेल मिलाएं। यह प्रोटीन मास्क कमजोर बालों को मजबूती देता है और नई ग्रोथ को बढ़ाता है। नारियल तेल और आंवला पाउडर मास्क 1 टेबलस्पून आंवला पाउडर को 2 टेबलस्पून नारियल तेल में मिलाकर पेस्ट बनाएं। यह हेयर फॉल रोकने और समय से पहले सफेद हो रहे बालों के लिए उपयोगी है। नारियल तेल और एलोवेरा जेल मास्क 2 टेबलस्पून एलोवेरा जेल में 1 टेबलस्पून नारियल तेल मिलाकर स्कैल्प पर मसाज करें। यह डैंड्रफ हटाता है और स्कैल्प को ठंडक देता है। नारियल तेल और दही मास्क 1 टेबलस्पून नारियल तेल और 2 टेबलस्पून दही मिलाकर लगाएं। यह बालों की कंडीशनिंग करता है, फ्रिज कम करता है और बालों में नेचुरल शाइन लाता है। नारियल तेल और मेथी पेस्ट मास्क भीगी हुई मेथी को पीसकर नारियल तेल में मिलाएं। यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है और हेयर ग्रोथ बढ़ाता है। नारियल तेल और केला मास्क 1 पका केला मैश करें और उसमें 1 टेबलस्पून नारियल तेल मिलाएं। यह ड्राय और फ्रिजी बालों को स्मूद बनाता है। इन हेयर मास्क को हफ्ते में 1-2 बार इस्तेमाल करना चाहिए। रेगुलर इस्तेमाल से बालों की मजबूती और शाइन में फर्क नजर आएगा।