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डोमिसाइल प्रक्रिया तेज करने हरियाणा के दो विभाग अलर्ट, छुट्टियां कैंसिल, 25 को लाडो लक्ष्मी ऐप लॉन्च

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी चल रही है। सरकार ने योजना की शुरुआत सफल तरीके से हो, इसे लेकर दो विभागों की छुट्टियां तक कैंसिल कर दी गई हैं। आगामी 25 सितंबर को हरियाणा सरकार की ओर से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा राज्य में महिलाओं के लिए शुरू की जा रही है। इस दिन मुख्यमंत्री योजना के पात्र महिलाओं से आवेदन करवाने के लिए एक एप लॉन्च करेंगे। उन्होंने एक लाख से कम आय वाले परिवार की महिलाओं को योजना के लिए जरूरी कागजात को पूरे करने की अपील की। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करके और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है जिससे उनकी समग्र भलाई और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिले और महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को 2100 प्रति माह लाभ दिया जाएगा। यह लाभ बैंकों के माध्यम से डीबीटी के तहत वितरित किया जाएगा। सरकार की ओर से ऑर्डर से दिया गया है कि 25 सितंबर को 'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के शुभारंभ की तैयारियों के तहत नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID), समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी 22 और 23 सितंबर को पब्लिक हॉलिडे पर भी काम करेंगे। इसके अलावा रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों को भी अलग से निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही हिदायत दी गई है कि योजना को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई अधिकारी न बरतें। बता दें कि लाडो लक्ष्मी योजना का ट्रायल पूरा हो गया है। यह ट्रायल पूरे प्रदेश में सफल रहा और कहीं से कोई शिकायत नहीं आई। इसके बाद अब 25 सितंबर को पंचकूला में राज्यस्तरीय कार्यक्रम होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस योजना का ऐप लॉन्च करेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के परियोजन के लिए प्रत्येक पात्र लाभार्थी के नाम पर एक चालू बैंक खाता होना चाहिए। इस योजना के तहत पात्र व्यक्ति महिला होगी और जिसकी आयु 23 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए व ऐसे परिवार से संबंधित हो जिसकी सत्यापित वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक न हो, जो महिला किसी अन्य राज्य से हरियाणा में विवाहित है जिसका पति हरियाणा का निवासी है और आवेदन के समय पिछले 15 वर्षों या उससे अधिक समय से हरियाणा राज्य में रह रहा है यह महिला इस योजना की पात्र है। उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं अनुसूचित जातियां, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय सेवा विभाग से किसी अन्य प्रकार की सहायता प्राप्त कर रही है जैसा कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता दिव्यांग वित्तीय सहायता, लाडली सामाजिक सुरक्षा, कश्मीरी प्रवासी परिवारों को वित्तीय सहायता, हरियाणा बौना भत्ता, एसिड अटैक वित्तीय सहायता, अविवाहित वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त करने के बाद दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकती।  यहां जानिए सरकार क्या-क्या कदम उठा रही…. जिस दिन अप्लाई हो उसी दिन बने निवास प्रमाण पत्र हरियाणा सरकार की ओर से दो विभागों की छुट्टियां कैंसिल करने के साथ ही रेवेन्यू विभाग की ओर से अलग से निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को कहा गया है कि सभी ऑनलाइन निवास प्रमाण पत्र आवेदनों का उसी दिन निपटारा किया जाए, जिस दिन वे प्राप्त हों। यह कार्य 24 सितंबर तक, छुट्टियों के दिनों सहित, निर्बाध रूप से जारी रहेगा। सरकार 25 सितंबर को एक राज्यव्यापी कार्यक्रम के माध्यम से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का शुभारंभ करने जा रही है। इन अधिकारियों की लगी ड्यूटी सरकार की ओर से योजना की सफल तरीके से लॉन्चिंग के लिए सीनियर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी लगातार जिला स्तर पर अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे हैं। तैयारियों के संबंध में, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) जी अनुपमा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुधीर राजपाल जिला अधिकारियों (DC) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना की तैयारियों की समीक्षा की और कुछ आवश्यक निर्देश जारी कर रहे हैं। DBT के जरिए बैंक खातों में ट्रांसफर होंगे 2100 रुपए इस योजना के तहत पात्र महिला लाभार्थियों को 2,100 रुपए प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सिस्टम के जरिए से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। परीक्षण के तौर पर, समाज कल्याण विभाग के सभी कर्मचारी वर्तमान में इस योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण करने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। फ्री में होगा रजिस्ट्रेशन इस योजना की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। पात्र महिलाओं को इसके रजिस्ट्रेशन के लिए एक भी पैसा किसी को नहीं देना है। यदि कोई पैसा लेता है तो उसके खिलाफ संबंधित थाने में महिला शिकायत दर्ज करा सकती है। पात्र होने के लिए, महिला की आयु कम से कम 23 वर्ष होनी चाहिए और उसकी सत्यापित पारिवारिक आय एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। वह या उसका पति (यदि हरियाणा में विवाहित है) पिछले 15 वर्षों से राज्य का निवासी होना चाहिए।

राष्ट्रीय मंच पर मिला पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को सम्मान

प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन भोपाल  मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों के अनुक्रम में विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। विभाग के द्वारा वक़्फ़ संपत्तियों के सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण और अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वक्फ बोर्ड में सुशासन की पहल करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मध्यप्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, सत्यापन एवं निगरानी के लिए MP-WAMSI पोर्टल विकसित कर वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया है। इस पहल की सराहना भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ परामर्शदाता संस्था आईआईटी दिल्ली ने भी की है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा वक्फ (संशोधन अधिनियम) 2025 के क्रियान्वयन के लिये नियमों की रूपरेखा तैयार करने वाली समिति में आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन को सदस्य के रूप में नामित किया है। क्या है WAMSI पोर्टल, जिसके लिए मिला सम्मान WAMSI यानी वक़्फ़ एसेट मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ़ इंडिया। वक्फ संपत्तियों के वित्तीय एवं कानूनी डाटा के डिजिटलीकरण के लिये राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित और प्रबंधित एक ऑनलाइन प्रणाली है। इसके माध्यम से वक्फ संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय और कानूनी जानकारियों को डिजिटल प्रारूप में एकत्र और सुरक्षित रखा जाता है। यह वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के पंजीकरण, GIS मैपिंग तथा लीज़ ट्रैकिंग में सहायक है। इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।  

बगावत खत्म! गुरुग्राम के 7 पार्षद BJP में शामिल, जिलाध्यक्ष को किया दरकिनार

गुरुग्राम  गुरुग्राम में पूर्व डिप्टी मेयर परमिंद्र कटारिया समेत सात पार्षदों को BJP जॉइन करा राव इंद्रजीत ने विरोधियों को पटकनी दी है। गुरुग्राम में नगर निगम चुनाव में भाजपा से बागी होकर जीतने वाले 7 पार्षदों ने फिर से बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनमें से पांच पार्षद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कट्‌टर समर्थक माने जाते हैं। चंडीगढ़ में कबीर कुटीर में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई वापसी।  इस घटना ने गुरुग्राम नगर निगम की सियासत में नए समीकरण बनाए हैं और राव इंद्रजीत की स्थिति को और मजबूत किया है। वापसी करने वाले पार्षदों में वार्ड 35 से परमिंद्र कटारिया, प्रदीप परम, वार्ड 10 से महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव, पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत भारद्वाज और गगनदीप किरोड़ के नाम शामिल हैं। इनमें से भाजपा ने परमिंद्र कटारिया, महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव और गगनदीप किरोड़ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर रखा था। निष्कासन को दरकिनार कर अब इन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया है। जिलाध्यक्ष को खबर नहीं चौंकाने वाली बात ये है कि जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी को कानोंकान खबर नहीं चली और रविवार शाम को चंडीगढ़ में ज्वाइन करने के बाद सोमवार सुबह उन्हें इस बारे में पता चला। उन्होंने स्वीकार किया कि मुझे नहीं पता कि कब पार्टी ज्वाइन करने चंडीगढ़ पहुंचे। इस बारे में उनसे कोई चर्चा भी नहीं हुई। यह जिलाध्यक्ष के लिए भी एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित थे परमिंद्र कटारिया पहले डिप्टी मेयर रह चुके हैं, उनकी ज्वाइनिंग को लेकर चर्चा ज्यादा हैं। कटारिया को राव इंद्रजीत भाजपा से टिकट नहीं दिला पाए थे, जिसके चलते उन्होंने बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। निगम चुनाव के वक्त कटारिया को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित भी कर दिया था। अब राव इंद्रजीत की बढ़ती राजनीतिक ताकत को देखते हुए इन पार्षदों को गुपचुप तरीके से फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई गई है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर कब्जे की रणनीति भाजपा के राजनीतिक सूत्रों के अनुसार यह वापसी गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर कब्जा करने की रणनीति का हिस्सा है। इन पदों के लिए लॉबिंग जोरों पर है, और राव इंद्रजीत के खेमे की यह रणनीति उनके प्रभाव को और बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। अब राव नरबीर खेमा सक्रिय हुआ वहीं सात पार्षदों की भाजपा में ज्वाइनिंग के बाद कैबिनेट मंत्री राव नरबीर खेमा भी सक्रिय हो गया है। इस बीच राव इंद्रजीत की बढ़ती ताकत को देखकर राव नरबीर सिंह का खेमा भी सक्रिय हो गया है। आज एक गुप्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें नरबीर खेमा भी अपनी रणनीति तैयार करेगा। ताकि नगर निगम में अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके। यह राजनीतिक उलटफेर गुरुग्राम की सियासत में दोनों खेमों के बीच एक नया टकराव पैदा कर सकता है। कभी पार्टी से दूर नहीं गए: कटारिया इस बारे में जब पूर्व डिप्टी मेयर और निर्दलीय पार्षद परमिंदर कटारिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे 32 साल से भाजपा से जुड़े हैं और 80 फीसदी कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा एक्सपीरियंस हैं। मैंने कभी पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं किया। जब मैंने अपने वार्ड के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया तो उन्होंने मुझे पूरे हरियाणा में सबसे ज्यादा वोटों से जिताया। उन्होंने कहा कि वे पहले भी पार्टी के साथ थे और आज भी पूरे दिल से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे भाजपा से दूर नहीं गए। यहां से वे 4464 वोटों से जीते हैं, जो कि पूरे प्रदेश में पार्षदों में सबसे ज्यादा अंतर है। जिले में 58 कार्यकर्ता हुए थे निष्कासित नगर निगम गुरुग्राम-वार्ड एक से साहब राम (लीलू सरपंच), इंद्रजीत यादव, वार्ड-2 से रिम्पल यादव, पूर्व मेयर विमल यादव, वार्ड-3 से राकेश यादव, राहुल यादव, वार्ड-7 से संदीप मेहलावत, नवीन दहिया व दिनेश दहिया हैं। वार्ड-8 से दीपक कटारिया, पूर्व पार्षद लखपत कटारिया व पूर्व पार्षद संजय प्रधान, वार्ड-9 से अवनीश राघव खांडसा जिला सचिव, वार्ड-10 से महावीर यादव, वार्ड-11 से अजय नंबरदार, वार्ड-12 से गगनदीप किल्होड़ व रूचि किल्होड़ है। वार्ड-13 से श्रेयस जैन व अश्विनी शर्मा, वार्ड-14 से प्रमोद यादव व सचिन तंवर, वार्ड-15 राकेश यादव फाजिलपुर, प्रवीण लता व नीरज यादव (मंडल उपाध्यक्ष) शामिल हैं। जबकि, वार्ड-17 से प्रेम गैराठी, वार्ड-19 बीनू चाहर महिला मोर्चा, वार्ड-20 से मंगल सिंह ग्वाल पहाड़ी, वार्ड-21 से पूर्व मंडल महामंत्री अशोक डबास, अशोक पहलवान, मीनाक्षी व रिंकू हैं। वार्ड-23 से पूर्व पार्षद रमा रानी राठी, कुनाल यादव, दीपक यादव व पंकज यादव। वार्ड-24 से सज्जन यादव, बरखा शर्मा व दीपक शर्मा। वार्ड-28 से महेश कुमार, वार्ड-32 से पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र बजाज व ज्योत्स्ना बजाज, वार्ड-34 से पूर्व पार्षद योगेन्द्र सारवान, वार्ड-35 से पूर्व डिप्टी मेयर परमिन्द्र कटारिया और वार्ड-36 से भगत कटारिया का नाम शामिल है। मानेसर नगर निगम- वार्ड एक से राघव सैनी, वार्ड-दो से स्नेहलता व नरेन्द्र चौहान, वार्ड-6 से अजित यादव मंडल सचिव व जयपाल यादव जिला कार्यकारिणी, वार्ड-7 से अजित प्रजापति, विक्रम प्रजापति व जसबीर धनकड़, वार्ड-12 से प्रवीण यादव मानेसर आपदा प्रबंधक प्रदेश कार्यकारिणी, वार्ड-15 से हरी सिंह नखडोला एससी मोर्चा पूर्व अध्यक्ष व पिंकी नखडोला, वार्ड-16 प्रवीण नौरंगपुर उपाध्यक्ष मानेसर मंडल और वार्ड-17 दयाराम चेयरमैन एसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष है। पटौदी- जिला कार्यकारिणी सदस्य सुनील दोचानिया का नाम भी निष्कासित कार्यकर्ताओं की सूची में शामिल था।

शादी का वादा और सहमति से संबंध पर FIR नहीं टिकेगी, हाई कोर्ट ने युवक पर केस किया रद्द

 चडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि दो वयस्कों के बीच सहमति से बने शारीरिक संबंध को केवल इस कारण दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता कि अंततः विवाह नहीं हो पाया। अदालत ने हरियाणा के एक युवक के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में एफआईआर रद्द कर दी। जस्टिस कीर्ति सिंह की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी महिला की सहमति विवाह के झूठे वादे पर ली गई थी यह साबित करना है तो यह दिखाना आवश्यक है कि आरोपी की शुरू से ही शादी करने की कोई मंशा नहीं थी और उसने केवल शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए झूठा वादा किया। मामले में शिकायतकर्ता महिला और युवक की सगाई हो चुकी थी। दोनों लंबे समय तक रिश्ते में रहे और रोका समारोह भी संपन्न हुआ था। यहां तक कि नवंबर 2024 की शादी की तारीख भी तय कर दी गई थी। लेकिन बाद में दोनों परिवारों में मतभेद उभर आए और विवाह नहीं हो सका। इसके बाद युवती ने युवक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया।  हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि दोनों ही शिक्षित और परिपक्व वयस्क थे और शुरू से ही संबंध सहमति से बने थे। यह भी सामने आया कि विवाह न होने का कारण केवल दोनों परिवारों के बीच उत्पन्न मतभेद थे। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए दोहराया कि केवल विवाह का वादा पूरा न होने से दुष्कर्म का मामला नहीं बनता, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी की नीयत शुरू से ही धोखाधड़ी करने की थी।  कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह मामला इस बात का उदाहरण है जब एक सहमति आधारित संबंध, अपेक्षा अनुसार विवाह में परिणत न होने पर आपसी रंजिश का शिकार बन गया और उसे आपराधिक रंग दे दिया गया। ऐसा दुरुपयोग न्यायालयों द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। 

रंजीत की पार्थिव देह को देखने उमड़ा जनसैलाब, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई

जगदलपुर बस्तर जिले के बालेंगा के उपयगुड़ा में रहने वाले रंजीत कश्यप तीन दिन पहले मणिपुर में उग्रवादियों के साथ हुए हमले में बलिदान हो गए थे। सोमवार की सुबह जवान का पार्थिव देह जैसे ही गांव पहुंची, हर किसी के आखों से आंसू आ गए, बड़े, बच्चे से लेकर बुजुर्ग की आंखें नम हो गई। रंजीत के साथ गुजारे समय के साथ ही उसके साथ बैठकर की गई बातों को याद कर भावुक हो जा रहे थे। गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, इस दौरान बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ ही वन मंत्री केदार कश्यप भी जवान के घर पहुंचे, जहां रंजीत को नम आंखों से विदाई दी गई। बता दें कि जब से रंजीत के घर में इस बात का पता चला कि उग्रवादियों के साथ हुए हमले में रंजीत कश्यप शहीद हो गए। घर के साथ ही पूरे गांव में मातम छा गया। तीन दिन से परिवार से लेकर दोस्त आदि रंजीत के पार्थिव देह को देखने के लिए दिन-रात मौजूद रहे। सोमवार को जैसे ही जवान का पार्थिव देह जगदलपुर एयरपोर्ट से गृहग्राम बालेंगा पहुंचा। लोगों के द्वारा उसके अंतिम दर्शन करने के लिए जमा हो गए। परिवार के साथ ही पूरे गांव में सब की आंखे नम थी, वहीं जवान रंजीत की तीन बेटियां भी इस बात को समझ नहीं पा रही थी कि आखिर घर में क्या चल रहा है। रंजीत की पत्नी एक बार अपने पति के देह को देखती तो एक बार अपने बच्चो को निहारती, उसे समझ ही नहीं पा रहा है कि अब इन 3 मासूम बच्चियों को कैसे समझाएगी की उनके पिता अब इस दुनिया में दोबारा नहीं आ पाएंगे। वहीं पिता अपने बेटे के शव को देखने के बाद इस चिता में डूब गए कि आखिर उनका एकलौता बेटे के जाने के बाद इन बुजुर्ग का सहारा कौन बनेगा, वहीं मां को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि जिस रंजीत को पिछले रविवार को हंसी खुशी के साथ ड्यूटी जाने के लिए विदा किया था, वही रंजीत चार दिन के बाद तिरंगे में लिपट कर अपने घर आएगा। जहां रंजीत के आने से परिवार के साथ ही दोस्तों में हंसी ठिठोली देखा जाता था। वहीं रंजीत पूरे गांव को रुलाकर चला गया।

हरियाणा मंत्री अनिल विज का बयान – राहुल गांधी को मानसिक उपचार की जरूरत है

अंबाला हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अंबाला में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा राहुल गांधी नकारात्मकता से ग्रसित हैं उनको किसी मनोवैज्ञानिक से अपना इलाज करवाना चाहिए। आज पूरा विश्व भारत से मिलाना चाहता है हाथ: विज मंत्री अनिल विज ने कहा आज पूरा विश्व भारत से हाथ मिलाना चाहता है। साल 2011 में हमारी अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी लेकिन आज हमारी अर्थव्यवस्था तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मविश्वास दिया है। आज भारतीयों की सारे विश्व में कदर होती है।  राहुल गांधी ने मोदी को बताया था कमजोर प्रधानमंत्री  अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा भारत के पास कमजोर प्रधानमंत्री है। राहुल गांधी ने अपना 2017 का पोस्ट भी शेयर किया, उस वक्त भी उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया था कि पीएम ने एच-1बी वीजा पर अमेरिका से बात नहीं की थी। इसी को लेकर मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।  एच-1बी वीजा की अमेरिका ने बढ़ाई फीस  बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते शुक्रवार को एच-1बी वीजा को लेकर बड़ा आदेश जारी किया। ट्रंप ने  H1-B वीजा की सालाना फीस को लेकर एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस नए आदेश के मुताबिक, एच-1बी वीजा की फीस को एक लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया गया है। ट्रंप के इस फैसले को अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों पर बड़ा असर पड़ सकता है। बता दें कि एच-1बी वीजा पर बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिका में कार्यरत हैं। 

दो नए सुरक्षा कैंप की स्थापना, ग्रामीण विकास और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देंगे सुकमा के नए कैंप

सुकमा सरकार ने मार्च 2026 तक नक्लसवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है. नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी लाने और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने बस्तर में नए सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं. सुकमा जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम “पालागुड़ा एवं गुंडराजगुडेम’ ’में भी पुलिस प्रशासन ने दो नए सुरक्षा कैंप स्थापित किया है. छत्तीसगढ़़ शासन के ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से यह कैंप खोला गया है. बता दें कि 2024 से अब तक सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने कुल 18 नए कैंपों की स्थापना की है. भारी मानसून के दौरान एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने सभी चुनौतियों का डटकर सामना करते हुए माओवादियों के कोर जोन क्षेत्र में लगातार एक साथ दोनों ग्रामों में कैंप स्थापित किया है. इससे सिलेगर – एल्मागुंडा एक्सिस सीधा कनेक्ट होगा. सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण सुदृढ़ होगा. ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा. यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है. नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मूलन में तेजी आई है, जिसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. वहीं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 64 माओवादियों को मार गिराए हैं व 451 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. जिला सुकमा के सुदूर अंचल क्षेत्रों में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकासात्मक कार्यो में तेजी लाने सुन्दरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, कमलोचन कश्यप पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, आनंद सिंह राजपुरोहित उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन एवं किरण चव्हाण पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, राकेश चंद्र शुक्ला कमांडेंट 150 वाहिनी सीआरपीएफ, कमलेश कुमार कमांडेंट 02 वाहिनी सीआरपीएफ, अमित चौधरी कमांडेंट 201 कोबरा, पवन कुमार सिंह कमांडेंट 203 कोबरा, रोहित शाह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन से संचालित ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत दो सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया हैं. नए कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अंतरजिला गतिविधियों पर अंकुश लगेगा व नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आएगी. आपपास क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को विकासात्मक कार्य एवं मूलभूत सुविधायें जैसे सड़क, पुल/पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधाएं मिल पाएगी. नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है. बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना अंतर्गत कुल 18 नवीन सुरक्षा कैम्प टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुडे़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम , उसकावाया नुलकातोंग, तुमालभट्टी वीरागंगलेर, मैता ,पालागुड़ा, गुंडाराजगुंडेम में स्थापित की गई है.

ग्वालियर में DM का पार्षद पतियों पर सख्त रुख, नवरात्र के पहले दिन फूटा गुस्सा

ग्वालियर   नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरे देश में महिलाशक्ति की पूजा-अर्चना हो रही है, वहीं ग्वालियर में ऐसी घटना घटी जिसने प्रशासनिक हलके में हलचल मचा दी. कलेक्टर रूचिका सिंह चौहान ने शहर की समस्याओं पर चर्चा के लिए पार्षदों की बैठक बुलाई थी, लेकिन चार महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंच गए. इससे खफा कलेक्टर ने पार्षद पतियों को खरी-खोटी सुनाई और कुर्सी से उठाकर पीछे बिठा दिया. साफ शब्दों में कहा, “अब महिलाएं सबल हैं, पत्नियों को ही काम करने दीजिए.” बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई थी, जहां शहर की जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क मरम्मत और अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श होना था. कलेक्टर ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, नवरात्रि का समय महिलाओं की शक्ति का प्रतीक है. यदि चुनी हुई महिला प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय पतियों पर छोड़ देंगी, तो लोकतंत्र का मजाक बनेगा. एक पार्षद पति ने सफाई दी कि पत्नी व्यस्त थीं, लेकिन कलेक्टर चेतावनी दी भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कलेक्टर का प्रेरणादायक कदम यह घटना ग्वालियर में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर बहस छेड़ने वाली है. स्थानीय पार्षदों का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर भी सरपंच पतियों का दखल आम है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसे रोकना जरूरी है. कलेक्टर चौहान ने बैठक के अंत में सभी महिला पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया. इस कदम की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है, जहां यूजर्स इसे महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं.

नवरात्र के पहले दिन बिहार में बरसेंगे बादल, जानें कहाँ-कहाँ होगी बारिश

पटना आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है। मौसम विभाग ने पटना समेत बिहार के सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार जताए हैं। हालांकि, इस दौरान किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग सोमवार को पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा में बारिश की संभावना है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में 27 सितंबर तक दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की स्थिति बनने लगी है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, मानसून की ट्रफ रेखा वर्तमान में हिमालय की तराई की ओर खिसक रही है। उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में नमी युक्त पुरवा हवाएं चल रही हैं, जिससे वर्षा की स्थितियां बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी लगातार प्रदेश में प्रवेश कर रही है, जिससे बादल बन रहे हैं। जानिए, कहां कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने कहा 25 से 27 सितम्बर के बीच कई जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा, विशेषकर उत्तर-पूर्व और दक्षिणी बिहार में बारिश के असार हैं। वहीं 24, 25, 26, 27 सितम्बर को दक्षिण-मध्य, पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी बिहार के हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। 25, 26 और 27 सितम्बर को अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, जमुई और बांका में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। वहीं अधिकतम तापमान 30-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

मध्यप्रदेश में मुआवजे की प्रक्रिया होगी आसान, क्रेडस डैशबोर्ड से मिलेगी बेहतर सुविधा

भोपाल   सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों को मुआवजे में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मप्र का 'क्लेमेन्ट रीइम्बर्समेंट एंड डिपॉजिट सिस्टम (क्रेडस) डैशबोर्ड लॉन्च कर दिया गया। यह देश का पहला डैशबोर्ड है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश व कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इसे मप्र न्यायपालिका के लिए विकसित किया है। अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के लिए बना यह डैशबोर्ड अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, पोर्टल न्याय को तेज व नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में सार्थक कदम है। स्वत: संज्ञान याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश यह पहल सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका के आदेश 22 अप्रैल 25 के अनुपालन में एमपीहाईकोर्ट ने की। इसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988, कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजा राशि व विवरण अपलोड किए जाएंगे। पोर्टल पर मिलेगी ऐसी सुविधाएं -बीमा कंपनियों या जिम्मेदार पक्षों से ऑनलाइन मुआवजा जमा। – दावा करने वालों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण। – डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में राशि-प्रकरण की स्थिति की जानकारी।