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सीएम आवास पर मां दुर्गा की आराधना, मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर समृद्धि की कामना की

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को शारदीय नवरात्र स्थापना के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राज राजेश्वरी मंदिर में सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधा रोपित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ लगाने से प्रदूषण में कमी आती है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है। इसलिए हर व्यक्ति को पौधारोपण के लिए आगे आना चाहिए। शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़े के दौरान इस अभियान को विशेष रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर प्रदेश सरकार ने हरियालो राजस्थान मिशन शुरू किया है, जिसके अंतर्गत अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष इस अभियान में साढ़े सात करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं इस वर्ष अब तक लगभग साढ़े 11 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को हरा-भरा और खुशहाल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सेवा पखवाड़े के अंतर्गत प्रदेशभर में ग्रामीण सेवा शिविर और शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, नशामुक्ति और वृक्षारोपण जैसे सामाजिक अभियानों में जनसहभागिता की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यदि आमजन सक्रिय भागीदारी निभाएंगे तो राजस्थान को हरित, स्वच्छ और समृद्ध प्रदेश बनाने का लक्ष्य शीघ्र ही साकार होगा।

नौ सिरों वाली माता: आस्था का अनोखा स्वरूप

अजमेर देशभर में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। देशभर में स्थित माता के असंख्य धामों में हर जगह भक्त शक्ति की आराधना कर रहे हैं। इसी बीच अजमेर की नाग पहाड़ी के बीच स्थित नोसर माता मंदिर अपनी अनूठी विशेषता के कारण चर्चा में है। यहां मां दुर्गा एक शरीर में नौ मुखों के साथ विराजमान हैं। सदियों पुराने इस मंदिर को लोग नवदुर्गा धाम भी कहते हैं और मान्यता है कि यहां मां स्वयं ब्रह्मा के आह्वान पर प्रकट हुई थीं। पद्म पुराण में मिलता है उल्लेख पद्म पुराण में इस मंदिर का विस्तार से उल्लेख है। कहा जाता है कि सृष्टि यज्ञ की नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए जगतपिता ब्रह्मा ने नवदुर्गा का आह्वान किया। तब देवी अपने नौ स्वरूपों के साथ पुष्कर की नाग पहाड़ी पर विराजमान हुईं। आज भी इस मंदिर को ब्रह्मा की नगरी पुष्कर की रक्षा करने वाली देवी का धाम माना जाता है। नवदुर्गा का अनूठा स्वरूप मंदिर के गर्भगृह में देवी की प्रतिमा एक शरीर पर नौ सिरों के साथ विद्यमान है। यह दृश्य किसी और मंदिर में नहीं देखने को मिलता। वर्तमान पीठाधीश्वर रामाकृष्ण देव के अनुसार माता का यह स्वरूप विश्व में अद्वितीय है। खास बात यह है कि प्रतिमा पाषाण की नहीं बल्कि मिट्टी की बनी हुई है और सदियां गुजरने के बावजूद अक्षुण्ण है। वनवास काल में पांडवों की आराधना द्वापर युग से भी इस मंदिर का जुड़ाव है। मान्यता है कि वनवास काल में पांडवों ने कुछ समय तक यहीं नव शक्तियों की आराधना की थी। इसके बाद उन्होंने नाग पहाड़ी की तलहटी में पंचकुंड का निर्माण कराया, जो आज भी पांच पांडवों के कुंड के नाम से विख्यात है। चौहान राजाओं की आस्था इतिहास गवाह है कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी से युद्ध से पहले यहीं माता की आराधना की थी। राजकवि चंदबरदाई के साथ माता के दरबार में विजयश्री की प्रार्थना की गई थी। माना जाता है कि चौहान वंश के अन्य शासक भी यहां नियमित रूप से आराधना करने आते थे। औरंगजेब ने की थी मंदिर गिराने की कोशिश मुगल काल में औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त करने की कोशिश की थी। सेना ने मंदिर का कुछ हिस्सा तोड़ भी दिया, लेकिन देवी की नौ सिरों वाली प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका। यह चमत्कार आज भी लोगों की आस्था को और मजबूत करता है। बाद में मराठा शासनकाल में मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। 131 साल पहले हुआ जीर्णोद्धार करीब 131 वर्ष पूर्व संत बुधकरण महाराज ने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। कहते हैं कि उस समय पानी की कमी के कारण काम कठिन था। तब माता ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देकर बताया कि मंदिर के नीचे एक विशाल पत्थर है, जिसे हटाने पर जल का स्रोत मिलेगा। जब पत्थर हटाया गया तो वहां एक कुंड प्रकट हुआ, जिसका जल आज तक कभी सूखा नहीं। नोसर माता कई जातियों की कुलदेवी हैं। माहेश्वरी समाज के कई गोत्र, गुर्जर, कुम्हार, तेली, धोबी, ब्राह्मण और मीणा जातियों के अनगिनत परिवार इस धाम को अपनी कुलदेवी मानते हैं। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि में लगता है आस्था का मेला शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। खासकर अष्टमी और नवमी पर विशेष आयोजन, हवन, भंडारा और देवी जागरण का आयोजन होता है। मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना पूरी होती है। आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम नोसर माता मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और अद्भुत चमत्कार का जीवंत प्रमाण है। नौ सिरों वाली देवी की प्रतिमा विश्वभर में दुर्लभ है और अजमेर की यह धरोहर हिंदू धर्म की शक्ति उपासना का अनूठा प्रतीक मानी जाती है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु का विश्वास है कि माता उनके जीवन से संकट हर लेती हैं और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।  

आज से VIP रोड पर नया ट्रैफिक नियम, उल्लंघन पर कटेगा ₹5000 का चालान

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। नवरात्र के पहले दिन से वीआईपी चौक से एयरपोर्ट तक की सड़क को आज से वन वे कर दिया गया है। करीब 9 किलोमीटर लंबी सेंट्रल रोड के वन-वे होने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी इसके साथ ही हादसों पर भी रोक लगेगी। जानकारी के अनुसार, अब इस मार्ग से केवल एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने जा सकेंगे। वहीं, इस रोड से शहर की तरफ वापस लौटने की अनुमति नहीं होगी। जिन लोगों को एयरपोर्ट से वीआईपी चौक वापस आना है उन लोगों को सर्विस रोड का उपयोग करना होगा। यह नया ट्रैफिक नियम सोमवार से लागू हो गया है। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि लोगों को मुश्किल नहीं हो इसलिए नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए कुछ दिन तक समझाइश दी जाएगी उसके बाद कार्रवाई होगी। जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ निर्णय 10 सितंबर को जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में वीआईपी रोड को वनवे घोषित करने तथा अन्य वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद  नगर निगम, परिवहन व यातायात पुलिस की टीम ने वीआईपी रोड का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट तक जल्दी पहुंचने के लिए इसका उपयोग लोग करेंगे। शहर की ओर के लिए सर्विस रोड माना एयरपोर्ट, ग्राम फुंडहर, टेमरी व माना पीटीएस की ओर से शहर आने वाले लोग सर्विस रोड का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। श्रीराम मंदिर टर्निंग से विमानतल के अलावा अन्य गंतव्य को जाने वाले सर्विस रोड से चलेंगे। सीसीटीवी से निगरानी माना विमानतल प्रवेश मार्ग, माना पीटीएस चौक, ग्राम टेमरी ,ग्राम फुंडहर चौक, मौलश्री विहार से मध्य मार्ग में प्रवेश को रोकने के लिए इन स्थानों पर मध्य मार्ग में रांग वे डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। वीआईपी रोड के मध्य मार्ग को वन-वे दर्शाने और वापस आने वालों को मध्य मार्ग में प्रवेश न करने की जानकारी देते हुए आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। वन-वे का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। 2500 रु. जुर्माना लगेगा। तीन मार्ग हैं वीआईपी रोड में माना विमानतल जाने वाले वीआईपी मार्ग में श्रीराम मंदिर के सामने से नवा रायपुर और विमानतल प्रवेश मार्ग तक 3 मार्ग हैं। एक मध्य मार्ग और दोनों ओर एक-एक सर्विस रोड है। माना विमानतल जाने वालों के लिए मध्य मार्ग तथा रोड के दोनों ओर होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों में आवागमन करने वालों के लिए सर्विस रोड दिया गया है। माना विमानतल, होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों, गांवों से शहर की ओर आने-जाने वाले मध्य मार्ग का ही उपयोग करते हैं, जिससे मध्य मार्ग में ट्रैफिक दबाव बढ़ गया है। ओवरटेक और रफ्तार के चलते सडक़ दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। 7 साल पहले वन-वे के कॉन्सेप्ट पर बना था एयरपोर्ट रोड वीआईपी तिराहा से माना एयरपोर्ट तक सड़क पहले सिंगल लेन थी। एक ही सड़क पर वाहन दोनों ओर से आते-जाते थे। रमन सरकार ने इस सड़क को चौड़ा करने का फैसला किया, लेकिन शर्त थी कि सड़क किनारे लगे पेड़ों को नहीं काटा जाएगा। तब बिना पेड़ काटे चौड़ीकरण की योजना बनाई गई। इसमें तीन सड़कें बनीं। बीच में 10 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और दोनों ओर 7-7 मीटर की सर्विस रोड। प्लानिंग के समय ही तय किया गया था कि सेंट्रल रोड को वन-वे रखा जाएगा, ताकि लोग जल्दी एयरपोर्ट पहुंच सकें। सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया और कारोबारियों को ड्रेनेज पार अपनी पार्किंग बनाने की शर्त रखी गई। फुंडहर, टेकरी चौक, पीटीएस चौक पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। डिवाइडर को कहीं भी खुला नहीं रखने का भी निर्णय लिया गया था। 16 लोगों की हो चुकी है मौत, 59 घायल वर्तमान में वीआईपी रोड के बीच वाले हिस्से में ही दोनों ओर से वाहनों का आना-जाना होता था। वाहनों की रफ्तार अधिक होती थी। इसके चलते सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 20 माह में इस मार्ग पर 55 सडक़ हादसे हो चुके हैं। माना और तेलीबांधा थाने में दर्ज मामलों के अनुसार इन सडक़ हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 59 लोग घायल भी हो चुके हैं। पुलिस की अपील एसएसपी डॉक्टर लाल ने वीआईपी मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे माना एयरपोर्ट जाने के लिए ही बीच सडक़ का उपयोग करें। शहर की ओर वापसी के लिए सर्विस रोड का इस्तेमाल करें। बीच वाले सडक़ से शहर की ओर आने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कृपया सर्विस रोड से ही वापसी करें। जुर्माने का भी प्रावधान ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, समझाश देने के बाद भी अगर कोई गाड़ी चालक नियमों को अनदेखा करता है तो उसके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई वाहन चालक मुख्य सड़क से शहर की तरफ आता है तो उसे 2,000 से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। लगाए गए हैं साइन बोर्ड नए नियम के बारे में जानकारी देते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि वीआईपी रोड पर एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने के लिए साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। लोगों से अपील की गई है कि शहर की तरफ लौटते समय मेन रोड की जगह सर्विस रोड का उपयोग करें। लोगों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए निर्धारित स्थानों पर अतिरिक्त ट्रैफिक स्टाफ तैनात करने की योजना भी बनाई गई है। पार्किंग को किया गया बैन सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया है। बता दें कि हाल ही में इस सड़क पर कई हादसे हुए थे। भारी ट्रैफिक के कारण लोग रॉग साइड में भी गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए थे। जिस कारण से लंबा जाम लगता था। अब लोगों की सुरक्षा और जाम से निजात दिलाने के लिए यह फैसला किया गया है।

जैकलीन को SC से बड़ा झटका, याचिका नहीं हुई मंज़ूर

  नई दिल्ली बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानी ईसीआईआर को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला कथित ठग सुकैश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जो पहले ही कई धोखाधड़ी के मामलों में जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने जैकलीन फर्नांडिस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलीलें सुनने के बाद कहा कि 'हम इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेंगे।' इसके साथ ही अदालत ने साफ कर दिया कि 3 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को ही बरकरार रखा जाएगा। इसमें जैकलीन की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया गया था। मामला क्या है? यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस ने सुकैश चंद्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर्स शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की ठगी की। इसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और एक ईसीआईआर दर्ज किया। जांच में जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया। ईडी का आरोप है कि सुकैश ने जैकलीन फर्नांडिस को महंगे तोहफे दिए और उनके संपर्क में रहे। इसी कारण एक्ट्रेस को इस केस में आरोपी बनाया गया। जैकलीन कई बार ईडी के दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश भी हो चुकी हैं। याचिका क्यों दाखिल की गई थी? जैकलीन की ओर से दाखिल याचिका में यह दलील दी गई थी कि ईडी द्वारा दर्ज किया गया ईसीआईआर कानूनन टिकाऊ नहीं है और इसमें उन्हें बेवजह फंसाया गया है। उनका कहना था कि उनके खिलाफ दर्ज मामला कमजोर है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में उनकी याचिका को ठुकरा दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब आगे का रास्ता क्या? सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा और ईडी द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ेगी। हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि अभी भी जैकलीन फर्नांडिस के पास आगे अपील और जमानत जैसे विकल्प खुले हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस में बदलाव, यात्रियों की मांग पर रेलवे ने फिर लिया बड़ा फैसला

बिलासपुर बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (Bilaspur-Nagpur Vande Bharata Express) समेत सभी वंदे भारत ट्रेन में अब यात्रियों को फिर से रेलनीर का एक लीटर बाटल पानी मिलेगा। अभी आधा लीटर रेलनीर देने का प्राविधान था। इसमें संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। हालांकि शुरुआत में एक लीटर ही रेलनीर दिया जा रहा था। जिसे बाद में कम कर आधा लीटर किया गया। पानी की बर्बादी रोकने के लिए ऐसा किया गया था। वंदे भारत ट्रेन में सुविधाएं वंदे भारत ट्रेन कितनी खास है, यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है। यात्रियों के सफर से लेकर उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। ट्रेन में नाश्ता व भोजन दोनों का प्राविधान है। इसके लिए टिकट बनाते समय जानकारी भरनी होती है। यदि कोई नाश्ता या भोजन नहीं चाहता तो उन्हें नहीं दिया जाता। लेकिन, दो ऐसी सुविधाएं हैं, जो अनिवार्य है। इनमें अखबार और दूसरा पानी बाटल है। यह सुविधा टिकट में ही जुड़ी रहती है। पानी की हो रही थी बर्बादी हालांकि कुछ महीने पहले यह देखा गया कि यात्री इस बाटल के पानी को खाली नहीं कर पाते थे और पानी की बर्बादी हो रही थी। लेकिन अब यात्रियों के बीच से दोबारा पानी की डिमांड बढ़ी है। जिसे देखते हुए एक लीटर पानी देने का निर्देश रेलवे बोर्ड ने दिया है। इसके साथ ही खाली बाटल को नियमानुसार नष्ट करने के लिए भी कहा है, ताकि प्लाष्टिक की वजह से पर्यावरण को किसी तरह नुकसान न हो।

रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अवसर, 23-24 सितंबर को करें पंजीयन

जगदलपुर राज्य शासन ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद खास पहल की है। इसके तहत बेरोजगारों के लिए 9 और 10 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में राज्य में काम कर रहीं 114 कंपनियां युवाओं को 8 से 10 हजार जॉब देगीं। इस रोजगार मेले के लिए रोजगार विभाग की वेबसाइट पर पंजीयन जारी हैं। इस बीच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर में रोजगार पंजीयन शिविर का आयोजन 23 एवं 24 सितंबर 2025 को प्रातः 10 बजे सायं 05 बजे तक किया जाएगा, जो भी आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी पंजीयन नहीं करवाएं हैं। इस संस्था के प्राचार्य श्री एके मंडले द्वारा उक्त रोजगार मेला में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपना शैक्षणिक दस्तावेज, आधार कार्ड के साथ उक्त नियत तिथि पर उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवाने का आग्रह किया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी पहल, रायपुर की दो सिंचाई योजनाओं के लिए 8.48 करोड़ मंजूर

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बेमेतरा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों में 8 करोड 48 लाख 10 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। स्वीकृत कार्यो में विकासखण्ड-बेरला की बांरगांव नाला व्यपवर्तन शीर्ष एवं नहर के जीर्णोद्धार और लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख 84 हजार स्वीकृत किये गये है। योजना के कार्यों को पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 200 हेक्टेयर विरूद्ध 200 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। बेरला-विकासखण्ड में ही बेरला के हस्दा नाला में उफरा(उभरा) स्टाप डेम कम रपटा निर्माण कार्य हेतु 4 करोड़ 24 लाख 26 हजार रुपयें स्वीकृत किये गये है। योजना से निस्तारी भू-जल संवर्धन, पेयजल आवा-गमन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 46 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रस्तावित है।  जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

कवर्धा में दुर्गा पंडाल को लेकर विवाद, गृहमंत्री शर्मा बोले – परंपरा के अनुसार ही होगी स्थापना

कवर्धा छत्तीसगढ़ के कवर्धा में बीते दिन दुर्गा माता पंडाल को लेकर दो समुदाय के बीच जमकर विवाद हुआ. इस मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन ने दोनों पक्षों से बैठकर बातचीत की है. कुछ लोगों द्वारा व्यवस्था तोड़कर पंडाल को हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन शासन ने निर्णय लिया है कि माता वही विराजेंगी, जहां पहले विराजती थीं. यह स्थल पिछले कई वर्षों से माता के पूजन का केंद्र रहा है. जानिए क्या है पूरा विवाद दरअसल, कामठी गांव के जब शिव मंदिर परिसर में दुर्गा माता की मूर्ति स्थापना को लेकर हिंदू समाज और गोंडवाना समाज के बीच कई बार विवाद खड़ा हो चुका है. इस साल भी पंडाल लगाने को लेकर दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई. गोंडवाना पार्टी के समर्थकों ने पंडाल उखाड़कर फेंक दिया और मंदिर की बाउंड्रीवाल पर ताला जड़ दिया, जिसके बाद दुर्गा समिति के लोग विरोध में जुटे, और पुलिस के साथ झूमाझटकी हो गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए. विवाद की जड़ प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात किया. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आश्वासन दिया कि परंपरा के अनुसार दुर्गा स्थापना की जाएगी, जबकि एसपी धर्मेंद्र छवई ने हिंदू समाज को यह भरोसा दिलाया कि किसी को इस धार्मिक आयोजन को रोकने नहीं दिया जाएगा. यह विवाद पहले भी हुआ था, क्योंकि गोंडवाना पार्टी समर्थक इसे अपनी जमीन मानते हैं, जबकि हिंदू समाज का कहना है कि सालों से यहां धार्मिक आयोजन होते आ रहे हैं. नक्सलियों के पत्र पर गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों के द्वारा भेजे गए पत्र पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “मायावादियों द्वारा भेजे गए पत्र के बाद एक और पत्र आया. उनकी पुरानी परंपरा से हम वाकिफ हैं. नक्सलियों से अपील है कि सिविलियन किलिंग बंद करें.” विजय शर्मा ने यह भी कहा कि जहां-जहां आईडी बिछाए गए हैं, वहां से नक्सली उठाए जाएं या फिर किसी नजदीकी कैंप में सूचना भेजें. “जनता, जानवर और जवानों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आईडी खत्म होनी चाहिए,” उन्होंने कहा. डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि अगर नक्सली ऐसा कदम उठाते हैं, तो उनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी. नए GST रिफॉर्म पर गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जीएसटी के नए रिफॉर्म पर बात की. उन्होंने बताया कि अब 5 और 18 प्रतिशत के टैक्स स्लैब लागू हो गए हैं, जिससे देश में एक बड़ा परिवर्तन आया है. जीएसटी के जरिए टैक्स पेयर की संख्या में वृद्धि हुई है. पहले जहां 65 लाख टैक्स पेयर थे, अब उनकी संख्या 1 करोड़ 50 लाख हो गई है. उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अंचल में दुकानदारों से संवाद कर जीएसटी के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. प्रधानमंत्री के द्वारा स्वदेशी अपनाने की अपील की गई है और इसके तहत 22 से 27 सितंबर तक अभियान चलाया जाएगा. डायल 112 वाहन चालकों को 2 महीने से वेतन नहीं मिला डायल 112 के वाहन चालकों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है. इस मुद्दे पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्लेसमेंट एजेंसी ने चालकों को वेतन नहीं दिया है. उन्होंने संबंधित विभाग को आदेश दिया है कि वे कंपनी से बातचीत कर इस समस्या का समाधान करें.

2 अक्टूबर तक मांस, मछली और अंडे की दुकानों पर प्रतिबंध, उमरिया से मैहर तक लागू आदेश

उमरिया  नवरात्रि की आज से शुरुआत हो गई है। नवरात्रि के पहले दिन से दो अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के कई शहरों में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। उमरिया में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में 22 सितंबर से दो अक्टूबर तक मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं, इस पर अंडा कारोबारियों ने एतराज जताया है। इसके साथ ही मैहर में भी बिक्री पर प्रतिबंध है। शहरी विकास अभिकरण के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद उमरिया क्षेत्राअंतर्गत समस्त अंडा, मांस, मछली, मटन विक्रेता 22 सितंबर 2025 नवदुर्गा स्थापना से लेकर विसर्जन दिनांक 2 अक्टूबर 2025 तक अंडा, मांस, मछली, मटन का विक्रय नहीं होगा। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों को भी बंद रखा जाएगा। नवरात्रि की वजह से किया गया प्रतिबंधित विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व जिला मंत्री ने कहा कि मैं पूर्ण रूप से सनातनी हूं। यह प्रस्ताव बिल्कुल स्वागत योग्य है। नौ दिनों तक भक्तिमय वातावरण बना रहता है, इस बीच यत्र-तत्र मांस मछली की दुकान लगी रहती हैं जो की पीड़ादायक होती है। त्यौहार और उपवास के समय में जहां ऐसी स्थिति देखने को मिलती है, वहां मन व्यथित हो जाता है। एक घृणा का भाव मन में उभरता और मन दुखी होता है, जिस तरह शांति समिति की बैठक में जो यह प्रस्ताव दिया गया है, स्वागत योग्य है। शांति समिति की बैठक के बाद फैसला उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि आगामी दुर्गा पूजा और दशहरे को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनके द्वारा यह सुझाव दिया गया कि नवरात्रि के दौरान अंडे, मांस और मछली के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया जाए। उनके सुझाव को प्रस्ताव में लिया गया है और उस पर परीक्षण कार्यवाही की जाएगी। वहीं, खुले रहने पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर कहा कि निरीक्षण करवाएंगे। अंडा व्यापारियों ने जताया विरोध वहीं, इस मामले मे थोक अंडा व्यापारी अनिल कुमार ने विरोध जताते हुए कहा कि हमारे धंधे पर प्रभाव तो बहुत पड़ेगा। मुझे अंडे का काम करते हुए 38 वर्ष हो गए आज तक कभी प्रतिबंध नहीं लगा। मांस पर होता था, यह पहली बार हो रहा है। हमारे साथ कई लोगों का परिवार जुड़ा है। अब 9-10 दिन दुकान बंद रहेगी तो उनका परिवार कैसे चलेगा, वह लोग भी परेशान हैं। हम भी परेशान हैं कि हमारे पास जो माल पड़ा हुआ है, वह सब खराब होगा, जिला प्रशासन की तरफ से हम लोगों से किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई है। न ही अभी तक कोई यह कहने आया कि आप लोग अपनी दुकान बंद रखिएगा, इतना ही नहीं कोई भी यह पूछने वाला नहीं है कि आपके पास कितना माल रखा हुआ है कितना खराब होगा। गौरतलब है जिला प्रशासन और शांति समिति के इस निर्णय से अंडा, मांस, मछली कारोबारियों में काफी रोष देखने को मिल रहा है कि यह एकतरफा निर्णय ले लिया गया है, यदि ऐसा ही करना है तो शराब की दुकानों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

नगर निगम की कार्रवाई : अव्यवस्था फैलाने पर तीन प्रतिष्ठान बंद

रायपुर नगर निगम की टीम ने कचरा फैलाने पर शराब दुकान के अहाते और दो कबाड़ी दुकान को सील किया है. रायपुर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 1 के जोन कमिश्नर डा. दिव्या चंद्रवंशी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. कार्यपालन अभियंता डीके पैकरा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमलाल देवांगन की उपस्थिति में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यतियतनलाल वार्ड क्रमांक 4 के अंतर्गत भनपुरी मुख्य मार्ग में शराब दुकान के अहाते की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान प्राप्त जनशिकायत सही पाई गई. सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग और कचरा फैलाया जाना पाया गया. इस पर जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने भनपुरी मुख्य मार्ग पर शराब दुकान के अहाते को तत्काल सीलबंद करने की कार्रवाई की. इसी प्रकार नगर निगम जोन 1 अंतर्गत वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक 16 क्षेत्र अंतर्गत संतोषी नगर खमतराई में दो कबाड़ी दुकानों में कचरा फैलाया जाना पाया. इस संबंध में प्राप्त जनशिकायत निरीक्षण में सही पाए जाने पर जोन 1 जोन कमिश्नर के निर्देश पर संबंधित दो कबाड़ी दुकानों को भी तत्काल सीलबंद करने की कार्रवाई की गई और प्राप्त जनशिकायतों का त्वरित निदान किया गया.