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नारी सशक्तिकरण गोरक्षपीठ की परंपरा, बतौर सीएम, योगी ने मिशन शक्ति के जरिए इसे दिया विस्तार

शारदीय नवरात्र के पहले दिन शुरू होगा मिशन शक्ति का पांचवा चरण लखनऊ नारी सशक्तिकरण गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ की परंपरा रही है। पीठ के शैक्षिक प्रकल्प, "महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद" से जुड़े महिलाओं के स्कूल, कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और हॉस्टल इसके प्रमाण हैं। इन संस्थाओं में शिक्षा के साथ इनमें पढ़ने वाली लड़कियों को उनके हुनर निखारने की भी ट्रेनिंग दी जाती है। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद पीठ की परंपरा को अपने पद एवं जवाबदेही के अनुसार योगी ने नियोजित तरीके से मिशनरी भाव से नारी सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सुरक्षा पर फोकस किया। मिशन शक्ति शुरू करने का मकसद भी यही था।  पांच साल पूर्व शक्तिपीठ देवीपाटन से शारदीय नवरात्र में शुरुआत कर योगी ने दिया था बड़ा संदेश पांच साल पहले शारदीय नवरात्र में ही बलराम जिले में स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन से इसकी (मिशन शक्ति) शुरुआत कर योगी ने अपनी प्रतिबद्धता के बारे में बड़ा संदेश दिया था। तबसे नारी सशक्तिकरण, स्वावलंबन एवं सुरक्षा का ये संकल्प लगातार जारी है। इसी क्रम में नवरात्र के पहले दिन 22 सितंबर 2025 को इसके पांचवे चरण की शुरुआत होने जा रही है। पीठ की प्रतिबद्धता के मुताबिक योगी-1.0 के शुरुआत में ही महिलाओं में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन हुआ था। बाद में क्रमशः कई योजनाओं में इसे शामिल किया गया। और, अंततः सबका समन्वय कर मिशन शक्ति के जरिए इसे नियोजित एवं विस्तृत रूप दिया गया। नतीजतन शुरुआत में पिछली सरकारों की अराजकता के कारण सर्वाधिक फोकस महिलाओं की सुरक्षा पर था। पर बाद में इसमें सुरक्षा के साथ, सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन भी शामिल हो गया। इन सारी योजनाओं के नतीजे भी जमीन पर दिख रहे हैं। दरअसल मुख्यमंत्री का यह काम अपनी परंपरा, संस्कृति, संस्कार एवं इतिहास का सम्मान है। महिलाओं का सम्मान भारत की परंपरा उल्लेखनीय है कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति जितनी ही प्राचीन है अपने देश में नारियों को सम्मान देने की परंपरा। डबल इंजन (मोदी और योगी) की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। मिशन शक्ति के अलावा महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, निराश्रित महिला पेंशन की पात्रता के लिए उम्र की सीमा खत्म करने के साथ धनराशि में वृद्धि, कन्या सुमंगला योजना, किसान सखी, बैंक सखी जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं।  गोरक्षपीठ और नारी सशक्तिकरण  मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के साथ गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। उस पीठ के लिए नारी सदैव से शक्ति स्वरूपा और पूजनीय रही है। साल के दोनों नवरात्र के दौरान पीठ में इसका जीवंत स्वरूप भी दिखता है। रोज की खास पूजा के बाद नवरात्र के अंतिम दिन कन्या पूजन से इसका समापन होता है। खुद पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री कन्यायों का पांव पखारते हैं। उनको भोजन कराते हैं और दक्षिणा देकर विदा करते हैं। यह खुद में नारियों के प्रति सम्मान का एक बहुत बड़ा संदेश है। शिक्षा और स्वावलंबन पर जोर इसके अलावा महिलाओं की शिक्षा और स्वालंबन पर भी पीठ का खासा फोकस रहा है। पीठ  की ओर से संचालित शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद कई दशकों से आधी आबादी के शैक्षिक पुनर्जागरण और आर्थिक स्वावलंबन का अलग-अलग तरीकों से पूरे पूर्वांचल में अलख जगा रहा है। शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थाओं में से कई में बालिकाओं के लिए सह शिक्षा (को-एजुकेशन) की व्यवस्था है। आठ ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो विशेष तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए ही समर्पित हैं।  महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज, महाराणा प्रताप टेलरिंग कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महाराणा प्रताप मीराबाई महिला छात्रावास, दिग्विजयनाथ महिला छात्रावास, गुरु श्रीगोरक्षनाथ स्कूल ऑफ नर्सिंग, योगिराज बाबा गम्भीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं अपने जीवन पथ पर ससम्मान आगे बढ़ रही हैं।

मोहन सरकार ने श्रमिक सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता, विशेष ध्यान दिया गया

भोपाल  श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। श्रमिकों की सुरक्षा कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये कारखाना अधिनियम,1948 तथा भवन एवं अन्य संनिर्माण अधिनियम,1996 और इनके अंतर्गत बनाए गए नियमों का पालन करना प्रत्येक नियोजक, कारखाना अधिभोगी और प्रबंधक का कानूनी दायित्व है। सभी कारखानों के प्रबंधन व निर्माण कार्य नियोजकों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्वेच्छा से पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान करें। संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मती नमिता तिवारी ने बताया है कि श्रमिकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कारखानों या निर्माण स्थलों के निरीक्षणों में पाए गए गंभीर उल्लंघनों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। ज्ञात्व्य है कि सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन करने पर नियमों में जुर्माना या कारावास या दोनों तरह की कार्रवाई का प्रावधान है। औधोगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के सभी अधिकारियों को समस्त लम्बित वैधानिक प्रकरणों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है। इनके त्वरित निराकरण से उत्पन्न निरोधक प्रभाव निर्माण स्थल और कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। श्रम विभाग ने उद्योग जगत व नियोजकों से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि उत्पादन और प्रगति के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा एवं कल्याण भी सुनिश्चित हो सके।  

ढाई लाख से ज्यादा फीडबैक के साथ आगे बढ़ा ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ अभियान

आमजन के लिए शिक्षा सबसे बड़ा मुद्दा, आमजन ने दिया विकसित यूपी का विजन गांव से लेकर शहर तक जनता ने बढ़-चढ़कर दिए अपने सुझाव  एटा, मेरठ, मुजफ्फनगर, सहारनपुर, शाहजहांपुर, मैनपुरी, कानपुर देहात, हरदोई जनपदों से आया सर्वाधिक फीडबैक लखनऊ योगी सरकार द्वारा संचालित 'समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान निरंतर जनभागीदारी और सुझावों के साथ आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यावसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया और आम जनमानस से संवाद किया। इस संवाद में न केवल विगत आठ-साढ़े 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा की गई, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने के लिए रोडमैप पर चर्चा और फीडबैक भी प्राप्त किया गया। ढाई लाख से अधिक फीडबैक दर्ज सरकार द्वारा विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक ढाई लाख से ज्यादा फीडबैक दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1.85 लाख से ज्यादा और नगरीय क्षेत्रों में करीब 70 हजार फीडबैक प्राप्त हुए।  आयु वर्ग के अनुसार 90 हजार से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 1.36 लाख से अधिक सुझाव 31-60 वर्ग और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से करीब 30 हजार से अधिक सुझाव आए हैं। शिक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक फीडबैक जनता के बीच शिक्षा अब भी सबसे बड़ा मुद्दा है। शिक्षा से जुड़े 90 हजार से अधिक सुझाव मिले। इसके अलावा नगरीय एवं ग्रामीण विकास से जुड़े 50 हजार, स्वास्थ्य और समाज कल्याण पर 20-20 हजार तथा कृषि क्षेत्र से संबंधित 45 हजार से अधिक सुझाव दर्ज किए गए। टूरिज्म में 5 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं।  इन जिलों से मिल रही भागीदारी एटा, मेरठ, मुजफ्फनगर, सहारनपुर, शाहजहांपुर, मैनपुरी, कानपुर देहात, हरदोई आदि जनपदों से सबसे अधिक भागीदारी रही। इन जिलों से 90 हजार से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए। यह दर्शाता है कि जनता इस अभियान को गंभीरता से ले रही है। लड़कियों की शिक्षा से लेकर युवाओं के प्रशिक्षण तक मिल रहे सुझाव लखनऊ से पुष्पा शुक्ला ने सुझाव दिया है कि लड़कियों की शिक्षा से लेकर रोजगार तक एक सतत कार्यक्रम बनाया जाए, जिसमें स्कूल स्तर पर साप्ताहिक एसटीईएम एवं वित्तीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, मुफ्त सैनिटरी किट, आईटीआई/पॉलीटेक्निक आधारित लघु कौशल-पाठ्यक्रम (ईवी, उद्यमिता, प्रशिक्षण आदि) और बिज़नेस पास के जरिए उपस्थिति सुनिश्चित कर 2-3 वर्षों में ड्रॉप-आउट दर को 5% से कम करने जैसे कदम शामिल हों। बांदा के योगेश मिश्रा का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरती तकनीकों के रोजगार अवसरों को नोएडा की तरह लखनऊ, आगरा, मेरठ, कानपुर और वाराणसी जैसे टियर-2 शहरों में भी विस्तार दिया जाए, क्योंकि ये शहर हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क से जुड़े होने के कारण प्रतिभा और संसाधनों को आकर्षित कर सकते हैं। वहीं, जालौन के यश तिवारी ने मांग की है कि जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या एवं गुणवत्ता दोनों बढ़ाई जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र बाहर गए बिना अपने गृह जिले में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें और क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सके। विकसित उत्तर प्रदेश@2047 विजन के लिए नागरिकों से सुझाव आमंत्रित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प विकसित उत्तर प्रदेश@2047 को साकार करने के लिए प्रदेशभर में 5 सितम्बर से 5 अक्टूबर 2025 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने बताया कि नागरिक अपने सुझाव https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। 19 सितम्बर को अर्थ एवं संख्या प्रभाग के 300 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया। सचिव नियोजन/महानिदेशक अर्थ एवं संख्या सेल्वा कुमारी जे. ने सभी को स्वयं, परिवार व मित्रजनों से सुझाव दर्ज कराने का आह्वान किया। निदेशक अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्राप्त सुझावों में से उत्कृष्ट व सार्थक विचारों का चयन कर प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। नियोजन विभाग इस विजन डॉक्युमेंट का नोडल विभाग है।

सऊदी अरब का बयान: परमाणु हथियारों के लिए पाकिस्तान से सौदा कर सकते हैं

रियाद सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। खासतौर पर भारत के लिहाज से यह महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान उसका चिरप्रतिद्वंद्वी है, लेकिन सऊदी अरब से भी अच्छे रिश्ते रहे हैं। ऐसे में दोनों के बीच हुए करार का भारत पर क्या असर होगा, यह अहम है। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से यह बात कही भी गई है कि हम इस पर नजर रख रहे हैं। वहीं इजरायल का भी रिएक्शन आया है कि यह समझौता हमारे और भारत के चलते हुआ है। इजरायल की ओर से कहा गया है कि हम मिडल ईस्ट में एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और शायद इसीलिए सऊदी अरब ने पाकिस्तान से समझौता किया है। पाकिस्तान दुनिया का इकलौता परमाणु शक्ति से संपन्न मुस्लिम देश है। दरअसल सऊदी अरब की लंबे समय से यह इच्छा और मजबूरी रही है कि वह परमाणु हथियारों की सुरक्षा तलाशता रहा है। यही नहीं कुछ साल पहले ऐसी चर्चाएं थीं कि सऊदी अरब यूरेनियम का भंडार बढ़ा रहा है। इसका उद्देश्य परमाणु बम तैयार करना हो सकता है। लेकिन सऊदी अरब ने ऐसी चर्चाओं को खारिज कर दिया था। अमेरिकी पत्रकार बॉब वुडवार्ड ने अपनी पुस्तक 'War' में अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच एक बातचीत का जिक्र किया है। इस मजेदार बातचीत में अमेरिकी सांसद पूछते हैं कि क्या सऊदी अरब की ओर से यूरेनियम का भंडार जुटाना क्या परमाणु हथियारों की ओर कदम बढ़ाना है। इस पर मोहम्मद बिन सलमान ने मजेदार जवाब देते हुए कहा था, 'हमें बम बनाने के लिए यूरेनियम की जरूरत नहीं है। हमें जरूरत होगी तो एक बम पाकिस्तान से खरीद लेंगे।' वहीं सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल्ला अजीज बिन सलमान ने कहा था कि हम यूरेनियम का भंडार इसलिए बढ़ा रहे हैं ताकि उसका असैन्य इस्तेमाल हो सके। हमारा परमाणु हथियार जुटाने का कोई इरादा नहीं है। माना जा रहा है कि मोहम्मद बिन सलमान के उसी इरादे के तहत पाकिस्तान के साथ करार किया गया है कि परमाणु हथियारों से संपन्नता का नैरेटिव मिल सके। इजरायल के मुकाबले कतर, सऊदी अरब, मिस्र, यमन और ईरान समेत तमाम मुस्लिम देशों की यह कमजोरी रही है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं है। बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच पिछले दिनों छिड़ी कुछ दिनों की जंग के दौरान भी पाकिस्तान ने कहा था कि हम जंग में उतरने को तैयार हैं। पाकिस्तान के एक नेता ने यहां तक कहा था कि हम ईरान के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।  

महिला क्रिकेट: भारत के खिलाफ धीमी ओवरों पर ऑस्ट्रेलिया टीम पर लगा दंड

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम पर मुल्लांपुर (चंडीगढ़) में भारत के खिलाफ दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में धीमी ओवर गति के लिए शुक्रवार को मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। ऑस्ट्रेलिया को बुधवार को दूसरे एकदिवसीय मैच में 102 रन से हार का सामना करना पड़ा, जो रनों के लिहाज से उनकी सबसे बड़ी हार थी। ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित समय में दो ओवर कम किए थे जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की मैच रेफरी जीएस लक्ष्मी ने उस पर यह जुर्माना लगाया। आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के धीमी ओवर गति से संबंधित अनुच्छेद 2.22 के अनुसार खिलाड़ियों पर प्रत्येक ओवर कम करने के लिए मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने जुर्माना स्वीकार कर लिया है और इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।’’ यह आरोप मैदानी अंपायर वृंदा राठी और जननी नारायणन, तीसरे अंपायर लॉरेन एजेनबैग और चौथे अंपायर गायत्री वेणुगोपालन ने लगाया था। भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच 3 एकदिवसीय मैचों की सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला शनिवार को खेला जाएगा। बुधवार को हुए सीरीज के दूसरे मैच की बात करें तो उपकप्तान स्मृति मंधाना ने किसी भारतीय महिला बल्लेबाज का दूसरा सबसे तेज वनडे शतक जड़ा। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 102 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर दी। पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर भारत के लिये बायें हाथ की बल्लेबाज मंधाना ने 91 गेंद में 117 रन बनाये जिसमे 14 चौके और चार छक्के शामिल थे । उन्होंने अपना शतक सिर्फ 77 गेंद में पूरा किया। जिससे मेजबान टीम ने 292 रन से अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। इसके बाद कई कैच छूटने के बावजूद मेजबान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 40.5 ओवर में 190 रन पर आउट करके बड़ी जीत दर्ज की। इतिहास में यह पहली बार हुआ कि विश्व में दबदबा रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम कोई वनडे मैच 100 या उससे अधिक रनों से हारी। इससे पहले मंधाना ने 77 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। भारत की किसी महिला बल्लेबाज के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम है। उन्होंने राजकोट में इस साल जनवरी में आयरलैंड के खिलाफ 70 गेंद में शतक पूरा किया था।  

जगदलपुर : दशहरा पर्व में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सम्पर्क नंबर जारी

जगदलपुर कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा बस्तर दशहरा पर्व 2025 अन्तर्गत 02 से 07 अक्टूबर 2025 तक लालबाग मैदान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। उक्त कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार की सहभागिता भी रहेगी, स्थानीय कलाकार जो हिस्सा लेना चाहते हंै वे  जिला पंचायत कार्यालय के जिला समन्वयक पीएमएवाय श्री बी. मनिहार मोबाईल नम्बर +91-70001-30317, प्रोग्रामर श्री शशांक नाग मोबाईल नम्बर +91-94790-22370 एवं मोहम्मद अनीस खान मोबाईल नम्बर . +91-70006-13041 से सम्पर्क कर सकते हंै। स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु एपीसी शिक्षा विभाग श्री राकेश खापर्डे, मोबाईल नम्बर +91-94255-97331 से सम्पर्क कर सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी कार्यालयीन समय में 22 सितम्बर 2025 तक उपरोक्त दिये गए मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: भीमा कोरेगांव के आरोपी वरवर राव को झटका

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भीमा कोरेगांव मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपी कार्यकर्ता और कवि पी वरवर राव पर लगाई गई मेडिकल जमानत की शर्त में बदलाव करने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया. इस शर्त के तहत, अगर उन्हें ग्रेटर मुंबई क्षेत्र छोड़ना है, तो उन्हें ट्रायल कोर्ट से पूर्व अनुमति लेनी होगी. जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर की दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया गया. ग्रोवर ने दलील दी कि राव चार साल से जमानत पर हैं, लेकिन उनकी सेहत बिगड़ती जा रही है. पहले उनकी पत्नी उनकी देखभाल करती थीं, लेकिन अब वह हैदराबाद चली गई हैं इसलिए उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है. वरिष्ठ वकील ने कहा, ‘आज भी वह चक्कर आने से गिर पड़े. राव की पेंशन 50,000 रुपए है, लेकिन उन्हें हर महीने 76,000 रुपए खर्च करने पड़ते हैं. तेलंगाना में उन्हें मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं, लेकिन ग्रेटर मुंबई में उन्हें हर बार स्वास्थ्य सुविधाओं पर पैसा खर्च करना पड़ता है.’ जस्टिस माहेश्वरी ने असहमति जताते हुए कहा, ‘सरकार उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखेगी, अन्यथा उसी कोर्ट में जाएं, हमें इसमें कोई रुचि नहीं है.’ वहीं, ग्रोवर ने यह भी बताया कि मामले की कार्यवाही सीआरपीसी की धारा 207 के चरण में है और मुकदमा जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है. उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि राव को बाद में आवेदन करने की अनुमति दी जाए, लेकिन कोर्ट ने आदेश में ऐसी कोई बात दर्ज करने से इनकार कर दिया. साल 2022 में मिली थी जमानत दरअसल, अगस्त 2022 में जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने राव को उनकी उम्र, स्वास्थ्य स्थितियों और उनके ओर से बिताई गई 2.5 साल की वास्तविक हिरासत अवधि को ध्यान में रखते हुए मेडिकल आधार पर जमानत दी थी. इसके अलावा, पीठ ने यह भी कहा था कि मामले में मुकदमा शुरू नहीं हुआ है और आरोपपत्र दायर होने के बावजूद आरोप भी तय नहीं किए गए हैं. यह आदेश दिया गया था कि राव मुंबई स्थित विशेष एनआईए अदालत की स्पष्ट अनुमति के बिना ग्रेटर मुंबई क्षेत्र से बाहर नहीं जाएंगे और किसी भी तरह से अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेंगे, न ही किसी गवाह से संपर्क करेंगे और न ही जांच को प्रभावित करने का प्रयास करेंगे.  

नगर की सड़कों से विकास को मिलेगी रफ्तार: आयुक्त भोंडवे का बयान

नगर की सड़कों से विकास को मिलेगी रफ्तार- आयुक्त भोंडवे सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला भोपाल आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे ने कहा है कि नगरीय क्षेत्र की सड़कों से विकास को रफ्तार मिलती है और इसके लिये जरूरी है कि सड़के गुणवत्तापूर्ण हो। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों से जुड़े हुए इंजीनियरों की जवाबदारी है कि वे सड़कों के निर्माण और संधारण पर पूरा ध्यान रखें। आयुक्त श्री भोंडवे शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। शहरी क्षेत्र की सड़कों पर यातायात का दबाब काफी है। इन सड़कों पर नगरीय क्षेत्र की अन्य अधोसंरचनाओं का भी प्रभाव पड़ता है इसलिये जरूरी है कि सड़कों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाया जाये। कार्यशाला में बताया गया कि नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में 2 लाख करोड़ रूपये के काम होंगे। इसी के साथ केन्द्र सरकार की अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, जलप्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वाटर मेनेजमेंट आदि कार्यों का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। सड़के हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं, जो नगरीय निकायों के समस्त क्षेत्रों को एक साथ जोड़ती हैं। नगरीय क्षेत्रों की सड़कों की गुणवत्ता सीधे तौर पर हमारी कार्य कुशलता को दर्शाती है। नगरीय निकायों के यंत्री अपने कार्य क्षेत्र में पूर्ण योगदान दे रहे हैं किंतु टेक्नोलॉजी में आ रहे परिवर्तन के साथ उन्हें अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव की जरूरत है। कार्यशाला का उद्देश्य भी यही है। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर, रूड़की, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों द्वारा सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने पर प्रस्‍तुतिकरण दिया गया। विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया। इनमें RODIC के श्री आरएस महालहा और श्री एचसी अरोरा ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर प्रोसेस, आईआईटी इंदौर, रूडकी, MORTH, CRRI के विषय विशेषज्ञों ने सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में कंस्ट्रक्शन टेक्निक, क्वॉलिटी कंट्रोल, टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया, डिजिटल प्रोजेक्ट मेनेजमेंट, रीयल टाइम मॉनिटरिंग, नगर सड़कों की सुरक्षा, सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप मिश्रा ने प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना के बारे जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश के 600 यंत्रियों का क्षमतावर्धन किया गया।  

सैम पित्रोदा का बयान फिर बना बहस का मुद्दा, कहा – पाकिस्तान-बांग्लादेश घर जैसे, युवा पीढ़ी से की खास अपील

नई दिल्ली इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा एक बार फिर अपने विवादों से चर्चा में आ गए हैं. उन्होंने पाकिस्तान को लेकर विवादित बयान दिया है.पित्रोदा ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में घर जैसा महसूस होता है. इतना ही नहीं उन्होंने भारत की विदेश नीति को लेकर कहा कि देश की फॉरेन पॉलिसी का फोकस पड़ोसी देशों पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मेरे अनुसार हमारी फॉरेन पॉलिसी का फोकस हमारे पड़ोसी देशों पर होना चाहिए. क्या हम पड़ोसियों के साथ हमारे संबंधों में सुधार कर सकते हैं? मैं पाकिस्तान रहा हूं और आपको बताना चाहूंगा कि मुझे वहां घर जैसा लगता है. मैं बांग्लादेश में भी रहा हूं और नेपाल में भी और मुझे वहां भी घर जैसा लगता है. मुझे इन देशों में जाकर नहीं लगता कि किसी विदेशी धरती पर हूं.  राहुल गांधी की Gen-Z से अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए पित्रोदा ने कहा कि मैं देश के युवाओं से अनुरोध करना चाहता हूं कि वे राहुल गांधी के साथ खड़े हों. उनकी आवाज के साथ अपनी आवाज मिलाएं. दरअसल राहुल गांधी ने Gen-Z से अपील की थी कि वे आगे आएं और देश के लोकतंत्र की रक्षा करे. बता दें कि पित्रोदा अपने विवादित बायनों की वजह से निशाने पर रहते हैं. उन्होंने पिछले साल भारत की विविधता को लेकर बयान दिया था, जिस पर खूब बवाल हुआ था. उन्होंने कहा था कि भारत एक अत्यंत विविधता भरा देश है, जहां पूर्वी भारत में रहने वाले लोग चीन के लोगों जैसे, पश्चिम में रहने वाले अरब जैसे, उत्तर भारत में रहने वाले श्वेतों की तरह और दक्षिण में रहने वाले अफ्रीकी लोगों की तरह दिखते हैं. लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता.  उन्होंने कहा था कि हम अलग-अलग भाषाओं, धर्मों और रीति-रिवाजों का सम्मान करते हैं. ये वही भारत है, जिस पर मेरा भरोसा है, जहां हर किसी का सम्मान है और हर कोई थोड़ा-बहुत समझौता करता है. उनके इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.  इससे पहले सैम पित्रोदा के विरासत टैक्स को दिए बयान पर विवाद हो गया था. उन्होंने ये बयान राहुल गांधी की उस टिप्पणी के जवाब में दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस सरकार में आई तो एक सर्वे कराया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि किसके पास कितनी संपत्ति है. उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पित्रोदा ने अमेरिका में लगने वाले विरासत टैक्स का जिक्र किया था.

विवादों में घिरे मुरैना के सबलगढ़ SDM अरविंद माहौर को CM ने सस्पेंड किया

 मुरैना विवाद में घिरे मुरैना के सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर पर बड़ा एक्शन हुआ है। एसडीएम अरविंद माहौर के विरुद्ध महिला से अभद्र व्यवहार और नियमविरुद्ध 6 पटवारियों के तबादले करने की गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में सीएम मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने कमिश्नर चंबल को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन 6 पटवारियों के ट्रांसफर आदेश जारी करने वाले स्थानांतरित एसडीएम पर सीएम ने सख्त एक्शन लिया है। एक्स पर जानकारी देते हुए सीएम मोहन यादव ने लिखा कि, 'सबलगढ़ (मुरैना) के एसडीएम अरविन्द माहौर के विरुद्ध महिला से अभद्र व्यवहार एवं नियमविरुद्ध पटवारियों के तबादले करने की गंभीर शिकायतों के संज्ञान में आने के पश्चात् एसडीएम को तत्काल निलंबित(Morena Subalgarh SDM suspended) करने के निर्देश दिये हैं। इस प्रकरण में कमिश्नर चंबल को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए भी गए हैं। जनसेवा में आचरण की मर्यादा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।' ये है पूरा मामला विवाद में घिरे सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर का कारनामा सामने आया। कलेक्टर अंकित अस्थाना के आदेश के बाद स्थानांतरित किए गए एसडीएम रात 8 बजे अपने ऑफिस पहुंचे और उन्होंने आनन-फानन में 6 पटवारियों के ट्रांसफर कर दिए। जिनमें कुछ पटवारी ऐसे हैं, जिनके स्थानांतरण कुछ समय पहले ही कलेक्टर ने किए थे लेकिन वे अपनी मनचाही जगह पर जाना चाहते थे। उल्लेखनीय है कि हाथठेला लगाने वाले एक युवक के महिला परिजन के प्रताड़ित करने की शिकायत आने पर कलेक्टर अंकित अस्थाना ने मंगलवार की शाम 6 बजे उनका ट्रांसफर मुरैना कर दिया और उनकी जगह मेघा तिवारी को नया एसडीएम बनाने का आदेश जारी किया था। इन पटवारियों के किए स्थानांतरण एसडीएम अरविंद माहौर ने हलका नंबर-54 सबलगढ़ में पदस्थ पटवारी राधा शर्मा को हलका नंबर-5 बाबड़ीपुरा, हलका नंबर-53 सुनहरा में पदस्थ अली हसन को हलका नंबर-34 रामपहाड़ी, पटवारी हरिओम मीणा को हलका नंबर-34 रामपहाड़ी से हटाकर हलका नंबर-53 सुनहरा, पटवारी मुकेश माथुर को हलका नंबर-27 जमुनीपुरा से हटाकर हलका नंबर-54 सबलगढ़, पटवारी सोनम कुशवाह को हलका नंबर-10 जाटौली से हटाकर हलका नंबर-66 बामसौली, प्रिंस गर्ग को हलका नंबर-बामसौली से हटाकर हलका नंबर-10 जाटौली में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं।