samacharsecretary.com

मथुरा में पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव का भव्य उद्घाटन

पंडित दीन दयाल जी के मंत्र में असंभव को संभव बनाने की शक्ति : योगी आदित्यनाथ  मथुरा में पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव का भव्य उद्घाटन बोले योगी – पीएम मोदी जी ने दीनदयाल जी के मंत्र को आत्मसात कर असंभव को कर दिखाया संभव – पं. दीनदयाल जी का स्वदेशी मंत्र आज मोदी जी के नेतृत्व में हो रहा साकार : मुख्यमंत्री – कश्मीर को कांग्रेस ने बना दिया था देश के लिए नासूर : योगी आदित्यनाथ  – धारा 370 हटाना और राममंदिर निर्माण पंडित जी के विजन का परिणाम : योगी आदित्यनाथ  – प्रदेश को 8वें से उठाकर नंबर दो की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प पूरा, अब बनाना है विकसित यूपी : योगी – CM युवा स्कीम से अबतक 70 हजार युवाओं को मिला 5 लाख तक का लोन : मुख्यमंत्री – युवाओं से सीएम योगी की अपील, 'जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनो' – त्योहारों पर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की मुख्यमंत्री ने की जनता से अपील – कांग्रेस-सपा पर हमला, यूपी की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया – ODOP से 2 करोड़ से अधिक लोगों को मिला रोजगार : मुख्यमंत्री – आत्मनिर्भर भारत का आधार है स्वदेशी मॉडल : योगी आदित्यनाथ मथुरा  अन्त्योदय के प्रणेता और एकात्म मानव दर्शन के प्रखर वक्ता पंडित दीन दयाल उपाध्याय की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय स्मृति महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पंडित जी का सपना आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित उपाध्याय जी ने 1950 के दशक में भारत के राजनीतिक नेतृत्व को जो दृष्टि दी थी, वही आज "वोकल फॉर लोकल" और "स्वदेशी" के रूप में मूर्तरूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में असंभव को संभव बनाया गया है, चाहे कश्मीर से धारा 370 हटाना हो, अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण हो या 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराना हो। सीएम ने कहा कि जो कभी असंभव लगता था, वही आज देश की ताकत बन चुका है। यही पंडित जी के मंत्र का प्रभाव है कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा। युवाओं के लिए नई राह : स्टार्टअप और स्वरोजगार मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय युवाओं का है। यूपी के पास सबसे बड़ी युवा ऊर्जा है और यही भारत को आगे ले जाएगी। उन्होंने बताया कि "सीएम युवा स्कीम" के तहत सरकार 5 लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त, गारंटी मुक्त लोन उपलब्ध करा रही है। जनवरी से अब तक 70 हजार युवाओं ने इसका लाभ उठाया है और लक्ष्य 1 लाख युवाओं तक पहुंचने का है। उन्होंने कहा कि आज भारत का युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बन रहा है। स्टार्टअप केवल आईटी सेक्टर में ही नहीं बल्कि ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) और गो आधारित खेती जैसे क्षेत्रों में भी स्टार्टअप उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में किसी विभाग में आउटसोर्स कर्मी हो, उसे मिनिमम मानदेय 16 से 20 हजार रुपए मानदेय हर हाल में मिलेगी। इसकी गारंटी सरकार देने जा रही है।  कांग्रेस-सपा पर सीधा हमला सीएम योगी ने कांग्रेस और सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों में भारत को ताकतवर बनाने की दिशा में 'असंभव' शब्द जुड़ा था। यूपी की स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि आजादी के समय जीडीपी में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला राज्य 2017 तक देश की आठवीं अर्थव्यवस्था बनकर रह गया। लेकिन डबल इंजन सरकार ने यूपी को फिर से देश की नंबर दो की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प पूरा किया है।  कश्मीर और राममंदिर का जिक्र सीएम योगी ने कहा कि कश्मीर को कांग्रेस ओर उसके सहयोगियों ने देश के लिए नासूर बना दिया था। कभी लोग कहते थे कि धारा 370 हटाना असंभव है, लेकिन पीएम मोदी ने यह असंभव संभव कर दिखाया। इसी तरह राममंदिर को लेकर जो संकल्प था, वह भी मोदी सरकार ने पूरा किया। याद कीजिए लोग कहते थे कि क्या कश्मीर से अनुच्छेद 370 कभी हट पाएगा। तब दीन दयाल जी ने नारा दिया था और कि जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है और आज उस कश्मीर से अनुच्छेद 370 को सदा के लिए दफन करते हुए उसे भारत का अभिन्न अंग बनाने का महान काम किया जा चुका है।  स्वदेशी मॉडल : आत्मनिर्भर भारत का आधार मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीन दयाल जी का मंत्र था कि भारत की अर्थनीति का आधार स्वदेशी होना चाहिए। यही कारण है कि आज ODOP योजना और वोकल फॉर लोकल अभियान से लाखों कारीगरों और शिल्पकारों को रोज़गार मिला है। उन्होंने अपील की कि आने वाले त्योहारों में हर नागरिक केवल स्वदेशी उत्पादों का ही उपहार दे। उन्होंने कहा कि विदेशी सामानों से बचकर हमें अपने स्थानीय उत्पादों को खरीदना चाहिए ताकि पैसा हमारे कारीगरों और किसानों तक पहुंचे, न कि आतंकवाद और नक्सलवाद फैलाने वाली ताकतों के पास। उन्होंने कहा कि स्वदेशी है तो स्वावलंबन है, स्वावलंबन हैं तो स्वाधीनता बनी हुई है और स्वाधीनता है तो हमे सशक्त होने से कोई रोक नहीं सकता। यही पंडित दीन दयाल जी का मंत्र है। समारोह में हुआ स्वदेशी का प्रदर्शन चार दिवसीय महोत्सव में स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी, गो आधारित खेती और नारी स्वावलंबन कार्यक्रमों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर यूपी की दिशा है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, प्रदेश सरकार में मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह, जयवीर सिंह, मधुसूदन, सोहनलाल, मनीष अग्रवाल, नरेन्द्र पाठक, सविता, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान, विधायक पूरन प्रकाश, पं दीन दयाल उपाध्याय स्मारक समिति के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में जनता उपस्थित रही।   

नरवाई जलाने से रोकने के लिए कृषि मंत्री ने किसानों को कृषि यंत्रों का उपयोग करने की सलाह दी

फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान भाई नरवाई से जुड़े सभी कृषि यंत्रों का उपयोग करें, जिससे प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की घटनाएँ नियंत्रित हो सकें। उन्होंने भोपाल में आयोजित फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को नियंत्रित कर वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है। मृदा में कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने से फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है। प्रदेश में किसानों को समझाईश देकर उत्पादन लागत कम कर आय बढ़ाने का कार्य चल रहा है। फसल अवशेषों का समुचित उपयोग कर कृषकों की अतिरिक्त आय के विकल्प उपलब्ध कराये जा रहे हैं। कार्यशाला में कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि  निशांत वरबडे, कुलगुरु कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर  अरविंद शुक्ला, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड मती एस. सरस्वती, निदेशक सीफेट लुधियाना डॉ. नचीकेत कोतवालीवाले, निदेशक सीआईएई भोपाल डॉ. सीआर मेहता, देश एवं प्रदेश से आए वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञगण, नरवाई प्रबंधन से जुड़े यंत्रों के निर्माता बंधु सहित किसान भाई-बहन उपस्थित थे।  

कटनी को 230 करोड़ की सौगात, CM मोहन यादव बोले- कनकपुरी बनेगा नया जिला

जबलपुर / कटनी  एमपी के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 18 सितंबर को कटनी जिले को बड़ी सौगात दी। उन्होंने जिले के बड़वारा में सांदीपनि विद्यालय सहित करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अलावा उन्होंने कटनी में सिंचाई सुविधाओं के विकास, जलाशय की मरम्मत की भी घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की गंगा बह रही है। इस बदलते दौर में दुनिया के मंचों पर पीएम मोदी का सम्मान हर देशवासी का सम्मान है। देश तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर आदिवासी अंचल धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास कर प्रदेशवासियों को अनुपम सौगात दी। इससे 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। लगभग 3 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सीएम डॉ यादव ने कहा कि इसी कड़ी में आज कटनी के आदिवासी क्षेत्र को 234 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने जीवन का एक-एक दिन देशवासियों की सेवा को समर्पित कर दिया है। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 2 अक्टूबर तक देशभर में सेवा पखवाड़ा चल रहा है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने लिए थोड़ा समय निकालें और स्वास्थ्य शिविरों में अपनी जांच कराएं। यहां महंगी से महंगी जांच, दवाएं और इलाज मुफ्त होगा। उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार से निकला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बना है। प्रधानमंत्री मोदी गरीबों की परेशानी को अच्छी तरह समझते हैं। राजा श्रीराम के शासन में गरीबों को फ्री राशन बांटा जाता था। वैसे ही आज प्रधानमंत्री मोदी देश के 85 करोड़ जरूरतमंद लोगों को कोरोना काल से राशन उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने गरीबों के लिए पक्के मकान बनवाए, एलपीजी कनेक्शन दिए और शौचालय बनवाए। यह सरकार के गरीब और महिला कल्याण का उदाहरण है। उद्योगों के लिए हर तरह के प्रयास कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पिछले दिनों माइनिंग कॉन्क्लेव के माध्यम से कटनी जिले में 56 हजार करोड़ रुपए का निवेश आया है। यहां व्यापार-व्यवसाय की संभावनाएं बन रही है। इससे गरीब, युवा और किसानों की जिंदगी बदलेगी। कटनी में कोयला, लाइमस्टोन और क्रिटिकल मिनरल्स के भंडार हैं। अब तो यहां सोना भी मिलने वाला है। कटनी कनकपुरी बनेगा। पन्ना में हीरा तो पहले ही मिल रहा है। यह पूरा क्षेत्र विकास की नई इबारत लिखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने पीपीपी मॉडल पर प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए स्वीकृति दी है। इनमें से एक कटनी में बनेगा। शीघ्र ही जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिलेगी। सीएम यादव ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय में स्वच्छता के लिए किया श्रमदान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा पखवाड़ा अंतर्गत स्वच्छता अभियान के तहत गुरूवार को रानी दुर्गावती चिकित्सालय जबलपुर में साफ-सफाई के लिए झाडू लगाकर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय के स्टाफ एवं शासकीय कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे कार्यालयीन समय के पूर्व रोस्टरवार स्वच्छता के लिए श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि वे सेवा पर्व के दौरान स्वच्छता के लिये श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभागीय कमिश्नर एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सफाई अभियान का नियमित निरीक्षण और निगरानी करने के निर्देश दिये। साथ ही मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी श्रमदान के लिये प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय हैकि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान चल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न रोगों की नि:शुल्क जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य, शिक्षा प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। सांदीपनि स्कूलों को देख प्राइवेट संस्थान दंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी में 2 सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण कर विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के भवन और सुविधाएं देखकर तो प्राइवेट स्कूल वाले भी दंग रह जाते हैं। देश के किसी राज्य में इतने अच्छे स्कूल नहीं बने, जैसे सांदीपनि विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कल्पना तक मुश्किल होता था। बड़वारा में दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की तरह स्कूल बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सांदीपनि आश्रम से शुरू हुई भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का अनुसरण करें। स्वदेशी को करें प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी करने वाले कसम खा लें। अब ऑनलाइन के चक्कर में नहीं पड़ना है। छोटे दुकानदार और व्यापारियों को प्रोत्साहन दें। भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए स्वदेशी को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। देश का पैसा देश में रहे, इसके लिए नवरात्रि, दशहरा, दीपावली की खरीदारी में स्वदेशी को अपनाएं। बदलते दौर में भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाना है। उन्होंने कहा कि माताएं-बहनें नवदुर्गा के समान हैं। राज्य सरकार लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद हर महीने 1500 रुपए राशि देगी। इस राशि को धीरे-धीरे 3000 तक किया जाएगा। सरकार टॉपर बच्चों को स्कूटी और बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने पर लैपटॉप दे रही है। गोंडवाना राजा हिंदू देवताओं की पूजा करते थे सीएम डॉ. यादव ने कहा कि शहीद शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सामने अंग्रेजों ने शर्त रखी थी कि वह हिंदू धर्म छोड़ दें और उनका धर्म अपना लें, लेकिन उन्होंने हिंदू धर्म नहीं छोड़ा। बल्कि जान देना कबूल कर लिया। आदिवासी हिंदू हैं, कुछ लोगों ने उन्हें लालच दिया कि हम आपको पेंशन दिलवाएंगे। हिंदू धर्म छोड़ना पड़ेगा, पूजा-पाठ छोड़ना होगा पर ये लोग ऐसी मिट्टी की बने हैं, जो भूखे मरने को तैयार हैं पर हिंदू धर्म नहीं छोड़ेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि आदिवासी के … Read more

प्रधानमंत्री के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि, सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतें हुईं बाल विवाह मुक्त

रायपुर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित किया गया है। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण दर्ज न होने के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि के पीछे राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े की सतत पहल, सक्रिय मार्गदर्शन और नेतृत्व को निर्णायक माना जा रहा है।उनके नेतृत्व में विभाग ने गाँव-गाँव तक जागरूकता अभियान चलाया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय किया तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की। मती राजवाड़े ने कहा, कि सूरजपुर जिले की यह पहल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री जी के अमृत महोत्सव वर्ष में यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त संदेश है। सामुदायिक भागीदारी की सराहना जिला प्रशासन ने इस पहल की सफलता में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की संयुक्त भूमिका की सराहना की। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित हुआ कि शिक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता मिले और कोई भी बाल विवाह न हो। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत हुई थी। यह अभियान यूनिसेफ के सहयोग से और मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।राज्य सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा है और विभाग लगातार जनजागरूकता, निगरानी और सामाजिक सहभागिता को मजबूत कर रहा है। सूरजपुर की इस सफलता से प्रेरित होकर अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन जिलों में विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

UPITS 2025 मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘सीएम युवा’ का पवेलियन होगा आकर्षण का केंद्र

प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता की ओर आकर्षित करेगा यूपीआईटीएस 2025 मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना 'सीएम युवा' का पवेलियन होगा आकर्षण का केंद्र   27 सितंबर को सीएम युवा और 27 शैक्षिक संस्थानों के बीच होगा एमओयू हस्तांतरण शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े अंतिम वर्ष के छात्रों और पूर्व छात्रों को मिलेगा इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से जुड़ने का अवसर गलगोटिया, जीएल बजाज, शारदा, एमिटी सहित प्रमुख यूनिवर्सिटीज जुड़ेंगी योजना से हॉल नंबर 18ए में लगेंगे टेक्नोलॉजी और फ्रेंचाइजी बेस्ड मॉडल्स से संबंधित 150 से अधिक स्टॉल्स   बैंकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स भी करेंगे नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडियाज का अवलोकन  प्रदेश के सभी 75 जिलों के सीएम युवा फेलोज भी जुड़ेंगे, अपने जिलों में देंगे ब्रांड्स की जानकारी  युवाओं को सीएम युवा से जोड़ने के लिए डिजिटल कैंपेन और conclave.cmyuva.org.in वेबसाइट भी की गई लॉन्च लखनऊ प्रदेश सरकार युवाओं को नए अवसर और मंच देने के लिए अब सीएम युवा योजना को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने जा रही है। इसी कड़ी में 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में सीएम युवा योजना प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना के जरिए प्रदेश के युवाओं को इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स, फ्रेंचाइजी मॉडल्स और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस आइडियाज से जोड़ने की पहल की जा रही है। आयोजन के दौरान 27 सितम्बर को सीएम युवा और 27 प्रमुख शैक्षिक संस्थानों के बीच एमओयू का हस्तांतरण होगा। इसके साथ ही हॉल नंबर 18ए में 150 विशेष स्टॉल्स स्थापित किए जाएंगे, जहां विभिन्न क्षेत्रों के नए-नए बिजनेस मॉडल्स प्रदर्शित होंगे। इस प्रदर्शनी में प्रदेश भर से छात्र-छात्राएं, युवा फेलोज, यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि और उद्योग जगत के लोग शामिल होंगे, जिससे युवाओं को सीखने, जुड़ने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। अंतिम वर्ष और पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए होगा अवसर सीएम युवा योजना के नोडल अधिकारी और ज्वॉइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि इस एमओयू का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों को सीएम युवा योजना से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है। इसके माध्यम से अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं और संस्थानों के पूर्व छात्रों को इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करेगी बल्कि प्रदेश सरकार के स्टार्टअप और इनोवेशन विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 150 इनोवेटिव स्टॉल्स होंगे आकर्षण का केंद्र उन्होंने बताया कि यूपीआईटीएस में हॉल नंबर 18ए को विशेष रूप से सीएम युवा प्रदर्शनी के लिए निर्धारित किया गया है। यहां 150 से अधिक स्टॉल्स स्थापित होंगे, जिनमें फ्रेंचाइजी मॉडल्स, टेक्नोलॉजी-आधारित बिजनेस, एग्रीटेक, हेल्थटेक और अन्य स्टार्टअप बिजनेस आइडियाज को प्रदर्शित किया जाएगा। यह स्टॉल्स युवाओं को न सिर्फ नए व्यापारिक मॉडल्स से परिचित कराएंगे बल्कि उन्हें यह भी समझने का अवसर देंगे कि कैसे इन मॉडल्स को अपने क्षेत्र में लागू किया जा सकता है। एनसीआर क्षेत्र में आयोजित होने के कारण हम इसे लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम से भी एक लेवल और ऊपर ले गए हैं। इसमें कई नए और बेहतरीन ब्रांड्स को भी शामिल किया गया है, जो देश-विदेश से आए विजिटर्स का ध्यान आकर्षित करेगा।  यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की साझेदारी सीएम युवा योजना के अंतर्गत जिन संस्थानों के साथ एमओयू किया जा रहा है, उनमें गलगोटिया यूनिवर्सिटी, जीएल बजाज, चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ, अजय कुमार गर्ग यूनिवर्सिटी, शारदा यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी और एबीईएस जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों के छात्र और फैकल्टी टीमें प्रदर्शनी में सक्रिय भागीदारी करेंगी। इससे युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से उद्योग जगत से जुड़ने और नई संभावनाओं की पहचान करने का अवसर मिलेगा। बैंकर्स और इंडस्ट्री जगत की मौजूदगी युवाओं के बिजनेस आइडियाज को केवल पहचान ही नहीं बल्कि वित्तीय सहयोग भी दिलाने की व्यवस्था की गई है। प्रदर्शनी में कई बैंकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स मौजूद रहेंगे। वे नए बिजनेस मॉडल्स का आंकलन करेंगे और यह तय करेंगे कि किन प्रोजेक्ट्स को वित्तपोषण दिया जा सकता है। इससे उद्यमिता के इच्छुक युवाओं को फाइनेंसिंग और मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध होगा। प्रदेश भर से आएंगे युवा और अधिकारी प्रदेश सरकार ने सभी 75 जिलों के सीएम युवा फेलोज को प्रदर्शनी में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें प्रत्येक स्टॉल का डाटा और कांटैक्ट डिटेल एकत्र करने तथा इन ब्रांड्स को अपने-अपने जिलों में प्रचारित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, सहारनपुर, मेरठ, आगरा और अलीगढ़ मंडल से जुड़े कॉलेजों के छात्र-छात्राएं और अधिकारी भी इस प्रदर्शनी का हिस्सा बनेंगे। यह प्रयास युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से इनोवेशन और उद्यमिता से जोड़ने का अवसर देगा। सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल मीडिया कैंपेन पहले ही सक्रिय हो चुका है। बड़ी संख्या में युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इस उद्देश्य से एक विशेष वेबसाइट conclave.cmyuva.org.in भी लॉन्च की गई है, जिसके माध्यम से इच्छुक युवा न केवल योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि यूपीआईटीएस विजिट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी यह कैंपेन युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।  

PM मोदी ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, CM योगी ने की खुलकर तारीफ

मथुरा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह मथुरा पहुंचे। यहां उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेले में शिरकत की। वहीं सीएम योगी ने यहां मौजूद जनसभा को संबोधित भी किया। सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि आज भारत का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की क्षमता रखता है। सीएम योगी ने कहा कि खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली केंद्र की पिछली सरकारें भारत को विश्व शक्ति बनाने में नाकाम रहीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे संभव कर दिखाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते देखा है।  '11 सालों में भारत ने की अभूतपूर्व प्रगति' सीएम योगी ने कहा, "पंडित दीन दयाल उपाध्याय का सपना तब साकार होता है जब भारत और पीएम मोदी के मुंह से वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी के मंत्र को सुनता है और उसे प्रभावी ढंग से जमीन पर उतरते हुए देखता है। भारत ने पिछले 11 साल में हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। पिछले 11 वर्षों में आपने इस नए बदलते हुए भारत को देखा होगा। पहले भारत दुनिया के बॉटम 5 देशों में गिना जाता था, लेकिन आज वह दुनिया के टॉप 4 अर्थव्यवस्था में भारत का नाम है और अगले तीन वर्ष तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।" 'पीएम मोदी ने किया असंभव को संभव' उन्होंने आगे कहा, "पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते देखा है। पिछली सरकारों के लोग, जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते थे, अपनी सरकारों में भारत को विश्व शक्ति बनाने के लिए असंभव शब्द जोड़ देते थे। इस असंभव को पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संभव कर दिखाया है, जिन्होंने दीनदयाल उपाध्याय के मंत्र को आत्मसात किया है। यानी पंडित दीन दयाल उपाध्याय के मंत्र में असंभव को संभव करने का मंत्र छिपा हुआ है। स्वदेशी है तो हम सशक्त हैं, स्वदेशी है तो स्वावलंबन भी है, यही पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का मंत्र था।’’

शॉकिंग! इंडिया-पाकिस्तान कप्तान हाथ नहीं मिलाए, मैच रेफरी को देर से पता चला

नई दिल्ली  एशिया कप 2025 को लगभग पटरी से उतारने वाले विवाद के केंद्र में रहे आईसीसी मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान मैच के टॉस से कुछ मिनट पहले ही मैच रेफरी को बताया गया था कि दोनों कप्तान हाथ नहीं मिलाएंगे। उस समय, उन्होंने खुद को निर्देश देने के बजाय संदेश देने वाला समझा। इसके बाद पीसीबी ने पाइक्रॉफ्ट के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन पर आईसीसी के नियमों और क्रिकेट भावना का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया और उन्हें टूर्नामेंट से हटाने की मांग की गई। 14 और 17 सितंबर को पाकिस्तान द्वारा खेले गए दो मैचों के दौरान हुई घटनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने लगी है। मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के अनुसार, यह विवाद रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच में "टॉस से चार मिनट पहले" शुरू हुआ। जैसे ही पाइक्रॉफ्ट मैदान पर पहुंचे, उन्हें एसीसी स्थल प्रबंधक ने बताया कि बीसीसीआई ने उन्हें – भारत सरकार की अनुमति से – सूचित कर दिया है कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और सलमान अली आगा के बीच हैंडशेक नहीं होगा। पीसीबी अधिकारियों ने तर्क दिया कि पाइक्रॉफ्ट को इस असामान्य अनुरोध के बारे में आईसीसी को सूचित करना चाहिए था; ऐसा माना जा रहा है कि पाइक्रॉफ्ट ने कहा कि उनके पास ऐसा करने का समय नहीं था। अगर पर्याप्त समय होता, तो वह आईसीसी से सलाह लेते। इसके बजाय, टॉस से कुछ क्षण पहले, उन्होंने सलमान अली आगा को स्थिति के बारे में बताया, यह सोचकर कि अगर आगा सूर्यकुमार से हाथ मिलाने गए, तो वह सार्वजनिक रूप से शर्मनाक स्थिति उत्पन्न होने से बचा रहे थे। पाइक्रॉफ्ट के इस फैसले को आईसीसी ने किसी भी समय आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में नहीं देखा, बल्कि एक ऐसी कार्रवाई के रूप में देखा, जो उन्हें खेल के प्रबंधन के लिए नियुक्त एक मैच अधिकारी के रूप में अपने अधिकार क्षेत्र में करने के लिए अधिकृत किया गया था। यह मुद्दा बुधवार को तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान के यूएई के खिलाफ होने वाले जरूरी मैच को लेकर अनिश्चितता के बादल छा गए और पीसीबी ने धमकी दी कि अगर इस मैच के लिए चुने गए पाइक्रॉफ्ट की जगह कोई और मैच रेफरी नियुक्त नहीं किया गया तो वह टूर्नामेंट से हट जाएगा। पाइक्रॉफ्ट और पाकिस्तानी टीम के शीर्ष अधिकारियों के बीच आनन-फानन में हुई एक स्पष्ट बैठक के बाद आखिरकार एक घंटे की देरी के बाद मैच शुरू हुआ। पीसीबी ने एक बयान में दावा किया कि पाइक्रॉफ्ट ने "पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैनेजर और कप्तान से माफी मांगी है।" हालांकि, स्थिति से परिचित सूत्रों का कहना है कि यह माफी नहीं थी, बल्कि घटना के बारे में "गलतफहमी और गलत संचार पर खेद की अभिव्यक्ति" थी। पीसीबी ने भारत से पाकिस्तान की हार के बाद रविवार रात और सोमवार सुबह के बीच आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक वसीम ख़ान को एक आधिकारिक शिकायत भेजी थी। इसमें बोर्ड ने टॉस से पहले की घटनाओं का क्रम बताया और पाइक्रॉफ्ट पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। बोर्ड ने कहा कि वह "यह जानकर चिंतित है कि आईसीसी द्वारा नियुक्त और कथित रूप से तटस्थ मैच रेफरी ने ऐसा आचरण करने का विकल्प चुना जो स्पष्ट रूप से क्रिकेट की भावना और एमसीसी के कानूनों का उल्लंघन है।" पीसीबी ने कहा कि पाइक्रॉफ्ट "कप्तानों के साथ-साथ दोनों प्रतिस्पर्धी टीमों के बीच सम्मान बनाए रखने और अपने आचरण से सकारात्मक माहौल बनाने और कप्तानों तथा भाग लेने वाली टीमों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रहे।" बोर्ड ने एशिया कप से उनके तत्काल हटने की मांग की। 15 सितंबर को अपनी पहली प्रतिक्रिया में, आईसीसी ने पीसीबी को बताया कि उसने शिकायत की "सावधानीपूर्वक जांच" की है, लेकिन "निष्कर्ष निकाला" कि "पाइक्रॉफ्ट की ओर से जवाब देने लायक कोई मामला नहीं है", और उनकी किसी भी तरह से "कोई ग़लती नहीं" थी। अपनी समीक्षा में, आईसीसी ने पाइक्रॉफ्ट, अन्य मैच और टूर्नामेंट अधिकारियों, और टूर्नामेंट निदेशक एंड्रयू रसेल से बात की थी। आईसीसी ने स्पष्ट किया कि पाइक्रॉफ्ट द्वारा आगा को हाथ न मिलाने का संदेश एसीसी स्थल प्रबंधक के "स्पष्ट निर्देश" के बाद दिया गया था। आईसीसी ने कहा कि इतने कम समय में यह संदेश मिलने के बाद, पाइक्रॉफ्ट ने स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला। "मैच रेफ़री ने टॉस की पवित्रता बनाए रखने और किसी भी संभावित शर्मिंदगी की स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।"  

भारत का ऑपरेशन सिंदूर: आधी रात 1.30 बजे हमले के पीछे की असली वजह सामने आई

नई दिल्ली  पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने रात के डेढ़ बजे ही ऑपरेशन सिंदूर क्यों चलाया था? इस बारे में CDS अनिल चौहान ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में एक कार्यक्रम में बताया कि 7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था. रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच हमला किया था और इतनी रात को इतने बजे हमला करने के पीछे भी 2 वजहें थीं.   इन 2 वजहों से किया आधी रात को हमला उन्होंने कहा कि आधी रात के करीब अंधेरा घना होता है, उस समय सैटेलाइट इमेज कैप्चर करना और सबूत इकट्ठा करना सबसे मुश्किल काम होता है. फिर भी भारतीय सेना ने रात 1 से 1:30 बजे के बीच हमला किया, क्योंकि भारत को अपने सैटेलाइट पर भरोसा था कि वे रात को भी तस्वीरें कैप्चर कर पाएंगे. दूसरा कारण यह था कि भारतीय सेना पाकिस्तान के नागरिकों को नुकसान से बचाना चाहती थी. हालांकि हमला करने का सबसे अच्छा समय सुबह 5:30-6 बजे के बीच होता, लेकिन उस समय पहली अजान या पहली नमाज होती है. बहावलपुर और मुरीदके में उस समय लोगों की काफी चहल-पहल हो सकती थी. इसलिए रात के एक से डेढ़ बजे के बीच हमला किया.   7 मई को ही क्यों किया गया था अटैक? CDS अनिल चौहान ने बताया कि 7 मई की रात को ही पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक करने का फैसला कई कारणों से किया गया था. एक तो उन दिनों फ्लाइट्स की आवाजाही बंद थी, दूसरा मौसम भी अनुकूल था. 7 मई के बाद बारिश होने का पूर्वानुमान था, इसलिए फैसला किया गया कि 7 मई की रात को मौसम साफ रहेगा तो उसी तारीख को ऑपरेशन सिंदूर चलाया जाए, जिसमें इस बार सेना के तीनों अंगों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जबकि उरी और बालाकोट एयर स्ट्राइक में सिर्फ एयरफोर्स ने जिम्मेदारी निभाई थी. सेना को बैक स्पोर्ट के लिए स्टैंड बाय मोड पर रखा गया था.

रायपुर : स्ट्रीट लाइट पोल्स के विस्तार के लिए 1.35 करोड़ रुपए मंजूर

रायपुर राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मुंगेली जिले के सरगांव नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइट पोल्स के विस्तार के लिए एक करोड़ 35 लाख 41 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।  

टैरिफ की धमकी पर रूस सख्त, ट्रंप को दिया दो-टूक संदेश

वाशिंगटन  अमेरिका लगातार भारत, चीन समेत सभी यूरोपीय देशों को रूस से तेल खरीदने पर एतराज जता रहा है। यहां कि ट्रंप ने जी7 देशों और यूरोप से यह तक कहा दिया कि रूस और उससे संबंध रखने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं। अब रूस ने पहली बार ट्रंप की धमकियों का सीधा जवाब दिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक इंटरव्यू में ट्रंप के धमकी को दरकिनार करते हुए कहा कि अमेरिका केवल धमकी देकर भारत और चीन को रूस से तेल खरीदने से नहीं रोक सकता। कहा कि दोनों देश राष्ट्रीय हित में तेल खरीदना जारी रखेंगे। दबाव या टैरिफ जैसे कदम उनका फैसला नहीं बदल सकते। ब्रिटेन में ट्रंप ने जताथा था विरोध अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कल ब्रिटेन दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर रूसी तेल पर आपत्ति जताई थी। ट्रंप ने रूस से भारत की तेल खरीद का विरोध करते हुए टैरिफ लगाने को सही ठहराया था। इससे पहले भी लगातार ट्रंप रूस से तेल खरीदने वाले देशों को उच्च टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं।