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मुख्यधारा में वापसी: 33 लाख इनामी 20 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महिलाओं की भी बड़ी भूमिका

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा में 33 लाख के ईनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें  1 एसीएम,  4 पार्टी सदस्य और 15 अग्र संगठन सदस्य हैं. इनमें से एक PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रीय हार्डकोर महिला नक्सली थी. इन सभी ने आज सुकमा पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण किया है. बता दें, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन के चलते नक्सलियों पर भारी दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा आत्मसमर्पिण करने वाले नक्सलियों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित हो कर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को चुना है. आत्मसमर्पित में से 2 नक्सलियों पर ₹08-08 लाख के ईनाम घोषित थे. 1 नक्सली पर ₹05 लाख घोषित थे. 4 नक्सलियों पर ₹02-02 लाख और अन्य 4 नक्सलियों पर ₹01-01 लाख घोषित थे. इस तरह आज कुल ₹33 लाख ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, कपिल परमार ने अर्जुन सम्मान ठुकराया!

भोपाल  पिछले साल फ्रांस पैरालंपिक्स में भारत का नाम रोशन करने वाले कपिल परमार ने अर्जुन पुरस्कार लौटाने का फैसला किया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने उन्हें नौकरी नहीं दी। परमार पैरा-जूडो खिलाड़ी हैं। उन्होंने फ्रांस में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने जूडो में भारत के लिए पहला पैरालंपिक पदक जीतकर इतिहास रचा था। परमार के अलावा, देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स एथलीट, प्राची यादव ने भी सरकार पर नौकरी न देने का आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक अपना अर्जुन पुरस्कार लौटाने का फैसला नहीं किया है। दोनों खिलाड़ियों को 2024 में अर्जुन पुरस्कार मिला था। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप कपिल परमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने उनसे नौकरी का वादा किया था। मध्य प्रदेश खेल विभाग का कहना है कि उनकी नौकरी का अनुरोध प्रक्रिया में है। उचित जांच के बाद नौकरी दी जाएगी। परमार का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्हें सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। डीएसपी का पद किया गया था ऑफर परमार का कहा है कि यह पूरा मामला दबा दिया गया है। मुझसे सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था जब शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे। वादा डीएसपी पद का था। मुझे 50 लाख रुपये मिले, और नौकरी कभी नहीं आई। पिछले एक महीने से, मैं अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन कोई मुझे फोन नहीं करता है। कोई मुझे सरकारी कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करता है। वे केवल हमारे साथ तब तस्वीरें खिंचवाते हैं जब हम पदक जीतते हैं और हमारी जरूरत के समय हमें छोड़ देते हैं। कौन है कपिल परमार सीहोर में जन्मे परमार ने 2009 में एक बिजली के झटके में अपनी दृष्टि खो दी थी। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करते थे जबकि उनके सबसे बड़े भाई होम गार्ड के रूप में तैनात थे। उनका दूसरा भाई परमार के प्रशिक्षण में मदद करता है। कपिल परमार ने 2024 पैरालंपिक्स में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने जूडो में भारत के लिए पहला पैरालंपिक पदक जीता था। उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, 2023 ग्रां प्री में स्वर्ण पदक, 2023 वर्ल्ड गेम्स में कांस्य पदक और 2022 एशियाई पैरा गेम्स में रजत पदक भी जीता था।  

गृह मंत्री अमित शाह का बिहार दौरा, सीट शेयरिंग और चुनावी समीकरण पर मंथन

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक आज दिल्ली में होगी। इसके लिए बिहार भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली तलब किए गए हैं। दोनों उपमुख्यमं सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवल समेत सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो बिहार चुनाव को लेकर अमित शाह ने यह बैठक बुलाई है। इसमें 243 सीटों पर बात की जाएगी। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सारे आंकड़ें और रिपोर्ट लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। गृह मंत्री इस रिपोर्ट को देखेंगे। राजनीतिक पंडितों को मानें तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी? इसका फैसला अब तक नहीं लिया गया है। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल के अनुसार, बिहर में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। जानिए, किसे कितनी सीट चाहिए सूत्रों की मानें तो  एनडीए के अंदर इस बार सीटों का बंटवारा इस तरह से हो रहा है कि जनता दल यूनाईटेड एक तरफ है और दूसरी तरफ भाजपा व बाकी दल। एनडीए में बिहार विधानसभा की 243 में से 100 सीटें जदयू को मिल रही हैं। जदयू इसे बढ़ाने की कोशिश में है, लेकिन भाजपा उसे इतने पर राजी कराने की कोशिश में है। भाजपा के कोटे में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा है। भाजपा को 143 सीटों में से अपने पास 100+ रखकर बाकी को बांटना है। वहीं चिराग पासवान 40 तक सीटें चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें 20 से अधिक सीटें नहीं देने की राय बनी हुई है। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख व सांसद उपेंद्र कुशवाहा 10 सीटों की मांग कर रहे हैं। भाजपा उनके लिए एक रास्ता तलाश रही है ताकि विधानसभा के सीट बंटवारे में उन्हें संतुष्ट किया जा सके।

मध्यप्रदेश में दे दनादन तबादले, पुलिस विभाग में हड़कंप

भोपाल  मध्य प्रदेश में देर रात फिर तबादला एक्सप्रेस दौड़ी है. मध्य प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग के 25 अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं. ट्रांसफर की ये लिस्ट देर रात जारी हुई है, जिसमें सभी अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना की साथ नवीन पदस्थापना की जानकारी दी गई है. इन अधिकारियों के हुए तबादले मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक PHQ भोपाल में एआईजी अनिल कुमार पाटीदार को स.म.नि. कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (ग्रामीण) जोन, पीएचक्यू भोपाल में ही पदस्थ एआईजी गीतेश कुमार गर्ग को जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, ग्वालियर, इंदौर रेल एडिशनल एसपी मनीषा पाठक को पीटीएस एसपी उज्जैन, रेडियो मुख्यालय भोपाल में एसपी संदीप मिश्रा को एडिशनल एसपी रीवा नवीन पदस्थापना दी गई है. कई अधिकारियों के मुख्यालय से ट्रांसफर इसी तरह पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (शिकायत) पल्लवी त्रिवेदी को पुलिस अधीक्षक भौंरी, भोपाल, बिट्टी सेहगल, उप सेनानी 13वीं वाहिनी विसबल ग्वालियर को एडिशनल एसपी खरगौन. पुलिस मुख्यालय अअवि में सहायक पुलिस महानिरीक्षक धनंजय शाह को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अअवि इंदौर जोन भेजा गया है. इसी प्रकार उज्जैन जोन की अजाक एसपी मीना चौहान को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आसूचना इंदौर नगरीय पुलिस की जिम्मेदारी दी गई है.  जमकर दौड़ रही मोहन सरकार की तबादला एक्सप्रेस गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई दिनों से कई विभागों में प्रशासनिक सजरी भी की जा रही है और कई कर्मचारियों व अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं. बता दें कि मोहन यादव सरकार ने अपनी ट्रांसफर पॉलिसी में कई बदलाव भी किए हैं. इसके तहत एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई गई है. हर विभाग में इस फॉर्मूले को अपनाया जा रहा है. अप्रैल में हटा है तबादलों से प्रतिबंध बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आयोजित कैबिनेट बैठक में तबादलों से प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया था. नई ट्रांसफर पॉलिसी में ट्रांसफर रेशियो भी निर्धारित किया गया है. यदि किसी विभाग में 200 पद हैं तो 20 फीसदी तबादले हो सकेंगे. इसी तरह यदि किसी विभाग में 201 से लेकर 1 हजार पद हैं तो 15 प्रतिशत ही तबादले हो सकेंगे. इसी तरह 1 हजार से लेकर 2 हजार पद वाले विभाग में 10 फीसदी और 2001 से ज्यादा पद वाले विभागों में 5 फीसदी अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे.

विधानसभा में पास होगा कोचिंग रेगुलेशन बिल , कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

जयपुर राजस्थान विधानसभा का बुधवार का सत्र हंगामेदार रहा। झालावाड़ स्कूल हादसे और प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायक विधानसभा गेट की सीढ़ियों पर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करने लगे। सदन के भीतर भी कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे और सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि झालावाड़ हादसे में बच्चों की मौत के बाद भी सदन में उन्हें श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई। इस कारण विपक्ष ने विधानसभा परिसर में मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सचिन पायलट और हरीश चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत करने की बजाय लापरवाही बरत रही है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। वहीं सदन में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन बिल-2025 पर बहस हुई। इस बिल में जुर्माने की राशि घटाई गई है। पहले उल्लंघन पर 2 लाख और दूसरी बार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना तय था, लेकिन अब इसे घटाकर पहली बार पर 50 हजार और दूसरी बार 2 लाख किया गया है। इसके अलावा पहले 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य था, अब यह सीमा 100 कर दी गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बदलाव से छोटे स्तर पर चल रही कोचिंग संस्थाओं को राहत मिलेगी और बड़े संस्थानों पर नियंत्रण बढ़ेगा। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि जुर्माना घटाकर सरकार बड़े कोचिंग संस्थानों को फायदा पहुंचा रही है।

रायपुर में त्योहारों पर सख्ती, CCTV से निगरानी और एक्स्ट्रा फोर्स तैनात, DJ-पटाखे बैन

रायपुर   रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि, लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। ईद मिलाद-उन-नबी पर भी जिला प्रशासन ने DJ और पटाखों पर बैन लगा दिया है। ईद मिलाद-उन-नबी 4 या 5 सितंबर को मनाई जाएगी। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं इस दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। DJ और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध एएसपी लखन पटले ने कहा कि जुलूस के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस बार जुलूस में पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए गए हैं। हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करें। यह बैठक न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जाए। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकें करें। यह बैठकें न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जा जाए। त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों में शांति और ख़ुशी का माहौल बनाये रखना हर समुदाय की जिम्मेदारी है. हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों की खुशी में शांति और सुरक्षा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।

CM योगी ने छात्रवृत्ति योजना में लापरवाही पर दिखाई सख्ती, दिए कड़े निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना में हुई भारी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. प्रदेश के करीब छह लाख पात्र छात्रों को वर्ष 2024-25 में योजना का लाभ नहीं मिल सका. यह मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई के आदेश दिए. इसके तहत अयोध्या, बहराइच, रायबरेली और सीतापुर समेत 14 जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है. वहीं बरेली में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आने पर वहां के बाबू प्रमोद जोशी को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों की लापरवाही के चलते नहीं आई स्कॉलरशिप जानकारी के मुताबिक सरकार ढाई लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले एससी-एसटी छात्रों और दो लाख रुपये तक आय वाले अन्य वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई करती है. लेकिन कई शिक्षण संस्थानों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण छह लाख से अधिक छात्र इस योजना से वंचित रह गए. कहीं अधिकारियों ने डाटा लॉक नहीं किया तो कहीं विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने ऑनलाइन आवेदन ही आगे नहीं बढ़ाए. कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में अलीगढ़ की संध्या रानी बघेल, औरेया की इंदिरा सिंह, अयोध्या के रणविजय सिंह, बहराइच के रमाशंकर, बलिया के दीपक श्रीवास्तव, बरेली के सुधांशु शेखर, बिजनौर के जागेश्वर सिंह, गौतमबुद्धनगर के सतीश कुमार, गाजियाबाद के वेद प्रकाश मिश्रा, कन्नौज के सत्य प्रकाश सिंह, प्रतापगढ़ के नागेंद्र मौर्य, रायबरेली की सृष्टि अवस्थी, सीतापुर के हर्ष मवार और वाराणसी के गिरीश दुबे शामिल हैं. इनके साथ ही कई जिलों के बाबुओं को भी प्रतिकूल प्रविष्टि और चेतावनी दी गई है. छात्रों के खाते में जल्द भेजी जाएगी राशि मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए हैं कि दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए. मामले को लेकर 14 राज्य विश्वविद्यालयों, 19 निजी विश्वविद्यालयों और कई आईटीआई के संयुक्त निदेशकों पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि छात्रों का हक हर हाल में सुरक्षित किया जाएगा और जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई नहीं मिली है, उनके खाते में जल्द ही राशि भेजी जाएगी. 

गौहर खान ने 42 की उम्र में दिया जीवन को नया तोहफा, बेटे के साथ खुशखबरी

मुंबई एक्ट्रेस गौहर खान दूसरी बार मां बन गई हैं। गौहर ने प्यारे से बेटे को जन्म दिया।हाल ही में उनकी गोद भराई की रस्म हुई, जिसमें खुशी-खुशी नाचती-झूमती दिखीं. गौहर खान ‘बिग बॉस 7’ की विनर रही हैं. वह सलमान खान की काफी अच्छी दोस्त भी हैं. सलमान संग फिल्मों में भी काम किया है. गौहर ने साल 2009 में वाईआरएफ की फिल्म ‘रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. 23 अगस्त 1983 को महाराष्ट्र के पुणे में एक मुस्लिम परिवार में जन्मीं गौहर खान पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं और उनकी बड़ी बहन निगार खान भी एक जानी-मानी टीवी एक्ट्रेस हैं. गौहर ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की और 2002 में फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जहां उन्हें ‘मिस टैलेंटेड’ का खिताब मिला. ‘बिग बॉस 7’ की विनर बनी थीं गौहर खान साथ ही वाईआरएफ की फिल्म ‘इशकजादे’ (2012) में भी अहम भूमिका निभाई. ‘इशकजादे’ में उनके आइटम नंबर ‘झल्ला वल्ला’ और ‘छोकरा जवां’ को खूब सराहा गया. गौहर ने 2013 में रियलिटी शो ‘बिग बॉस 7’ में हिस्सा लिया और विजेता बनीं, जिससे उनकी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ. इसके अलावा, वह ‘झलक दिखला जा’ और ‘तांडव’ (2021) जैसे टीवी शोज में भी नजर आईं. गौहर खान का कुशाल टंडन संग हुआ था ब्रेकअप गौहर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वह ‘बिग बॉस 7’ के सह-प्रतियोगी कुशाल टंडन के साथ रिलेशनशिप में थीं, लेकिन बाद में उनका ब्रेकअप हो गया. गौहर ने 25 दिसंबर 2020 को जैद दरबार से शादी की. 10 मई 2023 को उन्होंने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया. वह दूसरी बार मां बनने जा रही हैं.

असम के आदिवासी बहुल जिले में जमीन विवाद, हाईकोर्ट ने पूछा: निजी कंपनी इतनी बड़ी जमीन कैसे खरीद सकती है?

गौहाटी  गौहाटी हाई कोर्ट ने असम के आदिवासी बहुल दीमा हसाओ जिले में एक प्राइवेट सीमेंट कंपनी को 3,000 बीघा (करीब 1,000 एकड़) जमीन आवंटित किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है और पूछा है कि एक निजी कंपनी 3,000 बीघा जमीन कैसे खरीद सकती है। हाई कोर्ट ने छठी अनुसूची के तहत आने वाले इस क्षेत्र के 22 निवासियों की एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक निजी कंपनी द्वारा इतने बड़े भू-भाग की खरीद से ‘परेशान और स्तब्ध’ हैं। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या इस परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी ली गई है। रिट याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार मेधी और राज्य के महाधिवक्ता देबोजीत सैकिया के बीच इस बात पर लंबी बहस हुई कि क्या छठी अनुसूची क्षेत्र के उमरंगसो में कारखाना स्थापित करने के लिए महाबल सीमेंट को इतनी अधिक जमीन दी जानी चाहिए। सुनवाई का यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण इस सुनवाई का हाई कोर्ट के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया गया। सुनवाई के दौरान जस्टिस मेधी ने कहा, "अदालत 3,000 बीघा जमीन के आवंटन से परेशान है। हम सिर्फ़ यह रिकॉर्ड देखना चाहते हैं कि नीति कैसे बनाई गई।" इस दौरान असम के महाधिवक्ता सैकिया ने अदालत को बताया कि एक सीमेंट कंपनी ने 2 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से जमीन खरीदी है। महाधिवक्ता के बार-बार अनुरोध के बाद, अदालत ने सरकार से 3 सितंबर को अपना हलफनामा दाखिल करने को कहा। जज बोले- मैं तो हैरान-परेशान सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार मेधी 3,000 बीघा की बात सुनकर हैरान रह गए! "पूरा जिला? क्या हो रहा है? एक निजी कंपनी को 3,000 बीघा जमीन दी जा रही है।" इस दौरान एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद (NCHAC) के वकील, जिनके पास भूमि का अधिकार क्षेत्र है, ने दीमा हसाओ में एक सीमेंट कारखाने को 3,000 बीघा भूमि के आवंटन से संबंधित कुछ कागजात प्रस्तुत किए, लेकिन कोर्ट ने उन्हें पूरी फाइल पेश करने का निर्देश दिया, जिसमें छठी अनुसूची क्षेत्र में भूमि के बड़े हिस्से को निजी फर्म को आवंटित करने का निर्णय शामिल है। पूरी फाइल पेश करने का आदेश रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस मेधी ने कहा, "NCHAC के वकील ने कुछ कागजात पेश किए। पिछले आदेश का उद्देश्य कुछ कागजात देखना नहीं था, बल्कि उस फाइल को देखना था जिसमें जमीन के बड़े हिस्से को आवंटित करने का निर्णय शामिल है।" उन्होंने NCHAC को अगली सुनवाई में फाइल पेश करने का निर्देश दिया। महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी और उसने रिपोर्ट सौंप दी है।

हार्ट अटैक से बचाव का उपाय: इन 2 टेस्ट से हर आधे साल में जांचें दिल का हाल

युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले इस ओर ध्यान खींचते हैं कि हमें अपनी हार्ट हेल्थ का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। खराब लाइफस्टाइल, डाइट, एक्सरसाइज की कमी और स्ट्रेस जैसी कई वजहों से हमारे दिल पर काफी दबाव पड़ता है, जो एक दिन अचानक दिल की बीमारी बनकर हमारे सामने आ खड़ा होता है। क्योंकि, दिल की बीमारियों का वक्त पर पता लगाना जरूरी है। इसलिए हेल्थ चेकअप (Tests for Heart Disease) पर ध्यान देना जरूरी है। दो बेहद सिंपल टेस्ट, जिन्हें हर 6 महीने पर करवाना आपकी हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आइए जानें कौन-से हैं ये दो टेस्ट। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट सबसे पहला है- लिपिड प्रोफाइल टेस्ट। यह एक ब्लड टेस्ट है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल की जांच करता है। यह टेस्ट मुख्य रूप से चार चीजों को मापता है-     टोटल कोलेस्ट्रॉल- खून में कोलेस्ट्रॉल की कुल मात्रा।     एचडीएल कोलेस्ट्रॉल- इसे "गुड कोलेस्ट्रॉल" कहा जाता है, जो दिल की बीमारियों के रिस्क को कम करता है।     एलडीएल कोलेस्ट्रॉल- इसे "बैड कोलेस्ट्रॉल" माना जाता है। यह आर्टरीज में जमकर ब्लॉकेज पैदा कर सकता है।     ट्राइग्लिसराइड्स- एक तरह का फैट जो बढ़ने पर दिल के लिए नुकसान पहुंचाता है। यह टेस्ट क्यों जरूरी है? जब खून में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है, तो यह आर्टरीज की दीवारों पर प्लाक जमने लगता है। इससे आर्टरीज संकरी और कठोर हो जाती हैं। इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक या स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। नियमित लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाने से आप अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर नजर रख सकते हैं और समय रहते डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार करके खतरे को कम कर सकते हैं। HbA1c टेस्ट यह टेस्ट खून में ब्लड शुगर लेवल की जांच करता है। आमतौर पर डायबिटीज टेस्ट खून में ग्लूकोज के लेवल की जांच करता है। इसे फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c टेस्ट के जरिए किया जा सकता है। लेकिन HbA1c टेस्ट पिछले 2-3 महीनों में एवरेज ब्लड शुगर लेवल बताता है, इसलिए यह ज्यादा बेहतर माना जाता है। यह टेस्ट दिल की सेहत से कैसे जुड़ा है? डायबिटीज और दिल की बीमारियां आपस में जुड़े हुए हैं। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर लेवल रहने से ब्लड वेसल्स और नर्वस को नुकसान पहुंचता है। इससे आर्टरीज सख्त और संकरी हो सकती हैं, जिससे दिल तक खून सही मात्रा में पहुंचाने में दिक्कत होती है। डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में दोगुना या उससे भी ज्यादा होता है। इसलिए, ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूरी है।