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MYH : नवजात की मौत पर अस्पताल में मचा घमासान, चूहों के कुतरने का आरोप

इंदौर  इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव होलकर (MYH) में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहा दो नवजातों को चूहों ने कुतर दिया.. चूहों ने पिछले 48 घंटों के दौरान जिन दो नवजात बच्चों के शरीर को कुतरा था, उनमें शामिल एक लड़की की मंगलवार को मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चूहों के हमले के बाद नवजात बच्ची की मौत के कारण एमवायएच प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है, हालांकि अस्पताल का दावा है कि अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही बच्ची की मौत 'निमोनिया के संक्रमण' से हुई है।  बता दें कि वार्ड में चूहों के घूमने का वीडियो भी सामने आया है… दरअसल मामला रविवार रात का है जहां एम व्हाय अस्पताल की पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती दो नवजात शिशुओं को रविवार देर रात हाथ और पैर में कुतर दिया था, जिसमें एक नवजात बच्ची की मौत हो गई है जबकि एक बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है…  अधिकारियों के मुताबिक 48 घंटों के दौरान चूहों ने नवजात बच्चों की सर्जरी से जुड़े विभाग की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में एक बच्चे की अंगुलियों पर काटा, जबकि दूसरे बच्चे के सिर और कंधे पर दांत गड़ा दिए। बता दें कि एमवायएच की गिनती सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में होती है… यह अस्पताल इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध है। वहीं महाविद्यालय के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि चूहों के हमले की जद में आए दो नवजात बच्चों में शामिल एक लड़की की मौत हो गई है… हालांकि उनका कहना है कि अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही इस अज्ञात लड़की को खरगोन जिले में लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था और उसे इलाज के लिए एमवायएच भेजा गया था…  

रौद्र रूप में नदियां, हरियाणा में भारी बारिश और बाढ़, हड़कंप मचा, स्कूल बंद

चंडीगढ़ हरियाणा में उफनाईं नदी-नालों व लगातार हो रही बारिश अब तबाही मचाने लगी है। मंगलवार से अब-तक को बारिश जनित हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बह गया। इनमें चार की मौत तो केवल करंट से हुई। जलभराव व सड़क धंसने से हिसार व यमुनानगर में दो नेशनल हाईवे पर यातायात रोकना पड़ा। पंचकूला में तड़के से लगातार बारिश हो रही है। मोरनी इलाके में भारी बारिश की वजह से घग्गर नदी उफान पर है। नदी में पानी का स्तर 1000 क्यूसेक बढ़कर 10,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है। इस दौरान चारा खोजने गए भैंसों का एक झुंड नदी में फंस गया। खतरे को देखते हुए डीसी मोनिका गुप्ता ने जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने माता-पिता, बच्चों और शिक्षकों से अपील की है कि सावधानी बरतें और जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकलें। हिसार में चंडीगढ़ हाईवे के एक हिस्से को तोड़कर पानी निकाला और आवागमन हुआ। वहीं, कलानौर में पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर यमुना नदी पर बना पुल चार इंच धंस गया। इससे पुल पर बैरिकेडिंग कर एक साइड बंद कर दी गई है।  कार पर पेड़ गिरा, स्कूली बच्चे घायल पंचकूला में बारिश के दौरान हुआ बड़ा हादसा हो गया है। सुबह करीब 11 बजे के करीब प्राइवेट स्कूल के बाहर स्कूली बच्चों से भरी कार पर एक भारी भरकम पेड़ गिर गया। कार में 6 स्कूली बच्चे सवार थे। भारी भरकम पेड़ गिरने से बच्चे घायल हुए हैं। घायल बच्चों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल भेजा गया है। बच्चों के पिता आनंद अत्री ने इस हादसे की जानकारी दी है। पंचकूला के सेक्टर 4 की ये घटना है। पंचकूला के सेक्टर 4 स्थित सतलुज पब्लिक स्कूल छोड़ने आए थे अत्री अपने बच्चों को। कार में आनंद अत्री के अपने दो बच्चे और उनके भाई अनूप अत्री के दो बच्चे और उनकी बहन के दो बच्चे सवार थे। नदी के पास नाका लगाने के निर्देश पंचकूला में बुधवार सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण घग्गर नदी एक बार फिर उफान पर है। घग्गर का जलस्तर खतरनाक रूप से लगातार बढ़ रहा है। पंचकूला उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने अलर्ट जारी करते हुए नदी के आसपास एरिया में पुलिस से नाका लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हिदायत दी है कि कोई भी व्यक्ति नदी के पास न जाए। यदि कोई जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक एडवाइजरी जारी हो चुकी पंचकूला ट्रैफिक डीसीपी मनप्रीत सिंह सूदन की ओर से एक दिन पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अलर्ट रहें और सिर्फ बताए गए रास्तों से ही सफर करें। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सड़कें या रास्ते बंद हैं, वहां जाने से बचें। डीसीपी ने कहा कि मौसम खराब है, इसलिए लोग सावधानी से वाहन चलाएं और सफर शुरू करने से पहले रास्तों की स्थिति जरूर जांच लें।दरअसल, लगातार बारिश के कारण जिले के कई पहाड़ी और मैदानी इलाकों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे कई जगहों पर आवाजाही रुक गई है। करनाल में शेरगढ़ टापू का पुल डूबने से करनाल का सहारनपुर से संपर्क कट गया है। गुरुग्राम में तो चार अंडरपास बंद कर दिए गए हैं। इसी तरह यमुनानगर के लापरा गांव की मुख्य सड़क और खेत हुए जलमग्न होने से आवाजाही पूरी तरह से बंद है।  फतेहाबाद के भूना में कुलां मार्ग पर पानी भरने से बंद किया गया है। जलभराव के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम लगा रहा है। गुरुग्राम में भी छह घंटे जाम जैसी स्थिति रही। दूसरी ओर पांच दिन बाद भी नदियों का जलस्तर कम नहीं हुआ। पानीपत में यमुना, कुरुक्षेत्र में मरकंडा लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जबकि कैथल के गुहला-चीका में घग्गर का जलस्तर 22 फीट पर पहुंच गया है।  हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार को 1,53,767 क्यूसेक पानी छोड़ा यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार को 1,53,767 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे यमुनानगर के कलेसर, टापू कमालपुर गांव में तेजी से भूमि कटाव हो रहा है। हथिनीकुंड बैराज में छोड़े गए पानी से बाढ़ के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्वी नहर और हरियाणा दिल्ली को आपूर्ति करने वाली पश्चिमी यमुना नहर की जलापूर्ति बंद है।  नदी किनारे लगते गांवों को बैराज से हर घंटे खतरे का सायरन बजाकर चेतावनी दी जा रही है। दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बैराज के सभी 18 गेट खुले हुए हैं। भिवानी में तीन और सिरसा जिले में मंगलवार को दो ड्रेनें टूट गई हैं। हालांकि अंबाला में सोम और टांगरी नदियां स्थिर हैं। गुरुग्राम के कार्यालयों में आज भी वर्क फ्राॅम होम प्रदेश के 12 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। आठ जिलों भिवानी, झज्जर, गुरुग्राम, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व पंचकूला के कुछ स्कूल बंद करने पड़े। फतेहाबाद के भूना, जाखल और टोहाना के स्कूलों में तीन दिन के लिए अवकाश कर दिया गया। गुरुग्राम में बुधवार को भी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम के आदेश जारी हुए हैं। यहां स्कूलों में कक्षाएं भी ऑनलाइन लगेंगी।  बारिश व बाढ़ जैसे हालात से तीन दिन और राहत की उम्मीद कम है। मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ ने तीन सितंबर को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 4 व 5 को भी हरियाणा के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना रहेगी। बिगड़ते हालात देखते हुए कैथल में एसडीआएफ व एनडीआरआफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं, जबकि सोनीपत, सिरसा व करनाल में टीमों को बुलाया गया है। सरकार ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। सभी जिलों में पटवारी, ग्राम सचिव व ग्रामीण ठीकरी पहरे दे रहे हैं। फतेहाबाद में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर तीन डीएसपी, 350 पुलिसकर्मी बचाव के लिए तैनात किए गए हैं।  वहीं, राज्य सरकार की ओर से सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हालात पर नजर बनाए रखें। सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर रखें। आपात स्थिति में यदि किसी जिले को एसडीआरएफ यानी स्टेट डिजास्टर टीम की आवश्यकता पड़ती है तो तुरंत मुख्यालय को सूचित करें। हिसार में एक बाइक पर जा रहे थे चार … Read more

फिल्म के गाने पर विवाद, वकील और जज की भूमिका को चुनौती मिली हाईकोर्ट में

जबलपुर   फिल्म 'जॉली एलएलबी 3' रिलीज़ से पहले ही विवादों में घिर गई है. फिल्म के एक गाने को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में एक याचिका दायर की गई है. यह याचिका अधिवक्ता प्रांजल तिवारी ने दायर की है. याचिका में कहा गया है कि फिल्म के एक गाने में वकील (अक्षय कुमार और अरशद वारसी) वकील की पोशाक (गाउन) पहनकर नाचते नज़र आ रहे हैं. इतना ही नहीं, न्यायपालिका के न्यायाधीशों के लिए मामू जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह कृत्य वकील पेशे और उसकी गरिमा का अपमान है.  9 सितंबर को होगी सुनवाई दरअसल, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में फिल्म जॉली एलएलबी 3 में जस्टिस और वकील के बीच फिल्माए गए गाने पर आपत्ति जताते हुए एक याचिका दायर की गई है. यह याचिका जबलपुर निवासी अधिवक्ता प्रांजल तिवारी ने दायर की है, जिसमें अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर और आरजू अली पैरवी करेंगे.इस पर 9 सितंबर को सुनवाई होगी. अभिनेता अक्षय कुमार और अरशद वारसी फिल्म में भाई वकील हैं। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि फिल्म में गले में बैंड लगाकर, गाउन पहनकर डांस किया गया है, जो कि वकालत के गणवेश को अपमानित कर रहा है। जॉली एलएलबी-3 19 सिंतबर को रिलीज हो रही है। अक्षय कुमार अरशद वारसी पर फिल्म में एक गाना फिल्माया गया है, जिसके बोल है कि फिक्र ना कर तेरा भाई वकील है। गाने में कोर्ट रूम भी दिखाया है, जहां लड़कियां डांस कर रही हैं। याचिकाकर्ता के वकील प्रमोद सिंह तोमर का कहना है कि फिल्म में जो गाना वह आपत्तिजनक है। अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर ने बताया कि न्यायपालिका के जज के लिए मामू जैसे शब्द का उपयोग किया जा रहा है, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने राज्य शासन, प्रमुख सचिव गृह विभाग, सचिव, सूचना एवं प्रसारण, भारत सरकार, नई दिल्ली और चेयरमैन सेंट्रल बोर्ड आफ फिल्म सर्टिफिकेशन को पक्षकार बनाते हुए फिल्म के गाने पर अपत्ति दर्ज करवाते हुए फिल्म से इस गाने को अलग किया जाए। न्यायपालिका की जो छवि वो जनता के मन में स्वच्छ रहे, और इस गाने से वकील और जज की छवि धूमिल ना हो। इससे पहले पटना हाईकोर्ट में पैरवी करने वाले अधिवक्ता नीरज कुमार ने भी जॉली एलएलबी-3 के खिलाफ याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि फिल्म में न्यायपालिका और वकालत पेशे को अपमानजनक ढंग से दर्शाया गया है, जिससे वकीलों की गरिमा को ठेस पहुंची है। याचिका में फिल्म के गाने और ट्रेलर पर रोक लगाने बार काउंसिल से अनुमति लेने और भविष्य में अपमानजनक चित्रण रोकने के लिए दिशा निर्देश बनाने की मांग की गई है। याचिका में मांग की गई है कि विवादित गीत और ट्रेलर पर तत्काल रोक लगाई जाए। फिल्म जॉली एलएलबी 3 के गाने पर विवाद फिल्म में अभिनेता अक्षय कुमार और अरशद वारसी वकील भाई हैं. याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म में गले में बैंड वाला गाउन पहनकर डांस किया गया है, जो वकील की ड्रेस का अपमान है. एलएलबी 3 19 सितंबर को रिलीज़ हो रही है. फिल्म में अक्षय कुमार और अरशद वारसी पर एक गाना फिल्माया गया है, जिसके बोल हैं 'फिक्र न कर तेरा भाई वकील है.' गाने में कोर्ट रूम में दिखाया गया है, जहां लड़कियां डांस कर रही हैं.याचिकाकर्ता के वकील प्रमोद सिंह तोमर का कहना है कि फिल्म का गाना आपत्तिजनक है. वहीं अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर ने बताया कि न्यायपालिका के न्यायाधीशों (जज) के लिए मामू जैसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है. इस संबंध में याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, प्रमुख सचिव गृह विभाग, सचिव सूचना एवं प्रसारण भारत सरकार नई दिल्ली और अध्यक्ष केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को फिल्म के गाने पर आपत्ति दर्ज कराई है और इस गाने को फिल्म से अलग कराने का अनुरोध किया है. 

कृषि कारोबारियों के ठिकानों पर ED का धावा, छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में हड़कंप

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचारों के खिलाफ एक बार फिर ईडी की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। बुधवार की सुबह राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई मुख्य रूप से कृषि से संबंधित कारोबारियों के ठिकानों पर की गई है। मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के शंकर नगर में कारोबारी विनय गर्ग के घर पर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है। इसके साथ ही दुर्ग के अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्रा. लि. के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी के घर रेड जारी है। ईडी की इस कार्रवाई में 8 से 10 अधिकारियों के साथ सशस्त्र बल भी मौजूद है। दुर्ग में भी बड़ी कार्रवाई भिलाई 3 में भी ईडी ने कार्रवाई की है. अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी घर पर छापा मारा गया है. रेड में ईडी के 6 से अधिक अधिकारी शामिल हैं. सीआरपीएफ की टीम भी घर के बाहर मौजूद है. वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच की जा रही है. DMF घोटाला मामले में कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की. टीम ने 18 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया. जांच एजेंसी के मुताबिक करीब 575 करोड़ के DMF घोटाला यानी “डिस्ट्रिक मिनरल फंड” से जुड़े घोटाला मामले में कार्रवाई की गई है.  इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कई सरकारी अधिकारियों, प्राइवेट लोगों के साथ- साथ टेंडर जारी करने वाले अधिकारी, ठेकेदार के यहां सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस सर्च ऑपरेशन के दौरान रायपुर के शंकर नगर इलाके में रहने वाले कारोबारी विनय गर्ग सहित उन ठेकदारों, बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है , जिन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए बनाए गए DMF फंड की बड़ी रकम को छत्तीसगढ़ बीज निगम के मार्फत गलत तरीके से फर्जीवाड़ा किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी अहम सबूतों को , इलेक्ट्रोनिक एविडेंस और दस्तावेजों को जब्त किया गया है.  घूस लेने के लिए बदले गए थे नियम इस मामले की शुरुआती जांच रायपुर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एसीबी (ACB) ने की. इस मामले की पड़ताल के बाद एसीबी ने करीब 6 हजार पन्नों का चार्जशीट भी स्थानीय कोर्ट में दायर किया था, इसके बाद इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की इंट्री हुई. जांच एजेंसी के मुताबिक DMF के वर्क प्रोजेक्ट में भ्रष्ट्राचार करने के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया और फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरणों, इलाके में रहने वाले लोगों और उनके बच्चों के खेलने – मनोरंजन के लिए सामग्री, मेडिकल उपकरणों, स्वास्थ लाभ सम्बंधित छोटे– बड़े कई उपकरणों की भी कैटेगरी को जोड़ा गया था. आरोप है कि बदले गए नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी विकास से जुड़े कार्यों को दरकिनार करके अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया गया. क्या है पूरा मामला ED की जांच में पता चला है कि ये छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला केस में जेल में बंद कारोबारी मनोज कुमार द्विवेदी से जुड़ा कनेक्शन बड़ा महत्वपूर्ण है, आरोप है कि मनोज ने अपनी बनाई NGO में DMF फंड की राशि हासिल की. इसके बाद कमीशन तत्कालीन IAS रानू साहू सहित कई अन्य बड़े सफेदपोश लोगों तक पहुंचाया था. इस मामले की EOW और ED दोनों जांच कर रही है. ED की जांच में पता चला कि 2021-22 और 2022-23 में मनोज कुमार द्विवेदी ने निलंबित IAS रानू साहू और अन्य अधिकारियों से मिलीभगत की थी. अपने एनजीओ उदगम सेवा समिति के नाम पर कई डीएमएफ ठेके हासिल किए थे. अधिकारियों को टेंडर की राशि का 42 फीसदी तक कमीशन दिया गया था. रायपुर के 10 ठिकानों में रेड रायपुर में 8 से 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी जारी है। लेकिन, यह कार्रवाई किस घोटाले या मामले से संबंधित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हालांकि जहां छापामार हुआ है वह कृषि और बुनियादी स्ट्रक्चर को लेकर काम करने वाली है। शुरूआती जानकारी के अनुसार एजेंसी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच से संबंधित बताई जा रही है। इस बात की आशंका है कि कृषि कारोबार के माध्यम से पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी की गई है। वहीं, सुबह सवेरे हुई कार्रवाई से बिजनेस वर्ल्ड में हलचल मची हुई है। फिलहाल ईडी की छापेमारी जारी है। लेकिन किसी तरह की आधिकारिक रूप से किसी तरह की जानकारी शेयर नहीं की गई है। लेकिन ऑफिशियल पुष्टि नहीं की गई है।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1313.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 448.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 794.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 650.6 मि.मी., गरियाबंद में 773.4 मि.मी., महासमुंद में 670.4 मि.मी. और धमतरी में 825.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 904.0 मि.मी., मुंगेली में 877.4 मि.मी., रायगढ़ में 1090.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 748.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1077.8 मि.मी., सक्ती में 955.1 मि.मी., कोरबा में 894.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 891.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 728.8 मि.मी., कबीरधाम में 648.7 मि.मी., राजनांदगांव में 823.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1156.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 680.4 मि.मी. और बालोद में 1004.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 655.0 मि.मी., सूरजपुर में 980.4 मि.मी., जशपुर में 892.5 मि.मी., कोरिया में 998.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 908.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1304.9 मि.मी., कोण्डागांव जिले में 845.0 मि.मी., कांकेर में 1062.4 मि.मी., नारायणपुर में 1136.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1258.7 मि.मी., सुकमा में 1006.0 मि.मी. और बीजापुर में 1246.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

वेनेजुएला जहाज पर अमेरिकी हमला, ड्रग तस्करी के आरोप में 11 की हुई जान

कैरेकस अमेरिका ने वेनेजुएला के जहाज पोत पर सैन्य हमला कर दिया है. इस हमले में 11 की मौत हो गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट कर खुद इसकी जानकारी दी. ट्रंप ने कहा कि आज सुबह मेरे आदेश पर अमेरिकी सैन्यबलों ने SOUTHCOM क्षेत्र में Tren de Aragua नार्को गैंग पर सैन्य कार्रवाई की. टीडीए एक विदेशी आतंकी संगठन है, जो निकोलस मादुरो के नियंत्रण में काम करता है और जिसने सामूहिक हत्याओं, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अमेरिका एवं पूरे पश्चिमी गोलार्ध में हिंसा व आतंक की घटनाओं को अंजाम दिया है. ट्रंप ने बताया कि ये सैन्य कार्रवाई उस समय की गई, जब आतंकी अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नशीले पदार्थों की खेप लेकर अमेरिका की ओर जा रहे थे. इस हमले में 11 आतंकियों को मार गिराया गया है. इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना को किसी तरह की क्षति नहीं पहुंची. यह संदेश हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है, जो अमेरिका में ड्रग्स लाने के बारे में सोच भी रहा है. सावधान हो जाइए! इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद. बता दें कि मौजूदा समय में अमेरिकी नौसेना की एक बड़ी टुकड़ी कैरीबिया में तैनात है, जो उस जगह के पास है, जहां से वेनेजुएला के जहाज पर स्ट्राइक की गई. 4500 नौसैनिकों के साथ चार विध्वंसक और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को तैनात किया गया है. मादुरो पर अमेरिका सरकार पर आरोप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर उनकी सरकार के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. उन्होंने एक सितंबर को कहा था कि ट्रंप सरकार सैन्य धमकियों के जरिए वेनेजुएला में सरकार बदलना चाहती है. मादुरो ने कहा था कि हम अमेरिका के किसी भी तरह के हमले का मुकाबा करने के लिए तैयार हैं.

रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 6.78 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 6 करोड़ 78 लाख 16 हजार रूपए स्वीकृत किए है। सिंचाई योजना के कार्यों में विकासखण्ड बलौदाबाजार की कोटानाला व्यपवर्तन के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ 33 लाख 20 हजार रूपए और मल्लीन नाला पर घुलघुल स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 44 लाख 96 हजार रूपए स्वीकृत किए है। स्वीकृत इन कार्यों को पूर्ण कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

अलीबाग जमीन विवाद: सुहाना खान से जुड़ी डील पर उठा सवाल

मुंबई  बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान और गौरी खान की बेटी सुहाना खान इन दिनों अपनी फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में बिजी हैं. इस फिल्म से उनका थिएट्रिकल डेब्यू होने वाला है. ‘किंग’ की चर्चाओं के बीच वो मुश्किलों में फंस गई हैं. मामला जमीन विवाद से जुड़ा है. मामला बड़ा तो अब सरकारी फाइलें खुलने लगी है. क्या है ये पूरा मामला चलिए आपको बताते हैं. 25 साल की सुहाना खान ने हाल ही में करोड़ों की एक डील की. लेकिन इस डील के बाद वो मुश्किल में फंस गई हैं. दरअसल, अलीबाग के थल गांव में उन्होंने जमीन का सौदा किया. करोड़ों का लेन-देन सब हो गया था. लेकिन अब आरोप ये है कि सुहाना ने उस जमीन का सौदा कर डाला, जिसको महाराष्ट्र सरकार ने खेती के लिए किसानों को दिया है. 2023 में हुई 12 करोड़ से ज्यादा की डील दरअसल, सुहाना खान ने अलीबाग के थाल गांव में मई 2023 में 12 करोड़ रुपए से ज्यादा की जमीन खरीदी थी. इसके लिए एक्ट्रेस ने स्टाम्प ड्यूटी भी दी. मगर अब कहा जा रहा है कि यह डील सही नहीं है. असल में ये जमीन सरकार ने किसानों को खेती के लिए दी थी और सुहाना खान ने बिना अनुमति इसे खरीद लिया. यही नहीं, जो दस्तावेज जमा किए गए हैं उनमें सुहाना को किसान दिखाया गया है. इस प्रॉपर्टी को देजा वू प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत किया गया है. यह कंपनी गौरी खान के परिवार की है, जिसमें वह और उनकी भाभी डायरेक्टर हैं. अलीबाग तहसीलदार से मांगी रिपोर्ट जानकारी के मुताबिक, सुहाना ने यह जमीन मुंबई के कफ परेड में रहने वाले खोटे परिवार से करीब 12.91 करोड़ रुपए में खरीदी दी. उन्होंने 77.46 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी भी दी. ट्रांसफर 30 मई 2023 को स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के जरिए हुआ. अब इस मामले में अलीबाग तहसीलदार से निष्पक्ष जांच रिपोर्ट मांगी गई है. इसका आदेश रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर ने जारी किया है. महाराष्ट्र कृषि भूमि अधिनियम क्या है महाराष्ट्र कृषि भूमि अधिनियम, 1961 के अनुसार, खेती की जमीन केवल वही व्यक्ति खरीद सकता है जो खुद किसान हो या जिसके परिवार के पास पहले से कृषि भूमि मौजूद हो. गैर-किसान सीधे इस तरह की जमीन नहीं खरीद सकते. अगर कोई जमीन सरकार ने किसी किसान परिवार को विशेष तौर पर खेती के लिए दी है, तो उसे बेचने के लिए सीधी अनुमति नहीं होती. ऐसे मामलों में कलेक्टर की मंजूरी जरूरी होती है. लेन-देन पूरा करने से पहले खरीदार और विक्रेता-दोनों को तहसीलदार या कलेक्टर से NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना अनिवार्य है. जमीन खरीदने बाद फिर सुहाना के नाम नई प्रॉपर्टी यही नहीं, इस प्रॉपर्टी को खरीदने के बाद सुहाना खान के नाम पर वहां पर समंदर किनारे 10 करोड़ रुपये की एक और प्रॉपर्टी खरीदी थी. अभी तक सुहाना खान या शाहरुख खान की तरफ से इस पर कोई बयान सामने नहीं आया है. डैड शाहरुख के साथ आएगी नजर वर्क फ्रंट की बात करें तो सुहाना ओटीटी पर आर्चीज से डेब्यू कर चुकी हैं तो अब डैड शाहरुख खान के साथ जल्द ही पर्दे पर दिखाई देंगी. डायरेक्शन सिद्धार्थ आनंद का है, जिन्होंने शाहरुख की पठान का निर्देशन किया था. उनके अलावा मूवी में अभिषेक बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अरशद वारसी, जयदीप अहलावत और अभय वर्मा जैसे सितारे हैं. इसे अगले साल रिलीज किया जा सकता है फिलहाल इस फिल्म की शूटिंग जारी है. इसमें अभिषेक बच्चन विलेन के रोल में दिखाई देंगे.

छोटे किसानों के लिए खुशखबरी, पेराई सत्र 2025-26 की गन्ना नीति जारी

लखनऊ पेराई सत्र-2025-26 के लिए गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। इस बार गन्ना समिति के नये किसान सदस्यों को सट्टा पेराई सत्र 2024-25 में संबंधित चीनी मिल की औसत गन्ना आपूर्ति या संबंधित जिले की गन्ना उत्पादकता का 70 प्रतिशत में जो भी अधिक होगा, उसकी सीमा तक गन्ना सट्टा का लाभ दिया जाएगा। नीति में छोटे किसानों और लघु महिला किसानों को भी प्राथमिकता दी गई है। छोटे गन्ना किसानों (81 क्विंटल सट्टाधारक) की पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में और पौधे गन्ने की पर्चियां सात से नौ पक्ष में जारी करने की सुविधा दी गई है। वहीं अति लघु गन्ना किसानों (36 क्विंटल या चार पर्ची बेसिक मोड) और लघु महिला गन्ना किसान (81 क्विंटल या नौ पर्ची बेसिक मोड) को पेड़ी पौधा को 52:48 के अनुपात से मुक्त रखते हुए अति लघु गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ने की पर्चियां प्रथम पक्ष में व पौधे गन्ने की पर्चियां सातवें पक्ष में, जबकि लघु महिला गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में व पौधे गन्ना की पर्चियां सात से नौ पक्ष में जारी की जाएंगी। इससे 13.12 लाख छोटे गन्ना किसानों, 3.75 लाख अति लघु गन्ना किसानों व 6,268 लघु महिला गन्ना किसानों के लाभांवित होने का अनुमान है। गन्ना आयुक्त मिनस्ती एस. ने बताया कि गन्ना शोध परिषद की ओर से जारी गन्ना किस्म को.15023 की परिपक्वता के हिसाब से अतिशीघ्र मानते हुए गन्ने की कैलेंडरिंग में प्राथमिकता दी गई है। इसकी पेड़ी की पर्चियां एक से दो पक्ष में और पौधे की पर्चियां सात से आठ पक्ष में अंकित की जाएंगी। इससके चीनी मिलों के चीनी परता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं पेड़ी या शरदकालीन पौधे वाले नये समिति सदस्यों की पर्चियां पहली बार पांचवें पक्ष से 12वें पक्ष में लगाए जाने की सुविधा मिलेगी। जिनके पास पौधा गन्ना है, उनकी पर्चियां पिछले वर्ष की तरह सातवें पक्ष से लगेगीं। वर्तमान में पेराई सत्र 2025-26 के लिए जारी सट्टा नीति के तहत गन्ना किसानों को सामान्यतः कैलेंडर के किसी एक कालम में अधिकतम बेसिक मोड की चार पर्चियां ही अंकित की जाएंगी, लेकिन 2,500 क्विंटल या उससे अधिक बेसिक सट्टा धारक किसान के एक कालम में अधिकतम आठ पर्चियां अंकित की जा सकती हैं। ऐसे किसान जिनके पास शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ना है, उनकी 52 प्रतिशत पर्चियां छठवें पखवाड़े तक और शेष 48 प्रतिशत पर्चियां सातवें से 10वें पखवाड़े में लगाई जाएंगीं। पेराई सत्र 2025-26 में यदि किसान मेकेनिकल हार्वेस्टिंग के लिए आवेदन करता है तो उसे पारिवारिक कैलेंडर की सुविधा दी जाएगी। ऐसे पुराने गन्ना किसान सदस्यों, जिन्होंने केवल वर्ष 2024-25 में ही गन्ना आपूर्ति की है, उनके बेसिक कोटा का निर्धारण चीनी मिल की औसत आपूर्ति या उस किसान की पेराई सत्र 2024-2025 की आपूर्ति, दोनों में जो भी अधिक हो, दी जाएगी।

GST रेट कट का बड़ा ऐलान कल, रोजमर्रा की चीजें और इलेक्ट्रॉनिक्स हो सकते हैं सस्ते

नई दिल्ली देश में जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स में सुधार को लेकर तैयारियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते 15 अगस्त को लाल किले से किए गए ऐलान के बाद से ही तेज हैं, अब आज से जीएसटी काउंसिल की बैठक शुरू हो रही है और दो दिवसीय इस बैठक में जीएसटी रेट्स में बदलाव से लेकर चार की जगह दो टैक्स स्लैब को लेकर अंतिम मुहर लगेगी. जीएसटी रिफॉर्म के जरिए सरकार का लक्ष्य दरअसल, टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाना और उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचाना है. उम्मीद है कि नए बदलाव के बाद रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूध-पनीर से लेकर टीवी-एसी और कार-बाइक तक की कीमतें कम हो सकती हैं.  जीएसटी सुधारों पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?  बता दें कि देश में तमाम अलग-अलग टैक्स को खत्म करते हुए जीएसटी 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था. हालांकि, विपक्ष इस गुड्स एंड सर्विस टैक्स को हमेशा से ही 'गब्बर सिंह टैक्स' कहकर सरकार पर निशाना साधती रही है, लेकिन केंद्र सरकार इसे आर्थिक सुधार की दिशा में उठाया गया अपना बड़ा कदम करार देती है. अब इसे और आसान बनाने की तैयारी के तहत इसमें शामिल टैक्स स्लैब की संख्या को घटाने और तमाम रेट्स को युक्तिसंगत बनाने के लिए आज से तमाम प्रस्तावों पर मंथन शुरू हो रहा है. बैठक शुरू होने से पहले मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी सुधारों को लेकर बड़ा बयान दिया था और कहा कि इसका लक्ष्‍य अर्थव्‍यवस्‍था को पूरी तरह से खोलना और पारदर्शिता लाना है, जिससे छोटे उद्योगों की बड़ी मदद होगी. चार स्लैब नहीं, अब रहेंगे सिर्फ दो केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत आने वाले चार टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18%, और 28%)  को कम करके 12% और 28% टैक्स को हटाने की की तैयारी की है. मतलब सिर्फ 5% और 18% वाले जीएसटी स्लैब बचेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद हुई मंत्री समूह (GoM) की बैठक में भी 12% और 28% स्लैब को खत्म करने के प्रपोजल को मंजूरी दी जा चुकी है. प्रधानमंत्री ने इस जीएसटी सुधार को देशवासियों के लिए दिवाली गिफ्ट के तौर पर संबोधित किया है. हालांकि, सरकार द्वारा किए जाने वाले जीएसटी रेट्स में इन बदलाव से रेवेन्यू का करीब 40,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान जताया गया है, लेकिन ये देश के आम आदमी के लिए बड़ी राहत भरे सुधार साबित होंगे.   क्या-क्या चीजें हो सकती हैं सस्ती?  जीएसटी रिफॉर्म से जुड़े प्रस्ताव लागू होते हैं, तो फिर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले तमाम सामान सस्ते हो जाएंगे, जिनमें दूध-पनीर, से लेकर नमकीन, साबुन, तेल, कपड़े शामिल हैं, इसके साथ ही स्लैब चेंज होने पर जूते, TV, AC, मोबाइल और कार-बाइक्स के दाम में भी बड़ी कमी देखने को मिल सकती है. प्रस्ताव के तहत जिन सामानों पर जीएसटी स्लैब को 12 फीसदी से कम करते 5 फीसदी के दायरे में लाने की तैयारी यानी इन्हें सस्ता करने का प्लान है, उनमें पैकेज्ड फूड्स जैसे: नमकीन (भुजिया), चिप्स, पास्ता, नूडल्स, जैम, Ketchup, पैकेज्ड जूस, कंडेंस्ड मिल्क, घी, मक्खन, चीज और दूध से बने बेवरेजेस हैं.  जीएसटी की बैठक में  जीरो जीएसटी स्लैब के दायरे में भी सरकार द्वारा इजाफा करने की उम्मीद जताई जा रही है और ऐसे में इस लिस्ट में कई रोजमर्रा के जरूरी सामानों को शामिल किया जा सकता है, जो फिलहाल 5% और 18% जीएसटी के दायरे में आते हैं. बीते दिनों आई बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट की मानें, तो इन सामानों में खासतौर पर फूड प्रोडक्ट शामिल होंगे, जिनमें यूएचटी दूध, प्री-पैकेज्ड पनीर, पिज्जा ब्रेड और रोटी को Zero GST स्लैब में लाया जा सकता है. इसके अलावा पराठा भी शामिल हो सकता है, जिस पर 18% जीएसटी लागू है. कोको बेस्ड चॉकलेट, फ्लेक्स, पेस्ट्री से लेकर आइसक्रीम तक पर लागू जीएसटी स्लैब में बदलाव किया जा सकता है और ये 18% से कम करते हुए 5% हो सकता है.  GST Reforms में क्या-क्या बदलेगा? GST Reforms में होने वाले बदलावों को अगर कम शब्दों में बताए तो जीएसटी के तहत चार स्लैब कम होकर दो स्लैब रह जाएंगे। इसकी वजह से कई चीजों पर टैक्स कम हो जाएगा। ये टैक्स 10 फीसदी तक घट सकता है। वहीं कुछ वस्तु ऐसे भी होने वाले हैं, जिनमें कोई टैक्स नहीं देना होगा। अब उन वस्तुओं के बारे में बात करते हैं, जिनमें शून्य टैक्स लग सकता है। इसका मतलब है कि इन वस्तुओं के खरीद पर जल्द कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। GST Rate Cut किन वस्तुओं पर नहीं है कोई टैक्स? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार GST Reforms के बाद रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं पर शून्य टैक्स हो जाएगा। देश में बहुत जल्द जीएसटी के तहत चार टैक्स स्लैब की जगह अब दो टैक्स स्लैब ही रहने वाले हैं। अब 5% और 12% के दो टैक्स स्लैब होंगे। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जरूरी वस्तुएं जैसे पनीर, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती और रोटी जैसी खाद्य वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा या फिर 5 फीसदी टैक्स लगाया जा सकता है। ऐसे ही स्टेशनरी, चिकित्सा उपकरण और दवाइयों पर कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा या फिर 5 फीसदी टैक्स लिया जा सकता है। किस पर कितना टैक्स, क्या-क्या सस्ता? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी टैक्स स्लैब में कुछ इस तरह से बदलाव हो सकता है-     12 फीसदी टैक्स स्लैब वाले 99 फीसदी प्रोडक्ट 5 फीसदी वाली कैटेगरी आ जाएंगे।     28 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाली वस्तु 18 फीसदी टैक्स स्लैब में शामिल हो जाएंगे। इस तरह से 10 फीसदी तक टैक्स कम हो जाएगा। वहीं लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर 40 फीसदी टैक्स लगेगा। इसकी साथ ही पेट्रोलियम और सोने और हीरों जैसी वस्तु पर पहले जैसे ही टैक्स लगेगा। हालांकि सरकार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा से जुड़े सामान भी हो सकते हैं जीएसटी फ्री   सरकार के पास शिक्षा से जुड़ी तमाम चीजों को भी जीएसटी से फ्री करने का भी प्रस्ताव है. काउंसिल की बैठक में  मानचित्र, वॉटर सर्वे चार्ट, एटलस, दीवार मानचित्रों, ग्लोब, मुद्रित शैक्षिक चार्ट, पेंसिल-शार्पनर के साथ ही प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक और लैबोरेटरी नोटबुक को जीएसटी से छूट मिल सकती है, … Read more