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मध्यप्रदेश में निवेश का बड़ा धमाका, हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग इकाई पीथमपुर में होगी स्थापित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवेश प्रयासों को मिली बड़ी सफलता हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग इकाई का पीथमपुर में 8 जून को होगा भूमि-पूजन लगभग 2000 करोड़ रुपए का होगा निवेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेश संपर्क अभियानों, क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों तथा विदेश निवेश संवादों के माध्यम से प्रदेश में निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। इसी क्रम में विश्व की अग्रणी कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनी हेलियन द्वारा प्रदेश के पीथमपुर स्थित स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में स्थापित की जाने वाली भारत की पहली मैन्युफैक्चरिंग इकाई का भूमि-पूजन 8 जून को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा। यह परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के यूनाइटेड किंगडम प्रवास और वहां आयोजित निवेश संवादों से सार्थक हुई है। निवेशकों के साथ हुई विस्तृत चर्चाओं और मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं के प्रभावी प्रस्तुतीकरण के बाद हेलियन ने प्रदेश में अपना निवेश विस्तार करने का निर्णय लिया। अब यह निवेश प्रस्ताव क्रियान्वयन के चरण में पहुंच चुका है, जो प्रदेश में निवेश परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। लगभग दो हजार करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाली यह परियोजना प्रदेश में साकार हो रही महत्वपूर्ण विदेशी निवेश परियोजनाओं में शामिल है। पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाने वाली यह अत्याधुनिक इकाई मुख्य रूप से ओरल हेल्थ उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित होगी। यहां उत्पादित सामग्री घरेलू बाजार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के अनेक देशों में निर्यात भी की जाएगी। हेलियन वैश्विक स्तर पर कंज्यूमर हेल्थकेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। सेंसोडाइन, क्रोसिन, ईनो, ओट्रिविन, आयोडेक्स, सेंट्रम तथा ऑस्टोकैल्शियम जैसे लोकप्रिय उत्पादों के माध्यम से कंपनी विश्वभर में अपनी मजबूत पहचान रखती है। लगभग 170 से अधिक देशों में उपस्थिति रखने वाली यह कंपनी स्वास्थ्य एवं स्व-देखभाल (Self-Care) क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर चुकी है। कंपनी की वैश्विक उपस्थिति और मध्यप्रदेश में प्रस्तावित यह निवेश, प्रदेश के औद्योगिक वातावरण और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र पर अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। परियोजना से लगभग 500 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही स्थानीय एमएसएमई इकाइयों, सप्लायर नेटवर्क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य सहायक उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय प्रतिभाओं के कौशल विकास को बढावा देने के साथ कम से कम 30 प्रतिशत महिला कार्यबल की रोजगार में भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देगी। स्थानीय मानव संसाधन के उपयोग पर विशेष ध्यान दिए जाने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने पिछले वर्षों में निवेश आकर्षित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य सरकार द्वारा विकसित औद्योगिक अधोसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियां, अनुमोदनों की सरलीकृत व्यवस्था, भूमि की उपलब्धता और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण ने मध्यप्रदेश को वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। हाल के वर्षों में प्रदेश में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किए गए निवेश इसी बढ़ते विश्वास का प्रमाण हैं। हेलियन की यह परियोजना मध्यप्रदेश को वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह निवेश प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, निर्यात संवर्धन और वैश्विक निवेश आकर्षण के प्रयासों को नई मजबूती प्रदान करेगा और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहरी विकास योजनाओं का लिया जायजा, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहरी विकास योजनाओं का किया सघन निरीक्षण  इंटेक-वेल, फिल्टर प्लांट, डब्ल्यूटीपी, नालंदा परिसर और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का लिया जायजा शहरवासियों की सुविधाएं बढ़ाने निर्माणाधीन कार्यों को जल्द पूरा करने के दिए निर्देश रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज जगदलपुर में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे किए विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने जगदलपुर के पावर हाउस चौक स्थित इंटेक-वेल व फिल्टर प्लांट तथा महारानी वार्ड में लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित नयामुंडा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेते हुए नागरिकों को बेहतर एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साव ने पीजी कॉलेज धरमपुरा में लगभग 11 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसका काम शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का लाभ मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी वार्ड में लगभग 79 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे पण्डरीतरई तालाब सौंदर्यीकरण कार्य तथा करीब 3 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से के गंगामुड़ा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों तालाबों के गहरीकरण से शहर के जलस्तर में भी सुधार होगा। साव के निरीक्षण के दौरान सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय, पार्षदगण, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जिला प्रशासन एवं नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

प्यार और विदेश के झांसे में फंसाने की साजिश, 36 घंटे में पुलिस ने किया बड़ा रेस्क्यू

पूर्वी चंपारण पूर्वी चंपारण पुलिस ने प्रेमजाल और मानव तस्करी से जुड़े एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए महज 36 घंटे के भीतर चार नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में एक मौलवी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर लड़कियों को प्यार, सुनहरे भविष्य और विदेश घुमाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाने का आरोप है। चार नाबालिग लड़कियों के लापता होने से मचा हड़कंप सिकरहना अनुमंडल के शिकरगंज थाना क्षेत्र से चार नाबालिग लड़कियों के अचानक लापता होने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच टीम का गठन किया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। मदरसे की छात्रा के जरिए संपर्क में आया आरोपी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी असफाक मदरसे में पढ़ने वाली एक छात्रा के संपर्क में आया था। उसने पहले छात्रा का विश्वास जीता और फिर मोबाइल फोन के जरिए लगातार बातचीत कर उसे अपने प्रभाव में ले लिया। इसके बाद उसने छात्रा की सहेलियों को भी अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी लड़कियों को बेहतर जिंदगी, शादी और विदेश यात्रा के सपने दिखाकर बहला-फुसला रहा था। छात्रा के बयान से मानव तस्करी की आशंका हुई मजबूत मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब बरामद की गई एक छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपी को फोन पर किसी व्यक्ति से यह कहते हुए सुना था कि लड़कियों को कहीं ले जाकर बेच दिया जाएगा। इस जानकारी के बाद पुलिस को मानव तस्करी की आशंका और अधिक प्रबल लगी तथा जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। शिकायत के बाद मदरसे से हटाया गया था आरोपी जानकारी के अनुसार आरोपी की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद परिजनों ने मदरसा प्रबंधन से शिकायत की थी। शिकायत के बाद उसे मदरसे से हटा दिया गया था। हालांकि, इसके बावजूद आरोपी मोबाइल फोन के जरिए लड़कियों के संपर्क में बना रहा और उन्हें अपने साथ ले जाने में सफल हो गया। एसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और लगातार छापेमारी के आधार पर पुलिस ने ढाका थाना क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर चारों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मोबाइल फोन जब्त, गिरोह से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। अब जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित मानव तस्करी गिरोह तो सक्रिय नहीं था। पुलिस मोबाइल फोन के डेटा, कॉल डिटेल और आरोपी के संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि चारों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। समय रहते पुलिस की कार्रवाई ने चार मासूम लड़कियों को संभावित मानव तस्करी के चंगुल में फंसने से बचा लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।  

नौकरी के नाम पर जाल: झालावाड़ से मुंबई तक फैला सेक्स रैकेट नेटवर्क

झालावाड़ झालावाड़ पुलिस ने नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त के सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है. इन लड़कियों से वैश्यावृत्ति करवाने के लिए बाकायदा एंग्रीमेंट करवाया जाता था. परिजनों से स्टांप पर साइन लेने के बाद इन लड़कियों को धकेल दिया जाता था. लड़कियों के परिजन जब लड़की को बेचते थे तो उन्हें मामूली रकम मिलती थी. फिर दलाल के जरिए बिकने के बाद 35 लाख रुपये तक की कीमत वसूली जाती थी. यह पूरा रैकेट मुंबई तक चल रहा था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 10 लड़कियों को रैकेट से मुक्त करवाया है. वहीं, महिला समेत 5 दलालों को गिरफ्तार भी किया है. परिजनों ने भी साध रखी थी चुप्पी मामले की हकीकत तब पता चली जब मुंबई पुलिस ने ऐसे ही मामले में कार्रवाई की. प्रकरण के तार झालावाड़ से जुड़े और फिर पूरा मामला खुल गया. एक ही समुदाय की कई लड़कियों को शिकार बनाया गया. लेकिन सामाजिक कुरीतियों, झगड़ा प्रथा और प्रभावशाली दलालों के डर के कारण पूरा समुदाय चुप्पी साधे हुए था. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर ने स्पेशल जांच टीम गठित कर गोपनीय जांच शुरू की. बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर झांसा दलालों का गिरोह गरीब परिवारों की बच्चियों को नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर खरीदता था. इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी उम्र बढ़ाई जाती और उन्हें मुंबई समेत अन्य शहरों में वैश्यावृत्ति के लिए भेज दिया जाता था. पुलिस ने जानकारी जुटाना शुरू किया. फिर बूंदी से आए 5 आरोपियों को डिटेन कर लिया. ‎अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के तहत मुंबई से 4, बूंदी से 1 और टोंक से 1 अन्य लड़की को भी दस्तयाब किया गया. कुल 10 लड़कियों में 7 नाबालिग और एक बालिग बताई जा रही है. जबकि दो लड़कियों की उम्र के बारे में सही जानकारी सामने नहीं आई है. स्टांप में लिखी शर्त ऐसी की पढ़कर कांप उठेंगे स्टांप से खुलासा हुआ है कि लड़कियों की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा दलाल खुद हड़प लेते थे. इतना ही नहीं, अनुबंध में यह अमानवीय शर्त भी दर्ज थी कि केवल आत्महत्या की स्थिति में ही कर्ज माफ माना जाएगा. ‎झालावाड़ पुलिस की इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है.

राजामौली की ‘वाराणसी’ में राम-कुंभकर्ण का 30 मिनट का महायुद्ध, बड़ा खुलासा

दिग्गज फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली की आने वाली फिल्म 'वाराणसी' (Varanasi) को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज बना हुआ है. इस फिल्म से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट फैंस की धड़कनें बढ़ा देती है. अब इस मेगा-बजट फिल्म को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल राजामौली के पिता और फेमस राइटर के.वी. विजयेन्द्र प्रसाद ने कन्फर्म किया है कि फिल्म में रामायण के काल से जुड़ा भगवान श्रीराम और महाबली कुंभकर्ण के बीच का एक भयंकर युद्ध देखने को मिलेगा.  यह कोई छोटा-मोटा सीन नहीं, बल्कि पूरे 30 मिनट का एक सीक्वेंस होने वाला है, जो सिनेमाघरों में फैंस के रोंगटे खड़े कर देगा.  फिल्म में सुपरस्टार महेश बाबू भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे. अनजाने में खोल दिया फिल्म का बड़ा राज हाल ही में 'फिल्मी फोकस' के एक इवेंट के दौरान राजामौली के पिता विजयेन्द्र प्रसाद से इस 30 मिनट के जादुई सीन के बारे में सवाल किया गया. जब उनसे पूछा गया कि यह सीन पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित है या फिर इसका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन है, तो उन्होंने खुलकर बात रखी. राइटर ने कहा, 'यह असल में राम और कुंभकर्ण के बीच की लड़ाई का सीन है… आपने ट्रेलर में भी इस बात को नोटिस किया होगा, है ना? वहां राम और कुंभकर्ण दिखाई देते हैं. इसके साथ ही भगवान हनुमान की पूंछ और उस पर एक रथ भी नजर आता है. मैं उसी विजुअल की बात कर रहा हूं… वह सच में मंत्रमुग्ध कर देने वाला है.' हालांकि, बातचीत के दौरान उन्हें जल्द ही इस बात का अहसास हो गया कि उन्होंने फिल्म के सस्पेंस को लेकर कुछ ज्यादा ही जानकारी दे दी है. इसके बाद जब उनसे फिल्म के टाइम जोन और इस अनोखे आइडिया के बारे में और कुरेदने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया और कहा, 'हमें इस विषय पर अब और ज्यादा बात नहीं करनी चाहिए.' महेश बाबू को देख राजामौली के खड़े हो गए थे रोंगटे डायरेक्टर एस.एस. राजामौली पहले ही इस बात पर मुहर लगा चुके हैं कि महेश बाबू फिल्म में 'राम' की भूमिका निभा रहे हैं. पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान राजामौली ने महेश बाबू के लुक को लेकर अपना एक्सपीरियंस शेयक किया था. उन्होंने बताया, 'शूटिंग के पहले दिन जब महेश फोटोशूट के लिए भगवान राम के पूरे गेटअप में तैयार होकर मेरे सामने आए, तो उन्हें देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे. एक पल के लिए तो मैं खुद उलझन में पड़ गया था. महेश के चेहरे पर जहां एक तरफ भगवान कृष्ण जैसा जादुई आकर्षण है, वहीं दूसरी तरफ श्रीराम जैसी असीम शांति और सौम्यता भी है. उनके इस लुक को देखकर मेरा भरोसा दोगुना हो गया. मैंने उस तस्वीर को अपने फोन का वॉलपेपर भी बना लिया था, लेकिन बाद में इस डर से हटा दिया कि कहीं कोई और इसे देख न ले.' 60 दिनों में शूट हुआ यादगार सीक्वेंस इस महायुद्ध के सीन को फिल्माना राजामौली और उनकी पूरी टीम के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. राजामौली ने बताया कि इस पूरे सीक्वेंस को कैमरे में कैद करने के लिए उन्हें पूरे 60 दिनों तक लगातार शूटिंग करनी पड़ी, जिसे हाल ही में पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, 'शूटिंग का हर एक दिन हमारे लिए एक नई चुनौती लेकर आता था. इस सीक्वेंस का हर एक एपिसोड और सब-एपिसोड अपने आप में एक पूरी फिल्म की तरह भारी-भरकम था; हमें हर एक फ्रेम को नए सिरे से सोचना और प्लान करना पड़ता था. मुझे पूरा विश्वास है कि यह सीन मेरे और महेश बाबू, दोनों के फिल्मी करियर के सबसे यादगार और ऐतिहासिक दृश्यों में से एक साबित होगा.' जब यह सीक्वेंस पहली बार रिलीज हुआ, तो फैंस ने अंदाजा लगाया कि फिल्म टाइम ट्रैवल पर आधारित है. राइटर के अपडेट के बाद इस फिल्म को लेकर उत्साह अब अपने चरम पर है. महेश और पृथ्वीराज के अलावा, इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा भी हैं और यह इंडियन सिनेमा में उनकी वापसी है. यह फिल्म 2027 में रिलीज होने वाली है.

अवैध खनिज ढुलाई पर रोक की तैयारी, बिहार में ट्रांजिट पास सिस्टम लागू

छपरा  बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य में अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार 10 जून से बाहरी राज्यों से बालू, पत्थर तथा अन्य लघु खनिज लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) लेना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाना, अवैध ढुलाई पर रोक लगाना तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यदि परिवहन चालान में खनिज की मात्रा वजन के रूप में दर्ज है तो ट्रांजिट पास के लिए 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन तथा मात्रा आयतन के रूप में अंकित होने पर 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से एक ही चालान का बार-बार उपयोग कर खनिज ढुलाई की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही बिहार में आयातित खनिजों का सटीक आंकड़ा भी उपलब्ध हो सकेगा। पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन खनिज विकास पदाधिकारी सर्वेश कुमार संभव ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित वाहन मालिकों को आईएसटीपी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से वाहन मालिक पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे। अन्य राज्यों से खनिज स्रोत पर परिवहन चालान जारी होने के छह घंटे के भीतर वाहन पर लदे खनिज की मात्रा के अनुसार ऑनलाइन ट्रांजिट पास प्राप्त करना आवश्यक होगा। ट्रांजिट पास का भुगतान भी पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। विभाग ने यह भी बताया है कि आईएसटीपी की वैधता मूल खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी। परिवहन के दौरान वाहन चालक के पास ट्रांजिट पास के साथ-साथ संबंधित राज्य द्वारा निर्गत वैध खनिज परिवहन चालान भी होना जरूरी है। जांच के दौरान दोनों में से कोई एक दस्तावेज नहीं मिलने पर बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019, यथा संशोधित 2026 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनिज परिवहन में जब्त किए गए वाहनों को निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही छोड़ा जाएगा। सारण के खनिज विकास पदाधिकारी ने सभी वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं से नए नियमों का पूर्ण अनुपालन करने की अपील की है।  

हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार, बोले- भत्ते से ज्यादा खर्च मुकदमे पर कर दिया

चंडीगढ़. महज 7,299 रुपये के यात्रा भत्ता (टीए) बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद 19 वर्ष तक अदालतों में चलता रहा, लेकिन आखिरकार पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार की नियमित द्वितीय अपील को खारिज करते हुए इस लंबे कानूनी विवाद पर विराम लगा दिया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब मूल वाद की राशि 25 हजार रुपये से कम हो तो सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 102 के तहत नियमित द्वितीय अपील सुनवाई योग्य नहीं होती। जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने यह फैसला हरियाणा सरकार और उसके अधिकारियों द्वारा दायर अपील पर सुनाया। मामले की शुरुआत उस समय हुई जब रोहतक के ओपी खन्ना ने अपने लंबित टीए बिलों के भुगतान के लिए दीवानी मुकदमा दायर किया। रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 1999 से अप्रैल 2002 के बीच विभिन्न सरकारी दौरों से संबंधित 7,299 रुपये के यात्रा भत्ता बिलों का भुगतान नहीं किया गया था। खन्ना ने दावा किया कि बिलों का भुगतान अनुचित रूप से रोका गया है और उन्होंने राशि के साथ ब्याज की भी मांग की। दूसरी ओर हरियाणा सरकार का पक्ष था कि संबंधित टीए बिलों को बजट की अनुपलब्धता तथा स्थानीय यात्रा भत्ता और किलोमीटर संबंधी दावों पर उठाई गई आपत्तियों के कारण रोका गया था। विभाग ने यह भी कहा कि मामले को उद्योग निदेशक, हरियाणा के पास स्पष्टीकरण और मार्गदर्शन के लिए भेजा गया था तथा उठाई गई आपत्तियों की जानकारी कर्मचारी को दे दी गई थी। वर्ष 2006 में सिविल जज (जूनियर डिवीजन), रोहतक ने ओपी खन्ना का मुकदमा खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने जिला जज, रोहतक की अदालत में अपील दायर की। प्रथम अपीलीय अदालत ने 1 फरवरी 2007 को निचली अदालत का फैसला पलटते हुए खन्ना के पक्ष में निर्णय दिया। इसी आदेश को चुनौती देते हुए हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट में नियमित द्वितीय अपील दाखिल कर दी। सरकार की ओर से दलील दी गई कि चूंकि मूल विवादित राशि 10 हजार रुपये से कम थी, इसलिए प्रथम अपील ही सुनवाई योग्य नहीं थी। वहीं न्याय मित्र अंकुर मित्तल ने अदालत को बताया कि सीपीसी की धारा 102 स्पष्ट रूप से कहती है कि 25 हजार रुपये से कम राशि वाले मामलों में दूसरी अपील नहीं की जा सकती। इसलिए सरकार की यह अपील प्रारंभिक स्तर पर ही अस्वीकार्य है। हाई कोर्ट ने सरकारी विभागों द्वारा बेहद छोटी रकम के मामलों में वर्षों तक मुकदमेबाजी करने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई थी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कई बार सरकारी विभाग विवादित राशि से कई गुना अधिक रकम मुकदमेबाजी पर खर्च कर देते हैं। इससे न केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी होती है बल्कि न्यायालयों का बहुमूल्य समय भी ऐसे मामलों में खर्च होता है। जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि मूल वाद की राशि मात्र 7,299 रुपये थी, जो 25 हजार रुपये की वैधानिक सीमा से काफी कम है। ऐसे में सीपीसी की धारा 102 के स्पष्ट परविधान के कारण नियमित द्वितीय अपील सुनवाई योग्य नहीं है। अदालत ने इसी आधार पर हरियाणा सरकार की अपील को खारिज कर दिया।

अय्यर को कप्तानी, तिलक बने उपकप्तान; एशियन गेम्स और सीरीज के लिए टीम घोषित

नई दिल्ली आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम का सेलेक्शन 6 जून (शनिवार) को हुआ. चयनकर्ताओं ने जो टीम चुनी है, उससे बड़े मैसेज निकलकर सामने आए हैं. आईसीसी मेन्स टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैम्पियन बनाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को ना सिर्फ कप्तानी से हटाया गया, बल्कि टी20 टीम से भी बाहर कर दिया गया. उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई है. सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को लेकर है, जिन्हें पहली बार भारतीय सीनियर टीम में मौका मिला है. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में अपने तूफानी प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव अब टीम इंडिया की जर्सी में नजर आएंगे. पिछले कुछ दिनों से श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने की खबरें सामने आ रही थीं और अब भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इस पर आधिकारिक मुहर लगा दी. श्रेयस ने आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2023 में खेला था, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें फिर से टीम में जगह दिला दी. आईपीएल 2026 में श्रेयस अय्यर ने 14 मैचों में 498 रन बनाए थे. कप्तान के रूप में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है. उन्होंने 2024 के सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को खिताब जिताया, जबकि 2025 में पंजाब किंग्स (PBKS) को फाइनल तक पहुंचाया. इससे पहले 2020 के सीजन में उनकी कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स (DC) फाइनल तक पहुंची थी. चयनकर्ताओं ने इसी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें टी20 टीम की कमान सौंपी है. सिर्फ कप्तानी ही नहीं बदली है, बल्कि उप-कप्तान भी नया चुना गया है. अक्षर पटेल की जगह युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को उप-कप्तान बनाया गया है. यह फैसला साफ संकेत देता है कि भारतीय टीम प्रबंधन लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 और अगले टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा नेतृत्व तैयार करना चाहता है. आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा जिस खिलाड़ी की हुई, वो थे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी. राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस युवा बल्लेबाज ने 16 मैचों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीता था. उन्होंने पूरे सीजन में 72 छक्के जड़े और क्रिस गेल का एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. वैभव ने सिर्फ आईपीएल में ही नहीं, बल्कि अंडर-19 विश्व कप में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. फाइनल में शतक लगाकर उन्होंने भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. अब उन्हें शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है. हार्दिक-रिंकू भी टीम का हिस्सा नहीं टीम चयन में एक और बड़ा फैसला हार्दिक पंड्या को लेकर सामने आया है. इस स्टार ऑलराउंडर को आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स तीनों स्क्वॉड से बाहर रखा गया है. माना जा रहा है कि चयनकर्ता अब उन्हें वनडे क्रिकेट और 2027 विश्व कप की तैयारियों पर फोकस करने देना चाहते हैं. आईपीएल 2026 के दौरान हार्दिक को पीठ में चोट भी लगी थी, जिसके बाद वह कुछ मुकाबलों से बाहर रहे थे. हालांकि अब उन्हें फिटनेस क्लियरेंस मिल चुका है. वहीं मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रिंकू सिंह को भी टीम में जगह नहीं मिली है, जिनकी हालिया फॉर्म उतनी संतोषजनक नहीं रही थी. प्रिंस यादव की भी एंट्री जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज से आराम दिया गया है. हालांकि वह एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे. चयनकर्ताओं ने यह फैसला उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए लिया है. वहीं आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है. लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 16 विकेट लिए थे | आईपीएलस 2026 में 28 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है. शानदार सीजन के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में जगह नहीं दी, जिससे साफ हो गया है कि फिलहाल उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावना कम है. आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी.

रिवाल्वर थीम और लग्जरी पेंडेंट की चर्चा, यूएस ज्वेलरी शो में दिखा सिद्धू मूसेवाला का अनोखा अंदाज

लास वेगास/चंगीगढ़. अमेरिका में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय ज्वेलरी प्रदर्शनी में दिवंगत पंजाबी सुपरस्टार सिद्धू मूसेवाला के नाम से जुड़ा एक खास ज्वेलरी पीस लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लास वेगास में 5 जून को हुए प्रतिष्ठित ज्वेलरी ट्रेड इवेंट में यह पेंडेंट पहली बार सार्वजनिक रूप से पेश किया गया, जिसे न्यूयॉर्क की एक जानी-मानी ज्वेलरी कंपनी ने तैयार किया है। इस पेंडेंट की सबसे बड़ी खासियत इसकी कलात्मक डिजाइन है। इसमें पगड़ी पहने, रिवाल्वर लिए हुए चेहरे की आकृति बनाई गई है, जो मूसेवाला की पहचान और उनकी सांस्कृतिक छवि को दर्शाती है। हीरों और रत्नों की बारीक जड़ाई इसे एक हाई-एंड कस्टम ज्वेलरी पीस का रूप देती है। इस एक्सक्लूसिव पेंडेंट की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2 लाख अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग डेढ़ से पौने दो करोड़ रुपये के बराबर है। कंपनी की जानकारी के मुताबिक, इस पेंडेंट में कुल 81.92 कैरेट के नेचुरल डायमंड्स जड़े गए हैं, जबकि इसे 14 कैरेट गोल्ड से तैयार किया गया है। पेंडेंट का वजन लगभग 400 ग्राम बताया जा रहा है, जो इसे बेहद खास और प्रीमियम बनाता है। कंपनी ने इस पेंडेंट का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा किया है, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। दुनियाभर से फैंस और ज्वेलरी एक्सपर्ट्स इस अनोखी क्रिएशन पर चर्चा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी कलाकार को समर्पित इस तरह की ज्वेलरी उसकी अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और स्थायी प्रभाव को दर्शाती है। प्रदर्शनी के दौरान मौजूद भारतीय दर्शकों ने न सिर्फ सिद्धू मूसेवाला को पहचाना, बल्कि उनके नाम से जुड़े इस पेंडेंट को खरीदने में भी दिलचस्पी दिखाई। बातचीत के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि ने उनके गाने भी सुनाए और बताया कि मूसेवाला के ट्रैक आज भी दुनियाभर में लाखों लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।

पेयजल संकट से मिली निजात, सूरजपुर के दूरस्थ अंचलों में घर-घर पहुंचा पानी

सूरजपुर/रायपुर. प्रदेश के दूरस्थ, पहाड़ी एवं जनजातीय अंचलों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों और निर्देशों से महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। मंत्री के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा बंद पड़े सोलर पेयजल पंपों की मरम्मत तथा नए पंपों की स्थापना कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को पुनः सुचारु किया गया है। सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड सहित विभिन्न दूरस्थ ग्रामों में तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया गया। ग्राम करौटी-ए (परसापारा), कोलुहा भाटपारा एवं बैजानपाठ में नए मोटर पंप स्थापित कर सोलर पंपों को पुनः कार्यशील बनाया गया, जिससे ग्रामीणों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है। इसके अलावा भैयाथान विकासखंड के दतिमा आमापारा इंद्रावास, कसकेला औरापारा तथा सूरजपुर विकासखंड के लटोरी कुशवाहापारा एवं मंजीरा फुलवारपारा में भी खराब सोलर पंपों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। वहीं चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के भाटपारा गांव में नया मोटर पंप स्थापित कर लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान किया गया, जिससे विशेष रूप से पंडो समुदाय के परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि प्रदेश के अंतिम छोर तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी भी ग्रामीण को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था बहाल होने पर राज्य सरकार, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें घर के समीप ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। यह पहल ग्रामीण जीवन को सुगम बनाने, महिलाओं एवं बच्चों के श्रम की बचत करने तथा जनजातीय अंचलों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।