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साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पितृपक्ष में, इन राशियों को मिलेगा खास लाभ

हर साल भाद्रपद महीने की पूर्णिमा तिथि से पितृपक्ष आरंभ होता है। इस बार पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025 को हो रही है। संयोग यह है कि इसी दिन साल का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण भी लगेगा। ज्योतिषाचार्य  ने बताया कि धार्मिक और खगोल विज्ञान की दृष्टि से यह दिन बेहद खास रहने वाला है। कब और कहां दिखेगा ग्रहण यह पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत सहित एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफ्रीका, अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण स्पष्ट रूप से नजर आएगा, इसलिए सूतक काल का पालन अनिवार्य होगा। ग्रहण का छाया प्रवेश रात 8:58 बजे, स्पर्श 9:57 बजे, मध्यम 1:27 बजे और मोक्ष 2:25 बजे होगा। सूतक काल दोपहर 12:50 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा। पूजा-पाठ और दान की परंपरा ग्रहण के दौरान धार्मिक कार्य, भोजन और यात्रा निषेध मानी गई है। इस अवधि में भगवान का स्मरण और जप करना सर्वोत्तम है। मान्यता है कि ग्रहण काल में दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। राहु ग्रह के दोष निवारण हेतु सात अनाज, वस्त्र, लोहा और तिलदान विशेष लाभकारी बताए गए हैं। राशि अनुसार प्रभाव और परामर्श ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा। इसलिए कुंभ और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। इनके लिए ग्रहण देखना वर्जित है। ग्रहण का शुभ प्रभाव मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि वालों के लिए रहेगा, जबकि मिथुन, सिंह, तुला और मकर पर सामान्य असर रहेगा। वहीं कर्क, वृश्चिक, मीन और कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण अशुभ फलदायी माना गया है। सूतक काल में सावधानियां गर्भवती महिलाओं को ग्रहण देखने से विशेष परहेज करना चाहिए। सूतक लगने के बाद भोजन नहीं करना चाहिए। स्नान, जप, ध्यान और भजन-कीर्तन करना मंगलकारी माना जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर दान करने से ग्रहण दोष शांति मिलती है। किन वस्तुओं का दान करें लाभ के लिए राशि अनुसार दान करना इस दिन विशेष फलदायी रहेगा। मेष राशि वाले लाल वस्तुएं, वृषभ और तुला राशि वाले सफेद वस्तुएं, कर्क राशि वाले दूध-दही-चावल, सिंह राशि वाले गेहूं-मूंगफली-शहद, कन्या राशि वाले गन्ने का रस, वृश्चिक राशि वाले आलू-शकरकंद-गेहूं, धनु और मीन राशि वाले पीले वस्त्र-फल तथा मकर और कुंभ राशि वाले काले तिल और वस्त्र दान करें। ग्रहण का सामाजिक और प्राकृतिक प्रभाव ग्रहण काल के दौरान काली, सफेद और लाल वस्तुओं के साथ ही जल में उत्पन्न होने वाली वस्तुएं और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भी असर दिखाई देगा। व्यापारिक दृष्टि से ज्वार, बाजरा जैसी अनाज वस्तुओं में तेजी आने की संभावना है। बंगाल, मगध और गुजरात के समुद्री क्षेत्रों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा। 

पितृपक्ष में भूलकर भी न छोड़ें ये 3 दिन, पूर्वजों की आत्मा को मिलता है तृप्ति

इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो पितरों के आशीर्वाद प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण समय है. पितृ पक्ष 15 दिनों तक चलता है, जो भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक होता है. इस साल पितृपक्ष 21 सितंबर तक रहने वाला है. इस दौरान सभी तिथियों का महत्व है, जिनमें पितरों के लिए किए गए कार्यों से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. तो चलिए आज हम आपको पितृपक्ष की सभी तिथियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनपर तर्पण करना बहुत ही शुभ माना जाता है.  किस तिथि पर किसका होता है श्राद्ध? – पूर्णिमा श्राद्ध या पहला श्राद्ध इस बर पूर्णिमा श्राद्ध 7 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की पूर्णिमा तिथि को हुई हो. – प्रतिपदा या पहला श्राद्ध इस बार प्रतिपदा श्राद्ध 8 सितंबर को होगा. प्रतिपदा श्राद्ध में उन पितरों का तर्पण, पिंडदान, दान, श्राद्ध आदि होता है, जिनका किसी भी माह की प्रतिपदा तिथि को निधन हुआ होता है. – द्वितीय श्राद्ध आश्विन मास का द्वितीय श्राद्ध 9 सितंबर को होगा. जिन पितरों की मृत्यु किसी भी महीने के दूसरे दिन (द्वितीया) हुई हो उनका श्राद्ध पितृपक्ष की द्वितीया तिथि पर किया जाता है.  – तृतीया श्राद्ध तृतीया श्राद्ध इस बार 10 सितंबर को है. जिनकी मृत्यु तृतीया तिथि को हुई हो, उनका श्राद्ध तृतीया को किया जाता है.  – चौथा श्राद्ध चौथा श्राद्ध भी इस बार 10 सितंबर को ही होगा. अगर किसी के पिताजी की मृत्यु चतुर्थी को हुई हो तो उनका श्राद्ध भी उसी तिथि को किया जाता है.  – पांचवां श्राद्ध या महाभरणी श्राद्ध पांचवां श्राद्ध इस बार 11 सितंबर को होगा. इस दिन अविवाहित पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु पंचमी तिथि पर हुई हो.  – षष्ठी श्राद्ध छठा श्राद्ध इस बार 12 सितंबर को होगा. षष्ठी तिथि के दिन किसी की मृत्यु हो जाती है, उन पितरों का श्राद्ध षष्ठी के दिन किया जाता है.  – सप्तमी श्राद्ध इस बार सप्तमी श्राद्ध 13 सितंबर को होगा. सप्तमी तिथि के दिन जिनकी मृत्यु हो जाती है, उनका श्राद्ध सप्तमी के दिन ही किया जाता है.  – अष्टमी श्राद्ध इस बार आठवां श्राद्ध 14 सितंबर को होगा. जिन पितरों की मृत्यु किसी भी महीने की अष्टमी तिथि के दिन हो जाती है, उनका श्राद्ध जो है वो अष्टमी तिथि के दिन किया जाता है.  – नवमी श्राद्ध इस बार नवमी श्राद्ध 15 सितंबर को होगा. नवमी श्राद्ध खास महिलाओं के लिए होता है. यदि किसी महिला की मृत्यु तिथि याद ना हो तो नवमी तिथि पर श्राद्ध करना चाहिए. – दशमी श्राद्ध इस बार दशमी श्राद्ध 16 सितंबर को होगा. अगर किसी पितर की मृत्यु किसी भी महीने की दशमी तिथि को हुई हो तो उनका श्राद्ध पक्ष की दशमी तिथि के दिन किया जाता है.  – एकादशी श्राद्ध इस बार एकादशी श्राद्ध 17 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों श्राद्ध किया जाता है,  जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की एकादशी के दिन होती है.  – द्वादशी श्राद्ध इस बार द्वादशी श्राद्ध 18 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जो संन्यासी होते हैं. इसलिए, इसे संन्यासी श्राद्ध भी कहा जाता है.  – त्रयोदशी श्राद्ध या मघा श्राद्ध त्रयोदशी श्राद्ध इस बार 19 सितंबर को होगा. पितृ पक्ष की त्रयोदशी के दिन बच्चे का श्राद्ध किया जाता है. अगर किसी के घर में बच्चे की मृत्यु हो गई हो तो उसका श्राद्ध त्रयोदशी के दिन किया जाता है.  – चतुर्दशी श्राद्ध इस बार चतुर्दशी श्राद्ध 20 सितंबर को होगा. इस दिन उन व्यक्तियों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी अकाल मृत्यु हो गई हो.  – सर्वपितृ अमावस्या या आखिरी श्राद्ध  ये इस बार 21 सितंबर को है. इस दिन ज्ञात-अज्ञात सभी पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है. यह पितृपक्ष का अंतिम दिन होता है जब सभी पितरों की पूजा की जाती है.  पितृ पक्ष की ये 3 तिथियां हैं खास पितृ पक्ष की सभी तिथियों का अपना महत्व है, क्योंकि हर तिथि पर किसी न किसी के पितर की मृत्यु हुई होती है और वे उनके लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं. लेकिन, इस दौरान भरणी श्राद्ध, नवमी श्राद्ध और सर्व पितृ अमावस्या की तिथियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.  1. भरणी नक्षत्र हिंदू पंचांग के मुताबिक, भरणी या पंचमी श्राद्ध 11 सितंबर, गुरुवार के दिन किया जाएगा. भरणी श्राद्ध को महाभरणी श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है. भरणी श्राद्ध किसी परिजन की मृत्यु के एक साल बाद करना जरूरी होता है. अविवाहित लोगों का श्राद्ध पंचमी तिथि पर किया जाता है, और यदि उस दिन भरणी नक्षत्र हो तो श्राद्ध का महत्व और भी बढ़ जाता है. इसके अलावा, जो लोग तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते हैं, उनके लिए गया, पुष्कर आदि में भरणी श्राद्ध करना आवश्यक होता है. 2. नवमी श्राद्ध नवमी श्राद्ध को मातृ श्राद्ध और मातृ नवमी के नाम से जाना जाता है. नवमी तिथि पर माता पितरों का श्राद्ध करने का विशेष महत्व है, जिसमें मां, दादी, नानी आदि के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किया जाता है.  3. सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध पितृ पक्ष की सबसे खास और आखिरी तिथि है सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध. सर्व पितृ अमावस्या पर उन पितरों के लिए श्राद्ध किया जाता है, जिनकी तिथि का पता नहीं है. 

बुधवार का राशिफल: 3 सितम्बर को इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा पैसा और सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। माता-पिता का सहयोग मिलने से वित्तीय परेशानियां खत्म हो सकती हैं। आज किसी खास व्यक्ति से आपको सरप्राइज मिल सकता है। आप कार्यस्थल पर अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपके बॉस भी आपकी तरक्की से खुश नजर आएंगे। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। वृषभ राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल रहेंगे। शादीशुदा लोगों का दिन अच्छा रहने वाला है। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। मिथुन राशि- आज आवेग में आकर कोई फैसला न लें। परिवार में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। इमोशनल फीलिंग्स को दबाकर रखें। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। यात्रा आनंददायक और लाभदायक रहेगी। आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य थोड़ा खराब हो सकता है। कर्क राशि– आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। कार्यस्थल पर आपको अच्छे बदलाव का अनुभव हो सकता है। अगर आप जल्दबाजी में फैसले पर पहुंचेंगे और बेकार की कार्रवाई करेंगे तो यह एक परेशान करने वाला दिन होगा। सिंह राशि- आज के दिन की शुरुआत योग और ध्यान से करने से मानसिक रूप से फिट रहेंगे। जमीन से जुड़े किसी मामले पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आज कार्यस्थल पर आपके विचारों को सुना जाएगा और स्वीकार किया जाएगा। व्यावसायिक उन्नति मिल सकती है। आप अपने जीवनसाथी के साथ रोमांटिक दिन बिताएंगे। कन्या राशि- आज आपके कारोबार में वृद्धि हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम के निपटने से मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। आर्थिक लाभ होगा। ऑफिस में सावधान रहें क्योंकि कोई आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकता है। आप अपने जीवनसाथी से नाराज महसूस कर सकते हैं। तुला राशि- आज आपके मूड में बदलाव हो सकता है। आपकी करियर की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। किसी लक्ष्य को पाना आज आपके लिए आसान नहीं होगा। ऑफिस में ईमानदारी से काम करते रहें। प्यार के आनंद का अनुभव करने वाला कोई मिल सकता है। यात्रा से लाभ मिलेगा। वृश्चिक राशि- आज आपका मन परेशान रहेगा। बेकार के क्रोध से बचें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में बदलाव के योग हैं। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। अपनों का साथ मिलेगा। जिस चीज की जरूरत होगी उसकी उपलब्धता भी होगी। धनु राशि- आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। आज अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। कई स्रोतों से धन लाभ होगा। आप कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। किसी भी नई साझेदारी पर साइन करने से दूर रहें। आज का दिन एकांत में बिताना आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ एक यादगार दिन बिताएंगे। मकर राशि- आज दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। पैसे को रियल एस्टेट में निवेश करना अच्छा रहेगा। घरेलू मामलों को निपटाने के लिए दिन अनुकूल रहने वाला है। नौकरी पेशा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। कुंभ राशि- आज धन की स्थिति में सुधार होगा। आकस्मिक स्रोत से धन का आगमन होगा, जिससे आर्थिक स्थिरता मिल सकती है। परिवार में वाद-विवाद से दूर रहें। व्यापारिक प्लानिंग सफल होंगी। आप अपना खाली समय अपनी जरूरतों को पूरा करने में लगाना चाहेंगे, लेकिन कोई जरूरी काम आ जाने के कारण आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। मीन राशि- आज आपके मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। किसी राजनेता से भेंट हो सकती है। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक लाभ बढ़ेगा। नौकरी पेशा करने वालों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है।

‘द ग्रेटेस्ट’ माने जा चुके खिलाड़ी को मिला मौका, पहली बार खेलेंगे SKY की कप्तानी में

नई दिल्ली 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव ने रोहित शर्मा की जगह भारत के टी20I कप्तान का पद संभाला। हालांकि, हार्दिक पांड्या लंबे समय तक रोहित शर्मा के उप-कप्तान रहे थे। वह कप्तान बनने की रेस में सबसे आगे थे। हालांकि, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार को ही चुना। पदभार संभालने के बाद से उन्होंने अपनी कप्तानी से प्रभावित किया है। भारत को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका सहित अन्य देशों के खिलाफ टी20I सीरीज में जीत दिलाई है। इन जीतों ने न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि आगामी एशिया कप और 2026 टी20 विश्व कप के लिए एक मजबूत नींव भी रखी है।   10 सितंबर को भारत खेलेगा पहला मैच गौरतलब है कि भारत अपने एशिया कप अभियान की शुरुआत 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ करेगा। भारतीय टीम 4 सितंबर को फिर से मैदान पर उतरेगी और अगले दिन से ट्रेनिंग कैंप शुरू होगा। उससे पहले जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता पर बड़ा सवाल बना हुआ है। पहली बार सूर्या की कप्तानी में खेलेंगे बुमराह दिलचस्प बात यह है कि बुमराह एकमात्र ऐसे भारतीय क्रिकेटर हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी भी सूर्यकुमार की कप्तानी में नहीं खेला। इस आक्रामक बल्लेबाज ने मुंबई इंडियंस की भी कप्तानी की है, लेकिन बुमराह उन मैचों में भी नहीं खेले। एशिया कप के दौरान बुमराह पहली बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेलेंगे। बता दें कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने भारत की सलामी जोड़ी के रूप में खुद को साबित किया है। पिछले एक साल में उन्होंने लगभग सभी विरोधियों पर दबदबा बनाया है और मध्यक्रम में अपनी बादशाहत कायम की है। हालांकि, शुभमन गिल को टीम का उप-कप्तान बनाए जाने के बाद इस जोड़ी पर खतरा मंडरा रहा है। सैमसन तीन नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। थिंक टैंक से सामने चुनौती ऐसे में सूर्यकुमार चौथे, तिलक वर्मा पांचवें और हार्दिक पांड्या छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। हालांकि, यह देखने वाली बात होगी कि भारतीय टीम प्रबंधन और थिंक टैंक ने क्या प्लान बनाया है। यह तो एशिया कप शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।  

‘आप’ पार्टी ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी अभियान, पंजाब बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी राहत

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न त्रासदी को देखते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने देशभर के अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। 'आप' के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरी तरह से राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक से लेकर पार्टी के हजारों वालंटियर्स प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पंजाब और सिख समुदाय ने हमेशा दुनिया को निःस्वार्थ सेवा और सहयोग का संदेश दिया है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो या युद्ध जैसी परिस्थिति, सिख समाज सबसे पहले पीड़ितों की मदद के लिए खड़ा होता है और गुरुद्वारों में लंगर लगाकर राहत पहुंचाता है। अब समय है कि हम सब भी उनसे प्रेरणा लेकर सेवा के इस कार्य में शामिल हों। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि इंसानियत के नाते सभी को मिलकर पंजाब के लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए। 'आप' के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि पंजाब के कई जिले, हजारों गांव, लाखों परिवार और अनगिनत पशु इस बाढ़ की चपेट में आए हैं। राज्य सरकार और कई सामाजिक संगठन मिलकर राहत कार्य चला रहे हैं, लेकिन नुकसान बहुत व्यापक है। पंजाब के लोग हमेशा दूसरों की मदद करते हैं, इसलिए इस समय पूरे देश का कर्तव्य है कि वे पंजाब की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि इस आपदा में राशन से ज्यादा जरूरत मच्छरदानियों, तिरपाल, दवाइयों और बच्चों के कपड़ों जैसी चीजों की है, क्योंकि बाढ़ का पानी घरों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा चुका है। राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया कई हफ्तों तक चलेगी। आम आदमी पार्टी ने निर्णय लिया है कि देशभर के सभी 'आप' के कार्यालयों को पंजाब राहत अभियान का केंद्र बनाया जाएगा। वहां से आवश्यक सामग्री एकत्रित कर पीड़ितों तक पहुंचाई जाएगी।

पाकिस्तानी नेताओं की चीन में गुप्त बैठक, पीएम शहबाज और जनरल मुनीर शामिल

बीजिंग  चीन में पाकिस्तानी नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तो एससीओ समिट में हिस्सा लेने पहुंचे ही थे। पाकिस्तान आर्मी के चीफ असीम मुनीर भी वहां पहुंच चुके हैं। जब मंगलवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले तो वहां पर असीम मुनीर भी मौजूद थे। इतना ही नहीं, इस दौरान पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार भी वहां मौजूद थे। यह मुलाकात एससीओ सम्मेलन खत्म होने ठीक अगले दिन हुई है। गौरतलब है कि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन गए थे। एससीओ समिट में पहलगाम आतंकी हमले और आतंकवाद को लेकर एक संयुक्त वक्तव्य भी जारी हुआ था। यह भारतीय लिहाज से काफी अहम था, क्योंकि इसमें पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र हुआ। चीनी सेना की परेड में लेंगे हिस्सा असीम मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर लोगों में शुमार हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुनीर का प्रमोशन कर दिया गया था। उन्हें फील्ड मार्शल का पद दिया गया है। मुनीर का दावा था कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने पूरा जवाब दिया था। वह उस पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे, जिसने तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। अब वह बुधवार को द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चीनी सेना की एक भव्य परेड में शामिल होंगे। सेना प्रमुख के तौर पर दूसरी यात्रा मुनीर के शरीफ़ के साथ उस परेड को देखने जाने की संभावना है, जिसमें चीनी सेना हवाई, जमीनी, इलेक्ट्रॉनिक और मिसाइल प्रणालियों सहित सभी प्रकार के अपने सबसे आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। ये हथियार प्रणालियां पाकिस्तानी सेना के लिए काफ़ी मायने रखती हैं, क्योंकि उसके 80 प्रतिशत से ज़्यादा हथियार चीन से ही आते हैं। सेना प्रमुख के रूप में यह उनकी दूसरी चीन यात्रा है। फील्ड मार्शल के रूप में पदभार संभालने के बाद, जुलाई में चीन की अपनी पहली यात्रा के दौरान, मुनीर ने उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की थी। लेकिन तब वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से नहीं मिले थे। बता दें कि इससे पहले असीम मुनीर अमेरिका भी गए थे। वहां पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें लंच पर आमंत्रित किया था। क्या हुई बात पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, जो टीम का हिस्सा भी थे, ने कहा कि मुनीर, शरीफ और शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग पर व्यापक बातचीत की। डार के अनुसार, जिनपिंग ने कहा कि दोनों पक्षों को करीबी चीन-पाकिस्तान के संबंधों की बेहतरी पर काम करना चाहिए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हवाले से कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे और चीन-पाकिस्तान मुक्त व्यापार समझौते के उन्नत संस्करणों के निर्माण के लिए चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।  

रेल पर सवार होकर चीन पहुंचे किम जोंग उन, शाही बेड़े में क्या-क्या शामिल?

बीजिंग आमतौर पर किसी देश का सर्वोच्च नेता दूसरे देश की यात्रा के लिए हवाई जहाज का उपयोग करता है, ताकि कम समय में वह वहां पहुंचे और वापस लौट आए। लेकिन उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन हवाई जहाज के बजाय ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं। वे बख्तरबंद रेलगाड़ी में सवार होकर दूसरे देश की सीमा में प्रवेश करते हैं। एक बार फिर उन्होंने चीन जाने के लिए इसी रेलगाड़ी का उपयोग किया और मंगलवार को चीन पहुंचे। 1300 किलोमीटर की दूरी तय की ट्रेन ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से चीन की राजधानी बीजिंग तक लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय की। बुधवार को बीजिंग में 'विक्ट्री डे' परेड होने वाली है, जिसमें किम जोंग उन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विश्व नेताओं के साथ शामिल होंगे। उम्मीद है कि इस सैन्य परेड के जरिए वे अमेरिका के खिलाफ अपनी त्रिपक्षीय एकता का प्रदर्शन करेंगे। किम जोंग उन पहली बार लेंगे हिस्सा किम और व्लादिमीर पुतिन उन 26 विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो बीजिंग में आयोजित होने वाली इस विशाल सैन्य परेड में शी जिनपिंग के साथ हिस्सा लेंगे। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और जापानी आक्रामकता के खिलाफ चीन के प्रतिरोध की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रही है। यह ऐसा अवसर होगा, जिसमें किम जोंग उन अपने 14 साल के शासनकाल में पहली बार किसी बड़े बहुपक्षीय आयोजन में भाग लेंगे। साथ ही यह पहला मौका होगा, जब अमेरिका को चुनौती देने वाले देशों के नेता किम, शी और पुतिन एक ही स्थान पर एक साथ नजर आएंगे। इस ट्रेन में क्या-क्या है? उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के लिए ट्रेन से इतनी लंबी यात्रा करना कोई नई बात नहीं है। उनके पिता और दादा भी ऐसा कई बार कर चुके हैं। यानी, यह परंपरा उनके दादा ने शुरू की थी, जिसे आज तक कायम रखा गया है। किम जोंग उन के पिता, किम जोंग इल ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। कहा जाता है कि किम जोंग इल को हवाई जहाज से यात्रा करने में डर लगता था, इसलिए वे ट्रेन से सफर करते थे। किम जोंग उन ट्रेन यात्रा बुलेटप्रूफ ट्रेन में 90 डिब्बे इस गहरे हरे रंग की ट्रेन में कॉन्फ्रेंस रूम, ऑडियंस चैंबर, बेडरूम, सैटेलाइट फोन और फ्लैट स्क्रीन टीवी जैसे साधन मौजूद हैं। नवंबर 2009 में दक्षिण कोरिया के एक समाचार आउटलेट ने बताया था कि इस बुलेटप्रूफ ट्रेन में कुल 90 डिब्बे हैं। इन डिब्बों में लाल रंग की लेदर आर्मचेयर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ट्रेन की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस रेलगाड़ी का नाम 'टाएयेनघो' है, जिसका कोरियाई भाषा में अर्थ 'सूरज' है। यह उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग का प्रतीक माना जाता है। उत्तर कोरियाई नेताओं का ट्रेन से क्या है संबंध? बताया जाता है कि लंबी दूरी की यात्राओं के लिए ट्रेन का उपयोग करने की परंपरा किम इल सुंग ने शुरू की थी। किम जोंग उन के दादा, किम इल सुंग, वियतनाम और पूर्वी यूरोप तक ट्रेन से यात्रा करते थे। इस ट्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर कोरिया के सुरक्षा एजेंट संभालते हैं। वे बम या अन्य खतरों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के मार्ग और अगले स्टेशनों की जांच करते हैं। बता दें कि 2001 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए किम जोंग इल ने दस दिन की ट्रेन यात्रा कर मॉस्को पहुंचे थे।  

भारत ने अमेरिका से कहा- ट्रेड डील पर डेडलाइन की बात नहीं करेंगे

नई दिल्ली  भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति ना बनने पर खिसियाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सोमवार को एक बार फिर भारत को निशाने पर लिया था। ट्रंप ने कहा कि भारत अब टैरिफ कम करने की पेशकश कर रहा है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। इसके एक दिन बाद अब भारत ने एक बार फिर उन्हें दो टूक जवाब दिया है। भारत के वाणिज्य औऱ उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा है कि भारत डेडलाइन वाले ट्रेड डील पर कभी चर्चा नहीं करता है। पीयूष गोयल ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर भारत के दृष्टिकोण पर बातचीत करते हुए हुए कहा कि भारत जल्दबाजी में समझौते करने के लिए दबाव में काम नहीं करता। उन्होंने कहा, "हम कभी भी समय-सीमा वाले व्यापार समझौतों पर बातचीत नहीं करते। हम सिर्फ अच्छे और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौतों पर ही बातचीत करते हैं।" अमेरिका के साथ बातचीत जारी- गोयल पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत अपने सभी समझौतों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम एक समान और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए हमेशा तैयार हैं।" केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान यह पुष्टि भी की है कि भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रहा है। गोयल ने कहा, "अभी बहुत कुछ हुआ है, अभी बहुत कुछ होना बाकी है। BTA के लिए अमेरिका के साथ हमारी बातचीत जारी है।’’ छठे दौर की वार्ता स्थगित गौरतलब है कि भारत और अमेरिका मार्च से इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। हालांकि 27 अगस्त से 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद अमेरिकी दल ने अगले दौर की वार्ता के लिए भारत का अपना दौरा स्थगित कर दिया है। इसके बाद अभी तक छठे दौर की वार्ता के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है। गोयल ने कार्यक्रम में यह भी कहा है कि भारत ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, ब्रिटेन और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है और अन्य देशों के साथ संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।  

पुतिन के गुरु दुगिन बोले: यही है भारत की असली शक्ति, ट्रंप के ब्राह्मण कार्ड पर बड़ा बयान

मॉस्को भारत और अमेरिका के बीच ट्रंप टैरिफ को लेकर तनाव जारी है। डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार बार-बार भारत के खिलाफ बयान देते रहते हैं। सोमवार को राष्ट्रपति के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूसी तेल के बहाने 'ब्राह्मणों' पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि रूसी तेल से 'ब्राह्मणों को लाभ हो रहा है, भारतीय जनता के हितों की कीमत पर।' इसके अगले ही दिन, मंगलवार को रूस के प्रोफेसर, राजनीतिक दार्शनिक और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने अमेरिका को भारत के बारे में नसीहत देते हुए कहा कि हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का उच्चतम स्तर विकसित किया है और भौतिकता पर काबू पाया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी भारत और रूस के संबंध हमेशा से गहरे और मजबूत रहे हैं। रूसी लोग भारत और उसकी संस्कृति की प्रशंसा करते रहे हैं। चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति और पीएम मोदी की दोस्ती पूरी दुनिया ने देखी। इस बीच, व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय संस्कृति भौतिक दुनिया का खुलकर तिरस्कार करती है और इसके अस्तित्व पर हंसती है। हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का सर्वोच्च स्तर हासिल किया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी है कि वह हंसे और तिरस्कार करे। अखंड भारत पर भी बोल चुके हैं दुगिन यह पहली बार नहीं है जब दुगिन ने भारत की प्रशंसा की हो। अप्रैल 2024 में उन्होंने कहा था कि भारत हमारी आंखों के सामने एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। विश्व भर में भारतीय मूल के लोग आज महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास, वैश्विक प्रभाव और राजनीतिक परिवर्तनों के बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से बात की थी। कौन हैं अलेक्जेंडर दुगिन? अलेक्जेंडर दुगिन का पूरा नाम अलेक्सांद्र गेलीविच दुगिन है, एक प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक, विश्लेषक और रणनीतिकार हैं। पश्चिमी देशों में उन्हें फासीवादी विचारधारा का कट्टर समर्थक माना जाता है। साथ ही उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु के रूप में भी जाना जाता है। दुगिन ने ही यूक्रेन को नोवोरोसिया (नया रूस) का नाम दिया था। वे रूसी राष्ट्रपति पुतिन और रूस सरकार के बेहद करीबी माने जाते हैं।  

इंदौर-उज्जैन रोड पर सिंहस्थ की दृष्टि से तैयार होगा नया ग्रीन फील्ड मार्ग

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए। तय हुआ कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से शुद्ध जल पहुंचने के लिए लागू जल जीवन मिशन में अब पुनरीक्षित परियोजनाओं के लिए केंद्रांश ना मिलने के कारण पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के लिए 2,813 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे इन परियोजनाओं से जुड़े सात लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। यह प्रस्ताव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने रखा था, जिसके स्वीकृति दी गई। 87 हजार करोड़ से अधिक की मिल चुकी है स्वीकृति 26 सितंबर 2023 को प्रदेश के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया था। अब तक प्रदेश में 20,765 करोड़ रुपये की लागत की 27,990 एकल ग्राम नल जल योजना और 60,786 करोड़ रुपये लागत वाली 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति दी गई हैं।   15,947 एकल ग्राम योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष 12,043 के काम विभिन्न चरणों में हैं। विभिन्न कारणों से 8,358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। यदि पुनरीक्षण नहीं किया जाता है तो सात लाख परिवार घरेलू नल कनेक्शन से वंचित रह जाएंगे। इसे देखते हुए पुनरीक्षित लागत 9,027 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने की अनुशंसा स्थायी वित्त समिति ने की। मूल स्वीकृत लागत 6,213.76 करोड़ रुपये है और जो वृद्धि हो रही है, वह राशि केंद्र सरकार से प्राप्त नहीं होगी, इसलिए 2,813.21 करोड़ रुपये का भार प्रदेश सरकार वहन करेगी।   इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग पर फोरलेन, सर्विस रोड भी दिसंबर 2024 में स्वीकृत     इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग (48.05 किमी) अब सर्विस रोड के साथ बनेगा। इसमें 34 अंडर पास, दो फ्लाइ ओवर, एक रेलवे ओवर ब्रिज, सात मध्यम पुल के साथ दो बड़े जंक्शन बनाए जाएंगे।     परियोजना की लागत 2935.15 करोड़ रुपये आएगी। निर्माणकर्ता एजेंसी को 15 साल तक इसका रखरखाव करना होगा। यह मार्ग 2028 में होने वाले सिंहस्थ की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।     साथ ही उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 980 मीटर लंबाई के नए फोर लेन रेलवे ओवर ब्रिज (लागत 371 करोड़) निर्माण की स्वीकृति भी दी गई। दो लेन का बनेगा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग नर्मदापुरम-टिमरनी (72.18 किलोमीटर) मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी माडल पर करने की स्वीकृति दी गई। परियोजना में दो अंडर पास, चार बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद और 52 मध्यम जंक्शन निर्माण प्रस्तावित हैं। मार्ग निर्माण की लागत 972 करोड़ आएगी। कंपनी को 17 वर्ष तक रखरखाव का काम करना भी होगा।