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इतिहास रचने का सपना टूटा, पीवी सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप से बाहर

पेरिस  भारत की अनुभवी शटलर पीवी सिंधु का वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2025 में सफर समाप्त हो गया है. पेरिस में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में 29 अगस्त (शुक्रवार) को पीवी सिंधु वूमेन्स सिंगल्स में अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला हार गईं. 15वीं वरीयता प्रात सिंधु को इंडोनेशिया की कुसुमा वर्दानी के हाथों 14-21, 21-13, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा. 9वीं वरीयता हासिल वर्दानी ने यह मुकाबला 1 घंटा और 8 मिनट में जीता. देखा जाए तो पीवी सिंधु के लिए साल 2025 कुछ खास नहीं रहा है. पीवी सिंधु ने इस साल 13 मैच हारे हैं, जबकि उन्होंने केवल नौ में जीत हासिल की. सिंधु इस साल केवल दो बार किसी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रहीं. वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप से पहले सिंधु साल की शुरुआत में इंडिया ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थीं. पीवी सिंधु इंडिया ओपन के बाद इंडिनेशिया मास्टर्स में खेलीं, जहां वो राउंड ऑफ 32 में हारकर बाहर हुईं. इसके बाद ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियनशिप और स्विस ओपन में सिंधु अपने पहले राउंड के मुकाबले गंवा बैठीं. फिर बैडमिंटन एशियन चैम्पियनशिप में सिंधु को राउंड ऑफ 16 में जापान की अकाने यामागुची ने हराया. मलेशिया मास्टर्स में पीवी सिंधु पहले राउंड में हारीं. जबकि सिंगापुर ओपन और इंडोनेशिया ओपन में उन्हें राउंड ऑफ 16 में हार झेलनी पड़ी. पीवी सिंधु ने जापान ओपन में भी भाग लिया, जहां वो पहले ही दौर में हार गईं. जबकि चाइना ओपन में उन्हें हमवतन उन्नति हुड्डा राउंड ऑफ-16 में हरा दिया. … तो इतिहास रच देतीं पीवी सिंधु पीवी सिंधु का विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में दमदार रिकॉर्ड रहा है. सिंधु ने साल 2019 में इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था. इसके अलावा सिंधु इस टूर्नामेंट में दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं. सिंधु यदि वर्दानी के खिलाफ मुकाबला जीत लेतीं तो वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पिनशिप में उनका ये छठा पदक होता. देखा जाए तो सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप में महिला सिंगल्स में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनने चूक गईं. पीवी सिंधु ने इस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-2 चीनी खिलाड़ी झी यी वांग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था. तब ऐसा लगा था कि वो फॉर्म में लौट आई हैं, लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ वो अपना बेस्ट नहीं दे पाईं. सिंधु ने रियो ओलंपिक (2016) में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था. फिर उन्होंने टोक्यो ओलंपिक (2020) में भी ब्रॉन्ज हासिल किया.

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन

दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग देगी प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच हुआ मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत सीएम योगी ने राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत संरक्षण कार्यों का किया निरीक्षण पांडुलिपियों के संरक्षण को और तीव्रता से आगे बढ़ाने का निर्देश वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल रहे संरक्षण कार्यों के निरीक्षण के लिए पहुंचे। यह उनका विश्वविद्यालय परिसर में तीसरा आगमन था। विश्वविद्यालय परिवार ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच किया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार और वित्त अधिकारी सहित आचार्यों ने उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री योगी ने दुर्लभ पांडुलिपियों एवं उनके संरक्षण कार्यों की प्रगति का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और कार्यों की गति और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की धरोहर इन पांडुलिपियों का संरक्षण एक सराहनीय कार्य है और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण दायित्व है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन द्वारा चल रहे संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक सरस्वती भवन पुस्तकालय और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का तीसरी बार विश्वविद्यालय आगमन होना संस्कृत भाषा, विश्वविद्यालय और देववाणी के लिए गौरव और हर्ष की बात है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पांडुलिपियों के संरक्षण के इस अभियान को गति देने में विश्वविद्यालय पूरी तरह से तत्पर है। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिवार से कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. राजनाथ, अभियंता रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शशिंद्र मिश्र सहित कई आचार्य और अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य

दीपोत्सव 2025 रिकॉर्ड बनाने को 32 हजार वालंटियर बिछायेंगे 28 लाख दीप योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य -एडीएम सिटी मुख्य व अन्य विभागों से 20 नोडल बनाए गए -सूचना विभाग साकेत महाविद्यालय से निकालेगा 11 झांकियां लेजर लाइट व ग्रीन आतिशबाजी से सजेगी 19 अक्टूबर की शाम अयोध्या  श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के भव्य आयोजन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस बार राम की पैड़ी पर नौवें आयोजन के दौरान 26.11 लाख दीप प्रज्वलन का लक्ष्य रखा है । इसके लिए 28 लाख दीप बिछाने की योजना बनाई गई है। इस महायज्ञ में 32 हजार वॉलंटियर्स की सेना उतरेगी, जो दीपों को सजाने और प्रज्वलित करने का कार्य संभालेगी। 19 अक्टूबर की शाम को होने वाला यह आयोजन लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी से और भी आकर्षक होगा। प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अयोध्या के एडीएम सिटी योगेंद्र पाण्डेय को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि विभिन्न विभागों से 20 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो आयोजन की हर बारीकी पर नजर रखेंगे। दीपोत्सव की तैयारियों में स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। राम की पैड़ी को दीपों से सजाने के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं, जो भगवान राम की लीलाओं को दर्शाएंगे। इन दीपों को जलाने के लिए सरसों तेल और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग होगा, ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। रामकथा पार्क तक जाएंगी झांकियां सूचना विभाग की ओर से साकेत महाविद्यालय से 11 झांकियों का आयोजन किया जाएगा। ये झांकियां रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगी और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। इन झांकियों में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिससे दर्शकों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। झाकियां यहां से निकलकर रामकथा पार्क तक जाएंगी। मंत्रमुग्ध हो जाएंगे पर्यटक व श्रद्धालु 19 अक्टूबर की शाम को लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगा। यह आतिशबाजी पर्यावरण के अनुकूल होगी, जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। दीपोत्सव के इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भी भारी भीड़ की उम्मीद है।रामलीलाओं का होगा मंचन।पिछले वर्ष सरयू में सामूहिक सरयू आरती का बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक बार फिर सामूहिक वर्ल्ड रिकॉर्ड सरयू आरती का बनाने का किया जाएगा प्रयास। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए: डीएम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मेडिकल टीमें भी तैनात रहेंगी। स्वच्छता के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि राम की पैड़ी और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ और सुंदर बना रहे। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25 लाख

बैडमिंटन में भारत की बड़ी जीत, सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास, मेडल सुनिश्चित

पेरिस  सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का पेरिस में खेले जा रहे वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन जारी है. अब सात्विक-चिराग मेन्स डबल्स स्पर्धा के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया. क्वार्टर फाइनल में सात्विक-चिराग ने दूसरी वरीयता प्राप्त एरॉन चिया और सोह वूई यिक की मलेशियाई जोड़ी को 21-12, 21-19 से हराया. 9वीं सीड सात्विक-चिराग को ये मुकाबला जीतने में महज 43 मिनट लगे. इस मैच से पहले तक मलेशियाई खिलाड़ियों के खिलाफ सात्विक-चिराग का हेड टू-हेड रिकॉर्ड 3-11 था. यानी ज्यादातर बार मलेशियाई जोड़ी ने ही उन्हें हराया था, लेकिन इस बार भारत के दोनों सितारे प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों पर भारी पड़े. यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले साल पेरिस ओलंपिक में इसी जोड़ी ने सात्विक-चिराग की पदक जीतने की उम्मीदें तोड़ी थीं. इस बार सात्विक-चिराग ने उसी जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और साथ ही मेडल भी सुनिश्चित किया. यह सात्विक-चिराग का वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में दूसरा मेडल है. इससे पहले साल 2022 में सात्विक-चिराग ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था. सात्विक-चिराग की जीत से भारत ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में मेडल जीतने का वो सिलसिला बरकार रखा है, जो सला 2011 से चला आ रहा है. ऐसा रहा क्वार्टर फाइनल मुकाबला पहले गेम में सात्विक-चिराग ने शानदार शुरुआत करते हुए लगातार 6 प्वांइट्स जीतकर 8-2 की बढ़त बना ली. सात्विक ने जहां पीछे से जोरदार स्मैश लगाए, तो चिराग ने नेट पर आक्रामक इंटरसेप्शन किए. दोनों ने अपने आक्रामक खेल से मलेशियाई जोड़ी को परेशान किया. नतीजा ये हुआ कि पहला गेम सात्विक-चिराग ने आसानी से 21-12 से जीत लिया, दूसरा गेम थोड़ा तनावपूर्ण रहा. सात्विक-चिराग ने एक समय 11-7 की बढ़त बना ली थी और लग रहा था कि वे मैच आसानी से जीत जाएंगे. लेकिन मलेशियाई जोड़ी ने जोरदार वापसी की और स्कोर 19-19 हो गया. इस वक्त दबाव ज्यादा था, लेकिन सात्विक-चिराग ने हिम्मत दिखाते हुए लगातार अटैक किए और दो अंक लेकर 21-19 से गेम जीत लिया. अब सात्विक-चिराग के सामने चीनी चुनौती क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान साइडलाइन से कोच बी. सुमीत रेड्डी लगातार सात्विक-चिराग को आक्रामक बने रहने की सलाह देते रहे. मुकाबले के बाद दोनों खिलाड़ियों का जश्न साफ बता रहा था कि यह जीत कितनी मायने रखती है. अब सात्विक-चिराग सेमीफाइनल में 11वीं वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी चेन बोयांग और लियू यी से भिड़ेंगे.

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ और काल भैरव के किए दर्शन-पूजन  श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन  विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर सीएम योगी ने की लोकमंगल और जनकल्याण की कामना – सीएम योगी को देख मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष से किया अभिनंदन वाराणसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने धर्मनगरी की आस्था परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी के पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में हाजिरी लगाई। मुख्यमंत्री ने लोकमंगल और जनकल्याण की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले बाबा काल भैरव के दरबार में दर्शन कर आरती की। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। बाबा काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने विधिविधान से पूजन कर लोककल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा मुख्य रूप से मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों की समीक्षा, कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए है। हालांकि, वाराणसी आगमन के बाद उन्होंने पहले बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल का आशीर्वाद लेकर परंपरा का निर्वहन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे

बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए-योगी आदित्यनाथ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे – विकास परियोजनाओं एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए – मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी तैयारियां समय से करें पूरी : सीएम योगी  – सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री  – प्रोफेशनल ब्लड डोनरों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही करें : सीएम योगी  – सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कार्यवाही करें – वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं वाराणसी में गतिमान, कीमत लगभग 15000 करोड़ वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था और बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से मुआवजा वितरण हो और राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि जिले में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने रिंग रोड फेज-2 को जनवरी 2026 तक तथा कज्जाकपुरा फ्लाईओवर को नवंबर 2025 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं लगभग 15,000 करोड़ की लागत से जनपद में गतिमान हैं। कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए। थानों में नियमित जनसुनवाई हो और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए ऑटो-टैक्सी स्टैंड और वेंडिंग जोनों को व्यवस्थित करने का भी निर्देश दिया। सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रोफेशनल ब्लड डोनरों की पहचान कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। वाराणसी को शीघ्र टीबी मुक्त करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। गोवंश और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में बेहतर सुविधाएं, हरे चारे की उपलब्धता और बीमार पशुओं के त्वरित उपचार का प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश दिए। साथ ही नगर निगम, पंचायती राज और पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीडीए और यूपीसीडा द्वारा आवंटित भूमि पर समय से विकास कार्य न होने पर जुर्माना लगाकर वसूली की जाएगी। उन्होंने उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के भी निर्देश दिए। आगामी दिनों में वाराणसी दौरे पर प्रस्तावित मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था और स्वागत की तैयारियां समय से पूर्ण करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अवसर काशी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर सहित मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीआईजी व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

गुरू जम्भेश्वर व मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 518 शैक्षिक पदों का सृजन योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी होगी दूर, प्रदेश के युवाओं को मिलेगा अवसर स्थानीय स्तर पर शिक्षण एवं शोध से जुड़े रोजगार के अवसरों का भिन्होगा विस्तार लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद एवं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में कुल 518 अस्थायी शैक्षिक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की है। गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 273 पद तो वहीं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 245 पद सृजित किए गए हैं।  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न रहे। इन पदों के सृजन से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे। स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ मंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से न केवल शिक्षकों की कमी पूरी होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार और शोध के अवसर भी मिलेंगे। सभी नियुक्तियां शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया व आरक्षण नियमों का पालन करते हुए की जाएंगी। पदों का विवरण गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद प्रोफेसर – 39 एसोसिएट प्रोफेसर – 78 असिस्टेंट प्रोफेसर – 156 कुल – 273 पद मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर प्रोफेसर – 35 एसोसिएट प्रोफेसर – 70 असिस्टेंट प्रोफेसर – 140 कुल – 245 पद

जम्मू-कश्मीर रियासी हादसा: भूस्खलन में 7 की मौत, कई लोगों के दबे होने की आशंका

 रियासी  जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में भारी बारिश और ऊपरी इलाकों में बादल फटने से एक बार फिर से फ्लैश फ्लड की स्थिति बन गई है. इस घटना में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोग लापता बताए जा रहे हैं. वहीं रियासी जिले के महौर क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार मलबे से अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन के अनुसार कई मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से कुछ पूरी तरह बाढ़ के पानी में बह गए. हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि लापता लोगों को तलाशा जा सके. साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत केंद्र बनाए गए हैं. अधिकारियों ने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी भेजी जाएंगी. लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. वहीं रियासी भूस्खलन की घटना में स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर राहत-बचाव अभियान चला रही हैं. जम्मू-कश्मीर में लगातार बादल फटने की घटना और फ्लैश फ्लड अगस्त 2025 में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी तबाही मची है. इस महीने में प्रदेश को लगातार फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड्स का सामना करना पड़ा, जिससे खासतौर पर जम्मू क्षेत्र में बड़ी तबाही हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले हफ्ते में आई भीषण बारिश ने जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी और डोडा जिलों में तबाही मचाई. इन घटनाओं में अब तक 36 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सिर्फ रियासी और डोडा जिलों में ही कम से कम 9 लोगों की जान गई. भारी बारिश से भूस्खलन हुए, नदियों का जलस्तर बढ़ गया और कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. इससे पहले, 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी गांव में एक बादल फटने की घटना हुई थी. यह इलाका माता वैष्णो देवी यात्रा के मार्ग पर स्थित है और समुद्र तल से 9,000 फीट की ऊंचाई पर बसा है. इस क्लाउडबर्स्ट में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल और लापता बताए गए. तेज फ्लैश फ्लड्स ने श्रद्धालुओं के कैंप, मकान और पुल बहा दिए. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इलाके में सामान्य बारिश ही दर्ज हुई थी, लेकिन क्लाउडबर्स्ट की वजह से सीमित क्षेत्र में अचानक पानी का सैलाब आ गया. क्लाउडबर्स्ट क्या है? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, किसी छोटे क्षेत्र (20–30 वर्ग किलोमीटर) में एक घंटे में 10 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश को क्लाउडबर्स्ट कहा जाता है. यह घटना अक्सर पहाड़ी इलाकों में होती है. मॉनसून की नमी से भरी हवाएं जब पहाड़ों से टकराकर ऊपर उठती हैं, तो ठंडी होकर घने बादल बना देती हैं. इनमें जब पानी का भार असहनीय हो जाता है तो अचानक भारी बारिश के रूप में गिरता है. इस अचानक बारिश से मिनटों में फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड और मडफ्लो जैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं. वैज्ञानिक मानते हैं कि क्लाइमेट चेंज की वजह से इस तरह की घटनाओं की संख्या और तीव्रता दोनों बढ़ रही हैं.

यात्रियों के लिए खुशखबरी: इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ोतरी

इंदौर इंदौर से नागपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड की कमेटी ने लिया है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और सीटों की भारी मांग को देखते हुए ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, नए रैक कब जोड़े जाएंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। 7 वंदे भारत ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच रतलाम मंडल जुड़े वरिष्ठ ने बताया कि इस मामले में लिखित में किसी तरह की कोई जानकारी मिली नहीं है। रेलवे बोर्ड ने हाल ही में वंदे भारत की ऑक्यूपेंसी (ट्रेन में कितनी सीटें भरी हुई हैं) और यात्रियों की मांग के संबंध में सभी जोन और मंडलों से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद देशभर में चल रही सात वंदे भारत ट्रेनों में कोच बढ़ाने का फैसला लिया गया है।   यात्रियों की बढ़ती संख्या है प्रमुख मुद्दा रतलाम रेलवे मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, मंडल ने बढ़ती संख्या में यात्रियों और टिकट की कमी को प्रमुख मुद्दा बताया था। वर्तमान में इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत आठ कोच की है, जिसमें कुल 530 सीटें हैं। इसमें 52 सीटें एक्जीक्यूटिव क्लास और शेष चेयरकार कोच में हैं। वर्तमान सीट व्यवस्था और कोच विस्तार की योजना सी-वन और सी-सेवन कोच में कुल 88 सीटें हैं। सी-टू से सी-सिक्स तक के पांच कोच में प्रत्येक कोच में 78 सीटें हैं, कुल 390 सीटें। बी-वन कोच (एक्जीक्यूटिव क्लास) में 52 सीटें हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार कोच संख्या बढ़ाकर इसे 16 कोच की ट्रेन बनाया जाएगा। इसमें कुल सीटों की संख्या लगभग 1150 से अधिक हो जाएगी। वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड की कमेटी ने लिया है। इन रूट्स पर अपग्रेडेशन सीनियर डीसीएम हीना केवलरामानी ने कहा कि इंदौर-नागपुर, मेंगलुरु-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, सिकंदराबाद-तिरुपति, चेन्नई एग्मोर-तिरुनेलवेली, मदुरै-बेंगलुरु कैंट, देवघर-वाराणसी, हावड़ा-राउरकेला रूट पर चलने वाली वंदे भारत में अपग्रेडेशन होगा। फिलहाल लिखित में जानकारी नहीं है वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ाने के मामले में फिलहाल हमारे पास लिखित में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत में कुल 90 फीसदी की ऑक्यूपेंसी है। कुछ सेक्शन में 100 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी है। यात्रियों को मिलेगी राहत सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि आगामी महीनों में त्योहारी सीजन और यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए इंदौर-भोपाल-वंदे भारत में कोच की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। इस मामले में रेल मंत्री से हमने पत्र लिखकर मांग की थी।

मालवा एक्सप्रेस शनिवार को भी रहेगी रद्द, 30 अगस्त को चार ट्रेनें कैंसल

इंदौर उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेल खंड में ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली तथा अपने आरंभिक स्टेशन से 30 अगस्त को चलने वाली चार ट्रेनें निरस्त की गई है। इसके कारण श्रीमाता वैष्णोदेवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। मालूम हो कि माता वैष्णोदेवी के दर्शन करने के लिए यात्रियों का जत्था इकट्ठे टिकट कई दिनों पहले ही करवा लेता है। यात्रा की तिथि आने के पहले ही यात्री आने जाने की तैयारियाें में जुट जाते हैं। रेलवे जनसंपर्क विभाग के अनुसार महू-इंदौर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा मालवा एक्सप्रेस ट्रेन लगातार दूसरे दिन 30 अगस्त को निरस्त रहेगी। वहीं, श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा से महू के लिए चलने वाली ट्रेन भी निरस्त रहेगी। उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेलवे खंड के डाउन लाइन के ब्रिज संख्या 17 पर रेल ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण इंदौर सहित रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। 30 अगस्त 12472 श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा-बांद्रा टर्मिनस बांद्रा एक्सप्रेस नई दिल्ली स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट की गई। 30 अगस्त गांधी धाम से श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा तक चलने वाली गाड़ी संख्या 12473 निरस्त रहेगी। ट्रेनों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।