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अगस्त में ऋषि पंचमी: पूजा विधि, मुहूर्त और जरूरी सावधानियों के साथ व्रत कैसे करें

हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला ऋषि पंचमी व्रत, हिंदू धर्म में एक खास स्थान रखता है. यह पर्व गणेश चतुर्थी के अगले दिन आता है और इसे पापों से मुक्ति तथा सातों ऋषियों की कृपा पाने का दिन माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में हुई जाने-अनजाने गलतियों का प्रायश्चित हो जाता है. खासकर महिलाओं के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्रत रजस्वला काल के दौरान हुए किसी भी धार्मिक दोष से मुक्ति दिलाता है. इस दिन गंगा स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं  ऋषि पंचमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त तारीख – 28 अगस्त 2025, गुरुवार पंचमी तिथि प्रारंभ – 27 अगस्त, दोपहर 3:44 बजे पंचमी तिथि समाप्त – 28 अगस्त, शाम 5:56 बजे पूजा का शुभ समय – सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:39 बजे तक (कुल अवधि – 2 घंटे 34 मिनट) पूजन विधि 1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ, हल्के पीले रंग के कपड़े पहनें. 2. लकड़ी की चौकी पर सप्त ऋषियों (कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ) की फोटो या मूर्ति स्थापित करें. 3. एक कलश में जल भरकर चौकी के पास रखें. 4. सप्त ऋषियों को धूप, दीप, फूल, फल, मिठाई और नैवेद्य अर्पित करें. 5. अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें और दूसरों की मदद करने का संकल्प लें. 6. सप्त ऋषियों की आरती करें और व्रत कथा सुनें. 7. पूजा के बाद प्रसाद बांटें और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें. व्रत पारण की विधि अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर देवी-देवताओं का ध्यान करें. साफ कपड़े पहनकर सूर्य देव को जल अर्पित करें. मंदिर की सफाई करें, देसी घी का दीपक जलाएं और सप्त ऋषियों की आरती करें. सात्विक भोजन बनाकर सप्त ऋषियों को भोग लगाएं और फिर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में खुशहाली आती है. इस दिन का महत्व 1. ऋषि पंचमी को गंगा स्नान करने से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. 2. महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष रूप से जरूरी माना गया है, क्योंकि इससे महावारी के समय हुए धार्मिक दोषों का निवारण होता है. 3. यह दिन जीवन में अनुशासन, सेवा और आभार की भावना को मजबूत करता है. सावधानियां 1. पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करें. 2. किसी से विवाद या झगड़ा न करें. 3. साधु-संत और बुजुर्गों का अपमान न करें. 4. मन में किसी के प्रति बुरा भाव न रखें.

ट्रम्प के भारी टैरिफ का भारत पर असर, भारत के उद्योगों पर दबाव; पीएम मोदी ने लिया रणनीतिक फैसला

नई दिल्ली  अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की योजना का ऐलान कर दिया है। यह वही टैरिफ है जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले कर चुके हैं।अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने एक ड्राफ्ट नोटिस जारी कर इसकी रूपरेखा पेश की। यह कदम तब उठाया जा रहा है, जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की कोशिशें ठप पड़ती नजर आ रही हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि यह बढ़ा हुआ टैरिफ भारत के उन उत्पादों पर लागू होगा, जो 27 अगस्त, 2025 को सुबह 12:01 बजे (पूर्वी डेलाइट समय) के बाद खपत के लिए आयात किए जाएंगे या गोदाम से निकाले जाएंगे।ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत के सामान पर टैरिफ को 25 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की घोषणा की थी, जो रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया जा रहा है। अमेरिका की यह समयसीमा 27 अगस्त को खत्म हो रही है। पीएम मोदी ने चल दी गजब की चाल,  ट्रंप के टैरिफ की नहीं गलेगी दाल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने के लिए आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है। भारत पर पहले से ही 25% टैरिफ लगाया गया है और 27 अगस्त से अतिरिक्त टैरिफ लागू हो जाएगा। इस तरह भारत से आने वाले सामान पर कुल 50% टैरिफ लगेगा। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए दूसरे देशों से प्रतिस्पर्द्धा करना मुश्किल होगा। लेकिन ट्रंप के टैरिफ के असर को कम से कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमर कस ली है। मोदी ने 15 अगस्त को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार जीएसटी सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रही है। जीएसटी में अभी चार स्लैब हैं जिनमें से दो स्लैब खत्म करने का प्लान है। इससे खासकर खाने-पीने की चीजें काफी सस्ती हो जाएंगी और ग्राहकों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री की इस घोषणा से कई सरकारी अधिकारी भी हैरान थे। पिछले एक साल से सरकारी अफसर जीएसटी में बदलाव करने की बात कर रहे थे। लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ था। पुतिन पर दवाब बनाने के लिए ट्रंप का प्लान अमेरिका का मकसद इस टैरिफ के जरिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाना है, ताकि वह यूक्रेन के खिलाफ चल रही जंग को खत्म करने के लिए बातचीत की मेज पर आएं। अमेरिका रूस के तेल व्यापार को रोकने की कोशिश में है और भारत पर यह टैरिफ उसी रणनीति का हिस्सा है। लेकिन भारत ने इन तथाकथित सेकेंडरी टैरिफ को अन्यायपूर्ण ठहराया है और अपने हितों की मजबूती से हिफाजत करने का ऐलान किया है। भारतीय सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को भारत के ऊर्जा विकल्पों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए निशाना बनाया जा रहा है, जबकि चीन और यूरोपीय देशों जैसे बड़े आयातकों पर ऐसी कोई आलोचना नहीं की गई। जयशंकर ने इसे "तेल विवाद" के रूप में गलत तरीके से पेश करने की बात कही और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर दिया। मांग बढ़ाने की जुगत ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के एक अधिकारी ने बताया कि इस बारे में बातचीत चल रही थी पर घोषणा करने में कुछ महीने और लगते। लेकिन अमेरिकी टैरिफ के कारण मोदी सरकार जीएसटी में बदलाव जैसी नीतियों को जल्दी से लागू कर रही है। इससे अर्थव्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा और ग्रोथ में तेजी आएगी। कई साल से ट्रेडर्स और अर्थशास्त्री कह रहे थे कि कुछ सुधारों की वजह से निवेश रुका हुआ है। मोदी ने नीतियों में बदलाव करने के लिए दो बड़ी कमेटियां बनाई हैं। एक कमेटी की अगुवाई कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन कर रहे हैं। यह कमेटी राज्यों में नियमों को आसान बनाने पर ध्यान देगी। दूसरी कमेटी के प्रमुख राजीव गाबा हैं जो नीति आयोग के सदस्य हैं। यह कमेटी अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए सुझाव देगी। हाल ही में मोदी ने अपनी आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ बैठक की। इसमें अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सुझाव लिए गए। बैठक में कई अर्थशास्त्रियों ने कहा कि मार्च 2026 तक 6.5% विकास दर हासिल की जा सकती है। कम महंगाई और ब्याज दरों में कटौती से अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के लिए नीति में बदलाव जरूरी हैं। अमेरिका को एक्सपोर्ट भारत की इकॉनमी अभी स्थिर है। इसलिए, सरकार के पास मुश्किल सुधार करने का मौका है। महंगाई 8 साल के सबसे निचले स्तर पर है। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने 18 साल में पहली बार भारत की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाई है। मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि अर्थव्यवस्था के सभी आंकड़े अच्छे हैं। इससे सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने का मौका मिलता है, ताकि हम विकास की अगली सीढ़ी पर चढ़ सकें। नोमुरा होल्डिंग्स लिमिटेड की सोनल वर्मा ने कई सुधारों की बात की। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के लिए नियमों को आसान बनाना, श्रम और भूमि कानूनों में ढील देना जरूरी है। सरकार निर्यातकों को आर्थिक मदद देने पर भी विचार कर रही है। इससे उन्हें टैक्स से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। कपड़ा, गहने और जूते जैसे उद्योगों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। भारत की इकॉनमी ज्यादातर घरेलू मांग पर चलती है, न कि निर्यात पर। इसलिए लोगों और व्यापारियों का भरोसा बढ़ाना जरूरी है, ताकि विकास तेजी से हो। निजी खपत भारत की जीडीपी का लगभग 60% है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। साल 2024 में भारत से अमेरिका को 87.4 अरब डॉलर का सामान भेजा गया था जो भारत की कुल जीडीपी का सिर्फ 2% है। कितनी बढ़ेगी इकॉनमी सरकार को उम्मीद है कि जीएसटी में कटौती से लोग ज्यादा खर्च करेंगे। खासकर खाने-पीने और कपड़ों जैसी जरूरी चीजों पर ज्यादा खर्च होगा। अभी इन चीजों पर 12% टैक्स लगता है। माना जा रहा है कि अधिकांश चीजों को 5% वाले स्लैब में लाया जाएगा। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक … Read more

आज का राशिफल 27 अगस्त 2025: सुख-समृद्धि और सफलता की सौगात, इन राशियों पर विशेष कृपा

मेष आज का दिन आपके लिए अपनी रचनात्मकता और भविष्य के लिए पॉजिटिव दृष्टि को अपनाने का दिन है। चाहे आप किसी व्यक्तिगत लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हों या अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हों। अब बड़े सपने देखने और ऊंचे लक्ष्य पाने का समय आ गया है। वृषभ आज के दिन सितारे आपके पक्ष में हैं। फाइनेंशियल डीसीजन लेने के लिए आज का दिन अच्छा है। आपका अनुशासन और टिके रहने की क्षमता आपके काम आएगी। खुद पर भरोसा रखें और सोचे-समझे रिस्क लेने से न डरें। मिथुन आज का मिथुन राशिफल आपको सलाह देता है कि आप नियमित व्यायाम और खान-पान में सावधानी बरतते हुए अपनी दिनचर्या स्वस्थ रखें। अगर आप उदास महसूस करते हैं तो प्रोफेशनल्स से मदद लेने में संकोच न करें। तनाव न लें। कर्क आज समय आ गया है कि आप अपने जीवन की डोर अपने हाथों में लें। आज यूनिवर्स आपको खोजने और तलाशने के लिए मोटिवेट करेगा। आपको हर प्रयास में सफलता मिलेगी और आप रोमांच की भावना के साथ जीवन जिएंगे। सिंह आज के दिन पॉजिटिव सोच बनाए रखें। आपका सोशल सर्कल एक्टिव होगा और आपको सपोर्ट करेगा, जिससे आप अपने डीसीजन में अधिक कॉन्फिडेंट महसूस करेंगे। दिल के मामले में आज आप अतिरिक्त आकर्षक महसूस कर सकते हैं। कन्या आज के दिन रुपए पैसे आएंगे बस उन्हें रोक कर रखें। अभी निवेश न करें। आज अपने किसी खास के प्रति देखभाल और चिंता जाहिर करें। अपने पसंदीदा शौक को पार्टनर के साथ पूरा करें, जैसे खाना बनाना या शाम को संगीत सुनना। तुला आज के दिन आपकी आर्थिक स्थिति सकारात्मक दिख रही है। डिप्लोमेटिक और निष्पक्षता जैसे नैचुरल टैलेंट का उपयोग करके किसी भी विवाद या संघर्ष को आसानी से सॉल्व किया जा सकता है। कनेक्शन के गहरे लेवल का अनुभव करेंगे। वृश्चिक आज के दिन भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि हो रही है। लेकिन थोड़ा कलह भी आपको परेशान कर सकती है। अपनी जुबान पर नियंत्रण रखें। रिस्की चीजों में बिल्कुल भी पैसे न लगाएं, नुकसान होगा। धन हानि के संकेत हैं। धनु आज का दिन बैलेंस पर आधारित है। दूसरों के साथ मजबूत संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का एक उत्कृष्ट समय है। निष्पक्षता की आपकी गहरी समझ करियर क्षेत्र में आपकी ताकत है। आपका स्वास्थ्य और खुशहाली उन्नति पर है। मकर आज के दिन अपनी डेली लाइफ में स्वस्थ आदतों और दिनचर्या को शामिल करके सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाएं। स्मार्ट, केलकुलेटेड निवेश करें, जो आपके मूल्यों और आकांक्षाओं के अनुरूप हो। सकारात्मक संबंध बनाने पर ध्यान दें। कुम्भ आज के दिन अपने लॉन्ग टर्म लक्ष्यों और प्रायोरिटी पर फोकस करें। खुद की देखभाल को प्राथमिकता दें। आज कम्यूनिकेशन जरूरी है। दिन की एनर्जी का फायदा उठाते हुए खुद को रोकना नहीं चाहिए और स्पेशल व्यक्ति की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। खर्च कम करें। मीन मीन राशि के लोगों को इन दिनों ऐसा ज्ञान प्राप्त हो गया है कि वे किसी भी सिचुएशन को बहुत अच्छे से टैकल कर रहे हैं। जीवन जीने की कला कहते हैं इसे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम संतान की स्थिति न तो बहुत अच्छी है और न ही बुरी है।

सेना अधिकारी पर कार्रवाई, स्पाइसजेट कर्मचारियों पर हमले के बाद नो-फ्लाई लिस्ट में डाला गया

नई दिल्ली श्रीनगर हवाई अड्डे पर 26 जुलाई को स्पाइसजेट कर्मचारियों पर हमला करने के आरोपी एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी को एयरलाइन ने पांच साल के लिए अपनी 'नो-फ्लाई' सूची में डाल दिया है। इस घटना से जुड़े दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया, "एयरलाइन कर्मचारियों पर हमला करने वाले यात्री को अशांत घोषित किया गया है और उसे स्पाइसजेट की नो-फ्लाई सूची में शामिल करने का फैसला लिया गया है। वह अगले पांच साल तक स्पाइसजेट की किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ान में यात्रा नहीं कर पाएंगे।" दूसरे अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय नागरिक उड्डयन नियमों (सीएआर) के तहत गठित समिति ने लिया, जिसने यात्री पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। कश्मीर में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के इस अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। स्पाइसजेट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में इस घटना को "हत्यारा हमला" करार दिया था। क्या है पूरा मामला? यह घटना 26 जुलाई को श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान एसजी 386 के बोर्डिंग गेट पर हुई। विवाद तब शुरू हुआ जब बोर्डिंग के दौरान अतिरिक्त सामान शुल्क के भुगतान को लेकर असहमति हुई। एयरलाइन के अनुसार, अधिकारी के पास दो केबिन बैग थे, जिनका कुल वजन 16 किलोग्राम था, जो कि अनुमति सीमा 7 किलोग्राम से दोगुना था। एयरलाइन ने बताया कि यात्री ने नियमों का पालन करने से इनकार कर दिया और बिना बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी किए जबरन एयरोब्रिज में प्रवेश कर गया, जो कि विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। इसके बाद, एक सीआईएसएफ अधिकारी ने उसे वापस गेट पर लाया। एयरलाइन के बयान के अनुसार, "गेट पर, यात्री तेजी से आक्रामक हो गया और उसने स्पाइसजेट के चार ग्राउंड स्टाफ सदस्यों पर शारीरिक हमला किया।" इस हमले में कर्मचारियों को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर और जबड़े की चोटें आईं। 3 अगस्त को इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें अधिकारी को कतार स्टैंड से कर्मचारियों पर हमला करते देखा गया। नागरिक उड्डयन नियम विमानन नियमों के अनुसार, अशांत व्यवहार करने वाले यात्रियों पर तीन महीने, छह महीने या गंभीर मामलों में न्यूनतम दो साल या उससे अधिक समय के लिए नो-फ्लाई प्रतिबंध लगाया जा सकता है। नियमों के तहत, प्रभावित यात्री 60 दिनों के भीतर एक अपीलीय समिति के समक्ष अपील कर सकते हैं, जिसमें एक सेवानिवृत्त जिला या सत्र न्यायाधीश, दूसरी एयरलाइन का प्रतिनिधि और एक यात्री या उपभोक्ता वकालत समूह का सदस्य शामिल होता है। समिति को 30 दिनों के भीतर मामले का फैसला करना होता है, और उसका निर्णय एयरलाइन पर बाध्यकारी होता है। नो-फ्लाई सूची के आंकड़े 5 अगस्त को राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारत ने 379 यात्रियों को नो-फ्लाई सूची में डाला है, जिसमें इस साल 30 जुलाई तक 48 लोग शामिल किए गए। 2020 में केवल 10 लोग इस सूची में थे, जबकि 2021 में 66, 2022 में 63, और 2023 में 110 लोग इस सूची में शामिल किए गए, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। 2024 में यह संख्या घटकर 82 रही। स्पाइसजेट की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।  

बाढ़ से पहले भारत ने किया शानदार बचाव, पाकिस्तान में अलर्ट जारी

लाहौर  भारत ने एक बार फिर मानवीयता का परिचय देते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान को बाढ़ के खतरे से आगाह किया, जिसके बाद पाकिस्तानी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लगभग डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह कदम जम्मू-कश्मीर में तवी नदी में संभावित बाढ़ की चेतावनी के बाद उठाया गया, जिसका असर सीमा पार पाकिस्तान में भी हो सकता है। भारत की इस पहल को दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद मानवीयता का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। भारत ने दी समय पर चेतावनी भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तान को सूचित किया कि जम्मू में तवी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह चेतावनी ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पहली आधिकारिक बातचीत के रूप में सामने आई है। बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद, भारत ने मानवीय आधार पर यह कदम उठाया। बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को यह अलर्ट केवल मानवीय आधार पर दिया है और इसका सिंधु जल संधि से कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान में बाढ़ का अलर्ट भारत की चेतावनी के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने तत्काल प्रभाव से बाढ़ का अलर्ट जारी किया। पाकिस्तान का पंजाब प्रांत पहले से ही मूसलाधार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित है। वहां राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। पंजाब आपातकालीन बचाव सेवा 1122 के प्रवक्ता फारूक अहमद ने बताया कि कसूर, ओकारा, पाकपट्टन, बहावलनगर और वेहारी जैसे जिलों में सिंधु, चिनाब, रावी, सतलुज और झेलम नदियों के किनारे बसे गांवों से पिछले 24 घंटों में करीब 20,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा जारी बाढ़ की चेतावनी के मद्देनजर ये कदम उठाए गए हैं। पाकिस्तानी प्रशासन ने निचले इलाकों में राहत शिविर स्थापित किए हैं और बचाव अभियान के लिए मशीनरी के साथ टीमें तैनात की हैं। एनडीएमए ने अगले 48 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है, जिसके चलते इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर और गुजरांवाला जैसे शहरों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित निकाला पाकिस्तान में इस साल जून से शुरू हुए मॉनसूनी मौसम ने भारी तबाही मचाई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, हाल के दिनों में बाढ़ और भारी बारिश के कारण लगभग 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 190 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमों ने 512 अभियानों में 25,644 लोगों को सुरक्षित निकाला है। हालांकि, कुछ अनुमानों के अनुसार, अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांतों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। बच्चों की स्थिति भी चिंताजनक है, क्योंकि विस्थापन, शिक्षा में बाधा और स्वच्छ जल की कमी उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। यूनिसेफ के अनुसार, 15 अगस्त के बाद खैबर पख्तूनख्वा में 21 बच्चे मारे गए हैं।

ममता बनर्जी ने कहा, PM को मेरी कुर्सी का सम्मान वैसा ही रखना चाहिए

कोलकाता  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ताजा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें उनसे (मोदी से) कभी यह उम्मीद नहीं थी कि वे उनकी कुर्सी का अनादर करने के साथ-साथ राज्य के लोगों को ‘चोर’ बताकर पूरे प्रांत का अपमान करेंगे। उन्होंने यह बयान पीएम मोदी की हालिया टिप्पणियों के संदर्भ में दिया। पूर्व बर्धमान जिले के बर्धमान शहर में लोगों के बीच सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ वितरित करने के लिए आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बनर्जी ने मोदी की टिप्पणी को पश्चिम बंगाल के लोगों का ‘अपमान’ बताया और केंद्रीय धन के आवंटन पर रोक लगाने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य के खजाने पर ‘भारी बोझ’ पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री को मेरी कुर्सी का उतना ही सम्मान करना चाहिए जितना मैं उनकी कुर्सी का करती हूं। मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि वे पश्चिम बंगाल के लोगों को ‘चोर' कहेंगे।' बनर्जी ने दावा किया, 'सच तो यह है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार की तथाकथित ‘डबल इंजन’ वाली भाजपा सरकारों के कामकाज पर आंखें मूंद ली हैं, जहां भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।' बनर्जी ने आरोप लगाया कि हर बार जब चुनाव आता है तो मोदी प्रवासी पक्षी की तरह पश्चिम बंगाल आते हैं। बनर्जी ने दावा किया कि राज्य प्रशासन ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रीय धन के उपयोग के बारे में केंद्र सरकार के सभी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दे दिया है। बनर्जी ने कहा, 'हमने आपके सभी प्रश्नों के उत्तर दे दिए हैं, फिर भी आप धन का वितरण रोक रहे हैं और पश्चिम बंगाल को ‘चोर’ कह रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल में 186 केंद्रीय टीमें भेजीं और उन्हें कुछ नहीं मिला। एक छात्र सभी प्रश्नों के उत्तर देने के बाद शून्य अंक प्राप्त करना कैसे स्वीकार कर सकता है? हम इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।' कोलकाता में 22 अगस्त को एक जनसभा में मोदी ने कहा था कि ‘भ्रष्टाचार, अपराध और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे के पर्याय हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया था, 'केंद्र द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा जाने वाला धन लोगों तक नहीं पहुंचता, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उसे खा जाते हैं।'  

यात्रा में हादसा: वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से 5 लोगों की जान गई

जम्मू-श्रीनगर माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग में बड़ा हादसा हो गया है। खबर है कि भूस्खलन के चलते 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश का दौर जारी है। हाल ही में भारी बारिश के चलते यात्रा को अगले आदेश तक रोक दिया गया था। साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी रेड अलर्ट जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्द्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास बचावकार्य जारी है। घटना दोपहर 3 बजे घटी। खास बात है कि यात्रा को सुबह ही रोक दिया गया था, लेकिन पुराने मार्ग पर दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक यह जारी थी। हालांकि, बाद में इसपर भी खराब मौसम के चलते अस्थाई रूप से रोक लगा दी गई थी। जम्मू में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश जारी है। अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने वाले 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के लगभग आधे रास्ते पर यह घटना हुई। गंभीर हैं जम्मू में हालात मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि भारी बारिश के बाद जम्मू के विभिन्न हिस्सों में स्थिति काफी गंभीर है और उन्होंने प्रशासन को हाई अलर्ट बनाए रखने का निर्देश दिया। जम्मू में भारी बारिश के कारण तीन लोगों की मौत हो गई तथा दो दर्जन से अधिक मकान और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। जम्मू में लगभग सभी जलाशय खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात स्थगित कर दिया गया है, जबकि दर्जनों पहाड़ी सड़कें भूस्खलन या अचानक आई बाढ़ के कारण अवरुद्ध हो गई हैं या क्षतिग्रस्त हो गई हैं।  

भूपेंद्र रघुवंशी की मौत से शोक, इंदौर में कारोबारी ने खाई जान

इंदौर मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में मंगलवार को शराब कारोबारी और पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। साथ ही मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की भवानी काॅलोनी में रहने वाले भूपेंद्र रघुवंशी नामक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया है कि पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जो पांच पन्नों का है। इसमें जिन बातों का जिक्र है, पुलिस उनकी जांच कर रही है। भूपेंद्र पब और क्लब चलाते थे। पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें पैसों की मांग और किसी प्रकरण में फंसाए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस सुसाइड नोट में दर्ज बातों की जांच कर रही है। इसमें एक महिला का भी जिक्र किया गया है, लेकिन पुलिस अभी उसकी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र ने ब्लैकमेलिंग और मानसिक तनाव से परेशान होकर यह कदम उठाया है। पांच पन्नों के सुसाइड नोट में मृतक ने आत्महत्या के पीछे के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया है। सुसाइड नोट में एक महिला सहित कई अन्य लोगों पर उसे लगातार परेशान और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। मृतक ने अपने नोट में यह भी लिखा है कि वह इन परिस्थितियों से तंग आ चुका था और अब संघर्ष करने की स्थिति में नहीं है। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट के आधार पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधितों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। भूपेंद्र की आत्महत्या से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि मृतक को लंबे समय से कुछ लोग ब्लैकमेल और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उसी से तंग आकर भूपेंद्र ने यह कदम उठाया है।

टैरिफ मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कॉल किया, PM मोदी ने फोन रिसीव नहीं किया

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के रिश्ते क्या बीते कुछ दशकों में सबसे निचले स्तर पर हैं? ऐसे कयास तेज हैं क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के ट्रेड टैरिफ का भारत ने भी सख्ती से जवाब दिया है। खबर है कि इस मामले पर बात करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी को 4 बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव ही नहीं किया। माना जा रहा है कि भारत सरकार अब इस मामले में अमेरिका के दबाव में आने की बजाय सख्ती से ही जवाब देने की नीति पर विचार कर रही है। इसी पॉलिसी के तहत भारत ने चीन, रूस और ब्राजील जैसे देशों के साथ मिलकर एक नया गठजोड़ खड़ा करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। शायद इसी नीति के तहत अब मोदी सरकार नहीं चाहती कि डोनाल्ड ट्रंप को ज्यादा महत्व दिया जाए। जर्मन अखबार Frankfurter Allgemeine Zeitung ने अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट में ऐसा दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप के रुख से परेशान भारत सरकार अब उनसे कोई आसान डील नहीं करना चाहती। अखबार के लिए हेंड्रिक अंकेनब्रांड, विनांड वॉन पीटर्सडॉर्फ, गुस्ताव थाइले ने लिखे अपने आर्टिकल में कहा कि यह भारत सरकार की बदली हुई नीति का प्रतीक है कि उसने उस चीन के साथ भी रिश्ते बेहतर करने शुरू किए हैं, जिससे 2020 में लद्दाख में सैन्य झड़प हुई थी और 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। अखबार में लिखा गया है, 'अब दोनों देशों के बीच संबंधों को परिभाषित करना मुश्किल है। फरवरी में ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मोदी को वाइट हाउस बुलाया था और उन्हें 'महान नेता' कहकर उनकी सराहना की थी। लेकिन जब फोटो खिंचवाने का वक्त आया तो मोदी मुस्कुराए नहीं। ट्रंप ने इस दौरान पीएम मोदी के साथ अपने रिश्तों की भी बात की, लेकिन मोदी ने इसे सिर्फ रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण यात्रा करार दिया था। यह दर्शाता है कि भारतीय नेतृत्व अमेरिकी इरादों को लेकर सतर्क रहता है।' यही नहीं अखबार का कहना है कि ट्रंप ने अमेरिका के लिए कृषि बाजारों को खोलने की मांग की, लेकिन मोदी ने इनकार कर दिया। इसके बजाय भारत ने रूस और ईरान से सस्ता तेल खरीदा। यहां तक कि भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों को भी नजरअंदाज कर दिया। अखबार लिखता है, ‘अमेरिका का मानना है कि चीन को अलग-थलग करने के लिए भारत को मजबूती से अपनी ओर खड़ा करना चाहिए। लेकिन भारत इससे सहमत नहीं है। भारत चाहता है कि अमेरिका के साथ दोस्ती पर बहुत भरोसा नहीं किया जा सकता। भारत का मानना है कि उसे चीन के साथ संबंध बिगाड़कर अमेरिका का मोहरा नहीं बनना चाहिए।’ गौरतलब है कि अमेरिका में होने वाले कुल निर्यात भारत की हिस्सेदारी 20 फीसदी के करीब है। खासकर कपड़े, गहने, दवाइयाँ और ऑटो पार्ट्स। लेकिन सीमा शुल्क की वजह से अब यह व्यापार घट सकता है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत के बजाय सिर्फ़ 5.5 प्रतिशत रह जाएगी। कहा जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के अप्रत्याशित रुख को भारत सरकार ने अच्छे ढंग से नहीं लिया है। जून में ही एक सर्वे के अनुसार जर्मनी में 18% लोग ट्रंप पर भरोसा करते हैं, जबकि भारत में ट्रंप को सबसे कम भरोसेमंद राष्ट्रपति माना जाता है।  

बिहार दौरे पर रविशंकर प्रसाद का बयान, राहुल-प्रियंका का कदम बदलाव नहीं लाएगा

पटना  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में चल रही इंडिया ब्लॉक की 'वोटर अधिकार यात्रा' में मंगलवार को सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुईं। उनकी मौजूदगी से कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। हालांकि, प्रियंका गांधी वाड्रा के शामिल होने पर भाजपा ने कड़ा प्रहार किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाई आए, बहन आईं, दौरे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिर से वही गलत बयानबाजी करेंगे। पत्रकारों से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एफिडेविट क्यों नहीं फाइल किया? क्योंकि उन्हें पता था कि झूठ बोलने पर कार्रवाई होगी। पेगासस और राफेल मामले में भी वही रवैया अपनाया। मीडिया, सीबीएसई, कैग और अब चुनाव आयोग तक को गाली देना राहुल गांधी की आदत बन गई है। उनका एक ही मंत्र है, 'ना कायदा सही, ना कानून सही, जो राहुल कहे वही सही।' लेकिन, देश ऐसे नहीं चलेगा। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी और कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार की जनता इनकी झूठी बातों का करारा जवाब देगी। वहीं, उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें बिहार के डीएनए पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि बिहार के डीएनए में सम्राट अशोक की विरासत है। बिहार के डीएनए में महात्मा गांधी की प्रेरणा है। गांधी जब महात्मा बने तो वह चंपारण आए थे और यहीं से सत्याग्रह शुरू किया था। मैं रेवंत रेड्डी से आग्रह करूंगा कि थोड़ा बिहार को जान लें। बता दें कि बिहार में इंडिया ब्लॉक ने 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली है। इसमें राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के नेता शामिल हो रहे हैं। मंगलवार को यात्रा के दसवें दिन की शुरुआत सुपौल जिले से हुई। सोमवार को इस यात्रा को ब्रेक दिया गया था। राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई थी। 16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। एक सितंबर को पटना में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा। यह यात्रा औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, कटिहार, पूर्णिया, मुंगेर, भागलपुर होते हुए सुपौल पहुंची।