samacharsecretary.com

आजादी के 75 साल बाद सुदूर गांव को मिली बस सेवा, गढ़चिरौली में ऐतिहासिक पहल

 गढ़चिरौली  कभी नक्सलियों का गढ़ रहे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के एक सुदूर गांव में आजादी के बाद अब पहली बार सरकारी बस सेवा शुरू हुई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। बुधवार को जब पहली बस मरकनार गांव पहुंची तो स्थानीय लोगों ने राष्ट्रध्वज लहराकर उसका स्वागत किया। पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि इस सेवा से मरकनार और आसपास के गांवों के छात्रों समेत लगभग 1,200 निवासियों को लाभ होगा। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि गढ़चिरौली पुलिस के प्रयासों के बाद आजादी के बाद पहली बार सुदूर मरकनार गांव से अहेरी तक बस सेवा शुरू की गई है। आदिवासी आबादी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाना जाने वाला गढ़चिरौली जिला खराब कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहा था। मरकनार गांव गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ उपखंड में अबूझमाड़ की तलहटी में स्थित है, जो नक्सलियों का गढ़ था। बुधवार को ग्रामीणों ने पहली बार अपने इलाके में बस सेवा देखी। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल की पहल पर शुरू की गई राज्य परिवहन सेवा का स्वागत करने के लिए ग्रामीण तिरंगा लेकर एकत्रित हुए। इस सेवा से मरकनार, मुरुंभुशी, फुलनार, कोपरशी, पोयारकोठी और गुंडुरवाही जैसे गांवों के 1,200 से ज्यादा निवासियों, खासकर मरीजों, छात्रों और अन्य यात्रियों को लाभ होगा। गढ़चिरौली पुलिस ने दूरदराज के इलाकों में परिवहन को आसान बनाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की हैं। कहा गया है कि एक जनवरी 2025 को गट्टा-गरदेवड़ा-वांगेतुरी मार्ग पर और 27 अप्रैल को कटेझर से गढ़चिरौली के लिए बस सेवा शुरू की गई। पिछले पांच वर्षों में, गढ़चिरौली पुलिस के संरक्षण में जिले में 420.95 किलोमीटर लंबी 20 सड़कें और 60 पुल बनाए गए हैं। बता दें कि होम मिनिस्टर अमित शाह ने 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने का टारगेट रखा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विश्व विख्यात खेल अधोसंरचना डिज़ाइन कंपनी ‘पॉपुलस’ के प्रतिनिधियों ने भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विश्व विख्यात खेल अधोसंरचना डिज़ाइन कंपनी ‘पॉपुलस’ के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी जॉर्ज बेटनकौर ने मध्यप्रदेश में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के विकास के लिए अपने विज़न का प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में राज्य के उभरते खेल अधोसंरचना सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों और साझेदारी की दिशा में सार्थक चर्चा हुई। पॉपुलस एक अग्रणी वैश्विक वास्तुकला एवं डिज़ाइन कंपनी है, जो खेल, मनोरंजन और सार्वजनिक स्थलों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। पिछले तीन दशकों में कंपनी ने छह महाद्वीपों में 3,000 से अधिक परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इसका मुख्यालय अमेरिका के कैनसस सिटी में स्थित है, जबकि लंदन, ब्रिसबेन और अन्य प्रमुख वैश्विक शहरों में इसके कार्यालय हैं। पॉपुलस का डिज़ाइन दर्शन नवाचार, पर्यावरणीय स्थायित्व और उपयोगकर्ता अनुभव की उत्कृष्टता पर आधारित है। कंपनी स्टेडियम, एरीना, कन्वेंशन सेंटर, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों की मास्टर प्लानिंग, ई-स्पोर्ट्स और सामुदायिक खेल सुविधाओं के डिज़ाइन में दक्ष है। इसकी कुछ प्रतिष्ठित परियोजनाओं में लंदन का वेम्बली और टॉटनहैम हॉटस्पर स्टेडियम, भारत का नरेन्द्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद), और हांगकांग का काई तक स्पोर्ट्स पार्क शामिल हैं। पॉपुलस पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत सजग है और बीआईएम, पैरामीट्रिक मॉडलिंग व मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर ऐसे स्थल विकसित करती है, जो दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य सृजित करते हैं।  

अमरनाथ यात्रा पर बारिश का असर: एक दिन के लिए स्थगित, 18 जुलाई से फिर शुरू होने की संभावना

श्रीनगर  जम्मू और कश्मीर सूचना विभाग ने बताया है कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा गुरुवार को पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से रोक दी गई है। यात्रा मार्गों पर बारिश से हुए नुकसान की तुरंत मरम्मत का काम चल रहा है। जम्मू और कश्मीर जनसंपर्क विभाग के एक बयान के अनुसार, "पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दोनों रास्तों पर ट्रैक्स की मरम्मत का काम बहुत ज़रूरी हो गया है।" सीमा सड़क संगठन ने 18.07.2025 को दोनों आधार शिविरों से यात्रा फिर से शुरू होने से पहले काम पूरा करने के लिए अपने कर्मचारियों और मशीनों को बड़ी संख्या में तैनात किया है। कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने भी यात्रा के स्थगित होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौसम की स्थिति ठीक होने पर 18 जुलाई को तीर्थयात्रा फिर से शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण ट्रैक्स पर तुरंत मरम्मत और रखरखाव का काम करना ज़रूरी है। इसलिए, यह फैसला लिया गया है कि आज दोनों आधार शिविरों से पवित्र गुफा की ओर किसी भी यात्री को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" बिधूड़ी ने आगे बताया कि जो यात्री पिछली रात पंजतरणी शिविर में रुके थे, उन्हें BRO और पर्वतीय बचाव दलों की मदद से बालटाल जाने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिन के मौसम को देखते हुए, कल यात्रा फिर से शुरू होने की पूरी संभावना है। यात्रा के आंकड़े और आगे की जानकारी 2025 की अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 2.47 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री 3,880 मीटर ऊंची पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। इस साल यह पहला मौका है जब जम्मू से तीर्थयात्रा को एक दिन के लिए रोका गया है। आपको बता दें, 3 जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से, 2.35 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अब तक 4 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने इस तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। यह 38 दिनों तक चलने वाली तीर्थयात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।    

स्वच्छता रैंकिंग में अंबिकापुर की बड़ी छलांग, देशभर में दूसरा स्थान मिला

अंबिकापुर  अंबिकापुर नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी पहचान बना ली है। उसे सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया है। 17 जुलाई को दिल्ली में अंबिकापुर को एलीट क्लब में शामिल शहरों के बीच सुपर स्वच्छ लीग के परिणाम के बाद सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव को यह सम्मान दिया। अंबिकापुर नगर निगम ने शहर को सुंदर बनाने के लिए काम किया और पिछली बार के सर्वे में जो कमियां थीं, उन्हें दूर किया। अंबिकापुर नगर निगम ने पहले भी स्वच्छता के लिए बहुत काम किया है। लेकिन कुछ समय से उसकी रैंकिंग गिर गई थी। इस बार नगर निगम ने और भी ज्यादा मेहनत की। शहर को साफ रखने के साथ-साथ उसे सुंदर भी बनाया। लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया। जिसके फलस्वरूप उसे सुपर स्वच्छ लीग में टॉप जगह मिल गई है। सर्वे के बाद आए नतीजे स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम शहर में दो बार आई। पहली बार उन्होंने सामान्य स्वच्छता का सर्वे किया। दूसरी बार स्टार रेटिंग के लिए टीम आई और फिर ओडीएफ प्लस प्लस के लिए टीम आई। ओडीएफ प्लस प्लस का मतलब है कि शहर में शौचालय की अच्छी व्यवस्था है और उनका सही इस्तेमाल हो रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद अब नतीजे घोषित किए गए। इस कैटेगरी में मिला अवार्ड इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में कुछ नए नियम भी जोड़े गए थे। इनके आधार पर शहरों का मूल्यांकन किया गया। 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले शहरों में अंबिकापुर को पहला स्थान मिला है। यह अंबिकापुर के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। स्वच्छता छत्तीसगढ़ की संस्कृति- डेप्युटी सीएम छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव ने इस खुशी के पल को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि स्वच्छता छत्तीसगढ़ की संस्कृति का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ की अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ के अपने 3 करोड़ परिवारजनों के प्रतिनिधि के रूप में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में सम्मिलित हो रहा हूं। कर्मचारियों की तारीफ उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के निकायों को जो सम्मान मिल रहा है, वह बहुत खुशी की बात है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत की तारीफ की। कचरा बेचकर निगम को होती है आमदनी नगर निगम अंबिकापुर कचरा बेचकर कमाई करता है। इसके लिए प्रॉपर कचरे को छांटा जाता है। सेनिटेशन सेंटर में इस पूरे कचरे को गीला, ठोस के रूप में अलग करता है। हर महीने इसकी बिक्री होती है। करीब तीन साल में अंबिकापुर नगर निगम में करीब दो करोड़ की आमदनी कचरा बेचने से हो चुकी। इसके अलावा कंपोस्ट खाद से भी आय हो रही है।

हम नेतृत्व करेंगे, CM मैं ही बनूंगा – NDA सहयोगी दल का बड़ा बयान

चेन्नई  ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने  यहां कहा कि तमिलनाडु में पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अटूट है और भाजपा समेत इसके घटक दलों के बीच फूट डालने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के संबंध में उनका निर्णय अंतिम होगा। विधानसभा में विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के ‘उंगलुदन स्टालिन’ संपर्क कार्यक्रम की भी आलोचना की और इसे एक 'नाटक' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु के लोगों को 'गुमराह' करना है। पलानीस्वामी ने पूछा कि इस सरकार के बचे हुए आठ महीनों में लोग अपने मुद्दों के क्या ही समाधान की उम्मीद कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अगले साल राज्य में राजग के चुनाव जीतने पर गठबंधन सरकार बनाने संबंधी कथित टिप्पणी के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, पलानीस्वामी ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने केवल इतना कहा कि गठबंधन सत्ता में आएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'उनका कहना है कि हमारा गठबंधन सरकार बनाएगा। मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है — इस गठबंधन का नेतृत्व कौन कर रहा है? तो यह मेरा फैसला है, है ना? कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कौन सरकार बनाएगा – हम दोनों (शाह और मैं) यह स्पष्ट कर चुके हैं।' यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अन्नाद्रमुक राज्य में राजग का नेतृत्व करेगा और अगर गठबंधन विजयी होता है तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा, 'गठबंधन में फूट डालने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। यह एक अटूट गठबंधन है।' पलानीस्वामी ने दावा किया कि द्रमुक को यह उम्मीद नहीं थी कि अन्नाद्रमुक गठबंधन करेगा और इसलिए वह 'डर के कारण' विपक्षी गठजोड़ की आलोचना कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि द्रमुक ने अतीत में भाजपा के साथ गठबंधन किया था और सवाल किया कि क्या द्रविड़ पार्टी का तब ऐसा करना स्वीकार्य था, लेकिन अब अन्नाद्रमुक ने जब भाजपा के साथ गठबंधन किया है तो वह भाजपा को 'सांप्रदायिक' बता रही है।  रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि ईपीएस ने शाह से कह दिया है कि जीत की स्थिति में 'न्यूनतम स्तर पर' पावर शेयरिंग पर विचार किया जा सकता है। दरअसल, शाह ने साफतौर पर कहा था, 'हम चुनाव एडप्पाडी जी के नेतृत्व में लड़ेंगे।' साथ ही उन्होंने 'गठबंधन सरकार' का जिक्र किया था। कहा जा रहा है कि इसके चलते AIADMK नेताओं में हलचल तेज हुई थी। कहा जा रहा है कि ईपीएस की तरफ से इस बात पर जोर दिया जाना भाजपा और एआईएडीएमके के बीच एक समझ स्थापित होने के संकेत दे रहा है, जिसके तहत यह साफ हो चुका है कि चुनाव से पहले गठबंधन सरकार की बात को बढ़ाना देना नुकसान करा सकता है। इसकी वजह कोर द्रविड़ मतदाताओं के विरोध का डर माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएस की टिप्पणियों को जनता की धारणा बदलने की ठोस कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अखबार को एक सूत्र ने बताया कि गठबंधन काफी प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम दोनों पहले ही तय कर लिया है कि AIADMK नेतृत्व कर रहा है। ईपीएस सीएम बनेंगे। आप और क्या जानना चाहते हैं।' रिपोर्ट के अनुसार, AIADMK और भाजपा के बीच बातचीत की जानकारी रखने वाले राज्य के ही एक वरिष्ठ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्य ने कहा था, 'अगर गठबंधन सरकार की बात होती है, तो AIADMK कैडर खुश नहीं होगा। ईपीएस ने शाह को बता दिया है कि वह जीत की स्थिति में अपनी पार्टी के नेताओं को पावर शेयरिंग के लिए मना लेंगे। इसकी घोषणा चुनाव से पहले करना आत्महत्या करने जैसा होगा। भाजपा इस पर सहमत हो गई है। हालांकि, शाह के बयान को किस तरह से लिया जा रहा है, इस पर असहमति हो सकती है।'

नारायण शैक्षणिक संस्थान ने नारायण शैक्षणिक योग्यता परीक्षा 2025 का 20वां संस्करण शुरू

भोपाल  नारायण शैक्षणिक संस्थान ने नारायण शैक्षणिक योग्यता परीक्षा (NSAT)-2025 का 20वां संस्करण शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश नारायण आईआईटी-जेईई/नीट/फाउंडेशन अकादमी के डीजीएम श्री सलाम सर ने बताया कि NSAT एक बहुप्रतीक्षित वार्षिक शैक्षणिक योग्यता परीक्षा है, जो कक्षा 5 से 11 (विज्ञान) तक के छात्रों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है। इसमें उत्कृष्टता के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक का नकद पुरस्कार दिया जाता है। योग्य उम्मीदवार अपनी शैक्षिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए 100% वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आयोजित की जाएगी। ऑफलाइन परीक्षा 5 और 12 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जबकि ऑनलाइन परीक्षा के लिए छात्र 19 और 20 अक्टूबर को परीक्षा दे सकते हैं। NSAT 2025 देश भर के 300 से अधिक शहरों के 5000 से अधिक स्कूलों के छात्रों तक पहुँचेगा। यह परीक्षा विज्ञान, गणित और बौद्धिक क्षमता जैसे विषयों पर आधारित होगी, जिसमें चिंतन कौशल को प्रोत्साहित करने वाले प्रश्न होंगे। चार दशकों से अधिक की विरासत के साथ, नारायण शैक्षणिक संस्थान लगातार नए मानक स्थापित करके शैक्षणिक उत्कृष्टता के स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं। अपने विश्वास – "आपके सपने हमारे सपने हैं" के अनुरूप, नारायण शैक्षणिक और व्यक्तिगत सफलता की खोज में छात्रों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एनएसएटी-2025 का शुभारंभ नारायण भोपाल केंद्र, एम.पी. नगर, जोन-॥ में मुख्य अतिथि डॉ. डी. किशन, पीएचडी, प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल द्वारा किया गया। विशिष्ट अतिथि श्री पी.के. पाठक (एनटीए) राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, भोपाल और जोनल समन्वयक एवं सहोदय ग्रुप ऑफ़ सीबीएसई स्कूल्स और संस्कार इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य थे। एनएसएटी के बारे में परिचय और विवरण केंद्र प्रमुख कमल बलानी और शाखा प्रबंधक योगेश दंडोतिया द्वारा दिया गया। नारायण के बारे में परिचय संकाय दिव्यप्रकाश मिश्रा द्वारा दिया गया और मुकाती सर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन। अधिक जानकारी के लिए ! संपर्क करें या पोर्टल – www.nsatnarayanagroup.com

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया

मनेंद्रगढ़ क्षेत्र को मिली 25.99 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना एवं सेंट्रल लाइटिंग मद से स्वीकृत हुए कार्य स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया एमसीबी  शासन की प्राथमिकता में शामिल नगरीय विकास को लेकर मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के लिए एक और खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना, अधोसंरचना मद एवं सेंट्रल लाइटिंग मद अंतर्गत राज्य बजट से मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए कुल 25 करोड़ 99 लाख 82 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिरमिरी नगर क्षेत्र के लिए 25 करोड़ 99 लाख रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि इन योजनाओं की स्वीकृति से गौरव पथ सड़क, बाईपास सड़क निर्माण, प्रकाश व्यवस्था एवं सेंट्रल लाइब्रेरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब धरातल पर उतरेंगे, जिससे चिरमिरी के समग्र विकास के संकल्प को नई गति प्राप्त होगी। यह स्वीकृति नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत चिरमिरी नगर पालिका क्षेत्र के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत कार्यों में गोदरी पारा से डोमनहिल तक गौरवपथ निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ रुपये, वार्ड क्रमांक 8 बड़ा ग्राउंड से सिद्धबाबा मंदिर तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 40 लाख रुपये, प्रकाश व्यवस्था हेतु 20 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। इसके साथ ही सांस्कृतिक मंच ग्राम पंचायत से आत्मानंद स्कूल मुख्य मार्ग, चित्रोझोर पौड़ी तक रिटेनिंग वॉल एवं फुटपाथ निर्माण हेतु 2 करोड़ रुपये, सोनमली नाका से नगर से दीनदयाल चौक  पौड़ी तक बायपास  कोरिया होते हुए निर्माण हेतु 8 करोड़ 75 लाख 47 हजार रुपये, अन्य अतिरिक्त कार्यों हेतु 6 करोड़ 22 लाख 86 हजार रुपये, तथा सेंट्रल लाइटिंग सह री-डिंग जोन (250 सीटर्स) हेतु 4 करोड़ 41 लाख 49 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार कुल मिलाकर चिरमिरी नगर पालिका क्षेत्र को 25.99 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं को मजबूती मिलेगी एवं आमजन को सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत प्रयासों से यह बड़ी स्वीकृति मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र को प्राप्त हुई है। स्थानीय नागरिकों ने इसके लिए शासन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

अपर कलेक्टर विनायक शर्मा को भरतपुर न्यायालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई

एमसीबी  जिले के विकासखंड भरतपुर के नागरिकों की सुविधा के लिए कलेक्टर डी. राहुल वेंकट द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने नवपदस्थ अपर कलेक्टर विनायक शर्मा को भरतपुर स्थित अपर कलेक्टर न्यायालय की जिम्मेदारी सौंपी है। इस निर्णय से अब भरतपुर ब्लॉक के रहवासियों को न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। वहीं विनायक शर्मा भरतपुर अनुविभाग में नियमित रूप से जनदर्शन के माध्यम से आमजनो की समस्याएं सुनेंगे और त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। जनदर्शन प्रत्येक द्वितीय और चतुर्थ मंगलवार को प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, भरतपुर में आयोजित किया जाएगा। इसी दिन अपर कलेक्टर न्यायालय की कार्यवाही दोपहर 2ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक भरतपुर स्थित राजस्व कार्यालय में संपन्न होगी।

UIDAI की सख्ती: आधार सक्रिय रखना है तो तुरंत कर लें यह जरूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली आधार कार्ड (Aadhaar Card) आज के समय में सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट है, जो न सिर्फ आपकी पहचान और नागरिकता का प्रमाण है, बल्कि स्कूल में एडमिशन से लेकर सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के लिए भी जरूरी होता है. ऐसे में इसमें आपकी जानकारी का अपडेटेड होना बेहद जरूरी है और इसे लेकर UIDAI ने अलर्ट किया है. दरअसल, यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ये अलर्ट बच्चों के आधार कार्ड यानी बाल आधार (Baal Aadhaar) के लिए किया है. इसमें कहा गया है कि 5 से 7 साल के बच्चों के आधार के आधार कार्ड का बायोमैट्रिक अपडेट जरूर कराएं, ये काम अभी बिल्कुल फ्री में हो सकता है.  बंद हो सकता है आधार कार्ड UIDAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अलर्ट करते हुए अभिभावकों से कहा है कि अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट से स्कूल एडमिशन, प्रवेश परीक्षा, स्कॉलरशिप और DBT Benefits तक आसान पहुंच संभव होगी. इसके साथ ही अथॉरिटी ने हिदायत देते हुए कहा कि समय पर 7 साल से बड़े बच्चे का Aadhaar Biometric Update अपडेट न होने की स्थिति में उसका आधार डिएक्टिवेट किया जा सकता है और वो तमाम लाभों से वंचित रह सकता है.  अभी Free… बाद में लगेगा ₹100 चार्ज  आधार नियामक द्वारा सोशल मीडिया अलर्ट (Social Media Alert) के साथ ही ऐसे बच्चों के आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर SMS के जरिए भी इसकी अपील की जा रही है. यूआईडीएआई ने साफ कहा है कि 5-7 साल के बच्चों के आधार का बायोमैट्रिक अपडेट या एमबीयू प्रोसेस अभी प्रोसेस फ्री है यानी इसके लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता है. वहीं तो कोई शुल्क नहीं लिया जाता. 7 साल के बाद इस काम को कराने के लिए 100 रुपये का शुल्क देना होता है.  बाल आधार के लिए क्या है नियम?  Baal Aadhaar बनवाने से जुड़े नियमों की बात करें, तो 0–5 साल तक के बच्चों का आधार कार्ड बिना बायोमैट्रिक के बन जाता है और इसे बनवाने के लिए महज बच्चे की फोटो, नाम, जन्मतिथि, पता और माता-पिता के दस्तावेजों की जरूरत होती है, जबकि इस ऐज लिमिट तक कोई भी बायोमैट्रिक जरूरी नहीं होता है. हालांकि, जब बच्चा 5 साल की उम्र पूरी कर लेता है, तो पहले बायोमैट्रिक अपडेट के तौर पर उसके फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और लेटेस्ट फोटो को अपडेट कराना जरूरी होता है.  नीले रंग का होता है बच्चों का आधार  बता दें कि बच्चों का आधार कार्ड वयस्कों से अलग होता है. दरअसल, जब बच्चों के लिए आधार कार्ड जारी किया जाता है, तो उसका रंग नीला होता है. नीले रंग वाले आधार कार्ड (Blue Aadhaar Card) को 'बाल आधार' भी कहते हैं. UIDAI के मुताबिक नवजात बच्चे का आधार कार्ड बर्थ डिस्चार्ज सर्टिफिकेट और माता-पिता के आधार कार्ड के जरिये बनाए जाते हैं.  UIDAI ने कहा- 'इसे लेकर न बरतें लापरवाही' बाल आधार में बायोमैट्रिक अपडेट आप अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Center) पर जाकर करा सकते हैं. यूआईडीएआई की ओर से साफ शब्दों में हिदायत देते हुए कहा गया है कि आधार आज के समय में सबसे जरूरी दस्तावेज है, जो जीवन को आसान बनाने में सहायक है. ऐसे में माता-पिता और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के बायोमेट्रिक्स को आधार में प्राथमिकता के तौर पर अपडेट कराएं.

ऑयली स्किन से परेशान? घर पर बनाएं ये DIY टोनर, पाएँ दमकता चेहरा

ऑयली स्किन वालों के लिए सही टोनर चुनना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यह स्किन पर आने वाले एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करता है, पोर्स को टाइट करता है और स्किन को फ्रेश बनाए रखता है। ऐसे में मार्केट में मिलने वाले महंगे केमिकल युक्त टोनर की बजाय घर पर बने नैचुरल DIY टोनर ज्यादा फायदेमंद होते हैं। ये टोनर स्किन पर सॉफ्ट होते हैं और किसी भी तरह के साइड इफेक्ट का खतरा कम होता है। यहां कुछ बेहतरीन DIY टोनर की जानकारी दी गई है, जो ऑयली स्किन के लिए परफेक्ट हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- गुलाब जल और एलोवेरा टोनर गुलाब जल स्किन को हाइड्रेट करता है, जबकि एलोवेरा स्किन को कूल (ठंडा) रखने में सहायक होता है और एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करता है। इसलिए एक कप गुलाब जल में आधा कप एलोवेरा जेल मिलाएं और एक स्प्रे बोतल में स्टोर करें और अपने फेस पर अप्लाई करें। ग्रीन टी टोनर ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो स्किन को डिटॉक्स करने और ऑयल बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए ग्रीन टी को उबालकर ठंडा करें और कॉटन पैड से स्किन पर लगाएं या स्प्रे करें। एप्पल साइडर विनेगर टोनर यह त्वचा के पीएच बैलेंस को बनाए रखता है और एक्स्ट्रा सीबम को कम करता है। इसलिए एक भाग एप्पल साइडर विनेगर में तीन भाग पानी मिलाकर एक स्प्रे बोतल में स्टोर करें और फिर स्किन पर अप्लाई करें। नीम और तुलसी टोनर नीम और तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल्स को कम करने में मदद करते हैं। ऐसे में मुट्ठी भर नीम और तुलसी की पत्तियों को उबालकर ठंडा करें और छानकर स्प्रे बॉटल में स्टोर करें और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करें। खीरा और पुदीना टोनर खीरा स्किन को कूलिंग इफेक्ट देता है, और पुदीना ऑयल प्रोडक्शन को कंट्रोल करता है। इसलिए खीरे का रस निकालकर उसमें पुदीने का अर्क मिलाएं और बोतल में भर लें। विच हेज़ल टोनर विच हेज़ल एक प्राकृतिक एस्ट्रिंजेंट है, जो पोर्स को टाइट करता है और ऑयल को कम करता है। ऐसे में विच हेज़ल और गुलाब जल को बराबर मात्रा में मिलाकर टोनर तैयार करें और कॉटन बॉल से चेहरे पर लगाएं। एलोवेरा और ग्रीन टी टोनर यह स्किन को सूदिंग इफेक्ट देता है और ऑयल कंट्रोल करता है। इसलिए दो चम्मच एलोवेरा जेल में तीन चम्मच उबले हुए ग्रीन टी मिलाएं और कॉटन बॉल की मदद से स्किन पर लगाएं।