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अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले जारी होगा चार्ट, जबलपुर यात्रियों के लिए राहतभरी खबर

जबलपुर रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब ट्रेन का आरक्षण चार्ट पहले से अधिक समय में तैयार होगा, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा को लेकर स्पष्टता मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने रेलवे बोर्ड के नए निर्देश के बाद यह व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले पहला रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाएगा। इससे पहले यह चार्ट सिर्फ 4 घंटे पहले तैयार किया जाता था, जिससे कई बार वेटिंग और RAC (Reservation Against Cancellation) वाले यात्री कंफर्म टिकट की जानकारी देर से जान पाते थे। खासतौर पर दूर-दराज जिलों से आने वाले यात्रियों को दिक्कत होती थी कि उन्हें स्टेशन के लिए निकलना चाहिए या नहीं। अब इस असमंजस से उन्हें मुक्ति मिलेगी। किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? मंडला, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली और दमोह जैसे जिलों से जबलपुर स्टेशन आने वाले यात्रियों को इस फैसले से बड़ा लाभ होगा। पहले उन्हें ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले ही यह पता चलता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। अब 8 घंटे पहले स्थिति स्पष्ट हो जाने से वे यात्रा की योजना बेहतर बना सकेंगे। इमरजेंसी कोटा (EQ) आवेदन प्रक्रिया भी होगी सरल ट्रेनों में मेडिकल या अन्य आपातकालीन स्थितियों के लिए आरक्षित सीटों (Emergency Quota) के लिए भी यात्रियों को अब एक दिन पहले आवेदन करना सुरक्षित होगा। यह बदलाव EQ सीटों की प्रोसेसिंग में पारदर्शिता और समय की बचत सुनिश्चित करेगा। ट्रेन प्रस्थान समय के अनुसार चार्टिंग नियम     सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली ट्रेनों के लिए पहला चार्ट पिछली रात 9 बजे तक बन जाएगा। दोपहर 2 बजे से रात 11:59 बजे तक की ट्रेनों के लिए चार्ट प्रस्थान से 8 घंटे पहले बनेगा। रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक की ट्रेनों के लिए भी 8 घंटे पहले ही चार्ट बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जबलपुर रेल मंडल, शशांक गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था यात्रियों के हित में है। इससे विशेषकर रिमोट क्षेत्रों के यात्रियों को यात्रा की स्पष्टता मिलेगी और उनकी योजना व्यवस्थित होगी।

ट्रेन यात्रियों को झटका: 24 जुलाई से बदल गया रूट, कानपुर सेंट्रल पर नहीं होगा स्टॉप

नई दिल्ली रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। टाटानगर रेल मंडल से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें नई दिल्ली-पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12801/12802) और हल्दिया-आनंद विहार एक्सप्रेस (12443/12444) अब कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। इन ट्रेनों का ठहराव अब गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर होगा। रेलवे प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बदलाव 24 जुलाई 2025 से लागू होगा। – ट्रेन संख्या 12802, जो नई दिल्ली से पुरी जाती है, वह सुबह 03:55 बजे गोविंदपुरी स्टेशन पर पहुंचेगी और 04:00 बजे रवाना होगी। – वहीं, पुरी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या 12801, रात 10:00 बजे गोविंदपुरी स्टेशन पर पहुंचेगी और 10:05 बजे प्रस्थान करेगी। – इसी तरह, हल्दिया से आनंद विहार जाने वाली ट्रेन संख्या 12443 भी अब गोविंदपुरी पर रुकेगी। यह ट्रेन सुबह 03:05 बजे पहुंचेगी और 03:10 बजे रवाना होगी। – जबकि ट्रेन संख्या 12444, जो आनंद विहार से हल्दिया जाती है, 29 जुलाई से गोविंदपुरी स्टेशन पर 01:00 बजे दोपहर में रुकेगी। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा और रेलवे संचालन में सुधार के उद्देश्य से किया गया है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले नया रूट और समय जरूर देख लें।

आज से 19 जुलाई तक स्पेन प्रवास पर रहेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज से 19 जुलाई 2025 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश के माध्यम से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजनकी दिशा में सतत् रूप से प्रयासरत् है। स्पेन प्रवास के दौरान वे मैड्रिड में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे और उद्योग, पर्यटन, खेल, संस्कृति तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री दुबई से रवाना होकर देर रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचेंगे। स्पेन प्रवास के प्रथम दिन 16 जुलाई की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत श्री दिनेश के. पटनायक शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद वे “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सेशन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यटन, औद्योगिक नीति एवं निवेश, आईटी और अधोसंरचना सेक्टर पर प्रेजेन्टेशन होगा। बिजनेस फोरम की शुरुआत मध्यप्रदेश शासन के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री इलैयाराजा टी. के स्वागत भाषण से होगी। स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री जुआन इग्नासियो एंत्रेकानालेस भी फोरम को संबोधित करेंगे। नेचर बायोफूड्स के सीईओ श्री रोहन ग्रोवर द्वारा अनुभव साझा किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे। नेटवर्किंग लंच में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन के प्रमुख उद्योगपतियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल सेक्टर में विख्यात स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन एवं कंसल्टिंग फर्म ‘पॉपुलस’ के प्रजेंटेशन में भाग लेंगे। यह प्रजेंटेशन श्री जोर्ज बेटनकौर द्वारा दिया जाएगा। जिसमें मध्यप्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बाद में स्पेन फिल्म आयोग के अध्यक्ष मुलाकात करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शूटिंग और सहयोग पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राडो म्यूज़ियम का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बसे भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और मैड्रिड में आयोजित विशेष रात्रि भोज में भाग लेंगे।  

भारत ने ₹36000 करोड़ की डील के तहत QRSAM सिस्टम की खरीद को मंजूरी दी

नई दिल्ली पूरी दुनिया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सैन्य ताकत का नजारा देख चुका है. भारत ने तीन दिन के भीतर ही पाकिस्तानी सेना की कमर तोड़ दी थी. ब्रह्मोस मिसाइलों और एस-400 जैसे डिफेंस सिस्टम की बदौलत पाकिस्तान कुछ घंटों की भी मार नहीं झेल पाया था. लेकिन, ऑपरेशन के दौरान भारत को भी कुछ सीखने को मिला. अब भारत ने उस कमी को दूर करने के लिए एक-दो हजार करोड़ नहीं बल्कि एक मुश्त 36 हजार करोड़ रुपये की डील को मंजूरी दी है. इस पैसे से फिलहाल के लिए बेबी एस-400 के तीन रेजिमेंट तैयार किए जाएंगे. हालांकि भारतीय सेना ऐसे 11 रेजिमेंट्स की डिमांड कर रही है. अगर ये पूरे रेजिमेंट्स सेना को मिल जाते हैं तो देश एक तरह से किले में तब्दील हो जाएगा. इस पूरे 11 रेजिमेंट्स पर करीब 1.30 लाख करोड़ खर्च होंगे. दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर गंभीर घाव किया था. दूसरी तरफ भारत के आकाश मिसाइल डिफेंस और एस-400 जैसे सुरक्षा कवच ने भारत की किलेबंदी कर दी. बावजूद इसके पाकिस्तान ने तुर्की से हासिल किए ड्रोन से भारत पर खूब हमले किए. एक तरह से उसने ड्रोन की बारिश कर दी, लेकिन भारत का डिफेंस सिस्टम तगड़ा था और करीब 99 फीसदी ड्रोन को समय रहने खत्म कर दिया गया. बावजूद इसके भारत को एक खास डिफेंस सिस्टम की जरूरत महसूस हुई. भारत के पास जो एस-400 सुरक्षा कवच है वो तो अल्टीमेट है. एस-400 फाइटर जेट्स और मिसाइल हमलों को करीब 400 किमी दूर से डिटेक्ट कर उसे खत्म करने में सक्षम है. लेकिन, आधुनिक युद्ध में ड्रोन एक नई चुनौती बनकर उभरे हैं. ये अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर उड़ते हैं और उनको डिटेक्ट करना थोड़ा मुश्किल काम होता है. ऐसे में भारत देसी बेसी एस-400 की खरीद कर रहा है. इस बेबी एस-400 का नाम है QRSAM सिस्टम. क्या है QRSAM? भारत सरकार ने पिछले दिनों अपने एयर डिफेंस को मजबूती देने के लिए QRSAM सिस्टम को खरीद की मंजूरी दे दी. इसे देश में ही विकसित किया गया है. इसका पूरा नाम क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल यानी QRSAM है. इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है. इसके तीन रेजिमेंट की खरीद को मंजूरी दी गई है. इस पर 36 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. यानी एक रेजिमेंट पर करीब 12 हजार करोड़ रुपये. भारतीय सेना ने सरकार से ऐसे 11 रेजिमेंट्स की मांग की है. QRSAM एक बेहद एडवांस मोबाइल मिसाइल सिस्टम है. ये मिसाइलों दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों और अन्य हवाई खतरों को 30 किमी के दायरे के भीतर नष्ट कर सकती हैं. इन मिसाइलों को इनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता के लिए जाना जाता है. ये सिस्टम युद्ध के मौजूदा तरीकों में बेहद कारगर हैं. QRSAM में बेहद एडवांस रडार सिस्टम, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम लगे हैं. इससे यह बेहद सटीक तरीके से अपने लक्ष्य को ट्रैक और नष्ट कर सकता है. इसकी सफलता की दर 95 से 100 फीसदी तक है. ऑपरेशन सिंदूर इस साल 7 से 10 मई के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपने शानदार डिफेंस सिस्टम का नजारा पेश किया था. इस दौरान पाकिस्तान की ओर से खूब तुर्की निर्मित ड्रोन और चीन निर्मित मिसाइलें दागी गईं लेकिन भारत के मल्टी लेयर डिफेंस सिस्टम ने इन सभी को समय रहते नष्ट कर दिया. इस दौरान भारतीय डिफेंस सिस्टम की सफलता करीब 100 फीसदी थी. इसमें QRSAM ने भी अहम भूमिका निभाई थी. ऑपरेशन के दौरान QRSAM के परफॉर्मेंस ने सभी का दिल जीत लिया था. ऐसे में सेना अब QRSAM के दो-तीन नहीं बल्कि कुल 11 रेजिमेंट बनाने वाली है. इस वक्त भारत के सुरक्षा कवच में QRSAM में आकाश, बराक-8 और अन्य स्वदेशी प्रणालियों के साथ मिलकर एक अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करेगा.

शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल, अब सुदूर क्षेत्रों के बच्चे भी होंगे लाभांवित

रायपुर : कोरबा जिले में डीएमएफ से 52 करोड़ से अधिक की लागत से 481 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को मंजूरी बाल शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम, सुदूर क्षेत्रों में मिलेगा नया आयाम शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल, अब सुदूर क्षेत्रों के बच्चे भी होंगे लाभांवित रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बाल शिक्षा, पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में कोरबा जिला प्रशासन ने जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के प्रभावी उपयोग के तहत एक ऐतिहासिक पहल की है। कोरबा जिले में पहली बार 52 करोड़ 68 लाख 65 हजार रुपये की लागत से 481 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कदम जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में शिशु शिक्षा और पोषण सेवाओं को नई दिशा देगा। इस स्वीकृति के तहत कोरबा जिले के सभी विकासखंडों में आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण होगा। कोरबा विकासखंड में 56 भवनों के लिए 6 करोड़ 39 लाख 88 हजार, करतला में 78 भवनों के लिए 8 करोड़ 63 लाख 85 हजार, कटघोरा में 65 भवनों के लिए 7 करोड़ 56 लाख 16 हजार, पाली में 93 भवनों के लिए 10 करोड़ 17 लाख 6 हजार और पोड़ी उपरोड़ा में 189 भवनों के लिए 19 करोड़ 91 लाख 70 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन भवनों में बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीण और आदिवासी समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने पूर्व में भी डीएमएफ निधि से नगरीय क्षेत्रों में 96 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 12 करोड़ 40 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की थी, जिसमें कोरबा नगर पालिका निगम के 88 और बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद के 8 भवनों का निर्माण शामिल है। इन भवनों में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल बालकों के समग्र विकास को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी समुदायों को भी दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। कोरबा जिले में प्रारंभिक बाल विकास के क्षेत्र में यह अब तक की सबसे बड़ी निवेश योजना मानी जा रही है। इससे न केवल शिक्षा और पोषण सेवाएं सुदृढ़ होंगी, बल्कि माताओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, सुसज्जित और समर्पित केंद्रों का सृजन होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की बैठक में विभागीय समीक्षा, सुधार के लिए दिए अहम निर्देश

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागीय विषयों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निलंबन से संबंधित गंभीर एवं अनावश्यक रूप से लंबित विभागीय प्रकरणों को, सामान्य प्रशासन के नियमानुरूप समय पर निराकृत करने के निर्देश भी दिए। परमार ने जनभागीदारी समिति के नियमों का पुनर्वलोकन कर, वर्तमान परिदृश्य अनुरूप समसामयिक बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। मंत्री परमार ने सार्थक ऐप पर अनुचित रूप से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परमार ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। परमार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टि से, महाविद्यालयों में एकल संकाय को बहुसंकाय में उन्नयन करने की कार्यवाही को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

एनीमिक व्यक्तियों की करें चिन्हांकन, खान पान के प्रति करें जागरूक-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति

मोहला : सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं की बनाए सूची, सुविधाए करें सुनिश्चित-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति – धरती आबा के तहत जनजाति क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से करें लाभान्वित – एनीमिक व्यक्तियों की करें चिन्हांकन, खान पान के प्रति करें जागरूक – 102 एवं 108 वाहने अपनी सेवाओ में करें सुधार, अन्यथा होगी कार्रवाई – कलेक्टर ने जनसामान्य को पानी उबाल कर पीने की अपील – कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बैठक   मोहला  कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की।          कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विकास खंडवार स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी, आईपीडी की समीक्षा की। उन्होंने ओपीडी, आईपीडी बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन को बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा करते हुए बीएमओ को निर्देशित किया कि जिले के सुदूर क्षेत्र के पहुंच विहीन गांवों का चिन्हांकन कर गर्भवती महिलाओं की सूची बनाए, इसके साथ ही स्थानीय सुविधाओं के अलावा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था करें, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के निर्देश देते हुए सीएमएचओ को इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन के तहत प्रसव सुविधा वाले स्वास्थ्य केंद्र में बोर्ड लगवाने की निर्देश दिए।        कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा धरती आबा अभियान अंतर्गत आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड से लाभान्वितो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना सुनिश्चित किया करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जनजाति क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करें। एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने एनीमिक व्यक्तियों की चिन्हांकन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को खान-पान के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं विशेष स्वास्थ्य योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने परिवार नियोजन की समीक्षा करते हुए कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा अंतर्गत लोगों को जागरूक करें, साथ ही परिवार नियोजन के तहत प्रदत नि:शुल्क सामग्रियों को मितानिनों के पास उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।        कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सिकल सेल स्क्रीनिंग की समीक्षा करते हुए कहा कि सिकल सेल मरीजों का रिपोर्ट कार्ड बनाने के साथ ही प्रमाण पत्र प्रदान  करना सुनिश्चित करे। उन्होंने वेलनेस गतिविधियों की जानकारी लेते हुए सीएमएचओ को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामवार स्वच्छता पर आधारित कैंप लगाए एवं सरपंच, सचिवों को अनिवार्य रूप से कार्यक्रम में शामिल करें। इस दौरान उन्होंने जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय अंधत्व निवारण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, जन औषधि एवं निर्माणाधीन भवनों की समीक्षा करते हुए विशेष दिशा निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित 102 एवं 108 वाहनों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में एम्बुलेंस सेवाओं की शिकायते आ रहीं है, इसे तत्काल सुधारे। उन्होंने 24 घंटे वाहनों की सुविधा प्रदान नहीं की जाने पर कार्यवाही की बात कही। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. विजय खोब्रागढ़े, डीपीएम राकेश वर्मा, समस्त बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें। – बेहतर स्वास्थ्य के लिए पिए उबालकर पानी कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बारिश के मद्देनजर जिले वासियों से आग्रह करते हुए अपील की है कि जन सामान्य पानी पीने से पहले अवश्य उबाले। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान विभिन्न प्रकार के जल जनित बीमारियों की आशंका बनी रही रहती हैं। उन्होंने जल स्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखने को कहा ताकि गंदे पानी जल स्त्रोत में ना मिले और जल स्त्रोत दूषित न हो। – सुपोषण के लिए करें जागरूक कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले के एनआरसी में सीटों की उपलब्धता एवं लाभान्वित बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सुदूर क्षेत्रों के मितानिनों के माध्यम से कुपोषित बच्चों चिन्हांकन कर एनआरसी से लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सुपोषण हेतु लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शिशु मृत्यु दर एवं बाल टीकाकरण की भी समीक्षा की। उन्होंने बाल टीकाकरण पर पालकों को जागरुक कर टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। – टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने सरपंचों को करें प्रेरित, बढ़ाएं निश्चय मित्र कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंचों को प्रेरित करने को कहा ताकि जनभागीदारी के साथ बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें। उन्होंने सैंपल जांच बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि उनका ईलाज हो सकें। उन्होंने निश्चय मित्र बनाने हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ब्लाकवार प्रकरण की समीक्षा की, उन्होंने कहा कि जितने भी केस आ रहे है उनका त्वरित जांच एवं उपचार सुनिश्चित करें। – कलेक्टर ने ऑक्सीजन तकनीकी समिति को दिए सुरक्षात्मक निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने डिस्ट्रिक्ट ऑक्सीजन तकनीकी समिति की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि सभी जिले के सभी शासकीय जिला अस्पताल, सीएससी एवं पीएचसी में स्टोर प्रभारी द्वारा सिलेंडर लॉग बुक बनाकर प्रतिदिन अपडेट करना है। इसके अलावा प्रति 3 माह में जिला स्तरीय ऑक्सीजन तकनीकी समिति की बैठक की आयोजित करके, चर्चा संबंधी जानकारी, राज्य एवं संभागीय कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सुविधाजनक बनाने हेतु स्टोर प्रभारी खाली एवं भरे हुए सिलेंडर को अलग-अलग कोडिंग कर व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की साफ सफाई, संस्थानों द्वारा अग्नि सुरक्षा उपकरण और बाकी दिशा निर्देश को फाइल में संधारण करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अन्य सुरक्षात्मक निर्देश दिए।

वायरल हुई मोनालिसा अब ‘बिग बॉस’ में मचाएंगी धमाल?महाकुंभ के बाद अब TV पर जलवा

इंदौर  महाकुंभ मेले में माला बेचने आई मोनालिसा रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बन गई और अब तो उनका बॉलीवुड डेब्यू भी हो गया हैं. हाल ही में उनका उत्कर्ष सिंह के साथ एक म्यूजिक वीडियो रिलीज हुआ, अब मोनालिसा इससे आगे बढ़ते हुए सलमान खान के मोस्ट पॉपुलर शो बिग बॉस के घर में एंट्री करना चाहती हैं. हाल ही में एक वायरल वीडियो में मोनालिसा से जब पूछा गया कि क्या वह बिग बॉस में जाना चाहेंगी, तो उनका जवाब क्या था आइए आपको बताते हैं. बिग बॉस जाने पर क्या बोली मोनालिसा मोनालिसा का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया हैं. इस वीडियो में वह ब्लैक कलर का अनारकली सूट पहने बेहद ही खूबसूरत लग रही हैं. इस बीच जब उनसे पूछा गया कि आपको बिग बॉस में जाने का मौका मिलेगा, तो क्या आप जाएंगी? इस पर मोनालिसा ने तुरंत रिएक्शन देते हुए कहा हां जरूर, मैं जाऊंगी. हालांकि, अभी तक इस बात पर शो की तरफ से कोई पुष्टि नहीं हुई है कि मोनालिसा इस शो का हिस्सा होगी या नहीं. सोशल मीडिया पर मोनालिसा का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं और यूजर्स भी कमेंट कर रहे हैं कि हम आपको बिग बॉस में देखने के लिए एक्साइटेड हैं. कब होगा बिग बॉस 19 का प्रीमियर खतरों के खिलाड़ी पोस्टपोन होने के बाद बिग बॉस-19 इस बार जल्दी टेलीकास्ट किया जाएगा, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगस्त के आखिरी में 29 या 30 अगस्त के वीकेंड में इसके प्रीमियर होने की उम्मीद है. इस बार का बिग बॉस सबसे लंबा चलेगा, जो कि 5 महीने का होगा. हालांकि, शो के प्रीमियर को लेकर अभी तक कोई कंफर्मेशन नहीं आई है, इस बार बिग बॉस शो का हिस्सा शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा, लता अग्रवाल, आशीष विद्यार्थी, गौरव तनेजा, चिंकी-मिंकी, कृष्णा श्रॉफ, तनुश्री दत्ता, अर्शिफा खान, शरद मल्होत्रा, ममता कुलकर्णी, अपूर्व मुखर्जी और पूरव झा जैसे सेलिब्रिटीज होंगे.  हां, मैं जरूर जाउंगी… सलमान खान(Salman Khan) के शो 'बिग बॉस 19' का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बार ये शो पहले से ज्यादा खास होने वाला है क्योंकि, इस बार शो का सीजन 3 महीने की जगह 5 महीने का होने वाला है। इसी बीच वायरल गर्ल मोनालिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वायरल वीडियो में मोनालिसा ने रिएलिटी शो बिग बॉस में का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर कर दी है। दरअसल मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि अगर आपको बिग बॉस में जाने का मौका मिले तो, क्या आप जाएंगी? इस सवाल के जवाब में मोनालिसा ने कहा- हां, मैं जरूर जाऊंगी। आधिकारिक जानकारी नहीं आई सामने बता दें कि अब तक मोनालिसा के शो में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि मोनालिसा के फैंस उन्हें इस शो में देखना चाहते हैं। वायरल वीडियो पर यूजर्स भर-भरकर कमेंट्स कर रहे हैं। महाकुंभ से बदली जिंदगी मोनालिसा मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली हैं और यहीं एक छोटे से घर में उन्होंने अपना बचपन बिताया है। बता दें कि महाकुंभ में आए कई श्रद्धालुओं ने मोनालिसा की सादगी से भरी खूबसूरती को इंटरनेट पर वायरल कर दिया था। वायरल पोस्ट पर लोगों ने ऐसा प्यार लुटाया कि वो देखने वालों के दिलोें में उतर गई। इसी का नतीजा था कि मोनालिसा का वीडियो देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी अपकमिंग फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर के लिए साइन कर लिया। तब से माला बेचने वाली लड़की की जिंदगी रातोंरात ऐसी बदली कि मोनालिसा लगातार आगे बढ़ रही हैं, फिलहाल उनके पास पीछे देखने का समय नहीं है। ऑल द बेस्ट मोनालिसा…। अगर आप भी हैं महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा के फैन, तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं ये खबर आपको कैसी लगी?

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां शुरू, 50 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड फोरलेन के लिए ली जाएगी 25 गांवों की जमीन

इंदौर  मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर को जोड़ने की तैयारी शुरु कर दी गई है। 50 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड फोरलेन के लिए 228 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह फैसला सिंहस्थ-2028 को देखते हुए लिया गया है। पितृ पर्वत से जुड़ेगा चिंतामण गणेश मंदिर इंदौर के पितृ पर्वत से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर को आपस में जोड़ा जाएगा। इसकी दूरी 50 किलोमीटर के लगभग है। इस हाईस्पीड फोरलेन के बनने से सिक्स लेन के अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच एक और वैकल्पिक रूट मिल जाएगा। चिंतामण गणेश मंदिर को जोड़ने वाला यह बायपास इंदौर में हातोद के पास पितृ पर्वत से जोड़ा जाएगा। पितृ पर्वत से चिंतामण गणेश तक लगभग 50 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। इस सड़क के बनने से सिक्स लेन के अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच एक और वैकल्पिक रूट मिल जाएगा। 25 गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी इस परियोजना के लिए उज्जैन जिले के 6 गांवों और इंदौर जिले के 19 गांवों की कुल 228 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 11 के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अगले महीने तक तैयार कर ली जाएगी। DPR का काम मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा किया जा रहा है। 1 घंटे की दूरी का समय होगा आधा इस हाईस्पीड फोरलेन के बनने से इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। खासकर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस नई सड़क के माध्यम से इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन तक की दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में लगभग 60 मिनट लगते हैं। हाईस्पीड फोरलेन के लिए ली जाएगी 25 गांवों की जमीन हाईस्पीड फोरलेन के लिए इंदौर जिले के 19 गांवों और उज्जैन जिले के 6 गांवों की 228 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 11 के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले महीने तक इसकी डीपीआर तैयार हो जाएगी। जिसके बाद एमपीआरडीसी और तेज काम शुरु कर देगा। 1 घंटे में पहुंच जाएंगे इंदौर से उज्जैन हाईस्पीड फोरलेन बनने के बाद इंदौर और उज्जैन की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। नए फोरलेन के जरिए इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन की दूरी मात्र 30 मिनट में ही पूरी हो जाएगी। वर्तमान में 60 मिनट का समय लगता है। 60 मीटर चौड़ी होगी सड़क इस फोरलने की कुल लंबाई 50 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस फोरलेन के जरिए चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजुरिया और हातोद जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा।  सर्वे का कार्य तेजी से जारी फोरलेन निर्माण के लिए वर्तमान में तेजी से सर्वे का कार्य किया जा रहा है। इसमें जल संरचनाएं, पेड़, निर्माण आदि से जुड़ा डाटा तैयार किया जा रहा है। DPR तैयार करने की डेडलाइन अगले माह तक रखी गई है। भूमि अधिग्रहण को लेकर दावे और आपत्तियों के लिए अगस्त तक का समय निर्धारित किया गया है। टेंडर प्रक्रिया भी एक से दो महीनों में पूरी कर ली जाएगी। इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ यह फोरलेन सड़क इंदौर के पितृ पर्वत के पास हातोद से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के पास बने सिंहस्थ बायपास पर समाप्त होगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 50 किमी और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस सड़क से इंदौर के सुपर कॉरिडोर, चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजुरिया और हातोद जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही उज्जैन का पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से भी सीधा संपर्क बन जाएगा। 

स्कूटी दीदी एनु बनीं आत्मनिर्भर भारत की मिसाल, CM साय बोले- यही है असली सशक्तिकरण!

स्कूटी दीदी बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहा एनु का जज़्बा छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब केवल लाभार्थी नहीं, बन रहीं सामाजिक परिवर्तन की भी वाहक- मुख्यमंत्री स्कूटी दीदी एनु बनीं आत्मनिर्भर भारत की मिसाल, CM साय बोले- यही है असली सशक्तिकरण! भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने की सराहना रायपुर  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है। एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की। एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना  आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा। वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं। एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं। एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।