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राजनाथ सिंह के इस्तीफे की अटकलों के बीच सियासी हलचल, क्या अमित शाह को मिलेगी नई जिम्मेदारी?

नई दिल्ली केंद्र सरकार में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर सरकार की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है। उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ बड़े फैसले ले सकते हैं। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि इस नई कैबिनेट में अमित शाह गुट के नेताओं को अधिक जगह मिल सकती है। आधिकारिक तौर पर केंद्र सरकार में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले राजनाथ सिंह के कैबिनेट से इस्तीफा देने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा की तरफ से वह अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी की नई टीम लगभग तैयार है। कल रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ी बैठक की है। अब सबकी नजरें संभावित कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं। यह भी चर्चा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कुछ केंद्रीय मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं या उन्हें नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति बनाने की क्यों अटकलें? 2027 में मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इसी साल उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यह राज्य भाजपा के लिए काफी अहम है। इसलिए बीजेपी देश के अगले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर राजनाथ सिंह को आगे कर सकती है। राजनाथ सिंह को बीजेपी के सबसे अनुभवी और सर्वमान्य नेताओं में से एक माना जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्री और मौजूदा रक्षा मंत्री तक का उनका राजनीतिक सफर उन्हें देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए एक मजबूत दावेदार के तौर पर पेश करता है। लखनऊ सीट से कौन लड़ेगा चुनाव? राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अगर राजनाथ सिंह राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते हैं, तो उनकी पारंपरिक लखनऊ लोकसभा सीट खाली हो सकती है। उनके बेटे नीरज सिंह के इस सीट से चुनाव लड़ने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। अमित शाह को भी मिलेगा प्रमोशन? कैबिनेट फेरबदल की संभावना के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी चर्चा तेज है। कुछ जानकारों का मानना ​​है कि आगामी फेरबदल में उन्हें उप-प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। अमित शाह अभी सरकार, संगठन और प्रशासनिक फैसलों में बहुत अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए उन्हें उप-प्रधानमंत्री बनाया जाए या नहीं, इससे उनपर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। हां, अगर अमित शाह को उप-प्रधानमंत्री बनाया जाता है तो इसे भविष्य के नेतृत्व को लेकर बीजेपी की तरफ से एक अहम राजनीतिक संकेत माना जाएगा।

RBI ने Crypto को लेकर जताई चिंता, संसदीय समिति से कानूनी मान्यता नहीं देने की सिफारिश

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकार को आगाह किया है कि क्रिप्टोकरेंसी जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं. आरबीआई का मानना है कि भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था में डिजिटल करेंसी को कानूनी मान्यता बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए. बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति के सामने आरबीआई ने यह बात मजबूती से रखी है।  देश की सुरक्षा को बड़ा खतरा समिति की बैठक में 'वर्चुअल डिजिटल एसेट और आगे की राह' विषय पर चर्चा हुई. इस दौरान आरबीआई के अधिकारियों ने साफ किया कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचा सकता है. केंद्रीय बैंक ने चिंता जताई कि इस डिजिटल पैसे का उपयोग आतंकवाद को बढ़ावा देने (टेरर फंडिंग) और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे खतरनाक और गैरकानूनी कामों में आसानी से किया जा सकता है।  विदेशी कंपनियों पर लगाम कसना मुश्किल आरबीआई ने इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह बताया कि क्रिप्टो करेंसी का व्यापार ज्यादातर भारत के बाहर सक्रिय विदेशी कंपनियों (ऑफशोर एंटिटीज) के जरिए होता है. इन बाहरी कंपनियों पर भारतीय रेगुलेटरी संस्थाओं के लिए नजर रखना और उन पर नियंत्रण पाना बेहद मुश्किल है. अपनी बात को मजबूत करने के लिए आरबीआई ने वैश्विक स्तर के उदाहरण भी दिए. केंद्रीय बैंक ने बताया कि चीन और कतर जैसे देशों ने इस तरह की सभी वित्तीय गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि यूरोपीय देशों ने इसे बहुत ही कड़े नियमों के दायरे में रखा हुआ है।  आईसीएआई (ICAI) ने दिया कानून का समर्थन इसी संसदीय समिति के सामने देश की सबसे बड़ी चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्था, 'इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' (ICAI) ने भी अपनी रिपोर्ट सौंपी. आईसीएआई ने कहा कि वह वर्चुअल डिजिटल एसेट के लिए एक मजबूत और स्पष्ट कानून बनाने के पक्ष में है. संस्था ने भरोसा दिया कि वे सरकार और निवेशकों की मदद के लिए एक खास वित्तीय और अकाउंटिंग फ्रेमवर्क तैयार कर सकते हैं।  पारदर्शिता बढ़ाने पर ज़ोर आईसीएआई ने सुझाव दिया कि वे विभिन्न प्रकार की डिजिटल एसेट्स के आर्थिक व्यवहार पर गहन रिसर्च कर सकते हैं. इस रिसर्च के आधार पर वे ऐसा गाइडेंस नोट या नियम तैयार करेंगे, जिससे कंपनियों की बैलेंस शीट और वित्तीय रिपोर्ट में क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन को पारदर्शिता से दिखाया जा सके. इससे देश में टैक्स चोरी रुकेगी और डिजिटल संपत्ति का सही लेखा-जोखा मिल सकेगा।  संसदीय समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने बैठक के बाद पुष्टि की कि रिजर्व बैंक देश में क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी दर्जा देने के पूरी तरह खिलाफ है. उन्होंने यह भी बताया कि समिति फिलहाल आयकर कानून के तहत डिजिटल एसेट्स के ऑडिट और टैक्स से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। 

क्या पनामा नहर बनेगी दूसरा होर्मुज? चीन की बढ़ती गतिविधियों पर ट्रंप का बड़ा अलर्ट

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त तेवर दिखाते हुए कहा है कि चीन पनामा नहर पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका इसे किसी भी कीमत पर नहीं होने देगा. ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि वे अमेरिका को सर्वोपरि रखते हैं और वो इसके लिए कोई भी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं. इस बार उन्होंने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी चीन को वॉर्निंग दी है, वो भी दुनिया के कुछ अहम जलमार्गों में से एक पनामा नहर को लेकर।  ट्रंप ने पनामा नहर को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग बताते हुए चेतावनी दी कि यह अमेरिका-चीन के बीच नया तनाव का केंद्र बन सकता है. डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में नॉर्थ डकोटा में एक कार्यक्रम में चीन पर निशाना साधते हुए कहा – ‘चीन पनामा नहर पर कब्जा करने की फिराक में है।. हम इसे कभी नहीं होने देंगे. यह हमारा बनाया हुआ है और हम इसे वापस लेंगे अगर जरूरी हुआ.’ डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर को दुनिया की सबसे महंगी और सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली संपत्तियों में से एक बताया।  पनामा नहर क्यों इतनी महत्वपूर्ण?     पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला 82 किलोमीटर लंबा जलमार्ग है. हर साल हजारों जहाज इसके रास्ते गुजरते हैं, जिसमें वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा शामिल है. यह मार्ग जहाजों को हजारों मील की दूरी बचाता है. अमेरिका इसका सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, जबकि चीन दूसरा सबसे बड़ा।      अगर चीन इसका नियंत्रण हासिल कर लेता है तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर उसका दबदबा बढ़ जाएगा. ट्रंप का कहना है कि चीनी कंपनियां नहर के दोनों छोर पर बंदरगाहों का संचालन कर रही हैं, जो रणनीतिक खतरा है. अमेरिका इसे अपने पश्चिमी गोलार्द्ध में चीनी घुसपैठ मानता है।  ट्रंप वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को परफेक्ट मानते हैं, जहां उन्होंने निकोलस मादुरो की सरकार को उखाड़ फेंकने में सफलता पाई. अब वे ईरान पर भी इसी तरह दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं. ट्रंप ने इसी वजह से चीन पर निशाना साधा है. उन्होंने ईरान पर भी तंज कसा और कहा-     ‘ईरान कुछ-कुछ वेनेजुएला जैसा हो रहा है, जो पहले मुनाफे वाली थी. हमने वेनेजुएला को काबू में कर लिया और ईरान के साथ भी वैसा ही कर रहे हैं।  क्या पनामा नहर बन रहा नया होर्मुज? अगर ये मामला गर्माया तो पनामा नहर होर्मुज की खाड़ी की तरह नया संघर्ष का केंद्र बन सकता है. होर्मुज से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, जहां ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव हमेशा रहता है. पनामा नहर भी वैश्विक व्यापार का चोकप्वाइंट है. अगर यहां अमेरिका-चीन की टक्कर बढ़ी तो व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है।  ट्रंप का आक्रामक रुख दिखाता है कि अमेरिका अपने पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र में किसी भी विदेशी शक्ति को बर्दाश्त नहीं करेगा. हालांकि चीन के खिलाफ सीधे लड़ना या उसे उकसाना अमेरिका के लिए इतना आसान नहीं होगा लेकिन ट्रंप के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए कुछ कहा नहीं जा सकता है।  इस नहर का सीधा समंदर से कनेक्‍शन नहीं है, बल्कि गाटुन लॉक में जहाजों को पानी भरकर 26 मीटर तक ऊंचा उठाया जाता है और फिर उसे दूसरी तरफ समंदर में उतारा जाता है. इस नहर से जहाजों को तीन चरण में रास्‍ता पार कराया जाता है. अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली इस नहर को इंजीनियरिंग का कमाल कहा जाता है. इसमें 3 लॉक बनाए गए हैं, जिससे जहाज को गुजारा जाता है और प्रशांत महासागर से निकालकर अटलांटिक महासागर में भेजा जाता है।  पनामा नहर पर अमेरिका ने कैसे किया कब्जा?     पनामा नहर की कहानी 20वीं सदी की शुरुआत से जुड़ी है. 1901 से 1909 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति रहे थियोडोर रूजवेल्ट ने इसे अमेरिका की बड़ी महत्वाकांक्षा बनाया. फ्रांस पहले इसकी असफल कोशिश कर चुका था।      1903 में रूजवेल्ट ने कोलंबिया (जिसका हिस्सा पनामा था) से समझौता करने की कोशिश की, लेकिन कोलंबिया ने मना कर दिया. तब रूजवेल्ट ने पनामा के स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया. अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी में पनामा अलग हो गया।      नई पनामा सरकार से हाए बुनाउ वरीला संधि (Hay-Bunau-Varilla Treaty) के तहत अमेरिका को 10 मील चौड़ी पट्टी मिल गई. अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर एकमुश्त और सालाना किराया दिया. 1904 से 1914 तक निर्माण चला. रूजवेल्ट खुद 1906 में साइट पर गए और खुदाई मशीन पर खड़े होकर तस्वीर खिंचवाई।      1914 में पनामा नहर खुली और रूजवेल्ट ने गर्व से कहा था कि मैंने नहर बनवाई. अमेरिका ने साल 1999 तक नहर पर पूर्ण नियंत्रण रखा. जिम्मी कार्टर के समय टॉरिजोस कार्टर ट्रीटी के तहत पनामा को सौंप दिया गया, लेकिन न्यूट्रैलिटी की गारंटी ली गई।  ट्रंप का दावा ऐतिहासिक अमेरिकी गौरव और वर्तमान परिस्थितियों पर टिका है. वे कहते हैं कि अमेरिका ने नहर बनाई, उसमें खून-पसीना बहाया, इसलिए उसका हक भी अमेरिका का है. चीन की बढ़ती मौजूदगी को वे आर्थिक और रणनीतिक खतरा मानते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पनामा नहर पर अमेरिका-चीन टकराव बढ़ सकता है, हालांकि इसे कूटनीति से ठीक किया जा सकता है. अगर तनाव बढ़ा तो वैश्विक व्यापार, तेल और सामान की कीमतों पर असर पड़ेगा. ट्रंप का यह बयान न सिर्फ पनामा बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव बहाल करने की उनकी बड़ी रणनीति का हिस्सा लगता है। 

Horoscope 4 July 2026: शनिवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, पढ़ें आज का राशिफल

मेष राशि- आपको डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। आज धन का आगमन होगा। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। प्रोडक्टिव बने रहें। वृषभ राशि- दिन थोड़ा बिजी-बिजी रहने वाला है। कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। मिथुन राशि- ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। कर्क राशि- कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। सिंह राशि- व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। आपका दिन काफी बिजी साबित हो सकता है। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कन्या राशि- आपका दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। तुला राशि- एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। बाहर के खाने से परहेज करें। वृश्चिक राशि- आज किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। धनु राशि- अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। मकर राशि- इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। कुंभ राशि- दिन दिन रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। मीन राशि- आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है। सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें।

‘युवा’ पुस्तक का हुआ विमोचन

​रायपुर       धमतरी जिले के प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के सपनों को अब संसाधनों की कमी नहीं रोक पाएगी। जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और दूरदर्शी कदम उठाते हुए बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (BCS कॉलेज) में "पहल" कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस विशेष योजना के तहत जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क (Free) कोचिंग दी जाएगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों के सही मार्गदर्शन के लिए 'युवा' नामक एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया। ​सफलता के लिए अनुशासन और सही मार्गदर्शन जरूरी: कलेक्टर     ​ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इसे युवाओं के भविष्य निर्माण के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन होनहार युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग संस्थानों का खर्च नहीं उठा पाते। इस निःशुल्क कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों का बेसिक फाउंडेशन मजबूत होगा, जिससे वे हर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का परचम लहरा सकेंगे।     ​कलेक्टर ने बदलते कॉम्पिटिशन के इस दौर में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और सही मार्गदर्शन को सबसे जरूरी चाबी बताया और छात्र-छात्राओं से पूरी लगन के साथ मेहनत करने की अपील की। ​क्या है 'युवा' प्रोजेक्ट और इसकी खासियतें?   ​ प्रशासन की यह मुहिम केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों की पूरी तैयारी को व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए एक मुकम्मल खाका तैयार किया गया है।कोचिंग में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतरीन बुक्स और स्टडी मटेरियल मुफ्त दिया जाएगा। तैयारी के स्तर को जांचने और उसमें सुधार करने के लिए समय-समय पर टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन की निरंतर समीक्षा की जाएगी, ताकि उनकी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें समय पर सुधारा जा सके। ​     ​इस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीसीएस कॉलेज के प्राचार्य, उप संचालक पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सहायक संचालक कौशल विकास, युवाओं को प्रशिक्षित करने वाले जिले के युवा मार्गदर्शक सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।      ​ जिला प्रशासन की इस अनूठी 'पहल' से धमतरी के सैकड़ों युवाओं को न सिर्फ एक बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, बल्कि सरकारी सेवा में जाकर देश-प्रदेश की सेवा करने के उनके सपनों को एक नई और मजबूत उड़ान मिल सकेगी।  

भिंड के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 04 व्यक्तियों को त्वरित सहायता देकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  भिंड जिले के थाना मेहगाँव क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से देर रात सड़क दुर्घटना में घायल हुए 04 व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की त्वरित सहायता से सभी घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी। 03 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि थाना मेहगाँव क्षेत्र अंतर्गत एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई है, जिससे उसमें सवार कुछ व्‍यक्ति घायल हो गए है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना मेहगाँव क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ सैनिकश्री अरविन्द यादव एवं पायलट श्री नारायण शर्मा ने मौके पर पहुँचकर पाया कि कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर जाने से उसमें सवार 04 व्यक्ति घायल हो गए थे।डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को डायल 112 वाहन से सुरक्षित शासकीय अस्पताल मेहगाँवपहुंचाया। समय पर मिली सहायता के कारण घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।  

सेवा सेतु के माध्यम से राजेश्वरी को दो दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

रायपुर शासन की डिजिटल सेवाएं अब आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा का सशक्त माध्यम बन रही हैं। मुंगेली के लोक सेवा केंद्र (तहसील कार्यालय परिसर) में संचालित सेवा सेतु पोर्टल ने एक छात्रा के भविष्य को समय पर नई दिशा देने का कार्य किया। सुरीघाट निवासी राजेश्वरी निषाद को स्कूल में प्रवेश (एडमिशन) के लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। प्रमाण पत्र नहीं मिलने की चिंता से परिवार परेशान था और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। इसी दौरान राजेश्वरी के पिता भगवत निषाद लोक सेवा केंद्र पहुंचे। वहां मौजूद सेवा सेतु के कर्मचारियों ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए। आवेदन का त्वरित निराकरण करते हुए महज दो दिनों के भीतर आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से राजेश्वरी का प्रवेश बिना किसी बाधा के पूरा हो सका। परिवार ने सेवा सेतु की त्वरित, पारदर्शी एवं नागरिक हितैषी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए जिला प्रशासन और लोक सेवा केंद्र के प्रति आभार व्यक्त किया।  गौरतलब है कि सेवा सेतु के माध्यम से नागरिकों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को साकार करते हुए सेवा सेतु आम नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। यह पहल न केवल समय की बचत कर रही है, बल्कि शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत बना रही है।

सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पीड़ित-केंद्रित जांच, अंतरराज्यीय समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई पर दिया गया विशेष बल

भोपाल  महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय के नवीन भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में "Capacity Building Seminar on Investigation & Response to Human Trafficking Cases" विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के अधिकारी, महिला अपराधों की विवेचना से जुड़े पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का शुभारंभ विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा)श्री अनिल कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मानव दुर्व्‍यापारएक बहुआयामी एवं संगठित अपराध है, जिसकी प्रभावी रोकथाम केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं हो सकती। उन्होंने जागरूकता, रोकथाम, बचाव एवं पुनर्वास को मानव दुर्व्‍यापारनिरोधक तंत्र के चार प्रमुख स्तंभ बताते हुए कहा कि पुलिस, अन्य विभागों एवं समाज के समन्वित प्रयासों से ही इस अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने सभी जिलों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को और अधिक सक्रिय बनाते हुए लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा तथा पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उप पुलिस महानिरीक्षकसिमाला प्रसाद ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की भूमिका, सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा मानव दुर्व्‍यापारकी संवेदनशील एवं प्रभावी विवेचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गुमशुदगी के प्रकरण में मानव दुर्व्‍यापारकी आशंका का गंभीरता से परीक्षण कर पूरे नेटवर्क का पता लगाना आवश्यक है। उन्होंने घटना के बाद पहले 48 घंटे को "गोल्डन आवर" बताते हुए त्वरित कार्रवाई, पीड़ित-केंद्रित एवं निष्पक्ष विवेचना, जनजागरूकता तथा मानव दुर्व्‍यापारसे जुड़े अपराधियों का व्यवस्थित डाटाबेस तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। डीआईजी डॉ. किरणलताकेरकेट्टा ने "Bridging the Gaps: Strengthening Investigation & Prosecution of Child Trafficking Cases" विषय पर व्याख्यान देते हुए बाल तस्करी के मामलों में सशक्त विवेचना, प्रभावी अभियोजन तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। आवाज़ एनजीओ के निदेशक प्रशांत कुमार दुबे ने "Born to Live, Not to be Sold: Address the Trafficking of Newborn and Adolescent Girls"विषय पर व्याख्यान देते हुए मध्यप्रदेश के नवजात शिशुओं एवं किशोरियों की तस्करी, अवैध दत्तक ग्रहण (Illegal Adoption) तथा इससे जुड़े संगठित अपराधों के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि ऐसे अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए संवेदनशील एवं वैज्ञानिक विवेचना, समयबद्ध कार्रवाई तथा विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), इंदौर डॉ. सीमा अलावा ने भी अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए अवैध दत्तक ग्रहण एवं बाल तस्करी से जुड़े मामलों में साक्ष्य संकलन, पीड़ित-केंद्रित जांच तथा पुलिस, न्यायपालिका एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। इंटरनेशनल जस्टिस मिशन (IJM) की एडवोकेट तृप्ति पाटिल ने "AHTUs As Guardians of Childhood: Combating Trafficking through Early Intervention" विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक हस्तक्षेप, संवेदनशील समुदायों की पहचान तथा समय रहते की गई कार्रवाई से बाल तस्करी की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। कार्यशाला में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एएचटीयू की भूमिका केवल पीड़ित के रेस्क्यू तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित के सुरक्षित पुनर्वास, काउंसलिंग, संरक्षण, न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग तथा भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना भी इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संस्थागत समन्वय, त्वरित जांच एवं समयबद्ध विचारण पर दिए गए निर्देशों की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई। प्रत्येक जिले की एएचटीयू को राज्य स्तर पर स्थापित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्यूरो (AHTB) के साथ सतत समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जिलों को लंबित मानव दुर्व्‍यापारप्रकरणों की समीक्षा कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों एवं अपराध के पैटर्न की पहचान कर लक्षित कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया गया। महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम सहित अन्य संबंधित विभागों तथा सक्रिय स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ नियमित समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मानव दुर्व्‍यापारजैसे संगठित अपराधों की रोकथाम में पुलिस एवं अन्‍यविभागों तथा सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ही प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके लिए प्रत्येक जिले में नियमित समन्वय बैठकें आयोजित कर सूचनाओं के आदान-प्रदान, संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने तथा लंबित प्रकरणों की सतत समीक्षा किए जाने की आवश्यकता बताई गई। कार्यशाला के दौरान मानव दुर्व्‍यापारके मामलों में पुनर्वास की प्रक्रिया को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि केवल पीड़ित की काउंसलिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों की भी समुचित काउंसलिंग की जानी चाहिए, ताकि पारिवारिक परिस्थितियों को समझते हुए पीड़ित का सफल एवं स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा शाखा)प्रियंका शुक्ला ने सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।  

आईआईएम रायपुर में होगा आयोजन: विकसित छत्तीसगढ़ के विज़न, सुशासन और भविष्य की रणनीति पर होगा मंथन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' का आयोजन 4 एवं 5 जुलाई को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रायपुर में किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य शासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, नवाचार आधारित तथा परिणामोन्मुख बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के विज़न को नई गति देना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बदलते समय की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप शासन को भी निरंतर सीखना, स्वयं का मूल्यांकन करना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। इसी सोच के अनुरूप आयोजित यह चिंतन शिविर मंत्रिमंडल और विभिन्न क्षेत्रों के राष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच संवाद, अनुभव-साझाकरण तथा नीति-निर्माण का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। शिविर में प्रदेश के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकी, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास तथा प्रभावी जनसेवा जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित होंगे। इन चर्चाओं के आधार पर शासन की प्राथमिकताओं, विभागीय समन्वय और जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भावी रणनीति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सुशासन केवल योजनाएँ बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समय की मांग के अनुरूप स्वयं को निरंतर बेहतर बनाते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना भी है। चिंतन शिविर इसी सतत सुधार की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है जो पारदर्शी, उत्तरदायी, संवेदनशील और परिणाम आधारित हो तथा जिसका प्रत्यक्ष लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग से नहीं, बल्कि दूरदर्शी नीति, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संभव होगा। चिंतन शिविर में होने वाला मंथन आने वाले वर्षों की विकास यात्रा को नई दिशा देगा। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव चिंतन शिविर के प्रथम दिवस की शुरुआत आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास के नेतृत्व एवं जीवन मूल्यों पर व्याख्यान से होगी। इसके बाद अभय करंदीकर उभरती प्रौद्योगिकियों एवं भविष्य की शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखेंगे। डॉ. रमेश चंद कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भविष्य की कृषि रणनीतियों पर विशेष व्याख्यान देंगे। द्वितीय दिवस की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके पश्चात सुमन बिल्ला पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र की संभावनाओं, शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति एवं विकास, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग उत्कृष्टता, नेतृत्व और प्रदर्शन की संस्कृति तथा डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने विचार साझा करेंगे। सुशासन की नई कार्यसंस्कृति को मिलेगा बल चिंतन शिविर का प्रमुख उद्देश्य शासन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देना, विभागों के बीच अभिसरण एवं समन्वय को मजबूत करना, निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा परिणामोन्मुखी प्रशासनिक संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। साथ ही शासन में प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग, नवाचार आधारित समाधान और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा होगी।

रायपुर में होगा राष्ट्रीय ’साइंस म्यूजियम’ का आयोजन

रायपुर रायपुर में होगा राष्ट्रीय ’साइंस म्यूजियम’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में विज्ञान एवं अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा देने की पहल के तहत प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने आज रायपुर स्थित विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीजी कॉस्ट) की केंद्रीय प्रयोगशाला सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने प्रयोगशालाओं, तकनीकी इकाइयों एवं अन्य वैज्ञानिक सुविधाओं का अवलोकन करते हुए उनके आधुनिकीकरण, संसाधनों के विस्तार तथा गुणवत्ता उन्नयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संभावित आगामी माह दिसम्बर में राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय साइंस म्यूजियम का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के साइंस सेंटर हिस्सा लेंगे।  रायपुर में होगा राष्ट्रीय ’साइंस म्यूजियम’ का आयोजन निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव बोरा ने परिषद की सभी शाखाओं एवं प्रयोगशालाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विज्ञान केन्द्र की लाइब्रेरी को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित बनाने, प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने तथा शोध एवं अनुसंधान गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान केन्द्र को राज्य में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए दीर्घकालीन योजना के साथ कार्य किया जाए। प्रमुख सचिव बोरा ने इस मौके  पर विज्ञान केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया। प्रमुख सचिव बोरा ने निर्देश दिए कि परिषद की वैज्ञानिक सुविधाओं का लाभ केवल परिषद तक सीमित न रहे, बल्कि शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों को भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों की व्यापक समीक्षा कर उन्हें अधिक उपयोगी एवं सुलभ बनाने तथा युवाओं को विज्ञान गतिविधियों से जोड़ने के लिए विज्ञान केंद्रों की गतिविधियों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने विज्ञान भवन में आवश्यक अधोसंरचना एवं गुणवत्ता मानकों का विकास कर शीघ्र आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिषद में संचालित जीआईएस आधारित प्रणाली के कार्यों की सराहना की तथा डीजीपीएस आधारित मैप निर्माण की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। प्रमुख सचिव ने परिषद की सभी शाखाओं एवं प्रयोगशालाओं के प्रभारियों को आगामी दो वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रस्तावित साइंस सिटी परियोजना की तैयारियों में तेजी लाने, आवश्यक मानव संसाधन विकसित करने, नए पदों के सृजन एवं भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विज्ञान केन्द्र में उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों एवं भवनों के नियमित रखरखाव और मरम्मत के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र के बेहतर संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं सीजी कॉस्ट के महानिदेशक प्रशांत कवीश्वर, डॉ. शिरीष कुमार सिंह, डॉ. अमित मेश्राम, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. अमित राम, सुप्रज्ञा कदम, डॉ. वसीम रजा, क्यूरेटर प्रदीप कुर्रे सहित परिषद के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।