samacharsecretary.com

बैरिकेड तोड़कर फरार ट्रक चालक ने मचाया कहर, मोहला-मानपुर में मासूम की गई जान

मोहला-मानपुर-अंबागढ़. छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से हिट एंड रन की बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. तेज रफ्तार ट्रक ने गुंडरदेही गांव के पास शुक्रवार सुबह मासूम को रौंद दिया. हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने जब ट्रक को पकड़ने की कोशिश तो, चालक बैरिकेड्स तोड़कर महाराष्ट्र बॉर्डर की ओर भाग निकला. इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए. जानकारी के मुताबिक, गुंडरदेही में सड़क किनारे खेल रहे बच्चे को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। दर्दनाक हादसे में मासूम की मौत हो गई. मृतक के परिजनों की सूचना पर पुलिस एक्टिव हुई और ट्रक चालक को पकड़ने के प्रयास शरू कर दिए. मोहला और मानपुर थाना के पास ट्रक को पकड़ने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे. मौके पर कई पुलिसकर्मी भी मौजूद थे. आरोपी चालक घटनास्थल के बाद काफी रफ्तार में ट्रक दौड़ा रहा था. मोहला में पुलिसकर्मियों के रुकवाने पर भी चालक ट्रक को बिना रोके बेरिकेड तोड़ते हुए आगे निकल गया. घटना की सूचना के बाद मानपुर थाना के बाहर भी बेरिकेडिंग की गई थी. जब ट्रक पास में पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी चालक ने दोबारा बेरिकेडिंग तोड़ दो और भाग निकला. हालांकि पुलिस लगातार आरोपी पीछा करती रही. वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर आई. आखिरकार चालक को कोरकोट्टी गांव के पास पकड़ गया. वह फिलहाल पुलिस की हिरासत में है. आरोपी को पकड़कर पुलिस थाना लेकर आ रही है. चालक नशे में था या नहीं इसकी जांच की जा रही है. पूछताछ के बाद आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इधर गुंडरदेही में हादसे से ग्रामीणों में रोष व्यापत है. मौके पर चक्काजाम की स्थिति बन गई है. मोहला-मानपुर। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गुंडरदेही गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मासूम बच्चे को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल पीछा शुरू कर दिया।

Punjab News: सिख विधायकों और मंत्रियों की श्री अकाल तख्त पर पेशी पर सस्पेंस, 29 जून से पहले कमेटी का अहम निर्णय

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने को लेकर अंतिम फैसला विधानसभा की कमेटी करेगी। कमेटी जो निर्देश देगी उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति उनका सिर हमेशा झुका है और भविष्य में भी झुका रहेगा। श्री अकाल तख्त साहिब ने ‘दि जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ के संबंध में पंजाब के सभी सिख विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों को 29 जून सुबह 11 बजे सचिवालय में तलब किया है। वहीं गैर सिख विधायकों से लिखित स्पष्टीकरण और गैर सिख मंत्रियों से 29 जून से पहले अपनी राय लिखित रूप में देने को कहा गया है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को भी अलग से बुलावा भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार बुलावे के बाद श्री अकाल तख्त सचिवालय की ओर से विधायकों और मंत्रियों से फोन पर भी संपर्क किया गया है ताकि उन्हें भेजे गए आधिकारिक पत्रों की जानकारी दी जा सके। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जब भी उन्हें पहले श्री अकाल तख्त साहिब बुलाया गया, वह एक विनम्र सिख के रूप में वहां पहुंचे। भविष्य में भी बुलावा आने पर बिना किसी हिचकिचाहट के उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि वह श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को कभी चुनौती नहीं दे सकते। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार विधानसभा से जुड़े मामले में संस्थागत प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और कमेटी के निर्णय के अनुसार ही आगे कदम उठाया जाएगा।  सियासी लाभ के लिए जारी कराए जा रहे आदेश मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल अपने सियासी हितों के लिए कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें धार्मिक रूप से बदनाम करने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से उनके खिलाफ आदेश जारी करवाए जा रहे हैं। मान ने कहा कि राजनीतिक आकाओं के इशारे पर धार्मिक पदों पर बैठे लोगों से घोषणाएं करवाई जा रही हैं और अब उन्हें निशाना बनाने के लिए रोज नए आदेश जारी किए जा रहे हैं। 

CM विष्णु देव साय के सुशासन में बदली गरीब परिवार की जिंदगी, PM आवास योजना से मिला पक्का घर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है। बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है। अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।

आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को नालों की जांच की जिम्मेदारी, हरियाणा में जलभराव रोकने की तैयारी

चंडीगढ़  हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

जमशेदपुर-कोलकाता फ्लाइट सेवा स्थगित, वीजीएफ खत्म और ईंधन महंगा होने से फैसला

  जमशेदपुर जमशेदपुर और कोलकाता के बीच संचालित होने वाली इंडिया वन एयर की सीधी उड़ान सेवाएं वर्तमान में अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी हैं. इससे गुरुवार को जमशेदपुर और कोलकाता के बीच हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लगा. इंडिया वन एयर ने इस फैसले के पीछे मुख्य कारणों के तौर पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’(वीजीएफ) सपोर्ट खत्म होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला दिया. इससे गुरुवार को यात्रियों को भारी परेशानी हुई. वीजीएफ सपोर्ट खत्म एयरलाइंस के मुताबिक, ये रूट केंद्र सरकार की उड़ान-आरसीएस स्कीम के तहत चल रहा था. इस स्कीम में 3 साल तक चुने हुए रूट्स पर वित्तीय मदद मिलती है. तीन साल पूरे होने के बाद एयरलाइन को बिना मदद के चलाना था. वेस्ट बंगाल सरकार ने वीजीएफ को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे रूट चलाना मुश्किल हो गया. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) महंगा हो गया. कम यात्रियों वाले रीजनल रूट पर ये खर्च उठाना एयरलाइन के लिए संभव नहीं रहा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें किसे होगा नुकसान बताया जाता है कि इस सीधी फ्लाइट पर बिजनेस ट्रैवलर्स, स्टूडेंट्स, मरीज और टूरिस्ट सबसे ज्यादा निर्भर थे. ये सर्विस झारखंड के इंडस्ट्रियल शहर जमशेदपुर को पूर्वी भारत के बड़े कमर्शियल हब कोलकाता से जोड़ती थी. इस रोजाना चलने वाली फ्लाइट को फरवरी 2023 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने शुरू किया था. इसे झारखंड के एविएशन मैप के लिए बड़ा कदम माना गया था.

Haryana High Court का बड़ा आदेश, 36 साल से कार्यरत कर्मचारी को नियमित करने के दिए निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण का दावा केवल मौखिक दावों के आधार पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि कोई कर्मचारी लंबे समय से सेवा में होने का दावा करता है तो उसे उसके समर्थन में ठोस साक्ष्य भी प्रस्तुत करने होंगे। अदालत ने कहा कि विवादित तथ्यों की जांच याचिका के अधिकार क्षेत्र में संभव नहीं है और ऐसे मामलों के लिए लेबर कोर्ट या औद्योगिक न्यायाधिकरण ही उचित मंच हैं। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने यमुना नगर निवासी एक व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। 1990 से हरियाणा में लगातार कार्यरत रहने का दावा याची ने हाई कोर्ट में दावा किया था कि वह वर्ष 1990 से हरियाणा में लगातार कार्यरत हैं और इसलिए उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। उनकी शिकायत थी कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों ने उनके नियमितीकरण के दावे पर विचार नहीं किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किया।रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री केवल वर्ष 2020 के बाद कुछ समय तक उनके कार्य करने को दर्शाती है। ऐसे में यह तय करना कि वह वास्तव में 1990 से कार्यरत हैं या नहीं, एक विवादित तथ्य का विषय है, जिसकी जांच याचिका में नहीं की जा सकती।खंडपीठ ने अपने फैसले में एकल पीठ के उस निष्कर्ष को सही ठहराया, जिसमें कहा गया था कि याचिका में उठाए गए प्रश्न विवादित तथ्यों से जुड़े हैं और उनकी जांच साक्ष्यों के आधार पर ही संभव है। 'अप्रमाणित दावों के आधार पर नहीं दे सकते आदेश' इसलिए याचिकाकर्ता को किसी वैकल्पिक कानूनी उपाय का सहारा लेने की स्वतंत्रता दी गई थी।हाई कोर्ट ने कहा कि यदि याची कई दशकों से सेवा में हैं तो उन्हें इसका प्रमाण सक्षम प्राधिकारी या श्रम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। केवल सामान्य और अप्रमाणित दावों पर नियमितीकरण का आदेश नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में उचित उपाय संबंधित लेबर कोर्ट या औद्योगिक न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाना है, जहां साक्ष्यों के आधार पर कर्मचारी और नियोक्ता के बीच संबंध तथा सेवा अवधि का निर्धारण किया जा सकता है। इसी आधार पर अदालत ने अपील को खारिज कर दिया।

वेलकम 3 vs कॉकटेल 2: बॉक्स ऑफिस पर आज से बड़ा क्लैश, टिकट ऑफर से बढ़ी टक्कर

बॉक्स ऑफिस पर आज से एक बहुत बड़ा और दिलचस्प मुकाबला शुरू हो चुका है. अक्षय कुमार की मच-अवेटीड और भारी-भरकम स्टारकास्ट वाली कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' (वेलकम 3) आज यानी 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. लेकिन, अक्षय कुमार की इस मल्टी-स्टारर फिल्म की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है, क्योंकि थियेटर्स में पहले से ही शाहिद कपूर की फिल्म 'कॉकटेल 2' मजबूती से पैर जमाए बैठी है. दरअसल अब 'वेलकम 3' के क्रेज को टक्कर देने और अपनी फिल्म की रफ्तार बनाए रखने के लिए 'कॉकटेल 2' के मेकर्स ने एक ऐसा तगड़ा और हैरान करने वाला प्लान बनाया है, जो पहले ही दिन अक्षय की फिल्म का खेल बिगाड़ सकता है. एक टिकट पर दो लोगों के मजे अक्षय कुमार की बड़ी फिल्म के पहले दिन के कलेक्शन में सेंध लगाने के लिए 'कॉकटेल 2' के मेकर्स ने 26 जून यानी आज के लिए एक बेहद आकर्षक ऑफर का ऐलान कर दिया है. मेकर्स ने अपनी फिल्म पर 'बाय 1 गेट 1 फ्री' (Buy 1 Get 1 Free) का टिकट ऑफर लॉन्च किया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप सिनेमाघर जाकर 'कॉकटेल 2' की एक टिकट खरीदते हैं, तो दूसरी टिकट आपको बिल्कुल मुफ्त मिलेगी. यानी सिर्फ एक टिकट की कीमत पर दो लोग आराम से फिल्म का लुत्फ उठा सकते हैं. हालांकि, मेकर्स ने साफ किया है कि यह धमाकेदार ऑफर सिर्फ आज (शुक्रवार) के लिए ही लागू रहेगा. क्या 'वेलकम टू द जंगल' को पहले ही दिन होगा नुकसान? फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगर दर्शकों ने शाहिद कपूर की फिल्म के इस 'एक पर एक फ्री' वाले ऑफर का फायदा उठाना शुरू किया, तो इसका सीधा और बड़ा नुकसान अपने पहले ही दिन 'वेलकम टू द जंगल' को उठाना पड़ सकता है. वीकेंड की शुरुआत में लोग अक्सर कम बजट में मनोरंजन तलाशते हैं और ऐसे में यह ऑफर दर्शकों को 'वेलकम 3' के बजाय 'कॉकटेल 2' की तरफ खींच सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो 'वेलकम टू द जंगल' की ओपनिंग डे की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा. अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि आज ऑडियंस इन दोनों फिल्मों में से किसे ज्यादा भाव देती है. 'कॉकटेल 2' का रिपोर्ट कार्ड अगर 'कॉकटेल 2' के अब तक के प्रदर्शन की बात करें, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा कारोबार कर रही है. बॉक्स ऑफिस ट्रैकर वेबसाइट सैक्लनिक के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने अपने सातवें दिन यानी गुरुवार को 4.90 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया. इसी के साथ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की पहले हफ्ते की कुल कमाई 70 करोड़ रुपये (नेट) के आंकड़े तक पहुंच गई है. क्या 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो पाएंगे शाहिद कपूर? ट्रेड एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि 'कॉकटेल 2' अपने दूसरे वीकेंड के खत्म होने तक आसानी से 75 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी. लेकिन सबसे बड़ा सवाल इसके आगे के सफर को लेकर है. अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 'बाय 1 गेट 1 फ्री' जैसे ऑफर्स और बाहरी मदद मिलने के बाद भी शाहिद कपूर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये (नेट) का जादुई और प्रतिष्ठित आंकड़ा छू पाती है या नहीं?

AI के दौर में टेक नौकरियों पर संकट: भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग हायरिंग में तेज गिरावट

भारत में टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों की हायरिंग की रफ्तार धीमी होती नजर आ रही है. इसका सबसे ज्यादा असर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर पड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि कंपनियां AI और ऑटोमेशन को ज्यादा अपनाने लगी है. एक नए अध्ययन के मुताबिक, कुल मिलाकर नौकरी के अवसर कम हुए हैं लेकिन टेक सेक्टर में नौकरियों की संख्या पिछले कुछ महीनों में और तेजी से घटी है. लोकप्रिय जॉब पोर्टल इंडीड के अनुसार, मई 2026 में प्लेटफॉर्म पर भारतीय नौकरियों के एड 0.7 प्रतिशत कम हुए, जिनमें से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की नौकरियों में पिछले तीन महीनों में 12.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस एंड सपोर्ट, आईटी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस और डेटा एंड एनालिटिक्स जैसी अन्य तकनीकी नौकरियों में भी 10.2, 9.3 और 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई है.  इंडीड के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि तकनीकी कंपनियां कर्मचारियों को ऑफिस लौटने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं. क्या कहते हैं आंकड़े? आंकड़े बताते हैं कि इस समय टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव हो रहे हैं. कंपनियों की हायरिंग और कामकाज अब इस बात पर निर्भर करता है कि वे AI को कितनी अच्छी तरह इस्तेमाल कर पा रही हैं. हालांकि, यह साफ नहीं है कि टेक नौकरियों के एड क्यों कम हुए हैं, लेकिन AI इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है. कई कंपनियां AI से जुड़े नए स्किल वाले कर्मचारियों को हायर कर रहे हैं, जबकि कुछ कंपनियां क्लाउड और ChatGPT जैसे AI टूल्स की मदद से कम कर्मचारियों के साथ ही ज्यादा काम कर रही हैं. छंटनी का बढ़ रहा है खतरा वहीं, तकनीकी क्षेत्र में छंटनी धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि पहले यह बहुत कम होती थी. उदाहरण के लिए अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेजन ने लगभग 30,000 कॉर्पोरेट और तकनीकी पदों पर छंटनी की. इस अप्रैल में, मेटा ने 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की. उसी महीने माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 8,750 अमेरिकी कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा की. इसकी लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन मुख्य बात यह है कि तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और इंडीड के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि तकनीकी नौकरियां एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं, जिसमें कुछ पद पूरी तरह से समाप्त हो सकते हैं और फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर (एफडीई) जैसे नए पद सामने आ सकते हैं. कम कर रही है वर्क फ्रॉम होम की सुविधा कई कंपनियां अब वर्क फ्रॉम होम की सुविधा को कम कर रही है या पूरी तरह खत्म कर रही है. इंडीड के आंकड़ों के अनुसार, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस और सपोर्ट जैसी नौकरियों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है. इन क्षेत्रों में रिमोट वर्क के अवसर 4.4% तक कम हुए हैं. इसे लेकर इंडीड का कहना है कि रिमोट वर्क में कमी से यह पता चलता है कि कंपनियों का रुख बदल रहा है और वह अपने कर्मचारियों से ऑफिस में काम करने की उम्मीद कर रही है. खासकर टेक कंपनियों में यह बदलाव हाल के समय में साफ दिखाई दे रहा है. साथ ही कंपनियां ज्यादा उम्मीदवारों को आकर्षित करने के लिए अपनी हायरिंग प्लानिंग में बदलाव कर रही है. इन नौकरियां में हो रही बढ़त दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर टेक सेक्टर में नौकरियां कम हो रही हैं, वहीं कई दूसरे क्षेत्रों में हायरिंग तेजी से बढ़ रही है. देशभर में खेल, ब्यूटी और हेल्थ, पर्सनल केयर तथा घरेलू सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नई नौकरियां निकली हैं. पिछले तीन महीनों में खेल क्षेत्र में नौकरियां 41%, ब्यूटी और हेल्थ में 36% और पर्सनल केयर और घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं में 34% बढ़ी हैं.

पंजाब में मानसून की एंट्री, फिरोजपुर में झमाझम बारिश; 27-28 जून को कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

फिरोजपुर  शुक्रवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। सुबह से लगातार हो रही वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश शुरू होते ही सड़कों और बाजारों का नजारा भी बदल गया। लोगों ने गर्मी से राहत मिलने पर खुशी जताई। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आम जनजीवन को राहत मिली है, वहीं किसानों ने भी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया। हालांकि लगातार बारिश जारी रहने पर कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। फिलहाल लोगों के लिए यह बारिश भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है। भीषण गर्मी और उमस से परेशान पंजाब व चंडीगढ़ के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, 27 और 28 जून को कई जिलों में बारिश होने के आसार हैं। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ पंजाब में बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भीषण गर्मी के बीच राज्य में बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है। बीते दिन अधिकतम मांग 16,335 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस वर्ष का सबसे उच्च स्तर है। पिछले वर्ष 25 जून को यह मांग 14,697 मेगावाट थी, जबकि वर्ष 2024 में अधिकतम मांग 15,345 मेगावाट दर्ज की गई थी। राज्य के 15 में से 12 थर्मल पावर यूनिट फिलहाल बिजली उत्पादन कर रहे हैं। मौसम अपडेट 1. 26 जून राज्य के अधिकांश इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 2. 27 और 28 जून इन दो दिनों में मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। 3. 29 जून से 1 जुलाई बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि इसकी तीव्रता कुछ कम हो सकती है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल पंजाब के कई जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। अगले तीन दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम सुहावना होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए काफी लाभदायक होगी।  

वेलकम टू द जंगल रिव्यू: 32 सितारों की ब्रेनरॉट कॉमेडी ने किया सरप्राइज

किसी फिल्म से जब कोई उम्मीद ना हो, तब उसे देखना अपने आप में ही एक थ्रिलिंग एक्सपीरियंस होता है. थिएटर्स में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडर, परेश रावल जैसे 32 सितारों से सजी फिल्म वेलकम टू द जंगल (वेलकम 3) रिलीज हुई है, जिससे कोई कुछ खास उम्मीद नहीं लगा रहा था. इसके पीछे दो कारण हैं. पहला इसका ट्रेलर जिसने काफी निराश किया था, और फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट में कमी पैदा कर दी थी. दूसरा इसके डायरेक्टर अहमद खान, जिनकी पिछली फिल्म हीरोपंती 2 बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी. वेलकम टू द जंगलजब अनाउंस हुई, तो लोगों के मन में शक पैदा हुआ कि क्या अहमद खान इस फिल्म की नैया पार लगा पाएंगे? रिलीज से पहले तक स्टारकास्ट ने तो डायरेक्टर की जमकर तारीफ की. अब फिल्म रिलीज हो गई है, तो इसे देखने के बाद एक बहुत बड़ा सरप्राइज मिला है. आइए, आपको बताते हैं कि इस मल्टी-स्टारर 'ब्रेनरॉट' फिल्म ने किस तरह सरप्राइज किया. 'फेक' फिल्म के चक्कर में असली खतरा से हुआ सामना एक अरबपति बिजनेसमैन काजा (जाकिर हुसैन) इंडिया में अपनी काली कमाई से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा है. एक दिन उसे खबर मिलती है कि अगर उसने अपनी काली कमाई का कोई हल नहीं निकाला तो उसपर इनकम टैक्स की रेड पर जाएगी. ऐसे में वो अपने मैनेजर दुबे (जॉनी लिवर) के साथ मिलकर 2000 करोड़ रुपये की एक फ्लॉप फिल्म बनाने का प्लान करता है. मैनेजर देव (परेश रावल) और दास (राजपाल यादव) जैसे दो फ्लॉप डायरेक्टर और नयनसुख (श्रेयस तलपड़े) जैसे आधे-अंधे कैमरामैन को हायर करता है. देव और दास के पास एक धांसू स्क्रिप्ट है- वेलकम टू द जंगल. इसके लिए वो एक फ्लॉप का हीरो राजीव (अक्षय कुमार) को कास्ट करते हैं. राजीव के साथ-साथ येड़ा शेट्टी अन्ना (सुनील शेट्टी) और रोमियो भाई (अरशद वारसी) जैसे डॉन की भी फिल्म में एंट्री हो जाती है, जो दरअसल उदय-मजनू के कजिन हैं. इस फ्लॉप फिल्म में देव और दाव नादिया (दिशा पाटनी) को बतौर हीरोइन कास्ट करते हैं, जो पहले भी राजीव की गर्लफ्रेंड थी. इस फ्लॉप फिल्म में सिर्फ इतने एक्टर्स नहीं, टीवी-भोजपुरी-पंजाबी सिनेमा हर तरफ से एक्टर्स को कास्ट किया जाता है. बिजनेसमैन काजी अपनी फिल्म को फ्लॉप करने का पूरा प्लान बना लेता है, लेकिन तभी बाजी उसपर उलटी पड़ जाती है. इनकम टैक्स की रेड में काजा के सारे पैसे चले जाते हैं, जिससे वो कंगाल हो जाता है. अब उसे ये फिल्म किसी भी हाल में हिट चाहिए, जिसके लिए पूरी टीम एक रियल लोकेशन में जाकर असली लोगों के बीच शूटिंग करने लगती है. वहां उनका सामना असली आतंकवादी जतारा (जैकी श्रॉफ) से होता है. अब क्या ये फ्लॉप फिल्म वेलकम टू द जंगल पूरी बन पाएगी? यही इसका बेसिक प्लॉट है. एंटरटेनिंग है ये ब्रेनरॉट फिल्म अक्षय की मल्टी-स्टारर फिल्म का असली मजा इसकी कास्ट है, जिन्होंने इस पूरी फिल्म को एक एकसाथ अपने मजबूत कंधों पर उठाए रखा. फिल्म की कहानी एक पॉइंट के बाद भले ही मायने नहीं रखेगी, मगर जो एंटरटेनमेंट ये आपको दिलाती है उसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी. फिल्म में कई सारे ऐसे मोमेंट्स हैं जहां आप दिल खोलकर हंसते हैं. इसकी सबसे खास बात यही है कि फिल्म खुद को 'ब्रेनरॉट' कहला रही है. लेकिन वो देखने में भी आपको मजा ही आता है. सभी एक्टर्स की आपस में जुगलबंदी काफी अच्छी है. कॉमेडी सरप्राइजिंगली काफी क्लीन और देखने में अच्छी है. हालांकि वेलकम 3 में कुछ मोमेंट्स हैं जब आप थोड़े बोर से होने लगेंगे. लेकिन अंत में आते-आते फिल्म काफी दिलचस्प और मजेदार बन जाती है. जिस तरह की एक्साइटमेंट ट्रेलर ने सेटअप की थी, उसके मुताबिक फिल्म काफी बेहतर निकलकर आई है. वेलकम टू द जंगल का फर्स्ट हाल्फ काफी सही है, इसमें कहानी और विलेन को अच्छे से सेटअप किया जाता है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, परेश रावल, और जॉनी लिवर के काफी सीन्स ऐसे हैं, जो आपको खुलकर हंसने पर मजबूर करेंगे. इन सभी एक्टर्स को बाकी स्टारकास्ट का भी बढ़िया सपोर्ट मिला है. सेकेंड हाल्फ में चीजें थोड़ी गड़बड़ होने लगती हैं, मगर अंत आते-आते वो संभल भी जाती हैं. इस फिल्म से एक बड़ी शिकायत ये है कि इसका वीएफएक्स काफी सस्ता सा लगा. इसकी वजह से कुछ सीन्स बेहद अटपटे लगे. लेकिन अंत में ये एक फुल-टाइमपास कॉमेडी फिल्म बनकर सामने आती है, जिसमें डायरेक्टर अहमद खान की तारीफ बनती है. डायरेक्टर की होगी तारीफ अभी तक डायरेक्टर अहमद खान को लेकर जो सवाल उठे थे, ऐसा लगता है कि उन्होंने इस फिल्म से दूर कर दिया है. सबसे पहले उनकी इस बात की तारीफ होगी कि उन्होंने 32-34 स्टार एक्टर्स को एक ही फिल्म में लेने का फैसला लिया. और यही नहीं, सबको एक जैसा स्क्रीन टाइम देने की कोशिश की. उन्होंने अपनी फिल्म में हर एक्टर से कुछ ना कुछ ऐसा कराया, जिसे देखकर मजा जरूर से आया. इस 2 घंटे 45 मिनट की फिल्म को उन्होंने काफी अच्छी तरह से संभालकर रखा. लेकिन ऐसा भी लगता है कि वो इस फिल्म को थोड़ी और बेहतर बना सकते थे. इसी में उनकी बतौर डायरेक्टर थोड़ी बहुत कमी नजर आई. बाकी दिवंगत राइटर नीरज वोहरा की इस ओरिजिनल कहानी को उन्होंने सही तरीके से पर्दे पर दिखाया है. हालांकि फिल्म में ऐसा कोई गाना नहीं था, जो बाद में चलकर याद रह जाए जिसमें अहमद खान शायद थोड़ा चूक गए हैं. स्टार्स-कैमियो के दम पर उठी फिल्म फिल्म वेलकम टू द जंगल को लेकर अब ये कहा जा सकता है कि अगर इसमें 32-34 एक्टर्स नहीं होते, तो शायद ये फिल्म उतनी एंटरटेनिंग नहीं होती. इसके पीछे की वजह ये है कि हर एक एक्टर स्क्रीन पर अपनी ओर से कुछ अनोखा और क्रिएटिव लेकर आया, जिसे देखने में मजा आता है. अक्षय ने जो इस फिल्म में अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाली है, उसके लिए आप थिएटर में ताली जरूर बजाएंगे. वैसे तो वो कॉमेडी के 'खिलाड़ी' है हीं. मगर उनके साथ परेश रावल, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े और जॉनी लिवर ने जो केमिस्ट्री बिठाई, वो सोने पर सुहागा जैसा था. वहीं … Read more