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​राजस्व मंत्री ने ग्राम झोंका को दी विकास कार्यों की सौगात, 27 लाख रुपए से अधिक की नई घोषणाएं

​रायपुर  राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों के चहुंमुखी विकास और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आज  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत झोंका में विकास कार्यों की बड़ी सौगात मिली। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने यहाँ विभिन्न जनकल्याणकारी और विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के विकास को और गति देने के लिए 27 लाख रुपये से अधिक की नई विकास योजनाओं की घोषणा भी की।        ​ग्राम झोंका में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व मंत्री वर्मा ने महामाया मंदिर सामुदायिक भवन, केश डबरी प्रवेश द्वार, पचरी निर्माण, महतारी सदन, मुक्तिधाम शेड, तालाब गहरीकरण तथा रंगमंच भवन सहित विभिन्न अधोसंरचना कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने कुर्मी पारा में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण कर उसे आम जनता को समर्पित किया। ​गांवों के चहुँमुखी विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और किसानों की तरक्की के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना हमारी प्राथमिकता है ताकि ग्रामीणों का जीवन स्तर और बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में राशि की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। ​इन महत्वपूर्ण कार्यों की हुई घोषणा    ​ ग्रामीणों की पुरजोर मांग और क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए राजस्व मंत्री ने कार्यक्रम के मंच से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं,जिसमे ​प्राथमिक शाला में सुलभ शौचालय निर्माण हेतु 2 लाख रुपये,​ छापड़ तालाब के गहरीकरण के लिए 10 लाख रुपये,​ मुक्तिधाम में शेड निर्माण के लिए 7 लाख रुपये,​ तालाबों में पचरी निर्माण के लिए 3 लाख रुपये और ​सामुदायिक भवन एवं ज्योति कक्ष निर्माण हेतु 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए उन्होंने जागृति महिला मंडल को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि देने की भी सहर्ष घोषणा की। ​    ​ इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, बलौदाबाजार जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा ग्राम पंचायत झोंका के सरपंच हरीराम धुव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से 15 वर्षीय माड़कम हुंगा का हुआ निःशुल्क उपचार, परिवार को मिली बड़ी राह

रायपुर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत संचालित 'चिरायु' दल दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर उनके जीवन में नई उम्मीद जगा रहा है। बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम मीनागट्टा (पामेड) निवासी 15 वर्षीय माड़कम हुंगा की कहानी इस योजना की सफलता का प्रेरक उदाहरण है। जन्म से थी गंभीर समस्या माड़कम हुंगा जन्म से ही कटे होंठ और तालु (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या से पीड़ित था। इस कारण उसे भोजन करने, साफ बोलने और सामान्य जीवन जीने में काफी परेशानी होती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका इलाज कराना संभव नहीं था। स्कूल में जांच के दौरान हुई पहचान आरबीएसके के 'चिरायु' दल ने स्कूल में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान माड़कम हुंगा की पहचान की। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार कर उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत रायपुर रेफर किया गया। निःशुल्क सर्जरी से मिली नई जिंदगी 25 जून 2026 को माड़कम हुंगा को रायपुर के एक विशेषज्ञ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी सफल प्लास्टिक सर्जरी की। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और 30 जून 2026 को उसे स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इलाज का पूरा खर्च शासन ने उठाया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सर्जरी, जांच, दवाइयां, रायपुर तक आने-जाने की व्यवस्था तथा उपचार के दौरान रहने और भोजन सहित पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया गया। इससे परिवार पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। नई मुस्कान, नया आत्मविश्वास आज माड़कम हुंगा पहले की तुलना में बेहतर जीवन जी रहा है। अब उसे भोजन करने और बोलने में पहले जैसी कठिनाई नहीं होती। उसके चेहरे पर लौटी मुस्कान और बढ़ा आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि शासन की स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद बच्चों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का 'चिरायु' दल दूरस्थ अंचलों के बच्चों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यह पहल बच्चों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद का आधार बन रही है।

यूटिलिटी शिफ्टिंग में तेजी लाने के दिए निर्देश, शासकीय भवनों के उपकरणों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने कहा

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज अधिकारियों की बैठक लेकर विभाग द्वारा किए जा रहे विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सुव्यवस्थित, तेज और प्रभावी बनाने के साथ ही कार्यों में आधुनिक तकनीकों व उपकरणों का अधिकतम उपयोग करने को कहा।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों को भवनों, सड़कों और पुलों के विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों में उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ सामग्रियों के उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा खरीदी गई सामग्री के जीएसटी बिल अनिवार्य रूप से जमा कराने को कहा। उन्होंने शासकीय भवनों में स्थापित सभी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का समग्र ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे परिसंपत्तियों के रखरखाव और प्रबंधन में पारदर्शिता तथा दक्षता आएगी। विभागीय सचिव ने मरम्मत, रखरखाव तथा विभिन्न आयोजनों से संबंधित बिलों के भुगतान नियमित रूप से एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-ऑफिस के माध्यम से भुगतान की कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने चालू जुलाई माह में 30 जून 2026 तक के सभी लंबित बिलों के भुगतान करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने प्रमुख अभियंता को कार्यपालन अभियंताओं के लिए आवश्यक बजट आबंटन जारी करने को कहा। बंसल ने बैठक में यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन कार्यों के कारण निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने शहरों के बीच की सड़कों पर स्थापित स्ट्रीट लाइटों के संचालन, संधारण एवं मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित नगरीय निकायों को सौंपने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शासकीय भवनों के हैंडओवर के समय ही वहां स्थापित लिफ्टों के संचालन, संधारण और मरम्मत की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।  उन्होंने विभिन्न शासकीय आयोजनों एवं कार्यक्रमों में लगने वाली व्यवस्थाओं के लिए ठेकेदारों एवं वेंडर्स से रेट-कॉन्ट्रैक्ट व रेट-इम्पैनलमेंट करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अन्य राज्यों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें लागू करने को कहा।  बंसल ने विद्युत एवं यांत्रिकी ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर कार्यों में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों में सुदृढ़ता एवं तेजी लाने के लिए उनसे सुझाव भी मांगे। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता टी.आर. कुंजाम और जी.एस. मंडावी, अधीक्षण अभियंता सुरेश भूपल और एन.के. लाल सहित सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा उप संभागों के अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

राज्य में 30 जून की स्थिति में 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भण्डारण

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए 30 जून तक की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ को माह जुलाई में 46,500 टन डीएपी सप्लाई की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य से अधिक है। इससे अब किसानों के लिए पर्याप्त डीएपी उपलब्ध हो सकेगा। बता दें कि अब तक भंडारित कुल रासायनिक खाद पिछले साल इसी अवधि में भंडारित रासायनिक खाद की तुलना में 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक है।    वहीं प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के भण्डारण और वितरण की स्थिति यह दर्शाती है कि सरकार ने खेती के मौसम से पहले ही किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि किसान परिवारों की समृद्धि और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  बता दें कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए खरीफ वर्ष 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 30 जून की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। इनमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी तथा एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक शामिल हैं। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि किसानों को बुआई के दौरान खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने पहले से व्यापक तैयारी की है।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश के किसानों को अभी तक 7 लाख 27 हजार 833 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। यह वितरण किसानों की वास्तविक मांग के अनुरूप लगातार किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में 5 लाख 88 हजार 673 मीट्रिक टन उर्वरकों का शेष भण्डार उपलब्ध है, जिससे आगामी दिनों में भी किसानों को निर्बाध रूप से खाद उपलब्ध कराई जा सकेगी। यदि गत वर्ष की समान अवधि से तुलना करें तो इस वर्ष की उपलब्धियां और भी उत्साहजनक हैं। 30 जून 2025 तक प्रदेश में 12 लाख 25 हजार 929 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण हुआ था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन हो गया है। अर्थात लगभग 90 हजार 577 मीट्रिक टन अधिक खाद का भण्डारण सुनिश्चित किया गया है। इसी प्रकार, गत वर्ष 30 जून तक 7 लाख 66 हजार 161 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था। इस वर्ष अब तक लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों तक पहुंच चुकी है। प्रदेश में वर्तमान में उपलब्ध 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक का शेष भण्डार आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और यह सरकार की दूरदर्शी योजना एवं मजबूत आपूर्ति प्रबंधन का परिचायक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यही कारण है कि राज्य सरकार खाद की उपलब्धता, भण्डारण, परिवहन एवं वितरण की सतत निगरानी कर रही है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो रहे हैं।

नरोत्तम मिश्रा की वापसी के संकेत? दतिया उपचुनाव के बाद बदल सकते हैं प्रदेश के राजनीतिक समीकरण

भोपाल दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। आर्थिक अनियमितता के मामले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद होने के बाद रिक्त हुई इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा। परिणाम तीन अगस्त को आएगा। भाजपा से दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा यहां से प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। भाजपा नरोत्तम मिश्रा को चुनाव लड़वाने के संकेत दे चुकी है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से नरोत्तम मिश्रा का यह वनवास समाप्त होने की संभावना है। हार के ढाई साल बाद यदि वह उपचुनाव में जीत दर्ज करते हैं तो मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और संगठन में उनका कद फिर से मजबूत हो जाएगा।  

पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगा महारुद्र यंत्र दोबारा काला, श्रद्धालुओं में जिज्ञासा

मंदसौर भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर गर्भगृह में लगा चांदी का महारुद्र यंत्र बार-बार काला हो रहा हैं। कुछ माह पहले ही महारुद्र यंत्र की रतलाम के भक्तों की मंडली द्वारा सफाई की गई थी। अबकी बार सिर्फ महारुद्र यंत्र ही काला हुआ हैं, चांदी का छत्र, दरवाजे पर चमक बरकरार हैं। मंदिर प्रबंधक का कहना हैं की सावन माह में गर्भगृह के रुद्र यंत्र सहित दरवाजे, छत की सफाई होगी। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में करीब 11 साल पहले 1 करोड़ रुपए से बना महारुद्र यंत्र कुछ-कुछ दिनों में ही काला पड़ रहा हैं। कई बार सफाई की गई हैं, लेकिन महारुद्र यंत्र की चांदी बार-बार काली हो रही हैं। गर्भगृह में करीब 260 किलो चांदी का रुद्रयंत्र लगा हुआ हैं। महाशिवरात्रि पर्व के पहले गर्भगृह के दरवाजों, छत्र एवं महारुद्र यंत्र की सफाई कर चकाचक किया गया था। चांदी के दरवाजे और छत की चमक तो पहले जैसी बनी हुई हैं, लेकिन महारुद्र यंत्र काला हो गया। प्रयोगशाला की तरह ही कार्य हो रहा है। प्रारंभ में जब महारुद्र यंत्र एवं चांदी के सभी आयटम कुछ-कुछ दिनों में काले हो रहे थे तब निर्माता द्वारा 3.5 किलो चांदी का लेप बनाकर यंत्र पर चढ़ाया था। मंदिर समिति से उस समय कहा था की इससे यंत्र काला नहीं पड़ेगा लेकिन कुछ समय बाद ही यंत्र काला पड़ने लगा और वह अब भी कायम हैं। मंदिर प्रबंधक राहुल रुनवाल ने बताया मंदिर गर्भगृह में चांदी के महारुद्र यंत्र, छत्र, दरवाजों की समय-समय पर सफाई हो रही हैं। सावन माह में फिर चांदी की सफाई होगी।

मीडिया प्रतिनिधियों को मिला हरिद्वार कुंभ का आमंत्रण

​रायपुर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निवास (देहरादून) में आज छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एक अत्यंत गरिमामय और सौजन्य भेंट हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने छत्तीसगढ़ की मीडिया टीम और अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उत्तराखंड के बहुआयामी विकास, सांस्कृतिक धरोहर तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी। ​'विकास भी, विरासत भी': क्षेत्रीय प्राधिकरणों से संवर रहा है उत्तराखंड ​मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार "विकास भी, विरासत भी" के मूल मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विकास प्राधिकरणों का गठन कर उनके विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों का संतुलित सामाजिक, आर्थिक और नैसर्गिक विकास करना है, ताकि यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।  उत्तराखंड के ​मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड ऋषियों, मुनियों और संतों की पावन तपोस्थली है। इस देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान को संभालना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने नैसर्गिक संपदा (प्राकृतिक संसाधनों) के संरक्षण पर विशेष बल दिया, ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण संजोकर रखा जा सके। ​लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में छत्तीसगढ़ सरकार की भूमिका अनुकरणीय ​संवाद के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरगामी सोच की जमकर सराहना की। उन्होंने सीएम साय की मंशानुरूप इस महत्वपूर्ण भ्रमण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और संयुक्त सचिव सह आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल को विशेष रूप से बधाई दी। धामी ने इस बात को रेखांकित किया कि देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने और पत्रकार कल्याण से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य रहा है। अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में ऐसे अंतर्राज्यीय भ्रमणों से दोनों राज्यों के बीच वैचारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया आयाम मिलता है। ​अगले वर्ष हरिद्वार कुंभ के लिए विशेष आमंत्रण  ​भेंट के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के मीडिया दल को अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए सस्नेह आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री धामी ने एक बड़ा दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि कुंभ के पावन अवसर पर देश के सभी राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों को एक-एक अवसर दिया जाना चाहिए। ​मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पहल से देश भर की मीडिया देवभूमि की पावन तपोभूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा और वहां की विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देख सकेगी और इन अद्भुत अनुभवों को अपने-अपने राज्यों की जनता तक पहुँचा सकेगी। ​एक अनूठा संगम छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, खनिज व नैसर्गिक संपदा और उत्तराखंड की हिमालयी दिव्यता व आध्यात्मिक चेतना के बीच हुआ यह संवाद आने वाले समय में अंतर्राज्यीय समन्वय और राष्ट्रीय एकता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरेगा। इस भ्रमण दल में मुख्यमंत्री धामी से मिलने वालों में दुर्ग,​रायपुर,​कोरबा,​जगदलपुर,​बिलासपुर,​राजनांदगांव,​कोरिया और ​धमतरी जिले के मीडिया प्रतिनिधी और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय के अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के सूचना एवं जनसंपर्क के निदेशक बंशीधर तिवारी,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव पांडे,संयुक्त संचालक के.एस. चौहान सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बिहार B.Ed काउंसलिंग में कॉलेज आवंटन जारी, मेरिट और वरीयता के आधार पर चयन

मुजफ्फरपुर  CET BEd 2026: बिहार राज्य के दो वर्षीय बीएड एवं शिक्षा शास्त्री पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए आयोजित सीईटी-बीएड-2026 के प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग का कॉलेज आवंटन जारी कर दिया गया है। कुल 36,872 अभ्यर्थियों को महाविद्यालय एवं विभाग आवंटित किए गए हैं। आवंटन सूची आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी गई है। महाविद्यालयों का आवंटन अभ्यर्थियों की मेरिट, आरक्षण नियमों तथा ऑनलाइन काउंसिलिंग के दौरान दी गई विश्वविद्यालय एवं कॉलेज वरीयता के आधार पर किया गया है। 4 से 10 जुलाई तक नामांकन कॉलेज आवंटित अभ्यर्थी 4 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक संबंधित महाविद्यालय या विभाग में उपस्थित होकर दस्तावेजों का सत्यापन कराने के बाद नामांकन करा सकेंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश नहीं लेने वाले अभ्यर्थियों का आवंटन स्वतः निरस्त माना जाएगा। 6.10 लाख से अधिक आवेदन इस वर्ष सीईटी-बीएड-2026 के लिए 6,10,811 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। विश्वविद्यालयों की वरीयता में सबसे अधिक पसंद बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर रहा, जिसे 1,13,824 अभ्यर्थियों ने प्राथमिकता दी। इन संस्थानों की रही सबसे अधिक मांग सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में भी अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में वरीयता दी। सबसे अधिक पसंद किए गए कॉलेज इस प्रकार हैं:     शिक्षा विभाग, सीटीई, तुर्की (मुजफ्फरपुर) – 29,598     कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, गया – 27,288     राजकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, समस्तीपुर – 22,885     महिला प्रशिक्षण महाविद्यालय, पटना – 20,206     कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, भागलपुर – 19,666     पटना ट्रेनिंग कॉलेज, पटना – 15,011 नामांकन के दौरान अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे—     मैट्रिक, इंटरमीडिएट एवं स्नातक के अंकपत्र और प्रमाण-पत्र की छायाप्रति     स्नातकोत्तर अंकपत्र एवं प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     मूल सीएलसी/डीएलसी/टीसी     आवासीय प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     जाति प्रमाण-पत्र (आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए)     ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     दिव्यांग (PwD) प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     अन्य आरक्षण अथवा कोटा संबंधी प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     हाल के चार पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटोग्राफ समय पर पूरा करें नामांकन सीईटी-बीएड-2026 प्रशासन ने सभी आवंटित अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित महाविद्यालय में उपस्थित होकर नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी प्रकार का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।  

नए आई सी डी और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का अनुरोध

भोपाल  सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में शुक्रवार को सम्पन्न हुई बोर्ड ऑफ ट्रेड की महत्वपूर्ण बैठक में मध्यप्रदेश की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश की निर्यात क्षमता, औद्योगिक विकास एवं निवेश संभावनाओं पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, देश के प्रमुख उद्योगपति, निर्यातक, व्यापार बोर्ड के सदस्य, विभिन्न राज्यों के मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एमएसएमई मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के प्रयासों से संपन्न हुए 9 मुक्त व्यापार समझौते भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हैं। उन्होंने सभी राज्यों से इन समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने तथा निर्यात को नई गति देने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया। मंत्री काश्यप ने कहा कि भारत को वर्ष 2030-31 तक 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर निर्यात के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचाने में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य निर्यात वृद्धि के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश ने राज्य निर्यात नीति, जिला निर्यात कार्य योजनाओं, जिला निर्यात संवर्धन परिषदों, राज्य स्तरीय निर्यात संवर्धन परिषद तथा 'एक जिला–एक उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से मजबूत निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है। प्रदेश का वस्तु निर्यात लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आगामी वर्षों में इसे और अधिक गति देने के लिए ठोस रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का टेक्सटाइल, फार्मा एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र तेजी से निर्यात वृद्धि का आधार बन रहा है। मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश में देश का पहला पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 36 औद्योगिक इकाइयों के साथ ₹26,000 करोड़ से अधिक के निवेश समझौते हो चुके हैं तथा भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। साथ ही, उन्होंने इंदौर में टेक्सटाइल टेस्टिंग फैसिलिटी तथा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जाने का भी अनुरोध किया, जिससे प्रदेश के निर्यातकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग पार्क तथा भोपाल के निकट सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल विनिर्माण को नई गति मिलेगी। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित किए जाने की आवश्यकता भी रेखांकित की। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने हाल के महीनों में 20 नए जीआई टैग प्राप्त किए हैं, जिनमें अधिकांश कृषि एवं उद्यानिकी उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना आवश्यक है, ताकि वैश्विक बाजारों की गुणवत्ता आवश्यकताओं को आसानी से पूरा किया जा सके। उन्होंने मध्यप्रदेश के भूमि बैंक की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 13 स्थानों की पहचान की गई है तथा लगभग 12,000 एकड़ भूमि निवेशकों के लिए उपलब्ध कराई गई है। यह औद्योगिक विकास एवं बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री काश्यप ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को निर्यात वृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में संचालित आई सी डी पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने जबलपुर एवं रीवा क्षेत्र में नए आई सी डी तथा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का अनुरोध किया, जिससे पूर्वी मध्यप्रदेश के उद्योगों एवं निर्यातकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव एवं इको-टूरिज्म की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। चीता परियोजना की सफलता तथा वन्य पर्यटन की बढ़ती संभावनाएं प्रदेश को विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन भी विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक सशक्त माध्यम है और इसके लिए विशेष रणनीति तैयार किए जाने की आवश्यकता है। मंत्री काश्यप ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन,, ई मार्केट प्लेस,,जेम सहित विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इनका लाभ अधिक से अधिक एमएसएमई स्टार्टअप्स,ओ डी ओ पी उत्पादकों एवं नए निर्यातकों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश जैसे लैंड-लॉक्ड राज्यों को LIFT योजना में शामिल करने तथा FTA के प्रभावी उपयोग हेतु जिला एवं क्लस्टर स्तर पर विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाने का भी सुझाव दिया। मंत्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, निर्यात संवर्धन एवं निवेश आकर्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश न केवल राष्ट्रीय निर्यात लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण एवं निर्यात शक्ति बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।  

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने की रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा

रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ रायपुर नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर राजधानी रायपुर में विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में तकनीकी कारणों से लंबित अप्रारंभ कार्यों की बाधाएं दूर कर उन्हें तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को हर 15 दिनों में कार्यस्थलों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक  आर. एक्का और रायपुर नगर निगम के आयुक्त  संबित मिश्रा भी बैठक में मौजूद थे। सचिव  शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि राजधानी में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी सेवाओं की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए सभी जोन कमिश्नरों, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारियों और नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करने को कहा।  नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर व्यापक सफाई अभियान चलाने तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी नियमित एवं प्लेसमेंट अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने से कार्यक्षमता और सेवा वितरण दोनों बेहतर होते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के आवासों के निर्माण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान रायपुर की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को कहा। सचिव  शंगीता आर. ने राजधानी की गरिमा के अनुरूप स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा कचरा परिवहन की व्यवस्था की नियमित निगरानी व समीक्षा करने को कहा। उन्होंने नालंदा परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता  राजेश शर्मा और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक  एस.के. सुन्दरानी सहित नगर निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन कमिश्नर, अभियंता, सभी विभागों के प्रभारी अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी तथा जोन सहायक राजस्व अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।