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NEET RE-Exam में होगी हाई सिक्योरिटी, पेपर भेजने के लिए वायुसेना के विमानों की तैयारी

नई दिल्ली सरकार अब नीट-यूजी दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी में जुट गई है। पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए भारतीय वायुसेना यानी आईएएफ की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मुद्दे पर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परिवहन और पूरी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर इस बात पर विचार किया गया कि क्या पेपर ट्रांसपोर्ट के लिए वायुसेना के विमान इस्तेमाल किए जा सकते हैं ताकि लीक या छेड़छाड़ की कोई संभावना न रहे। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पूरी योजना को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें हर स्तर की जानकारी दी जा रही है। पीएम मोदी को दी जा रही हर अपडेट इस पूरे प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी खुद NEET री-एग्जाम की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं।  सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्ट पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, पैकिंग, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर फेज की समीक्षा की गई. इस दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहे।  कैसे शुरू हुआ विवाद? NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी. परीक्षा के बाद पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए, जिसके बाद मामला बढ़ता गया. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया. फिलहाल इस मामले की जांच CBI कर रही है।  बैठक में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी छपाई, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर पहलू की समीक्षा की गई। दरअसल, नीट-यूजी परीक्षा इस साल तीन मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों बाद पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए। एनटीए के मुताबिक सात मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया। इसके बाद बढ़ते विवाद और जांच के बीच 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज केस में देशभर में कई जगह छापेमारी की गई है। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई का दावा है कि पेपर लीक के असली स्रोत का पता लगा लिया गया है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। ऐसे में अब सरकार की कोशिश यही है कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराई जाए ताकि छात्रों का भरोसा फिर से कायम हो सके।

अब नहीं चलेगी अनंत सुनवाई! SC ने हाईकोर्ट को मामलों के निपटारे की समयसीमा दी

 नई दिल्ली देश की न्यायपालिका में सुधार की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक कड़ा कदम उठाया है। अब देश के सभी हाईकोर्ट्स को किसी भी मामले में फैसला सुरक्षित रखने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाना होगा। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपिन एम पंचोली की पीठ ने स्पष्ट किया है कि अदालती कार्यवाही में बेवजह की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालतों में लंबित मामलों और फैसलों में होने वाली देरी पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शीर्ष अदालत ने आरक्षित फैसलों, जमानत आदेशों और उनके कारणों को सार्वजनिक करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है।  सुरक्षित फैसलों को अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाना होगा सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि किसी भी मामले में फैसला सुरक्षित (Reserved Judgment) रखे जाने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाया जाना चाहिए. वहीं जमानत से जुड़े मामलों में आदेश आदर्श रूप से अगले दिन जारी किया जाए और उसी दिन जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए।  जमानत के मामलों में ‘इमीडिएट’ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हुए जमानत (Bail) के मामलों में बेहद सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि:     जमानत की अर्जी पर फैसला उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनाया जाना चाहिए।     आदेश को तुरंत जेल अधिकारियों को भेजा जाए ताकि 24 से 48 घंटे के भीतर आरोपी की रिहाई सुनिश्चित हो सके।     ट्रायल कोर्ट्स को अब इन मामलों में अपनी अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) संबंधित हाईकोर्ट को सौंपनी होगी। फैसला न आने पर अब केस हो सकेगा ट्रांसफर सुप्रीम कोर्ट ने इन दिशानिर्देशों को सिर्फ एक सुझाव नहीं, बल्कि अनिवार्य नियम बनाया है। यदि किसी मामले में फैसला तीन महीने की समय सीमा के भीतर नहीं आता है, तो प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार जनरल को मामले को तुरंत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के संज्ञान में लाना होगा। यदि इसके बाद भी देरी होती है, तो मामला किसी दूसरी बेंच को सौंप दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि फैसला आने के 15 दिनों के भीतर विस्तृत आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया जाता, तो संबंधित पक्ष इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। देरी के 30 दिन पूरे होने पर केस को दूसरी बेंच में स्थानांतरित (Transfer) करने का विकल्प भी खुला रहेगा। पारदर्शिता के लिए डिजिटल बदलाव न्यायालय ने यह भी अनिवार्य किया है कि अब हर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर यह स्पष्ट रूप से दिखेगा कि किस तारीख को फैसला सुरक्षित रखा गया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पोर्टल्स पर जरूरी तकनीकी बदलाव करें ताकि फैसले सुरक्षित रखने, सुनाने और अपलोड करने की तारीखें जनता के लिए पारदर्शी हों। क्यों पड़ी इस कदम की जरूरत? यह फैसला झारखंड हाईकोर्ट से जुड़े एक मामले के बाद आया है, जिसमें दिसंबर 2025 में फैसला होने के बावजूद वह महीनों तक न तो अपलोड हुआ और न ही वादी को मिल सका। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने अपने 15 साल के अनुभव का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपने कार्यकाल में हमेशा तीन महीने के भीतर निर्णय देने के मानक का पालन करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ये निर्देश किसी जज या कोर्ट के खिलाफ नहीं, बल्कि न्यायिक कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए हैं। इससे पहले नवंबर 2025 से ही सुप्रीम कोर्ट सभी हाईकोर्ट्स से लंबित मामलों और उनके डेटा की रिपोर्ट मांग रहा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्याय मिलने में देरी न हो। जमानत पाए कैदियों कि रिहाई उसी दिन हो सुनिश्चित अदालत ने यह भी कहा कि जिन अंडरट्रायल कैदियों को जमानत मिल चुकी है, उनकी रिहाई उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनिश्चित की जानी चाहिए. नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अदालत पहले आदेश का प्रभावी हिस्सा (Operative Part) खुले कोर्ट में सुनाएगी और उसके विस्तृत कारण सात दिनों के भीतर वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे. साथ ही, जिस दिन फैसला सुरक्षित रखा गया हो, उसकी जानकारी भी संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।  सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किया जाता है तो मामला किसी अन्य पीठ को सौंपा जा सकता है. वहीं, यदि फैसले के कारण 30 दिनों के भीतर अपलोड नहीं किए जाते हैं तो मामला वापस लेकर नई पीठ के समक्ष भेजा जा सकता है. शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्टों के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वे इन दिशानिर्देशों को संबंधित मुख्य न्यायाधीशों के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। 

अवैध नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार! भोपाल के मकान से 700 से ज्यादा पेटियां जब्त

भोपाल  भोपाल के गांधी नगर से करीब डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप पकड़ा गया है। यह कार्रवाई एसटीएफ ने डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी में की। एसटीएफ ने यहां से 700 से ज्यादा पेटियां और मशीनें जब्त की। इसके अलावा 10 लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई गुरुवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई, जो शुक्रवार सुबह 3 बजे तक जारी रही। जानकारी के अनुसार, मकान में ‘आफ कफ’ नाम की अवैध कफ सिरप तैयार की जा रही थी। गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने यहां दबिश दी। मकान के दो अलग-अलग कमरों में नशीले कफ सिरप के कॉर्टन और बोतलें रखी हुई मिलीं। एसटीएफ ने कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर आगे भी कार्रवाई जारी है। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि गांधीनगर इलाके से अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जा रही है। छापे की जानकारी स्थानीय गांधीनगर पुलिस को नहीं थी कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। जिस मकान में कार्रवाई की गई, वह किसी मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक एसटीएफ का मकान मालिक से संपर्क नहीं हो सका था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कफ सिरप का नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी।

गर्मी से राहत लेकिन खतरा भी! पंजाब-चंडीगढ़ में आज आंधी, ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से लोगों को आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी कर कहा है कि पंजाब में 80 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान, ओले और भारी बारिश होगी।  इससे पहले गुरुवार को बठिंडा में कोर्ट में पेशी पर आए एक युवक की लू लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग अलग-अलग जगहों पर बेहोश होकर गिर पड़े।  मृतक की पहचान वरिंदर सिंह (24) निवासी गांव महिमा सरजा के रूप में हुई है। वह कोर्ट में पेशी पर आया था। वहीं माल रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति अधिक कैप्सूल खाने के बाद गर्मी से बेहोश हो गया, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी दो यात्री चक्कर खाकर गिर पड़े। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आएगा, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के मुताबिक शनिवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा और 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलेंगी।  फरीदकोट 45.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बठिंडा में 45.0, फाजिल्का में 43.0 और फिरोजपुर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट आई है, लेकिन रेड अलर्ट के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।  मौसम विभाग ने ओलावृष्टि से फसलों, वाहनों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, जबकि आम लोगों से कहा गया है कि वे पेड़ों और बिजली लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि होने पर सिर की रक्षा करें। चंडीगढ़ में भी अलर्ट भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे ट्राइसिटी के लोगों को अगले 48 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 और 30 मई को तेज आंधी, गरज के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वीरवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 29 मई को आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 30 मई को मौसम और सुहावना हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई और 1 जून को भी राहत बनी रहेगी। इन दिनों अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जो सामान्य से काफी कम होगा। हालांकि 2 जून से मौसम साफ होने के साथ तापमान दोबारा बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इधर, तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का असर शहर की हवा की गुणवत्ता पर भी दिखाई देने लगा है। लंबे समय बाद चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के अनुसार वीरवार को शहर का औसत एक्यूआई 131 दर्ज किया गया। मई माह में पहली बार एक्यूआई 100 के पार पहुंचा है। शहर के सेक्टर-22 में सबसे अधिक 154 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-25 में यह 108 रिकॉर्ड हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं के साथ वातावरण में धूल के महीन कण फैलने से प्रदूषण स्तर बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह और शाम के समय बाहर कम निकलने और मास्क का उपयोग करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से कूड़ा और सूखी पत्तियां न जलाने की अपील की है ताकि प्रदूषण का स्तर और न बढ़े। मौसम विभाग का कहना है कि यदि धूल भरी हवाओं का असर जारी रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

कच्चे तेल में गिरावट का बाजार पर असर, Sensex 76,220 के पार; Nifty भी 24,000 के ऊपर

मुंबई पश्चिम एशिया से आ रही सकारात्मक खबरों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम विस्तार के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल देखा जा रहा है. घरेलू संस्थागत निवेशकों और वैश्विक संकेतों के दम पर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं।  सुबह के सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 352 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,220 के इंट्राडे हाई (उच्चतम स्तर) पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 100 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की मजबूती दिखाते हुए 24,002 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर तनाव कम होता है, तो बाजार को और अधिक मजबूती मिल सकती है।  आईटी और फार्मा सेक्टर में जोरदार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में देखी जा रही है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. इसके अलावा टेलीकॉम, हेल्थकेयर, फार्मा (दवा), और पीएसयू (सरकारी) बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने अच्छी रुचि दिखाई है. रियल्टी, मीडिया और मेटल (धातु) से जुड़े इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।  दूसरी ओर, प्रॉफिट बुकिंग और बिकवाली के दबाव के कारण केमिकल्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के शेयर लगभग सपाट स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।  शीर्ष पर रहने वाले और घाटे वाले शेयर निफ्टी के शीर्ष घाटे वाले शेयरों में प्रमुख रूप से भारती एयरटेल, ओएनजीसी (ONGC), आयशर मोटर्स, बीईएल (BEL) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) शामिल रहे, जिनमें शुरुआती दौर में मुनाफावसूली देखी गई।  कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए सबसे बड़ी राहत है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.24 प्रतिशत गिरकर $91.55 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ $87.37 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. कच्चा तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होगा और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।  वैश्विक बाजारों का हाल एशियाई बाजारों में आज चौतरफा तेजी का माहौल रहा. जापान का निक्केई (Nikkei) 2 प्रतिशत से अधिक उछला, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 3 प्रतिशत तक की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इससे पहले अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) भी बढ़त के साथ बंद हुए थे, जहां एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई थी। 

Siddaramaiah Resignation Accepted: अब कर्नाटक की कमान संभाल सकते हैं डीके शिवकुमार

बेंगलुरु  कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता शुक्रवार सुबह साफ हो गया है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आज सुबह सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. बता दें, सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने आवास 'कावेरी' पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था. राज्यपाल अभी कर्नाटक से बाहर इंदौर में हैं. इसके बाद दोपहर 3 बजे वे लोकभवन गए और राज्यपाल के सचिव को अपना त्यागपत्र सौंपा. इस्तीफा स्वीकार करते ही राज्य में नई सरकार के गठन होने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है।  कर्नाटक में आज 29 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव होगा. जानकारी के मुताबिक यह बैठक शाम 5 बजे के करीब होनी है. नई सरकार को लेकर नई दिल्ली में भी कवायद शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व सीएम सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच चुके हैं।  राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंचे हैं. जहां दोनों नेता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि सरकार में किन नेताओं को मंत्रिपद मिलेगा, इसकी मंत्रणा की जाएगी।  इससे पहले सिद्धारमैया के आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में पूरी कैबिनेट शामिल हुई थी, जहां सिद्धारमैया ने पद से हटने की घोषणा की. वहीं, डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पहले गले मिले और उसके बाद पैर छूकर आर्शीवाद लिया. आपको बता दें, राज्य में काफी दिनों से नेतृत्व परिवर्तन की बात चल रही थी, जिसका अब पटाक्षेप हो गया है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि रविवार को नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो सकता है। 

राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी अस्वस्थ, नागदा में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी

उज्जैन  कर्नाटक के राज्यपाल और पूर्व केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। गुरुवार को पत्नी की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत अपने घर उज्जैन के नागदा पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि थावरचंद गहलोत की बीमार पत्नी का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। वहीं थावरचंद गहलोत के अचानक नागदा पहुंचने पर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। थावरचंद गहलोत की पत्नी की तबीयत बिगड़ी कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी अनीता गहलोत की तबीयत गुरुवार को अचानक बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत नागदा के निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। अभी अनीता गहलोत का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। बताया गया है कि अनीता गहलोत का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था। मुंबई से नागदा पहुंचे थावरचंद गहलोत जिस वक्त नागदा में अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ी उस वक्त थावरचंद गहलोत मुंबई में थे। जब उन्हें पत्नी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली तो वो तुरंत मुंबई से सीधे उज्जैन पहुंचे और फिर वहां से नागदा स्थित अपने घर। अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत के घर के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। पत्नी का हालचाल जानने के बाद थावरचंद गहलोत कुछ पर रुके और फिर कर्नाटक के लिए रवाना हो गए। राज्यपाल की गैर मौजूदगी में कर्नाटक में सीएम का इस्तीफा उधर कर्नाटक में राज्यपाल थावरचंद गहलोत की गैरमौजूदगी में बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा था लेकिन राज्यपाल के बेंगलुरू से बाहर होने के कारण उन्हें समय नहीं मिला था। अब खबरें हैं कि सिद्धारमैया राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार कर सकते हैं। थावरचंद गहलोत के दामाद ने छोड़ी कांग्रेस पांच दिन पहले 23 मई को थावरचंद गहलोत के दामाद विशाल मालवीय ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। विशाल मालवीय थावरचंद गहलोत के दामाद होने के साथ ही मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रहे राधाकिशन मालवीय के पोते हैं। विशाल वर्तमान में इंदौर जनपद पंचायत में सदस्य हैं और देवास-शाजापुर से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले राजेंद्र मालवीय के बेटे हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद विशाल मालवीय ने प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा था- जो लोग केवल नेताओं के आगे पीछे घूमकर व्यक्तिगत लाभ साधने में लगे हैं, उन्हें संगठन में पद व प्रतिष्ठा प्रदान की जा रही है। वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार उपेक्षित कर हाशिये पर धकेला जा रहा है। संगठन में आज स्वयं को उपेक्षित व असहज महसूस करना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।

MANIT में हुआ गिरिबाला सिंह का मेडिकल, मां-बेटे ने हवालात में काटी तनावभरी रात

भोपाल  एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप है। सीबीआई ने लगातार तीन दिन तक पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन और सबूतों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है। गिरिबाला को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। 26 मई को सीबीआई की टीम पहली बार बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। यहां अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की। टीम ने ट्विशा शर्मा की मौत वाली रात की परिस्थितियों, घर में मौजूद लोगों की गतिविधियों और घटना के बाद की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी भी हासिल की। ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई पहले ही रिमांड पर ले चुकी है। सूत्रों का कहना है कि अब समर्थ और गिरिबाला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। सीबीआई अब टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-टू-मिनट समझा जा सके। डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही CBI 28 मई की सुबह साढ़े 10 बजे सीबीआई की टीम एक बार फिर गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। 7 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार पूछताछ की गई। इस तरह तीन दिन में करीब 10 घंटे चले सवाल-जवाब में सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया। स्पॉट वेरिफिकेशन के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई। इसी आधार पर गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया। सीबीआई अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की रात किन लोगों से संपर्क किया गया था और मौत के बाद घटनास्थल पर क्या बदलाव किए गए? सवाल में फंसी गिरिबाला सिंह  ट्विशा शर्मा केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह कानूनी शिकंजे में बुरी तरह से फंस चुकी हैं। गुरुवार को गिरफ़्तारी के बाद उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ सीबीआई की हवालात में रखा गया। आज गिरिबाला सिंह को सीबीआई, कोर्ट में पेश करेगी। पूर्व जज, ट्विशा शर्मा केस की जांच कर रहे अधिकारियों के सवालों में घिरीं हैं। सीबीआई उनसे प्रमुख रूप से यह जानना चाह रही है कि फांसी लगाने और एम्स ले जाने के बीच ट्विशा के साथ क्या हुआ! उसके शरीर पर 6 चोटें कैसे आईं। गिरिबाला सिंह अधिकारियों के सामने पुराने बयान ही दोहरा रही हैं लेकिन सीबीआई को इस पर भरोसा नहीं हो रहा। सीबीआई ने मामले की जांच तेज कर दी है। सोमवार की रात को दिल्ली से आकर नई एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही टीम लगातार सक्रिय है। इस दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियोें ने केस के हर पहलू को खंगालने की कोशिश की है। जांच अधिकारियों के अनुसार चार दिनों में ही टीम को कई अहम सबूत हासिल हो चुके हैं। बहू की संदिग्ध मौत के केस के संबंध में सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घरेलू कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। सीबीआई के जांच अधिकारियों ने समर्थ के उस चचेरे भाई स्वराज को भी तलब किया, जिसने वारदात के बाद कथित तौर पर ट्विशा शर्मा को फंदे से उतारने में मदद की थी।  हवालात में रातभर बेचैन रहे समर्थ और गिरिबाला सिंह  भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह भी सीबीआई की हवालात में पहुंच चुकी हैं। अपनी बहू मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआइ ने उन्हें गुुरुवार को गिरफ़्तार कर लिया था। बुधवार देर रात ही हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद गुरुवार सुबह सीबीआई टीम उनके घर पहुंची और ट्विशा की मौत से जुड़े कई सवाल पूछे। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद घटना के 17वें दिन पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया। सीबीआइ उन्हें मैनिट में तैयार कैंप ऑफिस ले गई। यहीं मेडिकल जांच कराई। बाद में सीबीआइ ऑफिस ले गई। केस के लिए सीबीआइ ने भोपाल दफ़्तर से अलग मैनिट गेस्ट हाउस को कैंप ऑफिस बनाया है। अब शुक्रवार को सीबीआइ स्पेशल कोर्ट में पेश कर गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लेगी। ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह अब बुरी तरह फंस गए हैं। भविष्य की चिंता ने मां बेटे को बेचैन कर दिया है। सीबीआइ की टीम सुबह 10.30 बजे ट्विशा के आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर उसके घर पहुंची। यहां सास गिरिबाला सिंह, चचेरे भाई स्वराज और अन्य लोगों से 7 घंटे पूछताछ की। इसके बाद शाम 5.15 बजे गिरिबाला को गिरफ़्तार कर लिया।

पूरी दुनिया में ठप पड़ा ChatGPT, यूजर्स के अटके काम; हिस्ट्री और लॉगिन में आ रही दिक्कत

नई दिल्ली OpenAI का AI चैटबॉट ChatGPT इस समय भारत समेत दुनिया भर में अचानक ठप हो गया। इस प्लेटफॉर्म के अचानक डाउन होने से हजारों यूजर्स प्रभावित हुए हैं। यूजर्स को लॉगिन, जवाब मिलने और पुरानी चैट को लोड करने में परेशानी आ रही, जिससे कई लोगों का काम बीच में ही रुक गया। ऑनलाइन आउटेज मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म Downdetector पर अमेरिका में 4,300 से अधिक यूजर्स ने AI प्लेटफॉर्म के साथ समस्याओं की सूचना दी है। वहीं, भारत में अब तक लगभग 470 शिकायतें दर्ज की गई हैं। लगभग 85%, लोगों ChatGPT का यूज करने में परेशानी हो रही है, जबकि 6 प्रतिशत ने लॉगिन में समस्या बताई है। शेष 6 प्रतिशत ने वेबसाइट के साथ समस्याओं की जानकारी दी है। शुक्रवार सुबह लगभग 8 बजे से ही यूजर्स को चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दफ्तर का काम कर रहे प्रोफेशनल्स, कोडिंग सीख रहे इंजीनियर्स और परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र जैसे ही अपने सवालों के जवाब के लिए चैटजीपीटी पर गए, उन्हें केवल एक खाली स्क्रीन या फिर एरर मैसेज दिखाई देने लगे। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद से सबसे ज़्यादा शिकायतें मिलीं। चैटजीपीटी ठप होते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और लोगों ने अपनी-अपनी दिक्कतों को लेकर शिकायतों की बाढ़ ला दी। OpenAI ने भी माना है कि उनके सिस्टम में गड़बड़ी आई है। कंपनी ने अपने स्टेटस पेज पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ यूजर्स को बातचीत करने या जवाब पाने में दिक्कत हो सकती है। कंपनी ने बताया कि उन्होंने समस्या को कम करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और वे इस सुधार पर लगातार नजर रख रहे हैं। यूजर्स को हो रही ये परेशानी चैटजीपीटी डाउन होने पर यूजर्स को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: जवाब नहीं मिल रहा और ऐप हो रहे क्रेश जब यूजर कोई सवाल टाइप कर रहा है तो चैटजीपीटी कोई जवाब नहीं दे रहा और स्क्रीन पर केवल ब्लिंक हुआ कर्सर या खाली जगह दिखाई दे रही है। एंड्रॉयड और आईफोन (iOS) दोनों के मोबाइल ऐप्स खुलते ही अपने आप बंद हो रहे हैं या हैंग हो जा रहे हैं। पुरानी चैट गायब और लॉगिन में समस्या स्क्रीन की बाईं तरफ (Left Side) जहां पुरानी सारी बातचीत और प्रोजेक्ट्स सेव रहते हैं, वह हिस्सा पूरी तरह खाली या सफेद दिखाई दे रहा है। कई यूजर्स अपने अकाउंट से अपने आप लॉगआउट हो गए हैं और जब वे दोबारा लॉगिन करने की कोशिश कर रहे हैं, तो पेज लोड ही नहीं हो रहा है। वहीं यूजर्स का चैटजीपीटी खुल तो रहा है, लेकिन वह इतना धीमा चल रहा है कि एक छोटा सा जवाब लिखने में भी कई मिनट लगा रहा है। चैटजीपीटी के बंद होने से उन यूजर्स को सबसे ज्यादा परेशानी हुई जिनके रोज के काम इसी पर टिके हैं। चाहे पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स हों, दफ्तर में काम करने वाले प्रोफेशनल्स या फिर कंटेंट क्रिएटर्स सबके काम पर अचानक ब्रेक लग गया। इससे यह बात बिल्कुल साफ हो गई है कि अब एआई टूल्स की निर्भरता बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

आईसेक्ट इंडिया ने एमपीएल टीम रॉयल निमाड़ ईगल्स का किया भव्य लॉन्च, खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ सामाजिक पहलों की घोषणा

आईसेक्ट इंडिया ने एमपीएल टीम “रॉयल निमाड़ ईगल्स” का किया भव्य लॉन्च, खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ सामाजिक पहलों की घोषणा भोपाल  मध्य प्रदेश लीग (MPL) टी-20 क्रिकेट में वर्ष 2025 में प्रेजेंटिंग स्पॉन्सर के रूप में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद आईसेक्ट समूह ने इस बार एक निर्णायक कदम उठाते हुए अपनी नई पुरुष एवं महिला क्रिकेट टीम “रॉयल निमाड़ ईगल्स” का भव्य लॉन्च किया। इस अवसर पर आयोजित विशेष मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम में खिलाड़ियों, खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों एवं स्पॉन्सर्स की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान खेल एवं क्रिकेट के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले करीब 10 व्यक्तित्वों एवं टीम के स्पॉन्सर्स का सम्मान किया गया। साथ ही रॉयल निमाड़ ईगल्स की मेंस एवं वूमेंस टीम का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर टीम का विशेष “रॉयल निमाड़ ईगल्स जिंगल” लॉन्च किया गया, जिसने उपस्थित अतिथियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का संचार किया। इसके साथ ही टीम की नई जर्सी का अनावरण किया गया। इस दौरान मंच पर आईसेक्ट समूह के चेयरमैन श्री संतोष चौबे, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रॉयल निमाड़ ईगल्स की क्रिकेट किट का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी, आईक्यूएसी डायरेक्टर नितिन वत्स, टीम डायरेक्टर जी. सतीश एवं टीम मैनेजर विजय प्रताप मंच पर मौजूद रहे। आईसेक्ट समूह द्वारा ‘रॉयल निमाड़ ईगल्स’ नाम का चयन केवल एक भौगोलिक संकेत नहीं, बल्कि निमाड़ क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के प्रति समूह की भावनात्मक प्रतिबद्धता और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टि का प्रतीक है। अब तक आईसेक्ट समूह रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्याल, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी एवं डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करता रहा है, वहीं अब समूह खेल क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को पहचानने, संवारने और उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। निमाड़ अंचल, विशेषकर खंडवा एवं आसपास के क्षेत्रों में खेल प्रतिभा सदैव प्रचुर मात्रा में रही है। यहां के युवाओं में स्वाभाविक ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी जज़्बा दिखाई देता है, लेकिन लंबे समय तक उन्हें संगठित संरचना, पेशेवर मार्गदर्शन और बड़े मंच का अभाव रहा। ‘रॉयल निमाड़ ईगल्स’ इसी सोच का विस्तार है, जो क्षेत्रीय गौरव को पेशेवर उत्कृष्टता से जोड़ने का प्रयास है। खेल के परिप्रेक्ष्य में ‘ईगल’ धैर्य, रणनीतिक सोच और आक्रामकता के संतुलन का प्रतिनिधित्व करती है। वहीं ‘रॉयल’ शब्द गरिमा, नेतृत्व और श्रेष्ठता का प्रतीक है। टीम का नाम यह संदेश देता है कि सफलता केवल ताकत से नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता से प्राप्त होती है। टीम चयन के लिए आईसेक्ट समूह द्वारा 24 फरवरी से खंडवा, इंदौर, ग्वालियर, भोपाल और रीवा में ओपन ट्रायल्स आयोजित किए गए, जिनमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया। अपने संबोधन में आईसेक्ट समूह के चेयरमैन श्री संतोष चौबे ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास का विकास करते हैं। रॉयल निमाड़ ईगल्स केवल एक क्रिकेट टीम नहीं, बल्कि निमाड़ क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच बनेगी। एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा, “आईसेक्ट समूह का यह कदम केवल टीम लॉन्च तक सीमित नहीं है। समूह प्रशिक्षण, फिटनेस, पोषण, विश्लेषण और खेल प्रबंधन को समेकित कर एक स्थायी खेल इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है। इसके लिए स्कोप कैंपस में आधुनिक सुविधाओं से लैस रॉयल ईगल्स क्रिकेट एकेडमी स्थापित की गई है। हम केवल टीम नहीं बना रहे, बल्कि एक ऐसा संरचित इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जहाँ युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रोफेशनल सपोर्ट मिल सके।” कार्यक्रम के दौरान आईसेक्ट इंडिया द्वारा एमपीएल के माध्यम से संचालित किए जाने वाले विभिन्न सोशल इनीशिएटिव्स की भी घोषणा की गई। इसके अंतर्गत मैच में प्रत्येक सेंचुरी पर गर्ल्स एजुकेशन और फ्री क्रिकेट किट दिए जाने का इनिशिएटिव लिया गया है। कार्यक्रम में रॉयल निमाड़ ईगल्स टीम के खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ, खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे। मेंस टीम सदस्य – रॉयल निमाड़ ईगल्स पुरुष टीम 2026 में कप्तान सारांश जैन एवं उपकप्तान हिमांशु मंत्री के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। टीम में कुमार कार्तिकेय सिंह, आनंद सिंह बैस, प्रणित पाटीदार, पारुष मंडल, पुष्कर विश्वकर्मा, प्रारब्ध वी. मिश्रा, शिवांश चतुर्वेदी, कनिष्क दुबे, धर्मेश पटेल, कार्तिक राजोरिया, शांतनु रघुवंशी, अयान श्रीराज, अभिषेक मावी, देवेंद्र सिंह कठैत एवं शशांक पाटीदार जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं। वूमंस टीम सदस्य – रॉयल निमाड़ ईगल्स महिला टीम 2026 में कप्तान निकिता सिंह के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। टीम में वैष्णवी शर्मा, यामिनी बिल्लोरे, कल्याणी जादव, सोनिया सिंह, तनिष्का सेन, दीप्ति सिंह, हर्षिता सिंह, ऋषिता जैन, खुशी यादव, जानवी राय, लक्ष्यिता माहेश्वरी, मुस्कान योगी, राशि सोनी एवं सलोनी पासवान जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं।