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सम्राट कैबिनेट की नई भूमि नीति मंजूर, किसानों को बाजार दर से कई गुना ज्यादा भुगतान

पटना बिहार के लोगों को जमीन अधिग्रहण में अब और ज्यादा मुआवजा मिलेगा। भूमि अधिग्रहण से संबंधित नई नीति को सम्राट कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत राज्य सरकार अगर आपकी जमीन लेगी तो अब 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क प्रोत्साहन राशि के रूप में देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस मीटिंग में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्राट कैबिनेट ने बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 को मंजूरी दी है। लोकहित की परियोजनाओं के लिए आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से यह नीति लाई गई है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के दौरान भूमि का मूल्य बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर (एमवीआर), जो भी अधिक होगा, उसके दोगुने के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह दाम बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर, जो भी अधिक होगी, उसके चार गुना के बराबर होगा। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप और पंजीयन शुल्क भी नहीं लगेगा। 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप परियोजना में होगी आसानी बिहार के 11 प्रमुख शहरों के आसपास नई सेटेलाइट टाउनशिप विकसित की जा रही है। चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है। माना जा रहा है कि इन टाउनशिप को विकसित करने के लिए जमीन का अधिग्रहण नई नीति के आधार पर किया जाएगा। पिछले दिनों राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि किसी भी रैयत (जमीन मालिक) का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, छपरा, सोनपुर समेत 11 शहरों में विकसित होने वाली सेटेलाइट टाउनशिप के अधिकतर चिह्नित क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में हैं। ऐसे में सम्राट सरकार की नई नीति का फायदा किसानों को मिलेगा। राज्य सरकार की ओर से पूर्व में स्पष्ट किया गया था कि नई टाउनशिप में जमीन मालिकों को भी हिस्सेदारी दी जाएगी। अगर जो रैयत हिस्सेदारी नहीं चाहते, उन्हें बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। इसी क्रम में नई नीति लाई गई है। इसके अलावा विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने में भी सरकार को आसानी होगी। 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के जरिए प्रशासनिक अधिकारी को जमीन मालिकों को तैयार भूमि अधिग्रहण के लिए और सहजता से तैयार कर सकेंगे।

हरियाणा बोर्ड के नए चेयरमैन बने शंकर लाल धूपड़, नई शिक्षा नीति लागू करना पहली प्राथमिकता

भिवानी. वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर लाल धूपड़ को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। मंगलवार देर रात उनकी नियुक्ति और डा. पवन कुमार को रिलीव करने के आदेश जारी किए गए। जिसके बाद बुधवार को नवनियुक्त चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने स्वजन और भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति को पूर्णरूपेण लागू करना मेरी प्राथमिकता होगी। इससे पूर्व उन्होंने बोर्ड की लाबी में स्थापित मां सरस्वती की पूजा की। बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ का पूर्व बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार, बोर्ड अधिकारियों/कर्मचारियों, बीजेपी कार्यकर्ताओं व समाजसेवियों ने फूलों के गुलदस्ते देकर स्वागत किया गया। कार्यग्रहण उपरांत धूपड़ ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा शिक्षा-परीक्षा को सुधारवादी कदमों को और अधिक गति देते हुए बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा। वे शिक्षा बोर्ड के उन सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव के हिमायती व पैरोकार रहे हैं, जिनसे शिक्षा जगत का बहुआयामी विकास हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा-परीक्षा में गुणात्मक सुधार, परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने तथा शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को और अधिक उत्तरदायी, त्वरित, पारदर्शी व विद्यार्थियों/शिक्षकों के लिए संतुष्टिपूर्ण बनाने के लिए सत्त व सार्थक प्रयास किए जाएंगे। उनका मानना है कि शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति को गुणवान, सुशील, ज्ञानवान, समाज व देश के प्रति समर्पित बनाया जा सकता है। शंकर लाल धूपड़ ने अपनी नियुक्ति के लिए केन्द्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महीपाल सिंह ढांडा, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है वह उसे सार्थक सिद्ध करेंगे तथा बोर्ड सचिव व अधिकारियों के साथ मिलकर बोर्ड को उच्च मुकाम पर ले जाएंगे। शंकर लाल धूपड़ मूल रूप से जिला भिवानी के रहने वाले है जो कि पेशे से वकील है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा भिवानी में पूरी करने के बाद जयपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। उनकी राजनीतिक शुरूआत 1975 में हुई तथा वे लगभग 04 वर्षों तक जिला भिवानी के बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।

लू से राहत के बाद मौसम का कहर, पश्चिम यूपी में तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी

लखनऊ यूपी में पुरवा ने लू पर ब्रेक लगाई मगर तपिश का तेवर बरकरार है। बुधवार को पूरे दिन और उसके बाद कई जिलों में तपिश का असर बना रहा। गुरुवार की सुबह से मौसम में बदलाव देखने को भी मिल रहा है। धूप का असर काफी कम है। अब 100 की रफ्तार से तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्ट यूपी में सौ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं और मध्यम से भारी बारिश होगी। आंधी-तूफान के साथ बारिश-ओलावृष्टि का यह दौर 31 मई तक चल सकता है। मौसम के इस बदलाव से अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। एक जून से एक बार फिर तापमान में छह से सात डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का क्रम शुरू हेागा। यह चेतावनी मौसम विभाग की है। उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-हरियाणा सहित वेस्ट यूपी में 80-90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने की चेतावनी दी है। कुछ समय के लिए यह गति सौ किमी प्रतिघंटा तक भी पहुंच सकती है। कुछ हिस्सों में यह गति इससे भी ऊपर जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। यह स्थिति आज देर रात से शुक्रवार सुबह या फिर शुक्रवार देर शाम के बाद बन सकती हैं। मौसम गतिविधियां 29 मई को चरम पर रह सकती हैं। पूर्वी यूपी में बादल आज रात से ही गरजेंगे, कल से भिगोएंगे वाराणसी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी यूपी में गुरुवार देर रात चमक और गरज के साथ बादलों के धमकने, कहीं-कहीं छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है। 29, 30 एवं 31 मई को आंधी-पानी, बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम का यह मिजाज बनारस के अलावा आसपास के जिलों में भी दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आंधी-पानी, तेज बारिश और वज्रपात की दृष्टि से 29 मई का दिन अधिक संवेदनशील है। उस दिन उस दिन जनसामान्य को विशेष ऐहतियात बरतने की सलाह दी गई है। 31 मई के बाद आसमान साफ होगा, गर्मी फिर प्रचंड रूप ले सकती है। मंगलवार रात में बनी पुरवा की रफ्तार बुधवार सुबह तक रही। उसके बाद धीमी पड़ गई। इसके चलते माहौल में उमस और तपिश का स्तर बढ़ गया। अधिकतम तापमान में कमी रहने के बाद भी बुधवार देर शाम तक लोग राहत का अनुभव नहीं कर पा रहे थे। भीड़ भरे इलाकों, रेल एवं बस स्टेशनों और अस्पतालों में पहुंचे लोग अधिक परेशान नजर आए। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री ज्यादा 41.7 और न्यूनतम तापमानसामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने भी कहा कि गुरुवार देर रात से मेघगर्जन और शुक्र एवं शनि को आंधी-बारिश का संकेत है। तपिश के बीच वायु प्रदूषण बढ़ा भीषण गर्मी के बीच पूरब से पश्चिम तक हवा लगातार प्रदूषित दिख रही है। पिछले दस दिन से वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इस प्रदूषण ने खासकर सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 106 था। एक दिन पहले 186 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तेज धूप के कारण वातावरण में धूल के महीन कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं। देश में तीसरा, प्रदेश का सबसे प्रदूषित मेरठ बुधवार को मेरठ देश का तीसरा और प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज हुआ। मेरठ का एक्यूआई 283 दर्ज हुआ जो प्रदेश में सर्वाधिक है। एक्यूआई 300 के साथ श्रीगंगानगर देश का सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को मेरठ में दिन-रात के तापमान क्रमश: 43.2 एवं 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुए जो सामान्य से 3.9 एवं 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुए।

बिना स्क्रीन वाला नया फिटनेस बैंड: Fitbit Air बना चर्चा का केंद्र

फिटनेस बैंड की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब Google ने ऐसा डिवाइस पेश किया है, जिसमें न डिस्प्ले है और न ही कोई भारी-भरकम डिजाइन. फिर भी यह हेल्थ ट्रैकिंग के मामले में बड़े-बड़े स्मार्टवॉच को चुनौती देता नजर आ रहा है. नया Fitbit Air उन यूजर्स को टारगेट करता है, जो बिना स्क्रीन के हल्का, आरामदायक और AI फीचर्स से लैस फिटनेस ट्रैकर चाहते हैं. खास बात यह है कि इसमें Google का नया AI हेल्थ कोच भी मिलता है, जो फिटनेस रूटीन को पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट बना सकता है. कम कीमत और प्रीमियम फीचर्स के साथ यह डिवाइस मार्केट में काफी चर्चा बटोर रहा है. बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर क्यों बना चर्चा का विषय? Fitbit Air का सबसे बड़ा आकर्षण इसका स्क्रीनलेस डिजाइन है. आज के दौर में जहां हर डिवाइस में डिस्प्ले दिया जा रहा है, वहीं Google ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना है. यह ट्रैकर बेहद हल्का है और पूरे दिन पहनने पर भी भारी महसूस नहीं होता. इसका वजन सिर्फ 12 ग्राम बताया गया है, जिससे यह लगातार इस्तेमाल के लिए काफी आरामदायक बन जाता है. इसका डिजाइन पुराने Fitbit Flex और Jawbone जैसे क्लासिक फिटनेस बैंड्स की याद दिलाता है. डिवाइस को स्ट्रैप के अंदर फिट किया गया है और इसे आसानी से बदला भी जा सकता है. यूजर्स को कई कलर ऑप्शन भी मिलते हैं. Google Health App और AI Coach बना रहे खास Fitbit Air में स्क्रीन नहीं होने की वजह से लगभग पूरा कंट्रोल Google Health ऐप से किया जाता है. यही ऐप आपकी एक्टिविटी, स्लीप, हार्ट रेट और दूसरे हेल्थ डेटा को मैनेज करता है. इसका इंटरफेस काफी साफ और आसान बताया जा रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा इसके Gemini AI बेस्ड Health Coach फीचर की हो रही है. यह फीचर यूजर्स की फिटनेस आदतों को समझकर उन्हें पर्सनल सुझाव देता है. वर्कआउट प्लान, स्लीप रूटीन और हेल्थ गोल्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने में यह AI काफी मददगार साबित हो सकता है. फिटनेस और हेल्थ ट्रैकिंग में कितना दम? Fitbit Air उन लोगों के लिए खास हो सकता है, जो सिर्फ स्टेप काउंट नहीं बल्कि डीप हेल्थ एनालिसिस चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक यह डिवाइस स्लीप पैटर्न, रिकवरी और एक्टिविटी डेटा को काफी विस्तार से ट्रैक करता है. यही वजह है कि इसे Whoop Strap का किफायती ऑप्शन भी माना जा रहा है. हालांकि इसमें GPS और NFC जैसे फीचर्स नहीं दिए गए हैं. यानी आप इससे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट नहीं कर पाएंगे और रनिंग के दौरान फोन के बिना लोकेशन ट्रैकिंग भी सीमित रहेगी. बैटरी और चार्जिंग ने किया प्रभावित Fitbit Air की बैटरी और चार्जिंग स्पीड को इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है. कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस तेजी से चार्ज हो जाता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. स्क्रीन नहीं होने का फायदा इसकी बैटरी लाइफ पर भी देखने को मिलता है. यही कारण है कि यह उन यूजर्स के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है, जो बार-बार चार्जिंग से परेशान रहते हैं. कम कीमत में प्रीमियम एक्सपीरियंस? Google ने Fitbit Air को बजट सेगमेंट में उतारा है, लेकिन फीचर्स प्रीमियम कैटेगरी वाले देने की कोशिश की गई है. शुरुआती कीमत करीब 100 डॉलर के आसपास रखी गई है, जो Whoop जैसे डिवाइसेज की तुलना में काफी कम है. हालांकि, कुछ एडवांस फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है. इसके बावजूद AI हेल्थ कोच और डीप हेल्थ ट्रैकिंग इसे मार्केट में अलग पहचान दिला सकते हैं.

शादी में कितने फेरे? 7 नहीं, असल वैदिक परंपरा में 4 फेरे और सप्तपदी के 7 कदम

 जरा ये बताइए कि शादी में कितने फेरे होते हैं? 7 आपको भी यही लगता होगा यानी 7 जन्मों का बंधन, 7 फेरे. लेकिन सच थोड़ा अलग है. गलती आपकी नहीं है, गलती हमारी समझ की है. हमने वेदों की जगह बॉलीवुड से हिंदू विवाह के बारे में सीखा है. फिल्मों में धुआं, स्लो मोशन कैमरा, शहनाई और भारी आवाज फिर, 'अब ये 7 फेरे लेकर 7 जन्मों के बंधन में बंध गए'. यहीं से हमारे दिमाग में 7 का नंबर बैठ गया है. लेकिन हमारा धर्म ऐसा नहीं है कि बिना वजह कोई परंपरा बनाई जाए. हर रस्म के पीछे एक ठोस कारण होता है. असल वैदिक विवाह में 7 फेरे नहीं होते हैं, बल्कि केवल 4 फेरे होते हैं. जी हां, अग्नि के चारों ओर सिर्फ 4 चक्कर. पंडितों के मुताबिक, वैदिक रीति से 4 फेरे करवाने चाहिए. लेकिन, लोग कहने लगते हैं कि बाकी 3 फेरे कौन करवाएगा? लोगों को लगता है 7 फेरे ही सही हैं, क्योंकि उन्होंने फिल्मों में वही देखा है. लोगों के लिए आज शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि पूरे जीवन का मैनेजमेंट प्लान है. असल में वेदों के अनुसार, ये 4 फेरे जीवन की 4 मुख्य जिम्मेदारियों का प्रतीक हैं. फेरों का जिक्र हमें यजुर्वेद में पूरी तरीके से मिलता है, जहां यह भी बताया गया है कि 7 नहीं 4 फेरे ही होने चाहिए. कई विद्वान और धर्मग्रंथ बताते हैं कि ये 4 फेरे जीवन के चार पुरुषार्थों का प्रतीक हैं- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष. यही चार चीजें मिलकर इंसान के पूरे जीवन का आधार बनाती हैं. पहला फेरा (धर्म)- पति और पत्नी एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहें, कर्तव्यों का पालन करें. सही रास्ते पर चलें. दूसरा फेरा (अर्थ)- दोनों मिलकर घर चलाएं, आर्थिक जिम्मेदारी निभाएं. परिवार को स्थिरता दें. तीसरा फेरा (काम)- जीवन में प्रेम, भावनाएं, सुख और रिश्तों की गर्माहट बनी रहे. चौथा फेरा (मोक्ष)- जीवन का अंतिम लक्ष्य मानसिक शांति, संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति हो. यानी शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन जीने की पूरी योजना है. जहां जिम्मेदारी, प्रेम और आध्यात्मिकता तीनों शामिल हैं. 7 फेरे नहीं, 7 कदम (सप्तपदी) का असली मतलब अब सवाल आता है कि 7 का नंबर आया कहां से? असल में कंफ्यूजन फेरों में नहीं, बल्कि सप्तपदी को समझने में हुआ है. सप्तपदी का मतलब है कि साथ में 7 कदम चलना, न कि 7 बार अग्नि के चारों ओर घूमना. वैदिक विवाह में 4 फेरों के बाद दूल्हा-दुल्हन एक दिशा में 7 कदम चलते हैं और हर कदम पर एक वचन लेते हैं. इन 7 कदमों का मतलब क्या है? पहला कदम हम दोनों मिलकर भोजन और जीवन-यापन की जिम्मेदारी उठाएंगे. दूसरा कदम एक-दूसरे के स्वास्थ्य और ताकत का ध्यान रखेंगे. तीसरा कदम धन और समृद्धि के लिए साथ मिलकर प्रयास करेंगे. चौथा कदम जीवन में खुशियां, प्रेम और संतुलन बनाए रखेंगे. पांचवां कदम परिवार, बच्चों और समाज के प्रति जिम्मेदार रहेंगे. छठा कदम हर परिस्थिति में एक-दूसरे का सम्मान करेंगे और साथ देंगे. सातवां कदम सबसे अहम, हम जीवनभर अच्छे दोस्त बनकर रहेंगे. वेदों में कहा गया है कि 'सखा सप्तपदा भव'  यानी इन 7 कदमों के बाद हम सिर्फ पति-पत्नी नहीं, बल्कि सखा (दोस्त) बन जाते हैं. यहीं पर वेदों की सोच सबसे आधुनिक लगती है कि उन्होंने रिश्ते की नींव दोस्ती पर रखी, न कि सिर्फ सामाजिक बंधन पर. वचन का महत्व आज की सबसे बड़ी समस्या ये नहीं है कि 4 फेरे हैं या 7. असली समस्या ये है कि हमें गिनती याद है, लेकिन वचन याद नहीं. आप किसी शादीशुदा व्यक्ति से पूछिए कि कौन-कौन से वचन लिए थे? शायद ही किसी को याद हो. लेकिन यही वचन असल में शादी की आत्मा हैं. आज शादी एक इवेंट बन गई है कि कैमरा, डेकोरेशन, एंट्री, और परफेक्ट फोटो. कई बार तो रस्में भी फोटो के लिए रुक जाती हैं. लेकिन वेदों के अनुसार शादी कोई फिल्म नहीं, बल्कि एक जीवनभर निभाया जाने वाला अनुबंध है. इसलिए अगली बार जब कोई पूछे कि, '7 फेरे हुए?' तो मुस्कुराकर और कहिए कि, 'फेरे 4 होते हैं, कदम 7 होते हैं और असली मायने वचनों के होते हैं.' जिस दिन हम चक्कर गिनना छोड़कर उन वचनों को जीना शुरू कर देंगे, उसी दिन से शादी सच में सफल होने लगेगी.

हर 4वीं गेंद पर छक्का! IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक विस्फोट

वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 65 छक्के पूरे कर लिए हैं- किसी भी टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा. उन्होंने 2012 में क्रिस गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. लेकिन असली तबाही यहां छिपी है- गेल ने अपने 59 छक्कों तक पहुंचने के लिए 456 गेंदें खेली थीं. वैभव ने 65 छक्कों के लिए सिर्फ 280 गेंदें लीं. यानी हर चौथी गेंद पर छक्का! यह आंकड़ा नहीं, गेंदबाजों के लिए डरावना सपना है. 16 गेंदों में फिफ्टी… प्लेऑफ इतिहास की बराबरी SRH के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. यह IPL प्लेऑफ/नॉकआउट इतिहास की संयुक्त सबसे तेज फिफ्टी है. इससे पहले 2014 के क्वालिफायर-2 में सुरेश रैना ने किंग्स XI पंजाब के खिलाफ 16 गेंदों में पचासा ठोका था. अब उस सूची में वैभव सूर्यवंशी का नाम भी दर्ज हो चुका है. 242.85 की स्ट्राइक रेट… जो टी20 इतिहास में कभी नहीं हुई वैभव ने इस सीजन 15 पारियों में 680 रन बनाए हैं. स्ट्राइक रेट? 242.85! टी20 इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने 600+ रन बनाकर 200 से ऊपर की स्ट्राइक रेट रखी है. इससे पहले सबसे बेहतर रिकॉर्ड रिली रूसो का था, जिन्होंने 2022 T20 Blast में 623 रन 192.28 की स्ट्राइक रेट से बनाए थे. वैभव ने उस सीमा को भी बौना बना दिया. 12 छक्के… और IPL प्लेऑफ का नया विस्फोट एलिमिनेटर में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 12 छक्के जड़ दिए. यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के हैं. दिलचस्प बात? उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी की, जो इसी सीजन जयपुर में SRH के खिलाफ बनाया था. और सिर्फ भारतीयों में ही नहीं- IPL प्लेऑफ या नॉकआउट मैच में 12 छक्के अब तक किसी ने नहीं लगाए थे. इससे पहले शुभमन गिल ने 2023 क्वालिफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 10 छक्के जड़े थे. पहली 24 गेंदों में 10 छक्के… IPL ने ऐसा पहले नहीं देखा वैभव के पहले 10 छक्के सिर्फ 24 गेंदों में आए. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने इतनी तेजी से 10 छक्के नहीं लगाए. क्रिस गेल ने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ अपनी 175* वाली पारी में पहले 10 छक्कों के लिए 27 गेंदें ली थीं. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. पावरप्ले में 8 छक्के… नई परिभाषा SRH के खिलाफ वैभव के 12 में से 8 छक्के पावरप्ले में आए. IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा इतने छक्के कभी नहीं लगे थे. इससे पहले कई बल्लेबाज एक पारी में पावरप्ले में 7 छक्के लगा चुके थे, जिनमें खुद वैभव भी शामिल थे. लेकिन अब रिकॉर्ड सिर्फ उनके नाम है. 10+ छक्कों वाली 4 पारियां… गेल की बराबरी वैभव अब IPL में 10 या उससे ज्यादा छक्कों वाली 4 पारियां खेल चुके हैं. उन्होंने क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. सबसे हैरान करने वाली बात- इनमें से 3 पारियां सिर्फ IPL 2026 में आई हैं. किसी एक सीजन में ऐसा पहले किसी बल्लेबाज ने नहीं किया. 334.48 की स्ट्राइक रेट… 90+ रन वाली सबसे खतरनाक पारी 29 गेंदों पर 97 रन. स्ट्राइक रेट- 334.48. IPL इतिहास में 90+ रन की किसी भी पारी में यह सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट है. इससे पहले रिकॉर्ड रजत पाटीदार के नाम था, जिन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 33 गेंदों में 93* बनाते हुए 281.81 की स्ट्राइक रेट हासिल की थी. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया. 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर… कोई आसपास नहीं वैभव IPL में तीन बार 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ रन बना चुके हैं. ऐसा IPL इतिहास में किसी और बल्लेबाज ने नहीं किया. पूरे टी20 क्रिकेट की बात करें तो यह चौथी बार है जब उन्होंने ऐसा कारनामा किया. उन्होंने कीरोन पोलार्ड की बराबरी कर ली है. पावरप्ले में फिफ्टी… वार्नर के पीछे सिर्फ एक कदम वैभव अब IPL में पांच बार पावरप्ले के अंदर ही अर्धशतक पूरा कर चुके हैं. उनसे आगे सिर्फ डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने ऐसा छह बार किया. इनमें से चार फिफ्टी सिर्फ 2026 सीजन में आई हैं, जो ट्रैविस हेड के 2024 रिकॉर्ड की बराबरी है. 490 रन सिर्फ पहले 6 ओवर में! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान 490 रन बना दिए हैं.  यह IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन हैं. उन्होंने 2016 में डेविड वॉर्नर के 467 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. यह सिर्फ सीजन नहीं… सत्ता परिवर्तन है क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, सुरेश रैना, कीरोन पोलार्ड, शुभमन गिल… एक-एक करके हर बड़े नाम के रिकॉर्ड पर अब वैभव सूर्यवंशी की मुहर लग रही है. और सबसे डराने वाली बात? यह खिलाड़ी अभी 15 साल का है. आईपीएल 2026 शायद सिर्फ एक सीजन नहीं, बल्कि उस युग की शुरुआत है, जहां रिकॉर्ड टूटने से पहले लोग सिर्फ यह पूछेंगे- 'क्या वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं?' वैभव ने जो बड़े रिकॉर्ड तोड़े- – एक T20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के – 65 (क्रिस गेल के 59 छक्के पीछे छोड़े) – IPL प्लेऑफ में सबसे ज्यादा छक्के -12 (शुभमन गिल के 10 छक्कों का रिकॉर्ड टूटा) – IPL में सबसे तेजी से 10 छक्के – 24 गेंद (गेल के 27 गेंद वाले रिकॉर्ड से आगे) – IPL पारी के पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के – 8 – एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन- 490 (डेविड वॉर्नर के 467 रन पीछे छोड़े) – 600+ रन और 200+ स्ट्राइक रेट वाला पहला बल्लेबाज (टी20 इतिहास में पहली बार) – 90+ रन वाली IPL पारी में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट – 334.48 – एक सीजन में 10+ छक्कों वाली सबसे ज्यादा पारियां -3 – अनकैप्ड बल्लेबाज द्वारा IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन – 680* – IPL सीजन में सबसे विस्फोटक बाउंड्री रेट – हर 4.3 गेंद पर छक्का- गेल के 7.7 से काफी आगे. जिन रिकॉर्ड्स की बराबरी की- – IPL प्लेऑफ की सबसे तेज फिफ्टी – 16 गेंद (सुरेश रैना के साथ) – IPL में 10+ छक्कों वाली 4 पारियां – क्रिस गेल की बराबरी – 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर – कीरोन … Read more

मां को अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में बनी मौत की गाड़ी: अजमेर हादसे से गांव में मातम

अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पूर्व सरपंच सहित एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब एक स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। पूर्व सरपंच, मां, पत्नी और भांजी की मौत पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया कि हादसे में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां एवं पूर्व सरपंच पूसी देवी, पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई। सीने में दर्द होने पर मां को ले जा रहे थे अस्पताल जानकारी के मुताबिक पूसी देवी के सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जिला परिषद सदस्य थीं सुरज्ञान देवी हादसे में जान गंवाने वाली सुरज्ञान देवी जिला परिषद सदस्य थीं। एक साथ परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस कर रही हादसे की जांच पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। वाहन में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है।

तेज तूफान और ओलावृष्टि से बिहार बेहाल, आम-लीची की फसल तबाह; CM ने किया मुआवजे का ऐलान

पटना   उत्तर और पूर्व बिहार के कई जिलों में मंगलवार और बुधवार को आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरान आठ लोगों की मौत हो गई। फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह पोल गिरने और तार टूटने से बिजली आपूर्ति भी चरमरा गई। मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जिलों में पेड़ और घर गिरने से दबकर दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला समेत चार की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं पूर्वी बिहार में चार लोगों की मौत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना की शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से आम और लीची के बगीचों में भारी नुकसान हुआ है। पेड़ों से बड़ी संख्या में फल टूटकर गिर गए, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि इस बारिश ने कुछ फसलों के लिए राहत भी दी है। हरी सब्जियों, गन्ना और मूंग की फसल को पर्याप्त नमी मिलने से फायदा पहुंचा है। उधर,भागलपुर शहर में दर्जनों जगहों पर पेड़ और बिजली के पोल व तार गिर गए। इससे बुधवार को जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप रही। स्थिति को देखते हुए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी राहुल कुमार खुद भागलपुर पहुचे। वहीं, पेड़ गिरने से भागलपुर-बौंसी मुख्य मार्ग पर काफी देर आवागमन बंद रहा। शाहकुंड के दरियापुर-हरथापुर सड़क पर बना एक पुराना पुल ध्वस्त हो गया। उधर, दरभंगा में आंधी से जगह-जगह पेड़ उखड़ गए और कुछ घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल हवा में उड़ गए। मधुबनी में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हो गया। कई होर्डिंग और बैनर उड़ गए। मुजफ्फरपुर समेत आस पास के जिलों में तेज हवा से फसलों को नुकसान हुआ। लीची के पके और तैया फल हवा के झोंकों से झड़ गए। आम की फसल की भी क्षति हुई। सीएम ने जताया शोक, परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख प्राकृतिक आपदा में राज्य के निवासी की मौत पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी है कि सरकार उनके सुख दुख में साथ है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है। सीएम ने आम जनों से यह अपील भी किया है कि मौसम के खतरों से सावधान रहें। मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें और उसी के अनुसार अपनी दैनिक गतिविधियां तय करें।

मुंबई की भागदौड़ से दूर मलाइका का बोल्ड अवतार, बिकिनी लुक ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल

मुंबई बॉलीवुड डीवा मलाइका अरोड़ा बिजी शेड्यूल से वक्त निकालकर घूमने निकल जाती हैं. उन्होंने इंस्टा पर मालदीव वेकेशन की फोटोज पोस्ट की हैं। इसे उन्होंने वैलनेस वेकेशन का नाम दिया है. वो मालदीव के लग्जरी विला में रुकीं. वहां के वैलनेस रिचुअल्स को उन्होंने फॉलो किया। मलाइका ने कैप्शन में बताया कि उनके वेकेशन डेज कितने सुकून भरे बीते हैं. सोलफुल डाइनिंग के अलावा उन्होंने शांति के साथ समय बिताया. वहां बीता हर पल उन्हें पर्सनल लगा। इस मैडिटेशन के प्रोसेस ने उनकी एनर्जी को फिर से बूस्ट किया है. मलाइका ने ट्रिप से अपनी ग्लैमरस फोटोज को भी शेयर किया है। मलाइका ने समंदर किनारे चिल किया. उन्होंने बिकिनी पहने रिलैक्स करते हुए अपनी तस्वीर साझा की है. एक फोटो में वो मैडिटेट करती दिखीं। एक्ट्रेस ने पूल में चिल किया. मोनोकनी पहनकर वो स्विमिंग करती हुई दिखीं. मालदीव के लजीज खाने का भी उन्होंने लुत्फ उठाया। मलाइका की बोल्डनेस से भरपूर इन फोटोज को देखकर फैंस का कहना है वो बढ़ती उम्र के साथ और जवां दिखती जा रही हैं। मलाइका की फिटनेस और उनके ग्लैम लुक के फैंस कायल हो रहे हैं. कमेंट कर यूजर्स ने मलाइका को सुपर हॉट और स्टनिंग बताया है।  52 साल की मलाइका को देखकर कोई उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगा सकता. जिम, योगा और स्ट्रिक्ट डाइट को फॉलो कर वो फिट रहती हैं.

केतु गोचर का असर: 29 मई से बदल सकता है कई राशियों का भाग्य, आर्थिक लाभ के संकेत

ज्योतिष में केतु को एक रहस्यमयी और असरदार ग्रह माना जाता है, जो अचानक होने वाली घटनाओं से जुड़ा होता है. इस समय केतु मघा नक्षत्र में स्थित हैं और 29 मई 2026 यानी कल मघा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करेंगे. यह स्थिति 1 अगस्त 2026 तक बनी रहेगी. केतु का यह नक्षत्र परिवर्तन कई लोगों के जीवन में अप्रत्याशित बदलाव ला सकता है. हालांकि, केतु को पाप ग्रह कहा जाता है, लेकिन यह हमेशा नकारात्मक परिणाम ही नहीं देता है. कई बार इसके प्रभाव से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी देखने को मिलते हैं. इस दौरान कुछ राशियों को आर्थिक राहत मिल सकती है और लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं. आइए जानते हैं किन राशियों को इसका फायदा मिल सकता है. मेष राशि इस समय मेष राशि वालों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं, खासकर व्यापार में. आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ेगा. लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे. नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. हालांकि, खर्च बढ़ने की संभावना है, इसलिए बजट पर ध्यान देना जरूरी होगा. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय राहत भरा रह सकता है. सेहत में सुधार होगा. पुरानी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. अचानक धन लाभ होने के संकेत हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. कामकाज में भी अच्छे बदलाव देखने को मिलेंगे. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्य का साथ दिला सकता है. संपत्ति, वाहन या घर से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है. रुके हुए काम पूरे होंगे और दोस्तों का सहयोग मिलेगा. यात्रा के योग भी बन रहे हैं. तुला राशि तुला राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है. पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं. नौकरी में प्रमोशन या आय बढ़ने की संभावना है. हालांकि सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी रहेगा. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए यह समय राहत और स्थिरता लेकर आ सकता है. काम में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होंगी. नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा. यात्रा के योग भी बन सकते हैं.