samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल और विभिन्न विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

मां गंगा की धारा की तरह बढ़ रही विकास यात्रा: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल और विभिन्न विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास मुख्यमंत्री बोले- प्रयागराज अब भय, अराजकता और माफियागिरी से मुक्त, विकास और सांस्कृतिक गौरव की नई पहचान बना कुंभ-2019 और महाकुंभ-2025 ने प्रयागराज को वैश्विक पहचान दिलाई, यूनेस्को ने कुंभ को दी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता: सीएम “चरैवेति-चरैवेति” मंत्र के साथ डबल इंजन सरकार निरंतर आगे बढ़ा रही विकास यात्रा: मुख्यमंत्री प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में सरकार कहीं रुकी नहीं, कहीं थमी नहीं। यह यात्रा मां गंगा की धारा की तरह अविरल आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने “चरैवेति-चरैवेति” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज आज सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक गौरव और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम बन चुका है। अगले कुंभ तक यही सुविधाएं प्रयागराज की स्थायी धरोहर बन जाएंगी मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले माघ मेला और कुंभ जैसे आयोजन गंदगी, भगदड़, अव्यवस्था और अराजकता के प्रतीक बन गए थे। लोग प्रयागराज आने से भी कतराते थे। लेकिन वर्ष 2019 में जब उनकी सरकार को कुंभ आयोजन का अवसर मिला, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से प्रयागराज कुंभ को यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। इससे भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को वैश्विक पहचान मिली। कुंभ-2019 और महाकुंभ-2025, दोनों आयोजनों के दौरान डबल इंजन सरकार ने प्रयागराज में व्यापक अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया। यदि इनका बेहतर रखरखाव किया जाए तो अगले कुंभ तक यही सुविधाएं प्रयागराज की स्थायी धरोहर बन जाएंगी। प्रयागराज को मिल रही नई पहचान मुख्यमंत्री ने नगर निगम और महापौर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विरासत को विकास से जोड़ने का कार्य किया गया है। वर्ष 2024 की शुरुआत में जब महाकुंभ-2025 की तैयारियों के लिए प्रयागराज का निरीक्षण किया गया, तब यह तय किया गया था कि शहर को नई पहचान दी जाएगी। आज 161 वर्ष पुरानी नगर निगम इमारत भव्य स्वरूप में सामने है। पार्षदों के लिए आधुनिक सदन हॉल तैयार हुआ है और नगर निगम 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर रहा है। कहीं जोनल पार्क विकसित हो रहे हैं तो कहीं शिवालिक पार्क की नई श्रृंखला तैयार की जा रही है। उन्होंने शिवालिक पार्क को “वेस्ट टू वेल्थ” की सफल मिसाल बताते हुए कहा कि 400 टन वेस्ट मटेरियल से द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां तैयार की गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। ऐसे प्रयास प्रयागराज को नई पहचान देते हैं। हर वार्ड और मोहल्ले तक पहुंच रहा विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अक्षय वट के दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध नहीं थे, लेकिन वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री की प्रेरणा से अक्षय वट को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। अब श्रद्धालु वहां दर्शन कर सकते हैं और सरस्वती कूप का जल ग्रहण कर सकते हैं। महर्षि भारद्वाज का आश्रम वर्षों तक अतिक्रमण का शिकार रहा, लेकिन अब उसे मुक्त कराकर भव्य स्वरूप दिया गया है। उन्होंने महर्षि भारद्वाज को दुनिया का पहला कुलपति बताते हुए कहा कि प्रयागराज अब अपनी सांस्कृतिक गरिमा पुनः प्राप्त कर रहा है। आज प्रयागराज की सड़कें चौड़ी और स्मार्ट हो चुकी हैं तथा शहर ने स्मार्ट सिटी के रूप में विकास की नई यात्रा शुरू की है। नगर निगम और जनप्रतिनिधि हर वार्ड और मोहल्ले तक विकास पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के लक्ष्य के साथ कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा दशहरा, ज्येष्ठ मास और मंगलवार का यह संयोग विशेष पुण्य का अवसर है। नौ वर्ष पहले प्रयागराज में भय, आतंक, अराजकता, माफियागिरी और गुंडागर्दी का माहौल था। सार्वजनिक भूमि पर कब्जे होते थे और विकास पूरी तरह ठप था। लेकिन आज प्रयागराज पूरी तरह माफिया और गुंडागर्दी से मुक्त हो चुका है। अब बेटियां, व्यापारी और आम नागरिक किसी भी समय निडर होकर निकल सकते हैं। यदि कोई बेटियों से छेड़छाड़ या अपराध का दुस्साहस करेगा तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। डबल इंजन सरकार सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने प्रयागराज वासियों का विशेष आभार जताते हुए कहा कि महाकुंभ के 45 दिनों तक यातायात और आवागमन में भारी असुविधा के बावजूद किसी ने विरोध या असंतोष नहीं जताया। पूरा शहर ऐसा लग रहा था मानो अपने घर का आयोजन मना रहा हो। किसी भी बड़े आयोजन की सफलता तब संभव होती है, जब जनता उसे अपना कार्यक्रम मानकर सहयोग करे। कई बड़े प्रोजेक्ट्स का होगा शुभारंभ मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद और समर्थन के कारण ही सरकार रोजगार, किसान कल्याण, गरीब कल्याण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतार पा रही है। आज गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रयागराज से दिल्ली मात्र सात घंटे में पहुंचा जा सकता है। विश्वस्तरीय तकनीक से बने इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी ऐसा महसूस होता है मानो वाहन स्थिर खड़ा हो। हर्षवर्धन जी के विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी पर लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से फोर-लेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है और फाफामऊ पुल का कार्य भी जल्द पूरा होगा। इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण एवं शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जी के कर-कमलों से कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में अभी कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य होना बाकी है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाएगी। उन्होंने भगवान प्रयागराज, अक्षय वट, मां गंगा और भगवान वेणी माधव का स्मरण करते हुए कहा कि प्रयागराज की विकास यात्रा बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके निरंतर आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास के लिए आने वाले हर प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री एवं प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी,  विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, वाचस्पति, राजमणि कोल, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, विधान परिषद … Read more

पंजाब पुलिस की बड़ी कामयाबी, विदेश भागने से पहले पकड़े गए 2 कुख्यात गैंगस्टर

मुंबई/चंडीगढ़. पंजाब पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुंबई पुलिस ने एयरपोर्ट से देश छोड़कर भाग रहे 2 वांटेड खतरनाक गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों गैंगस्टरों की पहचान जसवंत सिंह उर्फ जस्सा और करन कीड़ा के रूप में हुई है। दोनों गैंगस्टरों पर फिरौती, डराने-धमकाने, हत्या सहित अन्य कई संगीन मामले दर्ज हैं। देश छोड़ने की फिराक में थे आरोपी जानकारी के अनुसार दोनों गैंगस्टर देश छोड़कर भागने की फिराक में थे। जैसे ही पुलिस को खुफिया सूचना मिली तो सुरक्षा एजेंसियों ने मुंबई पुलिस के सहयोग से मुंबई एयरपोर्ट से दोनों गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी नकली दस्तावेजों और अन्य तरीकों से देश छोड़ने की फिराक में थे लेकिन मौके पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों पर दर्ज हैं कई संगीन मामले जानकारी के अनुसार आरोपी करन कीड़ा एक अकाली पार्षद की हत्या के मामले में नामजद था। उक्त अकाली पार्षद की दिनदहाड़े हत्या की गई थी। जांच दौरान करन कीड़ा का नाम भी सामने आया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसके अलावा पकड़े गया गैंगस्टर जसवंत सिंह उर्फ जस्सा बंबीहा गैंग से जुड़ा हुआ है। उस पर फिरौती मांगने, हत्या के प्रयास सहित अन्य कई संगीन मामले दर्ज हैं। पंजाब पुलिस को लंबे समय से दोनों गैंगस्टरों की तलाश थी। आरोपियों से बड़े खुलासे होने की संभावना जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस की एक टीम जल्द ही आरोपियों की कस्टडी लेने के लिए रवाना होने वाली है। इसके बाद आरोपियों को मुंबई कोर्ट में पेश कर उनका रिमांड हासिल किया जाएगा। पंजाब पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आरोपियों से रिमांड दौरान पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

TIFF में नोलन स्पेशल: ‘ग्रांड डिजाइंस’ प्रोग्राम में 12 फिल्मों का प्रदर्शन

 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने हाल ही में 'क्रिस्टोफर नोलन: ग्रांड डिजाइंस' प्रोग्राम की घोषणा की है। इसके तहत जल्द ही परदे पर नोलन का सुनहरा फिल्मी अतीत दिखाया जाएगा। यह फेस्टिवल 9 जुलाई से शुरू होगा और 20 अगस्त तक चलेगा। 12 फिल्में होगीं फेस्टिवल का हिस्सा जुलाई-अगस्त में होने वाले इस फेस्टिवल में फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन की लगभग 12 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन फिल्मों में 'ओपेनहाइमर' से लेकर 'डंकिर्क' और 'टेनेट' से लेकर 'इंटरस्टेलर' जैसी मशहूर फिल्में दिखाई जाएंगी। इस ग्रांड डिजाइंस कार्यक्रम की शुरुआत 9 जुलाई को फिल्म 'टेनेट' से होगी और 20 अगस्त को 'डंकिर्क' के प्रदर्शन के साथ इसका समापन किया जाएगा। 1998 में TIFF में दिखाई गई नोलन की पहली फिल्म इस प्रोग्राम में नोलन की 'द राइट स्टफ', 'द प्रेस्टीज', 'मेमेंटो', 'इंसेप्शन', 'बिगिन्स', 'द डार्क नाइट' और 'द डार्क नाइट राइज' समेत कई फिल्में दिखाई जाएंगी। बता दें कि नोलन ने 1998 में निर्देशक के रूप में डेब्यू किया था तब उनकी पहली फिल्म 'फॉलोइंग' को भी पहली बार टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था। जल्द रिलीज होगी 'द ओडीसी' क्रिस्टोफर नोलन की  फिल्म 'द ओडिसी' जल्द रिलीज होने वाली है। यह फिल्म ग्रीक इतिहास से प्रेरित है। फिल्म में अभिनेता मैट डेमन, ग्रीक राजा इथाका के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की स्टार कास्ट में जेंडाया, ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड, चार्लीज थेरॉन, रॉबर्ट पैटिन्सन, लुपिता न्योंगो, बेनी सफ्डी, मिया गोथ, इलियट पेज, सामंथा मॉर्टन, रयान हर्स्ट और ट्रैविस स्कॉट जैसे स्टार्स शामिल हैं। फिल्म 17 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: इस्तीफे के बाद भी पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता

 चंडीगढ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि पारिवारिक मजबूरियों के चलते नौकरी से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी को केवल तकनीकी आधार पर पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने हरियाणा में कार्यरत एक स्टेनो टाइपिस्ट को 13 वर्ष की सेवा के अनुपात में पेंशन, डीसीआरजी (डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी) तथा अन्य रिटायरल लाभ देने के आदेश जारी किए हैं। जस्टिस कुलदीप तिवारी ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता पंकज मेहता ने 13 वर्षों तक बेदाग सेवा दी और उसके खिलाफ कभी कोई विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं हुई। ऐसे में अदालत “हाइपर-टेक्निकल” यानी अत्यधिक तकनीकी दृष्टिकोण अपनाने की बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए बाध्य है। मामले के अनुसार पंकज मेहता को सितंबर 1999 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा नियमित पद पर स्टेनो टाइपिस्ट नियुक्त किया गया था। वर्ष 2012 में गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्होंने एक माह का वेतन जमा करवाते हुए इस्तीफा दे दिया, जिसे तीन अक्टूबर 2012 को स्वीकार कर लिया गया। हाई कोर्ट ने खारिज किया दावा लगभग छह वर्ष बाद अगस्त 2018 में उन्होंने अनुपातिक पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभों की मांग करते हुए आवेदन दिया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने पंजाब सिविल सेवा नियमों तथा हरियाणा सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2016 का हवाला देते हुए उनका दावा खारिज कर दिया। इसके बाद पंकज मेहता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी कि संबंधित नियम उन कर्मचारियों पर लागू होते हैं जो बर्खास्तगी या अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए इस्तीफा देते हैं। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने केवल पारिवारिक मजबूरियों के चलते नौकरी छोड़ी थी और उनका पूरा सेवा रिकार्ड निष्कलंक रहा है। ऐसे में 13 वर्ष की सेवा के बाद उन्हें ग्रेच्युटी और अनुपातिक पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। वहीं, जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय की ओर से तर्क दिया गया कि संबंधित नियम केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर लागू होते हैं, इस्तीफा देने वालों पर नहीं। उन्होंने कहा कि तकनीकी इस्तीफा न होने के कारण सेवा स्वतः समाप्त मानी जाएगी और पेंशन का अधिकार नहीं बनता। अदालत ने दोनों पक्षों को सुना दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने जुलाई 2021 के उस आदेश को अस्थिर और कानूनन टिकाऊ नहीं माना, जिसके तहत पंकज मेहता का दावा खारिज किया गया था। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को चार महीने के भीतर याचिकाकर्ता को सेवा अवधि के अनुपात में पेंशन, डीसीआरजी और अन्य लाभ जारी करने के निर्देश दिए। हालांकि अदालत ने यह कहते हुए ब्याज देने से इनकार कर दिया कि याचिकाकर्ता ने इस्तीफे के लगभग छह वर्ष बाद अपने लाभों के लिए दावा किया था।  

तेंदूपत्ता गोदाम में फिर लगी आग, जगदलपुर में दमकल की 2 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

जगदलपुर. जगदलपुर के सरगीपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम के 5 नंबर फड़ में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई है और आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। बताया जा रहा है कि गोदाम में रखा तेंदूपत्ता पिछले वर्ष का संग्रहित माल था, जो पहले ही बिक चुका था। हालांकि आग से हुए नुकसान का सही आंकलन अभी नहीं हो पाया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और नुकसान का मूल्यांकन करने में जुटी हुई है। गौरतलब है कि हाल ही में बीजापुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी। इसके बाद अब जगदलपुर में हुई इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल दमकल कर्मियों और वन विभाग की टीम द्वारा आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

MP में एयर एम्बुलेंस सेवा को नई उड़ान, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एयर एम्बुलेंस एमपी पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज गति से होगी संपन्न भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में "एयर एम्बुलेंस एमपी" पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत किसी भी नागरिक को समय पर उपचार के अभाव में जीवन न गंवाना पड़े। नए पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज होगी। पोर्टल में एयर एम्बुलेंस फ्लीट की रियल टाइम ट्रैकिंग, सेवा अनुरोधों का सुगम डिजिटल प्रवाह, सेवा प्रदाताओं को तत्परता के लिये रियल टाइम नोटिफिकेशन तथा अनुमोदन प्राधिकारी को समयबद्ध स्वीकृति के लिए अलर्ट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश में यह सेवा अब तक 140 जीवनरक्षक मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। इनमें नवजात शिशुओं, हृदय रोग, ट्रॉमा, न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों एवं अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों का सफल एयर मेडिकल ट्रांसफर शामिल है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत आयुष्मान भारत कार्डधारकों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों से दूरी एवं आर्थिक स्थिति जीवनरक्षक उपचार में बाधा नहीं बने।   सेवा के संचालन के लिए भोपाल में 24×7 एयर मेडिकल ऑपरेशन व्यवस्था स्थापित की गई है। इसके अंतर्गत एक फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट "बीचक्राफ्ट किंग एयर सी -90" तथा एक मल्टी इंजन हेलीकॉप्टर "एडबल्यू -109" लगातार स्टैंडबाय पर उपलब्ध हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, फ्लाईओला एविएशन के सीएमडी एस. राम ओला और फ्लाईओला एविएशन की डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. मोनिका तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

यूपी में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सीएम योगी ने बच्चों-अभिभावकों के लिए लिखी पाती

सीएम योगी ने दिया इको फ्रेंडली पर्यटन का मंत्र यूपी में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सीएम योगी ने बच्चों-अभिभावकों के लिए लिखी पाती बच्चों को दुधवा, चूका बीच, कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार के जरिए प्रकृति से जोड़ने की अपील संस्कारों और परंपराओं को जानने के लिए बच्चों को दादा-दादी व नाना-नानी के पास ले जाएं: सीएम योगी किशोर और युवा इन छुट्टियों में नया कौशल और भाषा सीखें, यह समय रुचियों को पूरा करने का भी लखनऊ, उत्तर प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों के नाम पाती (पत्र) लिखी है। इसमें उन्होंने बच्चों को न सिर्फ छुट्टियों का सदुपयोग करने की राह दिखाई है, बल्कि 'इको-फ्रेंडली पर्यटन' और जिम्मेदार जीवनशैली को अपनाने की सीख भी दी है। सीएम योगी ने लिखा है कि गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से थोड़ी राहत मिलते ही मन कुछ नया सीखने, नए स्थान देखने और अपनों के साथ समय बिताने को उत्सुक हो उठता है। यही अवसर है, जब आप अपनी रुचियों को पहचानें, नई आदतें विकसित करें एवं जीवन के ऐसे अनुभव प्राप्त करें, जो आगे चलकर आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हो। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं। यह समय अच्छी पुस्तकों से मित्रता, फोटोग्राफी, चित्रकारी, पाक कला, संगीत एवं बागवानी जैसी रुचियों को पूरा करने का हो सकता है। अभिभावक बच्चों को ननिहाल-ददिहाल में समय बिताने दें सीएम योगी ने अभिभावकों के लिए भी कई जरूरी बातें लिखीं। उन्होंने लिखा कि हममें से अधिकतर लोगों ने बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी से नैतिक शिक्षा की कहानियां सुनीं। आज बच्चे इन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं। आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें। बच्चों को प्रकृति से जोड़ने की सलाह दी सीएम योगी ने बच्चों को प्रकृति और इको-फ्रेंडली पर्यटन से भी परिचित कराने की अभिभावकों को सलाह दी। उन्होंने लिखा कि बच्चों को ऐसे स्थानों पर लेकर जाएं, जहां वे प्रकृति के निकट आ सकें और जैव विविधता को अनुभव कर सकें। इसके लिए उन्होंने दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच और कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार जैसे स्थलों का सुझाव दिया। इन छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अपील करते हुए इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लेने के लिए कहा। उन्होंने लिखा कि यात्रा हो या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें, प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और बच्चों को भी स्वच्छ एवं जिम्मेदार जीवनशैली का संदेश दें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। बच्चों को समझाएं मिट्टी, वृक्ष और जल का महत्व सीएम योगी ने पाती में बच्चों को मिट्टी, जल और वृक्ष से जोड़ने के लिखा है। अभिभावकों से कहा कि बच्चों के साथ पौधे लगाएं, उनकी देखभाल का दायित्व उन्हें दें तथा आस-पास स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करें। जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं, तभी उनके अंदर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है।

भीषण गर्मी में अलर्ट रहें, जरूरतमंदों की मदद करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अपील

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

वोटर लिस्ट अपडेट के लिए तैयार रहें! 30 जून से दिल्ली में घर-घर पहुंचेंगे BLO, नोट करें तारीखें

नई दिल्ली दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 30 जून से बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन के साथ पारदर्शी तरीके से शुरू होगी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी। अशोक कुमार ने कहा कि 20 जून से 29 जून तक बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण, गणना प्रपत्रों और अन्य दस्तावेजों की छपाई जैसी आंतरिक तैयारियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया के हर चरण में जांच की व्यवस्था रहेगी तथा राजनीतिक दलों को बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से इसमें शामिल किया जाएगा। सभी जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट के जरिए साझा की जाएगी। कुमार ने कहा कि जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी और मतदाताओं को गणना प्रपत्र जमा करने में सहायता के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। मतदाताओं को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां दी जाएंगी, जिनमें से एक भरकर बीएलओ को लौटानी होगी। मतदाताओं को भरे हुए गणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी मिलेगी। इस प्रक्रिया में एक अक्टूबर तक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी मतदाताओं को शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने कहा कि एसआईआर के दौरान 13,000 से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर गणना कार्य करेंगे। प्रत्येक मौजूदा मतदाता, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, को गणना प्रपत्र (दो प्रतियों में) दिया जाएगा, जिसे भरकर एक प्रति बीएलओ को लौटानी होगी। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा जिसके बाद पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को जारी की जाएगी। 13000 से ज्यादा BLO करेंगे गणना मतदाताओं को गणना प्रपत्रों की दो प्रतियां प्रदान की जाएंगी, जिनमें से एक को भरकर बीएलओ को वापस करना होगा। मतदाताओं के पास भरे हुए गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी होगी। इस प्रक्रिया में 1 अक्टूबर की पात्रता तिथि तक 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी मतदाता शामिल होंगे। एसआईआर के दौरान, 13,000 से अधिक BLO घर-घर जाकर गणना करेंगे। दिल्ली के मुख्य चुनाव आयोग के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रत्येक मौजूदा मतदाता, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, को एक गणना प्रपत्र (दो प्रतियों में) दिया जाएगा, जिसे उन्हें भरकर एक प्रति BLO को वापस करनी होगी। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर की जाने वाली गणना 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई को समाप्त होगी, जिसके बाद मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। SIR पर EC को SC से क्लीन चिट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। अदालत ने माना है कि यह प्रक्रिया संविधान और कानून के अनुरूप है। आसान शब्दों में समझे तो अदालत का मानना है कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग का अधिकार है और इससे मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाए रखने में मदद मिलती है। यह एक वैध और संवैधानिक प्रक्रिया है। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ने कानून के हिसाब से SIR किया और प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है। EC ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल नहीं किया।

छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार, करोड़ों की परियोजनाओं को मंजूरी

छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें रायपुर छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी। नवा रायपुर में 302.67 करोड़ रूपए की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे            महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ रूपए की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें           आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी। रायपुर में 186.14 करोड़ रूपए की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट          मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।          बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।