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रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, 75 सीएम श्री स्कूलों में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ सरकार ने उसका चेहरा बदलने का भी फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक्सपेंडिचर एंड फाइनेंस कमिटी (ईएफसी) की बैठक में इसके लिए करीब 264.90 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। इंफ्रास्ट्रक्चर स्तर पर सुधार के साथ सीसीटीवी कैमरे आधुनिक सभागार, विज्ञान एवं आईटी पार्क और विशेष कैटिगरी के बच्चों के लिए खास सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता के साथ शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी इस बैठक में मौजूद रहे। यह पूरा काम अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा? सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल भवनों की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक परिसर मिले। इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के प्रवेश द्वारों का आधुनिक स्वरूप में निर्माण और सौंदर्याकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सीएम श्री स्कूलों की जर्जर इमारतों की समस्या दूर करना, वॉटरप्रूफिंग, बाहरी पेंटिंग, नया प्लास्टर, बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का निर्माण व मरम्मत, टॉयलेट, पानी की व्यवस्था, सीवर एवं ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ खेल सुविधाओं का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, मल्टीपरपज हॉल विकसित किए जाएंगे। खराब एलईडी लाइट, सीलिंग फैन, एग्जॉस्ट फैन और पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम को बदला जाएगा, ताकि पूरे परिसर में घोषणाएं और आपातकालीन सूचनाएं तेजी से प्रसारित की जा सकें। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल परिसरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदला जाएगा। आधुनिक डिजाइन वाले सीएम श्री प्रवेश द्वार विकसित किए जाएंगे। खेल मैदानों में आधुनिक आउटडोर गैलरी विकसित की जाएगी, जिसका उपयोग आउटडोर कक्षाओं, मनोरंजन, इंटरैक्टिव गतिविधियों तथा सहयोगात्मक शिक्षण के लिए किया जा सकेगा। बास्केटबॉल कोर्ट में नया टर्फ बिछाया जाएगा। यह सारा कार्य अगल साल के अंत तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।  

आत्म-ज्ञान पर शंकराचार्य की सीख, नाम-धन से ऊपर है वास्तविक आत्म-शांति का मार्ग

इसका सीधा सा मतलब यह है कि हम जिंदगी भर बाहरी चीजों को पाने में लगे रहते हैं, लेकिन अपने असली रूप को पहचानना भूल जाते हैं. स्वयं को जानने का मतलब क्या है? अक्सर हम खुद को अपने नाम, अपने काम (नौकरी), या अपनी सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखते हैं. शंकराचार्य कहते हैं कि ये सब तो बस बाहरी पहचान हैं. स्वयं वह शक्ति है जो हमारे भीतर है, जो हमारी भावनाओं और विचारों को महसूस करती है. जब हम यह समझ जाते हैं कि हम सिर्फ एक शरीर नहीं हैं, बल्कि उससे कहीं बढ़कर हैं, तो जीवन जीने का तरीका बदल जाता है. हम दुखी क्यों रहते हैं? हम अक्सर उन चीजों के पीछे भागते हैं जो आज हैं और कल नहीं रहेंगी.  जब हम बाहर की चीजों (जैसे पैसा, नाम या पद) में खुशी ढूंढते हैं, तो वह खुशी हमेशा के लिए नहीं रहती. इसीलिए हमें हमेशा डर और चिंता बनी रहती है. आचार्य कहते हैं कि जब तक हम खुद को नहीं पहचानेंगे, तब तक हमें बाहर की किसी भी चीज से सच्ची और स्थायी शांति नहीं मिल पाएगी. इसीलिए उन्होंने कहा कि खुद को जाने बिना बाकी सब कुछ व्यर्थ है. इसका फायदा क्या है? खुद को जानने का मतलब है अपने मन को समझना. जब आप खुद को पहचानने लगते हैं, तो छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना, दूसरों से तुलना करना या भविष्य का डर सताना कम हो जाता है. आप शांत और स्थिर हो जाते हैं. आप समझ जाते हैं कि जो असली खुशी है, वो कहीं बाहर नहीं, बल्कि आपके अपने अंदर ही है.

लखनऊ में कुर्सी रोड होगा छह लेन, पांच लाख लोगों की सफर की परेशानी होगी खत्म

पटना यूपी की राजधानी लखनऊ में लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। कुर्सी रोड पर बसे लोगों को आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिलने वाली है। डंडहिया चौराहा से बेहटा तक 12.5 किमी लंबा यह मार्ग मौजूदा समय में चार लेन का है, जिसे शीघ्र ही छह लेन का किया जाएगा। सर्विस रोड पर हुए अवैध कब्जे भी हटाए जाएंगे। छह लेन की सड़क होने पर सरगम अपार्टमेंट से लेकर डंडहिया चौराहे तक अक्सर लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी। उनकी आवाजाही आसान हो जाएगी। कुर्सी रोड(लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग) स्टेट हाईवे है। चार लेन के इस हाईवे के चौड़ीकरण की मांग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की तरफ से सालों से उठाई जा रही है। इस बार पीडब्ल्यूडी ने अपनी कार्ययोजना में चौड़ीकरण का प्रस्ताव शामिल करते हुए शासन की स्वीकृति के लिए भेज दिया है। सहमति मिलते ही चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग के दोनों तरफ पचासों की संख्या में कॉलोनियां सहित सहित एलडीए के और निजी अपार्टमेंट बन चुके हैं। नहरिया रोड से भी इस मार्ग पर काफी संख्या में लोगों का आनाजाना होता है। चार लेन वाली इस सड़क पर ट्रैफिक का बोझ बढ़ा है, जिससे आए दिन पीक ऑवर में जाम की स्थिति बनती है। चौड़ीकरण से इस समस्या से राहत मिलेगी। 60 करोड़ की लागत से होगा चौड़ीकरण कुर्सी रोड के चौड़ीकरण का काम लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। निर्माण कार्य का खाका पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर लिया है। प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। स्वीकृति का इंतजार है। दोनों तरफ 10.5-10.5 मीटर चौड़ी होगी सड़क कुर्सी रोड अभी फोर लेन है, जो कि 07-07 मीटर चौड़ी है। दोनों ही तरफ गुडंबा थाना तक सर्विस लेन भी है, जिस पर ठेलों और रेहड़ी वालों ने कब्जा कर रखा है। चौड़ीकरण के बाद यह सड़क दोनों तरफ 10.5-10.5 मीटर की हो जाएगी। इसके अतिरिक्त सर्विस लेन होगा। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में वहां सीवर और पेयजल पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान दोनों तरफ के अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। पांच लाख से अधिक होंगे लाभांवित छह लेन की सड़क बनने के बाद कुर्सी रोड के दोनों तरफ बसी 50 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले, अपार्टमेंट के निवासियों सहित नहरिया रोड के लोगों को मिलाकर लगभग पांच लाख से अधिक की शहरी आबादी लाभांवित होगी। इसके अतरिक्त बेहटा तक के लोगों की लखनऊ तक आवाजाही आसान हो जाएगी।

जुलाई महीना ग्रहों के बदलाव से खास, सिंह, तुला, मकर और मीन राशि के लिए शुभ संकेत

 कुछ ही दिनों में जुलाई का महीना शुरू होने वाला है. ज्योतिषियों के अनुसार, जुलाई महीना बहुत ही विशेष है, जिसमें कई बड़े ग्रहों का गोचर होने वाला है. द्रिक पंचांग के अनुसार, महीना शुरू होते ही 4 जुलाई को शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. 16 जुलाई को सूर्य कर्क राशि में चले जाएंगे. 24 जुलाई को बुध मार्गी होंगे और 27 जुलाई को शनि मीन राशि में वक्री हो जाएंगे. जुलाई में ग्रहों की इन बदलती चाल कुछ राशियों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह महीना मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि कराने वाला साबित होगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट की खुशखबरी मिल सकती है. अगर आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो समय अनुकूल है. परिवार में तालमेल बेहतर रहेगा. जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा. आपके नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए जुलाई का महीना मानसिक शांति और भौतिक सुख-सुविधाएं लेकर आ रहा है. आर्थिक रूप से यह महीना काफी मजबूत रहेगा. अचानक कहीं से फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है. निवेश के लिए भी यह समय अच्छा है. नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को अच्छे ऑफर्स मिल सकते हैं. सुख-साधनों में वृद्धि होगी. आप परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे. मकर राशि मकर राशि के जातकों के लिए भाग्य का पूरा साथ मिलने का समय आ गया है. विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद अनुकूल है, परीक्षाओं में सफलता मिलेगी. नौकरीपेशा लोगों को विदेश यात्रा या सुदूर क्षेत्र से लाभ होने की संभावना है. स्वास्थ्य में सुधार होगा. पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी. प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी. अध्यात्म और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए जुलाई का महीना करियर में बड़े बदलाव और सफलता का संकेत दे रहा है. यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो इस महीने आपकी खोज पूरी हो सकती है. कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा. आय के साधन बढ़ेंगे. कर्ज से मुक्ति मिलने के रास्ते साफ होंगे. मित्रों और शुभचिंतकों का सहयोग आपकी बड़ी मुश्किलों को आसान कर देगा.

Apple का बड़ा झटका: iPad और MacBook हुए 42% तक महंगे, iPhone की कीमत क्यों नहीं बदली?

अमेरिकी टेक कंपनी ऐपल ने भारत समेत दुनियाभर में अपने कस्टमर को बड़ा झटका दिया है. कंपनी ने अपने प्रोडक्ट की कीमत में 42 परसेंट तक का इजाफा कर दिया है, जिसकी वजह iPad से लेकर मैकबुक आदि खरीदने वालों को ज्यादा रकम खर्च करनी होगी. कंपनी ने iPhone की कीमत में कोई  बदलाव नहीं किया है. आइए जानते हैं क्यों? Apple ने एक खास रणनीति के तहत अभी आईफोन की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है. कंपनी अपने सबसे ज्यादा रेवेन्यू कमाने वाले प्रोडक्ट की कीमत में कोई छेड़छाड़ नहीं करना चाहती है. हालांकि आगे कीमत में बदलाव होगा या नहीं, उसके बारे में अभी कहना मुश्किल है. कीमत बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह महंगे होते कंपोनेंट हैं. चिप, मेमोरी और अन्य कंपोनेंट के दाम में इजाफा हो रहा है, जिसकी वजह से कंपनी ने आईपैड से लेकर मैकबुक तक की कीमत में इजाफा किया है. ऐसा करके कंपनी अपने प्रोफिट को बरकरार रखना चाहती है. बीते दो क्वार्टर में कीमत में इजाफा नहीं ऐपल बीते करीब दो क्वार्टर से महंगे कंपोनेंट और अन्य प्रोडक्ट की बढ़ी हुई कीमत का सामना कर रहा था. कंपनी ने इसका बोझ कस्टमर पर नहीं पड़ने दिया. अब कंपनी ने iPad और मैकबुक की कीमत में इजाफा कर दिया है. AI डेटा सेंटर्स के लिए भी कंपोनेंट तैयार हो रहे दरअसल, चिप उत्पादन करने वाली कंपनियां अब AI डेटा सेंटर्स के लिए भी कंपोनेंट तैयार कर रही हैं, जिसकी वजह से उनपर दबाव बढ़ गया है. ऐसे में वे मोबाइल, लैपटॉप आदि के लिए पूरी तरह से सप्लाई नहीं दे पा रहे हैं और उन्होंने कीमत में भी इजाफा कर दिया है.

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, नालों की सफाई की निगरानी अब IAS और HCS अधिकारियों के जिम्मे

चंडीगढ़. हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

अंडा vs सोया चंक्स: प्रोटीन के मामले में कौन है ज्यादा फायदेमंद, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

प्रोटीन की बात जब भी आती है, तो अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि आखिर सबसे बेस्ट ऑप्शन क्या है. हाल ही में पश्चिम बंगाल के मिड-डे मील प्रोग्राम में अंडे की जगह सोया चंक्स को शामिल करने के फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी है. यह विवाद सिर्फ डाइट तक सीमित नहीं, बल्कि पोषण की क्वालिटी और शाकाहार VS मांसाहार के बीच भी सिमट गया है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स माना जाता है, वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए एक किफायती और दमदार विकल्प के रूप में देखे जाते हैं. तो आखिर क्या वाकई सोया चंक्स अंडे की कमी पूरी कर सकते हैं? दोनों ही प्रोटीन के पावरहाउस माने जाते हैं लेकिन फिर भी यह बहस काफी पहले से चली आ रही है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स कहा जाता है वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन का सबसे सस्ता और बेहतरीन विकल्प है. कई लोग वजन घटाने या मसल्स बनाने के लिए भी डाइट में इन्हें शामिल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी फिटनेस गोल्स के हिसाब से इनमें से क्या चुनना ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स. अंडे और सोया चंक्स प्रोटीन क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन के मामले में अंडे को हमेशा नंबर वन माना जाता है. हेल्थलाइन का कहना है, अंडे में सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो मसल्स रिपेयर और ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी हैं. 1 अंडे में करीब 6-7 ग्राम प्रोटीन होता है. इसकी बायो-अवेलेबिलिटी बहुत ज्यादा होती है जिसका मतलब है कि आपका शरीर इसे बहुत आसानी से इस्तेमाल कर लेता है. दूसरी तरफ सोया चंक्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का एक शानदार सोर्स हैं. इसमें भी सभी अमीनो एसिड्स होते हैं लेकिन इसकी क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन रेट अंडे के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि, फाइबर की बात करें तो सोया चंक्स इस मामले में बाजी मार ले जाते हैं. 50 ग्राम सोया चंक में करीब 25 ग्राम प्रोटीन होता है. कौन है आपके लिए बेस्ट? यदि आप मसल बिल्डिंग पर फोकस कर रहे हैं तो अंडा एक कंप्लीट और सुपीरियर प्रोटीन सोर्स है. इसकी डाइजेस्टिबिलिटी अंडे की तुलना में ज्यादा मानी जाती है. हालांकि यदि आप शुद्ध शाकाहारी हैं या बजट फ्रेंडली ऑप्शन ढूंढ रहे हैं तो सोया चंक्स एक बेस्ट ऑल्टरनेटिव है. वेबएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, सोया जैसे प्लांट-बेस्ड सोर्स न सिर्फ प्रोटीन देते हैं बल्कि हार्ट हेल्थ में भी सुधार कर सकते हैं. बस ध्यान रखें कि सोया चंक्स को अगर आप अनाज जैसे चावल या रोटी के साथ मिलाकर खाएं, तो यह इसकी प्रोटीन प्रोफाइल को और बेहतर बना देता है. अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले हमेशा अपनी बॉडी की जरूरतों को समझना जरूरी है.

Esha Deol ने तलाक के बाद रिश्तों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘गलती होती है’, रोमांस को लेकर दिया बड़ा बयान

मुंबई  ईशा देओल ने 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी से शादी रचाई थी. 2024 में आपसी सहमति से दोनों ने 12 साल पुरानी शादी को खत्म करने का ऐलान किया. तलाक के बाद ईशा ने जिंदगी में खालीपन और प्यार की कमी पर बात की है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें रोमांस पसंद है।  तलाक के बाद प्यार की कमी  Curly Tales संग बातचीत में ईशा ने कहा कि मेरा मानना है कि प्यार और रोमांस किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में सबसे अहम चीजें हैं, और फिलहाल ये चीजें मेरी जिंदगी में मिसिंग हैं. मुझे रोमांटिक होना बहुत पसंद है, मैं पूरी तरह एक रोम-कॉम वाली इंसान हूं. मुझे प्यार के गाने और प्यार की कहानियां बहुत पसंद हैं।  ईशा से पूछा गया कि क्या पति से अलग होने के बाद प्यार के लिए उनका नजरिया बदला. इस पर उन्होंने कहा कि नहीं, ये चीजें बदलती नहीं हैं. ब्रेकअप होते रहते हैं. मेरे भी पहले बॉयफ्रेंड रहे हैं जिनसे मैं अलग हुई. ऐसी चीजें होती हैं, पर इससे प्यार के प्रति मेरा नजरिया नहीं बदला है. ना ही इसमें कोई कमी आई है.  हम सबने हेमाजी और धर्मेंद्रजी के बीच के निःस्वार्थ प्यार को देखा है।  तलाक के बारे में उन्होंने कहा कि ये कुछ बहुत निजी है. ये दो लोगों के बीच की बात है. हमारे पेशे के कारण यह सब सार्वजनिक हो जाता है. मैं ऐसी इंसान नहीं हूं  और न ही भरत या उनका परिवार, जो हर चीज को इतना खुलकर बताए. पर उस वक्त हमें सार्वजनिक किया गया और इसमें बच्चों का भी सवाल आता है. ये जिंदगी के बहुत संवेदनशील हिस्से हैं. इनमें बहुत संभलकर चलना होता है. ईशा ने ये भी कहा कि उनके इस फैसले में परिवार ने साथ दिया।  एक्ट्रेस ने कहा कि वो अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेती हैं. ना कि किसी की सलाह पर निर्भर रहती हैं. ईशा का कहना है कि उनका फैसला सही हो या गलत उसकी जिम्मेदारी वो खुद लेती हैं।  बता दें कि ईशा और भरत की दो बेटियां राध्या और मिराया हैं. बड़ी बेटी का जन्म 2017 में हुआ और छोटी का जन्म 2019 में हुआ. तलाक के बाद ईशा और भरत मिलकर बेटियों की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं।  

तरनतारन में ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से की आत्महत्या, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

तरनतारन. विधानसभा हलका पट्टी के गांव कैरो पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अमृतसर निवासी अमरजीत सिंह का शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया। एएसआई अमरजीत सिंह करीब 4 माह से पुलिस चौकी में पत्थर प्रभारी तैनात थे। उनके साथ चौकी में तीन अन्य कर्मचारी भी तैनात थे। गुरुवार की शाम को नाकाबंदी के बाद खाना खाकर 9:30 बजे रात अपने क्वार्टर में गए वहां विश्राम के दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। क्योंकि मैं तैनात आने कर्मी ने मौके पर जाकर देख के ऐसी अमरजीत सिंह लहू लुहान पड़े थे और हाथ में उनके सर्विस पिस्टल थी। अमरजीत ने खुद की कनपटी पर पिस्टल लगाकर गोली चलाई जो उनकी मौत का कारण बनी। सूचना मिलते ही डीएसपी रविशेर सिंह मौके पर पहुंचे आशी का कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया गया है। कम नफरी के बीच ड्यूटी का था बोझ एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली क्यों मारी इस बाबत अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस चौकी में नौकरी की कमी के चलते एएसआई अमरजीत सिंह कई बार अपना तबादला करवाने लिए अधिकारियों को कह चुके थे। एक ही सब डिवीजन में दूसरी घटना अभी 15 जून को पट्टी की अदालती परिसर में सुरक्षा में तैनात एएसआई गुरमीत सिंह ने खुद को गोली मारी थी जिनकी 7 दिन बाद अमृतसर के निजी अस्पताल में मौत हुई है।डीएसपी रविशेर सिंह ने बताया कि सब कब्जे में लेकर विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।

Apple प्रोडक्ट्स हुए 42% तक महंगे: MacBook Pro और iPad Air की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

ऐपल ने भारत समेत दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसमें मैकबुक से लेकर iPad तक का नाम शामिल है. कंपनी ने प्रोडक्ट की शुरुआती कीमत में 20 से 42 परसेंट तक का इजाफा किया है. यहां तक कि MacBook Pro के शुरुआती वेरिएंट की कीमत में 1 लाख रुपये का इजाफा हुआ है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. कंपनी का कहना है कि कीमत बढ़ने के पीछे की मुख्य वजह मेमोरी चिप्स और अन्य कंपोनेंट की बढ़ती लागत है. Apple India पोर्टल पर नई प्राइस लिस्ट आ चुकी है. पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि M5 सीरीज चिप वाले MacBook Pro की कीमत में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है. MacBook Pro M5 Pro की नई कीमत 14-इंच MacBook Pro M5 Pro चिप वाले की कीमत अब 2,99,900 रुपये हो चुकी है. वहीं, लॉन्चिंग के दौरान इसकी शुरुआती कीमत 2,49,900 रुपये थी.   MacBook Pro 14-inch (M5 Max variant) की कीमत में करीब 1 लाख रुपये तक का इजाफा हुआ है. ये जानकारी इंडियाटुडे की रिपोर्ट से मिली है. iPad Air की कीमत में भारी इजाफा हुआ है. 13-इंच iPad Air के बेस मॉडल की कीमत 84,900 रुपये से बढ़ाकर 1,19,900 रुपये कर दी जा चुकी है, जो करीब 42 परसेंट तक का इजाफा है. कीमत बढ़ाने की वजह काउंटर रिसर्च के को-फाउंडर और रिसर्च वीपी नील शाह ने बताया है कि मैकबुक नियो, मैकबुक एयर, मैकबुक प्रो, आईपैड एयर और आईपैड प्रो वाईफाई की कीमत लागत में आए बड़े बदलाव को दर्शाती है. मेमोरी से सेमीकंडक्टर चिप्स की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. चिप मेकर AI डेटा सेंटर के लिए भी कर रही हैं काम मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपने मैन्युफैक्चरर का बड़ा हिस्सा AI डेटा सेंटरों को दे रही हैं. ऐसे में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए मेमोरी चिप्स की कमी हो चुकी है और उनकी लागत बढ़ रही है. नील शाह ने बताया है कि ऐपल ने करीब दो तिमाहियों तक कीमतें नहीं बढ़ाईं और महंगाई का असर ग्राहकों तक नहीं पहुंचने दिया. अब कंपनी के लिए बढ़ी हुई लागत का बोझ उठाना मुश्किल हो गया है, जिसकी वजह ये कीमत में इजाफा हुआ है. Apple इस साल अपने नए ऑन-डिवाइस Apple Intelligence जैसा फीचर लॉन्च कर सकती है. इसके लिए डिवाइस को और ज्यादा मेमोरी और रैम की जरूरत पड़ सकती है.