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वास्तु टिप्स: मंदिर में ये 5 चीजें रखने से घर में बढ़ सकती है नकारात्मकता

 क्या आप भी रोज भगवान की पूजा करते हैं, मंत्र पढ़ते हैं, दीपक जलाते हैं. लेकिन, फिर भी कभी-कभी ऐसा क्यों लगता है कि घर में बरकत नहीं हो रही है? काम में रुकावटें आ रही हैं और मन बेचैन रहता है? क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी वजह आपके मंदिर में रखी कुछ गलत चीजें भी हो सकती हैं? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर सिर्फ घर का एक कोना नहीं होता है. यह वो स्थान होता है, जहां भगवान के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का निवास होता है. इस स्थान पर आपका मन शांत होता है और खुद से जुड़ता भी है. लेकिन, अगर यही जगह गलत दिशा में हो या उसमें अशुभ चीजें रखी हों, तो यही मंदिर शांति की जगह घर में नकारात्मकता भी ला सकता है. मंदिर में भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें 1. टूटी-फूटी मूर्तियां या तस्वीरें अगर किसी देवी-देवता की मूर्ति टूट जाए या फोटो खराब हो जाए, तो उसे तुरंत हटा दें. ऐसी मूर्तियां नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं. 2. पूर्वजों की तस्वीरें पितरों की तस्वीर मंदिर में नहीं, अलग स्थान पर रखें. देवताओं और पितरों का स्थान अलग-अलग माना गया है. 3. खड़ी हुई मां लक्ष्मी की मूर्ति वास्तु के अनुसार, खड़ी लक्ष्मी अस्थिरता का प्रतीक है. हमेशा बैठी हुई लक्ष्मी जी की पूजा करें. 4. गणेश जी की कई मूर्तियां वास्तु शास्त्र के मुताबिक, गणेश जी की एक या दो मूर्ति ठीक हैं, लेकिन ज्यादा मूर्तियां रखना अशुभ माना जाता है. 5. मुरझाए या बासी फूल पूजा में कभी भी पुराने फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. दरअसल, पुराने फूल नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं. उन्हें रोज बदलें और मिट्टी में दबा दें. मंदिर में जरूर रखें ये 5 चीजें मिट्टी का दीपक- यह शुद्धता और धरती से जुड़ाव का प्रतीक है. शंख- शंख की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है. कलश- जल, आम के पत्ते और नारियल वाला कलश समृद्धि का प्रतीक है. घंटी- इसकी आवाज वातावरण को शुद्ध करती है और मन को एकाग्र करती है. गोमती चक्र- इसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जो धन को स्थिर रखता है. पूजा करते समय ध्यान रखने वाली बातें – पूजा करते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें. – बिना नहाए मूर्ति को स्पर्श न करें. – बीच में आरती न छोड़ें. – मंत्र सही और शांत मन से बोलें. – जमीन पर सीधे न बैठें, आसन का उपयोग करें. मंदिर की सही दिशा मंदिर हमेशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में होना चाहिए. पूजा करते समय मुख पूर्व दिशा में रखें. मंदिर कभी भी बाथरूम या बेडरूम के पास न हो.

कोर्ट से हुआ लंबित मामलों का निराकरण, 24 राशन दुकानें रद्द

दुर्ग. जिले की 24 राशन दुकानों का संचालन लंबे समय से अटैचमेंट में चल रहा था। कोर्ट में प्रकरण लंबित होने के कारण इन दुकानों के संचालन के लिए नई समितियों का निर्धारण नहीं हो पा रहा था। कोर्ट से प्रकरणों के निराकरण के बाद इन सारी दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 16 के तहत यह कार्यवाही की गई है। निरस्त दुकान-महिला स्व सहायता समूह, संगवारी खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उप सेवा सह समिति, नवीन महिला स्व सहायता समूह, शंकरा महिला स्व सहायता समूह, जय शक्ति महिला स्व सहायता समूह, जय श्री कृष्ण महिला स्व सहायता समूह, दुर्ग सहकारी विपणन समिति, कृषक सेवा सहकारी समिति कोहका, जय सदाराम महिला स्व सहायता समूह, मां अन्नपूर्णा स्व सहायता समूह, सामुदायिक विकास समिति भिलाई, एकता महिला स्व सहायता समूह, सामुदायिक विकास समिति भिलाई, बीएसपी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार, सहकारी उपभोक्ता भण्डार भिलाई, विन्ध्यवासिनी महिला स्व सहायता समूह, नवीन प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार, स्टील नगर महिला स्व सहायता समूह, मं जय भवानी महिला स्व सहायता समूह, इस्पात कर्मचारी कन्ज्यूमर कोआपरेटिव स्टोर्स भिलाई, सामुदायिक विकास समिति रविदास नगर भिलाई, संतोषी महिला स्व सहायता समूह, भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ केम्प 1 भिलाई और प्रेरणा महिला स्व सहायता समूह शामिल हैं। शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन के लिए आवेदन केवल संबंधित वार्ड की स्थानीय संस्था द्वारा ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। 15 जून तक आवेदन किया जा सकता है। खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया ने बताया कि पूर्व में लंबित मामलों के निराकरण के बाद ही दुकानों के आवंटन को निरस्त किया गया है। नए का निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप आवंटन किया जाएगा।

दरभंगा के BDO चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ कार्रवाई, 89 लाख की अवैध संपत्ति का आरोप

पटना बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की ओर से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केवटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के विरूद्ध बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। विशेष न्यायालय से अनुमति मिलने पर कार्रवाई ईओयू को विश्वस्त सूत्रों से (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्राप्त जानकारी के सत्यापनोपरान्त केवटी(दरभंगा) के बीडीओ चन्द्रमोहन पासवान के विरूद्ध ज्ञात आय से अधिक सम्पति अर्जित करने के मामले में 26 मई को आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या-09/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) भ्र0नि0अधि0 1988 (यथा संशोधित 2018) के मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी की अनुमति ली गई। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से अनुमति मिलने के बाद ईओयू की टीम की ओर से उनके 06 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारियों के नेतृत्व मे तलाशी की कार्यवाई की जा रही है। 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जित करने का मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-09/26, में प्राथमिकी अभियुक्त चन्द्रमोहन पासवान, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, केवटी(दरभंगा) के विरूद्ध सत्यापन के क्रम में कुल 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाया गया है, जो उनके ज्ञात आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक है। पैतृक और सरकारी आवास-कार्यालय समेत 6 ठिकाने पर छापेमारी इस क्रम में आज 27मई को प्रातः चन्द्रमोहन पासवान, के दरभंगा के बहादुरपुर, अवस्थित आवास एवं व्यवसायिक भवन, बाबूबरही(मधुबनी) के पैतृक आवास एवं व्यवसायिक भवन तथा केवटी(दरभंगा) स्थित कार्यालय और सरकारी आवास सहित कुल 06 ठिकानों पर अलग-अलग टीम की ओर से तलाशी कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।  

बंगाल की राजनीति में हलचल, TMC के 18 दिग्गज नाराज बताए जा रहे

कलकत्ता ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही बरकरार हैं। कहा जा रहा है कि एक दर्जन से ज्यादा विधायक खुलकर पार्टी की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। वहीं, अटकलें ये भी हैं कि करीब 15 सांसद जल्द ही टीएमसी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। इसके अलावा पार्टी नंदीग्राम में होने वाले उप चुनाव को लेकर उम्मीदवार खोजने में भी परेशानी का सामना करती नजर आ रही है। विधायक हो रहे हैं नाराज टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 18 बड़े नेता ऐसे हैं, जो खुलकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इनमें सुखेंदु शेख रॉय, सांसद काकोली घोष दस्तीदार, देव अधिकारी, कल्याण बनर्जी, रचना बनर्जी, विधायक कुणाल घोष, रिताब्रता बनर्जी, अरुणव सेन, संदीपन साहा, नियामत शेख, पूर्व मंत्री कृष्णेंदु नारायण चौधरी, मनोज तिवारी, रविंद्रनाथ घोष, पूर्व विधायक अतीन घोष, खगेश्वर रॉय, सौरव चक्रवर्ती, रत्ना चटर्जी, तपन चटर्जी का नाम शामिल है। 20 सांसद बदल सकते हैं पाला संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि 12 टीएमसी सांसदों ने भाजपा में शामिल होने या समर्थन देने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा दल बदलने की तैयारी कर रहे सांसदों की लिस्ट में 5 से 6 नाम और हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि ये सांसद कौन होंगे और कब तक दल बदल की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 12 से ज्यादा सांसदों से चर्चा चल रही है और आंकड़ा 20 तक पहुंच सकता है। 100 से ज्यादा पार्षद दे चुके इस्तीफा खबर है कि बीते कुछ दिनों में 100 से ज्यादा पार्षद इस्तीफा दे चुके हैं। खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब निकाय चुनाव में कुछ ही समय बाकी है। इतना ही नहीं पार्षद अब खुलकर टीएमसी नेतृत्व और सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर मॉडल पर सवाल उठा रहे हैं। ममता बनर्जी ने पार्षदों से एकजुट रहने की अपील की है। नंदीग्राम में उम्मीदवार नहीं मिल रहा ममता बनर्जी के सामने एक और बड़ी चुनौती नंदीग्राम से खड़ी होती दिख रही है। कहा जा रहा है कि टीएमसी को इस सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। कई बड़े नेता यहां से चुनाव लड़ने से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। इस सीट पर उन्हें साल 2021 में शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। 2026 में भी अधिकारी ने यहां से जीत दर्ज की, लेकिन भवानीपुर सीट से विधायक रहते हुए नंदीग्राम को छोड़ने का फैसला किया था।

अल-अक्सा को लेकर नई साजिश के आरोप, जानिए क्या है अमेरिका-इजरायल का पूरा मामला

 यरुशलम फिलिस्तीन के यरुशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद को लेकर एक नई राजनीतिक और धार्मिक लड़ाई छिड़ती दिखाई दे रही है. दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर एक ऐसे नए प्लान पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत अल-अक्सा मस्जिद पर जॉर्डन की दशकों पुरानी संरक्षक यानी कस्टोडियन की भूमिका को खत्म किया जा सकता है।  रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर और इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी आगे बढ़ा रहे हैं. हालांकि कुशनर फिलहाल अमेरिकी प्रशासन में किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि वह पर्दे के पीछे सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।  इस कथित प्रस्ताव के तहत जॉर्डन समर्थित इस्लामिक वक्फ की शक्तियां खत्म कर दी जाएंगी और उसकी जगह इजरायल सरकार की निगरानी में एक नया निकाय बनाया जाएगा. मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया सिस्टम अल-अक्सा मस्जिद को "मल्टी-फेथ सेंटर" यानी बहुधार्मिक स्थल घोषित कर सकता है।  रिपोर्ट्स में दावा है कि इसके बाद बड़े समूहों में यहूदियों को मस्जिद परिसर में प्रवेश और प्रार्थना करने की औपचारिक अनुमति दी जा सकती है. इतना ही नहीं, इजरायल को इमामों, धार्मिक उपदेशकों और मस्जिद प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति में भी बड़ा अधिकार मिल सकता है. यहां तक कि शुक्रवार के खुत्बों यानी धार्मिक भाषणों की सामग्री पर भी इजरायली दखल की बात कही जा रही है।  मीडिया ईस्ट आई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका ने अल-अक्सा के भविष्य को लेकर एक ड्राफ्ट पेपर भी तैयार किया है. इसमें कथित तौर पर मस्जिद परिसर को उसकी मौजूदा मुस्लिम पहचान से अलग कर एक बड़े पर्यटन और धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने का विजन रखा गया है, जहां तीनों अब्राहमिक धर्मों – इस्लाम, ईसाई और यहूदी की मौजूदगी दिखाई जाए।  इस पूरे विवाद के बीच जॉर्डन की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी हुई है. जॉर्डन का हाशमाइट शाही परिवार 1924 से यरुशलम के मुस्लिम और ईसाई धार्मिक स्थलों का संरक्षक माना जाता है. 1994 की जॉर्डन-इजरायल शांति संधि में भी इस भूमिका को मान्यता दी गई थी।  फिलहाल अल-अक्सा मस्जिद एक पुराने "स्टेटस क्वो" समझौते के तहत संचालित होती है. 1967 की जंग के बाद तय व्यवस्था के मुताबिक मस्जिद के अंदरूनी मामलों को इस्लामिक वक्फ संभालता है, जबकि बाहरी सुरक्षा इजरायल के हाथ में रहती है. गैर-मुस्लिमों को सीमित समय के लिए परिसर में आने की इजाजत है, लेकिन वहां प्रार्थना करने की अनुमति नहीं है।  लेकिन बीते कुछ वर्षों में इजरायली पुलिस की कार्रवाई, दक्षिणपंथी यहूदी समूहों की बढ़ती मौजूदगी और यहूदी प्रार्थना अधिकारों की मांग ने माहौल को लगातार तनावपूर्ण बनाया है. फिलिस्तीनी और जॉर्डन के अधिकारी आरोप लगाते रहे हैं कि इजरायल धीरे-धीरे मौजूदा व्यवस्था को बदलने की कोशिश कर रहा है।  रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बहरीन, मिस्र, मोरक्को और यूएई को इस अमेरिकी प्रस्ताव की जानकारी दी गई है. हालांकि सऊदी अरब ने कथित तौर पर इस योजना पर आपत्ति जताई है. खाड़ी देशों के सूत्रों का कहना है कि सऊदी अरब मानता है कि अगर अल-अक्सा की मौजूदा संरक्षक व्यवस्था से छेड़छाड़ हुई तो पूरा पश्चिम एशिया भड़क सकता है।  जॉर्डन सरकार ने साफ कहा है कि यरुशलम और उसके धार्मिक स्थलों को लेकर उसका रुख नहीं बदला है. उसने दोहराया कि हाशमाइट संरक्षकता अंतरराष्ट्रीय समझौतों और संधियों से मान्यता प्राप्त है और इसे खत्म करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।  इस बीच फिलिस्तीनी पक्ष ने भी इस कथित प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि अल-अक्सा सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि मुस्लिम दुनिया की पहचान और क्षेत्रीय स्थिरता का अहम स्तंभ है।  अब सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ कूटनीतिक दबाव की रणनीति है या फिर असल में अल-अक्सा मस्जिद की मौजूदा स्थिति बदलने की बड़ी तैयारी चल रही है. क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो इसका असर सिर्फ यरुशलम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मुस्लिम जगत और पश्चिम एशिया की राजनीति में भूचाल ला सकता है। 

सोलर कैमरों से हाईवे की निगरानी कर PAK को भेजता था जानकारी, पांचवां जासूस दबोचा गया

पठानकोट. पंजाब पुलिस ने पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर जासूसी के लिए सोलर कैमरे लगाने के मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपित हरदीप सिंह पहले से गिरफ्तार पठानकोट निवासी बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू का बड़ा भाई है। जांच में पाया गया कि बलजीत पर मामला दर्ज होने के बाद हरदीप सिंह ने सबूत नष्ट करने में अपने भाई का साथ दिया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बलजीत, हरदीप के अलावा अंकित शर्मा, बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों से संबंधित जानकारी साझा की एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि आरोपितों ने आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की गतिविधियों और मूवमेंट पर नजर रखने और जासूसी करने के उद्देश्य से सुजानपुर के पुल नंबर 4 और 5 के बीच नेशनल हाईवे -44 के किनारे स्थित अंकित शर्मा की दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और खुफिया एजेंसियों को भेजी जा रही थी और सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा की जा रही थी। पाकिस्तानी की एजेंसी से था कनेक्शन जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित बलजीत सिंह ने जासूसी में इस्तेमाल मोबाइल फोन अपने बड़े भाई हरदीप सिंह को रखने के लिए दिया था। जब हरदीप सिंह को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली तो उसने सबूत नष्ट करने में बलजीत सिंह का साथ दिया। एसएसपी ने बताया कि बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की व तरनप्रीत सिंह पहले से ही पाकिस्तानी एजेंसी आइएसआइ के एजेंटों के संपर्क में थे।

UPSSSC की नई तैयारी, कम पदों वाली भर्तियों के लिए अलग-अलग एग्जाम खत्म होंगे

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अब कम पदों वाली भर्तियों के लिए नई परीक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। आयोग समान प्रकृति और समान अर्हता वाले पदों के लिए अलग-अलग परीक्षा कराने की बजाय संयुक्त मुख्य परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। नई व्यवस्था सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया तेज होने के साथ अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। आयोग की ओर से प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2025 के आधार पर अब तक 13 भर्ती विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। जल्द ही विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार के करीब 1600 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन आने वाला है। अलग-अलग परीक्षाएं कराने की जरूरत नहीं आयोग पीईटी अंकों के आधार पर विभिन्न विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग मुख्य परीक्षाएं आयोजित करता है। प्रत्येक परीक्षा का अलग पाठ्यक्रम निर्धारित होता है। इससे कम पदों वाली भर्तियों में नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही थी। नई प्रणाली के तहत समान पाठ्यक्रम और समान कार्य वाले पदों को एक साथ जोड़कर मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। इससे कम पदों वाली भर्तियों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभ्यर्थियों को आर्थिक खर्च से राहत आयोग का मानना है कि इससे अभ्यर्थियों को बार-बार फार्म भरने और अलग-अलग परीक्षाओं पर होने वाले आर्थिक खर्च से राहत मिलेगी। साथ ही बड़ी संयुक्त परीक्षाएं होने से परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। अभ्यर्थियों को अलग-अलग सिलेबस और परीक्षा पैटर्न की तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। पीईटी के आधार पर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती कराता है। इनमें राजस्व लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), ग्राम पंचायत अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, कंप्यूटर आपरेटर, वन रक्षक, आबकारी सिपाही, विधान भवन रक्षक, नलकूप चालक, एएनएम, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, कृषि प्राविधिक सहायक, नक्शानवीस, प्लाटून कमांडर, ब्लाक आर्गेनाइजर, प्रवर्तन सिपाही, पूर्ति निरीक्षक, विपणन निरीक्षक, अधिशासी अधिकारी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, सहायक शोध अधिकारी और गन्ना पर्यवेक्षक जैसे कई पद शामिल हैं।  

वन विभाग में बड़ा बदलाव, अरूण पांडे बने नए PCCF

रायपुर. राज्य शासन ने 1994 बैच के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय को छत्तीसगढ़ का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख नियुक्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आज 27 मई 2026 को मंत्रालय (महानदी भवन) से यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। विभाग के विशेष सचिव जे.पी. पाठक के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति वर्तमान प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, भा.व.से. (1990) की सेवानिवृत्ति के उपरांत की गई है। नवनियुक्त वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, भा.व.से. (1994) वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब उन्हें अरण्य भवन, नवा रायपुर के शीर्षस्थ पद पर पदस्थ करते हुए शीर्षस्थ वेतनमान में नियुक्त किया गया है। राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय और मुख्यमंत्री सचिवालय सहित सभी संबंधित विभागों को तत्काल भेज दी गई है।

बांदा में 47.4°C तापमान, कई जिलों में तूफान और बारिश; यूपी में मौसम का बड़ा बदलाव

लखनऊ यूपी में मौसम के दो रंग दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ रुहेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक तेज आंधी और बारिश से जहां गर्मी से थोड़ी राहत मिली तो वहीं बुन्देलखंड में बांदा का पारा फिर 47.4 डिग्री पहुंच गया। पश्चिमी यूपी में भी गर्मीं से लोग बेहाल रहे। आगरा में तापमान 45.3 दर्ज किया गया तो मथुरा में आंधी व बारिश से तापमान में गिरावट आई। मौसम के ऐसे ही कई रंग यूपी के अलग-अलग हिस्सों में दिख रहे हैं। आने वाले 48 घंटों में तपिश से झुलस रहे जिलों में एक पश्चिमी विक्षोभ फिर तूफानी हवा संग बारिश लाने वाला है। आईएमडी लखनऊ के अनुसार इसके कारण पारा 8 डिग्री तक गिर सकता है। बंगाल की खाड़ी से होकर आ रही पुरवा का असर यूपी में न्यूनतम है। ऐसे में हवा में नमी कम हो गई है। लखनऊ में मंगलवार को हवा की आर्द्रता न्यूनतम 14 फीसदी तक रही। इस स्थिति में दिन के समय पारा तेजी से ऊपर चढ़ता है। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में राजस्थान की तरफ से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं चल रही हैं। माैसम का यह मिजाज तापमान में बढ़ोत्तरी कर रहा है और गर्म हवाएं पहले से तप रहे यूपी की गर्माहट और बढ़ा दे रही हैं। आंधी-बारिश के कारण यूपी में 10 लोगों की मौत भी हो गई। संतकबीरनगर व बस्ती में दो-दो, दीवार गिरने से सीतापुर में वृद्धा समेत दो और शाहजहांपुर में एक की मौत हो गई। खीरी में खेत में फंसे सीतापुर के एक किसान की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। गोंडा में छप्पर से दबकर वृद्धा, व पेड़ से दबकर बुजुर्ग की मौत हो गई। क्या हैं पांच कारण 1-गर्म हवाओं से बढ़ रहा पारा आईएमडी लखनऊ के अनुसार मध्य भारत के ऊपर हवा में एक ऐसा सिस्टम (चक्रीय चक्रवात) बना है, जो गर्म हवाओं को ऊपर से नीचे की तरफ धकेल रहा है। इससे तपिश बढ़ रही है। 2-सक्रिय मौसम तंत्र न होने से तपिश यूपी के ऊपर किसी सक्रिय मौसमी तंत्र जैसे पश्चिमी विक्षोभ, प्रति चक्रवात या चक्रवात का न होना तपिश की बड़ी वजह बना। आसमान साफ होने के कारण धूप सीधे जमीन पर पड़ रही है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। 3-भीषण तपिश आंधी की वजह बनी जम्मू कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था। इधर यूपी में भीषण तपिश की वजह से गर्म हवा तेजी से ऊपर उठने लगीं। उधर से आ रही नम और ठंडी पछुआ हवा से टकराव के कारण एक ट्रफ बना जिससे मध्य यूपी से पूर्वांचल तक आंधी आई और बारिश हुई। 4-राजस्थान से होकर आ रही हवा प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में राजस्थान की तरफ से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं चल रही हैं। माैसम का यह मिजाज तापमान में बढ़ोत्तरी कर रह है और गर्म हवाएं पहले से तप रहे यूपी की गर्माहट और बढ़ा दे रही हैं। 5-पुरवा का कमजोर होना बंगाल की खाड़ी से हो कर आ रही पुरवा का असर यूपी में न्यूनतम है। ऐसे में हवा में नमी कम हो गई है। उदाहरण के लिए लखनऊ में मंगलवार को हवा की आर्द्रता न्यूनतम 14 फीसदी तक रही। इस स्थिति में दिन के समय पारा तेजी से ऊपर चढ़ता है।

Pinarayi Vijayan के करीबी घेरे पर ED की रेड, 10 लोकेशन पर जांच तेज

तिरुवनन्तपुरम  केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ ईडी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने बुधवार सुबह सुबह चीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिनाराई विजयन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई चल रही जांच के तहत की गई। इसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। बता दें कि केरल में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग 10 जगहों पर तलाशी ली गई। Pइनमें राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में विजयन का किराए का आवास भी शामिल था। जानें क्या है मामला बता दें कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन से जुड़ी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) वित्तीय लेनदेन मामले में केरल हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की जांच को जारी रखने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति टीआर रवि ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और उसके चार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें ईडी की जांच और ईसीआईआर को चुनौती दी गई थी। हालांकि यह मामला सीधे तौर पर पी. विजयन से जुड़ा नहीं है, लेकिन तब यह बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था। जब आरोप लगे कि सीएमआरएल ने एक्सलोगिक सोलूशन्स को संदिग्ध भुगतान किए थे। यह कंपनी उनकी बेटी वीणा थाइकांडियिल की बताई जाती है। लगे थे ये आरोप आरोपों के अनुसार, सीएमआरएल ने बिना किसी वास्तविक सेवा के वीणा के कंपनी को हर महीने भुगतान किया था, जिसके बाद केरल में राजनीतिक विवाद तेज हो गया था। विपक्ष ने बार-बार विजयन और उनके परिवार पर सवाल उठाए थे। सीएमआरएल और उसके अधिकारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता, इसलिए ईडी को जांच का अधिकार नहीं है। कोर्ट के फैसले के बाद जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिला याचिकाकर्ताओं में सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. ससीधरन कर्था, सीएफओ के.एस. सुरेश कुमार, सीनियर मैनेजर एन.सी. चंद्रशेखरन और सीनियर अधिकारी अनु रैचल कुरुविला शामिल थे। इससे पहले सुनवाई के दौरान कुछ अधिकारियों ने ईडी पर पूछताछ के दौरान अवैध हिरासत का आरोप लगाया था। इसके बाद जून 2024 में हाई कोर्ट ने ईडी को पूछताछ की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। विजिलेंस अदालतों और हाई कोर्ट द्वारा पहले भी इस मामले में विजिलेंस जांच की मांग खारिज की जा चुकी थी। अब मंगलवार के फैसले के बाद ईडी को इस हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिल गया है।