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निर्माण कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी, संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी करने के निर्देश

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज कबीरधाम जिले में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य मार्ग के साथ बायपास मार्ग का भी अवलोकन किया तथा अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। सचिव  बंसल ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने जिन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।  बंसल ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के सभी मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा प्रत्येक चरण में तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर निरीक्षण करने व गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। फील्ड निरीक्षण से पहले लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कवर्धा सर्किट हाउस में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा सेतु संभाग के अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान कवर्धा जिले में चल रहे भवनों, सड़कों एवं पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिन परियोजनाओं में लंबे समय से प्रगति नहीं हुई है या कार्य प्रारंभ करने में अनावश्यक देरी हो रही है, उन मामलों में संबंधित एजेंसियों एवं जिम्मेदार पक्षों को नोटिस जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव  बंसल ने सड़क निर्माण या अन्य प्रस्तावित विकास कार्यों में संबंधित अधिकारियों को पहले स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी जांच व अन्य सभी आवश्यक पहलुओं का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। यदि किसी निर्माण कार्य में तकनीकी बाधा, स्थल संबंधी समस्या या अन्य कठिनाई आ रही हो तो उसकी जानकारी तत्काल वरिष्ठ स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। इससे समस्या का निराकरण कर कार्यों की प्रगति को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है। कवर्धा के कलेक्टर  गोपाल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, दुरेग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  नागेश जयंत, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  ज्ञानेश्वर कश्यप और कवर्धा संभाग के कार्यपालन अभियंता  रंजीत घाडगे भी मौजूद थे।

“राइजिंग मध्यप्रदेश” के विजन के साथ निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर हो रहे सृजित : मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज उद्योग, कृषि, तकनीक एवं ऊर्जा के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। “राइजिंग मध्यप्रदेश” के विजन के साथ प्रदेश में निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मंत्री  परमार शनिवार को गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में भोपाल स्थित एम.एस.एम.ई. एग्जीबिशन सेंटर, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय “तृतीय संस्करण इंडिया इंडस्ट्रियल मशीनरी एंड टूल्स एक्सपो–2026” तथा “भारत सोलर एंड ईवी एक्सपो–2026” के द्वितीय दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मंत्री  परमार ने प्रदर्शनी में लगी विभिन्न औद्योगिक मशीनरी, आधुनिक उपकरणों, सोलर तकनीक एवं ईवी सेक्टर से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता, आधुनिक मशीनरी तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री  परमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में औद्योगिक विकास, तकनीकी उन्नयन, नवाचार एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प एवं मुख्यमंत्री डॉ.यादव के औद्योगिक विकास के विजन को साकार करने की दिशा में ऐसे एक्सपो प्रभावी मंच सिद्ध हो रहे हैं, जो प्रदेश में तकनीकी विकास, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार की संभावनाओं को और अधिक सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम में गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष  विजय गौड़ एवं भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर  भारत बालियान द्वारा मंत्री  इन्दर सिंह परमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह प्रदर्शनी 22 से 24 मई तक आयोजित है, जिसमें देशभर की अनेक औद्योगिक, मशीनरी, सोलर एवं ईवी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियाँ सहभागिता कर रही हैं।  

प्याज के गिरते दामों से नाराज किसान, बोरियों को दी श्रद्धांजलि

पिपलियामंडी लगातार गिरते प्याज के दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। मेहनत, लागत और महीनों की देखभाल के बाद भी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। आक्रोश के बीच शनिवार को मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बालागुड़ा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्याज उत्पादक किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि खेती अब फायदे का नहीं बल्कि घाटे का सौदा बन चुकी हैं। किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करते हुए प्याज पर माला चढ़ाकर और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। किसानों का कहना था कि जिस प्याज की फसल से उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद थी, वहीं अब उनके लिए परेशानी और कर्ज का कारण बन गई हैं। किसान सुनील बद्रीलाल पाटीदार ने बताया कि उन्होंने करीब 2 बीघा जमीन में प्याज की खेती की थी। अच्छी मेहनत और देखभाल के बाद करीब 150 क्विंटल प्याज का उत्पादन हुआ, लेकिन वर्तमान बाजार भाव किसानों के लिए किसी सदमे से कम नहीं हैं। खेती में खाद, बीज, मजदूरी, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और कटाई सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए का खर्च आया हैं। इसके बावजूद मंडियों में प्याज के भाव मात्र 200 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मंडी तक प्याज ले जाने का भाड़ा तक नहीं निकल रहा। मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार एक तरफ ‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाने की बात कर रही हैं, जबकि दूसरी ओर किसान बदहाली और आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं किसान तुलसीराम पाटीदार ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही हैं। खेती में दिन-रात मेहनत करने और लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही हैं। किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिनेश पाटीदार ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे ज्यादा परेशान और दुखी देश का अन्नदाता किसान हैं। बालागुड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान प्याज की खेती करते हैं और अच्छी फसल की उम्मीद में भारी निवेश करते हैं, लेकिन लगातार गिरते दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी हैं। किसानों और कांग्रेस नेताओं ने प्याज पर माला चढ़ाकर तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंडलम अध्यक्ष परमानंद पाटीदार, प्रहलाद पाटीदार, सुनील पाटीदार, लक्ष्मीनारायण पाटीदार, जयशंकर भोला भाई, निलेश पाटीदार, अंशुल पाटीदार, पवन पाटीदार आदि उपस्थित थे।  

विंध्य औद्योगिक और पर्यटन विकास की नई कहानी लिख रहा, इसका केंद्र बिन्दु है सिंगरौली विंध्य अब बन रहा है रिन्यूएबल एनर्जी का हब

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब, युवा, नारी और किसान हमारी प्राथमिकता है। गरीबों का कल्याण, बहनों का सम्मान, युवाओं को अवसर और किसानों के हित में जो भी मदद संभव होगी, हम वो सब करेंगे। मध्यप्रदेश में 89 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में जुलाई 2023 से मात्र 450 रुपये में बहनों को निरंतर घरेलू गैस सिलेण्डर दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई के महीने में प्रदेश की बहनों को डबल सौगात मिली है। इसी माह 13 तारीख को प्रदेश की सवा करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना के 1500-1500 रुपये पहुंचे है और आज (23 मई को) गैस सिलेंडर भरवाने की सब्सिडी राशि भी उन्हें मिल रही है। वृद्धजनों के सम्मान में भी सरकार ने कभी कोई कमी नहीं की। इसी कार्यक्रम के जरिये प्रदेश के 33 लाख 71 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को अप्रैल माह की 202 करोड़ 26 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सिंगरौली नगर के एनसीएल ग्राउण्ड में महिलाओं को गैस रिफिलिंग सब्सिडी एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि वितरण तथा विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से पात्रतानुसार राशि का अंतरण संबंधित हितग्राहियों के खातों में किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार अंत्योदय और विकास के पथ पर अभूतपूर्व कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण और गांवों की गली-गली का विकास ही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा किआज यदि हमारा विंध्य क्षेत्र प्रगति, उन्नति, पर्यटन और आधुनिक अधोसंरचनाओं के विकास की नई कहानी लिख रहा है, तो इसका केंद्र बिन्दु सिंगरौली ही है। उन्होंने कहा कि विंघ्य अब रिन्यूएबल एनर्जी का भी हब बन रहा है। रीवा जिले में एशिया के सबसे बड़े सोलर पार्क का प्लांट बना है। जल्द ही यह क्षेत्र एनर्जी-इंडस्ट्री-स्पिरिचुअल कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जाधानी सिंगरौली पूरे देश की ऊर्जा शक्ति का मजबूत आधार बन चुका है। सिंगरौली मध्यप्रदेश का पॉवर हाउस है। यह प्रदेश का ग्रोथ सेन्टर भी है। इसके विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला किंग सिंगरौली अब गोल्ड सिटी बनने जा रही है। सिंगरौली में प्रदेश के पहले चकरिया गोल्ड ब्लॉक के लिए अनुबंध हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली गौरव दिवस की पूर्व संध्या अवसर पर पूरे जिले को 552 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत वाले 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। सिंगरौली जिले का गठन 24 मई 2008 को किया गया था। यह राज्य का 50वां जिला है। इसका जिला मुख्यालय वैढ़न (बैढ़न) में स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां 486 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से 50 विकास कार्यों का भूमि पूजन तथा 65 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से 21 नवनिर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें सीएसआर के तहत 19 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों (सिंगरौली में 13.30 करोड़ से स्पोर्टस काम्प्लेक्स के निर्माण सहित) का भूमि पूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने मंच से शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ दिव्यांग भाई-बहनों को ट्राय सायकिल देकर उनके जीवन में खुशियों का नया रंग भर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई विभिन्न मांगों के संबंध में कहा कि आपकी भावना ही हमारी भावना है। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी मांग की गई है, वे सभी पूरी की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग ही पहचान बना रहा है। मध्यप्रदेश भी इस विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के कल्याण के लिए प्रदेश के खजाने में कोई कमी नहीं है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें समृद्ध हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल बचाना हमारी जरूरत है। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण का महाभियान चल रहा है। सोमवार, 25 मई को प्रदेशव्यापी गंगा दशहरा महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस दिन प्रदेश के हर गांव-शहर में शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि, आमजन सब एक साथ मिल-जुलकर पुराने जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए कार्य करेंगे। कार्यक्रम में सरकार के तीन माह तक लगातार चल रहे 'जल गंगा संवर्धन अभियान' पर केन्द्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिंगरौली जिले के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगरौली को रेल, सड़क और हवाई मार्ग की सौगातें मिली हैं। एक दौर में यहां की जनता आवागमन के लिए परेशान होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की एमपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में सिंगरौली जिले के 5 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संभावनाओं की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली जिले के 4 सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 90.14 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का 89.14 प्रतिशत आया है। यह भगवान कृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के नाम पर प्रदेश में विद्यालय खोलने का सरकार को मिला इनाम है। भगवान कृष्ण ने महाभारत में कर्मवाद के सिद्धांत पर पवित्र गीता का संदेश दिया। भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग हम सभी को मित्रता की महत्ता बताता है। राज्य सरकार प्रदेशभर में गीता भवनों का निर्माण कर रही है। गांवों की समृद्धि के लिए बिजली और पानी के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में सबसे पहले नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। देश की आजादी के बाद के 55 साल तक प्रदेश में बिजली का उत्पादन सिर्फ 5000 मेगावाट हुआ करता था। लेकिन बीते 20 सालों में … Read more

‘खतरों के खिलाड़ी 15’ से बाहर हुए ओरी? इमोशनल पोस्ट से बढ़ी अटकलें

बॉलीवुड सितारों के चहेते दोस्त और मशहूर सोशल मीडिया पर्सनैलिटी ओरी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. वह इन दिनों स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं. हमेशा अपने मजेदार और फनी पोस्ट से लोगों को हंसाने वाले ओरी ने इस बार अपने इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसा शेयर कर दिया है, जिसे देखकर उनके फैंस काफी परेशान और भावुक हो गए हैं. इस पोस्ट के बाद से ही शो में उनके टिकने पर सवाल उठने लगे हैं. ओरी ने पोस्ट में क्या लिखा ? ओरी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर एक नई तस्वीर शेयर की है. इस ग्रुप फोटो में वह ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के बाकी सभी कंटेस्टेंट्स के साथ पोज देते हुए नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए ओरी ने एक बेहद इमोशनल मैसेज लिखा है. उन्होंने लिखा, इतने प्यारे लोग, इतनी खूबसूरत यादें… मैं आप सभी को बहुत याद करूंगा. इस इमोशनल पोस्ट के साथ उन्होंने हैशटैग ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का भी इस्तेमाल किया है. बिना जैकेट के दिखे ओरी ओरी की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है. फैंस ने इस तस्वीर में एक बहुत बड़ी बात नोटिस की है. दरअसल, ग्रुप फोटो में बाकी सभी कंटेस्टेंट्स शो की ऑफिशियल ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ वाली जैकेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ओरी उस जैकेट में नजर नहीं आ रहे हैं. इस बात को देखने के बाद और ओरी के इमोशनल मैसेज को पढ़कर सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गई हैं कि ओरी शो से एविक्ट यानी बाहर हो चुके हैं और यह उनका फेयरवेल पोस्ट है. ओरी के इस पोस्ट की टाइमिंग और उनके लिखने के अंदाज ने फैंस के बीच खलबली मचा दी है. हालांकि, अभी तक न तो शो के मेकर्स की तरफ से और न ही खुद ओरी की तरफ से उनके शो से बाहर होने की कोई ऑफिशियल घोषणा की गई है. लेकिन इस एक पोस्ट ने आने वाले नए सीजन को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.

विगत दो सप्ताह में प्रदेशभर में 4 करोड़ 7 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब, तस्करी में प्रयुक्त वाहन एवं अन्य सामग्री जब्‍त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दो सप्ताह के दौरान विभिन्न जिलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ 7 लाख रुपए से अधिक की अवैध शराब, तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। साथ ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। सागर जिले में मकरोनिया एवं यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब से भरे एक कंटेनर ट्रक को पकड़ा। पुलिस ने करीब 1500 पेटी अंग्रेजी शराब सहित लगभग 1 करोड़ 8 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा थाना पुलिस ने 2574 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बोलेरो पिकअप सहित 27 लाख 74 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने 4859 लीटर अवैध देशी एवं अंग्रेजी शराब के साथ 9 चार पहिया और 5 दुपहिया वाहन जब्त किए, जिनकी कुल कीमत करीब 80 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई है। इंदौर जिले की कनाडिया थाना पुलिस ने 340 पेटी बीयर यानी 4080 लीटर बीयर सहित लगभग 74 लाख 24 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। धार जिले के धामनोद थाना पुलिस ने ट्रक से 514 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद कर ट्रक सहित करीब 40 लाख 84 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। रतलाम पुलिस ने कंटेनर ट्रक से 5172 बल्क लीटर अवैध बीयर जब्त करते हुए लगभग 25 लाख 68 हजार रुपए की कार्रवाई की। आलीराजपुर जिले के आजादनगर और जोबट थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में 120 पेटी अवैध शराब, 40 पेटी बीयर और 33 पेटी बीयर सहित करीब 15 लाख 97 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। मुरैना जिले की कोतवाली, माताबसैया और रिठौराकलां थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में अवैध देशी शराब और बोलेरो वाहन सहित लगभग 7 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। कटनी जिले में ऑपरेशन “शिकंजा” के तहत विजयराघवगढ़ पुलिस ने अवैध शराब और कार सहित करीब 6 लाख 39 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। डिंडोरी जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने 84.39 लीटर अवैध शराब, मोटरसाइकिल, मोबाइल और नगदी सहित 5 लाख 37 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं सीधी जिले के जमोड़ी थाना पुलिस ने बोलेरो वाहन से 25 पेटी बीयर सहित लगभग 5 लाख 75 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। दतिया जिले के अतरेटा थाना पुलिस ने 146 लीटर अवैध शराब और स्कॉर्पियो वाहन सहित करीब 4 लाख 61 हजार रुपए की कार्रवाई की। छतरपुर जिले में ईशानगर और जुझारनगर पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में अवैध शराब और कार सहित लगभग 1 लाख 70 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। सिंगरौली जिले के बरगवां थाना पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर कार से 152 लीटर अवैध शराब जब्त कर करीब 1 लाख 81 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं उज्जैन जिले की नागझिरी थाना पुलिस ने 312 क्वार्टर अवैध अंग्रेजी शराब और मोटरसाइकिल सहित 1 लाख 74 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश police का कहना है कि अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आमजन की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई निरंतर की जा रही है।

अब तक 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हुआ, अभी भी जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 10 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नंबर-1 स्थान पर है। इस तरह से मध्यप्रदेश समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के मामले में सर्वाधिक किसानों को लाभांवित करने वाला राज्य है। यही नहीं अब तक लगभग 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर मध्यप्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में सतत कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री कर रहे सतत मॉनिटरिंग मंत्री  राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये हैं, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है। किसानों को 20,680 करोड़ से अधिक का भुगतान किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 20,680.83 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल काटें, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई।  

तेल संकट की खबरों के बीच इंडियन ऑयल का बयान, जानें पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पर क्या कहा

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने देश में पेट्रोल एवं डीजल की समग्र किल्लत से इनकार करते हुए शनिवार को कहा कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी होने से संबंधित खबरें 'बेहद स्थानीय' और अस्थायी प्रकृति की हैं जो क्षेत्रीय मांग-आपूर्ति असंतुलन और बिक्री के प्रारूप में बदलाव का नतीजा हैं। क्या कुछ कहा है IOC ने  आईओसी ने कहा कि कुछ पेट्रोल पंपों पर बढ़ी हुई मांग का कारण फसल कटाई के समय डीजल की खपत में मौसमी वृद्धि, अपेक्षाकृत अधिक कीमत वाले निजी पेट्रोल पंपों से ग्राहकों का सरकारी क्षेत्र के पंपों की तरफ स्थानांतरण और थोक ईंधन की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप वृद्धि के कारण संस्थागत खरीद में बढ़ोतरी है। पेट्रोल की बिक्री में हुआ इजाफा पब्लिक सेक्टर की कंपनी ने एक बयान में कहा कि एक से 22 मई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि डीजल की बिक्री लगभग 18 प्रतिशत बढ़ी जो मांग में निरंतर और अत्यंत उच्च वृद्धि को दर्शाता है, जिसे वह देशभर में पूरा कर रही है। आईओसी ने कहा, "हम ग्राहकों और आम जनता को यह आश्वस्त करना चाहते हैं कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई समग्र किल्लत नहीं है। कुछ खुदरा केंद्रों पर देखी जा रही स्थिति अत्यंत स्थानीय और अस्थायी है, जो स्थानीय मांग-आपूर्ति असंतुलन तथा चुनिंदा क्षेत्रों में बिक्री प्रवृत्ति के पुनर्संतुलन के कारण उत्पन्न हुई है।" लगभग सभी पेट्रोल पंप पर तेल : IOC बयान के मुताबिक, आईओसी के 42,000 से अधिक पेट्रोल पंपों के नेटवर्क में बहुत ही कम जगहों पर आपूर्ति बाधित हुई है, जबकि अधिकांश पंपों पर भंडार और आपूर्ति सामान्य एवं पर्याप्त बनी हुई है। आईओसी ने कहा कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां देशभर में पर्याप्त ईंधन भंडार बनाए हुए हैं तथा अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पन्न इन सीमित बाधाओं को दूर करने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही हैं। आईओसी ने कहा, "मांग में इस निरंतर और अत्यंत उच्च वृद्धि के बावजूद इंडियन ऑयल देशभर में ग्राहकों की जरूरतों को लगातार पूरा कर रही है।" कंपनी ने उपभोक्ताओं से घबराकर खरीदारी से बचने की अपील करते हुए निर्बाध ईंधन उपलब्धता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। बयान में कहा गया, "इंडियन ऑयल अन्य तेल विपणन कंपनियों के साथ मिलकर देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार एवं आपूर्ति बनाए हुए है।"

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली-जेवर RRTS से सफर होगा सुपरफास्ट

नोएडा  उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली को जेवर में बनने वाले आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है. इस हाई-स्पीड ट्रांजिट रूट से दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने और यात्रा का समय घटकर लगभग 21 मिनट रह जाने की उम्मीद है।  राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद, अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को भेज दिया गया है. यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह कॉरिडोर NCR के तेजी से विकसित हो रहे ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।  प्रस्तावित दिल्ली-जेवर एयरपोर्ट RRTS कॉरिडोर के वर्तमान में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर चल रही 'नमो भारत' रैपिड रेल प्रणाली की तर्ज पर ही काम करने की उम्मीद है. इन ट्रेनों को अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है और ये 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकती हैं।  वर्तमान में, दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की एकमात्र चालू RRTS लाइन है. यह 82.15 किलोमीटर लंबा मार्ग दिल्ली के सराय काले खां को उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम से जोड़ता है और देश में क्षेत्रीय हाई-स्पीड शहरी परिवहन  का पहला उदाहरण है।  उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से दिल्ली-जेवर RRTS को आगामी दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल परियोजना से जोड़ने का भी प्रस्ताव दिया गया है. इस कदम से एक एकीकृत परिवहन नेटवर्क  तैयार हो सकता है, जो हवाई यात्रा को हाई-स्पीड रेल बुनियादी ढांचे से जोड़ेगा।  एयरपोर्ट कनेक्टिविटी यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान संचालन की तैयारी कर रहा है, जिसके 15 जून से शुरू होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत में 28 मार्च को इस एयरपोर्ट परियोजना का उद्घाटन किया था।  अधिकारियों को उम्मीद है कि नया हवाई अड्डा उत्तर भारत में एक बड़े विमानन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा, जिससे यात्रियों और व्यवसायों के लिए कुशल कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी. एक्स (X) पर एक पोस्ट में, गुप्ता ने कहा कि एक उच्च स्तरीय बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के "समग्र और नियोजित विकास" की समीक्षा की गई, जिसमें जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।  मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों को प्रभावित करने वाली कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए. इसके साथ ही, विभिन्न विभागों को पारदर्शिता में सुधार करने और स्थानीय निवासियों व किसानों के लिए मुआवजा तंत्र NOC की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए गए।  जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विस्तार होने की भी उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र को प्रमुख परिवहन गलियारों से जोड़ा जा रहा है, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं. बैठक के दौरान इस क्षेत्र के लिए नियोजित कई औद्योगिक और विनिर्माण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जो इस पूरे इलाके को एक लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास हब में बदलने के सरकार के व्यापक विजन को रेखांकित करती है। 

बहू ने निभाया रिश्ते का फर्ज, वृद्ध सास को पीठ पर ढोकर दिलाई पेंशन

अंबिकापुर सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत शुक्रवार को कुनिया के जंगलपारा की रहने वाली सुखमनिया अपनी 90 साल की सास सोनवारी को पीठ पर लादकर करीब तीन किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक पहुंची। यहां बैंक ने उसे तीन महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दिए, जबकि खाते में चार महीने के कुल दो हजार रुपए जमा थे। स्वजन के अनुसार वृद्धा के दो पुत्र हैं जो काम करने चले जाते हैं। पेंशन नहीं मिलने के कारण परेशान बहू आखिरकार अपनी सास को पीठ पर लादकर बैंक तक का सफल पैदल तय की। बैंक पहुंची बहू सुखमनिया ने बताया कि पहले बैंक मित्र तपेश घर आकर पेंशन दे जाता था, लेकिन बाद में उसने घर पर पैसा देने से मना कर दिया। यही वजह है कि तीन महीने से भटकने के बाद उसे मजबूरी में सास को ढोकर बैंक लाना पड़ा। जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ने के कारण वहां कोई गाड़ी नहीं चलती, इसलिए वह पैदल ही बैंक पहुंची। बुजुर्ग सोनवारी को महतारी वंदन योजना का लाभ भी नहीं मिलता, उन्हें सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन के 500 रुपए ही मिलते हैं। कुनिया ग्राम के जंगलपारा स्थित घर से डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाला पड़ता है, जिसके कारण वहां कोई गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। इसके बाद डेढ़ किलोमीटर का रास्ता और तय करना पड़ता है। महज 500 रुपए की पेंशन के लिए बुजुर्ग सास को इस तरह पीठ पर लादकर ले जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल रहा है। परिवार बेहद जरूरतमंद है। बहू ने बताया कि पहले बैंक मित्र घर पर ही पेंशन देने आता था, जिससे उन्हें सहूलियत होती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसने घर आना बंद कर दिया। वहीं केवाईसी पूरा नहीं होने के कारण भी कई महीनों से पेंशन अटकी हुई थी। इसी वजह से शुक्रवार को बहू को मजबूरी में अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर पांच किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक तक पैदल लाना पड़ा। बैंक मैनेजर बोले- घर पर ही पेंशन देने की व्यवस्था इस पूरे मामले पर नर्मदापुर सेंट्रल बैंक के मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग का कहना है कि मैनपाट इलाके में वृद्धावस्था पेंशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था है और इसके लिए बैंक के आठ बैंक मित्र काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन्हें भी पैसा निकालना होता है, उनके स्वजन अगर बैंक में सूचना दे दें तो बैंक मित्र को उनके घर भेज दिया जाता है।