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UP कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, डीए में बढ़ोतरी के आदेश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पांचवें और छठवें वेतनमान पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफे के आदेश जारी कर दिए हैं। पांचवें वेतमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत और छठवें वेतनमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए पांच प्रतिशत बढ़ाया गया है। वित्त विभाग के मुताबिक इन सभी कर्मचारियों को मई के वेतन में बढ़े डीए का लाभ मिलेगा। आदेश के मुताबिक छठे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत और राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वेतन संरचना में कार्यरत कर्मचारियों का डीए पांच प्रतिशत वृद्धि के साथ 257 से बढ़कर 262 प्रतिशत और पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत वेतन संरचना में काम कर रहे कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत वृद्धि के साथ 474 से बढ़कर 483 प्रतिशत हो गया है। डीए का लाभ एक जनवरी से दिया जाएगा। एक जनवरी से 30 अप्रैल तक की देय अवशेष राशि (एरियर) अधिकारियों और कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं हैं उनकी अवशेष धनराशि उनके पीपीएफ में जमा कराई जाएगी या एनएससी के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार भी पेंशन में देगी 14 फीसदी धनराशि राष्ट्रीय पेंशन योजना वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को देय अवशेष राशि में से 10 प्रतिशत के बराबर धनराशि उनके टियर-एक पेंशन खाते में जमा कराई जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से भी पेंशन खाते में अवशेष धनराशि की 14 प्रतिशत के बराबर धनराशि जमा की जाएगी। बची हुई 90 प्रतिशत राशि कार्मिकों के पीपीएफ में जमा कराई जाएगी अथवा एनएससी के माध्यम से दी जाएगी। इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ बढ़े हुए डीए का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत उन पदधारकों को मिलेगा जिनके वेतनमान जनवरी 2016 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं। और वे पांचवें और छठवें वेतनमान में कार्यरत हैं। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं इस शासनादेश के जारी होने की तारीख से पहले समाप्त हो गई हैं या फिर जो छह महीने के अंदर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते (डीए) की पूरी धनराशि का भुगतान नगद किया जाएगा। बता दें कि अखिल भारतीय सेवाओं के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को बढ़ी दर से महंगाई राहत का लाभ देने के लिए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेशों के मुताबिक भुगतान किए जाने का आदेश भी वित्त विभाग ने जारी किया है।

गर्मी में टिफिन पैकिंग गाइड: खाने को जल्दी खराब होने से बचाने के आसान तरीके

मई में भारत का तापमान 45 डिग्री पार कर चुका है. बाहर हो या घर के अंदर सभी जगह किसी जलती भट्टी की तरह लग रही हैं. ऐसी सड़ी गर्मी में खाने-पीने की चीजों को खराब होने से बचाना सबसे बड़ा चैलेंज बन जाता है. खासकर जब बात स्कूल या ऑफिस के टिफिन की हो, तो थोड़ी सी लापरवाही भी खाने को जल्दी खराब कर सकती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस की वजह से खाने में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे वो जल्दी ही सड़ने लगता है. यहां तक की कई बार तो उसमें बदबू आने लगती है. अगर गलती से किसी भी बच्चे या बड़े ने ये खाना खा लिया तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार सुबह बनाया गया खाना दोपहर तक ही खराब होने लगता है, खासकर अगर उसे सही तरीके से पैक न किया गया हो. ऐसे में जरूरी है कि लंच बॉक्स पैक करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए. कुछ छोटी-छोटी आदतें आपके खाने को लंबे समय तक फ्रेश बनाए रख सकती हैं और उसे खराब होने से भी बचा सकती हैं. अच्छी क्वालिटी के डिब्बे का करें इस्तेमाल: गर्मियों में हमेशा अच्छी क्वालिटी के मजबूत लंच बॉक्स का इस्तेमाल करना चाहिए. इंसुलेटेड या एयरटाइट कंटेनर खाने को ज्यादा देर तक ताजा रखने में मदद करते हैं. इससे बाहर की गर्म हवा और नमी खाने तक जल्दी नहीं पहुंचती. गर्म खाना तुरंत पैक न करें: बहुत से लोग खाना बनते ही टिफिन में पैक कर देते हैं, लेकिन ये आदत सही नहीं मानी जाती है. गर्म खाना बंद डिब्बे में रखने से अंदर भाप बनती है, जिससे नमी बढ़ती है और खाना जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए खाना थोड़ा ठंडा होने के बाद ही पैक करें. कटे हुए फल ले जाने से बचें: अगर आप टिफिन में फल रख रहे हैं, तो कोशिश करें कि उन्हें पूरा ही रखें. कटे हुए फल जल्दी काले पड़ जाते हैं और लंबे समय तक बाहर रहने पर उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. केला, संतरा या सेब जैसे फल पूरे रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है. बचा हुआ खाना पैक करने में सावधानी रखें: रात का बचा हुआ खाना अगले दिन टिफिन में रखना सही नहीं होता, खासकर अगर वो जल्दी खराब होने वाली चीज हो. ज्यादा देर रखा खाना इंफेक्शन का कारण बन सकता है. कोशिश करें कि हमेशा ताजा बना खाना ही पैक करें. खाने को दोबारा गर्म करना हो सकता है फायदेमंद: अगर ऑफिस या स्कूल में माइक्रोवेव है, तो खाना खाने से पहले उसे हल्का गर्म जरूर कर लें. इससे खाने में मौजूद बैक्टीरिया खत्म होने में मदद मिलती है और फूड पॉइजनिंग का खतरा कम होता है. गीले और सूखे खाने को अलग रखें: रोटी, सलाद और सूखी सब्जी जैसी चीजों को हमेशा ग्रेवी वाले खाने से अलग पैक करें. इससे खाना गीला नहीं होता और लंबे समय तक स्वाद भी बना रहता है.

EVM की मांग पर हाईकोर्ट सख्त, बोला- अब बहुत देर हो चुकी; पंजाब निकाय चुनाव पर बड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया के अंतिम दौर में पहुंचने के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसमें हस्तक्षेप करने से साफ इन्कार कर दिया। अब मतदान बैलेट पेपर से होगा।  अदालत ने स्पष्ट कहा कि चुनाव कार्यक्रम 13 मई को ही जारी हो चुका था, नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 19 थी और अब केवल मतदान बाकी है। कोर्ट ने कहा कि इस चरण में ईवीएम पर कोई आदेश पारित करना उचित नहीं होगा। जनहित याचिका दाखिल करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से पंजाब में निकाय चुनाव ईवीएम से करवाने की मांग की गई थी। याची ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम का इस्तेमाल जरूरी है।  26 मई को होना है मतदान पंजाब में 105 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए 26 मई को मतदान होगा। मतदान बैलेट पेपर से करवाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।   हम ब्लेम गेम का हिस्सा नहीं बन सकते इस मामले में हाईकोर्ट में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया व पंजाब राज्य चुनाव आयोग आमने सामने आ गए थे। ईसीआई ने कहा था कि समय रहते ईवीएम की मांग नहीं की गई थी। इसके जवाब में पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने कहा था कि उन्हें वह मशीनें नहीं उपलब्ध करवाई जा रही थी जिसकी उन्होंने मांग की थी। वहीं ट्रेनिंग व व्यवस्था के लिए समय को लेकर भी दोनों ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि ईसीआई व राज्य चुनाव आयोग आपस में ब्लेम गेम खेल रहे हैं और हम इस गेम का हिस्सा नहीं बनना चाहते। याचिकाकर्ता देर से आए कोर्ट ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से सहमत हैं कि बैलेट पेपर की तरफ वापस जाना सही नहीं है लेकिन याचिकाकर्ता अदालत के समक्ष बहुत देर से पहुंचे हैं। इसी आधार पर अदालत ने संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए यह स्वतंत्रता भी दी कि यदि उन्हें चुनाव प्रक्रिया या परिणाम को चुनौती देनी है तो वे कानून के अनुसार चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं। समाज में अशिक्षा के चलते बनाए रखा गया है बैलेट पेपर का प्रावधान हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे समाज में, जहां अशिक्षा आज भी बड़ी आबादी को प्रभावित करती है, नियम बनाने वाले प्राधिकरण ने जानबूझकर मतपत्र और मतपेटियों से संबंधित प्रावधानों को बरकरार रखा और नगर निकाय चुनावों में ईवीएम की अवधारणा लागू करते समय इन्हें समाप्त नहीं किया। ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जब ईसीआई या राज्य निर्वाचन आयोग को पुनः पारंपरिक प्रणाली अर्थात मतपत्र और मतपेटियों के माध्यम से चुनाव कराना पड़े।  

प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी नाबालिग, जहानाबाद में हाई वोल्टेज ड्रामा

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में एक बार फिर मोहब्बत का मोबाइल टावर वाला हाई वोल्टेज ड्रामा देखा गया। करपी थाना क्षेत्र के पूरान गांव में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रेमी से शादी कराने की मांग को लेकर एक नाबालिग लड़की जिओ कंपनी के मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब 120 फीट ऊंचे टावर पर लड़की के चढ़ने की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। उसे नीचे उतारने में पुलिस के पसीने छूट गए। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे तपती धूप की परवाह किए बगैर एक नाबालिग लड़की पूरान गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। राहगीरों की नजर जब लड़की पर पड़ी तो इसकी सूचना तत्काल करपी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष संजीव कुमार सिन्हा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लड़की को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। यह खबर जंगल की आग की तरह इलाके में फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। करीब तीन घंटे तक यह ड्रामा चलता रहा। पुलिस एवं स्थानीय लोगों के समझाने-बुझाने के बाद लड़की टावर से नीचे उतरने को तैयार हुई। पुलिस ने राहत की सांस लेते हुए लड़की को सुरक्षित नीचे उतारा और पूछताछ के लिए थाना ले गई। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसका करपी जगदेव चौक के समीप मोबाइल फोन मरम्मत का काम करने वाले दीपक नामक युवक से लगभग एक वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा है। मोबाइल फोन पर दोनों के बीच संपर्क हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और प्रेम संबंध स्थापित हो गया। लड़की युवक से शादी कराने की मांग कर रही थी। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है तथा लड़की एवं उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस उस लड़के को भी तलब करेगी जिससे अफेयर का दावा लड़की करती रही। नाबालिग होने के कारण उसकी शादी में अड़चन है। बेटी की करतूत से उसके परिजन काफी नाराज हैं। प्यार और शादी के लिए टावर पर चढ़ने की घटना पहली बार नहीं हुई है। बिहार में एक ट्रेंड चल पड़ा है कि अपनी कोई बात मनवाने के लिए टावर पर चढ़ जाएं। कई बार कुछ सनकी किस्म के लोग बिजली के टावर पोल पर भी चढ़ जाते हैं जिन्हें बचाने के लिए इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है।

कान्स में ऐश्वर्या राय को लेकर वायरल दावा कितना सच? जानिए पूरा मामला

ऐश्वर्या राय बच्चन कान्स की रियल क्वीन हैं. वो बीते कई सालों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में जलवे बिखेर रही हैं. ऐश्वर्या के रेड कार्पेट लुक्स पर दुनियाभर की नजरें टिकी रहती हैं और एक्ट्रेस भी हमेशा अपने ग्लैमरस लुक से हर किसी को वाह…कहने पर मजबूर कर देती हैं. ऐश्वर्या जब भी रेड कार्पेट पर उतरती हैं तो हर कैमरा सिर्फ उनपर होता है. एक्ट्रेस को अपने कैमरों में कैद करने के लिए इंटरनेशनल फोटोग्राफर्स बेकरार रहते हैं. लेकिन क्या इस साल ऐश्वर्या को इग्नोर किया गया है? इस सवाल पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. क्या है वायरल पोस्ट की सच्चाई? ऐश्वर्या राय इस साल इलेक्ट्रिक ब्लू मर्मेड गाउन में कान्स रेड कार्पेट पर जलवे बिखेरती नजर आईं. ब्लू गाउन में एक्ट्रेस का ग्लैमरस अंदाज दिखा. उन्होंने रेड कार्पेट पर फोटोग्राफर्स को फ्लाइंग Kiss करते हुए कई पोज भी दिए. एक्ट्रेस की खूबसूरती पर हर कोई दिल हार बैठा. ब्लू गाउन में ऐश्वर्या के कई फोटोज और वीडियोज इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं. इस साल भी ऐश्वर्या ने अपने गॉर्जियस लुक्स से फैंस का दिल जीत लिया. ऐश्वर्या के हुस्न की तारीफ करते फैंस थक नहीं रहे हैं. लेकिन इसी बीच X पर वायरल एक पोस्ट ने ऐश्वर्या राय के फैंस को नाराज और निराश कर दिया. वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि कान्स में ऐश्वर्या राय को इग्नोर किया गया. पोस्ट में लिखा है-  कोई ऐश्वर्या राय की तस्वीरें क्यों नहीं खींच रहा है? (मैं उनके फैंस की तरह बेवकूफ नहीं हूं, मैं बस उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रही हूं.) इस पोस्ट पर ऐश्वर्या राय के फैंस उनके सपोर्ट में आगे आ रहे हैं. फैंस वायरल पोस्ट पर गुस्से में रिएक्शन दे रहे हैं. एक फैन ने ऐश्वर्या के सपोर्ट में लिखा- मुझे नहीं लगता कि दर्शक या कैमरे इतने अंधे हैं जो ऐश्वर्या राय को नजरअंदाज कर दें. जरा कैमरों के फ्लैश तो देखो. सोशल मीडिया पर पोस्ट पर बहस छिड़ रही हैं. वायरल पोस्ट पर एक्ट्रेस के फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है. फैंस का कहना है कि निगेटिव पीआर के जरिए ऐश्वर्या के खिलाफ ऐसे पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं. वैसे इस मामले में आपका क्या कहना है?

वास्तु टिप्स: अलमारी में रखी ये 4 खराब चीजें रोक सकती हैं धन का प्रवाह

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर की हर एक वस्तु में खास ऊर्जा होती है, जो हमारे जीवन और आर्थिक स्थिति पर असर डालती है.  खासकर हमारी अलमारी, जिसे हम धन और कीमती चीजें रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वहां सकारात्मक ऊर्जा का होना बेहद जरूरी है.  कई बार हम अनजाने में अपनी वॉर्डरोब में कुछ ऐसी पुरानी या खराब चीजें छोड़ देते हैं, जो नकारात्मकता बढ़ाती हैं और सीधे हमारे बैंक बैलेंस पर असर डालती हैं. अगर लाख कोशिशों के बाद भी आपके पास पैसा नहीं टिक रहा है, तो तुरंत अपनी अलमारी चेक करें.  वास्तु के अनुसार, वॉर्डरोब में रखी ये 4 पर्सनल चीजें आपका मनी फ्लो ब्लॉक कर सकती हैं: 1. फटा या टूटा हुआ पर्स (Wallet) वास्तु में पर्स को सीधे लक्ष्मी और बरकत से जोड़कर देखा जाता है. अगर आपकी अलमारी या लॉकर में कोई ऐसा पर्स रखा है जो फट गया है, जिसकी सिलाई उधड़ गई है या ज़िप खराब है, तो उसे तुरंत हटा दें. ऐसा माना जाता है कि फटा हुआ वॉलेट पैसों की आवक को रोकता है और जमा पूंजी को भी खर्च करा देता है. 2. खराब या फटे हुए इनरवियर कपड़ों का संबंध ज्योतिष में सीधे शुक्र ग्रह से माना गया है, जो सुख-समृद्धि और वैभव के कारक हैं. अक्सर लोग पुराने या हल्के फटे हुए इनरवियर को अलमारी के कोने में पड़ा रहने देते हैं. वास्तु के अनुसार, शरीर के सबसे करीब रहने वाले इन कपड़ों का खराब होना पर्सनल एनर्जी को बिगाड़ता है. यह आपकी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ आपके रिश्तों पर भी बुरा असर डाल सकता है. 3. बंद या टूटी हुई हाथ की घड़ी कलाई घड़ी को वास्तु शास्त्र में हमारे समय, प्रगति और करियर के ग्राफ का प्रतीक माना जाता है. अगर अलमारी में कोई ऐसी घड़ी रखी है जो बंद है, जिसका शीशा चटक गया है या स्ट्रैप (बेल्ट) टूट चुकी है, तो यह जीवन में ठहराव लाती है.  खराब घड़ी को वॉर्डरोब में रखने से करियर में रुकावटें आती हैं, इससे धन लाभ के नए अवसर मिलना बंद हो जाते हैं. 4. टूटे और घिसे हुए जूते-चप्पल कई लोग महंगे लेकिन टूट चुके या घिस चुके फुटवियर को अलमारी के निचले हिस्से या शू-रैक वॉर्डरोब में सहेज कर रख देते हैं.  वास्तु के अनुसार, जूते-चप्पल हमारी जिंदगी की दिशा और रफ्तार तय करते हैं. टूटे-फूटे फुटवियर घर में दरिद्रता और आर्थिक तंगी को बढ़ाते हैं.  तरक्की के रास्ते खोलने के लिए इन्हें तुरंत बाहर करना ही बेहतर है.

कच्चे तेल की कीमतों का असर, यूपी में पेट्रोल 99 रुपये के पार

लखनऊ पश्चिम एशिया संकट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने फिर पेट्रोल, डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। मंगलवार के बाद अब एक बार फिर आज पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दामों में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। एक सप्ताह में कीमतों में लगातार दूसरी वृद्धि के बाद राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.70 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 87 पैसे और 91 पैसे प्रति लीटर का ही इजाफा किया गया था। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि तेल कंपनियों को रोज 750 करोड़ रुपये नुकसान हो रहा है। यूपी के शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट एचपीसीएल (HPCL) की साइट पर दिख रहे दामों के मुताबिक, लखनऊ में शनिवार को पेट्रोल 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर है। वाराणसी में पेट्रोल 99.62 और डीजल 93 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है तो आगरा में पेट्रोल 99.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.40 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा, मेरठ में पेट्रोल 99.15 रुपये और डीजल 92.53 रुपये प्रति लीटर है। कानपुर में सोमवार को पेट्रोल 99.33 रुपये और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, गोरखपुर में पेट्रोल प्रति लीटर 99.49 रुपये और डीजल प्रति लीटर 92.86 रुपये है। इनके अलावा बरेली में पेट्रोल 98.95 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर है। प्रयागराज में पेट्रोल 99.22 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.62 रुपये प्रति लीटर है। दोपहिया वाहन चालकों पर सालाना बोझ तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने एक सप्ताह में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। शनिवार को पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसका आम आदमी की जेब पर तगड़ा असर पड़ेगा। हाल ही में आज से पहले भी दो बार बढ़ी दरों को जोड़ें तो कुल पांच रुपये के करीब कीमत बढ़ गई है। ऐसे में सालाना अतिरिक्त खर्च का बोझ दो पहिया सवार पर बढ़ेगा। ऑटो एक्सपर्ट बता रहे हैं औसत रूप से एक बाइक या स्कूटर में एक माह के दौरान 30 लीटर पेट्रोल की खपत रहती है। इसी तरह चार पहिया वाहनों में एक माह में 80 से 100 लीटर तक की खपत होती है। चार पहिया वाहन चालकों की जेब पर तीन बार हुई बढ़ोतरी से सालाना बोझ बढ़ जाएगा।

नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक चलेगा भीषण गर्मी का दौर, शास्त्रों में बताए गए दान के उपाय

इस बार नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी और समापन 2 जून को होगा. नौतपा के इन 9 दिनों में सूर्य देव अपने प्रचंड रूप में होते हैं, जिससे पृथ्वी पर अत्यधिक गर्मी बढ़ जाती है. शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भीषण गर्मी से जूझ रहे इंसानों और बेजुबान पशु-पक्षियों को शीतलता प्रदान करने वाली चीजों का दान करना महा-पुण्य फलदायी माना गया है. इससे कुंडली में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है. नौतपा के दौरान आपको मुख्य रूप से इन चीजों का दान जरूर करना चाहिए. 1. जल और शीतल पेय पानी का घड़ा या सुराही- किसी मंदिर, प्याऊ या जरूरतमंद को मिट्टी का नया घड़ा (मटका) या सुराही पानी भरकर दान करें. रास्ते में प्याऊ लगवाना- राहगीरों के लिए मीठे शरबत, शिकंजी या सादे पानी की व्यवस्था करना इस मौसम का सबसे बड़ा पुण्य है. 2. अनाज और खाने-पीने की चीजें सत्तू- जौ या चने का सत्तू पेट को ठंडक देता है. नौतपा में सत्तू का दान बेहद शुभ माना जाता है. मौसमी फल- गर्मी से राहत देने वाले फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और आम का दान करें. दही या छाछ- राहगीरों या ब्राह्मणों को ठंडी छाछ (मट्ठा) या दही का दान करने से कुंडली में चंद्र दोष दूर होता है. 3. गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं पंखे का दान- हाथ से झलने वाला बांस का पंखा (बिजना) या क्षमता अनुसार बिजली का पंखा किसी जरूरतमंद या धार्मिक स्थल पर दान करें. छाता – तेज धूप से बचने के लिए राहगीरों, बुजुर्गों या श्रमिकों को छाते का दान करना बहुत लाभकारी माना जाता है. चप्पल या जूते- इस जलती हुई धूप में किसी जरूरतमंद को चप्पल, जूते या मोज़े दान करने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और पैर की सुरक्षा होती है. 4. बेजुबान जीवों के लिए दान (जीव सेवा) पक्षियों के लिए सकोरे- अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में मिट्टी के बर्तनों (सकोरों) में पानी और दाना रखें. पशुओं के लिए नाद- लावारिस गायों और अन्य जानवरों के लिए सड़कों के किनारे पानी पीने की नाद (हौदी) की व्यवस्था करें या उसमें पानी भरें.

गर्मी से मिली राहत, लेकिन ज्यादा दिन नहीं! पंजाब में आज भी बारिश का अलर्ट, फिर बढ़ेगा पारा

लुधियाना  पंजाब में शुक्रवार को हीट वेव के प्रकोप के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। इससे तापमान में 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है।  44 डिग्री के साथ बठिंडा सबसे गर्म रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर जिले शामिल हैं। इसके साथ ही हीट वेव चलने की भी चेतावनी जारी हुई है।  विभाग के मुताबिक रविवार से पंजाब में मौसम शुष्क हो जाएगा और भीषण लू चलेगी। विभाग ने रविवार से चार दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर हो गया है। सबसे कम 22.3 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 39.1 डिग्री, लुधियाना का 42.0 डिग्री, पटियाला का 42.3 डिग्री, पठानकोट का 38.6 डिग्री, फाजिल्का का 39.9 डिग्री, फिरोजपुर का भी 39.9 डिग्री, एसबीएस नगर का 36.0 डिग्री और रूपनगर का 37.4 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 25.6 डिग्री, लुधियाना का 27.8 डिग्री, पटियाला का 29.0 डिग्री, बठिंडा का 28.2 डिग्री, फाजिल्का का 26.1 डिग्री, फिरोजपुर का 26.2 डिग्री, होशियारपुर का 23.5 डिग्री और रूपनगर का 27.0 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा टेंपरेचर कहां पर 22 मई 2026 तक मध्य भारत, उससे सटे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पूर्वी और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में दिन में अधिकतम तापमान 45-47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और पश्चिमी दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों का तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस ब्रह्मपुरी (विदर्भ) में दर्ज हुआ।  दुनिया के 100 सबसे गर्म जगहों में नोएडा, गाजियाबाद एक्यूआई डॉट इन के आंकड़ों के मुताबिक, 22 मई को रात 10 बजे के आंकड़ों के  हिसाब से दुनिया की 50 सबसे गर्म जगहों में 35 भारत के शहर शामिल हैं.  इसमें रायपुर, दुर्ग, भिलाई, चंद्रपुर, नागपुर, बांदा, अकोला, बुरहानपुर, अमरावती, नोएडा, सोनीपत, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत कई शहर शामिल हैं. अगले एक हफ्ते तक तापमान में गिरावट की संभावना नहीं है. लेकिन पहाड़ी इलाकों में जल्द राहत मिल सकती है।   

खनन माफिया पर प्रशासन की सख्ती, यमुना नगर में 100+ वाहन पकड़े गए

यमुना नगर. यमुनानगर में लगातार उजागर हो रहे अवैध खनन के नेटवर्क पर आखिरकार बड़ी कार्रवाई हुई है। दैनिक जागरण द्वारा लगातार प्रकाशित खबरों के बाद करनाल स्पेशल टास्क फोर्स और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने इंद्री और लाडवा क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री से भरे 100 से अधिक वाहनों को पकड़कर खनन माफिया पर बड़ा शिकंजा कसा है। जांच में अब तक 25 से अधिक वाहनों के पास ई-रवन्ना, रॉयल्टी और परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई चालक हाईवे और ढाबों पर वाहन छोड़कर फरार हो गए। बेलगढ़ क्षेत्र, यमुना नदी और आसपास के इलाकों में अवैध खनन नेटवर्क चल रहे है। खबरों में बार-बार सामने लाया गया कि किस प्रकार यमुनानगर से प्रतिदिन भारी संख्या में खनन सामग्री से भरे वाहन प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक दावे केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे थे। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जिले में 20 से अधिक माइनिंग नाके होने के बावजूद अवैध खनन सामग्री से भरे वाहन यमुनानगर से निकलकर करनाल तक कैसे पहुंच गए। यदि सीमाओं पर निगरानी और जांच व्यवस्था सक्रिय थी तो इतने बड़े स्तर पर वाहन पकड़े जाने से पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए अधिकांश वाहनों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। कई वाहनों के नंबर, रजिस्ट्रेशन और परिवहन रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अवैध खनन का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और इसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वैध खनन कारोबारियों का कहना है कि एक ओर वे करोड़ों रुपये खर्च कर सरकार से खनन ब्लॉक लेते हैं और नियमित राजस्व जमा करते हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध खनन माफिया सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार अवैध खनन के कारण वैध एजेंसियों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में 30 के करीब माइनिंग ब्लॉक समय पर भुगतान न होने और अन्य कारण से पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि कई अन्य ब्लॉक भी बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो वैध खनन उद्योग गंभीर संकट में आ सकता है। जिले में केवल दो ही साइट चल रही है। यमुना सेवा समिति के प्रधान किरण पाल राणा का कहना है कि करनाल में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि यमुनानगर से संचालित अवैध खनन का नेटवर्क केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा दूसरे जिलों तक फैला हुआ है। मामले की जांच होनी चाहिए। जिन नाको से वाहन निकले उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।