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तेज आंधी और बारिश से मिली राहत, लेकिन कल से फिर बढ़ेगी राजस्थान में गर्मी

जयपुर राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.   कई हिस्सों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है. 3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है. कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट! चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

पक्षियों से गुलजार हुई सुखना सेंचुरी, तेंदुओं की मौजूदगी ने बढ़ाई वन्यजीव समृद्धि

चंडीगढ़. सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी पक्षी और जानवरों को पसंद आ रही है। यहां वन्यजीवों का कुनबा बढ़ा है। पक्षियों की संख्या दोगुनी हो गई है और तेंदुओं ने भी यहां अपना ठिकाना बना लिया है। प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग ने वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) के सहयोग से सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और आसपास के वन क्षेत्रों में कराए गए व्यापक वन्यजीव सर्वेक्षण में जैव विविधता की समृद्ध तस्वीर सामने आई है। नवंबर 2025 में किए गए इस सर्वे में पक्षियों, तितलियों, स्तनधारियों, वनस्पतियों और सरीसृपों की बड़ी संख्या दर्ज की गई है। 2021 के सर्वे की तुलना में इस बार जैव विविधता के आंकड़ों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्तनधारी प्रजातियां 14 से बढ़कर 16 और पक्षी प्रजातियां 67 से बढ़कर 132 हो गईं। पहली बार तितलियों और सरीसृपों को भी सर्वे में शामिल किया गया। वन एवं वन्यजीव विभाग ने कहा कि इस सर्वे के निष्कर्ष चंडीगढ़ के वन क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण, आवास प्रबंधन और वन्यजीव निगरानी को और मजबूत करने में मददगार साबित होंगे। रात में कैद हुई तेंदुए की गतिविधियां कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान 18 कैमरा ट्रैप स्टेशनों से 466 स्वतंत्र वन्यजीव रिकार्डिंग मिलीं। खास बात यह रही कि सर्वे में दो वयस्क नर तेंदुओं की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिनकी पहचान उनके शरीर पर अलग-अलग रोसेट पैटर्न के आधार पर की गई। तेंदुओं की गतिविधियां मुख्य रूप से रात के समय दर्ज की गईं। 43 पेड़ के साथ 22 जड़ी बूटी प्रजाति मिली सर्वेक्षण में 79 पौधों की प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें 43 पेड़, 14 झाड़ियां और 22 जड़ी-बूटी प्रजातियां की शामिल हैं। वहीं सरीसृप और उभयचर वर्ग में 13 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें मेंढक, कछुए, सांप और छिपकलियां शामिल हैं। 73 प्रजातियों की तितलियां मिलीं तितली सर्वेक्षण में पांच परिवारों की 73 प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें येलो आरेंज टिप सबसे अधिक संख्या में पाई गई, जबकि पी ब्लू, कामन ओनिक्स और इंडिगो फ्लैश जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां भी दर्ज की गईं। 132 प्रजाजितयों के पक्षी पक्षी सर्वे में 132 प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें 13 शेड्यूल-1 और 117 शेड्यूल-2 की प्रजातियां शामिल हैं। आइयूसीएन संरक्षण स्थिति के अनुसार इनमें दो संकटग्रस्त, एक संवेदनशील और तीन निकट संकटग्रस्त प्रजातियां भी दर्ज की गईं। ह्यूम्स वार्बलर सबसे अधिक संख्या में पाया गया पक्षी रहा। 16 तरह के स्तनधारी स्तनधारी सर्वे में 16 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें सांभर, नीलगाय और जंगली सूअर प्रमुख रहे। सर्वे के अनुसार सांभर हिरण की घनत्व 22.34 ± 8.07 प्रति वर्ग किलोमीटर आंकी गई। सर्वे में यह एरिया रहे शामिल यह सर्वे 20 से 27 नवंबर 2025 के दौरान सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी, लेक बीट, पटियाला की राव, सुखना चौ फाॅरेस्ट, बाॅटेनिकल गार्डन, बटरफ्लाई पार्क और सिटी बर्ड सेंचुरी जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया गया। इसमें वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं, स्वयंसेवकों, एनजीओ और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

वास्तु शास्त्र: फिटकरी के ये उपाय बदल सकते हैं घर की नकारात्मक ऊर्जा और किस्मत

 भारतीय घरों में फिटकरी (Alum) का इस्तेमाल सालों से पानी साफ करने या शेविंग के बाद एंटीसेप्टिक के रूप में होता आ रहा है.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी चीज आपकी किस्मत भी बदल सकती है? वास्तु शास्त्र में फिटकरी को नेगेटिव एनर्जी को सोखने वाला सबसे शक्तिशाली तत्व माना गया है. अगर आपके घर में लगातार क्लेश रहता है, आर्थिक तंगी है या तरक्की रुकी हुई है, तो घर की इन 5 खास जगहों पर फिटकरी रखना आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकता है. 1. घर का मुख्य द्वार (Main Gate): घर का मुख्य द्वार वह जगह है जहां से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा प्रवेश करती है. क्या करें: एक काले कपड़े में फिटकरी का एक बड़ा टुकड़ा बांधें और उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर अंदर या बाहर की तरफ लटका दें. फायदा: यह घर में किसी भी तरह की बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा या तंत्र-मंत्र के असर को प्रवेश नहीं करने देता. व्यापारिक प्रतिष्ठान या दुकान के शटर पर इसे लटकाने से ग्राहकों की संख्या बढ़ती है. 2. बाथरूम (Bathroom): वास्तु के अनुसार, घर में सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा बाथरूम और टॉयलेट से पैदा होती है, क्योंकि यहां राहु का प्रभाव माना जाता है. क्या करें: बाथरूम के किसी सुरक्षित कोने में एक कांच की कटोरी (Glass Bowl) रखे,  उसमें फिटकरी के कुछ टुकड़े डाल दें. फायदा: कांच और फिटकरी का यह कॉम्बिनेशन बाथरूम के वास्तु दोष को पूरी तरह सोख लेता है. ध्यान रखें कि हर महीने इस फिटकरी को बदल दें. 3. तिजोरी या लॉकर (Locker): अगर आप मेहनत तो बहुत करते हैं लेकिन पैसा टिकता नहीं है या हर समय कर्ज की स्थिति बनी रहती है, तो यह उपाय आपके लिए है. क्या करें: एक लाल रंग के रेशमी कपड़े में फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा रखें, उस पर थोड़ा सा सिंदूर लगाएं, उसे बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें. फायदा: यह उपाय बेवजह के खर्चों पर लगाम लगा कर धन आगमन के नए रास्ते खोलता है. 4. बेडरूम में तकिए के नीचे (Under the Pillow): अगर आपको रात में डरावने सपने आते हैं, ठीक से नींद नहीं आती या आप हर समय किसी अनजाने डर/तनाव में रहते हैं, तो इसका कारण बेडरूम का डिस्टर्ब वास्तु हो सकता है. क्या करें: रात को सोते समय अपने तकिए के नीचे या बेड के सिरहाने की तरफ फिटकरी का एक टुकड़ा रख लें. फायदा: वास्तु के अनुसार, यह आपके आसपास की नकारात्मक तरंगों को शांत करता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है, बुरे सपने आने बंद होते हैं और अनिद्रा की समस्या दूर होती है. 5. ऑफिस डेस्क या वर्क प्लेस (Office Desk): कार्यक्षेत्र में यदि सहकर्मियों से अनबन रहती है, प्रमोशन रुका हुआ है या बिजनेस में लगातार घाटा हो रहा है, तो फिटकरी आपकी मदद कर सकती है. क्या करें: अपने ऑफिस की डेस्क या दुकान के काउंटर के एक कोने में (जो सीधे सबको दिखाई न दे) फिटकरी का एक साफ टुकड़ा रख दें. फायदा: यह आपके आसपास एक पॉजिटिव ओरा (Aura) बनाता है, जिससे आपके निर्णय लेने की क्षमता सुधरती है और वर्क प्लेस पर आपका मान-सम्मान बढ़ता है. वास्तु टिप घर में पोछा लगाते समय हफ्ते में कम से कम एक बार पानी में एक चुटकी पिसी हुई फिटकरी और थोड़ा सा सेंधा नमक जरूर मिलाएं.  इससे पूरे घर की एनर्जी तुरंत फ्रेश और पॉजिटिव हो जाती है.

रेवाडीह जंगल में पेड़ों का कत्लेआम! 116 एकड़ में रातभर गूंजती रहीं कुल्हाड़ियां

छुईखदान/ राजनांदगांव. छुईखदान के रेवाडीह जंगल मे इन दिनो हरियाली नही बल्कि कुल्हाड़ियो और कटर मशीनो की आवाज गूंज रही है क्षेत्र के फेफड़े कहे जाने वाले इस घने जंगल के बीचो बीच बड़े पैमाने पर पेड़ो की कटाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय सूत्रो की माने तो लगभग 116 एकड़ निजी भूमि की आड़ लेकर सैकड़ो हरे भरे और उखाड़ा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जगह पर इतनी बड़ी संख्या मे पेड़ो की कटाई की जा रही है वहा अब तक किसी भी प्रकार की विभागीय अनुमति या ट्रांजिट परमिट टीपी जारी होने की पुष्टि नही हुई है यही वजह है कि अब यह मामला केवल अवैध कटाई तक सीमित नही रहा बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। सीमांकन के तुरंत बाद शुरू हुआ जंगल सफाया जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले ही राजस्व विभाग द्वारा इस इलाके मे सीमांकन की कार्रवाई पूरी की गई थी सीमांकन खत्म होते ही जंगल के भीतर अचानक भारी मशीने और मजदूर सक्रिय इसके बाद साजा बीजा तीनसा बांस हो गए और भीरा जैसे कीमती एवं संरक्षित पेड़ो की अंधाधुंध कटाई शुरू हो गई ग्रामीणो का कहना है कि जिस तेजी से जंगल उजाड़ा जा रहा है उससे पूरा क्षेत्र धूल और वीरानी मे बदलता जा रहा है। वन अमले को जानकारी फिर भी कार्रवाई नही सूत्र बताते है कि स्थानीय वन अमले को पूरे घटनाक्रम की जानकारी है मैदानी कर्मचारियो यानी बीट गार्डो ने भी इस मामले की सूचना अपने उच्च अधिकारियो तक पहुंचाने की बात कही है बावजूद इसके अब तक मौके पर न तो कोई बड़ी जांच टीम पहुंची और न ही कटाई रोकने की ठोस कार्रवाई दिखाई दी वही जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और सीमांकन प्रक्रिया के अहम किरदार हल्का पटवारी भी पूरे मामले पर खुलकर कुछ बोलने से बचते नजर आए ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी कटाई किसके संरक्षण मे चल रही है प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा संदेह । ग्रामीणो और पर्यावरण प्रेमियो का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नही हुई तो आने वाले दिनो मे पूरा इलाका बंजर होने की कगार पर पहुंच जाएगा जंगल खत्म होने से वन्यजीवो के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। नहीं ली गई कोई अनुमति इस परे मामले में एसडीएम अविनाश ठाकुर ने कहा कि खमारडीही जंगल में हो रही पेड़ कटाई की जानकारी मिलते ही जांच के लिए आरआई पटवारी और वन विभाग की टीम भेजी गई है जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है वहा किसी भी प्रकार की विभागीय अनुमति नही ली गई। है । अब सबसे बड़ा सवाल यही है। यदि अनुमति नही ली गई तो आखिर जंगल में यह हरा कत्लेआम किसके इशारे पर चल रहा है।

सत्ता के सेमीफाइनल में पंजाब की सियासत गरमाई, निकाय चुनाव में सभी दलों की साख दांव पर

चंडीगढ़  सत्ता का सेमीफाइनल माने जाने वाले पंजाब के निकाय चुनाव में सभी दलों के दिग्गज खूब पसीना बहा रहे हैं क्योंकि उनकी साख दांव पर है।  भाजपा, कांग्रेस, शिअद और आप के सभी वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक व सांसद चुनावी रण में अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। चूंकि अब चुनाव को सिर्फ तीन दिन बचे हैं लिहाजा सभी दिग्गज अपने साथियों के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं। पंजाब में 26 मई को 105 नगर निकायों के चुनाव होने हैं इनमें 8 नगर निगम और 97 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं। 29 मई को परिणाम आएगा जो करीब आठ महीने बाद सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एक आधार तय करेगा। चूंकि यह पूरा चुनाव शहरी वोटर पर आधारित है इसलिए राजनीतिक पार्टियां ज्यादा सतर्क हैं। वे जानती हैं कि ये चुनाव पंचायती चुनाव की तरह जातियों व समुदायों की सियासत के घेरे से बाहर रहेंगे। दलों ने उतारी दिग्गजों की फाैज राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह भी कहते हैं कि शहरी वोटर पढ़ा-लिखा व विकास का पक्षधर होता है। शहर की बुनियादी सुविधाएं उनकी बड़ी अपेक्षाओं में शामिल होती हैं और वे जाति-लिंग की सीमाओं को पार करते हुए मतदान करता है इसीलिए सभी दलों ने शहरी वोटरों को रिझाने के लिए अपने दिग्गजों की फौज उतारी है। भाजपा की रणनीतिक बैठकें, सुखबीर ने खुद संभाला मोर्चा भाजपा ने अपने प्रदेश स्तरीय सभी पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को विभिन्न जिलों के निकायों की जिम्मेदारियां सौंपी रखी हैं। इनके अलावा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू भी बतौर स्टार प्रचारक विभिन्न जिलों में रणनीतिक बैठकें कर प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं की मेहनत को जीत में बदलने की कोशिशों में लगे हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है। उनके साथ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा और बिक्रम सिंह मजीठिया को भी कई जिलों की जिम्मेदारियां सौंपी गई है। सुखबीर तो प्रत्याशियों के बुलावे पर जनसभाएं कर मतदाताओं को अकाली दल के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक परगट सिंह समेत अन्य विधायक और सांसद भी अपने प्रत्याशियों को जितवाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। आप के मंत्रियों, विधायक की परफॉर्मेंस होगी तय निकाय चुनाव आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों की परफाॅर्मेंस तय करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी विधायकों और मंत्रियों को उनके हलकों में स्थित निकायों को जितवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी जीत या हार से पार्टी यह मालूम करना चाहती है कि उनके विधायकों व मंत्रियों की साढ़े चार साल में अपने-अपने क्षेत्रों के मतदाताओं पर कितनी पकड़ है। कुछ माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव और अब निकाय चुनाव के परिणामों को आधार बनाकर ही आप आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों का बंटवारा करेगी। खराब प्रदर्शन वाले वाले विधायकों का टिकट भी कट सकता है।  

डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका को मारने की थी प्लानिंग? ईरानी गार्ड्स पर बड़ा आरोप

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है. ईरान की सेना 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) से ट्रेनिंग पाए एक खतरनाक आतंकवादी ने इवांका ट्रंप की जान लेने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था।'द पोस्ट' अखबार को मिली जानकारी के मुताबिक, ये आतंकी छह साल पहले अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए अपने गुरु और ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था।  सुरक्षा एजेंसियों ने इवांका ट्रंप की हत्या का प्लान बना रहे आतंकी को पकड़ लिया है. उसकी पहचान 32 साल के मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के तौर पर हुई है. वो इराकी नागरिक बताया जा रहा है।  कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था आतंकी दरअसल 6 साल पहले बगदाद में डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने एक बड़े ऑपरेशन में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. अल-सादी इस हमले को अपने गुरु की मौत मानता था और तभी से ट्रंप परिवार को तबाह करने की फिराक में था।  आरोपी अल-सादी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार, खासकर उनकी बेटी इवांका ट्रंप को जान से मारने की कसम खाई थी. जांच के दौरान सुरक्षा बलों को अल-सादी के पास से फ्लोरिडा में मौजूद इवांका ट्रंप के आलीशान घर का पूरा ब्लूप्रिंट भी बरामद हुआ है. वो काफी समय से उनके घर की रेकी कर रहा था।  ‘हमें इवांका को मारना होगा’— मिला आलीशान घर का ब्लूप्रिंट जांच एजेंसियों को आरोपी अल-सादी के पास से फ्लोरिडा में मौजूद इवांका ट्रंप के आलीशान घर का पूरा ब्लूप्रिंट बरामद हुआ है, जिससे साफ है कि वह लंबे समय से रेकी कर रहा था। वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने बताया कि सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी अक्सर कहता था, “हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा और ट्रंप के पूरे घर को उसी तरह जलाकर खाक करना होगा, जैसे उसने हमारे कमांडर को तबाह किया।” फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आतंकी से पूछताछ कर रही हैं। सोशल मीडिया पर दी थी खुली धमकी इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित 24 मिलियन डॉलर के घर की तस्वीरें और नक्शे इस आतंकी ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किए थे। आतंकी ने सोशल मीडिया (X और स्नैपचैट) पर अरबी भाषा में लिखा था, 'मैं अमेरिकियों से कहता हूं, इस तस्वीर को देखो और जान लो कि न तो तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हारी रक्षा कर पाएगी। हम अभी निगरानी और विश्लेषण के चरण में हैं। हमारा बदला सिर्फ समय की बात है।' अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के अनुसार, वह अक्सर स्नैपचैट पर साइलेंसर लगी पिस्तौल की तस्वीरें भेजकर अपने टारगेट को डराता था। अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice – DoJ) के अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, अल-सादी कोई आम अपराधी नहीं बल्कि यूरोप और अमेरिका में हुए 18 आतंकी हमलों और नाकाम कोशिशों का मुख्य साजिशकर्ता है। उस पर मार्च में एम्स्टर्डम में 'बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन' पर फायरबम फेंकने, अप्रैल में लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला करने और मार्च में ही टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी कराने के गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा वह बेल्जियम के लीज में एक सिनागॉग (यहूदी प्रार्थना स्थल) पर बमबारी और रॉटरडैम में आगजनी की साजिश में भी शामिल रहा है। तुर्की में हुआ गिरफ्तार, सरकारी पासपोर्ट ने चौंकाया सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जब अल-सादी को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया, तो उसके पास से इराक का 'सर्विस पासपोर्ट' (Service Passport) मिला। अल-सादी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक दौरों के नाम पर एक ट्रैवल एजेंसी चलाता था, जिसकी आड़ में वह दुनिया भर में घूमकर आतंकी नेटवर्क और स्लीपर सेल्स तैयार करता था। फिलहाल, अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के निर्देश पर आरोपी अल-सादी को ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में कड़ी सुरक्षा के बीच एकांत कारावास (Solitary Confinement) में रखा गया है और आगे की पूछताछ जारी है। 'हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा' वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने इस आतंकी के इरादों के बारे में एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद, अल-सादी लोगों से कहता फिर रहा था कि हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा. वो कहता था कि हमें ट्रंप के पूरे घर को उसी तरह जलाकर खाक कर देना चाहिए, जिस तरह उसने हमारे घर (कमांडर सुलेमानी) को तबाह किया था। 

नौतपा में मिट्टी का घड़ा रखने से दूर हो सकती है आर्थिक तंगी, वास्तु में बताया गया उपाय

 इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होगा और 2 जून तक रहेगा. यह साल के सबसे गर्म दिन होते हैं. कहते हैं कि नौतपा में सूरज सबसे ज्यादा आग उगलता है और धरती तपने लगती है. इन गर्म दिनों में जल, मौसमी फल या ठंडी चीजों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, नौतपा में एक बड़ा ही सरल उपाय लोगों को आर्थिक तंगी से निजात दिला सकता है. यह उपाय जल की दिशा और मिट्टी के घड़े से जुड़ा है. वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) या उत्तर दिशा को जल की दिशा माना गया है. इस दिशा को भगवान कुबेर की दिशा भी माना जाता है. इसलिए नौतपा में इस दिशा में एक मिट्टी का घड़ा जल से भरकर रखने से घर की एनर्जी बैलेंस होती है. यह एक उपाय न सिर्फ तपती गर्मी में आपकी प्यास बुझाएगा, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी लाभ देगा. कहते हैं कि जिन घरों की उत्तर-पूर्व दिशा या उत्तर दिशा में मिट्टी के घड़े में पानी भरकर रखा जाता है, वहां धन की कभी कमी नहीं होती है. मिट्टी के घड़े की जगह ये चीजें भी कारगर यदि आप घर में मिट्टी का घड़ा नहीं रखना चाहते तो उसकी जगह मिट्टी से बनी कुछ दूसरी चीजें अच्छा विकल्प हो सकती हैं. आप मिट्टी की सुराही, मिट्टी का गमला, मिट्टी से निर्मित मूर्तियां, दीपक या गुल्लक आदि भी रख सकते हैं. ये सभी चीजें आपको बहुत लाभ देंगी. हालांकि आप पानी से जुड़ी कोई चीज रखेंगे तो इसका शुभ प्रभाव ज्यादा हो सकता है. यदि आप गमला, गुल्लक या भगवान की कोई प्रतिमा रख रहे हैं तो वहां हर रोज संध्याकाल में एक दीपक जरूर जलाएं. न करें ये 5 गलतियां वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पानी से भरा मटका सुख-संपन्नता और पवित्रता का प्रतीक होता है. इसलिए कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. पानी के इस घड़े को कभी पूरी तरह खाली न छोड़ें. इसमें थोड़ा बहुत पानी हमेशा रहना चाहिए. रात को सोने से पहले सुनिश्चित करें कि मटका पूरा भरा हो. यह मटका कहीं से टूटा या चटका हुआ नहीं होना चाहिए. ऐसा मटका रखना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है. घड़े के आस-पास अग्नि तत्व से जुड़ी चीजों को बिल्कुल न रखें. इसका नतीजा भी बुरा हो सकता है.

बिहार में शराबबंदी पर सख्ती, जहरीली शराब मामले में बड़ी कार्रवाई

चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में अप्रैल में जहरीली शराब से दस लोगों की मौत मामले में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया। सीएम सम्राट चौधरी का कहना है कि राज्य में नीतीश कुमार द्वारा लागू मद्य निषेध कानून लागू रहेगा। जो भी लोग, जनता या अधिकारी शराबबंदी कानून का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार करेगी। निलंबित होने वाले मद्यनिषेध पदाधिकारियों में मोतिहारी सदर के उत्पाद निरीक्षक मनीष सर्राफ, चलिष्णु दल के मद्यनिषेध निरीक्षक मो. सेराज, सिकरहना सह सदर के मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार के साथ मद्यनिषेध अवर निरीक्षक उदय कुमार, मुकेश कुमार, नागेश कुमार और धर्मेंद्र झा शामिल हैं। इसके अलावा सहायक अवर निरीक्षक (मद्यनिषेध) अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, रोशनी कुमारी, बसंत कुमार महतो, कबिन्द्र कुमार, रंजीत कुमार और शशि ऋषि शामिल हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय ग्रुप सेंटर मद्यनिषेध भागलपुर निर्धारित किया गया है। तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में दो एएसआई निलंबित पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र में पिछले माह जहरीली शराब से हुई 10 मौत के मामले में दो एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के बाद मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में घटनास्थल से जब्त अवैध स्प्रिट में मेथेनॉल की भारी मात्रा पाई गई, जो मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए विभाग ने मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रंजीत कुमार व रौशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मद्यनिषेध ग्रुप सेंटर, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है। बीते अप्रैल में रधुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र के परसौना, गदरिया व बालगंगा गांव में जहरीली शराब पीने से एक के बाद एक कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, दर्जनों लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, जिनका इलाज अलग-अलग जगहों पर कराया गया। मद्य निषेध विभाग ने इस घटना के बाद मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रौशनी कुमारी व रंजीत कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा को मामले की जांच सौंपी थी। दरभंगा उपायुक्त ने घटनास्थल की जांच करते हुए अवैध स्प्रिट के नमूने जब्त किये थे। जांच में मद्यनिषेध थाने की लापरवाही साबित जांच में पता चला कि पिछले कई माह से मोतिहारी मद्यनिषेध थाना शराब और स्प्रिट के धंधे की जांच ही नहीं कर रहा था। इस मामले में थाने को न कोई गुप्त सूचना मिल पायी और न ही उसने कोई एहतियाती या निरोधात्मक कदम उठाये। इतना ही नहीं घटनास्थल से जब्त स्प्रिट में मेथेनॉल की अधिक मिलावट पाई गई, जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है। इस मामले में दोनों एएसआई के स्प्ष्टीकरण को विभाग ने अमान्य करार दिया है। अंतत: मद्यनिषेध विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को दोनों एएसआई को निलंबित कर दिया।

बिना लाइसेंस स्मार्ट मीटर जांच? हाईटेक लैब पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ  स्मार्ट मीटर की जांच मामले में नियामक आयोग ने मध्यांचल एमडी को नोटिस जारी करके दस दिनों में जवाब मांगा है। यह नोटिस नियामक आयोग में दर्ज शिकायत पर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया था कि मध्यांचल की हाईटेक लैब के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस नहीं है। आयोग ने इस पर मध्यांचल से स्पष्टीकरण मांगा है। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर आ रहीं शिकायतों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। मीटरों की जांच मध्यांचल की हाईटेक लैब में हुई और मीटरों की गुणवत्ता पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को दे दी गई। इसके बाद सवाल उठे कि यह लैब तो स्मार्ट मीटर की जांच करने के लिए अधिकृत ही नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर नियामक आयोग में शिकायत की कि लैब के पास एनएबीएल द्वारा इंडियन स्टैंडर्ड 16444 (स्मार्ट मीटर) की जांच का लाइसेंस नहीं है। ऐसे में गंभीर सवाल है कि स्मार्ट मीटर की जांच कैसे की गई? उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सभी मीटरों में एक समान पैरामीटर तो लैब में जांचे जा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर के संवेदनशील पैरामीटर की जांच नहीं हो सकती। स्मार्ट मीटर पर लगातार घेर रहा विपक्ष बता दें कि स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों पर उत्तर प्रदेश में विपक्ष भी लगातार सरकार को घेर रहा है। खासतौर से समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव इस पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को समाजवादी पार्टी पार्टी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। सपा लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मो.आजम खान की अगुवाई में अन्य फ्रंटल संगठनों के कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटर वहीं सरकार के आदेश के बाद अब प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्ट पेड किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अलीगढ़ में बिजली विभाग ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में अपडेट कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और उसी आधार पर भुगतान करना होगा। जून के शुरुआती हफ्ते में स्मार्ट पोस्टपेड मीटर का पहला मासिक बिल जारी किया जाएगा जिसमें बिजली उपयोग का विवरण भी होगा। बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।

AAP नेताओं की अहम मुलाकात आज, CM भगवंत मान और केजरीवाल पहुंचेंगे गुरुग्राम जेल

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ED ने किया था गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है। गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है। पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी। पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।