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नक्सलियों की साजिश नाकाम, दंतेवाड़ा में मिला प्रेशर कुकर बम; CRPF ने किया निष्क्रिय

दंतेवाड़ा. एंटी नक्सल ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन के दौरान जवानों को आज बड़ी सफलता हाथ लगी. जवानों ने जंगल के रास्ते में जमीन में छिपाकर रखे गए आईईडी को खोज निकाला. बम को प्रेशर कुकर में बनाकर लगाया गया था. समय रहते जवानों ने बम को खोज निकाला और उसे मौके पर ही डीफ्यूज कर दिया. पांच किलो की झमता वाले बम की चपेट में अगर कोई आ जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था. दरअसल, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जिला पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन एवं नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में मुखबिर से मिली विशेष सूचना के आधार पर 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ की यंग प्लाटून पार्टी, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) टीम को थाना बारसूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिड़पाल के पहाड़ी एवं घने जंगलों सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में कॉर्डन एवं सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया. आज सुबह लगभग 5 बजे सेकेंड कमान अधिकारी विक्रांत वर्मा के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में सिविल पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. ग्राम हिड़पाल के जंगल से मिला बम सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में गहन सर्चिंग करते हुए संभावित नक्सली गतिविधियों एवं छिपाकर रखे गए विस्फोटक सामग्री की तलाश की गई. इसी दौरान सुबह लगभग 8:20 बजे ग्राम हिड़पाल के जंगल क्षेत्र में जवानों को एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. जवानों ने सतर्कता एवं सुरक्षा मानकों का पालन कर पूरे इलाके को सुरक्षित किया और BDS टीम को मौके पर बुलाया गया. नुकसान पहुंचाने के मकसद से प्लांट किया गया बम-जवान जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु प्रेशर कुकर आईईडी निकली, जिसका वजन लगभग 5 किलोग्राम था. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने एवं आम नागरिकों में भय पैदा करने के उद्देश्य से आईईडी को जंगल में छिपाकर रखा गया था. BDS टीम ने विशेषज्ञ तकनीकी प्रक्रिया अपनाते हुए मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया. सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते संभावित बड़ी जनहानि टल गई. पुलिस और सुरक्षा बलों की अपील अभियान के दौरान आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सर्चिंग भी की गई. अभियान पूर्ण होने के बाद सभी अधिकारी एवं जवान सुरक्षित रूप से लगभग 10:55 बजे अपने-अपने बेस कैंप लौट आए. जिला पुलिस दंतेवाड़ा एवं सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, विस्फोटक सामग्री अथवा नक्सली गतिविधियों की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा बलों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

पाकिस्तान के क्वेटा में ट्रेन ब्लास्ट से हड़कंप, रेलवे ट्रैक पर विस्फोट से तबाही

 बलोचिस्तान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को बड़ा विस्फोट हुआ, जिसके बाद एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में कम से कम 7 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए. घटना दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान के क्वेटा शहर में हुई, जो बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी है. रिपोर्ट्स के अनुसार धमाका रेलवे ट्रैक पर किया गया था और निशाना उस मालगाड़ी को बनाया गया, जो क्वेटा के कैंटोनमेंट इलाके की तरफ जा रही थी. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि पास खड़ी एक ट्रेन की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं, जबकि दो डब्बे पलट गए. रेल ट्रैक के पास खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा और पास के घर भी क्षतिग्रस्त हो गए. यह हादसा क्वेटा स्टेशन के चमन फाटक के पास हुआ. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के बाद इलाके में फायरिंग की भी आवाज सुनी गई. हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में यह साफ नहीं हो पाया कि फायरिंग किसने की और उसका धमाके से सीधा संबंध था या नहीं सोशल मीडिया में इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि एक ट्रेन में आग लगी हुई है और धुएं का गुबार ऊपर तक उठ रहा है. आप भी देखें- राहत बचाव के साथ-साथ जांच में जुटीं एजेंसियां स्थिति को देखते हुए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई, ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके. बलूचिस्तान के गृह विभाग के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने पत्रकारों को बताया कि धमाके की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल विस्फोट की प्रकृति और उसके पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हुई है. सेना और पुलिस बल मामले की छानबीन कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों ने हादसे की वजह और धमाके की वजह से हुए जानमाल के नुकसान के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है. क्यों संवेदनशील माना जाता है बलूचिस्तान? घटना के कई घंटे बाद तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। हालांकि बलूचिस्तान लंबे समय से उग्रवाद और अलगाववादी हिंसा से प्रभावित रहा है. यहां कई सशस्त्र समूह सक्रिय हैं, जो प्रांत की आजादी की मांग करते रहे हैं. इससे पहले भी पाकिस्तान के इस इलाके में जाफर एक्सप्रेस नाम की ट्रेन को लगातार निशाना बनाया जाता रहा है. बलूचिस्तान पाकिस्तान का खनिज संपदा से भरपूर इलाका माना जाता है. यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी चीन पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का अहम मार्ग भी है. अरबों डॉलर की इस परियोजना को चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी वजह से इस इलाके में सुरक्षा चुनौतियां लंबे समय से बनी हुई हैं. सीपीईसी के लिए बातचीत करने चीन में हैं पाक पीएम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों चीन के दौरे पर हैं. अपने भारी-भरकम डेलिगेशन के साथ बीजिंग की यात्रा पर निकले शरीफ चीन के साथ इस कॉरिडोर के दूसरे चरण की फंडिंग की बात करने वाले हैं. हालांकि, सुरक्षा के लिए चुनौती बने इस अशांत क्षेत्र में चीन कितना निवेश करेगा, यह जल्द ही सामने आ जाएगा. हाल ही में पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने यहां का दौरा किया था. उन्होंने इस क्षेत्र में तैनात सैन्य कर्मियों से बात की थी. आए दिन पाकिस्तान आर्मी की ओर से इस जगह पर कंट्रोल करने के लिए ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन अपनी आजादी के लिए जान को जोखिम में डालने वाले बलोच विद्रोही इसका बखूबी जवाब देते रहे हैं.

यूपी में वन्यजीव संकट: बाग के तार बने जानलेवा, तेंदुए की मौत से मचा हड़कंप

 लखनऊ यूपी के बलरामपुर के सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत बनकटवा रेंज क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया। तुलसीपुर–सिरसिया मार्ग पर स्थित चौधरीडीह गांव के दक्षिण जंगल से भटककर निकली करीब तीन वर्ष की एक मादा तेंदुआ आम के बाग में लगाए गए तार में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। रविवार सुबह करीब आठ बजे गांव के बाहर स्थित आम के बाग में रखवाली कर रहे लोगों ने एक तेंदुए को छटपटाते हुए देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि मादा तेंदुए की गर्दन बाग में लगे लोहे के तार में बुरी तरह फंस गई थी। तेंदुआ काफी देर तक खुद को छुड़ाने का प्रयास करता रहा, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। लगातार संघर्ष और दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को जानकारी दी। सूचना पाकर बनकटवा रेंज के रेंजर शत्रुघ्न लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की टीम ने मृत तेंदुए को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। खेतों और बागों में सुरक्षा के लिए लगाए गए तार वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। इस संबंध में उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) मनोज कुमार ने बताया कि मादा तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की पैनल टीम द्वारा बनकटवा रेंज में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला तार में फंसने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। वन विभाग की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए जंगल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। तेंदुआ घुसने से गांव में दहशत उधर, बहराइच वन्यजीव प्रभाग के चकिया वन रेंज अंतर्गत मौजीपुरवा गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ अचानक ग्रामीण के घर में घुस गया। तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुट गई। सुबह करीब 7 बजे मौजीपुरवा गांव निवासी मोहम्मद अहमद के घर में अचानक जंगल से भटककर एक तेंदुआ घुस आया। घर के लोगों ने तेंदुए को देखते ही शोर मचाया और किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे। शोर सुनकर आसपास के काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख तेंदुआ घर के अंदर बने एक कमरे में घुसकर छिप गया। इस दौरान तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश के बीच वह अचानक उग्र हो गया और उसने गांव निवासी नसीम, फजलू रहमान तथा जुबेर पर हमला कर पंजा मार दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। घायलों का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया।

बालकनी में वाशिंग मशीन रखना सही या गलत? जानें वास्तु शास्त्र के नियम

फ्लैट कल्चर के इस दौर में, खासकर दिल्ली-NCR और नोएडा जैसे शहरों में, जगह की कमी की वजह से ज्यादातर लोग वाशिंग मशीन को बालकनी में ही रखते हैं.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार बालकनी में वाशिंग मशीन रखना सही है या गलत? आपकी यह एक छोटी सी आदत घर की सुख-शांति और आर्थिक हालात पर बड़ा असर डाल सकती है. आइए जानते हैं कि बालकनी में वाशिंग मशीन रखने को लेकर वास्तु के नियम क्या कहते हैं और नुकसान से बचने के लिए आपको कौन से तरीके अपना सकते हैं. बालकनी में वाशिंग मशीन: सही या गलत? वास्तु शास्त्र के अनुसार, बालकनी में वाशिंग मशीन रखना पूरी तरह से गलत नहीं है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बालकनी किस दिशा में है. वाशिंग मशीन में दो मुख्य तत्व होते हैं- जल (Water) और अग्नि/बिजली (Motion & Electricity). इसके अलावा, इसमें कपड़ों की गंदगी साफ होती है और भारी घूर्णन (Churning) होता है.  इसलिए, गलत दिशा की बालकनी में इसे रखने से घर का एनर्जी बैलेंस बिगड़ सकता है. दिशाओं का खेल 1. उत्तर या पूर्व दिशा की बालकनी (North or East Balcony) इस दिशा में वाशिंग मशीन रखने की मनाही है. उत्तर और पूर्व दिशा को घर का सबसे पवित्र कोना माना जाता है. यहां से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सूर्य की रोशनी प्रवेश करती है. नुकसान: अगर इस दिशा की बालकनी में वाशिंग मशीन रखकर कपड़े धोए जाते हैं, तो गंदा पानी और मशीन की आवाज सकारात्मक ऊर्जा को रोक देती है. इससे घर के मुखिया के मान-सम्मान में कमी आ सकती है, इससे पैसों का नुकसान होता है . 2. उत्तर-पश्चिम दिशा की बालकनी (North-West Balcony)  वास्तु के अनुसार, यदि आपकी बालकनी उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) में है, तो वाशिंग मशीन रखने के लिए यह सबसे सही जगह है.  यह वायव्य कोण हवा की दिशा है, जो कपड़ों को सुखाने और पुरानी, अनचाही ऊर्जा को बाहर निकालने (Elimination) का प्रतीक है. 3. दक्षिण या पश्चिम दिशा की बालकनी (South or West Balcony)  इस दिशा की बालकनी में मशीन रखी जा सकती है, क्योंकि यह दिशाएं भारी सामान रखने के लिए अनुकूल मानी जाती हैं.  बस ध्यान रखें कि मशीन को बालकनी के बिल्कुल बीच में न रखकर किसी कोने में व्यवस्थित करें. बालकनी में मशीन रखने वाले ध्यान रखें ये 4 जरूरी बातें यदि आपके फ्लैट में उत्तर-पश्चिम की बालकनी नहीं है और मजबूरी में आपको किसी और दिशा में मशीन रखनी पड़ रही है, तो इन वास्तु उपायों को अपनाकर आप दोष कम कर सकते हैं: मशीन को हमेशा ढककर रखें: जब वाशिंग मशीन का इस्तेमाल न हो रहा हो, तो उस पर एक अच्छे फैब्रिक का कवर डालकर रखें. खुला रखने से यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है. गंदे पानी की निकासी (Drainage System): वाशिंग मशीन का सर्फ वाला गंदा पानी कभी भी बालकनी में फैलना नहीं चाहिए.  ड्रेनेज पाइप सीधे नाली में फिक्स होना चाहिए ताकि गंदगी तुरंत बाहर निकल जाए. कलर चॉइस: बालकनी में रखी मशीन के लिए हल्के रंग (जैसे सफेद, ऑफ-व्हाइट या लाइट ग्रे) के कवर का इस्तेमाल करें.  गहरे लाल या काले रंग के कवर से बचें.  वाशिंग मशीन के पास भूलकर भी नहीं रखना चाहिए: 1. झाड़ू और पोछा (Broom and Mop)  झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और इसे हमेशा छिपाकर या शांत जगह पर रखा जाता है.  वाशिंग मशीन के पास लगातार पानी का बहाव, शोर और गति होती है. असर: इसके पास झाड़ू या पोछा रखने से घर की आर्थिक स्थिति डांवाडोल होती है, धन की हानि होती है और बैंक अकाउंट खाली होने लगता है. 2. डस्टबिन या कूड़ेदान (Dustbin) वाशिंग मशीन खुद कपड़ों की गंदगी साफ करने का काम करती है.  अगर इसके ठीक पास आप कचरा या डस्टबिन भी रख देंगे, तो उस पूरे हिस्से में राहु और केतु का नकारात्मक प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा. असर: इससे घर के सदस्यों में मानसिक तनाव, सिरदर्द और बेवजह के खर्चे बढ़ते हैं, जिससे सेविंग्स खत्म होने लगती हैं. 3. दवाइयां (Medicines)  कई लोग बालकनी या वाश-एरिया के पास छोटी अलमारी में दवाइयां रख देते हैं.  वाशिंग मशीन के पास भारी वाइब्रेशन (कंपन) और राहु तत्व (गंदगी साफ करने की प्रक्रिया) होता है. असर: मशीन के पास रखी दवाइयां घर में बीमारियों को बढ़ाती हैं.  ऐसा करने से दवाइयों का असर कम होता है और मेडिकल के खर्चे अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं. 4. नमक या अचार (Salt or Pickles) नमक और अचार का संबंध सीधे तौर पर राहु और शनि से होता है. वाशिंग मशीन के आसपास की नमी और चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) इनके प्रभाव को दूषित कर देते हैं. असर: इससे घर में क्लेश, रिश्तों में खटास और व्यापार या नौकरी में पैसों का भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, ट्रंप बोले- ‘50-50 है स्थिति’, कूटनीति या युद्ध तय होगा जल्द

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई करनी है। ट्रंप ने कहा कि स्थिति 50-50 पर है। या तो वे एक अच्छा समझौता कर लेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक समझौते के बहुत करीब पहुंच रहे हैं, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और उनके संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से संभालने की गारंटी देगा। वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फोन पर बात करने की योजना बनाई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि ईरान वार्ता पर जल्द ही कोई खबर आ सकती है। दूसरी ओर, ईरान ने भी एक 14-सूत्रीय समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने की बात कही है और अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में संकेत दिए हैं, हालांकि अभी भी कुछ बिंदुओं पर मतभेद बरकरार हैं। भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा FDI स्रोत बना अमेरिका वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है, जबकि सिंगापुर अभी भी भारत में निवेश करने वाला शीर्ष देश बना हुआ है। 2025-26 में अमेरिका से भारत में इक्विटी निवेश दोगुना होकर 11 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। निवेश का रुख अब बदल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र निवेश के मामले में सबसे आगे रहा, जिसने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। डेटा सेंटर्स में हो रहे भारी निवेश को इसका एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

सिक्किम हाईकोर्ट की जज मिनाक्षी एम. राय को पटना हाईकोर्ट की कमान

पटना पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने वाला है।। मिनाक्षी एम राय पटना उच्च न्यायालय की नई चीफ जस्टिस होंगी। सिक्किम हाईकोर्ट की जज रह चुकीं मिनाक्षी एम राय पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बन जाएंगी। सिक्किम के पूर्व गृह सचिव के घर 12 जुलाई 1964 को जन्मी मीनाक्षी एम राय ने वर्ष 1980 में दसवीं पास कर इंटर में दाखिला ली थी। मार्च 1983 में बारहवी पास कर उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति शास्त्र से स्नातक की थी। उसके बाद दिल्ली के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की डिग्री लेकर मिनाक्षी ने खुद को दिल्ली बार काउंसिल में वकालत करने के लिए इनरोलमेंट कराया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट एंव सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की थी। 11 दिसम्बर1990 को सिक्किम में बतौर न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर बहाल हुई थीं। 15 अप्रैल 2015 को सिक्किम हाई कोर्ट में पहली महिला जज के रूप में नियुक्त हुई थीं। बताया जा रहा है कि मिनाक्षी मदन राय के पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सिक्किम के लोगों के लिए गौरव भरा पल है। अपने बयान में सिक्किम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनाक्षी एम राय का पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में चुने जाने एक ऐतिहासिक क्षण है। वो सिक्किम से पहली महिला जज हैं तो इतने उच्च पद पर आसीन हुई हैं। मुख्यमंत्री ने न्यायिक प्रक्रिया में मिनाक्षी एम राय के योगदान को सराहनीय और अतुल्नीय बताया है। सीएम ने सिक्किम की जनता और सरकार की तरफ से मिनाक्षी एम राय को बधाई दी है। सीएम ने कहा कि मिनाक्षी एम राय के द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में दिए गए योगदान को सिक्किम तथा देश के लोग याद रखेंगे। मिनाक्षी एम राय के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम में हाईकोर्ट के जज के तौर पर मिनाक्षी एम राय ने जिस तरह से निष्पक्षता से अपने न्यायिक दायित्वों को निभाया उसका लाभ अब पटना हाईकोर्ट को भी मिलेगा।

गंगा दशहरा 2026: 25 मई को मनाया जाएगा पावन पर्व, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

सनातन धर्म में मां गंगा को मोक्षदायिनी और पावन नदी माना गया है.  हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का त्योहार बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन मां गंगा स्वर्ग से उतरकर पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. इस साल 2026 में गंगा दशहरा की सही तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. आइए जानते हैं गंगा दशहरा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में. कब है गंगा दशहरा 2026? इस साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 25 मई 2026 को सुबह 04 बजकर 30 मिनट पर हो रही है.  वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 26 मई 2026 को सुबह 05 बजकर 10 मिनट पर होगा. शास्त्रों के अनुसार, उदया तिथि और 25 मई को पूरे दिन रवि योग होने के कारण गंगा दशहरा का महापर्व 25 मई 2026 (सोमवार) को ही मनाया जाएगा. गंगा स्नान और पूजा के शुभ मुहूर्त गंगा दशहरा पर पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है.  इस दिन के विशेष शुभ मुहूर्त कुछ इस तरह हैं. ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:04 बजे से 04:45 बजे तक (स्नान के लिए सर्वोत्तम) प्रातः सन्ध्या मुहूर्त: सुबह 04:24 बजे से 05:26 बजे तक हस्त नक्षत्र का प्रारंभ: 26 मई को सुबह 04:08 बजे से रवि योग: 25 मई को पूरे दिन रहेगा. क्यों मनाया जाता है यह पर्व? धार्मिक कथाओं के अनुसार, धरती पर अवतरित होने से पहले मां गंगा ब्रह्मा जी के कमंडल में निवास करती थीं. राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उद्धार के लिए वर्षों तक कठिन तपस्या की. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा ने पृथ्वी पर आना स्वीकार किया. राजा भगीरथ के भगीरथ प्रयासों के कारण ही इस पावन दिन को गंगा दशहरा या भगीरथी जयंती के रूप में भी जाना जाता है. दस प्रकार के पापों से मिलती है मुक्ति दशहरा शब्द का अर्थ है दस पापों को हरने वाला.  माना जाता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में डुबकी लगाने से मनुष्य के 10 प्रकार के पाप (3 कायिक यानी शारीरिक, 4 वाचिक यानी वाणी के और 3 मानसिक पाप) पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं. यदि आप गंगा नदी नहीं जा सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. गंगा दशहरा पूजा विधि और दान का महत्व इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मां गंगा का ध्यान करते हुए 'ॐ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नमः' मंत्र का जाप करें.  इसके बाद मां गंगा को धूप, दीप, फूल और नैवेद्य अर्पित करें. गंगा दशहरा के दिन दान करने का विशेष महत्व है.  इस दिन राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना, सत्तू, मटका (घड़ा), पंखा, कपड़े और अन्न का दान करना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है.

घर में घुसा बाघ बना काल, बांधवगढ़ में महिला की मौत; बचाने पहुंचे तीन लोग घायल

उमरिया. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा क्षेत्र अंतर्गत खेरवा मोहल्ला में शुक्रवार तड़के एक बाघ की घुसपैठ से पूरे गांव में दहशत फैल गई। बाघ घर में घुस आया और सो रही महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। महिला को बचाने पहुंचे पति, पिता और ससुर भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में भय, तनाव और आक्रोश का माहौल है। मृत महिला की पहचान फूल बाई पति पहलू पाल (करीब 40 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग तीन बजे बाघ अचानक घर के भीतर घुस गया और महिला पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर पति पहलू पाल, पिता और ससुर दशई पाल उसे बचाने दौड़े, लेकिन बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया। घायलों को गंभीर हालत में मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घंटों घर में डटा रहा बाघ घटना के कई घंटे बाद तक बाघ घर के भीतर मौजूद बताया गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई। परिवार के अन्य सदस्यों पर हमले की आशंका बनी रही। गांव के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन डर के कारण कोई घर के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा वन अमला बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने और क्षेत्र खाली कराने में जुटा रहा। इसी दौरान नाराज ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्राधिकारी पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में चोट आई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे। वन विभाग के सामने दोहरी चुनौती बताया जा रहा है कि मृतका के पिता कुछ दिन पहले पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बेटी के घर आए थे, लेकिन यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। फिलहाल वन विभाग के सामने बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के साथ ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सीएम ने की आर्थिक सहायता का एलान बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला, जिला उमरिया में बाघ के हमले में एक महिला और कुछ नागरिकों की मौत हो गई है। मरने वाले के परिजनों को 25 लाख की सहायता राशि दी जा रही है। घायलों के निशुल्क इलाज की व्यवस्था के आदेश दिए हैं।

शादीशुदा महिला की मौत पर बढ़ा शक, कोरबा में 4 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

कोरबा. उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत ने नया मोड़ ले लिया है। दफन के चार दिन बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। मायके पक्ष ने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग, फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव उत्खनन की कार्रवाई की गई। तेज धूप के बीच घंटों तक चली इस कार्रवाई को देखने ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। बताया जा रहा है कि शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन बाद में पुलिस की समझाइश के बाद कार्रवाई पूरी की गई। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही विनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति मुकेश पाटले आए दिन मारपीट करता था और छोटी-छोटी बातों पर घर से निकाल देता था। परिजनों के मुताबिक विनीता कई बार रोते हुए मायके पहुंची, लेकिन बच्चों और परिवार की खातिर समझौता कर उसे वापस ससुराल भेज दिया जाता था। मृतिका की मां ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की गई थी। हाल ही में गांव के पंच-सरपंच बताकर कुछ लोग समझौते के नाम पर उसे ससुराल ले गए थे, जबकि बाद में वे रिश्तेदार निकले। इस घटना के बाद परिवार का शक और गहरा गया। परिजनों का कहना है कि मौत के बाद शव को नहलाते समय शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए थे। नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। विनीता की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी और पारिवारिक कार्यक्रम में डांस भी कर रही थी। अचानक हुई मौत और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किए जाने से परिवार लगातार सवाल उठा रहा है।इधर, पति मुकेश पाटले ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। हालांकि, वह विनीता के बार-बार मायके जाने के कारणों पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव उत्खनन कराया गया है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पूरे मामले की गुत्थी पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विनीता की मौत सामान्य थी या इसके पीछे प्रताड़ना और साजिश का कोई गंभीर पहलू छिपा है। कब्र से निकाला शव: उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत के बाद, दफन किए जाने के चौथे दिन प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप: मायके पक्ष ने मृतिका के पति मुकेश पाटले, सास और ससुर पर दहेज के लिए बेरहमी से मारपीट करने और सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार: परिजनों का दावा है कि विनीता की मौत के बाद शव को नहलाते समय उसके शरीर पर चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून आ रहा था, फिर भी ससुराल वालों ने बिना पोस्टमार्टम के शव दफना दिया।

जुलाई 2026 में शुक्र-केतु युति का प्रभाव, कई राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय की आशंका

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन और उनकी युति का मानव जीवन पर गहरा असर पड़ता है.जुलाई 2026 में एक ऐसा ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील संयोग बनने जा रहा है. वैभव, सुख-संपदा और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र 4 जुलाई 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे.सिंह राशि में रहस्यमयी और छाया ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं.ऐसे में सिंह राशि में शुक्र और केतु की बेहद करीबी युति (मिलन) होने जा रही है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शुक्र और केतु का यह मिलाप कुछ राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव और बड़ी चुनौतियां लेकर आ सकता है.आइए जानते हैं कि इस अवधि में किन राशियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है. शुक्र-केतु युति का जीवन पर प्रभाव ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र जहां भौतिक सुखों और प्रेम का प्रतीक है, वहीं केतु वैराग्य और भ्रम का कारक है.जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो जातक के निजी रिश्तों और भावनाओं में अचानक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.इस दौरान आर्थिक मामलों में जोखिम बढ़ जाता है और पारिवारिक मोर्चे पर अनपेक्षित तनाव का सामना करना पड़ सकता है. वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु की यह युति काफी कष्टकारी साबित हो सकती है.इस अवधि में आपके प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा.फिजूलखर्ची बढ़ने के कारण आपकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.कार्यक्षेत्र में भी अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किलें आ सकती हैं, इसलिए संयम से काम लें. सिंह राशि चूंकि यह युति सिंह राशि में ही बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा.इस दौरान आपके स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन या भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं.व्यक्तिगत संबंधों में गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है.स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें,  कोई भी बड़ा वित्तीय निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर काल मिश्रित परिणाम लेकर आएगा, लेकिन कुछ मामलों में आपको बेहद संभलकर रहने की जरूरत है.नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस की राजनीति या वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखनी होगी.पारिवारिक संपत्तियों या पैतृक मामलों को लेकर घर में कलह की स्थिति बन सकती है.वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों से संबंध खराब हो सकते हैं.