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बांग्लादेश की संसद में उठा शुभेंदु अधिकारी का मुद्दा, सांसद ने भारत से की कार्रवाई की मांग

ढाका  बांग्लादेश की संसद में सत्तारूढ़ BNP के सांसद ने अपने देश के स्पीकर से एक बेहद बचकाना मांग की है. बांग्लादेश के सांसद जीएम सिराज ने अपने देश की संसद में कहा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बयानबाजियों पर लगाम लगाया जाए, उनके बयान भारत-बांग्लादेश की दोस्ती के हित में नहीं हैं।  सिराज ने बांग्लादेश की संसद में 2026-27 वित्तीय वर्ष के प्रस्तावित बजट पर चर्चा के दौरान यह बात कही. सिराज ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर भारत की ओर से घुसपैठ रोकने की भी मांग की।  BNP सांसद ने संसद की कार्यवाही के दौरान कहा, "माननीय स्पीकर महोदय, मैं आपके माध्यम से मोदी सरकार से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु बाबू को रोका जाना चाहिए. बांग्लादेश के खिलाफ उनके सभी बयान, जो वे समय-समय पर देते रहते हैं, दोनों देशों की दोस्ती में बाधा बन गए हैं।  उन्होंने कहा कि यहां शेख हसीना का कोई लेना-देना नहीं है. हमें शेख हसीना की कोई चिंता नहीं है. वह अब बांग्लादेश में नहीं हैं. वे अब सीन से बाहर हैं।  यह कहते हुए कि बांग्लादेश की राजनीति में शेख हसीना अब अहम नहीं रहीं, जीएम सिराज ने आगे कहा, "हम सभी बांग्लादेश-भारत की दोस्ती को दोस्ताना और सम्मानजनक तरीके से बनाए रखना चाहते हैं।  जीएम सिराज ने कहा कि कोई अपने पड़ोसी से मुंह नहीं मोड़ सकता. उन्होंने ने कहा, "दो दोस्तों के बीच दोस्ती कम समय की हो सकती है; यहां तक ​​कि पति-पत्नी का रिश्ता भी कम समय का हो सकता है. पति-पत्नी का तलाक हो सकता है. लेकिन भारत और बांग्लादेश के बीच पड़ोसी के इस रिश्ते में तलाक नहीं हो सकता।  बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी के बांग्लादेश पहुंचने के बाद दोनों देशों के रिश्तों पर दिए गए बयानों का ज़िक्र करते हुए, जीएम सिराज ने कहा कि उन बयानों ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी थी।  इस सांसद ने भारत से लोगों का दिल जीतने की अपील करते हुए कहा कि हम भारत-विरोधी या बांग्लादेश-विरोधी भावना नहीं चाहते. ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए. हम शांतिपूर्ण स्थिति में रहना चाहते हैं. इस संबंध में भारत की मौजूदा सरकार से मेरा विनम्र अनुरोध है कि कृपया लोगों को जबरन वापस भेजने (पुश-इन) की कार्रवाई बंद करें।  बता दें कि पश्चिम बंगाल समेत भारत के अन्य हिस्सों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान चल रहा है. सरकार ऐसे बांग्लादेशियों को पकड़कर वापस भेज रही है. हालांकि बांग्लादेश इन कदमों का विरोध कर रहा है और कह रहा है कि इन्हें भारत जबरन बांग्लादेश में धकेल रहा है। 

पहचान छिपाकर विवाह विवाद में बड़ा फैसला, पत्नी और बेटी को हर महीने ₹20 हजार देने होंगे

 इंदौर  धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह करने और बाद में मतांतरण के लिए दबाव बनाने से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने कहा कि यदि किसी महिला से धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह किया और उससे संतान भी जन्मीं हो, तो केवल विवाह की वैधता के तकनीकी आधार पर महिला को भरण-पोषण के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने पीड़िता और उसकी अवयस्क पुत्री के लिए 10-10 हजार रुपये, यानी कुल 20 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण मंजूर किया है। याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता राजेश जोशी ने बताया कि 23 फरवरी 2020 को कोरोना के दौरान मुस्तफा ने स्वयं को हिंदू बताकर एक महिला से मंदिर में विवाह किया था। जब महिला गर्भवती हुई, तब उसे आधार कार्ड के माध्यम से पति की वास्तविक धार्मिक पहचान का पता चला। आरोप है कि इसके बाद पति ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। महिला ने परिवार न्यायालय में भरण-पोषण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन 2023 में परिवार न्यायालय ने यह कहते हुए उसका आवेदन निरस्त कर दिया कि वह कानूनी रूप से विवाहित पत्नी नहीं है। अदालत ने केवल उसकी पुत्री के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण मंजूर किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए महिला ने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। जिसके बाद अदालत ने परिवार न्यायालय के फैसले को पलटते हुए दोनों के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये भरण-पोषण की राशि का आदेश दिया।  

भोपाल के ईशान ने बढ़ाया प्रदेश का मान, CA इंटरमीडिएट में हासिल की ऑल इंडिया टॉप-15 रैंक

भोपाल  द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा मई 2026 के परिणाम जारी कर दिए हैं. इस परीक्षा में भोपाल परीक्षा केंद्र के छात्र ईशान मुकेश मंगल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में 15वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है. ईशान मुकेश मंगल ने 600 में से 476 अंक (79.33 प्रतिशत) हासिल कर भोपाल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।  ईशान मुकेश ने देश में रोशन किया भोपाल का नाम वहीं, भोपाल में दूसरे स्थान पर मान्या गोस्वामी (64.50 प्रतिशत) रहीं. जबकि मोहित कछवानी और नंदिनी गुप्ता ने 62.83 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरा और सक्षम अग्रवाल (58.67 प्रतिशत) ने चौथा स्थान प्राप्त किया है. इस परीक्षा में भोपाल से दोनों ग्रुप में शामिल हुए 215 उम्मीदवारों में से 13 छात्रों ने दोनों ग्रुपों को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।  9 महीने की मेहनत में पाई सफलता ईशान ने ईटीवी भारत को बताया, "सीए फाउंडेशन का परिणाम जारी होते ही आगे की पढ़ाई का एक खाका खींच लिया था. 9 महीनों में समय का पूरा सदुपयोग किया. इसके लिए सिलेबस को भी छोटे-छोटे भागो में बांट कर पढ़ाई की. शुरुआत के चार महीनों में ग्रुप-2 के सभी विषयों के साथ-साथ टैक्सेशन के पाठ्यक्रम को पूरा किया।  शॉर्ट फॉर्म तकनीक ने दिलाई सफलता उन्होंने आगे बताया, "ग्रुप-1 की पढ़ाई के साथ ही रिवीजन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी और अंतिम ढाई महीने केवल रिवीजन पर केंद्रित रखा. टैक्सेशन विषय को बार-बार प्रोविजन्स पढ़कर मजबूत किया. वहीं, ऑडिट जैसे थ्योरी विषय को सरल रूप में याद रखने के लिए शिक्षकों द्वारा सिखाई गई शार्ट फॉर्म तकनीक का उपयोग किया।  रोजाना 9 से 10 घंटे अध्ययन ईशान ने आगे बताया, "नियमित दिनचर्या में रोजाना 9 से 10 घंटे अध्ययन करते थे, जिसे मुख्य परीक्षा से एक महीना पहले बढ़ाकर 12 घंटे तक कर दिया था. विषयों को समझने के लिए क्लासेस की मदद ली और खुद के मूल्यांकन के लिए सेल्फ स्टडी का सहारा लिया. वहीं, अंतिम समय में किसी भी तरह के मानसिक तनाव से बचने के लिए कोई भी नया टॉपिक नहीं छुआ. बस पहले से पढ़े गए नोट्स का ही अभ्यास किया. इस दौरान इंस्टाग्राम जैसे मनोरंजन आधारित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह दूरी बना ली थी। 

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ, 29-30 जून को होगा दो दिवसीय आयोजन

रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान मंत्रीअग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो। मंत्रीअग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं। कलेक्टरअजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकराजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीविनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंतावीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारीरामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीवेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय करेंगे नवीन लोगो का विमोचन, आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी करेंगे प्रेस वार्ता को संबोधित

रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 के अंतर्गत लक्की ड्रॉ में चयनित हितग्राहियों को उपहार वितरण समारोह 26 जून 2026 को न्यू सर्किट हाउस परिसर, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर मंडल के नवीन लोगो का भी विमोचन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा 23 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए 22 जून 2026 को विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया गया था। इस ड्रॉ में विजेताओं का चयन मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहारों के लिए किया गया है। उपहार वितरण समारोह में लक्की ड्रॉ के चयनित विजेताओं को सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही मंडल द्वारा आयोजित नवीन लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेता रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी। समारोह में मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्षअनुराग सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन 26 जून 2026, शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम उपरांत आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी दोपहर 3:00 बजे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। मंडल ने सभी लक्की ड्रॉ विजेताओं, हितग्राहियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह में सहभागी बनने हेतु आमंत्रित किया है।

GYM में एक्सरसाइज करते समय युवक की गई जान, मोहाली की घटना से लोग सहमे

मोहाली. फेज-3बी2 स्थित एक जिम में वर्कआउट के दौरान 23 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश, निवासी सेक्टर-56, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और जिम में मौजूद लोगों में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मुकेश रोजाना की तरह जिम में वर्कआउट कर रहा था। इसी दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले उसे चक्कर आए और फिर वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। जिम में मौजूद लोगों और उसके दोस्तों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस और परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्कआउट के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पहले से मौजूद लेकिन अनजान हृदय संबंधी बीमारी, अत्यधिक शारीरिक दबाव, शरीर में पानी की कमी, पर्याप्त नींद न लेना, हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करना शामिल है। कुछ मामलों में अत्यधिक सप्लीमेंट्स या स्टेरॉयड का सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, मुकेश की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

बस्तर को आयुर्वेदिक AIIMS दिलाने की पहल, CM साय ने केंद्र के सामने रखा प्रस्ताव

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास से रायपुर लौटे। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक बातचीत हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान बस्तर क्षेत्र के विकास और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी सौजन्य मुलाकात की। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मिलकर छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने की मांग रखी। सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है और यहां विभिन्न प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। ऐसे में राज्य में आयुर्वेद आधारित शोध और उपचार को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना आवश्यक है। इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष मांग रखी गई है। यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वहां रहकर पढ़ाई करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) उत्तीर्ण की है। अब इन अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा (Mains) की बेहतर तैयारी के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आपातकाल को बताया संविधान हत्या दिवस भाजपा आपातकाल को आज काला दिवस के रूप में आज मना रही है। 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। 25 जून 1975 को देश में लोकतंत्र की हत्या हुई थी और उस दौरान गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया था। सीएम साय ने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के संवैधानिक अधिकार छीन लिए गए थे और लोगों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया था। नई पीढ़ी को उस दौर की जानकारी हो, इसलिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में आपातकाल को शामिल किया गया है। कोचिंग सेंटरों की होगी जांच हाल ही में लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव (सीएस) को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी कोचिंग सेंटरों की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बारिश में जलभराव रोकने पर गडकरी का फोकस, सड़कों को तालाब बनने से बचाने के लिए क्या है प्लान?

मुंबई  मॉनसून में अक्सर सड़कों के तालाब बन जाने की खबरों के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बारिश आने से पहले ही तैयारी करने के जरूरी निर्देश दिए हैं. गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मानसून से जुड़ी तैयारियों को पूरी तरह मजबूत किया जाए और खराब मौसम के कारण होने वाली बाधाओं को कम करने के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाए जाएं।  सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के अनुसार, यह निर्देश उन समीक्षा बैठकों के दौरान दिए गए, जिनमें तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति का आकलन किया गया है. गडकरी ने सड़क परिवहन की नींव राष्ट्रीय राजमार्गों पर खासतौर पर ध्यान रखने के लिए कहा है।  इन परियोजनाओं में तेलंगाना के 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के 2,035 किलोमीटर और लद्दाख के 804 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह समीक्षा मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिली प्रतिक्रियाओं और अधिकारियों, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और परियोजना ठेकेदारों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई।  बैठकों के दौरान गडकरी ने चल रही परियोजनाओं, रखरखाव कार्यों और सुरक्षित, टिकाऊ एवं प्रभावी राजमार्ग बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की।  गडकरी ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, समय पर काम पूरा करने तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों और बेहतर कार्य पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे सड़कों की मजबूती, यात्रा सुविधा और राजमार्गों का दीर्घकालिक प्रदर्शन बेहतर होगा।  मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को प्रभावी ड्रेनेज प्रबंधन, ढलानों की स्थिरता (स्लोप स्टेबिलाइजेशन) और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसम से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम) तैनात करने पर भी जोर दिया। मंत्री के अनुसार, ये कदम राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर निर्बाध यातायात, सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।  गडकरी ने कहा कि अच्छी तरह से विकसित और रखरखाव वाली सड़कें क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने, पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि समय पर परियोजनाओं का पूरा होना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाना सड़क क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। 

छतरपुर के 54 गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी, केन-बेतवा प्रोजेक्ट पर तेजी से बढ़ा काम

छतरपुर  बुंदेलखंड क्षेत्र के कायाकल्प के लिए प्रस्तावित महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना अब तेजी से धरातल पर उतर रही है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए छतरपुर जिले के 54 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने तीव्र गति पकड़ ली है। वहीं, परियोजना के विस्तार के क्रम में उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में भी प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई है। कलेक्टर की वर्तमान गाइडलाइन दर का चार गुना मुआवजा मिलेगा। छतरपुर में धारा 11 का प्रकाशन पूरा छतरपुर जिले में परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया ने बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। परियोजना की कार्यपालन यंत्री उमा गुप्ता ने बताया कि जिले के 54 प्रभावित गांवों के लिए भूमि अधिग्रहण की धारा 11 वैधानिक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। धारा 19 की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नहर परियोजना प्रभावित किसानों को उनकी जमीन के बदले सरकारी गाइडलाइन से चार गुना अधिक मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। प्रशासन अब मुआवजा वितरण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए तत्पर है। उत्तर प्रदेश में भी प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार परियोजना की व्यापकता को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश में भी कार्य ने गति पकड़ी है। केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में आने वाले गांवों की भूमि की नपाई (सीमांकन) के लिए 15 जून 2026 को निविदा जारी कर दी गई है। यह निविदा झांसी जिले में केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना के तहत नहर निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश के हिस्से में आने वाले गांवों की भूमि की नपाई के कार्य के लिए जारी की गई है, जिससे परियोजना के इस हिस्से में भी निर्माण कार्य की नींव रखी जा सके। पारदर्शिता का अधिकार मुआवजे की राशि तय करने के लिए गांव की सरकारी गाइडलाइन और क्षेत्र में हाल ही में हुई जमीनों की रजिस्ट्री की औसत दर में से जो भी अधिक होगा, उसी को आधार मानकर भुगतान किया जाएगा। एक्सपेरिमेंट ने बर्बाद किए कीमती दो साल परियोजना से जुड़े सूत्रों के अनुसार शुरुआत में अधिकारियों ने 218 किलोमीटर लंबी लिंक नहर के एक बड़े हिस्से (लगभग 65 किमी) को भूमिगत सुरंग के जरिए ले जाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रयोगात्मक मॉडल के पीछे तर्क दिया गया था कि इससे भूमि अधिग्रहण कम होगा और पानी का वाष्पीकरण रुकेगा। लेकिन हकीकत के धरातल पर यह योजना अत्यधिक महंगी और जोखिम भरी साबित हुई। लंबे समय तक चले विचार-मंथन के बाद अंतत: इस टनल प्रस्ताव को अव्यावहारिक मानकर निरस्त कर दिया गया है। इस तकनीकी हेर-फेर के चक्कर में परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से लिंक नहर का काम दो साल पिछड़ गया है। नहर का मार्ग आबादी वाले क्षेत्रों के बाहर से निर्धारित किया गया है. जिससे किसी भी गांव के पूर्ण विस्थापन का संकट नहीं है। नहर की मुख्य संरचना और सर्विस रोड के निर्माण के लिए 100 मीटर चौड़ी पट्टी में भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड के सिंचाई संकट को दूर करेगी, बल्कि कानून के तहत मिलने वाले उचित मुआवजे से स्थानीय किसानों के आर्थिक स्तर में भी बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगी। 218 किमी लंबी नहर और चार गुना मुआवजा केन नदी पर निर्माणाधीन ढोड़न बांध से बेतवा नदी तक बनने वाली यह 218 किलोमीटर लंबी लिंक नहर बुंदेलखंड के सिंचाई संकट को दूर करने के लिए संजीवनी साबित होगी। छतरपुर जिले से होकर गुजरने वाले इसके 107 किलोमीटर के हिस्से के लिए किसानों को मध्य प्रदेश भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 के तहत मुआवजा दिया जा रहा है। जिसको लेकर राज्य केबिनेट ने भी बीते माह चार गुना मुआवजा पर मुहर लगाई थी। परियोजना के लिए कुल 1488.42 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है जिसमें 54 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है। विकासखंड/तहसील गांवों की संख्या मुख्य प्रभावित गांव छत्तरपुर विकासखंड 17-बंधीकला, ईशानगर, लहेरा, दिदौल, राजापुरवा आदि महाराजपुर तहसील 12-मऊ, नुना, पड़वाहा आदि राजनगर विकासखंड 11- गंज, करी, पहरा, सीलोन, कोटा, बरद्वाहा आदि नौगांव विकासखंड 07 – लुगासी, नयागांव, तिंदनी आदि बिजावर व सटई तहसील 07-करोदिया, दिदौनियां आदि

बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का बड़ा ऐलान, हाईवे जाम करने की तैयारी

समराला लंबे समय से लंबित चला आ रहा गन्ने के बकाए का भुगतान न होने से क्षुब्ध गन्ना किसानों ने एक बार फिर सरकार से टक्कर लेने का फैसला कर लिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को 1 जुलाई से अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के चलते आने वाले दिनों में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दोआबा किसान कमेटी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान ने बताया कि गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर 18 मई को जालंधर स्थित गन्ना विभाग के कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस समय परियोजना अधिकारी और संबंधित विभाग ने आश्वासन दिया था कि 30 मई तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 142 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा करवा दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीना बीत जाने के बावजूद किसानों के खातों में अभी तक एक भी रुपया नहीं पहुंचा है। अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए हैं और उनके द्वारा बनाया गया नया पोर्टल भी पूरी तरह विफल साबित हुआ है। किसान नेता ने कहा कि अब गन्ने की अगली फसल तैयार होने वाली है, लेकिन किसानों को पिछली फसल का भुगतान भी नहीं मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सरकार किसानों की मदद करने के बजाय उनका वैध बकाया देने से भी बच रही है। जंगवीर सिंह चौहान ने पंजाब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जून तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई, तो 1 जुलाई को दोआबा किसान कमेटी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और टांडा में जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह जाम कर देंगे।