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भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में 63 अतिरिक्त रनों का गिफ्ट दिया, गवाया मैच, जिसकी कही चर्चा ही नहीं

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान में भारत हारा जरूर मगर यह रोमांचक मैच वर्षों तक याद रहेगा। हार की क्या वजह रहीं? क्यों हारें? कहां चूके? कहां और कब मैच पलट गया? इस पर खूब चर्चा हो रही। बातें हो रहीं। सोशल मीडिया से लेकर आम बैठकी तक में। मीडिया से लेकर चाय के ठीहों पर भी। लेकिन इस हार के एक बड़े खलनायक की तो जैसे बिल्कुल भी चर्चा नहीं हो रही और वो हैं अतिरिक्त रन। भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में 63 अतिरिक्त रनों का गिफ्ट दिया और आखिरकार 22 रन से हार गए! इंग्लैंड जितने रन के अंतर से लॉर्ड्स टेस्ट जीता उसके करीब तिगुने रन तो हमारे गेंदबाजों ने एक्स्ट्रा के तौर पर मेजबानों को जैसे गिफ्ट दिए थे। लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहली पारी में उसने 387 रन बनाए। इसमें छठा सबसे बड़ा योगदान अतिरिक्त रनों का रहा। जो रूट ने 104, ब्राइडन कार्स ने 56, जैमी स्मिथ ने 51, ओली पोप और बेन स्टोक्स ने 44-44 रन का योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों ने एक्स्ट्रा के तौर पर 31 रन दिए। जवाब में भारत ने भी पहली पारी में ठीक 387 रन बनाए। इसमें इंग्लैंड की तरफ से सिर्फ 12 एक्स्ट्रा रन दिए गए। इंग्लैंड की दूसरी पारी सिर्फ 192 रन पर सिमटी थी और इसमें तीसरा सबसे बड़ा योगदान भारतीय गेंदबाजों की तरफ से गिफ्ट किए गए अतिरिक्त रन थे। भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 32 अतिरिक्त रन दिए। जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला लेकिन 170 के स्कोर पर पूरी भारतीय टीम सिमट गई। 22 रन से हार का सामना करना पड़ा। एक ऐसे मैच में जिसमें हमारे गेंदबाजों ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 63 अतिरिक्त रन दिए। दूसरी तरफ इंग्लैंड ने मैच में सिर्फ 30 रन अतिरिक्त दिए थे जिसमें आखिरी पारी में 18 एक्स्ट्रा शामिल हैं। लॉर्ड्स में हार के साथ ही भारत अब 5 टेस्ट मैच की श्रृंखला में 1-2 से पिछड़ गया है। लीड्स के हेलिंग्ले ग्राउंड में खेले गए श्रृंखला के पहले टेस्ट में भारत को हार का सामना करना पड़ा था जबकि उसकी तरफ से मैच में रिकॉर्ड 5 शतक लगे थे। एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए इंग्लैंड को 336 रन से हराया था। अगर लॉर्ड्स टेस्ट में इतने एक्स्ट्रा रन नहीं दिए गए होते तो आज इंग्लैंड नहीं, भारत 2-1 की बढ़त बनाया होता। अभी सीरीज के दो मैच बचे हैं और टीम मैनेजमेंट को इस कमी की ओर ध्यान देना होगा।  

क्रिकेट में सबसे शर्मनाक पारी! वेस्टइंडीज की पूरी टीम 27 रन पर ऑलआउट, 7 खिलाड़ी जीरो पर

नईदिल्ली  ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में मेजबान वेस्टइंडीज के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ा है. पूरी टीम दूसरी पारी में महज 27 के स्कोर पर सिमट गई. ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 176 रनों से ये मैच जीत लिया. वेस्टइंडीज को टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे शर्मनाक स्कोरकार्ड में से एक का सामना करना पड़ा. यह वेस्टइंडीज के इतिहास में उसका सबसे कम टोटल था. वे न्यूजीलैंड के बदनाम 26 के स्कोर से बस एक रन दूर थे. बता दें कि टेस्ट मैच में सबसे कम स्कोर न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है.  स्टार्क ने ऐसे पलट दिया मैच अपने 100वें टेस्ट मैच में इससे बेहतर प्रदर्शन कोई क्या कर सकता है? मिचेल स्टार्क ने नई गेंद से वेस्टइंडीज पर कहर बरपाया. उन्होंने पारी की पहली ही गेंद पर जॉन कैंपबेल को आउट किया और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. सिर्फ 15 गेंदों में उन्होंने 5 विकेट झटके, जो अब टेस्ट इतिहास में सबसे तेज़ (गेंदों के हिसाब से) पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड है. उन्होंने अर्नी टोशैक का 79 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. बोलैंड की हैट्रिक ने विंडीज का खेल खत्म किया स्टार्क ने जहां टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया था, वहीं स्कॉट बोलैंड ने टेल-एंड को समेटा. उन्होंने लगातार तीन गेंदों में जस्टिन ग्रीव्स, शामर जोसेफ और जोमेल वॉरिकन को आउट कर हैट्रिक पूरी की. वह टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले 10वें ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ बने. 7 बल्लेबाज नहीं खोल सके खाता वेस्टइंडीज सिर्फ 14.3 ओवर में 27 रन पर ऑल आउट हो गई. टेस्ट इतिहास में दूसरा सबसे कम स्कोर और वेस्टइंडीज का अब तक का सबसे कम स्कोर था. उनके सात बल्लेबाज़ खाता तक नहीं खोल सके. सिर्फ चार खिलाड़ी रन बना सके और टॉप छह बल्लेबाज़ों ने कुल मिलाकर केवल 6 रन जोड़े. 176 रन की हार के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली. टेस्ट इतिहास में सबसे कम स्कोर टेस्ट इतिहास में सबसे कम स्कोर की बात करें तो यह शर्मनाक रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है. जब 1955 में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड की टीम 26 के स्कोर पर सिमट गई थी. वहीं, दूसरे पायदान पर अब वेस्टइंडीज है जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में 27 के स्कोर पर सिमट गई. वहीं, दक्षिण अफ्रीका का नाम इस लिस्ट में तीन बार आता है. अफ्रीका 1896 और 1924 में दो बार महज 30 के स्कोर पर ऑल आउट हुआ है. जबकि 1899 में दक्षिण अफ्रीका 35 पर सिमट गया था.

टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर फेल, 5 कारणों में छिपी भारत की हार की कहानी

लॉर्ड्स   लॉर्ड्स टेस्ट में टीम इंडिया को रोमांचक मैच में हार का सामना करना पड़ा है. भारत के सामने 193 रनों का लक्ष्य था. लेकिन शुभमन गिल की सेना महज 170 के स्कोर पर ही ढेर हो गई. जडेजा एक छोर पर टिके रहे और नाबाद 61 रनों की पारी खेली लेकिन भारत ये मैच 22 रन से हार गया. इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में अब 2-1 से आगे है. पांचवे और आखिरी दिन भारत को 135 रनों की दरकार थी. जबकि 6 विकेट हाथ में थे. लेकिन पंत, राहुल और रेड्डी समेत कोई भी बल्लेबाज अंग्रेजों के सामने टिक नहीं सका और भारत को हार का सामना करना पड़ा. दोनों टीमों के बीच सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर में होगा.  भारत की दूसरी पारी की हाइलाइट्स टारगेट का पीछा करते हुए दूसरी पारी में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. उसने यशस्वी जायसवाल का विकेट दूसरे ही ओवर में गंवा दिया, जो अपना खाता भी नहीं खोल सके. फिर भारतीय टीम ने खेल के चौथे दिन करुण नायर (14 रन), कप्तान शुभमन गिल (6 रन) और नाइवॉचमैन आकाश दीप (1 रन) का भी विकेट गंवाया. पांचवें दिन भी भारत की खराब लय जारी रही और जडेजा के अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिक सका. इन 5 कारणों में छिपी है लॉर्ड्स में भारत की हार की पूरी कहानी दूसरी पारी में टॉप ऑर्डर रहा फेल लीड्स और बर्मिंघम टेस्ट में शानदार बल्लेबाज़ी करने वाले शुभमन और यशस्वी इस बार दोनों पारियों में सिर्फ 39 रन ही बना सके. करुण नायर, जो पहले दो टेस्ट में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए, इस टेस्ट में 40 और 16 रन बनाकर आउट हुए. ऐसे में राहुल, पंत और जडेजा पर ही सारी उम्मीदें टिकी रहीं. राहुल ने 100 और 39 और जडेजा ने 72 और 61 रन की पारियां खेलीं, लेकिन उन्हें किसी भी बल्लेबाज़ से समर्थन नहीं मिला. पहली पारी की गलतियां पड़ी भारी पहली पारी में भारत 376/6 पर था लेकिन अगले 4 विकेट सिर्फ 11 रन में गिर गए. दूसरी पारी में टीम 193 रन के आसान लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन पहले दिन का अंत 58/4 पर हुआ. पांचवें दिन पहले सत्र में तीन और विकेट सिर्फ 24 रन में गिर गए. 112 रन पर 8 विकेट गिरने के बाद भारत की हार तय हो गई थी. जोफ्रा आर्चर ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों को किया परेशान 4 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे जोफ्रा आर्चर ने भारत के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कीं. पहली पारी में उन्होंने यशस्वी को पहली ही गेंदों में आउट किया. दूसरी पारी में उन्होंने यशस्वी, पंत और सुंदर को आउट कर दिया. बाए हाथ के बल्लेबाजों के लिए आर्चर मुश्किल बनते गए. उन्होंने इस मैच में कुल 5 विकेट लिए और कमाल की बात रही की वो सभी विकेट बाए हाथ के बल्लेबाजों के थे. कठिन होती गई पिच लॉर्ड्स की पिच मैच के दौरान लगातार मुश्किल होती गई. पहले दिन जहां 251 रन बने और 4 विकेट गिरे (प्रत्येक 63 रन पर एक विकेट), वहीं पांचवें दिन पहले सत्र में 54 रन पर 4 विकेट गिरे, यानी प्रत्येक 14 रन पर एक विकेट. इसलिए टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करना इंग्लैंड के लिए फायदेमंद साबित हुआ. सिराज का बैडलक एक समय टीम इंडिया का स्कोर 112-8 था. इसके बाद बुमराह और जडेजा के बीच कमाल की साझेदारी हुई. बुमराह ने जडेजा का पूरा साथ दिया. बुमराह ने 54 गेंद खेली और केवल 5 रन बनाए. 147 पर जब बुमराह का विकेट गिरा तो सिराज ने उनका रोल निभाया. सिराज बी 30 गेंद खेल गए. लेकिन आखिर में सिराज का बैडलक उनपर भारी पड़ा और गेंद उनके पैर से टकराने के बाद स्टंप पर लग गई.   शोएब बशीर बचे दोनों टेस्ट से बाहर हो गए  लॉर्ड्स टेस्ट में मिली जीत के बाद मेजबान इंग्लैंड को एक बड़ा झटका लगा है. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के पहले तीन मैचों में सबसे ज्यादा ओवर फेंकने वाले शोएब बशीर बचे दोनों टेस्ट से बाहर हो गए हैं. बशीर ने सबसे ज़्यादा 140.4 ओवर (844 गेंदें) डाले, जो किसी भी गेंदबाज़ द्वारा सबसे अधिक हैं. हालांकि इंग्लैंड सीरीज में 2-1 से आगे है, लेकिन अधिकतर पहलुओं में भारत ने मेज़बानों को पीछे छोड़ा है, खासकर स्पिन डिपार्टमेंट में. 20 वर्षीय ऑफ स्पिनर, जिन्होंने धीरे-धीरे इंग्लैंड के प्रमुख स्पिनर के रूप में अपनी जगह बनाई थी, को लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट के दौरान बाएं हाथ की उंगली में फ्रैक्चर हो गया. जाने क्यों बाहर हुए शोएब बशीर यह चोट तब लगी जब बशीर ने तीसरे दिन रविंद्र जडेजा का कैच पकड़ने की कोशिश की. गेंद पकड़ते वक्त उनकी उंगली पर चोट लगी और वह मैदान छोड़कर चले गए. इसके बाद वे भारत की पहली पारी में गेंदबाज़ी के लिए नहीं लौटे. शुरुआत में इंग्लैंड टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि वे अगला मैच खेल सकेंगे, क्योंकि भारत की दूसरी पारी में उन्होंने आखिर में गेंदबाजी की और सिराज का आखिरी विकेट भी झटका. लेकिन अब यह पुष्टि हो गई है कि बशीर इस सप्ताह सर्जरी करवाएंगे और सीरीज के बाकी मैचों में हिस्सा नहीं लेंगे. फ्रैक्चर के बावजूद बशीर पूरी तरह मैच से बाहर नहीं रहे. इंग्लैंड की दूसरी पारी में उन्होंने बल्लेबाज़ी की और 9 गेंदें खेलीं. इसके बाद वे पांचवें दिन के अंत में गेंदबाज़ी के लिए भी लौटे. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ही मैच का अंतिम विकेट लिया. ऐसा रहा है बशीर का प्रदर्शन तीन टेस्ट मैचों में बशीर ने 54.1 की औसत से 10 विकेट लिए. यह प्रदर्शन शानदार तो नहीं रहा, लेकिन वे इंग्लैंड के सबसे अधिक इस्तेमाल किए गए गेंदबाज़ रहे. उन्होंने सीरीज में सबसे ज़्यादा रन (541) भी दिए. अब बशीर की अनुपस्थिति ने इंग्लैंड की योजनाओं को मुश्किल में डाल दिया है. जैक लीच, जो बशीर के आने के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे, यदि फिट हैं तो उन्हें वापस लाया जा सकता है. अन्य विकल्पों में रेहान अहमद, टॉम हार्टली और लियाम डॉसन शामिल हैं. वहीं, जैकब बेटेल, जो पहले से स्क्वॉड में … Read more

भारत को लगा 8वां झटका, नीतिश रेड्डी 13 रन बनाकर आउट

लंदन लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड ने मेहमान भारतीय टीम को 193 रन का जीत के लिए लक्ष्य दिया। दिन के आखिर तक भारत ने 4 विकेट खोकर 58 रन बना लिए हैं। केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद खेल रहे हैं और टीम की जीत की उम्मीदों को बनाए हुए हैं। भारत ने पांचवें दिन के खेल की शुरूआत करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 112 रन बना लिए हैं। टीम को जीत के लिए अभी 81 रन की जरूरत है और दो विकेट बचे हैं। इंग्लैंड की दूसरी पारी इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 192 रन पर समाप्त की। इस पारी में भारत के स्पिन आलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 22 रन खर्च कर 4 महत्वपूर्ण विकेट लिए। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं, तेज गेंदबाज नीतिश कुमार रेड्डी और लेग स्पिनर आकाशदीप को एक-एक विकेट मिला। भारत की बल्लेबाजी दिन की शुरुआत में भारत ने 4 विकेट के नुकसान के साथ 0 रन से आगे खेलना शुरू किया। हालांकि, केएल राहुल ने अपनी ठोस पारी से टीम को संभाला हुआ है। भारत को अभी 135 रन और बनाने हैं ताकि वह यह मुकाबला जीत सके। इंग्लैंड के गेंदबाजों का प्रदर्शन इंग्लैंड की तरफ से ब्रायडन कार्स ने सबसे ज्यादा दो विकेट लिए। इसके अलावा, जोफ्रा आर्चर और कप्तान बेन स्टोक्स ने एक-एक विकेट हासिल किया। इन गेंदबाजों ने भारत के बल्लेबाजों को दबाव में रखा। पहली पारी का हाल इस टेस्ट मैच में दोनों टीमों ने अपनी पहली पारी में समान 387 रन बनाए थे। इंग्लैंड की पहली पारी में शतकवीर जो रूट ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए। इस वजह से मैच काफी संतुलित स्थिति में पहुंच गया है। मैच का महत्व यह टेस्ट मैच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का हिस्सा है और दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर का संकेत दे रहा है। भारत के लिए यह मैच जीतना बहुत जरूरी है ताकि वह सीरीज में बढ़त बना सके। मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, टेस्ट मैच के 5 दिनों में से किसी भी दिन बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। मौसम साफ और धूप वाला रहने, हल्की हवाएं चलने के साथ तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। अगर ये सच है, तो प्रशंसक प्रतिष्ठित लॉर्ड्स में पूरे 5 दिनों तक खेल का आनंद लेने वाले हैं।

बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने पारुपल्ली से तोड़ा रिश्ता

नई दिल्ली भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल ने अपने पति और पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप से अलगाव की घोषणा की है. यह जोड़ा लगभग सात वर्षों से विवाहबंधन में था. रविवार देर रात सायना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर इस खबर की पुष्टि की, जिसने खेल जगत को हैरानी में डाल दिया. सायना ने सोशल मीडिया में साझा की जानकारी सायना ने अपने पोस्ट में लिखा कि कई बार ज़िंदगी हमें अलग राहों पर ले जाती है. काफी सोच-विचार के बाद हमने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, आत्मविकास और मानसिक संतुलन को चुन रहे हैं. मैं इन यादों के लिए आभारी हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. इस दौरान हमें समझने और हमारी निजता का सम्मान करने के लिए धन्यवाद.” 7 साल पहले हुई थी शादी सायना और कश्यप की शादी दिसंबर 2018 में हुई थी. दोनों की मुलाकात हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में हुई थी, जहां से उन्होंने साथ में करियर की शुरुआत की थी. बैडमिंटन में दोनों की शानदार उपलब्धियां     सायना नेहवाल ने 2008 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतने के बाद ओलंपिक में डेब्यू किया था और उसी साल क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं.     2012 के लंदन ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा.     उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार, 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न और 2016 में पद्म भूषण से नवाजा गया.     सायना अब तक की इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल की है. वहीं, पारुपल्ली कश्यप ने 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर 32 सालों बाद भारत को इस स्पर्धा में पुरुष एकल में गोल्ड दिलाया था. 2012 के लंदन ओलंपिक में वे क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे और 2013 में उन्होंने विश्व रैंकिंग में छठा स्थान हासिल किया था. कश्यप ने 2024 में संन्यास लिया और अब वे कोचिंग में सक्रिय हैं. सायना और कश्यप की यह जुदाई खेल प्रेमियों के लिए एक भावुक पल है, लेकिन दोनों ने सकारात्मकता और शांति को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ने का फैसला लिया है.

WWE :बैटल रॉयल में स्टेफनी वैकर ने जीत हासिल कर अपने करियर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया

नई दिल्ली  WWE इवोल्यूशन में हुए रोमांचक बैटल रॉयल में स्टेफनी वैकर ने जीत हासिल कर अपने करियर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इस जीत के साथ, वैकर को आगामी WWE क्लैश इन पेरिस में वर्ल्ड टाइटल के लिए मुकाबला करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह उनकी क्षमता और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। बैटल रॉयल में सुपरस्टार्स का जमावड़ा बैटल रॉयल की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में हुई, जिसमें कई महिला सुपरस्टार्स ने रिंग में प्रवेश किया। सबसे पहले निक्की बेला आईं, उनके बाद चेल्सी ग्रीन और सीक्रेट सर्विस ने एंट्री की। मैच में शामिल होने वाली अन्य प्रमुख पहलवानों में पाइ पर निवेन, एल्बा फायर, नटाल्या, मैक्सिन डुप्री, जैदा पार्कर, लैश लीजेंड, लोला वाइस, जेलिना वेगा, केलानी जॉर्डन, टैटम पैक्सली, इज्जी डेम, बी-फैब, मिचिन, आइवी नाइल, कैंडिस लेरे, निया जैक्स, और विमेंस यूएस चैंपियन गिउलिया का नाम शामिल था। रोमांचक एलिमिनेशन और यादगार पल घंटी बजते ही मैच में तुरंत एक्शन शुरू हो गया। निया जैक्स ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए टैटम पैक्सली और इज्जी डेम को बाहर कर दिया। केलानी जॉर्डन भी एलिमिनेट हो गईं, लेकिन उन्होंने कोफी किंग्स्टन स्टाइल में अपने हाथों पर चलकर और अनाउंस डेस्क पर पहुंचकर रिंग में शानदार वापसी की, जिससे दर्शकों को खूब मनोरंजन मिला। एक के बाद एक एलिमिनेशन होते रहे     गिउलिया ने आइवी नाइल को बाहर किया।     जैदा पार्कर ने नटाल्या को रिंग से बाहर कर दिया।     इसके बाद कैंडिस लेरे और फिर जैदा पार्कर भी एलिमिनेट हो गईं।     जेलिना वेगा ने गिउलिया को बाहर किया।     बी-फैब और मिचिन भी एलिमिनेट हो गईं।     अंतिम चरणों में, जेलिना वेगा, एल्बा फायर, लोला वाइस, पाइपर निवेन और चेल्सी ग्रीन भी बाहर हो गईं। आखिरी चार और स्टेफनी वैकर की जीत मैच के अंतिम चार में निया जैक्स, निक्की बेला, लैश लीजेंड, और स्टेफनी वैकर बची थीं। एक चौंकाने वाले पल में, लैश लीजेंड ने गलती से निक्की बेला को बाहर कर दिया। इसके बाद लैश लीजेंड ने निया जैक्स का सामना किया, जिससे उनकी ताकत का प्रदर्शन हुआ। हालांकि, लीजेंड और वैकर ने मिलकर निया जैक्स को रिंग से बाहर करने में सफलता पाई। अंत में, स्टेफनी वैकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लैश लीजेंड को रस्सी के ऊपर से बाहर करके जीत हासिल की। उन्होंने एप्रन पर एक डेविल्स किस देकर लैश को फर्श पर गिरा दिया और इस प्रतिष्ठित बैटल रॉयल को अपने नाम किया। यह टायटल जीतना कोई आम बात नहीं है। उन्होंने इस जीतने के लिए 19 रेसलर्स का सामना किया और उन्हें हराया।  

बैडमिंटन जोड़ी का अंत: साइना-कश्यप ने अलग होने की खबर की पुष्टि की

मुंबई  भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने घोषणा की है कि वह अपने पति और बैडमिंटन खिलाड़ी परुपल्ली कश्यप से अलग हो गई हैं. साइना और कश्यप की शादी साल 2018 में हुई थी और सात साल बाद अब उनका रिश्ता समाप्त हो गया है. 7 साल बाद दोनों ने अपने रिश्ते को विराम दिया है. साइना और कश्यप की मुलाकात हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद की ट्रेनिंग अकादमी में हुई थी, जहां दोनों ने एक साथ ट्रेनिंग ली थी.  साइना नेहवाल ने 2012 में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और 2015 में वर्ल्ड बैड​मिंटन रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचकर इतिहास रच दिया. वह विश्व की नंबर वन शटलर बनने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी थीं. स्पोर्ट्स में साइना भारत के लिए वर्ल्ड आइकन रहीं. वहीं पारुपल्ली कश्यप ने 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता और वर्ल्ड रैंकिंग में छठे पायदान तक पहुंचे. उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के साथ अपनी अलग पहचान बनाई. साइना नेहवाल भारतीय महिला बैडमिंटन की पहली सुपरस्टार मानी जाती हैं. उन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) जीता था. वहीं, पारुपल्ली कश्यप ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. रविवार को इंस्टाग्राम पर साइना ने एक निजी अपडेट साझा किया जिसने खेल जगत को हैरान कर दिया है. राष्ट्रमंडल खेलों में दो बार की चैंपियन साइना ने लिखा, ‘‘जिंदगी हमें कभी-कभी अलग दिशाओं में ले जाती है. बहुत सोच-विचार के बाद कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, विकास और उपचार का विकल्प चुन रहे हैं. मैं इन यादों के लिए आभारी हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. कृपया इस समय हमारी निजता का सम्मान करें. धन्यवाद.” साइना नेहवाल ने  रात अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक चौंकाने वाला बयान जारी किया. उन्होंने लिखा, 'जिंदगी कभी-कभी हमें अलग-अलग दिशाओं में ले जाती है. बहुत सोच-विचार के बाद, कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, तरक्की और राहत चुन रहे हैं. मैं उन यादों के लिए आभारी हूं और आगे बढ़ने के साथ सिर्फ अच्छे की कामना करती हूं. इस दौरान हमारी निजता को समझने और उसका सम्मान करने के लिए धन्यवाद.' कश्यप ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है. साइना ने भारत में बैडमिंटन को फिर से जिंदा किया प्रकाश पादुकोण और पुलेला गोपीचंद के बाद भारत का कोई खिलाफ बैडमिंटन के खेल में वैश्चिक स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना सका. वह साइना नेहवाल ही थीं, जिन्होंने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में विमेन सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर भारत में इस खेल को नया जीवन दिया. चार साल बाद 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर वह ओलंपिक पोडियम पर पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं. इसके बाद भारत में बैडमिंटन खिलाड़ियों की नई पौध आनी शुरू हुई, जो इस खेल में विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं. कश्यप ने भारतीय बैडमिंटन की खोई पहचान दिलाई पारुपल्ली कश्यप ने 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर सुर्खियों में आए. वह 2012 के लंदन ओलंपिक में नीलुका करुणारत्ने को हराकर क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे और ऐसा करने वाले भारत के पहले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बने. उन्होंने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. वह 32 वर्षों में ऐसा करने वाले पहले पुरुष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे. साइना और पारुपल्ली की मुलाकात 1997 में एक कैम्प के दौरान हुई थी.  हैदराबाद की एकेडमी में दोनों के बीच बढ़ीं नजदीकियां  साल 2004 में जब गोपीचंद ने हैदराबाद में अपनी बैडमिंटन एकेडमी स्थापित की, तो दोनों उनके अंडर ट्रेनिंग लेने लगे और यहीं से उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं. हालांकि, 2018 में शादी उनकी शादी होने तक दोनों के रिलेशनशिप के बारे में दुनिया को भनक नहीं लगी थी. पारुपल्ली कश्यप ने ईएसपीएन को दिए एक इंटरव्यू में साइना के साथ अपने रिलेशनशिप को लेकर कहा था, 'यह स्कूल वाला रोमांस था, मासूम और अपने साथियों को यह बताने के बारे में कि आपकी एक प्रेमिका है.'

लॉर्ड्स में टीम इंडिया को बनाने हैं 135 रन, मुकाबला मांचक मोड़ पर

लंदन   भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का तीसरा मैच लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में भारत को 5वें दिन जीत के लिए 135 रनों की जरूरत है. इंग्लैंड की दूसरी पारी 192 के स्कोर पर सिमट गई. वाशिंगटन सुंदर को 4 विकेट मिले हैं. जबकि बुमराह और सिराज को दो-दो सफलताएं मिली हैं. भारत की भी शुरूआत खराब रही है और दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 4 विकेट गंवा दिए थे. भारत का स्कोर अभी 58 रन है. केएल राहुल नाबाद हैं. भारत को जीत के लिए 135 रन बनाने हैं. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 387 रन बनाए थे. जवबा में भारतीय टीम की पहली पारी भी 387 रनों पर ही सिमटी. यानी पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा. दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 192 रन बनाए. अब लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को जीत के लिए 193 रन बनाने हैं. लॉर्ड्स टेस्ट मैच में आज क्या होगा बताना मुश्किल है. 387 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम 192 रन पर सिमट गई. भारत ने पहली पारी में 387 रन ही बनाए थे. दूसरी पारी में ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट निकालकर मैच का रुख मोड़ दिया. उन्होंने कहा कि लंच के बाद पांचवें दिन भारत जीत हासिल करने का इरादा रखता है. वहीं इंग्लैंड के बैटिंग कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक ने कहा उनकी टीम ने कम रन बनाए हैं लेकिन मैच जीतने की स्थिति में है. कौन जीतेगा तीसरा टेस्ट? जीत के लिए 193 रनों का लक्ष्य पीछा करते हुए भारत ने चौथे दिन का खेल 58 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे. स्टंप्स के समय केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि बेन स्टोक्स ने दिन की आखिरी गेंद पर नाइट-वॉचमैन आकाश दीप को आउट किया. भारत ने ओपनर यशस्वी जायसवाल (0), करुण नायर (14), और कप्तान शुभमन गिल (6) को सस्ते में खो दिया, और अंतिम दिन में 135 रनों से पीछे है. भारत जीत के करीब नजर आ रहा है लेकिन उसके लिए शुरुआती सेशन में इंग्लैंड के गेंदबाजों से बचना आसान नहीं होगा. सीरीज में जीत हासिल करने का मौका दोनों टीम के पास है. गिल ने द्रविड़-कोहली को छोड़ा पीछे, इंग्लैंड में ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही मौजूदा टेस्ट सीरीज में शुभमन गिल ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है. गिल अब इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं. उन्होंने यह रिकॉर्ड भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए बनाया. 603* रन बनाकर गिल शीर्ष पर 2025 की इस ऐतिहासिक सीरीज में गिल ने अब तक 603 रन (नाबाद) बना लिए हैं, और सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने लगातार शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए कई अहम पारियां खेलीं, जिनमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. उनका यह प्रदर्शन बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आया, जहां गेंदबाज़ों को मदद मिल रही थी और पिचें बल्लेबाज़ों के लिए आसान नहीं थीं. बावजूद इसके, गिल ने धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन मेल दिखाया. इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ 1. शुभमन गिल (2025) – 603* रन 2. राहुल द्रविड़ (2002) – 602 रन 3. विराट कोहली (2018) – 593 रन 4. सुनील गावस्कर (1979) – 542 रन 5. राहुल द्रविड़ (2011) – 461 रन इस सूची में गौर करने वाली बात यह है कि राहुल द्रविड़ दो बार टॉप-5 में शामिल हैं, जो उनके इंग्लैंड में शानदार रिकॉर्ड को दर्शाता है. लेकिन गिल ने अब यह मुकाम हासिल करके खुद को भारतीय टेस्ट इतिहास के शीर्ष बल्लेबाज़ों की कतार में शामिल कर लिया है. गिल तोड़ सकते हैं इन दिग्गजों का रिकॉर्ड एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी डॉन ब्रेडमैन के नाम है. जिन्होंने 1930 में एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की 7 पारियों में 974 रन बनाए थे. इसमें उन्होंने एक तिहरा शतक भी लगाया था. वहीं, दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के हैमांड का नाम आता है जिन्होंने 5 मैच की 9 पारियों में 905 रन बनाए थे. इसके बाद एमए टेलर ने 1989 में एक सीरीज में 839 रन बनाए. वहीं, इस लिस्ट में तीन भारतीय खिलाड़ियों का नाम आता है. पहला नाम सुनील गावस्कर का है, जिन्होंने 1970-71 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 मैच की 8 पारियों में 774 रन बनाए थे. 1978-89 में फिर गावस्कर ने एक सीरीज में 732 रन बनाए. वहीं, 2023 में यशस्वी जायसवाल ने 5 मैच की 9 पारियों में 712 रन बनाए. वहीं, 2014-15 में विराट कोहली ने 4 मैच की सीरीज में 692 रन बनाए थे. सुंदर ने दिखाया स्पिन का जलवा, भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ाई लॉर्ड्स की पिच पर जहां स्पिनरों को खास मदद नहीं मिल रही थी, वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की रीढ़ तोड़ी. उन्होंने जो रूट, बेन स्टोक्स और जेमी स्मिथ जैसे अहम बल्लेबाजों को आउट किया और 22 रन देकर 4 विकेट झटके. लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पारी की शुरुआत खराब रही. यशस्वी जायसवाल (0) एक बार फिर जोफ्रा आर्चर के शिकार बने. करुण नायर (14) भी फ्लॉप साबित हुए. कप्तान शुभमन गिल (6) को ब्रायडन कार्स ने चकमा देकर सस्ते में चलता किया. दिन की अंतिम गेंद पर बेन स्टोक्स ने नाइटवॉचमैन आकाश दीप (1) को क्लीन बोल्ड कर भारत को चौथा झटका दे दिया. चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत का स्कोर 58/4 था और टीम को जीत के लिए अभी 135 रन और बनाने हैं, जबकि इंग्लैंड को सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है. सीरीज में बढ़त के लिए दोनों टीमों के पास अब बराबर का मौका है. भारत को इस मैदान पर जीतने के लिए इतिहास बदलना पड़ेगा. लॉर्ड्स में भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 1986 में जीत हासिल की थी, तब चेज करने के लिए स्कोर 136 रन का था. टीम इंडिया के लिए राहत की बात होगी कि उसके इनफॉर्म बल्लेबाज केएल राहुल क्रीज पर … Read more

सिनर ने कार्लोस अल्काराज का दिल तोड़ते हुए अपना पहला विंबलडन खिताब जीत लिया

लंदन  यानिक सिनर  विंबलडन टेनिस ग्रैंडस्लैम के पुरुष एकल के फाइनल में कार्लोस अल्काराज को हराकर पहली बार विंबलडन का खिताब अपने नाम किया। सिनर पिछले दो बार के विजेता कार्लोस अल्काराज को 4-6, 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर ऑल इंग्लैंड क्लब में पहली बार चैंपियन बने।इस हार के साथ दूसरे वरीय अल्कराज का लगातार 24 मैचों की जीत का सिलसिला खत्म हो गया है। 23 वर्षीय सिनर1968 के बाद से सेंटर कोर्ट पर ट्रॉफी उठाने वाले 23वें खिलाड़ी बन गए हैं। यानिक सिनर विंबलडन एकल खिताब जीतने वाले इटली के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। सिनर ने रौलां गैरो में मिली हार के पांच हफ्ते बाद, विंबलडन में शानदार अंदाज में अल्काराज से बदला लिया और अपना चौथा मेजर खिताब जीता। चैंपियनशिप में अपने पहले फाइनल में, दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी ने एक बेहतरीन मुकाबले में स्पेनिश खिलाड़ी को मात दी। अल्काराज ने सिनर के खिलाफ पिछले पांच मुकाबले जीते थे, जिसमें हालिया जीत आठ जून को रोलां गैरां में लगभग साढ़े पांच घंटे तक चली पांच सेटों की भिड़ंत में आई थी। सिनर ने उस मैच में दो सेट की बढ़त बना ली थी लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। इससे अल्काराज का मेजर फाइनल में स्कोर 5-0 हो गया था। सिनर ने ऑल इंग्लैंड क्लब में ऐसे मैच में अपनी छाप छोड़ी, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। हालांकि बीच-बीच में चूक भी हुई। अल्काराज ने सेंटर कोर्ट में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 24 मैच की जीत के साथ उतरे थे। उन्होंने ऑल इंग्लैंड क्लब में लगातार 20 मैच जीते थे जिसमें 2023 और 2024 के फाइनल में नोवाक जोकोविच के खिलाफ जीत भी शामिल है। विंबलडन में पिछली बार अल्काराज को हराने वाले खिलाड़ी सिनर हैं जिन्होंने 2022 में चौथे दौर में उन्हें शिकस्त दी थी। कार्लोस अल्काराज ने विंबलडन के शुक्रवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल में टेलर फ्रिट्ज को 6-4, 5-7, 6-3, 7-6 (6) से हराकर लगातार तीसरी विंबलडन चैंपियनशिप में जगह बनाई थी। वहीं सिनर ने नोवाक जोकोविच को 6-3, 6-3, 6-4 से हराकर पहली बार ऑल इंग्लैंड क्लब में फाइनल में प्रवेश किया। अल्काराज 22 साल की उम्र में लगातार तीसरा विम्बलडन खिताब और कुल मिलाकर छठा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने से चूक गए। इससे पहले फ्रेंच ओपन के फाइनल में अल्काराज ने पांच घंटे 29 मिनट तक चले मुकाबले में सिनर के खिलाफ जीत हासिल की थी। Wimbledon 2025 का खिताब जीतकर Jannik Sinner ने रचा इतिहास दरअसल, सिनर (Jannik Sinner) विंबलडन का खिताब जीतने वाले इटली के पहले खिलाड़ी बने। 148 सालों के विंबलडन इतिहास में किसी भी इतालवी खिलाड़ी को पुरुष सिंग्लस चैंपियन का ताज आजतक नहीं पहनते देखा गया। 1877 में पहली बार आयोजित इस टूर्नामेंट में सिनर चैंपियन बनने वाले पहले इतालवी खिलाड़ी बने। इसके साथ ही सिनर ने पिछले महीने फ्रेंच ओपन के फाइनल में अल्कराज से मिली हार का भी हिसाब चुकता कर लिया। बता दें कि ये सिनर के करियर का चौथा ग्रैंड स्लैम खिताब रहा। उन्होंने अब तक चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, जबकि कार्लोस अलकराज के नाम पांच ग्रैंड स्लैम खिताब हैं। इस जीत के साथ, सिनर अब अलकराज से सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम पीछे हैं। 23 साल के सिनर को ये खिताब जीतने के बाद कितनी प्राइज मनी आइए जानते हैं। विंबलडन चैंपियन बनने के बाद सिनर को कितनी प्राइज मनी मिली? विंबलडन 2025 जीतने के बाद जानिक सिनर ने £3,000,000 (तीन मिलियन पाउंड) की राशि जीती। भारतीय रुपये में उन्हें 34 करोड़ रुपये से ज्यादा की इनाम राशि मिली। विंबलडन उपविजेता के रूप में अलकराज ने कितनी कमाई की? विंबलडन 2025 में उपविजेता रहने के बाद कार्लोस अलकराज ने £1,520,000 (एक मिलियन पांच सौ बीस हजार पाउंड) जीते। भारतीय मुद्रा में यह आंकड़ा लगभग ₹17 करोड़ है। सेमीफाइनलिस्ट के रूप में जोकोविच और फ्रिट्ज ने कितनी कमाई की? नोवाक जोकोविच और टेलर फ्रिट्ज ने सेमीफाइनल में पहुंचने पर हर खिलाड़ी को £775,000 (775 हजार पाउंड) मिले, जो करीब ₹9 करोड़ के बराबर है।

अपनी पहली ही टी20 सीरीज में श्री चरणी ने बनाया अनूठा रिकॉर्ड

नई दिल्ली भले ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में पांचवें टी20 मैच को पांच विकेट से गंवा दिया, लेकिन इस सीरीज में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अनूठा कारनामा किया। 20 वर्षीय श्री चरणी ने इसी सीरीज में अपने टी20 करियर की शुरुआत की। उन्होंने सीरीज के सभी पांच मैच खेले, जिसमें 14.8 की औसत के साथ 10 विकेट अपने नाम किए। इसी के साथ श्री चरणी टी20 सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाली भारतीय महिला खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले पायदान पर पहुंच गई हैं। श्री चरणी के अलावा राधा यादव भी एक ही टी20 सीरीज में 10 विकेट लेने का कारनामा कर चुकी हैं। राधा यादव ने साल 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा किया था। इस लिस्ट में श्री चरणी-राधा यादव के बाद दीप्ति शर्मा का नाम है, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ इसी सीरीज में 9 विकेट लिए हैं। श्री चरणी टी20 सीरीज से पहले वनडे फॉर्मेट में डेब्यू कर चुकी हैं। उन्होंने अपने करियर में पांच वनडे मैच खेले, जिसमें उनके नाम छह विकेट दर्ज हैं। श्री चरणी ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे। इसके बाद अगले तीन मुकाबलों में उन्होंने दो-दो शिकार किए। हालांकि, अंतिम मैच में उन्हें कोई विकेट हाथ नहीं लग सका। भारत-इंग्लैंड के बीच खेली गई इस सीरीज को टीम इंडिया ने 3-2 से अपने नाम किया है। एजबेस्टन में सीरीज के पांचवें मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट खोकर 167 रन बनाए। भारत की इस पारी में शेफाली वर्मा ने 41 गेंदों में एक छक्के और 13 चौकों की मदद से 75 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से चार्ली डीन ने सर्वाधिक तीन विकेट झटके, जबकि सोफी एक्लेस्टोन को दो विकेट हाथ लगे। इसके जवाब में इंग्लैंड ने अंतिम गेंद पर जीत दर्ज की। इंग्लैंड को सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। सोफिया डंकले और डेनियल व्याट-हॉज ने 10.4 ओवरों में 101 रन जोड़े। डंकले 30 गेंदों में 46 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेनियल ने 37 गेंदों में 56 रन की पारी खेली। इनके अलावा, कप्तान टैमी ब्यूमोंट ने 30 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा और अरुंधति रेड्डी को दो-दो विकेट हाथ लगे। वहीं, राधा यादव ने एक विकेट अपने नाम किया।