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ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने, महिला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल आज रात 8 बजे

लंदन महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले का मंच पूरी तरह सज चुका है। आज यानी कि रविवार, 5 जुलाई को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर मेजबान इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के बीच खिताबी जंग होने जा रही है। इस पूरे टूर्नामेंट में दोनों ही टीमों ने बेहद कमाल का प्रदर्शन किया है और अब दोनों की नजरें विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी को अपने नाम करने पर टिकी हैं। इंग्लैंड के पास होम ग्राउंड का फायदा है, वहीं ऑस्ट्रेलिया के पार कई वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का अनुभव। कितने बजे से खेला जाएगा मुकाबला यह महामुकाबला भारतीय समयानुसार रात को 8:00 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस खेल शुरू होने से आधा घंटा पहले यानी शाम को 7:30 बजे किया जाएगा। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर फैंस को एक बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिलने वाली है। फैंस इस मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सेमीफाइनल का सफर, दोनों टीमों ने दिखाया था दम इस मेगा फाइनल में पहुंचने के लिए दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में एकतरफा जीत दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट के बड़े अंतर से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। दूसरी तरफ, मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए 40 रनों की शानदार जीत दर्ज की और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी भिड़ंत तय की। भारत में कहां देख सकेंगे फाइनल मैच भारतीय क्रिकेट फैंस इस हाई-वोल्टेज फाइनल मैच का लाइव लुत्फ टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उठा सकते हैं। अगर आप टीवी पर इस मुकाबले को देखना चाहते हैं, तो इसका सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर उपलब्ध होगा। वहीं, मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देखने वाले फैंस के लिए इस फाइनल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और उसकी वेबसाइट पर की जाएगी। इस मुकाबले को आप अलग-अलग भाषा में देख सकते हैं।  

मैनचेस्टर टी20 में भारत की हार, कप्तान श्रेयस अय्यर बोले- किसी एक खिलाड़ी को दोष नहीं

नई दिल्ली भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में चार विकेट से हार झेलनी पड़ी. 4 जुलाई (शनिवार) को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए इस मैच में सबसे निर्णायक मोड़ स्पिनर बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें उन्होंने 29 रन लुटा दिए. इसी ओवर ने भारत के हाथ से जीत लगभग छीन ली. हार के बाद श्रेयस अय्यर हताश और नाराज जरूर दिखे, लेकिन भारतीय कप्तान ने हार का ठीकरा किसी एक खिलाड़ी पर फोड़ने से साफ इनकार कर दिया. मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 190 रन बनाए थे. एक समय इंग्लैंड का स्कोर 16 ओवर में 142/5 था और भारत जीत की ओर बढ़ता दिख रहा था. लेकिन इसके बाद मैच पूरी तरह पलट गया. कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वां ओवर रवि बिश्नोई को सौंपा. ओवर की शुरुआत ही नो-बॉल से हुई, जिसके बाद जैकब बेथेल ने फ्री-हिट पर छक्का जड़ दिया. फिर बिश्नोई ने एक और नो-बॉल डाल दी. बेथेल ने इसका भी पूरा फायदा उठाया और ओवर में लगातार बड़े शॉट लगाए. इस ओवर में इंग्लैंड ने 29 रन बटोर लिए और मुकाबला पूरी तरह अपनी तरफ मोड़ लिया. कोई एक खिलाड़ी जिम्मेदार नही: श्रेयस श्रेयस अय्यर ने कहा कि किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहते. श्रेयस ने बताया, 'हम सभी जानते हैं कि मैच कहां हमारे हाथ से निकला, लेकिन मैं किसी एक खिलाड़ी पर उंगली नहीं उठाना चाहता. मुझे भरोसा था कि पहली नो-बॉल के बाद रवि जोरदार वापसी करेगा. हां, 17वां ओवर हमें भारी पड़ा, लेकिन वह इससे सीखेंगे.' श्रेयस अय्यर का मानना था कि भारत ने मुश्किल पिच पर जीत के लिए पर्याप्त रन बनाए थे. श्रेयस कहते हैं, 'इस पिच पर असमान उछाल था, ऐसे में 190 रन शानदार स्कोर था. पहले 15 ओवर तक हम पूरी तरह मैच पर हावी थे, लेकिन उसके बाद जैकब बेथेल ने बेहतरीन बल्लेबाजी की.' श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बेथेल की निडर बल्लेबाजी ने मैच का रुख बदल दिया. श्रेयस ने कहा, 'उन्होंने मैदान के डायमेंशन और पिच को बहुत जल्दी समझ लिया. बेथेल बिल्कुल निडर होकर बल्लेबाजी करते हैं. नेट्स में भी उनका यही अंदाज रहता है. युवा खिलाड़ियों को उनसे सीखने की जरूरत है. मुझे नहीं लगा कि वह किसी तरह का दबाव महसूस कर रहे थे.' बेथेल ने 76 रन की नाबाद पारी खेलकर इंग्लैंड को एक ओवर बाकी रहते जीत दिला दी. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हार ही हार श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने अब तक एक भी जीत हासिल नहीं की है. आयरलैंड दौरे पर भारत ने दोनों टी20I मुकाबले गंवा दिए थे. फिर इंग्लैंड दौरे पर पहला टी20I मैच धुल गया था. अब भारतीय टीम ने मैनचेस्टर टी20I मैच को गंवा दिया. श्रेयस की कप्तानी में भारतीय टीम 4 में से 3 मुकाबला हार चुकी है. इस जीत के साथ पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड 1-0 से आगे हो गया है. हालांकि श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम इस हार को ज्यादा देर तक अपने ऊपर हावी नहीं होने देगी. श्रेयस ने बताया, 'मैं हमेशा सकारात्मक रहता हूं. यह हार निराशाजनक है, लेकिन अब हमें जल्दी आगे बढ़ना होगा और अगले मुकाबले पर ध्यान देना होगा.'

वर्ल्ड कप में एम्बाप्पे का 19वां गोल, मेसी के रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर कीलियन एम्बाप्पे का शानदार प्रदर्शन जारी है. एम्बाप्पे के दम पर फ्रांस ने पराग्वे को 1-0 से हराकर लगातार चौथी बार क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. 5 जुलाई (रविवार) को फिलाडेल्फिया के फिलाडेल्फिया स्टेडियम में भीषण गर्मी के बीच खेले गए इस मुकाबले में एम्बाप्पे ने पेनल्टी पर मैच का इकलौता गोल दागा और अपनी टीम को जीत दिलाई. करीब 38 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच खेले गए इस मुकाबले में पराग्वे ने फ्रांस को लंबे समय तक गोल करने का मौका नहीं दिया. लेकिन 70वें मिनट में VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) के दखल के बाद फ्रांस को पेनल्टी मिली. पराग्वे के डिएगो गोमेज पर फाउल का फैसला आने के बाद एम्बाप्पे ने बिना गलती किए गेंद को गोल में पहुंचा दिया. फीफा वर्ल्ड कप में कीलियन एम्बाप्पे का ये 19वां गोल रहा. खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि सिर्फ 19 मैचों में हासिल की है. अब वह लियोनेल मेसी (20 गोल) से सिर्फ एक गोल पीछे हैं. अर्जेंटीना के कप्तान और महान फुटबॉलर मेसी फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले प्लेयर हैं. गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे कीलियन एम्बाप्पे इस वर्ल्ड कप में अब तक 7 गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष पर हैं. लियोनेल मेसी ने भी सात गोल किए हैं, लेकिन एम्बाप्पे ने इस वर्ल्ड कप में दो असिस्ट भी किए हैं. चार साल पहले कतर में आयोजित वर्ल्ड कप में एम्बाप्पे ने गोल्डन बूट जीता था, लेकिन फाइनल में मेसी की अगुवाई वाली अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर खिताब अपने नाम किया था. पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार प्रदर्शन किया और फ्रांस के कई हमलों को नाकाम किया. उन्होंने कीलियन एम्बाप्पे के दो खतरनाक शॉट्स को इंजरी टाइम में रोका, जबकि मनु कोने के शानदार प्रयास को भी गोल बनने से बचा लिया. हालांकि, पेनल्टी पर वह एम्बाप्पे को रोक नहीं सके. फ्रांस ने लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है. अब उसका सामना मोरक्को से होगा. यह मुकाबला 10 जुलाई को फॉक्सबोरो के बोस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा. फ्रांस की नजर अब लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल की ओर बढ़ने पर होगी, जबकि कीलियन एम्बाप्पे की कोशिश मेसी का रिकॉर्ड तोड़ने और एक बार फिर गोल्डन बूट जीतने की रहेगी.

अर्जेंटीना की रोमांचक जीत, केप वर्डे को हराकर फीफा वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची टीम

मियामी  लियोनेल मेसी, लिसैंड्रो मार्टिनेज और डिने बोर्गस के आत्मघाती गोल की मदद से अर्जेंटीना ने  अतिरिक्त समय के बाद केप वर्डे पर 3-2 की नाटकीय जीत दर्ज करते हुए फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की की। मैच की शुरुआत के पहले हॉफ में मेसी ने 29वें मिनट में गोल दागा अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत में केप वर्डे के लिए डेरोय डुआर्टे ने 59वें मिनट में बराबरी का गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। दोनों टीमों के बीच 90 मिनट का खेल पूरा होने तक स्कोर बराबरी ही रहा। इसके बाद अतिरिक्त समय में लिसांद्रो मार्टिनेज ने 92वें मिनट में दूसरा गोल कर अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी। मार्टिनेज के गोल के बाद लगा अर्जेंटीना अब यह मैच आसानी से जीत लेगा, लेकिन 103वें मिनट में सिडनी लोप्स काब्रेल ने गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद फिर 15 मिनट का अतिरिक्त समय लिया गया। अतिरिक्त समय में मेसी ने 111वें मिनट में कॉर्नर से गोल करने का प्रयास किया, लेकिन केप वर्डे के डिने बोर्गस ने आत्मघाती गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 से बढ़त दिला दी। केप वर्डे ने इसके बाद 116 और 120वें मिनट में गोल करने के प्रयास किए, लेकिन विफल रहे। अभी एक और नाटकीय मोड़ आना बाकी था जब एमिलियानो मार्टिनेज ने कैब्राल की फ्री किक को शानदार तरीके से रोककर अर्जेंटीना को जीत दिला दी।

World Cup 2026: अंग्रेज टीम वियाग्रा का लेगी सहारा? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

मियामी  FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में इंग्लैंड और मेजबान देशों में से एक मैक्सिको के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ फुटबॉल नहीं, बल्कि एक अनोखी वजह से भी चर्चा में आ गया है. इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस मैच से पहले जरूरत पड़ने पर व‍ियाग्रा (Sildenafil) लेने की अनुमति दी गई है. पहली नजर में यह फैसला चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन इसके पीछे पूरी तरह मेडिकल वजह है।  इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस टुखेल की टीम 4 जुलाई को मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एस्टाडियो एज़्टेका (Estadio Azteca) में उतरेगी. यह स्टेडियम समुद्र तल से करीब 7,350 फीट (करीब 2,240 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है. इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का लेवल कम होने के कारण खिलाड़ियों को जल्दी थकान, सांस लेने में परेशानी और एल्टीट्यूड जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  इसी चुनौती को देखते हुए इंग्लैंड टीम के खिलाड़ियों को विकल्प दिया गया है कि अगर जरूरत महसूस हो तो वे व‍ियाग्रा (Sildenafil) का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह दवा आमतौर पर Erectile Dysfunction के इलाज के लिए दी जाती है, लेकिन यह शरीर की रक्त वाहिकाओं को फैलाकर (Vasodilation) ब्लड फ्लो बेहतर करने में भी मदद करती है. इसी वजह से माना जाता है कि ऊंचाई वाले इलाकों में इससे शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने में कुछ राहत मिल सकती है।  एस्टाडियो में मैक्सिको को हराना आसान नहीं मैक्सिको के लिए एस्टाडियो एज्टेका हमेशा से मजबूत किला रहा है. मौजूदा वर्ल्ड कप में टीम ने अपने सभी चारों मैच जीते हैं. वहीं इस स्टेडियम पर मैक्सिको ने अब तक 89 मुकाबलों में सिर्फ दो हार झेली हैं. खास बात यह है कि यहां उसकी आखिरी हार 2013 में आई थी. यानी इंग्लैंड को सिर्फ मजबूत विपक्षी ही नहीं, बल्कि ऊंचाई और घरेलू माहौल जैसी चुनौतियों का भी सामना करना होगा. टीम नहीं चाहती कि किसी गैर-फुटबॉल कारण का असर मैच के नतीजे पर पड़े।  राउंड ऑफ-32 में भी मुश्किल से मिली थी जीत इंग्लैंड ने राउंड ऑफ-32 में डीआर कांगो को 2-1 से हराया था, लेकिन यह जीत आसान नहीं रही. कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम पलों में दो गोल दागकर टीम को हार से बचाया था. इस वर्ल्ड कप में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं, ऐसे में इंग्लैंड को मैक्सिको के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।  क्या WADA ने Viagra पर प्रतिबंध लगाया है? नहीं. World Anti-Doping Agency (WADA) ने  व‍ियाग्रा (Sildenafil) को प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल नहीं किया है. खिलाड़ी इवेंट के दौरान और उसके बाहर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. WADA ने इस दवा पर कई अध्ययन किए हैं. र‍िसर्च में पाया गया कि समुद्र तल या सामान्य ऊंचाई पर इससे प्रदर्शन में कोई बड़ा या अनुचित फायदा नहीं मिलता. इसी वजह से यह एंटी-डोपिंग नियमों के तहत पूरी तरह वैध दवा मानी जाती है।   

World Cup Final हार के बाद विंबलडन पहुंचीं भारतीय क्रिकेटर, सचिन-गावस्कर और रवि शास्त्री के साथ शेयर किया खास अनुभव

लंदन  विंबलडन का मशहूर सेंटर कोर्ट लोगों से भरा हुआ है। यहाँ सिर्फ़ टेनिस के दिग्गज ही नहीं, बल्कि और भी कई मशहूर हस्तियाँ नज़र आ रही हैं। टीम इंडिया की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा भी विम्बलडन में हो रहे मैचों का मज़ा लेने पहुँचीं।इस क्रिकेट स्टार के लिए विंबलडन में शामिल होना एक सपना सच होने जैसा था। उन्हें सेंटर कोर्ट पर इगा स्वीयाटेक और माटेओ बेरेटिनी के रोमांचक मैचों का आनंद लेते हुए देखा गया। जैसे-जैसे विंबलडन 2026 का रोमांच बढ़ रहा है, भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पहली बार इस चैंपियनशिप में शामिल होकर अपनी 'बकेट लिस्ट' की एक पुरानी इच्छा पूरी की। जियो स्टार से बात करते हुए, दीप्ति शर्मा ने अपने अनुभव, नोवाक जोकोविच के प्रति अपनी पसंद, दबाव में जोकोविच और एमएस धोनी के बीच समानताएं और उन टेनिस दिग्गजों के बारे में बात की जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया। भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पहली बार विंबलडन देखने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, “मेरा सपना था कि एक दिन मैं विंबलडन मैच देखने आऊं और आखिरकार यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। जब आप ऐसी शानदार जगह पर मैच देखने जाते हैं, और जिसे आपने हमेशा टीवी पर देखा हो लेकिन आज पहली बार लाइव देख रहे हों, तो यह अद्भुत लगता है। माहौल, भीड़, ऊर्जा – सब कुछ अलग है। मुझे विंबलडन में टेनिस देखने में बहुत मज़ा आ रहा है। यह सच में बहुत अच्छा लग रहा है।” उस टेनिस खिलाड़ी के बारे में पूछने पर,जिसे वह सबसे ज़्यादा पसंद करती हैं, उन्होंने कहा, "मेरे पसंदीदा खिलाड़ी जोकोविच हैं। मैं उनके खेल को बहुत बारीकी से फॉलो करती हूं। कोर्ट पर जिस तरह से वे लड़ते हैं, उनकी मानसिक मज़बूती और कभी हार न मानने वाला रवैया – मुझे ये सब बहुत पसंद है। उन्हें खेलते हुए देखना हमेशा प्रेरणादायक होता है।" इस बारे में कि कैसे एमएस धोनी, जोकोविच की तरह ही, शांति से दबाव का सामना करते हैं, दीप्ति ने कहा, "जब आप जोकोविच की बात करते हैं, तो हर कोई उनकी मानसिक मज़बूती की बात करता है। वे ऐसे खिलाड़ी हैं जो कभी हार नहीं मानते, चाहे स्थिति कितनी भी मुश्किल क्यों न हो। क्रिकेट में, मुझे लगता है कि एमएस धोनी सर भी काफी हद तक ऐसे ही हैं। वे बहुत शांत और संयमित रहने के लिए जाने जाते हैं। जब भी दबाव वाली स्थितियां आती हैं, तो वे उन्हें बहुत अच्छे से संभालते हैं। कभी ऐसा नहीं लगता कि वे किसी मुश्किल स्थिति में हैं। वे बहुत आसानी से दबाव का सामना करते हैं। जोकोविच और धोनी दोनों में ही सबसे अहम मौकों पर शांत और मज़बूत बने रहने का वह खास गुण है। उन्हें देखकर हम सीखते हैं कि कैसे शांत रहें और मुश्किल हालात से बाहर निकलने का रास्ता खोजें।" सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री के साथ मैच देखने की जताई इच्छा उन टेनिस दिग्गजों के बारे में पूछने पर जिन्हें वह सालों से फॉलो करती आ रही हैं, दीप्ति ने कहा, “मैं फेडरर और नडाल जैसे महान खिलाड़ियों को देखते हुए बड़ी हुई हूँ। मैंने लंबे समय तक उनके मैच ध्यान से देखे हैं। लेकिन हाल ही में, जोकोविच मेरे पसंदीदा बन गए हैं। अब मैं किसी और के मुकाबले उनके मैच ज़्यादा देखती हूँ।” इस बारे में कि वह किसके साथ विंबलडन देखना चाहेंगी, उन्होंने कहा, “मैं अपने साथ तीन लोगों को ले जाना चाहूँगी – सचिन तेंदुलकर सर, रवि शास्त्री सर और सुनील गावस्कर सर। वे सभी अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गज हैं, और मुझे लगता है कि उनके साथ टेनिस देखना एक शानदार अनुभव होगा। उन्हें खेलों के बारे में बहुत जानकारी है, और मैच देखते समय उनके विचार और विश्लेषण सुनना मुझे बहुत अच्छा लगेगा।”  

‘बेबी बॉस’ ने मारी एंट्री! राहुल द्रविड़ के बेटे को मिली इंडिया की ब्लू जर्सी, वैभव सूर्यवंशी के बीच छाए

नई दिल्ली  इंग्लैंड दौरे पर गए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की हर तरफ चर्चा है कि उनका टीम इंडिया के लिए डेब्यू कब होगा. वैभव पिछले तीन टी20 में टीम इंडिया में शामिल होने के बावजूद नहीं खेले, इसी बीच भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और कोच रहे राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय की इंडिया अंडर-19 टीम में डेब्यू हो गया. अन्वय ने भारत की अंडर-19 टीम में श्रीलंका अंडर-19 टीम के लिए डेब्यू किया है. यशवर्धन चौहान की कप्तानी वाली टीम में अन्वय को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है।  बता दें कि अन्वय द्रविड़ एक विकेटकीपर बल्लेबाज हैं. अन्वय ने जूनियर लेवल क्रिकेट में पिछले कुछ समय से दमदार खेल का प्रदर्शन किया, जिसके कारण उन्हें भारत के अंडर-19 टीम में चुना गया है. इससे पहले अन्वय को पिछले साल अफगानिस्तान अंडर-19 टीम के खिलाफ इंडिया बी अंडर-19 की तरफ से मैदान पर उतरने का मौका मिला था. इस मैच में अन्वय बल्लेबाजी में शून्य पर आउट हुए थे, लेकिन विकेटकीपिंग में उन्होंने सबको खूब प्रभावित किया और 2 कैच लिए थे।  कर्नाटक अंडर-19 टीम के कप्तान भी रहे हैं अन्वय अन्वय द्रविड़ को लोग जितना उनके पिता राहुल द्रविड़ की वजह से जान रहे हैं, उतना उनके खेल से अभी नहीं जाना गया है. बहुत कम लोगों को पता है कि अन्वय ने हाल ही में कर्नाटक के लिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में कप्तानी भी की थी. इस टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन की बात करें तो वह भी बहुत शानदार रहा था. अन्वय ने कर्नाटक की तरफ से खेलते हुए कुल 6 पारियों में 220 रन बनाए थे. इस दौरान उनके रन बनाने का औसत 55.00 का था. सिर्फ इतना ही नहीं, अन्वय टूर्नामेंट में दूसरे लीडिंग रन स्कोरर रहे थे।  श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया अंडर-19 वनडे टीम यशवर्धन सिंह चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी (उप-कप्तान), विनीत वी के, वुटकुर यशवीर गौड़, रोहित अनिल यादव, शाविन वी, काव्य पारस पटेल, अर्जुन राजपूत, कुशाग्र ओझा, रजत बघेल (विकेटकीपर), अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), सागर विर्क, अनमोलजीत सिंह, मोहित उल्वा, ईशान सूद। 

कैब्रल के धमाकेदार गोल से हिली मेसी की टीम, रोमांचक जीत के बाद अर्जेंटीना राउंड ऑफ-16 में मिस्र से भिड़ेगा

 मियामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में डिफेंडिंग चैम्पियन अर्जेंटीना को जीत तो मिल गई, लेकिन इस जीत ने टीम की कमजोरियां भी उजागर कर दीं. लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना को महज 5 लाख की आबादी वाले छोटे से देश केप वर्डे ने 120 मिनट तक जमकर परेशान किया. मुकाबला ऐसा रहा कि आखिरी मिनट तक यह तय नहीं था कि तीन बार की वर्ल्ड चैम्पियन टीम अगले दौर में पहुंच पाएगी या नहीं।  4 जुलाई (शनिवार) को आयोजित इस मुकाबले में लियोनेल मेसी की टीम ने तीन मौके पर बढ़त बनाई, लेकिन केप वर्डे ने दो बार शानदार वापसी कर पूरे स्टेडियम को हैरान कर दिया. आखिरकार एक ओन गोल ने अर्जेंटीना को 3-2 की रोमांचक जीत दिलाई और केप वर्डे का ऐतिहासिक सपना टूट गया।  करीब 65 हजार दर्शकों से खचाखच भरे मियामी स्टेडियम में लियोनेल मेसी का हर टच तालियों से गूंज रहा था. अर्जेंटीना ने भी शुरुआत शानदार की और पहले हाफ में मेसी ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. लेकिन केप वर्डे दबाव में नहीं आया. दूसरे हाफ के 60वें मिनट में डेरॉय डुआर्टे ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं और मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंच गया. एक्स्ट्रा टाइम शुरू होते ही लिसांड्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को फिर 2-1 से आगे कर दिया. ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अब खत्म हो जाएगा, लेकिन केप वर्डे ने फिर कमबैक की ठान ली।  कैब्रल ने किया अविश्वसनीय गोल कुछ ही मिनट बाद सिडनी लोपेस कैब्रल ने बॉक्स के बाहर से ऐसा जोरदार शॉट लगाया कि गेंद सीधे टॉप कॉर्नर में जा समाई. यह गोल इतना शानदार था कि इसे अब 'गोल ऑफ द टूर्नामेंट' का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है. कैब्रल का यह गोल देखकर खुद लियोनेल मेसी भी हैरान रह गए।  मैच जब पेनल्टी शूटआउट की ओर बढ़ता नजर आ रहा था, तभी अर्जेंटीना को कॉर्नर मिला. मेसी के शानदार क्रॉस पर क्रिस्टियन रोमेरो ने हेडर लगाया, लेकिन गेंद डिफेंडर डाइनी बोर्गेस से टकराकर गोल में चली गई. यह आत्मघाती गोल (ओन गोल) ही मुकाबले का निर्णायक पल साबित हुआ. केप वर्डे के खिलाड़ी मैदान पर ही निराश होकर बैठ गए क्योंकि वे इतिहास रचने से कुछ मिनट दूर थे।  ओन गोल के बाद भी केप वर्डे ने हार नहीं मानी. इंजरी टाइम में सिडनी कैब्रल ने एक और शानदार शॉट लगाया, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने बेहतरीन सेव करते हुए मैच को पेनल्टी शूटआउट में जाने से बचा लिया।  मेसी ने बना दिया खास रिकॉर्ड इस मुकाबले में गोल करने के साथ ही लियोनेल मेसी ने लगातार आठ वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने का अपना रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में कीलियन एम्बाप्पे पर अपनी बढ़त भी बढ़ा ली।  यह केप वर्डे का पहला फीफा वर्ल्ड कप था, लेकिन टीम ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. ग्रुप चरण में उसने स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी मजबूत टीमों को ड्रॉ पर रोककर नॉकआउट में जगह बनाई थी. अब उसने अर्जेंटीना को भी 120 मिनट तक कड़ी टक्कर देकर साबित कर दिया कि फुटबॉल में सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बड़ा जज्बा भी मायने रखता है। 

FIFA World Cup: मेसी का रिकॉर्डतोड़ जलवा, लगातार 8वें मैच में गोल कर गोल्डन बूट की रेस में नंबर-1

म‍ियामी गार्डन्स लियोनेल मेसी का रिकॉर्ड तोड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अर्जेंटीना के कप्तान ने फीफा वर्ल्ड कप में लगातार आठवें मैच में गोल कर अपना ही रिकॉर्ड और मजबूत कर दिया. केप वर्डे के खिलाफ शन‍िवार को खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय (Extra Time) में 3-2 से जीत दर्ज कर राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली।  मेसी ने मैच के 29वें मिनट में शानदार गोल दागा. डिफेंडर लिसांद्रो मार्टिनेज ने लंबा सटीक पास बॉक्स के अंदर भेजा, जिस पर मेसी ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ रन लगाया. उन्होंने पहला टच शानदार लिया और फिर गोलकीपर वोजिन्हा के ऊपर से गेंद को नेट की छत में पहुंचाकर अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिला दी।  यह मेसी के वर्ल्ड कप करियर का 20वां गोल रहा. इसके साथ ही उन्होंने इस सूची में दूसरे स्थान पर मौजूद फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे पर दो गोल की बढ़त बना ली. मेसी अब वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं और उन्होंने अपना रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया है।  यह गोल मौजूदा वर्ल्ड कप में मेसी का सातवां गोल भी रहा. इसी के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में उन्होंने एम्बाप्पे को पीछे छोड़ दिया. एम्बाप्पे के नाम फिलहाल छह गोल हैं, जबकि मेसी सात गोल के साथ सबसे आगे पहुंच गए हैं।  लगातार आठ वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने वाले मेसी इस दौरान 12 गोल दाग चुके हैं. यह सिलसिला उनके शानदार फॉर्म की गवाही देता है।  मैच की शुरुआत से ही मेसी आक्रामक नजर आए. 15वें मिनट में उनका बाएं पैर का शॉट मामूली अंतर से पोस्ट के बाहर चला गया. इसके तीन मिनट बाद उन्हें करीब 25 गज से फ्री-किक मिली, लेकिन केप वर्डे के अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा ने उसे आसानी से रोक लिया।  इसके बाद मेसी ने मौका नहीं गंवाया और 29वें मिनट में शानदार फिनिश के साथ अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई. गोल करने के बाद उन्होंने हाथ फैलाकर लिसांद्रो मार्टिनेज की ओर इशारा किया और उनके पास की सराहना की. इसके बाद पूरी टीम ने उन्हें घेरकर जश्न मनाया।  मेसी vs रोनाल्डो के इंटरनेशनल गोल  यह मेसी के इंटरनेशनल करियर का 124वां गोल भी रहा. इंटरनेशनल फुटबॉल में उनसे आगे सिर्फ पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं, जिनके नाम 146 गोल दर्ज हैं।  मैच के बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल ने मेसी की तारीफ करते हुए कहा- मेरे लिए उनके साथ दोस्ती बहुत मायने रखती है. दोस्ती जिंदगी की सबसे बड़ी चीजों में से एक है और मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि उनके साथ ये पल शेयर कर रहा हूं।  हालांकि केप वर्डे ने मौजूदा वर्ल्ड चैम्प‍ियन अर्जेंटीना को कड़ी चुनौती दी और मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम तक खिंचा, लेकिन आखिरकार अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज कर अंतिम-16 का टिकट पक्का कर लिया।  गोल्डन बूट की रेस हुई और रोमांचक मेसी और एम्बाप्पे के अलावा गोल्डन बूट की दौड़ में कई बड़े नाम शामिल हैं. नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड और इंग्लैंड के हैरी केन के नाम पांच-पांच गोल हैं. वहीं फ्रांस के उस्मान डेम्बेले, स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल, ब्राजील के विनीसियस जूनियर और सेनेगल के इस्माइला सार चार-चार गोल के साथ सूची में हैं. हालांकि सेनेगल के बाहर होने के कारण सार अब इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं।  अगर टूर्नामेंट के अंत में दो खिलाड़ियों के गोल बराबर रहते हैं तो फीफा पहले असिस्ट और उसके बाद कम मिनट खेलने के आधार पर विजेता तय करेगा. शुक्रवार के मुकाबले से पहले असिस्ट में 2-0 की बढ़त होने के कारण एम्बाप्पे इस टाईब्रेकर में आगे थे, लेकिन अब गोलों के मामले में मेसी ने बढ़त बना ली है।  दिलचस्प बात यह है कि मेसी ने अपने करियर में अब तक कभी गोल्डन बूट नहीं जीता है. 2022 वर्ल्ड कप में उन्होंने सात गोल किए थे, लेकिन एम्बाप्पे आठ गोल के साथ उनसे आगे रहे थे. वहीं 2014 वर्ल्ड कप में मेसी चार गोल के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे थे. इस बार उनके पास पहली बार गोल्डन बूट जीतने का सुनहरा मौका है। 

सिनर और गफ की संघर्षपूर्ण जीत, एंड्रीवा विंबलडन से बाहर

रायटर  विंबलडन के आधिकारिक कार्यक्रम में हैवीवेट टक्कर बताया जा रहा सर्बिया के नोवाक जोकोविक और ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास के बीच का मुकाबला शुरू से ही एकतरफा हो गया। बुधवार को दूसरे दौर के मुकाबले में कही भी नहीं लगा कि 27 वर्षीय सितसिपास जल्द ही 40 वर्ष के होने जा रहे नोवाक के कौशल ही नहीं फुर्ती पर भी भारी पड़े हों। परिणाम यह रहा कि जोकोविक ने कभी भविष्य का ग्रैंड स्लैम चैंपियन माने जाने वाले सितसिपास को सीधे सेटों में 6-3, 6-4, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली और अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में आसानी से एक और कदम आगे बढ़ गए। मुकाबले में दूसरे सेट में 4-4 के स्कोर पर ब्रेक पाइंट का सामना करते हुए सितसिपास के पास विनर शाट मारने के दो मौके थे, लेकिन उनके दोनों ओवरहेड शाठ निशाने से चूक गए। जोकोविक ने इस लापरवाही का फायदा उठाकर ब्रेक हासिल किया और इसके साथ ही उन्होंने अपने ग्रीक प्रतिद्वंद्वी की उलटफेर करने की किसी भी उम्मीद को खत्म कर दिया। सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने पिछले 10 में से आठ गेम जीते और सितसिपास को उनके आपसी मुकाबलों में लगातार 12वीं हार का सामना करना पड़ा। जीत के बाद जोकोविक ने दर्शकों से कहा कि जाहिर है जब आप इस तरह खेलते हैं तो कोर्ट पर बहुत खुशी, संतुष्टि और आनंद महसूस होता है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। जोकोविक इस जीत से विंबलडन में रोजर फेडरर के पुरुषों के 105 मैच जीतने के रिकार्ड की बराबरी करने से बस एक जीत दूर रह गए हैं। अब उनका अगला मुकाबला 25वीं वरीयता प्राप्त फ्रांसीसी खिलाड़ी आर्थर रिंडरकनेच से होगा। बिना किसी परेशानी के तीसरे दौर में पहुंचे सिनर विंबलडन के गत चैंपियन जानिक सिनर ने पुर्तगाल के नूनो बोर्जेस को दूसरे दौर के मुकाबले में आसानी से हरा दिया। पहले दौर में सर्बिया के मियोमिर केकमैनोविच के विरुद्ध पांच सेट के तनावपूर्ण मुकाबले में मुश्किलों का सामना करने के बाद शीर्ष वरीयता प्राप्त सिनर ने इस मुकाबले में 7-6(4) 7-6(2) 6-4 से जीत हासिल की और शायद ही कभी खतरे में दिखे। हालांकि दुनिया के 48वें नंबर के खिलाड़ी बोर्जेस ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और दूसरा सेट जीतने से बस एक पाइंट दूर थे, लेकिन अहम मौकों पर सिनर चट्टान की तरह अडिग रहे और एक और लंबे मुकाबले से बच गए और इटली के लिए 95वीं ग्रैंड स्लैम मैच जीत का रिकार्ड बनाया, जिससे वे निकोला पिएत्रांगेली से आगे निकल गए। गफ को संघर्ष से मिली जीत, एंड्रीवा बाहर सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गफ विंबलडन में चार साल में तीसरी बार दूसरे दौर में हारने की कगार पर थीं। उनकी प्रतिद्वंदी अर्जेंटीना की सोलाना सिएरा तीसरे सेट में 5-4 से आगे थीं और मैच जीतने के लिए सर्व कर रही थीं, लेकिन अंतत: गफ ने यह मुकाबला 6-3, 3-6, 7(10)-6(7) से जीत लिया और इस संघर्षपूर्ण जीत के साथ तीसरे दौर में पहुंच गईं। जीत के बाद गफ ने कहा कि शायद अगर मैं चाहूं भी तो इसे दोबारा नहीं कर पाऊंगी। हालांकि पांचवीं वरीयता प्राप्त मीरा एंड्रीवा इतनी भाग्यशाली नहीं निकली और 2015 में सेरेना विलियम्स के बाद लगातार फ्रेंच ओपन और विंबलडन जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनने का उनका सपना पूर्व चैंपियन बारबोरा क्रेजिकोवा ने तोड़ दिया। क्रेजिकोवा ने इस मुकाबले में 19 वर्षीय एंड्रीवा को 4-6, 7-5, 6-4 से शिकस्त देकर दूसरे दौर से बाहर कर दिया।