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पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता पहलवान खाशाबा जाधव पर बनेगी फिल्म

नई दिल्‍ली  खेल और फिल्‍मों का गहरा नाता है। खेल और खिलाड़ियों के संघर्ष को अक्‍सर बड़े पर्दे पर दिखाया जाता है। दर्शकों को वो अनकही कहानियां खूब लुभाती हैं। एक बार फिर स्पोर्ट्स बायोपिक रूपहले पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार है। जियो स्टूडियोज और आटपाट प्रोडक्शन्स ने मिलकर अपनी अपकमिंग मराठी स्पोर्ट्स बायोपिक 'खाशाबा' (Khashaba) का दमदार टीजर रिलीज कर दिया है। नए साल के शानदार आगाज के साथ यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 1 जनवरी 2027 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह पहलवान खाशाबा दादासाहेब जाधव (KD Jadhav) के जीवन पर आधारित है। वह स्वतंत्र भारत के पहले एथलीट थे, जिन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलंपिक पदक जीता था। ब्रांज मेडल जीता था 1952 के ओलंपिक खेलों में केडी जाधव (Khashaba Dadasaheb Jadhav) ने फ्रीस्टाइल कुश्ती (52 किलोग्राम वर्ग) में कांस्य पदक जीता था। उनका जन्म 1926 में महाराष्ट्र के सतारा जिले के गोलेश्वर गांव में हुआ था। उनके पिता गांव के अच्‍छे पहलवान थे, ऐसे में जाधव के खून में ही पहलवानी दौड़ती थी। उन्‍होंने अपने पिता से कुश्‍ती सीखी। जाधव की हाइट ज्‍यादा नहीं थी। वह महज 5 फीट 5 इंच के थे। हालांकि, अखाड़े में उनकी फुर्ती, ताकत और विरोधियों को चित कर देने की कला को देखकर लोग उन्हें 'पॉकेट डायनेमो' नाम दिया। चंदे के पैसों से जीता मेडल     1952 के हेलसिंकी ओलंपिक खेलों में हिस्‍सा लेने के लिए जाधव के पास पैसे नहीं थे।     ऐसे में ग्रामीणों और करीबी लोगों ने उनकी मदद के लिए चंदा इकट्ठा किया।     इसके बाद जो हुआ वह इतिहास बन गया।     इससे पहले 1948 में हुए लंदन ओलंपिक में उन्‍होंने हिस्सा लिया था।     वह फ्लाईवेट वर्ग में छठे स्थान पर रहे थे।     14 अगस्त 1984 को एक रोड एक्‍सीडेंट में उनका निधन हो गया था।     उन्हें मरणोपरांत साल 2000 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  

भारत-इंग्लैंड दूसरे टी20 का समय बदला, जानिए कब और कितने बजे शुरू होगा मैच

 मैनचेस्टर  इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार, 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाना है। दूसरी टी20 की टाइमिंग में थोड़ा बदलाव है। पहला मुकाबला भारतीय समयानुसार 10 बजे शुरू हुआ था, जो बारिश की भेंट चढ़ा था। इस मैच का भारतीय फैंस मजा नहीं उठा पाए थे। लेकिन दूसरे टी20 को लेकर एक बड़ी खुशखबरी है। फैंस इस मुकाबले का भरपूर मजा उठा पाएंगे क्योंकि यह मैच नॉर्मल टाइमिंग पर शुरू होगा। आईए एक नजर इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरे टी20 मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर डालते हैं- इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20 कब खेला जाएगा? India vs England 2nd T20I शनिवार, 4 जुलाई को खेला जाएगा। IND vs ENG दूसरा टी20 कहां खेला जाएगा? इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20 मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। India vs England 2nd T20I कितने बजे शुरू होगा? IND vs ENG दूसरा टी20 भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20 कैसे देखें लाइव? India vs England 2nd T20I का लाइव प्रसारण टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग का मजा भारतीय फैंस दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उठा सकते हैं। सोनीलिव और जियो हॉटस्टार दोनों जगह भारत बनाम इंग्लैंड मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग होगी। पहला टी20 चढ़ा था बारिश के भेंट इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा था। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों की मदद से 189 रन बोर्ड पर लगाए थे। वहीं शिवम दुबे ने शानदार फिनिशिंग टच देते हुए 21 गेंदों पर 42 रनों की नाबाद पारी खेली। संजू सैमसन एक बार फिर फेल हुए थे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिल सकता है। इसके अलावा टीम में ज्यादा बदलाव होते नहीं दिख रहे हैं। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड स्क्वॉड इंग्लैंड टीम: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, ल्यूक वुड, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स, रेहान अहमद, सोनी बेकर इंडिया टीम: संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, सूर्यांश शेज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वाशिंगटन सुंदर, वैभव सूर्यवंशी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई

क्रिस्टियानो रोनाल्डो के रिटायरमेंट पर बहन का बड़ा खुलासा, बोलीं- अब खत्म होने वाला है…

 टोरंटो पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का शानदार इंटरनेशनल करियर अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है. स्टार फुटबॉलर रोनाल्डो की बहन कातिया एवेइरो ने दावा किया है कि 2026 फीफा वर्ल्ड कप उनके भाई का नेशनल टीम की जर्सी में आखिरी टूर्नामेंट होगा. उन्होंने इसे रोनाल्डो का 'लास्ट डांस' बताया है।  यह खुलासा ऐसे समय आया है जब 41 वर्षीय रोनाल्डो लगातार इतिहास रच रहे हैं. उन्होंने क्रोएशिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में गोल दागकर पुर्तगाल को 2-1 की रोमांचक जीत दिलाई और टीम को अगले दौर में पहुंचा दिया।  बहन ने कहा- अब कह दीजिए अलविदा टोरंटो स्टेडियम के बाहर स्पोर्ट टीवी से बातचीत में कातिया एवेइरो ने कहा-मेरी जानकारी के मुताबिक अब लोग उन्हें अलविदा कह सकते हैं. आज नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि नेशनल टीम के साथ यह उनका विदाई सफर है. भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार यही उनका 'लास्ट डांस' है, यानी वर्ल्ड कप.  हालांकि रोनाल्डो या पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन की ओर से अभी तक संन्यास को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।  41 की उम्र में फिर बनाया इतिहास क्रोएशिया के खिलाफ गुरुवार (3 जुलाई) को टोरंटो में खेले गए मुकाबले में रोनाल्डो ने दूसरे हाफ में पेनल्टी पर गोल किया. इसके साथ ही वह 41 साल 147 दिन की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबले में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए।  उन्होंने इस मामले में लियोनेल मेसी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. इतना ही नहीं, यह उनके करियर का पहला वर्ल्ड कप नॉकआउट गोल भी रहा, जबकि वह छह वर्ल्ड कप खेल चुके हैं।  अब वर्ल्ड कप इतिहास में उनसे ज्यादा उम्र में गोल करने वाले सिर्फ कैमरून के महान खिलाड़ी रोजर मिला हैं, जिन्होंने 1994 वर्ल्ड कप में 42 साल 39 दिन की उम्र में गोल किया था।  एक और रिकॉर्ड किया अपने नाम मैच शुरू होने से पहले ही रोनाल्डो ने नया रिकॉर्ड बना दिया था. वह पुरुष फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में उतरने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने. इस मैच में क्रोएशिया के लुका मोड्रिक  भी खेल रहे थे।  पहली बार ऐसा हुआ कि वर्ल्ड कप के किसी मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से 40 वर्ष से अधिक उम्र के आउटफील्ड खिलाड़ी मैदान पर उतरे. रोनाल्डो का यह 26वां वर्ल्ड कप मैच था. वह अब जर्मनी के लोथार मथाउस से सिर्फ एक मैच पीछे हैं, जबकि इस सूची में टॉप पर लियोनेल मेसी हैं।  आलोचना के बाद दमदार वापसी टूर्नामेंट की शुरुआत रोनाल्डो के लिए अच्छी नहीं रही थी. डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ हुए मुकाबले में वह गोल तो दूर, एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सके थे. इसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई. लेकिन अनुभवी स्ट्राइकर ने जोरदार वापसी की. उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल दागे और फिर क्रोएशिया के खिलाफ निर्णायक गोल कर टीम को जीत दिलाई।  रोनाल्डो की बहन ने आलोचकों को भी दिया जवाब रोनाल्डो की खराब शुरुआत के बाद पुर्तगाल टीम के भीतर मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं. कातिया एवेइरो ने इससे पहले ब्रूनो फर्नांडिस की आलोचना करने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट को लाइक किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गई थीं. हालांकि बाद में उन्होंने अपने भाई का खुलकर बचाव किया. कातिया ने कहा- जो लोग फुटबॉल को सही मायने में समझते हैं, वे रोनाल्डो को पसंद करते हैं. अगर कोई उन्हें पसंद नहीं करता तो नुकसान उसी का है. पिछले 20 से ज्यादा वर्षों से वह दुनिया में अपना जलवा दिखा रहे हैं।  आंकड़े जो रोनाल्डो को बनाते हैं महान क्रिस्टियानो रोनाल्डो अब तक पुर्तगाल के लिए 232 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 146 गोल दाग चुके हैं. वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं. यदि कातिया एवेइरो का दावा सही साबित होता है, तो 2026 फीफा वर्ल्ड कप के बाद फुटबॉल इतिहास के सबसे महान इंटरनेशनल करियर में से एक का अंत हो जाएगा। 

क्रोएशिया पर जीत के बाद रो पड़े रोनाल्डो, 21 नंबर की जर्सी पहनने की वजह भी आई सामने

 टोरंटो  क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए गुरुवार की रात सिर्फ जीत की खुशी नहीं थी, बल्कि एक ऐसे साथी की याद भी थी, जिसकी कमी आज भी पुर्तगाल की टीम को खलती है. फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में क्रोएशिया को 2-1 से हराने के बाद रोनाल्डो की आंखें भर आईं. मैच खत्म होते ही वह भावुक नजर आए और मैदान से बाहर निकलते समय आंसू नहीं रोक सके।  इस खास मुकाबले में रोनाल्डो ने अपने दिवंगत साथी डियोगो जोटा की 21 नंबर की जर्सी पहनकर मैदान में कदम रखा. पुर्तगाल की पूरी टीम ने जोटा को श्रद्धांजलि दी. दरअसल, 3 जुलाई 2026 को जोटा के निधन की पहली बरसी थी. रोनाल्डो वैसे 7 नंबर की जर्सी पहनते हैं। कार हादसे में हुई थी जोटा की मौत लिवरपूल के स्टार फॉरवर्ड डियोगो जोटा और उनके भाई आंद्रे सिल्वा की 3 जुलाई 2025 को स्पेन में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. यह हादसा उनकी शादी के महज 11 दिन बाद हुआ था. जोटा ने अपनी लंबे समय की साथी रूटे कार्डोसो से विवाह किया था, लेकिन खुशियों का यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चल सका।  क्रोएशिया ने पहले किया वार मैच में शुरुआत पुर्तगाल के लिए आसान नहीं रही. दूसरे हाफ के 53वें मिनट में इवान पेरिसिच ने गोल कर क्रोएशिया को 1-0 की बढ़त दिला दी. इसके बाद पुर्तगाल पर बाहर होने का खतरा मंडराने लगा।  VAR ने बदला मैच का रुख 68वें मिनट में VAR ((Video Assistant Referee)) रिव्यू के बाद पुर्तगाल को पेनाल्टी मिली. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाया और स्कोर 1-1 कर दिया. इस गोल ने पुर्तगाल की वापसी की उम्मीद जगा दी।  स्टॉपेज टाइम में मिला जीत का तोहफा जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम के चौथे मिनट में राफेल लियाओ के शानदार क्रॉस पर गोंकालो रामोस ने हेडर लगाकर गोल दाग दिया. इस गोल ने पुर्तगाल को 2-1 की रोमांचक जीत दिला दी. इसके कुछ ही पलों बाद क्रोएशिया ने बराबरी का गोल भी किया, लेकिन VAR जांच में जोस्को ग्वार्डियोल ऑफसाइड पाए गए और गोल रद्द कर दिया गया।  अब स्पेन से होगी टक्कर इस जीत के साथ पुर्तगाल ने प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में जगह बना ली है. अब उसका सामना सोमवार को डलास स्टेडियम में स्पेन से होगा. यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।  पुर्तगाल अब भी नहीं भूला अपना स्टार डियोगो जोटा पुर्तगाल के सबसे भरोसेमंद फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल थे. उन्होंने नेशनल  टीम के लिए 49 मैचों में 14 गोल किए थे और इस वर्ल्ड कप में भी उनसे बड़ी उम्मीदें थीं।  मौत से करीब एक महीने पहले जोटा ने पुर्तगाल की यूईएफए नेशंस लीग जीत का जश्न मनाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था- तुम सब हमारे साथ हो तो सब कुछ संभव है. शुक्रिया, पुर्तगाल! गोंडोमार से अपने करियर की शुरुआत करने वाले जोटा ने पाकोस डी फेरेरा, पोर्टो, वॉल्वरहैम्प्टन वांडरर्स और लिवरपूल तक का सफर तय किया. उन्होंने पुर्तगाल की बड़ी फुटबॉल अकादमियों के बजाय अपने दम पर पहचान बनाई और देश के सबसे सम्मानित फुटबॉलरों में शामिल हुए।  क्रोएशिया पर मिली यह जीत पुर्तगाल के लिए सिर्फ अगले दौर का टिकट नहीं थी, बल्कि अपने दिवंगत साथी डियोगो जोटा को याद करने और उनकी विरासत को सलाम करने वाली भावुक रात भी बन गई. रोनाल्डो की आंखों से निकले आंसू इसी एहसास की सबसे बड़ी गवाही थे।   

India Tour of Sri Lanka: 9 साल बाद टेस्ट सीरीज का ऐलान, जानें कब और कहां होंगे मुकाबले

 कोलंबो भारतीय क्रिकेट टीम अगले महीने श्रीलंका दौरे पर जाने वाली है, जहां उसे दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 का हिस्सा होगी. भारतीय टीम इस सीरीज में जीत हासिल कर अंकतालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने गुरुवार (2 जुलाई) को इस सीरीज का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया. सीरीज का पहला टेस्ट 15 से 19 अगस्त तक गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. इसके बाद दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में होगा. दोनों मुकाबले भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होंगे।  भारत अब तक दो बार वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल खेल चुका है, लेकिन एक भी बार खिताब जीतने में सफल नहीं रहा. मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र में टीम इंडिया फिलहाल पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका छठे नंबर पर मौजूद है. ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह सीरीज काफी अहम रहने वाली है।  शुभमन गिल की कप्तानी में भारत इस सीरीज में जीत दर्ज कर WTC फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा. शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने डब्ल्यूटीसी 2025-27 की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से टेस्ट सीरीज ड्रॉ कर की थी. इसके बाद टीम इंडिया ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज का क्लीन स्वीप किया।  साउथ अफ्रीका ने दिया था झटका हालांकि नवंबर 2025 में साउथ अफ्रीका ने भारत को उसके घर में ही दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर बड़ा झटका दिया. इस हार के बाद भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी पर सवाल उठे. पिछले महीने भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट जीतकर वापसी की. अब श्रीलंका की स्पिन फ्रेंडली पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों की एक बार फिर कड़ी परीक्षा होगी।  गॉल और कोलंबो की पिचें परंपरागत रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं. ऐसे में श्रीलंका के स्पिन आक्रमण का सामना करना भारतीय बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में स्पिन के सामने भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी उजागर हुई थी. अब देखना दिलचस्प होगा कि शुभमन गिल की टीम इस चुनौती से कैसे पार पाती है।  भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का टेस्ट दौरा किया था. तब विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने मेजबान श्रीलंका का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. करीब नौ साल बाद भारतीय टीम फिर श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगी. ऐसे में फैन्स की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया इतिहास दोहरा पाएगी।     

नीरज चोपड़ा के बाद रोहित यादव का जलवा, विश्व सीजन में दूसरे सर्वश्रेष्ठ थ्रोअर बने

नई दिल्ली  पहले नीरज चोपड़ा, फिर सचिन यादव और अब रोहित यादव के रूप में भारत का एक और स्टार भाला फेंक एथलीट विश्व पटल पर छा गया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर के एक छोटे से गांव अदारिया डभिया के रोहित 87.05 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर अब दुनिया के इस सत्र के दूसरे सर्वश्रेष्ठ थ्रोअर बन गए हैं। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में चल रही 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन 25 वर्षीय रोहित ने स्वर्ण पदक के साथ यह उपलबधि भी हासिल की और इस सत्र में शीर्ष पर चल रहे श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज (92.62 मीटर) के बाद सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। इसी के साथ उन्होंने जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। हाल ही में दोहा डायमंड लीग में दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के चौथे स्थान (85.69 मीटर) पर रहने और वहां श्रीलंका के पथिराज के छा जाने बाद भाला फेंक में इस साल कामनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भारत के पदक और खासकर स्वर्ण पदक की आस कुछ कम हो चली थी, लेकिन इस बीच रोहित यादव अब इस प्राचीन खेल में भारत की नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। अब इस प्रदर्शन के दम पर रोहित भी नीरज के साथ भाला फेंक में इस साल के इन दो बड़े खेलों में भारत के लिए पदक जीतने को दम लगाएंगे। रोहित यादव का पिछला सर्वश्रेष्ठ थ्रो 83.76 मीटर था। यह उन्होंने इंडियन एथलेटिक्स सीरीज के लुधियाना लेग में दर्ज किया गया था। हालांकि अब 87.05 मीटर का उनका थ्रो 2022 में मनु डीपी द्वारा बनाए गए प्रतियोगिता के 84.35 मीटर के रिकॉर्ड से भी कहीं बेहतर रहा। प्रतियोगिता में यशवीर सिंह (83.72 मीटर) और सचिन यादव (82.32 मीटर) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन दोनों ने भी एशियन गेम्स के लिए 77.87 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क पार किया। कामनवेल्थ गेम्स में देखने को मिलेगी कड़ी टक्कर चोट के बाद वापसी करने वाले नीरज को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। वह दोहा के इस सत्र के अपने पहले प्रदर्शन के दम पर इस सत्र के बेस्ट थ्रोअर की सूची में सर्वश्रेष्ठ चार में बने हुए हैं। ऐसे में कौन जाने की अगले माह ग्लासगो में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स और इसके बाद एशियन गेम्स में श्रीलंका के पथिराज के अलावा हमवतन नीरज और रोहित के बीच ही कड़ी टक्कर देखने को मिल जाए। इससे पहले नीरज को एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने फ्लाप शो के दौरान अन्य एथलीटों सहित हमवतन सचिन यादव से भी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। रोहित यादव ने कहा, इस प्रदर्शन से कामनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। भविष्य में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए मुझे शुरुआती थ्रो में ही 85 या 86 मीटर की दूरी पार करने की आदत डालनी चाहिए। भाला फेंक में इस सत्र के पांच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन     एथलीट, देश, थ्रो, स्थान     रुमेश पाथिराज, श्रीलंका, 92.62 मी., रोम डायमंड लीग     रोहित यादव, भारत, 87.05 मी., भुवनेश्वर राष्ट्रीय एथलेटिक्स     एंडर्सन पीटर्स, ग्रेनेडा, 86.50 मी., दोहा डायमंड लीग     नीरज चोपड़ा, भारत, 85.69 मी., दोहा डायमंड लीग     जैकब वाडलेज, चेक गणराज्य, 85.00 मी., दोहा डायमंड लीग  

Canada Open 2026: किदांबी श्रीकांत चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर, तान्या-आकर्षी अगले दौर में

ओंटारियो  कनाडा ओपन 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में बुधवार को भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन निराशाजनक रहा और पूर्व वर्ल्ड नंबर वन किदांबी श्रीकांत सहित सात खिलाड़ी पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गए। वहीं तान्या हेमनाथ और आकर्षी कश्यप ने अपने-अपने मैच जीतकर अगले दौर में जगह बना ली है मार्खम पैन एम सेंटर में बुधवार को खेले मुकबले में किदांबी श्रीकांत को पुरुषों के एकल के शुरुआती दौर में मलेशिया के ओलंपिक मेडलिस्ट ली ज़ी जिया के खिलाफ 11-10 से पीछे रहने के दौरान चोट के कारण मैच छोड़ना पड़ा। किदांबी श्रीकांत अब मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ अपने नौ मैचों में से छह हार चुके हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते यूएस ओपन में ली ज़ी जिया को हराया था और रनर-अप रहे थे। श्रीकांत के बाहर होने के बाद उनके साथी खिलाड़ी सनीथ दयानंद और शंकर सुब्रमण्यन भी पहले दौर में हार गए, जिससे बीडब्ल्यूएफ सुपर बैडमिंटन 300 इवेंट में भारत का पुरुषों का एकल अभियान खत्म हो गया। सनीथ दयानंद को जापान के तीसरे सीड युदाई ओकिमोटो ने 21-7, 21-11 से हराया, जबकि शंकर सुब्रमण्यन पहला गेम जीतने के बावजूद कोरिया गणराज्य के यू ताए-बिन से 19-21, 21-15, 21-15 से हार गए।

विंबलडन में बड़ा उलटफेर, 20 वर्षीय माया जाइंट ने सेरेना विलियम्स को हराया

रायटर  चार साल के बाद विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ जब मंगलवार रात अमेरिका की दिग्गज सेरेना विलियम्स कोर्ट पर उतरीं तो सभी को उम्मीद थी कि वह 2004 में मार्टिना नवरातिलोवा के उसी तरह के इतिहास को दोहराएंगी, जब 47 वर्षीय मार्टिना ऑल इंग्लैंड क्लब में सिंगल्स मैच जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनी थीं। लेकिन मर्टिना के बाद दूसरी सबसे उम्रदराज महिला के रूप में ऐसा करने से 44 वर्षीय सेरेना चूक गईं और ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जाइंट आखिरकार 6-3, 6-7(6), 6-3 के आंकड़ों के साथ उन पर भारी पड़ीं। हालांकि यह आंकड़े यह भी बयां कर रहे हैं कि उम्र के इस पड़ाव और खेल के अभ्यास में रही निरंतरता की कमी के बावजूद सेरेना ने उम्मीद से कहीं बढ़कर शानदार खेल दिखाया और यही कारण रहा कि मुकाबले के अंत तक उन्हें दर्शकों का वही भरपूर समर्थन मिलता रहा, जिसकी वह हकदार रही हैं। 20 साल की जाइंट का जन्म तब भी नहीं हुआ था जब सेरेना ने अपने 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताबों में से पहले सात खिताब जीत लिए थे। हालांकि माया ने इस सब बातों का ध्यान न रखते हुए और अपनी प्रतिद्वंद्वी की वापसी को लेकर मचे शोर-शराबे को भी नजरअंदाज करते हुए अपने शुरुआती करियर की सबसे यादगार जीत हासिल की। माया पिछले 12 टूर्नामेंटों में सिर्फ एक मैच जीतकर सेंटर कोर्ट पर उतरी थीं, लेकिन जब वह बाहर निकलीं तो वह खेल की महान खिलाड़ियों में से एक को जबरदस्त शिकस्त देने की खुशी में डूबी हुई थीं और कह बैठीं कि यह बहुत अजीब और शानदार है। उन्होंने यह भी कहा कि सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि अभी क्या हुआ पर मैं बचपन से ही इस पल का सपना देख रही थी। वहीं सेरेना ने मैच कहा कि विंबलडन में वापस आना वाकई बहुत अच्छा था। मैंने कभी यहां आने की उम्मीद नहीं की थी। माहौल शानदार था। बाहर निकलना अद्भुत था। मैंने निश्चित रूप से इसका आनंद लिया, इसे याद किया और किसी भी चीज से ज्यादा इस पल का मजा लिया। सेरेनाने अपना आखिरी आल इंग्लैंड क्लब खिताब 10 साल पहले जीता था। बहन वीनस और बेटियों ने बढ़ाया हौसला: मैच के लिए हेडफोन पहने हुए जब सेरेना कोर्ट पर पहुंचीं तो जबरदस्त शोर के साथ स्वागत कर रहे दर्शकों के बीच उनकी बड़ी बहन 46 वर्षीय दिग्गज वीनस विलियम्स भी खड़ी थीं। वह सेरेना की एंट्री पर हो रहे जश्न को रिकॉर्ड कर रही थीं। सेरेना की बेटियां ओलंपिया और अदिरा भी मंत्रमुग्ध होकर यह सब देख रही थीं। वहीं अमेरिका के ही महान खिलाड़ी जान मैकेनरो विलियम्स को फिर से खेलते हुए देखने के लिए बेताब थे। संघर्षपूर्ण हार के साथ वावरिंका ने विंबलडन को कहा अलविदा तीन बार के ग्रैंड स्लैम विजेता स्विटजरलैंड के स्टेन वावरिंका ने मंगलवार रात विंबलडन को अलविदा कह दिया। उन्हें इटली के माटेओ बेरेटिनी ने चार रोमांचक सेटों में 6-7 (7), 7-6(16), 7-6 (7), 7-6 (5) से हराया। पूर्व वर्ल्ड नंबर-3 वावरिंका इस सीजन के आखिर में रिटायर हो रहे हैं, लेकिन इससे पहले आल इंग्लैंड क्लब में उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। हालांकि 4 घंटे 19 मिनट की लड़ाई के बाद बेरेटिनी उन पर एक बहुत मजबूत प्रतिद्वंद्वी साबित हुए। 41 साल और 106 दिन की उम्र में वावरिंका ड्रा में शामिल सबसे उम्रदराज़ पुरुष खिलाड़ी थे। यह उनका 19वां और आखिरी विंबलडन टूर्नामेंट था। टूर पर अपने आखिरी सीजन में वह अपनी पसंदीदा जगहों को अलविदा कह रहे हैं। भावुक वावरिंका ने कहा कि आज रात फिर से एक जबरदस्त मुकाबला हुआ। जिस चीज से आप इतना प्यार करते हैं, उसे अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। इससे बेहतर विदाई की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था। पहले दौरा के अन्य प्रमुख मुकाबलों के परिणाम     पुरुष सिंगल्स में फ्रेंच ओपन के विजेता जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाकक्स को 6-4, 6-7(8), 7-6(5), 7-6(0) से हराया।     पुरुष सिंगल्स में चौथी वरीयता प्राप्त अमेरिका के बेन शेल्टन ने फिनलैंड के ओटो विरतानेन को 6-4, 3-6, 6-7(8), 6-2, 7-6 (11-9) से शिकस्त दी।     महिला सिंगल्स में अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा ने उत्तरी मेसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 61 मिनट में ही 6-3 6-2 से आसानी से हरा दिया।     महिला सिंगल्स में इटली की जैस्मीन पाओलिनी ने अमेरिका की राबिन मोंटगोमरी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 0-6, 6-4, 7-5 से शिकस्त दी।  

T20I Sixes Record: 100+ छक्के जड़ने वाले भारत के 5 खिलाड़ी, पाकिस्तान अब भी खाली हाथ

नईदिल्ली  टीम इंडिया के स्टार ओपनर अभिषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ T20I में सबसे तेज 100 छक्के जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। पहले टी20 में 59 रनों की पारी के दौरान बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 4 छक्के जड़े। अभिषेक शर्मा भारत के लिए इस फॉर्मेट में 100 या उससे ज्यादा छक्के जड़ने वाले 5वें खिलाड़ी बन गए हैं। अगर एक नजर ऐसे टीमों पर डाली जाएं जिनके सबसे ज्यादा खिलाड़ियों ने 100 या उससे ज्यादा छक्के जड़े हैं तो भारत संयुक्त रूप से इस लिस्ट में पहले पायदान पर है। भारत के अलावा वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के 5-5 खिलाड़ियों ने ये कमाल किया है। वहीं पाकिस्तान का एक भी खिलाड़ी अभी तक T20I क्रिकेट में 100 छक्के नहीं जड़ पाया है। रोहित शर्मा के नाम T20I में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के नाम टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड है। हिटमैन सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि इस फॉर्मेट में वर्ल्ड क्रिकेट (फुल मेंबर) में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 205 छक्के लगाए हैं। वहीं इस लिस्ट में सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, विराट कोहली जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। दिग्गजों की इस लिस्ट में अब अभिषेक शर्मा का नाम भी जुड़ गया है। 205 – रोहित शर्मा 179 – सूर्यकुमार यादव 126 – हार्दिक पांड्या 124 – विराट कोहली 100 – अभिषेक शर्मा* T20I में हर टीम के लिए 100 छक्के T20I में हर टीम के लिए 100 छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट पर नजर डालें तो भारत के अलावा वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के 5-5 प्लेयर्स ने ये कारनामा किया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के चार, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और अफगानिस्तान के 2-2 व जिम्बाब्वे आयरलैंड के 1-1 प्लेयर्स ने T20I में 100 या उससे अधिक छक्के लगाए हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश का एक भी खिलाड़ी इस लिस्ट में नहीं है। पाकिस्तान के लिए T20I में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फखर जमन के नाम है, जिन्होंने इस फॉर्मेट में 99 छक्के लगाए हैं। वह इस लिस्ट में शामिल होने से महज एक शॉट दूर हैं। भारत- रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, विराट कोहली, अभिषेक शर्मा* वेस्टइंडीज- रॉवमैन पॉवेल, निकोलस पूरन, क्रिस गेल, एविन लुईस, शिमरन हेटमायर न्यूजीलैंड- मार्टिन गप्टिल, ग्लेन फिलिप्स, टिम साइफर्ट, कॉलिन मुनरो, फिन एलन ऑस्ट्रेलिया- ग्लेन मैक्सवेल, एरोन फिंच, डेविड वॉर्नर, मिचेल मार्श इंग्लैंड- जोस बटलर, इयोन मॉर्गन साउथ अफ्रीका- क्विंटन डी कॉक, डेविड मिलर श्रीलंका- के मेंडिस, दासुन शनाका अफगानिस्तान- मोहम्मद नबी, रहमानुल्लाह गुरबाज़ जिम्बाब्वे – सिकंदर रजा आयरलैंड- पॉल स्टर्लिंग बांग्लादेश- 0 पाकिस्तान- 0

मेक्सिको की जीत और इंटरनेट पर धमाका! जानिए कौन है हर मैच के बाद वायरल होने वाली ‘सेलिब्रेशन क्वीन’

नई दिल्ली मेजबान मेक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. यह 1986 के बाद पहली बार है जब मेक्सिको ने विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की. स्टेडियम में 80 हजार से ज्यादा दर्शकों का शोर गूंज रहा था, लेकिन मैच खत्म होने के बाद इंटरनेट पर सबसे ज्यादा चर्चा किसी खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक फैन की होने लगी।  वह हैं ओलिविया बेथल (Olivia Bethel), जिन्हें सोशल मीडिया पर H-Town Girl के नाम से जाना जाता है।  मेक्सिको के गोल के बाद ओलिविया ने अपना रिएक्शन वीडियो इंस्टाग्राम- @thehtowngirl) और X- @Htownliv पर पोस्ट किया. कुछ ही घंटों में यह वीडियो वायरल हो गया और लाखों व्यूज बटोरने लगा. मेक्सिको के दोनों गोल पर उनका उत्साह, चीखते हुए जश्न, डांस, कैमरे की तरफ मुस्कुराते हुए रिएक्शन और पूरे माहौल की ऊर्जा ने वीडियो को वायरल बना दिया।  दिलचस्प बात यह है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ. पूरे टूर्नामेंट में मेक्सिको की हर जीत के बाद ओलिविया का सेलिब्रेशन वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा है. कई फैन्स तो उन्हें मजाक में मेक्सिको की 'लकी चार्म' भी कहने लगे हैं।  यह वीडियो किसी स्टेडियम का नहीं, बल्कि एक स्पोर्ट्स बार का है, जहां बड़ी स्क्रीन पर मुकाबला चल रहा था. जैसे ही मेक्सिको ने गोल किया, पूरा बार खुशी से झूम उठा और उसी दौरान कैमरे में कैद ओलिविया का जोशीला रिएक्शन इंटरनेट की नई सनसनी बन गया।  उधर, मैदान पर भी मेक्सिको ने इतिहास रच दिया. बारिश और आंधी की वजह से मैच एक घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन इसका असर खिलाड़ियों पर नहीं दिखा. शुरुआत से ही मेक्सिको ने आक्रामक खेल दिखाया और 2-0 की जीत के साथ 1986 के बाद पहली नॉकआउट जीत दर्ज कर ली।  अब मेक्सिको प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुका है. टीम अगला मुकाबला खेलने उतरेगी, जबकि सोशल मीडिया पर फैन्स की नजर इस बात पर भी रहेगी कि क्या H-Town Girl का अगला वायरल सेलिब्रेशन फिर इंटरनेट पर धूम मचाएगा।