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श्रेयस अय्यर हुए गदगद, इंदौर में वेस्टइंडीज पर जीत के बाद गेंदबाजों के लिए कही दिल छू लेने वाली बात

  इंदौर  इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को 14 रनों से हरा दिया है. भारत की तरफ से अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह इस जीत के हीरो रहे।  इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की अहम बढ़त हासिल कर ली है. अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का चौथा मुकाबला 14 अक्टूबर (बुधवार) को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा।  टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 223 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था. अभिषेक शर्मा ने मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए महज 30 गेंदों में 69 रनों की शानदार पारी खेली. अभिषेक शर्मा 69 रनों की दमदार पारी खेलकर स्प्रिंगर की गेंद पर आउट हो गए।  इसके अलावा ईशान किशन ने 37 रन, तिलक वर्मा ने 28 रन, नीतीश रेड्डी ने 21 रन और अक्षर पटेल ने 20 रनों का योगदान दिया. तिलक वर्मा और अक्षर पटेल दोनों ही रन आउट होकर पवेलियन लौटे. वेस्टइंडीज की तरफ से गेंदबाजी में रोस्टन चेस, शमार जोसेफ और शमार स्प्रिंगर ने दो-दो विकेट चटकाए, जबकि कीमो पॉल और गुडाकेश मोटी को एक-एक सफलता मिली।  14 रन से वेस्टइंडीज को मिली हार 224 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैरेबियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर झटके देकर मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी. पारी की शुरुआत में ही अर्शदीप सिंह ने वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप (5 रन) को बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई।  इसके बाद नमन धीर ने खतरनाक दिख रहे शिमरोन हेटमायर (43 रन) को बोल्ड कर विंडीज को दूसरा बड़ा झटका दिया. अक्षर पटेल ने रोवमैन पॉवेल (5 रन) को ईशान किशन के हाथों कैच आउट कराया. कामिल पूरन ने संघर्ष करते हुए 42 रन बनाए, जिन्हें नमन धीर की गेंद पर अर्शदीप ने कैच किया।  वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 209 रन ही बना सकी और 14 रनों से मुकाबला गंवा बैठी. भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह ने सबसे अधिक तीन विकेट हासिल किए. वहीं नमन धीर भी दो अहम विकेट चटकाने में कामयाब रहे।  श्रेयस अय्यर के मुताबिक गेंदबाजों को अपनी रणनीति पर पूरा भरोसा था. उन्होंने स्पष्ट सोच के साथ गेंदबाजी की और मैदान पर अपनी योजनाओं को अच्छी तरह लागू किया. श्रेयस ने कहा कि जब भी उन्होंने गेंद किसी खिलाड़ी को सौंपी, हर गेंदबाज चुनौती का सामना करने के लिए तैयार था. कप्तान के लिए यही सबसे अहम बात थी।  मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि गेंदबाजों के आत्मविश्वास और उनकी रणनीति में स्पष्टता साफ दिखाई दे रही थी. उन्होंने दबाव के क्षणों में भी अपने प्लान पर अमल किया. श्रेयस ने माना कि ऐसे मैदान पर, जहां बड़े स्कोर बनते हैं, विरोधी टीम को रोकना आसान नहीं होता. इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाई।  श्रेयस अय्यर ने कहा कि वेस्टइंडीज जैसी टीम को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता. इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रक्रिया पर टिके रहना, नियमित रणनीति का पालन करना और आक्रामक रवैया बनाए रखना जरूरी था. भारतीय कप्तान ने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की बल्लेबाजी की भी तारीफ की. अभिषेक ने 30 गेंदों पर 69 रनों बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ईशान किशन ने सिर्फ 18 गेंदों पर 37 रनों ठोक दिए. दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को मजबूती दी और बड़े स्कोर की नींव रखी। 

अभिषेक ने बनाए दो रिकॉर्ड, सूर्या की बराबरी

इंदौर अभिषेक शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 30 गेंदों पर 69 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने महज 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में 2,000 रन पूरे करने वाले छठे भारतीय बने। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में रविवार को अभिषेक ने महज 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हजार रन भी पूरे कर लिए। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। अभिषेक की 30 गेंदों में 69 रनों की पारी के दम पर भारत ने 223 रन बनाए। अभिषेक ने अपनी पारी में छह छक्के और पांच चौके लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 230 का रहा। हालांकि, बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों के विकेट तेजी से गिरने के कारण टीम बड़ा स्कोर बनाने की रफ्तार बरकरार नहीं रख सकी और पूरी टीम 223 रन पर आउट हो गई।   18 गेंदों में अर्धशतक, कोहली-सैमसन को पीछे छोड़ा अभिषेक शर्मा ने 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने विराट कोहली और संजू सैमसन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने कैरेबियाई टीम के खिलाफ 21-21 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। विराट ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 21 गेंदों में फिफ्टी जड़ी थी, जबकि संजू सैमसन ने इसी सीरीज के दूसरे मुकाबले में 21 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक के नाम है, जिन्होंने 2023 में महज 15 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अभिषेक ने 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर इस सूची में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। डेविड वॉर्नर और कॉलिन मुनरो ने भी कैरेबियाई टीम के खिलाफ 18 गेंदों में अर्धशतक लगाया है।   टी20 अंतरराष्ट्रीय में 2 हजार रन पूरे करने वाले छठे भारतीय     अभिषेक शर्मा ने तीसरे टी20 मुकाबले में 2 हजार टी20 इंटरनेशनल रन भी पूरे किए। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले रोहित शर्मा, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और केएल राहुल यह मुकाम हासिल कर चुके हैं।     भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रोहित शर्मा 4,231 रन के साथ पहले स्थान पर हैं। विराट कोहली ने 4188, सूर्यकुमार यादव ने 3272, हार्दिक पांड्या ने 2288 और केएल राहुल ने 2265 रन बनाए हैं।     अभिषेक ने अब तक 65 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की 64 पारियों में 2,036 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 32.83 और स्ट्राइक रेट 195.95 रहा है। उनके नाम तीन शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 135 रन है। गेंदों के लिहाज से भी अभिषेक ने तेजी से यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने महज 1024 गेंदों का सामना करके टी20 अंतरराष्ट्रीय में 2 हजार रन पूरे किए।   एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीयों में शामिल     अभिषेक के लिए साल 2026 भी शानदार रहा है। उन्होंने इस साल 32 मैचों और पारियों में 921 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 29.70 और स्ट्राइक रेट 206.50 रहा है। उनके बल्ले से एक शतक और आठ अर्धशतक निकले हैं।     इस साल अभिषेक टी20 अंतरराष्ट्रीय में 68 छक्के लगा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की बराबरी कर ली है। दोनों एक कैलेंडर वर्ष में टी20 अंतरराष्ट्रीय में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।     हालांकि, छक्के लगाने के मामले में अभिषेक की रफ्तार और भी खास है। वह औसतन हर 6.55 गेंद पर एक छक्का लगा रहे हैं, जबकि सूर्यकुमार यादव का यह आंकड़ा 9.13 गेंद है।  

भारत ने वेस्टइंडीज को 14 रन से हराया

इंदौर   अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी और अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने तीसरे टी20 में वेस्टइंडीज को 14 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली।   भारत ने 14 रन से जीता तीसरा टी20 अभिषेक शर्मा की तूफानी अर्धशतकीय पारी और अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने तीसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 14 रन से हरा दिया। रविवार को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए। अभिषेक ने 30 गेंदों में 69 रन की पारी खेली। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। अर्शदीप ने शेरफेन रदरफोर्ड को बोल्ड किया। वह 32 रन बनाकर लौटे। अब क्रीज पर शमार स्प्रिंगर और रोस्टन चेज मौजूद हैं। 18 ओवर के बाद स्कोर सात विकेट पर 176 रन है। भारत को छठी सफलता अर्शदीप सिंह ने दिलाई। उन्होंने कीमो पॉल को तिलक के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ 10 रन बना सके। अब रोस्टन चेज आए हैं। भारत को पांचवीं सफलता नीतीश रेड्डी ने दिलाई। उन्होंने क्वेंटिन सैम्पसन को तिलक के हाथों कैच कराया। वह 21 रन बनाकर आउट हो गए। अब रदरफोर्ड का साथ देने कीमो पॉल आए हैं। भारत को चौथी सफलता नमन धीर ने दिलाई। उन्होंने कामिल पूरन को अर्शदीप सिंह के हाथों कैच कराया। वह 42 रन बनाकर लौटे। अब रदरफोर्ड का साथ देने क्वेंटिन सैम्पसन आए हैं। वेस्टइंडीज को तीसरा झटका अक्षर पटेल ने दिया। उन्होंने पॉवेल को ईशान के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ पांच रन बना सके। अब बल्लेबाजी के लिए कामिल पूरन और शेरफेन रदरफोर्ड आए हैं।

क्रिकेट एसोसिएशन में कानूनी विवाद से ठप हुआ कामकाज, रणजी ट्रॉफी मैच में नहीं उतरी अरुणाचल की टीम

नई दिल्ली  अरुणाचल प्रदेश के घरेलू क्रिकेट अभियान को एक और झटका लगा है। टीम ने नागालैंड के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का पहला मैच गंवा दिया है। ऐसा प्रशासनिक गतिरोध के कारण हुआ है, जिससे क्रिकेट एसोसिएशन के पास टीम चयन और अन्य कामकाज संभालने के लिए कोई काम करने वाली अथॉरिटी नहीं बची है। यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होना था, जो 2026-27 रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत के साथ ही हो रहा था। इससे पहले, इस हफ्ते की शुरुआत में भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी मैच के लिए अरुणाचल प्रदेश टीम नहीं उतार पाया था। गुवाहाटी हाई कोर्ट पहुंच चुका है मामला यह संकट अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन (एसीए) के सितंबर में हुए चुनावों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई से पैदा हुआ है, जिसमें नबम विवेक को अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद कई जिला एसोसिएशन ने चुनावों को चुनौती दी, जिसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया गया और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई। यह मामला गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच के सामने लंबित है, जिसने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट की कार्यवाही ने एसोसिएशन के कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे बीसीसीआई के लिए मामले के लंबित रहने के दौरान कोई वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए दखल देना मुश्किल हो गया है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पहले बताया था कि कानूनी गतिरोध के कारण अरुणाचल प्रदेश की जूनियर घरेलू प्रतियोगिताओं में भागीदारी पहले ही बाधित हो चुकी है, क्योंकि राज्य की कोई काम करने वाली संस्था न होने से टीम चयन और तैयारी असंभव हो गई है। उन्होंने बताया था, 'अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में दो गुट हैं, और गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच में उनके बीच कानूनी विवाद चल रहा है। हाई कोर्ट ने कुछ महीने पहले बोर्ड के कामकाज पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसी कारण उस बेंच के सामने मौजूद मामले के कारण, अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में कोई पदाधिकारी नहीं है। मामले की सुनवाई आखिरकार सितंबर के पहले हफ्ते में हुई थी, लेकिन बेंच की ओर से अभी फैसला आना बाकी है। वहां काफी समय से कोई बोर्ड नहीं है, इसलिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए टीम बनाने की कोई तैयारी नहीं हो पाई।' जिला निकायों ने लगाए नियम के उल्लंघन के आरोप रणजी ट्रॉफी मैच गंवाने से राज्य की सीनियर पुरुष टीम के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं और टीम के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है। अगर प्रशासनिक कामकाज में यह खालीपन बना रहता है, तो इस विवाद ने घरेलू सीजन के बाकी मैचों में अरुणाचल प्रदेश की भागीदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एसोसिएशन के सितंबर के चुनाव तब विवादों में घिर गए जब छह जिला निकायों – लोअर सियांग, अपर सुबनसिरी, कामले, तवांग, वेस्ट सियांग और पापुम पारे – ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनकी चुनौती के कारण कोर्ट ने एसोसिएशन के कामकाज पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे प्रतिस्पर्धी गुट बिना किसी तय प्रशासनिक ढांचे के ही अपनी वैधता का दावा करने लगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ हसन महमूद का कहर, लगातार 3 गेंदों पर झटके विकेट; बांग्लादेश को मिली बढ़त

अबु धाबी  ऑस्ट्रेलिया के कमाल की बॉलिंग करने वाले बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद का शानदार फॉर्म जारी है। बांग्लादेश की टीम अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच खेल रही है। अबु धाबी में हो रहे मुकाबले के तीसरे दिन हसन महमूद ने हैट्रिक विकेट चटका लिया है। उन्होंने लगातार तीन गेंद पर अफगानिस्तान के तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। हसन महमूद को डीआरएस की मदद से हैट्रिक अफगानिस्तान की पारी के 83वें ओवर की तीसरी गेंद पर हसन महमूद ने इस्मत आलम को बोल्ड कर दिया। उन्होंने सिर्फ एक रन बनाया। अगली गेंद पर कैस अहमद का विकेट गिरा। लिटन दास ने उनका कैच लपका। इसके बाद जिया उर रहमान अकबर क्रीज पर आए। उनके खिलाफ एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील हुई लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। बांग्लादेश के कप्तान ने डीआरएस लिया और महमूद को विकेट मिल गया। इस तरह उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी की। पहली बार बांग्लादेश पेसर ने टेस्ट में हैट्रिक लिया दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हसन महमूद टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ आलोक कपाली ने हैट्रिक लिया था। वहीं दूसरी तरफ सोहाग गाजी ने 2013 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक लिया था। दोनों ही स्पिन गेंदबाज थे। हसन महमूद टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले बांग्लादेशी पेसर भी बन गए हैं। बांग्लादेश को 106 रनों की बढ़त मिली पहली पारी में बांग्लादेश ने 346 रन बनाए थे। अफगानिस्तान की पारी 240 रनों पर ही सिमट गई है। एक समय टीम का स्कोर 219 रन पर 4 विकेट ही था। यहां से 21 रन बनाने में 6 विकेट गिर गए। टीम के आखिरी चार बल्लेबाजों का खाता भी नहीं खुला। कप्तान रहमत शाह ने सेंचुरी ठोकी और 105 रन बनाकर नाबाद रहे। हसन महमूद ने 5 विकेट लिए तो इबादत हुसैन को 4 विकेट मिले।

249 रन बनाकर भी हारी टीम इंडिया, तीसरे टी20 में वेस्टइंडीज से बदला लेने उतरेगी भारत

नई दिल्ली भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। दूसरे टी20 में 249 रन बनाने के बावजूद मिली हार के बाद भारतीय टीम इस मुकाबले में जोरदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको बताते हैं होल्कर स्टेडियम में टीम इंडिया का अब तक का टी20 रिकॉर्ड कैसा रहा है। इंदौर में भी तक चार टी20 इंटरनेशनल मैच हुए भारतीय टीम ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में अभी तक कुल 4 टी20 इंटरनेशल मुकाबले खेले हैं। इस दौरान टीम को तीन में जीत नसीब हुई है, जबकि सिर्फ एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। यह एक हार भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ साल 2022 में मिली थी। साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट खोकर 227 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत की पूरी टीम 178 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी। 15 इंटरनेशनल मैच को भारत को 12 जीत मिली टीम इंडिया ने इस ग्राउंड पर अपने आखिरी मैच में अफगानिस्तान को साल 2024 में हराया था। अफगानिस्तान को 172 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम ने लक्ष्य को सिर्फ 15.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत ने यहां अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 15 मैच खेले हैं। टीम को इसमें 12 जीत और सिर्फ तीन ही हार मिली है। पांच मैचों की टी20 सीरीज अभी 1-1 की बराबरी पर है। सीरीज के पहले टी20 में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था। हालांकि, दूसरे टी20 में कैरेबियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 6 विकेट से शिकस्त दी थी। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 249 रन बनाए थे। मगर वेस्टइंडीज की टीम कप्तान शाई होप की नाबाद शतकीय पारी की बदौलत 250 रनों के लक्ष्य को 18.3 ओवर में चेज करने में सफल रही थी। होप 102 रन बनाकर नाबाद रहे थे, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों में 84 रनों की आतिशी पारी खेली थी।  

​अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों में ‘स्कूल केईन्ता’ से जगी उम्मीद

रायपुर  जब हौसले मजबूत हों, तो दुर्गम से दुर्गम रास्ते भी सुगम हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर अंचलों में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्कूल केईन्ता अभियान’ ने इस बात को सच कर दिखाया है। भौगोलिक विषमताओं और दूरी के कारण जो बच्चे कभी शिक्षा से दूर थे, आज वे अपने ही गाँव में अक्षर ज्ञान प्राप्त कर अपने स्वर्णिम भविष्य की नींव रख रहे हैं।  ​इस संवेदनशील पहल के तहत अब तक 2,000 से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है, वहीं अत्यंत पहुँचविहीन क्षेत्रों में 34 नई वैकल्पिक प्राथमिक शालाएँ सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। ​अब 10 किलोमीटर का कठिन पैदल सफर बना बीती बात संकुल केंद्र गारपा के अंतर्गत आने वाले गाँव घमंडी की कहानी इस बदलाव का जीवंत उदाहरण है। कभी यहाँ के मासूम बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए कोड़ेनार तक लगभग 10 किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ता था। घने जंगलों, पथरीले रास्तों और लंबी दूरी के कारण बच्चे नियमित स्कूल नहीं जा पाते थे। बच्चों और अभिभावकों की इस पीढ़ियों पुरानी समस्या को समझते हुए ज़िला प्रशासन ने गाँव में ही वैकल्पिक प्राथमिक शाला घमंडी की शुरुआत की। वर्तमान में इस विद्यालय में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। स्थानीय शिक्षा दूत कोसा राम वड्डे गाँव के ही बच्चों को नियमित अध्ययन से जोड़कर इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में एक नायक की भूमिका निभा रहे हैं। अब बच्चों को शिक्षा पाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता। बच्चों को ​शिक्षा के साथ अधिकारों का उपहार मिला। ​गाँव में स्कूल खोलने के साथ-साथ प्रशासन बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रशासनिक सुविधाओं को भी उनके द्वार तक पहुँचा रहा है। हाल ही में वैकल्पिक शाला घमंडी के गत वर्ष नामांकित 22 बच्चों को उनके जाति प्रमाण पत्र तैयार कर वितरित किए गए। ​इन आवश्यक दस्तावेजों के मिल जाने से न केवल बच्चों और अभिभावकों में अपार हर्ष है, बल्कि भविष्य में मिलने वाली विभिन्न शासकीय छात्रवृत्तियों, शैक्षणिक योजनाओं और नागरिक सुविधाओं का लाभ उठाने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। इस अभियान के माध्यम से 2,000 से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ चुके है। दूरस्थ क्षेत्रों में 34 नई वैकल्पिक शालाओं का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। अपने गाँव में पढ़ाई की सुविधा मिलने से अब बच्चों को 10 किमी की थकाऊ यात्रा से मुक्ति मिल गई है। ​ ​एक मिसाल बनता 'स्कूल केईन्ता अभियान' ज़िला प्रशासन का यह सतत प्रयास साबित करता है कि यदि प्रतिबद्धता हो, तो अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी विकास की किरण पहुँचाई जा सकती है। 'स्कूल केईन्ता अभियान' न केवल बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर शिक्षण व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाकर राज्य के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी एक नई मिसाल पेश कर रहा है।

भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर शमी का बड़ा बयान, चयनकर्ताओं पर साधा निशाना; रणजी ट्रॉफी पर फोकस

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम में 4 साल के लंबे इंतजार के बाद भुवनेश्वर कुमार की टी20 टीम में वापसी हुई है. दूसरी तरफ अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए अभी भी टीम इंडिया का दरवाजा दोबारा नहीं खुल पाया है. भुवी के कमबैक और खुद को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर मोहम्मद शमी का गुस्सा फूट पड़ा है. उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी भड़ास निकाली है. मोहम्मद शमी इससे पहले भी अपनी बयानों से सुर्खियां बटोरने का काम करते रहे हैं. रेवस्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए जब मोहम्मद शमी से भुवनेश्वर कुमार के चयन और खुद की टीम से चल रही लंबी दूरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि भुवनेश्वर कुमार को भारत के लिए खेलने का मौका मिला और यह उनके लिए अच्छी बात है. लेकिन उनके चयन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है. मुझे जहां भी खेलने का मौका मिलेगा, मैं अपना शत-प्रतिशत दूंगा. फिलहाल मेरा पूरा फोकस रणजी मैच पर है. इसके आगे शमी ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले दो-तीन साल से मेरे साथ यही सब हो रहा है. शमी ने कहा कि मैं लगातार प्रदर्शन कर रहा हूं और बंगाल के लिए अपनी फिटनेस साबित कर चुका हूं. इसके बावजूद अगर मुझे दोबारा टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है तो यह मेरा नुकसान नहीं है! क्यों हो रही है शमी और भुवी की चर्चा? 36 वर्षीय मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी में खेला था. इसके बाद से फिटनेस समस्याओं और चयनकर्ताओं द्वारा युवा खिलाड़ियों को तरजीह दिए जाने के कारण वह लगातार बाहर चल रहे हैं.   दूसरी ओर आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भुवनेश्वर कुमार की न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में वापसी हो चुकी है. माना जा रहा है कि उन्हें वनडे वर्ल्ड कप 2027 की योजनाओं के तहत परखा जा रहा है. ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में फ्लैट पिचों पर भारतीय गेंदबाजों की हो रही धुलाई के बाद फैन्स और एक्सपर्ट्स लगातार अनुभवी गेंदबाजों की वकालत कर रहे हैं, जिससे शमी का यह दर्द खुलकर सामने आ गया है.

टीम इंडिया के खिलाफ नहीं खेलेंगे विल ओ’रूर्के, ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज को ध्यान में रखकर लिया फैसला

नई दिल्ली भारत के खिलाफ शुरू होने वाली सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को एक और बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज विल ओ'रूर्के सीरीज से बाहर हो चुके हैं। 25 साल के ओ'रूर्के बाईं हैमस्ट्रिंग और पिंडली की चोट से जूझ रहे हैं और फिलहाल रिहैब प्रक्रिया में हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक ओ'रूर्के को आराम दिया जा रहा है। मैनेजमेंट उन्हें लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। दिसंबर-जनवरी में टीम को ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की बेहद अहम सीरीज खेलनी है। न्यूजीलैंड के हेड कोच निराश न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने कहा, 'यह निराशाजनक है कि विल को भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर इतने बड़े दौरे से बाहर होना पड़ा। वह वनडे और टेस्ट दोनों सीरीज में हमारी योजना का हिस्सा थे, लेकिन बातचीत के बाद हम सभी इस बात पर सहमत हुए कि उन्हें चोटों से उबरने के लिए कुछ और समय देना चाहिए। अगले कुछ महीनों में हमारे तेज गेंदबाजी संसाधन बहुत जरूरी होंगे, इसलिए हम विल की वापसी का बेहतर तरीका अपना रहे हैं। हम चाहते हैं कि वह दोबारा मैदान पर उतरने से पहले पूरी तरह फिट हो जाएं। अच्छा होगा कि वह दिसंबर के आखिर में प्लंकेट शील्ड में कैंटरबरी के लिए वापसी कर पाए और अगर सब ठीक रहा तो 9 दिसंबर को पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए तैयार हो जाएंगे।' बेंगलुरु टेस्ट में झटके थे 7 विकेट विल ओ'रूर्के ने भारत के लिए टेस्ट में दमदार बॉलिंग की थी। 2024 में बेंगलुरु में भारत और न्यूजीलैंड के पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कुल 7 विकेट लिए थे। पहली पारी में भारतीय टीम सिर्फ 46 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। उसमें ओ'रूर्के 4 विकेट के थे। 14 मैचों के टेस्ट करियर में उनके 49 विकेट हैं। ओ'रूर्के का हालिया करियर चोटों से प्रभावित रहा है। वह पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण सात महीने बाहर रहने के बाद इस साल अप्रैल में बांग्लादेश के व्हाइट-बॉल दौरे पर लौटे थे। जून में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ तीनों टेस्ट खेले, लेकिन नॉटिंघम में तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन उनकी हैमस्ट्रिंग खिंच गई। उसके बाद से उन्होंने कोई मैच नहीं खेला है। अगस्त में ट्रेनिंग के दौरान पिंडली में खिंचाव आने से उनकी वापसी और टल गई।  

टी20 में 249 रन भी नहीं बचा पाया भारत, गावस्कर ने शिवम दुबे और कुलदीप के इस्तेमाल पर जताई नाराजगी

रांची  भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले के बाद सुनील गावस्कर ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर सवाल खड़े किए हैं। एक सप्ताह पहले एनसीए के हेड वीवीएस लक्ष्मण ने श्रेयस की कप्तानी की जमकर सराहना की थी। इस समय भारतीय टीम एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर लौटी थी। वीवीएस लक्ष्मण ने कहा था कि श्रेयस ने दिखाया है कि उनके अंदर बेहतरीन कप्तान बनने की क्षमता है। अब वह 249 रन का बचाव करने में असफल रहे हैं, जबकि जापान के खिलाफ उनकी कप्तानी में ही भारत ने 32 रन का स्कोर डिफेंड किया था। भारत की हार पर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भारत के गेंदबाजी चयन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मेहमान टीम के रिकॉर्ड चेज के दौरान 17वां ओवर फेंकने के लिए कुलदीप के बजाय अर्शदीप सिंह या मयंक यादव बेहतर विकल्प हो सकते थे। गावस्कर ने जियोस्टार पर कहा, 'मैं अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को चुनता। हां, अर्शदीप ने अपने आखिरी ओवर में काफी रन दिए, लेकिन मयंक ने शुरुआती झटके दिए थे। जो विकेट गिरे थे, उनमें से उसने 3 लिए थे। उसका इकॉनमी रेट लगभग 12 प्रति ओवर था और उस समय वेस्टइंडीज को इससे ज्यादा की जरूरत थी। इसलिए, अगर उसने एक विकेट लिया होता, और कभी-कभी जब गेम आपके पक्ष में जा रहा होता है, तो कौन जानता है, आपको एक विकेट मिल जाता, भले ही वह एक अच्छी गेंद न हो।' दुबे को नौवां ओवर देने की जरूरत नहीं थी पूर्व भारतीय कप्तान ने नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंद देने के फैसले पर भी सवाल उठाया और कहा कि उस समय कुलदीप यादव ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकते थे। उन्होंने कहा, टएक बार जब आपको विकेट मिल जाता है, तो अचानक, विरोधी टीम बैकफुट पर आ जाती है। एक नए बल्लेबाज को आना पड़ता है। शायद यह कोशिश की जा सकती थी। मुझे लगता है कि उस समय नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंद देना ठीक नहीं था। जब बैट्समैन अभी भी अपनी नजरें जमा रहे थे, तो शायद कुलदीप को लाना एक बेहतर आइडिया होता।' 250 रन चेज करने में सफल रही वेस्टइंडीज की टीम भारत इस मैच में 249 रन का स्कोर डिफेंड करने में नाकाम रहा और वेस्टइंडीज ने 19.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 252 रन बना लिए और 6 विकेट से जीत हासिल की। इसके साथ ही 5 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। मेहमान टीम का यह सफल चेज भारत के खिलाफ सबसे बड़ा चेज था। मयंक ने 3 विकेट लेकर भारत को शुरुआती ब्रेकथ्रू दिए, लेकिन मेजबान टीम वेस्टइंडीज को मोमेंटम बनाने से नहीं रोक सकी। कप्तान शे होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। उनके साथ शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन बनाए। दोनों ने 120 रन की अहम साझेदारी हुई।